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कलेक्टरों की कार्यशैली पर CS अनुराग जैन नाराज, बोले- लोग आत्मदाह कर रहे, सिस्टम कहां है?

भोपाल ये बात मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को कही। जैन की यह नाराजगी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एजेंडों पर किए जा रहे एक्शन की समीक्षा के दौरान सामने आई। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि खनिज के अवैध परिवहन में लगे बिना नंबर प्लेट और टूटी-फूटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को राजसात करें। जितनी जल्दी हो, ऐसे वाहनों को नीलाम भी किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खनन अपराधों के पुराने केस निकाले जाएं। पता लगाएं कि किन मामलों में अब तक सजा हुई है और यदि सजा नहीं हुई है तो तुरंत औपचारिकता पूरी कर सजा दिलाने के प्रयास किए जाएं। सीएस जैन ने कहा- सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई सर्विस डिलेवरी का सशक्त माध्यम हैं। यहां आने वाले मामलों में प्रशासन को संवेदना के साथ काम करना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं और शिकायत का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। सीएम हेल्पलाइन के शत-प्रतिशत प्रकरणों को अटेंड करने की कार्यवाही करें। जनसुनवाई में जहर, सीएस का सवाल मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन बुधवार को एकदम कड़े मूड में थे। कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सीधे पूछा कि जनसुनवाई में लोग जहर खा रहे हैं, आत्मदाह कर रहे हैं, तो यह कैसा सुशासन है? उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों पर पुलिस और प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। इसीलिए कोई भी आसानी से ट्रैक्टर या बाइक चढ़ाने की हिम्मत कर लेता है। यह हालत बदलनी ही होगी।सीएस ने साफ कहा कि कलेक्टर और एसपी की यह जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाए। ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों। खनन माफिया पर नई सख्ती मुख्य सचिव ने अवैध खनन और परिवहन पर बड़ा आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर एक भी गाड़ी बिना नंबर प्लेट या टूटी नंबर प्लेट के पकड़ी गई तो उसे सिर्फ जब्त नहीं किया जाएगा। उसे सीधे राजसात करके तुरंत नीलाम किया जाएगा। 104 हैंडपंप निजी कब्जे में होने पर नाराजगी जताई बैठक में पेयजल की समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अलग-अलग जिलों में 104 हैंडपंप निजी लोगों के कब्जे में हैं। सीएस जैन ने इस बात पर नाराजगी जताते हुए कहा- ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई सरकारी हैंडपंप पर ही कब्जा कर ले। पानी सभी को मिलना चाहिए। संबंधित कलेक्टर ऐसे मामले में जल्द कार्यवाही कर जानकारी देंगे। इसके अलावा शहरों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश भी सीएस जैन ने कलेक्टरों को दिए। सिर्फ डीएपी नहीं, एनपीके के लिए भी दें टोकन खरीफ सीजन के लिए खाद वितरण की समीक्षा करते हुए सीएस जैन ने कहा- खाद का पर्याप्त भंडारण है। किसानों को ई-विकास पोर्टल के जरिये पंजीयन कर खाद देने का काम किया जाए। सिर्फ डीएपी के लिए ही टोकन न दें बल्कि एनपीके के लिए भी टोकन दें ताकि भीड़ की स्थिति न बने। जैन ने दुग्ध उत्पादन के लिए क्षीर धारा कार्यक्रम और नस्ल सुधार के कार्यक्रम भी ग्रामीण इलाकों में तेजी से चलाने के लिए कहा। पुल-पुलिया की मरम्मत कराने के निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा- किसी भी जिले की प्रगति वहां होने वाले बैंक फाइनेंस से पता चलती है, कलेक्टर इसके लिए तेजी से काम कराएं। बारिश का मौसम आने वाला है, इसलिए पुल-पुलिया की मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा करा लिया जाए। बरगी क्रूज हादसे की घटना के मद्देनजर सीएस ने कलेक्टरों से कहा है कि वे अपने जिले के जलाशयों में पहुंचने वाले पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। साथ ही पुराने खनन माफियाओं की फाइलें दोबारा खोलने का आदेश भी दिया गया है। यह देखा जाएगा कि किन मामलों में अब तक सजा नहीं हुई है। जहां भी सजा रुकी हुई हो, वहां तुरंत औपचारिकता पूरी करके सजा दिलाने की कोशिश की जाए। भोपाल-सिंगरौली कलेक्टर को फटकार राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान भोपाल कलेक्टर (आईएएस प्रियंक मिश्रा) को कड़ी फटकार लगाई गई है। जमीनों के नामांतरण और बंटान के मामलों में पेंडेंसी बढ़ती जा रही थी और समीक्षा भी नहीं हो रही थी। इस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जाहिर की। वहीं सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल की भी जमकर क्लास लगाई गई। प्रदूषण, पेयजल संकट और कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिए जाने पर उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। सीएस अनुराग जैन ने एक बात और बिल्कुल साफ कर दी। उन्होंने कहा कि अब पुराने ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। हर जिले को अपनी अर्थव्यवस्था खुद खड़ी करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी। जनसुनवाई में लापरवाही नहीं चलेगी सीएस ने यह भी कहा कि लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में आम जनता के साथ संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। अगर ऐसा हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी। उन्होंने याद दिलाया कि इन तीनों माध्यमों से ही सरकार की छवि बनती और बिगड़ती है। औद्योगिक नीति की समीक्षा में कलेक्टरों को कहा गया कि अपनी नाकामी छुपाने के बजाय कृषि और उद्यानिकी से तालमेल बिठाकर जिले में औद्योगिक माहौल बनाएं। उन्होंने बताया कि जीएसडीपी (Gross State Domestic Product) में कृषि का हिस्सा 37 से बढ़कर 43 फीसदी हो गया है। वहीं, सिर्फ खेती से जिलों का पूरा विकास नहीं होगा, इसलिए उद्योगों पर भी ध्यान देना जरूरी है। ड्रग्स-नारकोटिक्स पर विशेष अभियान डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के आसपास फैले ड्रग्स के जाल को खत्म करके ड्रग फ्री जोन बनाया जाए। पोक्सो एक्ट और विस्फोटक अधिनियम का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। शांति भंग करने वाले और हुड़दंगियों से भी सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए। बैठक में कई और अहम फैसले बैठक में कई और जरूरी बातें भी सामने आईं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 104 सरकारी हैंडपंपों पर रसूखदार या निजी लोगों ने कब्जा कर रखा है। कलेक्टरों को आदेश दिया गया है कि तुरंत कब्जा हटाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें। नरवाई जलाने के मामले में लापरवाही पर जबलपुर और नरसिंहपुर के कलेक्टरों को भी फटकार लगाई गई। खरीफ सीजन में किसानों को खाद के टोकन सिर्फ डीएपी (Di-Ammonium Phosphate) के लिए नहीं, … Read more

मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्य सचिव जैन

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव  जैन राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की हुई बैठक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की हुई समीक्षा भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन की अध्यक्षता में मंत्रालय में  राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव  जैन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं डिजिटल पहलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। अनमोल 2.0 से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी से एमएमआर और आईएमआर में हुआ है सुधार मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के समन्वित प्रयास करें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य के 51 जिलों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए 228 बर्थ वेटिंग रूम क्रियाशील हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की शंकाओं के समाधान हेतु सुमन सखी चैटबॉट को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है। गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी अनमोल 2.0 के माध्यम से की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में कमी दर्ज की गई है। बैठक में मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना ने लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। आरबीएसके के अंतर्गत 33 हज़ार से अधिक निःशुल्क सर्जरी ई-शिशु मॉडल के अंतर्गत एमजीएम इंदौर में वन-हब एवं 16 स्पोक्स के माध्यम से अब तक 947 नवजात शिशुओं को टेली-कंसल्टेशन सेवाएँ प्रदान की गई हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 33,075 नि:शुल्क शल्य क्रियाएँ की गईं, साथ ही 1,026 नि:शुल्क जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) सर्जरी भी की गई हैं। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतें हुई टीबी-मुक्त टीबी (क्षय रोग) के नोटिफिकेशन एवं उपचार सफलता दर में सुधार के परिणामस्वरूप डीआर-टीबी मृत्यु दर 3.9 से घटकर 3.0 हुई है। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतों को टीबी-मुक्त पंचायत घोषित किया गया। सिकल सेल प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 28,541 मरीजों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया गया और एक करोड़ 13 लाख 59 हजार 76 नागरिकों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं। स्वस्थ यकृत मिशन में 1 करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ (एनएएफएलडी स्क्रीनिंग अभियान) के अंतर्गत एक करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग की गई हैं। फाइब्रोस्कैन सेवाएँ 13 जिलों में प्रारंभ की गई हैं, जिनमें अब तक 2,032 स्कैन पूर्ण किए जा चुके हैं। उच्च रक्तचाप के उपचार हेतु 1.77 करोड़ नागरिक की स्क्रीनिंग एवं 10.40 लाख नागरिक उपचाराधीन, इसी प्रकार मधुमेह के लिए 1.80 करोड़ स्क्रीनिंग एवं 7.21 लाख उपचाराधीन रोगी हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ‘मिशन मधुमेह’ के अंतर्गत 537 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे उपचाराधीन हैं। ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच करने के निर्देश राज्य में 4,03,401 मोतियाबिंद शल्य क्रियाएँ की गईं। इसमें 48,816 स्कूली बच्चों एवं 1,03,944 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 2,235 कॉर्निया नेत्रदान के माध्यम से एकत्र किए गए। होप (होम बेस्ड केयर प्रोग्राम फॉर एल्डर्ली) योजना के अंतर्गत 6 शहरी क्षेत्रों में 1,214 अशक्त वृद्धजनों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई हैं। मुख्य सचिव  जैन ने ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच कराने के निर्देश दिए। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी करें मुख्य सचिव  जैन ने उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी किए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि राज्य में 3,756 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त प्रमाणित किया गया है। टेली-मानस सेवा (टोल-फ्री नंबर 14416 / 1800-891-4416) के माध्यम से 55,711 उपयोगकर्ताओं को नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया। आत्महत्या रोकथाम के लिये गेट-कीपर कार्यक्रम के अंतर्गत 2,385 आत्म-हानि एवं 1,593 आत्मघाती विचारों से संबंधित मामलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) के माध्यम से परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना निर्माण प्रक्रिया में बॉटम-अप दृष्टिकोण अपनाया गया है और शून्य-आधारित बजटिंग सिद्धांतों पर संसाधन आवंटन किया गया है, जिससे वर्तमान स्वास्थ्य आवश्यकताओं एवं जिला-स्तरीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएँ तैयार की जा सकें। परिणाम-आधारित योजना एवं बजटिंग के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के नियंत्रण जैसे मापनीय स्वास्थ्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एसएनए-स्पर्श के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जिला स्वास्थ्य कार्ययोजना की तैयारी, राज्य स्तरीय समीक्षा, कार्यकारी समिति की बैठक एवं राज्य स्वास्थ्य समिति की स्वीकृति की सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है, जो विकेंद्रीकरण, अभिसरण, लक्ष्य निर्धारण एवं प्राथमिकता निर्धारण के सिद्धांतों पर आधारित है। यह दृष्टिकोण "विकसित मध्यप्रदेश@2047" एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है। बैठक में लगभग 5 हज़ार करोड़ रुपए की वार्षिक कार्य योजना भारत सरकार को प्रेषित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आयुक्त, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय, आयुष, स्कूल शिक्षा, वित्त विभाग, आयुक्त महिला बाल विकास, मनरेगा विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय एकता दिवस की दिलायी शपथ

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलायी। इसके पूर्व सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शपथ में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने और अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प लिया। इस अवसर पर  अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  के.सी. गुप्ता,  संजय दुबे,  संजय कुमार शुक्ल,  शिवशेखर शुक्लासहित मंत्रालय, विंध्याचल,सतपुड़ा भवन और पुलिस विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थितरहे।

अनुराग जैन एक साल के लिए और मुख्य सचिव बने रहेंगे, सरकार के द्वारा एक्सटेंशन दिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल गया है. यानी उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने उन्हें बधाई दी . मुख्य सचिव इसी महीने की आखिरी तारीख यानी 31 अगस्त को रिटायर होने वाले थे, लेकिन अब वह एक साल और इस पद पर बने रहेंगे. अनुराग जैन ने सितंबर 2024 में ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव में पदभार संभाा था. सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई सीएम ने लिखा, मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन आपको कार्यकाल के एक वर्ष बढ़ाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आपके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, नवाचारों और सतत् प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रा निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करे, मेरी मंगलकामनाएं. सीएम डॉ मोहन यादव ने बुलाई थी आज सर्वदलीय बैठक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें सभी दलों ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर सहमति जताई है. ओबीसी को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है. बैठक बुलाने के बाद सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित पिछड़ा वर्ग के लिए 27% आरक्षण के मामले को लेकर भोपाल निवास पर सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि इस मामले में सभी दल एकजुट होकर एक फोरम पर आएंगे. इस मामले में विभिन्न पक्षों के अधिवक्तागण भी 10 सितंबर तक एक साथ बैठकर बात करेंगे. यह भी तय किया गया कि चयन प्रक्रिया में विभिन्न न्यायिक आदेशों के चलते नियुक्ति आदेश जारी किए जाने से वंचित शेष 13% अभ्यर्थियों को उनके नियुक्ति पत्र जारी किए जाने हेतु एकजुट होकर सभी फोरम, जिसमें विधायिका, न्यायपालिका एवं कार्यपालिका सम्मिलित हैं, पर इसे क्रियान्वित करने के लिए मिलकर प्रयास करेंगे. इकबाल सिंह को दो बार मिला था एक्सटेंशन पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में इकबाल सिंह बैंस को केंद्र सरकार ने दो बार एक्सटेंशन दिया था। उन्हें 6-6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। जिससे वह 2022 में रिटायर होने के बाद नवम्बर 2023 तक सेवा में रहे। इसके बाद वीरा राणा तो मुख्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें भी 6 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। जिसके बाद वह 30 सितम्बर 2024 को रिटायर हुई थीं। सीएम मोहन यादव ने दी बधाई सीएम डॉ मोहन यादव ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन जी, आपको कार्यकाल के एक वर्ष बढ़ाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, नवाचारों और सतत् प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रा निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करे, मेरी मंगलकामनाएं। सीएम मोहन यादव को आवंटित हुआ सरकारी बंगला गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को दिल्ली में अशोक रोड पर सरकारी बंगला आवंटित हुआ है। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ पहुंचकर गृह प्रवेश किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आवास में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। अनुराग का आना अहम दरअसल, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जबलपुर के कार्यक्रम के बाद दिल्ली रवाना हुए। उनके साथ ही सीएम डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे। इस बीच सीएस अनुराग जैन(Chief Secretary Anurag Jain) अलग से दिल्ली पहुंचे। अभी तक सीएस को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन सीएम डॉ. मोहन इस मामले में शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर चुके हैं। अनुराग को 1 अक्टूबर 2024 को सीएस बनाया गया था। सिंहस्थ-28 पर भी मंथन दिल्ली में गृह मंत्री शाह, नड्डा, सीएम समेत अन्य केंद्रीय नेतृत्व के साथ प्रदेश के विकास पर मंथन हुआ। इसमें अहम विषय सिंहस्थ का रोडमैप था। इस पर कई पहलुओं पर चर्चा हुई। बताते हैं, सरकार ने सिंहस्थ से जुड़े काम की रिपोर्ट दी। नए काम की योजना बताई। इसमें भीड़ प्रबंधन, लोक परिवहन पर जोर दिया गया। सुरक्षा से जुड़े मसले पर बातचीत हुई। मोदी की पसंद के अफसर हैं अनुराग जैन आपको बता दें कि अनुराग जैन पीएम मोदी की टीम में काम कर चुके हैं। वह पीएम की पसंद के अधिकारी हैं। दूसरी ओर यह चर्चा है कि अगर मुख्य सचिव जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो उन्हें केंद्र में या प्रदेश में नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अगर जैन को विस्तार नहीं मिला तो अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा सीएम के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं।