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ओवैसी का बयान- हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, नितेश राणे ने कहा- कोई चांस नहीं

 सोलापुर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक प्रावधानों की तुलना करते हुए समान नागरिक अधिकारों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर देता है, जबकि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री पद के लिए धार्मिक शर्तें तय की गई हैं. ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में साफ तौर पर लिखा है कि केवल एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है लेकिन बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान में यह स्पष्ट है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया. ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से ही सामाजिक बदलाव संभव है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की विविधता ही उसकी पहचान है और इसे कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बनाने की जरूरत है. ओवैसी ने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है.  भाजपा ने ओवैसी के बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया इस बीच, ओवैसी के बयान पर सियासी विवाद भी तेज हो गया है. ओवैसी के इस बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतीश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी. राणे ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यहां हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री या मुंबई की मेयर नहीं बनेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे पदों की आकांक्षा रखते हैं उन्हें इस्लामिक देशों में जाना चाहिए.  नीतीश राणे की टिप्पणी पर AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत संविधान से चलता है न कि किसी की व्यक्तिगत सोच से. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मेयर बन सकता है. पठान ने कहा कि ओवैसी के बयान में कुछ भी गलत नहीं है और AIMIM किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है. इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी ओवैसी की आलोचना की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर संविधान की बात करते हैं तो पहले AIMIM में किसी पसमांदा या हिजाब पहनने वाली महिला को पार्टी अध्यक्ष बनाकर दिखाएं.  बता दें, ये विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है. हाल ही में न्यूयॉर्क में दक्षिण एशियाई मूल के मुस्लिम नेता जोहरान ममदानी की मेयर चुनाव में जीत के बाद, मुंबई बीजेपी प्रमुख अमित सातम के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी विवाद को जन्म दिया था. सातम ने कहा था कि मुंबई में किसी खान को मेयर नहीं बनने दिया जाएगा जिसे लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी.  हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी देश की प्रधानमंत्री: ओवैसी AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने. उन्होंने कहा कि यह सपना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संविधान की भावना का प्रतीक है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है. ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान धर्म, जाति और पहनावे के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव की अनुमति नहीं देता.  असदुद्दीन ओवैसी ने क्या गलत कहा- वारिस पठान नीतीश राणे के बयान पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, “भारत का संविधान इस देश को शासित करता है और इसके अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री, राज्यपाल या महापौर बन सकता है।” उन्होंने (असदुद्दीन ओवैसी ने) क्या गलत कहा? उन्होंने कहा कि हमारी यही इच्छा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बने। जो मुझे धमकी दे रहा है, वह मुझे बताए कि मुझे कहां आना चाहिए? हम उनकी धमकियों से नहीं डरते।

ओवैसी का सियासी तीर: NDA जीती तो नीतीश नहीं, कोई और होगा बिहार का मुख्यमंत्री

पटना  बिहार चुनाव में अपनी पार्टी की किस्मत आजमाने के लिए एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी कूद चुके हैं। कल उन्होंने सीमांचल में रैली का आगाज कर दिया। इस दौरान वह सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी दलों पर भी खूब बरसे। साथ ही उनके बीजेपी की बी टीम कहने पर भी पलटवार किया। ओवैसी ने एक इंटरव्यू के दौरान यह भी दावा किया है कि बिहार में अगर एनडीए गठबंधन की जीत होती है इसबार नीतीश कुमार की जगह भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बनेगा। ओवैसी ने कहा, 'बिहार में अगर एनडीए की सरकार बनी तो इसबार नीतीश कुमार नहीं, बल्कि भाजपा का सीएम होगा।' जब उनसे पूछा गया कि आप भाजपा की बी टीम बनने का आरोप लगता है। आप मुस्लिम वोट काटने के लिए बिहार आए हैं। उन्होंने कहा कि यह महज आरोप है। लालू यादव के घर के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर उन्होंने कहा कि दुश्मन भी आपके घर पर पहुंचता है तो उसे बिठाकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लालू यादव और तेजस्वी यादव को किस बात का डर है मुझे नहीं मालूम। मेरे दिल में कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली बार की तरह इस चुनाव में भी सीमांचल में जो भी दल रहेगा उनके हराएंगे। आपको बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल में पांच सीटों पर जीत हासिल कर लोगों को चौंका दिया था। यह राजद के लिए बड़ा झटका साबित हुआ था। हालांकि, बाद में चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे। इससे पहले बिहार में भाजपा की मदद करने के आरोपों पर नाराजगी जताते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में अगर उनकी पार्टी को छह सीट दी जाती हैं तो वह विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल हो जाएंगे। हैदराबाद से सांसद ओवैसी किशनगंज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। किशनगंज उत्तर बिहार का एक ऐसा जिला है जहां की लगभग दो-तिहाई आबादी मुस्लिम है। यहीं से उन्होंने तीन दिवसीय ‘सीमांचल न्याय यात्रा’ की शुरुआत की। ओवैसी ने कहा, “मेरी पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को कई पत्र लिखे हैं। आखिरी पत्र में अनुरोध किया गया है कि विधानसभा की 243 सीटों में से एआईएमआईएम को छह सीटें दी जाएं।” उन्होंने कहा, “अब गेंद ‘इंडिया’ गठबंधन के पाले में है। हमने यह पहल इसलिए की ताकि हम पर भाजपा की मदद करने का आरोप न लगे। अगर गठबंधन की तरफ से उचित जवाब नहीं मिलता है तो यह साफ हो जाएगा कि वास्तव में भाजपा की मदद कौन कर रहा है।”