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सबालेंका का जलवा, स्वितोलिना को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में प्रवेश

मेलबर्न  वर्ल्ड नंबर-1 एरिना सबालेंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में फिर कमाल किया. बेलारूस की इस स्टार खिलाड़ी ने यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की और गुरुवार, 29 जनवरी को लगातार चौथी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बना ली. सबालेंका ने यह मुकाबला महज 1 घंटे 16 मिनट में खत्म कर दिया. उन्होंने रॉड लेवर एरीना में 6-2, 6-3 से जीत हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया. हालांकि, मैच की शुरुआत बिल्कुल सहज नहीं रही. दोनों खिलाड़ियों ने मैच से पहले होने वाली सामान्य औपचारिकताओं को नजरअंदाज किया. सबालेंका जहां बॉल किड के साथ प्री-मैच फोटो के लिए आईं, वहीं स्वितोलिना ने इसमें हिस्सा नहीं लिया. इसके पीछे यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध और बेलारूस की रूस को मिल रही भूमिका को बड़ी वजह माना जा रहा है. इसी कारण यूक्रेनी और बेलारूसी खिलाड़ियों के बीच ऐसे मुकाबलों में तनाव साफ नजर आता है. सबालेंका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और उन्होंने दो अनफोर्स्ड एरर किए. हालांकि, उन्होंने जल्दी ही वापसी करते हुए अपने पहले सर्विस गेम में ही दो ब्रेक प्वाइंट हासिल कर लिए. पहले सेट के चौथे गेम में तनाव एक बार फिर बढ़ गया, जब चेयर अंपायर ने एक रैली के दौरान सबालेंका की आवाज को बाधा मानते हुए पहला पॉइंट स्वितोलिना को दे दिया. सबालेंका ने इस फैसले के खिलाफ वीडियो रिव्यू भी लिया, लेकिन फैसला नहीं बदला. हालांकि, इस फैसले ने सबालेंका को और आक्रामक बना दिया. उन्होंने स्वितोलिना की गलती का फायदा उठाते हुए पहला ब्रेक हासिल किया और फिर बढ़त बना ली. स्वितोलिना ने हार नहीं मानी और पहले सेट में दो सेट प्वाइंट बचाए, लेकिन अंत में सबालेंका ने पहला सेट अपने नाम कर लिया. सरे सेट में भी दिखा दबदबा दूसरे सेट की शुरुआत में सबालेंका फिर थोड़ी संघर्ष करती दिखीं. स्वितोलिना ने उनके खराब बैकहैंड का फायदा उठाते हुए मैच का पहला ब्रेक हासिल किया. लेकिन सबालेंका यहां भी नहीं रुकीं. उन्होंने अपने खेल का स्तर ऊंचा किया और तुरंत ब्रेक वापस ले लिया. इसके बाद मुकाबला पूरी तरह उनके नियंत्रण में आ गया. अपनी जबरदस्त ताकत और आक्रामकता के दम पर सबालेंका ने लगातार तीन गेम जीते. स्वितोलिना ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सबालेंका ने मजबूत मानसिकता दिखाते हुए एक शानदार फोरहैंड के साथ मैच खत्म कर दिया. सबालेंका ने रचा इतिहास स्वितोलिना पर जीत के साथ ही सबालेंका ओपन एरा में ऑस्ट्रेलियन ओपन के लगातार चार सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं. इस खास सूची में उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया की एवोन गुलागोंग शामिल हैं, जिन्होंने 1971 से 1977 के बीच लगातार सात फाइनल खेले थे, और स्विट्जरलैंड की दिग्गज मार्टिना हिंगिस, जो 1997 से 2002 तक लगातार छह फाइनल में पहुंची थीं.

ऐतिहासिक जीत! सबालेंका ने फाइनल में रचा कमाल, सेरेना के रिकॉर्ड की बराबरी

नई दिल्ली  यूएस ओपन 2025 के विमेंस सिंगल्स फाइनल में बेलारूस की स्टार खिलाड़ी और विश्व नंबर-1 आर्यना सबालेंका (Aryna Sabalenka Won Women's Singles Title) ने खिताबी जीत हासिल की। उन्होंने अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 (7-3) से हराकर लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता। इसके साथ ही सबालेंका ने दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स (Serena Williams) की बराबरी कर ली। सेरेना ने भी यूएस ओपन लगातार दूसरी बार जीता था। ऑस्ट्रेलियन और फ्रेंच ओपन के फाइनल में हारीं सबालेंका के लिए यह इस साल का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियन ओपन में मेडिसन कीज ने और फ्रेंच ओपन में कोको गॉफ ने उन्हें हराया था। वहीं, विंबलडन में वह ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकीं। इस बार जीत के बाद सबालेंका बेहद भावुक हो गईं और घुटनों के बल बैठकर खुशी जताई। मैच के बाद ईएसपीएन से बातचीत में सबालेंका ने कहा, “दो फाइनल हारने के बाद मैं भावनाओं पर नियंत्रण खो बैठी थी। इस बार मैंने शांत रहकर खेल पर ध्यान दिया और खुद को चीजों के साथ बहने दिया।” अमांडा अनिसिमोवा का टूटा सपना दूसरी ओर, अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा का सपना टूटा। यह उनका दूसरा मेजर फाइनल था। उन्होंने सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी इगा स्विएंटेक को सीधे सेटों में 6-0, 6-0 से हराकर सबको चौंका दिया था। लेकिन खिताबी मुकाबले में वह सात डबल फॉल्ट की बड़ी गलतियों से जूझती रहीं। मैच के बाद उन्होंने अपनी हार के लिए कहीं न कहीं आर्थर एश स्टेडियम की फ्लड लाइट्स को भी जिम्मेदार ठहराया। अनिसिमोवा ने कहा, “यह समर मेरे लिए शानदार रहा। लगातार दो ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचना एक उपलब्धि है, लेकिन हार का दुख भी है। आज मैं अपने सपनों के लिए पूरी तरह नहीं लड़ सकी।” इससे पहले वह विंबलडन 2025 के फाइनल तक भी पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें पोलैंड की इगा स्विएंटेक से हार का सामना करना पड़ा था।