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आयुष शेट्टी का शानदार सफर, एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास

निंगबो (चीन)  बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स फाइनल में भारतीय शटलर आयुष शेट्टी को चीन के दूसरी वरीयता प्राप्त शी यू की से हार का सामना करना पड़ा। रविवार को सीधे गेम में शिकस्त के साथ आयुष का सफर उपविजेता के तौर पर समाप्त हुआ। निंगबो ओलंपिक सेंटर में खेले गए फाइनल में विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज 20 वर्षीय भारतीय शटलर को मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यू की के हाथों 8-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, सिल्वर मेडल के साथ आयुष साल 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप में पोडियम पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं। आयुष शेट्टी सेमीफाइनल में कुनलावुत विटिडसर्न को हराया था सेमीफाइनल में थाईलैंड के मौजूदा चैंपियन कुनलावुत विटिडसर्न पर मिली जीत के साथ ही, आयुष बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी (कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी) बन गए थे। अगर आयुष फाइनल जीतते, तो दिनेश खन्ना की बराबरी कर लेते, जो 1965 में मेंस सिंगल्स चैंपियन बने थे।कर्नाटक के कारकला के पास स्थित एक छोटे से शहर सानूर के रहने वाले यूएस ओपन 2025 के चैंपियन आयुष का यह सफर किसी फिल्मी कहानी के जैसा रहा है, जिन्होंने फाइनल तक पहुंचने के रास्ते में टूर्नामेंट में कई बड़े उलटफेर किए। कुछ ऐसा रहा इस टूर्नामेंट में आयुष का सफर आयुष शेट्टी का दिग्गज खिलाड़ियों को हराने का सिलसिला पहले दौर से ही शुरू हो गया था, जहां उन्होंने ली शी फेंग को चौंकाते हुए मात दी, जो दुनिया के नंबर 7 खिलाड़ी और मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन थे। इसके बाद उन्होंने ची यू जेन पर जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहां उन्होंने एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड नंबर-4 जोनाथन क्रिस्टी को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत विटिडसर्न को खिताबी रेस से बाहर कर दिया। विमेंस सिंगल्स फाइनल में एन से-यंग ने वांग झीयी को 21-12, 17-12, 21-18 से हराकर एकमात्र बड़ा खिताब भी अपने नाम कर लिया, जो अब तक उनके पास नहीं था। 24 वर्षीय एन से यंग बैडमिंटन इतिहास की पहली विमेंस सिंगल खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने खेल के सभी बड़े खिताबों का करियर स्वीप पूरा किया, उन्होंने ओलंपिक गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड टूर फाइनल्स, ऑल इंग्लैंड ओपन, एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में खिताब अपने नाम किया है। लेखक के बारे मेंराहिल सैयदराहिल सैयद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह स्पोर्ट्स सेक्शन के साथ जुड़े हुए हैं। राहिल क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, हॉकी, रेसलिंग, बैडमिंटन आदि सभी प्रकार के खेलों को कवर करते हैं। खेल से जुड़ी किसी भी प्रकार की खबर को दर्शकों तक सबसे पहले पहुंचाना इनकी प्रायोरिटी होती है। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से राहिल फरवरी 2023 में जुड़े थे। संस्थान में अपनी जर्नी के दौरान इन्होंने आईपीएल, 2023 का वनडे वर्ल्ड कप, 2024 का टी20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी भी कवर की है। इसके अलावा इन्होंने 2024 का यूरो कप, कोपा अमेरिका 2024 और फुटबॉल के अन्य बड़े टूर्नामेंट भी कवर किए हैं। टेनिस में ऑस्ट्रेलिया ओपन, विंबलडन जबकि ओलंपिक 2024 जैसे बड़े इवेंट्स भी कवर कर चुके हैं। पत्रकारिता का अनुभव- 2021 में राहिल ने डिजिटल पत्रकारिता का अपना सफर तेज तरार न्यूज चैनल से शुरू किया था। जहां उन्होंने सभी प्रकार की बीट पर काम किया था, जिसमें क्राइम, मनोरंजन, खेल आदि सभी बीट शामिल थीं। उसके बाद उन्होंने 2022 की शुरुआत में स्पोर्ट्जविकी जॉइन किया था। स्पोर्ट्जविकी में राहिल मुख्य रूप से क्रिकेट पर खबरें बनाते थे। इनको डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल हो गए हैं। राहिल सैयद ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी हॉनर्स किया है। उसके बाद उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से टीवी जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया था

एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: लवलीना-निकहत पर टिकी भारतीय दल की उम्मीदें

नई दिल्ली ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में होने वाली एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की 20 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगी। भारत ने एक महीने तक चली गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 20 सदस्यीय टीम का चयन किया है। जनवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के बाद संभावित खिलाड़ियों को पटियाला में चल रहे राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया गया था। चयन नीति के अनुसार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए चुना जाएगा। इससे इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप का महत्व बढ़ गया है। स्पेन में हाल ही में बॉक्सम एलीट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली लवलीना (75 किग्रा) महिला टीम की अगुवाई करेंगी। स्पेन में स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य खिलाड़ियों प्रीति (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और प्रिया (60 किग्रा) को भी टीम में शामिल किया गया है। मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मीन (57 किग्रा) भी टीम में शामिल हैं। महिला वर्ग में अन्य खिलाड़ियों में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की स्वर्ण पदक विजेता निकहत ज़रीन (51 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 किग्रा से अधिक) को टीम में जगह दी गई है। पुरुषों के वर्ग में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल और बॉक्सम चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता सचिन (60 किग्रा) टीम की अगुवाई करेंगे। उनके साथ आकाश (75 किग्रा) भी शामिल हैं, जिन्होंने स्पेन में स्वर्ण पदक जीता था। स्पेन में रजत पदक जीतने वाले दीपक (70 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) तथा स्पेन में कांस्य पदक विजेता और विश्व मुक्केबाजी फाइनल के रजत पदक विजेता जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा) भी टीम का हिस्सा हैं। विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) टीम में शामिल अन्य खिलाड़ी हैं। भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘‘एशियाई चैंपियनशिप में हमेशा आपके कौशल और निरंतरता की अच्छी परीक्षा होती है। हमारा ध्यान ऐसे मुक्केबाजों के चयन पर रहा है जिन्होंने अच्छी फॉर्म, अनुशासन और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है। हमें विश्वास है कि यह टीम एशिया चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेगी।’’ खिलाड़ियों का मूल्यांकन मुख्य कोच सैंटियागो नीवा (महिला) और सीए कुट्टप्पा (पुरुष) की देखरेख में किया गया। भारतीय टीम ने स्पेन में बॉक्सम एलीट में नौ स्वर्ण पदक जीते थे। एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम: पुरुष: विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), दीपक (70 किग्रा), आकाश (75 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा), नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक)। महिला: मिनाक्षी (48 किग्रा), निकहत ज़रीन (51 किग्रा), प्रीति (54 किग्रा), जैस्मिन (57 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा), अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 से अधिक किग्रा)।