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18 सितंबर को बन रहा गुरु-मंगल योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में होगा लाभ

18 सितंबर 2026 को मंगल ग्रह अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में विराजमान हैं. इस प्रकार कर्क राशि में गुरु और मंगल का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में गुरु और मंगल की युति से गुरु-मंगल योग का निर्माण होता है. गुरु ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के कारक हैं, वहीं मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम के कारक हैं. यद्यपि मंगल नीच राशि में रहेंगे, लेकिन उच्च के गुरु के साथ होने से उनका नीचभंग भी होगा. इस शुभ संयोग से कई राशियों को करियर, धन और मान-सम्मान में जबरदस्त लाभ मिलेगा. मिथुन राशि शुभ प्रभाव: आपकी राशि के दूसरे (धन व वाणी) भाव में यह युति बनने जा रही है. लाभ: अचानक धन लाभ के मजबूत योग बनेंगे. आपकी वाणी में सौम्यता और आकर्षण रहेगा, जिससे बड़े व्यावसायिक सौदे फाइनल हो सकते हैं. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. कर्क राशि शुभ प्रभाव: यह संयोग आपकी ही राशि में बन रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास और प्रभाव तेजी से बढ़ेगा. लाभ: रुके हुए काम पूरे होंगे. समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. नया व्यापार शुरू करने या करियर में बदलाव के लिए यह समय अनुकूल रहेगा. कन्या राशि शुभ प्रभाव: आपकी राशि के ग्यारहवें (लाभ) भाव में गुरु और मंगल का मिलन होगा. लाभ: आय के नए और स्थायी स्रोत बनेंगे. यदि आप लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट या निवेश पर काम कर रहे हैं, तो उससे बड़ा वित्तीय फायदा मिलेगा. मित्रों और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा. तुला राशि शुभ प्रभाव: आपके दशम (कर्म) भाव में यह शुभ संयोग बनने से कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा. लाभ: नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति, वेतन वृद्धि या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी और नए व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे. वृश्चिक राशि शुभ प्रभाव: नवम (भाग्य) भाव में गुरु-मंगल की युति से आपका भाग्य पक्ष मजबूत होगा. लाभ: धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी. लंबी दूरी की लाभदायक यात्राएं होंगी. प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए यह समय वरदान समान है. शुभ फल बढ़ाने के सरल उपाय – मंगलवार और गुरुवार के दिन हनुमान जी और भगवान विष्णु की पूजा करें. – माथे पर केसर या पीले चंदन का तिलक लगाएं. – जरूरतमंदों को गुड़, चने की दाल या केसर युक्त दूध का दान करें.

30 साल बाद मीन राशि में मार्गी होंगे शनि, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

11 दिसंबर को शनि देव मार्गी होने वाले हैं. यानी इस दिन शनि की सीधी चाल शुरू हो जाएगी. शनि देव पूरे 30 साल बाद मीन राशि में मार्गी चाल चलेंगे इसके बाद शनि 3 जून 2027 तक सीधी चाल ही चलेंगे. इस बदलाव का असर कई राशियों के करियर, कारोबार, आय और आर्थिक मामलों में देखने को मिल सकता है. खासतौर पर वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के लिए इसे शुभ बताया जा रहा है. आइए जानते हैं कि मार्गी शनि कीन राशियों को लाभ देंगे. वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का मार्गी होना लाभकारी बताया जा रहा है. मीन राशि में शनि आपकी राशि से 11वें भाव में मार्गी होंगे. यह भाव आय, लाभ और इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा माना जाता है. शनि की सीधी चाल के बाद कमाई के नए स्रोत बनने के संकेत हैं. कारोबार करने वालों को विस्तार का मौका मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. आर्थिक स्थिति में भी पहले की तुलना में सुधार होने की संभावना है. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए भी शनि का मार्गी होना सकारात्मक रह सकता है. मीन राशि में शनि आपके 10वें भाव में मार्गी होंगे. यह भाव करियर और कारोबार से संबंधित माना जाता है. 11 दिसंबर के बाद नौकरी या व्यवसाय में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है. जो लोग करियर बदलने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सफलता मिलने के संकेत हैं. आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है. तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए शनि की सीधी चाल आर्थिक और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है. मीन राशि में शनि आपके छठे भाव को प्रभावित करेंगे. ज्योतिष में छठे भाव का संबंध नौकरी, कर्ज, शत्रु और प्रतियोगिता से माना जाता है. इस अवधि में आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ने के मौके भी मिल सकते हैं. मकर राशि मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव माने जाते हैं. इसलिए शनि की चाल में बदलाव को इस राशि के लिए खास माना जाता है. मीन राशि में शनि आपके तीसरे भाव में मार्गी होंगे. इससे साहस, पराक्रम, संचार और कार्यक्षेत्र में मजबूती आने के संकेत हैं. नौकरीपेशा लोगों को महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है. कारोबार और व्यवसाय से जुड़े लोगों को नई और अच्छी डील मिलने की संभावना भी जताई गई है.

बुध का कन्या राशि में प्रवेश, बना भद्र राजयोग; इन 5 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

 द्रिक पंचांग के अनुसार, 7 सितंबर 2026 यानी आज बुध देव अपनी स्वयं की और उच्च राशि कन्या में प्रवेश कर चुके हैं. वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, व्यापार, तर्कशास्त्र, गणित और वाणी का कारक ग्रह माना जाता है. जब बुध अपनी उच्च राशि में आते हैं, तो भद्र राजयोग का निर्माण करते हैं, जिससे कई राशियों को करियर, धन और बौद्धिक क्षमता के क्षेत्र में विशेष लाभ मिलता है. 26 सितंबर की दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहने वाले इस गोचर से मुख्य रूप से इन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने जा रहा है. मेष राशि करियर में सफलता: छठे भाव में बुध का गोचर आपके विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों को शांत रखेगा. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिलेंगे. प्रभावशाली वाणी: कार्यस्थल पर आपकी बातें और सुझाव लोग ध्यान से सुनेंगे, जिससे आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. वृषभ राशि आर्थिक लाभ: आपकी राशि के पांचवें भाव में गोचर होने से अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं. करियर व व्यापार: सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में सहयोग मिलेगा. यदि आप शेयर बाजार, शिक्षा या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपकी योजनाएं सफल होंगी. पारिवारिक जीवन: संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी. मिथुन राशि सुख-साधनों में वृद्धि: बुध आपकी राशि के स्वामी हैं. चौथे भाव में गोचर से आपके भौतिक सुख-सुविधाओं और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में तरक्की होगी. कमाई के नए स्रोत: आय के नए स्रोत बन सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति या कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. पारिवारिक सहयोग: माता पक्ष से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा. कन्या राशि आत्मविश्वास में वृद्धि: आपकी अपनी राशि और प्रथम (लग्न) भाव में बुध का आगमन आपके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त निखार लाएगा. मान-सम्मान और प्रगति: समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा की सराहना होगी. व्यापार में नए समझौतों और निवेश से बड़ा आर्थिक फायदा मिलने के योग हैं. कुंभ राशि अटके काम होंगे पूरे: करियर में लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू होंगे. बिजनेस और डील: पार्टनरशिप के कामों में बड़ा लाभ हो सकता है और किसी अच्छी डील के मिलने के संकेत हैं. संपत्ति से जुड़े विवाद हल हो सकते हैं. बुध के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के सरल उपाय – इस अवधि के दौरान भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें. – हरा वस्त्र या हरे रंग की चीजों का उपयोग बढ़ाएं या किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल का दान करें. – प्रतिदिन ऊं बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करें.

सितंबर में इन 3 राशियों पर रहेगी शनि की कड़ी नजर, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

 सितंबर का महीना ग्रहों की चाल और नक्षत्रों के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. इस माह कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनि देव 3 मुख्य राशियों मिथुन, सिंह और कन्या के जातकों के धैर्य, निर्णय क्षमता और योग्यता की कड़ी परीक्षा ले सकते हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सितंबर में शनि देव की दृष्टि सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्यदेव पर और मिथुन व कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध देव पर पड़ेगी.  ग्रहों के इस प्रभाव के कारण इन तीनों ही राशियों के जीवन में उथल-पुथल और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.  शनि देव कर्म प्रधान ग्रह हैं, इसलिए इस दौरान ईमानदारी और लगन से किए गए कार्यों का तो उत्तम फल मिलेगा, लेकिन भाग्य के भरोसे बैठकर आलस्य करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि सितंबर महीने में इन तीनों राशियों पर शनि देव का कैसा असर रहने वाला है. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध पर शनि की दृष्टि रहने से इस माह आपको मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श में संयम रखें. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी व्यावसायिक निर्णय भारी पड़ सकता है. सावधानी: अपनी योग्यता पर भरोसा रखें और शॉर्टकट अपनाने से बचें.  जितने अधिक प्रयास आप खुद करेंगे, सफलता उतनी ही मजबूत मिलेगी. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं, और सूर्य-शनि के बीच ज्योतिषीय शत्रुता मानी जाती है.  ऐसे में सिंह राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा का रहेगा. कार्यस्थल पर आपके काम का बोझ बढ़ सकता है और सीनियर के साथ तालमेल बिठाने में मशक्कत करनी पड़ सकती है.  मान-सम्मान को लेकर थोड़ा सजग रहें. सावधानी: अहंकार से दूर रहें.  अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ें और भाग्य के भरोसे कोई नया जोखिम न लें. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के स्वामी बुध पर शनि की दृष्टि के चलते इस माह आपके दैनिक कार्यों और योजनाओं में कुछ रुकावटें या देरी देखने को मिल सकती है. धन के मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं. फिजूलखर्ची से बचें और सेहत का विशेष ध्यान रखें. सावधानी: आलस्य को खुद पर हावी न होने दें.  शनि देव आपकी निरंतरता (Consistency) की परीक्षा लेंगे, इसलिए अपने लक्ष्यों पर टिके रहें. शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के सरल उपाय – शनिवार को दान: हर शनिवार को काले तिल, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें. – पीपल पूजन: शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. – हनुमान जी की उपासना: प्रतिदिन या हर मंगलवार-शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे शनि देव के कष्टों से मुक्ति मिलती है.

दिवाली से पहले बदलेंगे कई ग्रहों की चाल, इन 3 राशियों के करियर-धन में बनेंगे नए योग

 त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ग्रहों की चाल में कई अहम बदलाव होने वाले हैं. सितंबर से दिवाली तक शुक्र, बुध, सूर्य और मंगल समेत कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं में ग्रहों के इन बदलावों को करियर, धन, कारोबार और निजी जीवन से जोड़कर देखा जाता है. सितंबर में शुक्र 2 तारीख को तुला राशि में, बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में और मंगल 18 सितंबर को कर्क राशि में प्रवेश करेगा. इसके बाद 26 सितंबर को बुध तुला राशि में जाएगा. ऐसे में कुछ राशियों के लिए आने वाले सप्ताह नए अवसर लेकर आ सकते हैं. खासतौर पर वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हालांकि, अक्टूबर-नवंबर में शुक्र और बुध की वक्री चाल भी रहेगी, इसलिए हर फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी होगा. वृषभ राशि- करियर में बनेंगे आगे बढ़ने के मौके वृषभ राशि वालों के लिए आने वाला समय कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है. अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं तो इस अवधि में नए अवसर सामने आ सकते हैं.  कारोबारियों के लिए भी नए संपर्क बनना फायदेमंद साबित हो सकता है. आर्थिक मामलों में आमदनी के साथ खर्च भी बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा. किसी बड़े निवेश में जल्दबाजी करने के बजाय पूरी जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद होगा . मिथुन राशि- धन कमाने के नए रास्ते खुल सकते हैं मिथुन राशि के जातकों के लिए सितंबर से दिवाली तक का समय नई संभावनाएं लेकर आ सकता है. बुध का कन्या राशि में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है . बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है. इस दौरान आपकी बातचीत और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है. आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तलाश रहे लोगों को सफलता मिल सकती है. हालांकि, किसी भी आर्थिक समझौते या साझेदारी में दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना जरूरी रहेगा. सिंह राशि- मेहनत का मिल सकता है बड़ा फल सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी.  लोग आपके फैसलों को महत्व दे सकते हैं . नौकरीपेशा लोगों को पद या जिम्मेदारी में बदलाव की संभावना दिखाई दे सकती है . कारोबारियों को किसी बड़े प्रोजेक्ट या नए सौदे से लाभ मिल सकता है.  हालांकि, किसी भी डील को अंतिम रूप देने से पहले उसकी शर्तों को अच्छी तरह जांच लें .   दिवाली से पहले कौन-कौन से बड़े गोचर होंगे? सितंबर 2026 में ग्रहों की चाल में कई बदलाव देखने को मिलेंगे.  2 सितंबर को शुक्र तुला में, 7 सितंबर को बुध कन्या में, 17 सितंबर को सूर्य कन्या में और 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेगा . 26 सितंबर को बुध तुला राशि में चला जाएगा . इसके बाद अक्टूबर में शुक्र की वक्री चाल शुरू होगी.  उपलब्ध ज्योतिषीय कैलेंडर के अनुसार शुक्र 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री रहेगा . बुध भी 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री रहने की बात कही गई है .

17 सितंबर को सूर्य गोचर से बदलेगा भाग्य, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

ज्योतिष में ग्रहों की चाल को व्यक्ति के जीवन में होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जाता है. सितंबर के मध्य में सूर्य एक बार फिर अपनी राशि बदलने जा रहे हैं.17 सितंबर को सूर्य सिंह राशि से निकलकर बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे. करीब एक महीने तक इसी राशि में रहेंगे.ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य के इस गोचर का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय खास तौर पर शुभ रह सकता है. सूर्य को ज्योतिष में आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पद और अधिकार का कारक माना जाता है.वहीं कन्या राशि का संबंध बुध से है, जिसे तर्क, बुद्धि, गणना और व्यावहारिकता से जोड़ा जाता है.ऐसे में सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश कुछ जातकों के लिए नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से अच्छे अवसर लेकर आ सकता है.आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए सूर्य का यह गोचर लाभकारी रहने की संभावना है. सिंह राशि सूर्य का गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है.इस दौरान काम को लेकर आपकी सक्रियता बढ़ेगी. नौकरी करने वाले लोगों को इंटरव्यू या किसी प्रशासनिक कार्य में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. आर्थिक मोर्चे पर भी स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं.यात्रा से जुड़े अवसर मिल सकते हैं. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर विशेष महत्व रखता है क्योंकि सूर्य इसी राशि में प्रवेश करेंगे. इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं.  काम में आपकी पहचान बढ़ सकती है. कारोबार करने वालों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है. किसी नई योजना पर काम शुरू करने या कारोबार को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है. आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं.हालांकि निजी जीवन में बातचीत के दौरान संयम बनाए रखना बेहतर होगा. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह गोचर करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ सकता है और कारोबार करने वालों को पार्टनरशिप से लाभ मिलने की संभावना है. इस दौरान अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं. परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा. अविवाहित लोगों के लिए विवाह से जुड़ा कोई अच्छा प्रस्ताव भी आ सकता है. हालांकि वैवाहिक जीवन में छोटी-मोटी बातों को लेकर तनाव से बचना जरूरी होगा. धनु राशि धनु राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर भाग्य को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है. कारोबार से जुड़े लोगों को नई डील मिलने के अवसर बन सकते हैं. भूमि, भवन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा .  कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है. मीन राशि मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश कई मामलों में राहत लेकर आ सकता है. मेहनत का उचित परिणाम मिलने की संभावना है. आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ बचत करने में भी सफलता मिल सकती है. कारोबार से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा रह सकता है. परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा.सेहत के लिहाज से भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. सूर्य गोचर कब होगा? सूर्य 17 सितंबर 2026 को सुबह 7:12 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. 17 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे.ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में सूर्य से संबंधित सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए रविवार को सूर्य को जल अर्पित करना और जरूरतमंद व्यक्ति को दान देना शुभ माना जाता है.

5 सितंबर को बनेगा नवपंचम राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में लाभ

 वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का गोचर और उनकी युति से बनने वाले योग मानव जीवन पर गहरा असर डालते हैं. आज यानी 5 सितंबर को ग्रहों की स्थिति में हो रहे बड़े बदलावों के बीच एक बेहद शुभ नवपंचम राजयोग का निर्माण होने जा रहा है. ये योग सुबह 10 बजे बनेगा.  पंचांग के अनुसार, इस विशेष योग का निर्माण शुक्र और चंद्रमा के प्रभाव से हो रहा है, जिसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव कई राशियों के जीवन पर पड़ेगा. ज्योतिष शास्त्र में इस योग को सुख-समृद्धि, कला, और मानसिक शांति का कारक माना जाता है. इस दुर्लभ खगोलीय स्थिति के प्रभाव से कुछ चुनिंदा राशियों के जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे. आइए जानते हैं वे कौन सी भाग्यशाली राशियां हैं, जिनकी किस्मत इस दौरान चमकने वाली है l 1. मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र और चंद्रमा के संयोग से बना यह नवपंचम योग बेहद फलदायी साबित होगा . करियर और व्यापार: कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी व्यापार से जुड़े लोगों को कोई बड़ी डील या मुनाफा हाथ लग सकता है . आर्थिक और पारिवारिक जीवन: पैसों से जुड़ी तंगी से राहत मिलेगी. आय के नए स्रोत बनेंगे. परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा. जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे . 2. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में वृद्धि लेकर आ रहा है . मान-सम्मान: समाज में आपका मान-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा लोग आपके विचारों और कार्यशैली की सराहना करेंगे . व्यक्तिगत जीवन: अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करने की सोच रहे थे, तो यह समय बेहद अनुकूल है. मित्रों और प्रियजनों का भरपूर साथ मिलेगा, जिससे मानसिक प्रसन्नता बनी रहेगी . 3. सिंह राशि सिंह राशि के लोगों के लिए नवपंचम राजयोग आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी लेकर आया है . करियर में प्रगति: नौकरीपेशा वर्ग को पदोन्नति (प्रमोशन) या मनचाही जगह ट्रांसफर की खुशखबरी मिल सकती है. अधिकारियों की कृपा आप पर बनी रहेगी . आर्थिक लाभ: वित्तीय मामलों में आपको अप्रत्याशित सफलता मिलने के योग हैं.  निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है. पुराने कर्जों से मुक्ति मिलने की संभावना है . 4. तुला राशि तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं, ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए यह योग अत्यंत लाभकारी रहेगा . सुख-सुविधाओं में वृद्धि: भौतिक सुख-सुविधाओं और शान-शौकत की चीजों पर खर्च हो सकता है. जीवन स्तर में सुधार आएगा . सफलता के योग: विद्यार्थियों और मीडिया, कला या ग्लैमर के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है अटके हुए सभी काम सहजता से पूरे होते चले जाएंगे .

अगस्त में बुध गोचर से चमकेगी इन 5 राशियों की किस्मत, मिलेंगे धन और करियर लाभ

 ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और चतुरता का कारक माना जाता है. अगस्त 2026 का महीना ग्रहों के फेरबदल के लिहाज से बेहद खास होने वाला है. इस महीने की शुरुआत में ही एक बड़ा ज्योतिषीय घटनाक्रम होने जा रहा है.  5 अगस्त 2026 को बुध देव अपने मित्र चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे. बुध का यह गोचर 5 अगस्त से लेकर 22 अगस्त 2026 तक यानी कुल 18 दिनों तक रहेगा.  इसके बाद बुध सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कर्क राशि में बुध का आना 5 विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. इस दौरान इन राशियों को करियर, व्यापार और धन लाभ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे. आइए जानते हैं उन भाग्यशाली राशियों के बारे में और साथ ही जानेंगे कि इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. बुध के गोचर की पूरी टाइमलाइन ग्रहों के राजकुमार बुध की स्थिति को समझें तो वह 7 जुलाई 2026 को अपनी खुद की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे और 5 अगस्त तक वहीं रहेंगे.  इसके बाद 5 अगस्त को वह चंद्रमा की राशि कर्क में गोचर करेंगे, जहां वे 22 अगस्त तक विराजमान रहकर इन 5 राशियों को लाभ पहुंचाएंगे. इन 5 राशियों की खुलेगी किस्मत 1. मेष राशि (Aries): मेष राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर पारिवारिक जीवन में खुशियां लेकर आएगा. भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बनेंगे. यदि घर से जुड़ा कोई काम लंबे समय से अटका था, तो वह अब रफ्तार पकड़ेगा.  परिवार के सदस्यों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे . घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा. व्यापार में भी मुनाफे के अच्छे योग हैं. 2. मिथुन राशि (Gemini): चूंकि बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं, इसलिए कर्क राशि में उनका जाना आपके धन भाव को प्रभावित करेगा. रुके हुए धन की वापसी होगी और आर्थिक पक्ष मजबूत होगा. निवेश से लाभ मिलने की पूरी संभावना है. आपकी कम्युनिकेशन स्किल (बात करने की शैली) शानदार रहेगी, जिससे लोग आपकी तरफ आकर्षित होंगे. नौकरी और बिजनेस में नए व आकर्षक अवसर मिलेंगे. 3. कन्या राशि (Virgo): बुध का यह गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए बेहद फलदायी रहने वाला है.  लंबे समय से रुके हुए कार्य अचानक से गति पकड़ेंगे. कार्यक्षेत्र में कोई बड़ा और नया अवसर हाथ लग सकता है.  इस अवधि में आपकी मुलाकात कुछ ऐसे प्रभावशाली नए लोगों से होगी, जो भविष्य में आपके करियर को चमकाने में मददगार साबित होंगे. आपकी दबी हुई इच्छाएं इस दौरान पूरी हो सकती हैं. 4. तुला राशि (Libra): तुला राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में अपनी धाक जमाने का है.आपकी मेहनत का पूरा फल आपको मिलेगा. सीनियर्स और बॉस आपके काम की तारीफ करेंगे.  इस अवधि में पदोन्नति (प्रमोशन) या वेतन वृद्धि के मजबूत योग हैं.  किसी बड़े और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको मिल सकती है, जिससे समाज और ऑफिस में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. 5. मकर राशि (Capricorn): मकर राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर निजी और व्यावसायिक दोनों जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा. जीवनसाथी के साथ चल रहे वैचारिक मतभेद दूर होंगे. यदि आप पार्टनरशिप (साझेदारी) में कोई व्यापार करते हैं, तो यह 18 दिन आपके लिए बंपर मुनाफा लेकर आ सकते हैं.  कोई बड़ी और फायदेमंद बिजनेस डील फाइनल हो सकती है. बुध गोचर के दौरान क्या करें और क्या न करें मंत्र जाप: नियमित रूप से 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें.  इससे बुद्धि तीक्ष्ण होती है. व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.हर बुधवार को विघ्नहर्ता भगवान गणेश को दूर्वा (दूब घास) और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं. इससे कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है.  बुध संवाद का कारक है, इसलिए इस दौरान किसी से भी फालतू की बहसबाजी या कड़वे वचनों का प्रयोग करने से बचें.  अपनी वाणी को मधुर रखें.  नौकरी या बिजनेस से जुड़े किसी भी जरूरी दस्तावेज (Paperwork) पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ और समझ लें. जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.

शनि वक्री का शुभ प्रभाव, वृषभ, मिथुन समेत 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में सबसे धीमी चाल चलने वाले और न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव इस समय मीन राशि में विराजमान हैं. साल 2026 में शनि देव की चाल में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है. शनि देव मीन राशि में ही उल्टी चाल यानी वक्री (Saturn Retrograde) होने जा रहे हैं, जिसकी तारीख 27 जुलाई है. आमतौर पर शनि की वक्री चाल को कष्टकारी माना जाता है. लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मीन राशि में शनि का वक्री होना सभी राशियों के लिए बुरा नहीं रहेगा. इस दौरान बनने वाले ग्रहों के विशेष संयोग से कुछ भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं, जिन्हें करियर, व्यापार और धन के मामले में बंपर सफलता मिलने वाली है. आइए जानते हैं शनि की यह उल्टी चाल किन राशियों का भाग्य बदलने जा रही है. 1. वृषभ राशि (Taurus) शनि की वक्री चाल वृषभ राशि के जातकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित होगी. आपकी आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने के योग हैं. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. नौकरीपेशा लोगों को इस अवधि में प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव दशम भाव में वक्री होंगे, जो कि कर्म का भाव है. यदि आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है. पुराने निवेश से भी बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है. इस दौरान आपको पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा लाभ हो सकता है. पारिवारिक विवाद सुलझेंगे. 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि की यह उल्टी चाल मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने वाली होगी. जो काम पिछले कई महीनों या सालों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे. जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे हैं या विदेशी कंपनियों से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. 4. कुंभ राशि (Aquarius) चूंकि शनि देव आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए मीन राशि में उनकी वक्री चाल आपके धन भाव को प्रभावित करेगी. इस अवधि में आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे. आपकी कम्यूनिकेशन स्किल मजबूत होगी, जिससे आप कार्यस्थल पर लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे. शनि देव के उपाय शनि की वक्री अवधि के दौरान शुभ फलों को बढ़ाने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए हर शनिवार को शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें.

शनि देव 27 जुलाई 2026 को कुंभ राशि में वक्री, कई राशियों पर संकट के संकेत

ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव 27 जुलाई 2026 को कुंभ राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. शनि की यह उल्टी चाल 18 नवंबर 2026 तक रहेगी. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वक्री होने पर शनि देव अत्यधिक बलवान और क्रूर हो जाते हैं, जिससे कई राशियों के लिए दुर्घटना, धन हानि और मानसिक तनाव के योग बनते हैं. अगर आपकी राशि नीचे दी गई लिस्ट में है, तो अगले कुछ महीने आपको फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा. 1. कुंभ राशि (Aquarius): मानसिक तनाव और सेहत में गिरावट शनि देव आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, जिससे आप पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. इस अवधि में आपको अज्ञात भय, अनिद्रा और भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. सेहत को लेकर बिल्कुल लापरवाही न बरतें. कार्यक्षेत्र में आपकी एक छोटी सी गलती बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है. 2. मकर राशि (Capricorn): धन हानि और पारिवारिक कलह मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम दौर चल रहा है और शनि आपके धन भाव में वक्री होंगे. आर्थिक मामलों में यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा. अवांछित खर्चों के कारण बजट बिगड़ सकता है. फंसा हुआ धन डूबने की आशंका है. इस दौरान किसी को भी उधार देने से बचें. वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा परिवार में संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है. 3. मीन राशि (Pisces): कोर्ट-कचहरी के चक्कर और बढ़ता कर्ज मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है और शनि आपके द्वादश (12वें) भाव में वक्री हो रहे हैं. अस्पताल के खर्चों और कानूनी मामलों में आपका मोटा पैसा बर्बाद हो सकता है. व्यापार में पार्टनर से धोखा मिलने के योग हैं. नया निवेश या नया बिजनेस शुरू करने की भूल बिल्कुल न करें. कर्ज लेने या देने से पूरी तरह बचें. 4. कर्क राशि (Cancer): कार्यक्षेत्र में राजनीति और बदनामी का डर कर्क राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है और शनि आपके अष्टम भाव (आठवें घर) में वक्री हो रहे हैं. नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस पॉलिटिक्स (राजनीति) का शिकार होना पड़ सकता है. आपके बने-बनाए काम ऐन वक्त पर बिगड़ सकते हैं. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें, दुर्घटना के योग हैं. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. अपनी गुप्त बातें किसी से शेयर न करें. 5. वृश्चिक राशि (Scorpio): माता की सेहत की चिंता और घरेलू अशांति वृश्चिक राशि पर भी शनि की ढैय्या चल रही है और शनि आपके चतुर्थ भाव (सुख स्थान) में वक्री चाल चलेंगे. घर का माहौल अशांत रह सकता है. सुख-सुविधाओं में कमी आएगी.  प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में बड़ा नुकसान हो सकता है. माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें. नया मकान या जमीन खरीदने का फैसला कुछ समय के लिए टाल दें. नुकसान और संकट से बचने के 3 अचूक उपाय शनिवार का व्रत और दान: शनिवार के दिन काली उड़द, काला कपड़ा या तिल का दान किसी जरूरतमंद को करें. सरसों के तेल का दीपक: हर शनिवार सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. महामृत्युंजय मंत्र: यदि सेहत में लगातार गिरावट आ रही हो, तो रोज सुबह महामृत्युंजय मंत्र का 11 बार जाप करें. इससे शनि का नकारात्मक प्रभाव कम होता है.