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दिल्ली के राजपथ से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा, शहरी पथ-विक्रेताओं को पीएम का आमंत्रण: अरुण साव

रायपुर छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं को पीएम मोदी का न्यौता मिलना बड़ी बात : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष एक नई और ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेता भी सहभागी बनेंगे। यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संदेश में देशभर के पथ-विक्रेता भाई-बहनों को संबोधित करेंगे। उप मुख्यमंत्री-सह-नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरूण साव ने आज नगर पालिका परिषद मुंगेली के पथ-विक्रेता  बाबूलाल बुनकर और नगर पालिका परिषद लोरमी के शहरी पथ-विक्रेता  सोना कुमार कैवर्त्य से वीडियो कॉल पर बात की। इस दौरान दोनों से उनके कार्यों की चर्चा कर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मिलित होने पर बधाई दी। दोनों पथ-विक्रेता प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित हैं तथा अपने-अपने क्षेत्रों में ईमानदारी एवं परिश्रम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने दोनों पथ-विक्रेताओं से वीडियो काल से चर्चा कर इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी है। वर्षों से देश की शहरी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान एवं पहचान दिलाने की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में उनकी भागीदारी सामाजिक समावेशन, आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की भावना को सशक्त रूप से दर्शाती है। छत्तीसगढ़ के पथ-विक्रेताओं को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं लोटस टेंपल (कमल मंदिर) का भ्रमण भी कराया जाएगा। यह भ्रमण उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक होगा, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय मूल्यों को और अधिक गहराई से समझने का अवसर भी प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से देशभर के लाखों शहरी पथ-विक्रेताओं को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा तथा सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह जैसे राष्ट्रीय मंच पर पथ-विक्रेताओं की सहभागिता इस योजना की सफलता और इसके सामाजिक प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।                  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने राज्य के दो पथ-विक्रेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह के राष्ट्रीय आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह क्षण विशेष रूप से गौरवपूर्ण है। राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इससे न केवल पथ-विक्रेताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य के अन्य पथ-विक्रेताओं को भी स्वावलंबन, अनुशासन और मेहनत से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। राज्य शासन एवं नगरीय निकायों द्वारा भी पथ-विक्रेताओं के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक आजीविका, सुरक्षित कार्यस्थल तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। गणतंत्र दिवस समारोह में भागीदारी इन प्रयासों की सार्थकता को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करती है। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं की सहभागिता समानता, सम्मान और समावेशी विकास के मूल्यों को सुदृढ़ करती है। यह पहल संदेश देती है कि राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग, हर नागरिक और हर मेहनतकश की भूमिका महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ के लिए यह न केवल गर्व का विषय है, बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणास्पद उदाहरण भी है।

बस्तर में गूंजा खेल उत्सव का जोश: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया ओलंपिक प्रतियोगिता का उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का किया शुभारंभ बस्तर के होनहार युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का मिल रहा अवसर – अरुण साव गोविंदपुर खेल मैदान में शेड निर्माण के लिए 25 लाख की घोषणा की रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज बस्तर ओलंपिक-2025 के विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कांकेर के गोविंदपुर खेल मैदान में खेल ध्वज फहराया और वहां मौजूद खिलाड़ियों के बीच जाकर उनका उत्साहवर्धन किया। साव ने तीरंदाजी, व्हालीबॉल और रिले रेस में सांकेतिक तौर पर हिस्सा लेकर प्रतिभागी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गोविंदपुर के खेल मैदान में शेड निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा और हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष मती शालिनी राजपूत भी शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर के प्रतिभाशाली युवक-युवतियों को समुचित प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से बस्तर ओलंपिक का आगाज किया है, जिसकी ख्याति राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुकी है। इसकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष एक लाख 65 हजार युवक-युवतियों ने अपना पंजीयन कराया था, जबकि इस वर्ष रिकॉर्ड तीन लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के खिलाड़ियों की अपनी विशिष्ट पहचान है, क्योंकि वे अनुशासित होकर टीम भावना से अपनी खेल प्रतिभाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में खेल सुविधाओं और विकास के लिए पूर्व में ही लगभग आठ करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी जा चुकी है। विधायक आशाराम नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि कांकेर में पखांजूर से लेकर नरहरपुर तक विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं का सकारात्मक वातावरण निर्मित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के हुनरमंद खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए पिछले साल से बस्तर ओलंपिक शुरू किया है जो आज वृहद रूप ले चुका है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष मती तारा ठाकुर, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक मती तनुजा सलाम और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

भूपेश बघेल की नक्सलियों की सराहना पर डिप्टी CM अरुण साव का कटाक्ष, पूछा- पार्टी का या निजी मत?

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलियों के समर्पण करने पर सरकार की तारीफ की है. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए, यह पार्टी का स्टैंड है, या उनका निजी मत? उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि (बस्तर में नक्सलियों का) ऐतिहासिक आत्मसमर्पण हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तारीफ की है, इसके लिए धन्यवाद. लेकिन उन्हें स्पष्ट करना चाहिए, यह पार्टी का स्टैंड है या उनका निजी मत है? उनके प्रदेश अध्यक्ष कुछ और बात कर रहे हैं. अरुण साव ने कहा कि सरगुजा भी नक्सलवाद से प्रभावित था, जिसे हमने ही नक्सल मुक्त किया. 2018 तक नक्सलवाद थोड़े से हिस्से में ही था, लेकिन कांग्रेस के कार्यकाल में नक्सलवाद पला बढ़ा. अब अबूझमाड़ जैसे इलाकों से भी नक्सलवाद का खात्मा हो रहा है. प्रधानमंत्री के संकल्प और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयास से प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाएंगे. धनतेरस पर खरीदें स्वदेशी सामग्री उप मुख्यमंत्री ने धनतेरस के अवसर पर प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत के बाद से ही बाजारों में रौनक लौटी है. 350 से अधिक वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है. मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे स्वदेशी सामग्री ही खरीदें ताकि स्थानीय व्यापारियों की दिवाली भी रोशन हो सके. पीएम मोदी करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव को लेकर अरुण साव ने कहा कि राज्योत्सव की तैयारियां जारी है. इस बार रजत जयंती वर्ष मनाया जाएगा. राज्य स्तर पर 5 दिन तक और जिला स्तर पर 3 दिन का आयोजन होगा. शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण भी होगा. स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच अरुण साव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री के साथ बैठक है, जिसमें राज्योत्सव की विस्तृत रूपरेखा और कार्ययोजना तय की जाएगी. इस बार स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा. कार्यक्रमों में उन्हें पर्याप्त स्थान और सम्मान दिया जाएगा.

उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित

रायपुर : जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए शहरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत नगरीय निकायों में भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज के लिए मिशन मोड पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर सभी नगरीय निकायों के लिए तीन दिवसीय गहन ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन विभाग ने इस साल 20 मई को शहरों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) लांच किया था। प्रशिक्षण के बाद निकायों द्वारा इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव ने विगत 22 सितम्बर से शुरू तीन दिनों के प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। वे आज अपने मुंगेली प्रवास के दौरान सभी अधिकारियों और प्रशिक्षण दे रहे विशेषत्रों से वर्चुअली जुड़े और उन्हें संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भू-जल का संरक्षण और रिचार्ज आज की बड़ी चुनौती है। शहरों की बढ़ती आबादी और वहां जल संकट से निपटने के लिए प्रभावी कार्य करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से हमारे नगरीय निकायों के अधिकारियों को भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिलेगी। वे एक्वीफर मैपिंग, भूजल पुनर्भरण तकनीक तथा शहरी जल प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों से अवगत होकर अपने शहर के विकास की कार्ययोजना बनाते समय इनका ध्यान रख सकेंगे। इससे वे भू-जल के संवर्धन के लिए भी प्रभावी योजनाएं तैयार कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि नगरों के विकास की योजना बनाते समय जल संरक्षण को प्राथमिकता से शामिल करना होगा। जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ लेने को कहा।  साव ने राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ ही प्रशिक्षण दे रहे सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से हम नगरीय निकायों में भू-जल के संरक्षण और रिचार्ज के लिए प्रभावी काम कर सकेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण से ऑनलाइन जुड़े।    ये विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण प्रदेशभर के नगरीय निकायों के वरिष्ठतम अधिकारियों और अभियंताओं को अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर देश-विदेश के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन 22 सितम्बर को राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, नवा रायपुर की वैज्ञानिक सु बिजिमोल जोस के साथ ही सीजीडब्ल्यूबी, चेन्नई के वैज्ञानिक डॉ. एम. सेंथिल कुमार ने शहरी क्षेत्रों के जल भू-विज्ञान के बारे में जानकारी दी। वहीं मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, फरीदाबाद के प्राध्यापक डॉ. अरुणांग्शु मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में भू-जल परिदृश्य के बारे में बताया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य डॉ. दीपांकर साहा ने उथले जलभृतों (Aquifer) में भूजल की गुणवत्ता, सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक  एस.के. मोहिद्दीन ने भारत के मेट्रो शहरों में वर्षा जल संचयन और प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण (एमएआर) तथा डेनमार्क के आरहूस विश्वविद्यालय के फैकल्टी डॉ. फिलिप ने डेनमार्क के शहरी जलभृत प्रबंधन के अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के तीसरे दिन 24 सितम्बर को सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के वैज्ञानिक  मधुकर सिंह शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम पुनर्भरण के सरल और व्यावहारिक तरीकों, बायोम एनवायर्नमेंटल, बेंगलुरु के संस्थापक और निदेशक  एस. विश्वनाथ बेंगलुरु के शहरी जलभृत प्रबंधन और सर्वोत्तम प्रथाओं तथा केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के डॉ. उदय भोंडे शहरी विकास एजेंडा के तहत शहरी जलभृत प्रबंधन परियोजनाओं की जानकारी देंगे।

उप मुख्यमंत्री ने ‘वीमेन फॉर ट्रीज’ अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ

रायपुर : पर्यावरण के प्रति जागरूक हो ज्यादा से ज्यादा संख्या में लगाएं पौधे – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ उप मुख्यमंत्री साव और अन्य अतिथियों ने लगाए सिंदूर के पौधे अभियान के तहत प्रदेशभर में 444 परियोजनाएं स्वीकृत, 1.66 लाख पौधे लगाए जाएंगे रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के कौशल्या विहार (कमल विहार) में 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर हम सभी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधे लगाना चाहिए। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, विधायक मोतीलाल साहू और रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी अभियान के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुईं। सभी ने कार्यक्रम स्थल पर सिंदूर के पौधे लगाकर 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण के लिए 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान से स्वसहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ा गया है। वे इस अभियान में चयनित स्थलों पर वृक्षारोपण करेंगी और पौधों की देखभाल एवं सुरक्षा भी करेंगी। इस अभियान से 1701 समूहों की 2300 से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। भारत सरकार द्वारा अभियान के तहत राज्य के नगरीय निकायों में वृक्षारोपण के लिए 444 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। विधायक मोतीलाल साहू ने 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान के शुभारम्भ के मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देशभर में लगातार वृक्षारोपण के काम हो रहे हैं। पर्यावरण के संरक्षण के साथ ही ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने में इससे मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान को महिलाओं के माध्यम से अमलीजामा पहनाया जाएगा। हम सभी को भी इसमें सहभागिता देनी है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कार्यक्रम में बताया कि 'वीमेन फॉर ट्रीज' अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर निगम में 60 स्थानों पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके लिए स्वसहायता समूहों की 232 महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया है। मातृशक्ति ही इस अभियान को आगे बढ़ाएंगी। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा। रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, आयुक्त विश्वदीप, सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय और गजराज बांध संरक्षण समिति के अध्यक्ष पी.के. साहू सहित जोन अध्यक्षगण, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण तथा स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे। शहरों में हरियाली बढ़ाने "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान शहरों में हरित स्थानों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए महिला स्वसहायता समूहों की सहभागिता बढ़ाने "वीमेन फॉर ट्रीज" (Women for Trees) अभियान शुरू किया गया है। यह भारत सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से प्रेरित है। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की अनूठी पहल "अमृत मित्र" (अमृत 2.0 और डे-एनयूएलएम का अभिसरण) के तहत स्वसहायता समूहों को प्रेरित करने इस वृक्षारोपण अभियान को प्रारंभ किया गया है।   मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत नगरीय निकायों में सरकारी स्वामीत्व की भूमियों, वाटर बॉडीज, आंगनबाड़ियों, सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, उद्यानों, एसटीपी/डब्ल्यूटीपी, एसएलआरएम सेंटर्स, मुक्तिधामों, कृष्णकुंजों, गौठानों, धार्मिक स्थलों, एएचपी आवासों, रोड डिवाइडर्स इत्यादि में महिला समूहों के माध्यम से वृक्षारोपण किए जाएंगे। "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान के क्रियान्वयन के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों और नगरीय निकायों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य के 133 नगरीय निकायों में 444 परियोजनाओं को दी है मंजूरी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को “वीमेन फॉर ट्रीज – अमृत मित्र योजना” के अंतर्गत प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में कुल दो लाख 21 हजार 145 पौधों के रोपण के लिए 37 करोड़ 79 लाख रुपए लागत की 684 परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से भारत सरकार द्वारा 27 करोड़ 48 लाख रुपए की 444 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके तहत एक लाख 65 हजार 997 पौधे लगाए जाएंगे। ये परियोजनाएँ 13 नगर निगमों, 39 नगर पालिकाओं तथा 81 नगर पंचायतों में क्रियान्वित की जाएंगी। शेष 201 परियोजनाएँ संशोधित कर स्वीकृति के लिए भारत सरकार को पुनः प्रेषित की गई हैं। "वीमेन फॉर ट्रीज" से महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा "वीमेन फॉर ट्रीज" अभियान से महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। अभियान के अंतर्गत स्वसहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को वृक्षारोपण एवं रखरखाव की ज़िम्मेदारी दी गई है। साथ ही स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी इसमें सुनिश्चित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान के प्रथम चरण में बड़े राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक पौधरोपण की स्वीकृति मिली है। वहीं परियोजना राशि प्राप्त करने की दृष्टि से छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर है। इस अभियान से 1701 स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सीधा लाभ प्राप्त होगा। प्रत्येक महिला को पौधों के रखरखाव एवं देखरेख के लिए एक वर्ष तक प्रतिमाह आठ हजार रुपए तथा जियो-टैगिंग एवं निगरानी कार्य हेतु एक हजार रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। इससे महिलाएँ न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दे सकेंगी।

उप मुख्यमंत्री ने 5.3 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर : अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ की बदली है दशा और दिशा – अरुण साव अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ की बदली है दशा और दिशा – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने 5.3 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन 1.23 करोड़ के व्यावसायिक परिसर, 71 लाख से निर्मित तहसील कार्यालय और 30 लाख से विकसित अटल परिसर का किया लोकार्पण 28 लाख रुपए की लागत से बनने वाले आकांक्षी शौचालय का हुआ भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री साव ने गोबरा नवापारा में विकास कार्यों के लिए दो करोड़ देने की घोषणा की रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर जिले के गोबरा नवापारा नगर पालिका में पांच करोड़ 30 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें चार करोड़ 80 लाख रुपए लागत के 11 कार्यों का लोकार्पण और 50 लाख 20 हजार रुपए के तीन कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने शहर में विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने गोबरा नवापारा के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि आप लोग तुरंत प्रस्ताव बनाकर भेजिए। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा तत्काल इन प्रस्तावों को मंजूर कर राशि जारी की जाएगी। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और अभनपुर के विधायक इंद्र कुमार साहू भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गोबरा नवापारा में 71 लाख 12 हजार रुपए की लागत से निर्मित तहसील कार्यालय और 30 लाख रुपए की लागत से विकसित अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने क्रमशः 25 लाख रुपए और 30 लाख रुपए से निर्मित धीवर और कसेर समाज के सामुदायिक भवनों, कुल 48 लाख 42 हजार रुपए की लागत के दो स्कूलों में तीन -तीन अतिरिक्त कक्षों, 98 लाख 78 हजार रुपए लागत के स्ट्रीट पोल विस्तारीकरण कार्यों, बस स्टैंड में एक करोड़ 23 लाख रुपए से बनाए गए व्यावसायिक परिसर तथा 53 लाख 17 हजार रुपए लागत के सांस्कृतिक भवन का भी लोकार्पण किया। उप मुख्यमंत्री साव ने गोबरा नवापारा के सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में 15 लाख रुपए लागत के तीन वार्डों में सीसी रोड निर्माण, सात लाख रुपए लागत के कहार भोई समाज के सामुदायिक भवन और 28 लाख 20 हजार रुपए लागत के आकांक्षी शौचालय के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हितग्राहियों को उनके स्वीकृत आवासों के निर्माण के लिए अनुज्ञा पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में शहर की स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने नवनिर्मित तहसील कार्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रुद्राक्ष का और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कपूर का पौधा लगाया।  उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में गोबरा नवापारा को विभिन्न विकास कार्यों के लिए 23 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे शहर का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग राज्य बनने के बाद पिछले 25 बरसों में यहां की दशा और दिशा बदली है। उन्होंने कहा कि सभी शहरों के सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास के लिए हम सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा कर रहे हैं। आज हर गांव और शहर में प्रधानमंत्री आवास बनते दिख रहे हैं।   राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास कर समृद्धि के रास्ते पर लेकर जा रही है। पिछले 20 महीनों में राजस्व विभाग सहित कई विभागों में सुधार के बड़े काम हुए हैं जिसका लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। लोगों के काम तेजी से हो रहे हैं, फर्जीवाड़ा रुक रहा है। राजस्व विभाग के सभी कार्यों को लोक सेवा गारंटी में शामल किया गया है। उन्होंने कहा कि विष्णु देव साय की सुशासन सरकार मोदी की सभी गारंटियों को धरातल पर उतार रही है।   लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को विधायक इंद्र कुमार साहू और गोबरा नवापारा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती ओमकुमारी साहू ने भी संबोधित किया। पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज, नगर पालिका के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सोनी, सीएमओ लवकेश कुमार, श्याम नारंग और नागेन्द्र वर्मा सहित पार्षदगण, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।