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बुध ग्रह वक्री होने से मिथुन धनु वृषभ राशि पर पड़ेगा गहरा प्रभाव रहेगा

 29 जून 2026 से 23 जुलाई 2026 तक बुध ग्रह कर्क और मिथुन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार और संवाद का कारक माना गया है, इसलिए इनकी प्रतिकूल स्थिति जीवन के इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उथल-पुथल मचा सकती है.  इस बदलाव के दौरान जिन तीन राशियों को अपने कदम बहुत संभालकर रखने होंगे. इन 3 राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी मिथुन राशि: बुध आपकी राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए इसका सबसे गहरा और सीधा प्रभाव आप पर पड़ेगा. इस दौरान आपके अनावश्यक खर्च अचानक बढ़ सकते हैं, जिससे आपका वित्तीय बजट बिगड़ सकता है. बातचीत करते समय शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करें, क्योंकि आपके कटु वचन किसी बड़े विवाद का कारण बन सकते हैं. धनु राशि: बुध की उल्टी चाल आपके लिए मानसिक तनाव और अनावश्यक चिंताएं लेकर आ सकती है. इस समय व्यापार में अपेक्षित लाभ न मिलने से या किसी गलत निर्णय के कारण आर्थिक नुकसान की संभावना रहेगी. आपको अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि पुरानी बीमारियां दोबारा उभर सकती हैं. वृषभ राशि: बुध आपकी राशि के तीसरे भाव (संचार और पराक्रम) में वक्री होने जा रहे हैं. मीडिया, लेखन, मार्केटिंग या सोशल मीडिया से जुड़े जातकों को अपने काम में बार-बार रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. निवेश से जुड़े मामलों में कोई भी बड़ा कदम उठाने से बचें . अपनी योजनाओं को किसी के साथ साझा न करें. बुध वक्री के दौरान क्या न करें? नया काम शुरू न करें: इस 25 दिनों की अवधि में कोई नया बिजनेस या प्रोजेक्ट शुरू करने से बचें. दस्तावेजों पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर न करें: किसी भी वित्तीय या कानूनी अनुबंध पर बिना ठीक से पढ़े साइन न करें. बड़ी खरीदारी टालें: इस समय महंगे गैजेट्स, वाहन या प्रॉपर्टी खरीदना नुकसानदेह साबित हो सकता है.

12 अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण: कर्क राशि में लगेगा ‘रिंग ऑफ फायर’, इन राशियों पर असर

 सूर्य ग्रहण एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रोमांचक खगोलीय घटना है. जब अंतरिक्ष में चक्कर लगाते-लगाते चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, तो वह सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है. इस स्थिति में चंद्रमा की परछाई पृथ्वी पर पड़ती है और दिन में ही अंधेरा छा जाता है. इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं. साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार के दिन लगेगा. संयोग की बात यह है कि ये सूर्य ग्रहण सावन के महीने में पड़ेगा. ये सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लगेगा. खगोलीय दृष्टि से यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे आसमान में रिंग ऑफ फायर के रूप में देखा जा सकेगा. हालांकि, ये भारत में दृश्यमान नहीं होगा, जिसकी वजह से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. आइए जानते हैं कि साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण किन राशियों के लिए अशुभ रहेगा. मेष धन हानि और खर्चों में अचानक बढ़ोतरी के योग बन सकते हैं. वाणी पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा, अन्यथा करीबी रिश्तों में खटास आ सकती है. निवेश करने से बचें. कर्क चूंकि ग्रहण इसी राशि में लग रहा है, इसलिए कर्क राशि के जातकों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. मानसिक तनाव, सेहत में गिरावट और निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बन सकती है. दुर्घटनाओं से बचें और वाद-विवाद से दूर रहें. तुला संतान को लेकर चिंता बढ़ सकती है. प्रेम संबंधों और विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुकावटें आ सकती हैं. बजट बिगड़ सकता है, इसलिए पैसों के लेनदेन में सावधानी बरतें. मकर साझेदारी के कामों और वैवाहिक जीवन में तनाव का सामना करना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या उच्च अधिकारियों के साथ मतभेद होने की आशंका रहेगी. इन राशियों के लिए रहेगा शुभ साल का आखिरी सूर्य ग्रहण मिथुन, कन्या और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहने वाला है. इन राशि के लोगों को करियर में बेहतरीन सुनहरे अवसर, व्यापार में मनमुताबिक वृद्धि, लंबे समय से फंसे हुए धन की वापसी और कार्यस्थल पर उच्च पद-प्रतिष्ठा व सम्मान मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं. कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण? भारतीय समयानुसार, साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 की रात 09 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 की सुबह 04 बजकर 25 मिनट तक लगेगा. कहां कहां दिखाई देगा? यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अमेरिका, और उत्तरी गोलार्ध के क्षेत्रों में दिखाई देगा.

केतु मघा नक्षत्र में प्रवेश, कुछ राशियों के लिए शुभ तो कुछ के लिए सावधानी

ज्योतिष शास्त्र में केतु को एक रहस्यमयी और छाया ग्रह माना गया है. जो अपनी चाल हमेशा उल्टी चाल जब भी केतु अपना नक्षत्र या पद बदलते हैं, तो इसका सीधा असर सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 31 मई को केतु देव नक्षत्र पद परिवर्तन करके मघा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं. केतु का यह सूक्ष्म गोचर कुछ राशियों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और अचानक धन लाभ लेकर आएगा, तो वहीं कुछ राशियों को इस दौरान थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं कि इस परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है. मेष राशि (Aries) मेष राशि वालों के लिए यह परिवर्तन मिले-जुले परिणाम देगा. आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा. कार्यक्षेत्र में कुछ गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए अपनी योजनाओं को किसी के साथ साझा न करें. हालांकि, आध्यात्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए केतु का तीसरे चरण में जाना आर्थिक दृष्टिकोण से उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है. निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें. प्रेम जीवन और वैवाहिक संबंधों में थोड़ी गलतफहमियां हो सकती हैं, वाणी पर नियंत्रण रखें. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर में बदलाव के संकेत दे रहा है. अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो सोच-समझकर फैसला लें. इस दौरान माता की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है. जमीन-जायदाद के मामलों में जल्दबाजी न करें. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा. छोटे भाई-बहनों के साथ थोड़े मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी. छोटी दूरी की यात्राओं के योग बनेंगे जो भविष्य में फायदेमंद साबित होंगी. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए यह समय संचित धन (सेविंग्स) को प्रभावित कर सकता है. अचानक कुछ बड़े खर्चे सामने आ सकते हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है. परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते समय मर्यादा का ध्यान रखें. खान-पान पर नियंत्रण रखें, पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है. कन्या राशि (Virgo) केतु का यह पद परिवर्तन आपकी ही राशि में हो रहा है, जिससे आपके स्वभाव में थोड़ा एकांतप्रिय होना या भ्रम की स्थिति बन सकती है. मानसिक तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान का सहारा लें. वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए यह गोचर खर्चों में बढ़ोतरी कराने वाला रहेगा. विशेषकर विदेश यात्रा या कोर्ट-कचहरी के मामलों में धन खर्च हो सकता है. अनिद्रा या पैरों में दर्द की शिकायत रह सकती है. हालांकि, जो लोग आध्यात्मिक यात्रा पर जाना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल है. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन बेहद शुभ रहने वाला है. आपको अचानक कहीं से अटका हुआ धन प्राप्त हो सकता है. बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा. सामाजिक दायरे में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपकी दबी हुई इच्छाएं पूरी होने के रास्ते खुलेंगे. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में यह समय बेहद महत्वपूर्ण रहेगा. नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे आप थोड़ा तनाव महसूस कर सकते हैं. अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें. पिता की सेहत का ध्यान रखें और उनके साथ विवाद से बचें. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि के जातकों के लिए केतु का तीसरे चरण में प्रवेश भाग्य में थोड़ी रुकावटें ला सकता है. बनते हुए कामों में आखिरी वक्त पर देरी हो सकती है, लेकिन धैर्य न खोएं. लंबी दूरी की यात्राओं या तीर्थ यात्रा के योग बनेंगे. गुरु और गुरुतुल्य लोगों का आशीर्वाद आपको सही रास्ता दिखाएगा. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि वालों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. वाहन चलाते समय सतर्क रहें और चोट-चपेट से बचें. ससुराल पक्ष से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. गुड विज्ञान, ज्योतिष या रिसर्च के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय बेहद शानदार रहेगा. मीन राशि (Pisees) मीन राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन और व्यापार में इस गोचर का असर देखने को मिलेगा. साझेदारी के बिजनेस में पारदर्शिता रखें, अन्यथा विवाद हो सकता है. जीवनसाथी के स्वभाव में थोड़ी कड़वाहट आ सकती है, शांत रहकर स्थिति को संभालें.

18 जून 2026 से गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए शुरू होगा ‘गोल्डन टाइम’

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. जून 2026 का महीना ग्रहों की स्थिति के लिहाज से बहुत खास रहने वाला है. देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) जून की शुरुआत में अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं. इसके बाद अब 18 जून 2026 को गुरु एक और बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं. 18 जून को देवगुरु बृहस्पति शनिदेव के प्रिय नक्षत्र 'पुष्य' (Pushya Nakshatra) में प्रवेश करेंगे. पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना जाता है और इसे बेहद शुभ व कल्याणकारी माना गया है. जब ज्ञान और भाग्य के कारक गुरु, इस शुभ नक्षत्र में गोचर करेंगे, तो इसका सकारात्मक असर कई राशियों पर देखने को मिलेगा. विशेषकर 4 राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा. आइए जानते हैं कि 18 जून से किन राशियों का 'गोल्डन टाइम' शुरू होने जा रहा है: 1. कर्क राशि (Cancer): मान-सम्मान और तरक्की गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन कर्क राशि के जातकों के लिए सबसे ज्यादा फलदायी रहने वाला है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे उनके पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. सीनियर अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. इस अवधि में आपकी निर्णय लेने की क्षमता बहुत मजबूत होगी. व्यापार में किए गए नए समझौते भविष्य में बड़ा मुनाफा देंगे. काफी समय से चल रहा मानसिक तनाव दूर होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. 2. कन्या राशि (Virgo): धन लाभ और नए अवसर कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो वह इस दौरान वापस मिल सकता है. आय के नए स्रोत बनेंगे जिससे बैंक बैलेंस बढ़ेगा. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में पहले किए गए निवेश का इस समय दोगुना फायदा मिल सकता है. जो छात्र या पेशेवर विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 18 जून के बाद कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. 3. धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का साथ और बिजनेस में विस्तार धनु राशि के स्वामी खुद देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए गुरु का यह शुभ गोचर आपके लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. जो लोग खुद का बिजनेस चला रहे हैं, उन्हें नए ऑर्डर्स और क्लाइंट्स मिलेंगे. बिजनेस ट्रिप्स बहुत सफल रहेंगी. कार्यस्थल पर चल रहा वाद-विवाद खत्म होगा. आपकी कार्यशैली की तारीफ होगी और प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे. अगर आपके सिर पर कोई पुराना कर्ज था, तो उसे चुकाने में आप सफल रहेंगे. 4. मीन राशि (Pisces): पारिवारिक सुख और खुशहाली मीन राशि के जातकों के लिए 18 जून के बाद का समय पारिवारिक जीवन में मिठास और मानसिक संतुष्टि लेकर आएगा. परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे मतभेद समाप्त होंगे और आपसी प्रेम बढ़ेगा. घर में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है. जो लोग सिंगल हैं और विवाह योग्य हैं, उनके लिए अच्छे रिश्ते आ सकते हैं. शादीशुदा जातकों के रिश्तों में मजबूती आएगी. भाग्य का पूरा सहयोग मिलने से आपके जो काम पिछले कई महीनों से लटके हुए थे, वे बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे. शुभ फलों को बढ़ाने के उपाय 18 जून से शुरू हो रहे इस शुभ समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जातकों को हर गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और केले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए. साथ ही माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाना बेहद शुभ रहेगा.

मिथुन राशि में बना दुर्लभ त्रिग्रही राजयोग, कई राशियों के लिए शुभ संकेत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनका मिलन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 18 मई यानी कल मिथुन राशि में शुक्र, गुरु और चंद्रमा की युति से त्रिग्रही राजयोग का निर्माण हो चुका है. ग्रहों का यह शुभ संयोग जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जा रहा है. क्या है त्रिग्रही राजयोग? जब तीन शक्तिशाली ग्रह एक ही राशि में एक साथ आते हैं, तो उसे त्रिग्रही योग कहा जाता है. मिथुन राशि में देवताओं के गुरु 'बृहस्पति', सुख-वैभव के कारक 'शुक्र' और मन के स्वामी 'चंद्रमा' का एक साथ आना एक दुर्लभ स्थिति मानी जाती है. यह योग विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो अपनी वाणी, व्यापार और रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं. 18 मई 2026 को मिथुन राशि में बनने वाले त्रिग्रही राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ा, लेकिन मिथुन राशि सहित कुछ अन्य राशियों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी माना जा रहा है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस अद्भुत संयोग का लाभ कुछ राशियों को प्राप्त हो सकता है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के लोगों के लिए यह राजयोग पराक्रम और साहस में वृद्धि का संकेत है. व्यापारिक मामलों में नई सफलताएं मिल सकती हैं. मिथुन राशि (Gemini) चूंकि यह युति इसी राशि में बन रही है, इसलिए मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि लेकर आएगा. करियर और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों को इस योग के प्रभाव से आर्थिक लाभ होने की संभावना है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और रुके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी और पारिवारिक शांति का कारक बनेगा. आय के नए स्रोत बन सकते हैं. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के लिए यह त्रिग्रही योग करियर के क्षेत्र में उन्नति के नए द्वार खोल सकता है. लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है.