samacharsecretary.com

मंत्रालय में सुशासन दिवस का आयोजन, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती गौर ने दिलाई शपथ

भोपाल  पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के एक दिन पूर्व मंत्रालय में सुशासन दिवस मनाया गया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त , घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंत्रालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 11 बजे अधिकारियों और कर्मचारियों को सुशासन दिवस की शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण किया। भोपाल के सांसद श्री आलोक शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने प्रदेश में सुशासन के उच्चतम मापदण्डों को स्थापित करने के लिये संकल्पित रहकर शासन को अधिक पारदर्शी,सहभागी ,जनकल्याण केन्द्रित और जबावदेह बनाने के प्रयास करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री के.सी.गुप्ता, श्री संजय कुमार शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस अधिकारी आदि उपस्थित थे।  

बालाघाट देश में अटल पेंशन योजना में पहले स्थान पर, 10 जिले टॉप पर

भोपाल  देश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित पेंशन राशि प्रदान करने के लिए अटल पेंशन योजना चलाई जा रही है। योजना में अधिक से अधिक असंगठित क्षेत्र के लोगों को जोड़ने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा इस वर्ष 1 मई से 15 जुलाई 2025 तक पूरे देश में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में नए लोगों को जोड़ने और उनका पंजीयन कराने में मध्यप्रदेश के 10 जिलों ने देश के टॉप टेन जिलों में स्थान बनाया है। इसमें बालाघाट जिले ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य के साथ ही बालाघाट के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। इस अभियान का फाइनल स्कोर पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण के द्वारा 18 जुलाई को जारी किया गया। इस अभियान में बालाघाट जिले ने 2992 लक्ष्य के विरूद्ध 12 हजार 507 लोगों को अटल पेंशन योजना से जोड़कर 418 प्रतिशत उपलब्धि हासिल किया है। श्योपुर जिले ने 836 के विरूद्ध 2538 लोगों को जोड़कर 304 प्रतिशत उपलब्धि के साथ दूसरे, अलीराजपुर जिले ने 880 के विरूद्ध 1705 लोगों को जोड़कर 194 प्रतिशत उपलब्धि के साथ तीसरे, उज्जैन जिले ने 5676 के विरूद्ध 10813 लोगों को जोड़कर 191 प्रतिशत उपलब्धि के साथ चौथे, अनूपपुर जिले ने 1342 के विरूद्ध 2542 लोगों को जोड़कर 189 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पांचवे, उमरिया जिले ने 990 के विरूद्ध 1819 लोगों को जोड़कर 184 प्रतिशत उपलब्धि के साथ छटवें, छिंदवाड़ा जिले ने 4994 के विरूद्ध 9148 लोगों को जोड़कर 183 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सातवें, डिंडोरी जिले ने 946 के विरूद्ध 1720 लोगों को जोड़कर 182 प्रतिशत उपलब्धि के साथ आठवें, शहडोल जिले ने 1936 के विरूद्ध 3445 लोगों को जोड़कर 178 प्रतिशत उपलब्धि के साथ नौवें और दमोह जिले ने 1870 के विरूद्ध 3314 लोगों को जोड़कर 177 प्रतिशत उपलब्धि के साथ देश में दसवां स्थान हासिल किया है। अभियान के अंतर्गत अटल पेंशन योजना में अधिक से अधिक लोगों के नाम जोड़ने मे देश में प्रथम 10 स्थान पर रहे इन जिलों को अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया जाएगा। बालाघाट जिले में कलेक्टर मृणाल मीणा के नेतृत्व एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक सराफ के साथ समन्वय कर इस योजना में लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव कुमार ने इस संबंध में बताया कि सम्पूर्ण देश में अटल पेंशन योजना में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। बालाघाट जिले में अभियान के बाद भी जिले में पात्र लोगों को इस योजना से जोड़ने का काम निरंतर जारी रहेगा और 50 हजार के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए तैयार की गई है। यह योजना उन लोगों को पेंशन प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जो रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित रहना चाहते हैं। इसके लिए 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक, जो असंगठित क्षेत्र के कामगार जैसे दिहाड़ी मजदूर, छोटे व्यापारी, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, किसान, आदि पात्र हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का किसी बैंक या डाकघर में बचत खाता होना चाहिए, जो आधार से लिंक हो। इस योजना का लाभ उन लोगों को दिया जाता है जो आयकर दाता नहीं हैं। इसी के साथ आवेदक को किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना जैसे एनपीएस, ईपीएस का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। यह योजना 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन प्रदान करती है, जो 60 वर्ष की आयु के बाद मिलती है।