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ODI स्क्वॉड का ऐलान, लेकिन वर्ल्ड कप चैंपियन खिलाड़ी को नहीं मिली जगह; फैसले पर उठे सवाल

सिडनी  क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। जोश इंग्लिस पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश दौरे पर भी ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान रहेंगे, क्योंकि मिचेल मार्श अभी भी चोट से परेशान है। मार्श टखने की चोट के कारण समय पर ठीक नहीं हो पाए, लेकिन वे T20I की तैयारी के लिए ढाका में ग्रुप के साथ जुड़ेंगे। वहीं वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहें ट्रैविस हेड को पहले बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी20 टीम के लिए चुना गया था, मगर नेशनल सिलेक्टर टोनी डोडेमेड के अनुसार उन्हें दोनों सीरीज के लिए पर्सनल लीव दे दी गई है। ओलिवर पीक और मैट शॉर्ट को बांग्लादेश ODI के लिए रखा गया है, जिन्हें पहले सिर्फ पाकिस्तान ODI के लिए चुना गया था। टॉड मर्फी को भी शामिल किया गया है। वह तनवीर संघा की जगह लेंगे, जो लेग स्पिनर हैं, उन्हें लाहौर में दूसरे ODI के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई थी। बेन ड्वारशुइस और जेवियर बार्टलेट भी टीम में शामिल हुए हैं, जो राइली मेरेडिथ और बिली स्टैनलेक की जगह लेंगे। मेरेडिथ T20I में वापसी करेंगे। मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड के पहले से ही बाहर होने से, ODI टीम में हमेशा की तरह अनुभव की कमी है, लेकिन इंग्लिस को उम्मीद है कि इससे नए सदस्यों के लिए मौके बनेंगे। पीक और शॉर्ट, दोनों को शुरू में सिर्फ पाकिस्तान ODIs के लिए चुना गया था, अब मार्श और हेड की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश की राजधानी में होने वाले तीन ODIs के लिए दोनों ही रहेंगे। शॉर्ट ने पाकिस्तान में बल्ले (पहले ODI में अर्धशतक) और गेंद (आखिरी दो ODIs में अपनी ऑफ़-स्पिन से चार विकेट) दोनों से प्रभावित करने के बाद अपनी जगह बनाए रखी है। फिर भी, ऑस्ट्रेलिया के दो सबसे सीनियर ODI बल्लेबाज़ों की गैरमौजूदगी का सबसे ज़्यादा फ़ायदा पीक को हो सकता है। 19 साल के पूर्व U19 वर्ल्ड कप कप्तान को लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया के हाल के सबसे होनहार बल्लेबाज़ों में से एक माना जाता था, लेकिन पाकिस्तान में उनका इंटरनेशनल डेब्यू ज़्यादातर उम्मीदों से ज़्यादा तेजी से हुआ। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच पहला वनडे मंगलवार 9 जून को ढाका में खेला जाएगा। इसके बाद के मैच 11 और 14 तारीख को उसी जगह पर खेले जाएंगे। T20Is 17 जून से शुरू होंगे। बांग्लादेश ODIs के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम जोश इंग्लिस (कप्तान), ज़ेवियर बार्टलेट, एलेक्स कैरी, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, मैथ्यू कुहनेमन, मार्नस लाबुशेन, टॉड मर्फी, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, लियाम स्कॉट, मैट शॉर्ट, एडम जैंपा बांग्लादेश T20Is के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम मिशेल मार्श (कप्तान), ज़ेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, एरॉन हार्डी, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, मैथ्यू कुहनेमन, रिले मेरेडिथ, जोश फिलिप, मैथ्यू रेनशॉ, एडम ज़म्पा

चोट और थकान से टूटा करियर, ‘अब नहीं खेल पाऊंगा’ कहकर ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने क्रिकेट को कहा अलविदा

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की टीम के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने महज 34 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। केन रिचर्डसन टी20 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। 2021 में ऑस्ट्रेलिया ने टी20 विश्व कप जीता था और टीम में केन रिचर्डसन भी शामिल थे। केन रिचर्डसन ने 61 इंटरनेशनल मैच ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले हैं, जिनमें 25 वनडे इंटरनेशनल और 36 T20 इंटरनेशनल मैच शामिल हैं।   केन रिचर्डसन ने 2008-09 के सीजन में लिस्ट ए क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2013 में उनको ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार वनडे इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला। रिचर्डसन का बिग बैश लीग यानी बीबीएल करियर भी शानदार रहा है। वह उन कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में से शामिल हैं जो टूर्नामेंट का हर एक एडिशन खेले हैं। उन्होंने 2017-18 में मेलबर्न रेनेगेड्स में जाने से पहले एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ छह सीजन खेले। 2025-26 एडिशन वह सिडनी सिक्सर्स के लिए खेले, लेकिन इससे पहले आठ सीजन तक उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए बीबीएल खेला। रिचर्डसन के नाम 142 विकेट बीबीएल में हैं और वह इस कॉम्पिटिशन के पांचवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। रिचर्डसन ने रिटायरमेंट को लेकर दिए बयान में कहा, “2009 में डेब्यू करने से लेकर अब तक, मुझे लगता है कि मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया है और अब अपनी जिंदगी के इतने मज़ेदार हिस्से को खत्म करने का यह सही समय है।” एक तरह से उन्होंने कहा है कि उम्र उनकी भले ही 34 है, लेकिन उनका शरीर साथ नहीं दे रहा है। एक तेज गेंदबाज के लिए इस उम्र में गेंदबाजी करना कठिन है। उन्होंने आगे अपने पोस्ट में लिखा, "मैं खुशकिस्मत रहा हूं कि मुझे अपने देश के साथ-साथ दुनिया भर की कई फ्रेंचाइजी टीमों और ऑस्ट्रेलिया में भी खेलने का मौका मिला। मैंने इस मौके को कभी हल्के में नहीं लिया और मुझे उम्मीद है कि देखने वाले लोग जानते होंगे कि जब मैं डार्विन में बच्चा था, तब से ही मैंने क्रिकेटर बनने का सपना देखा था।" उन्होंने अपने फैंस, वाइफ और बच्चे समेत स्पॉन्सर्स को धन्यवाद कहा, जो उनके करियर में बड़ा सपोर्ट थे।  

बैजबॉल फेल! एशेज हार के बाद इंग्लिश टीम की कड़ी आलोचना, माइकल वॉन ने उठाए सवाल

 एडिलेड इंग्लिश टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट मैच में 82 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. एडिलेड टेस्ट में हार के साथ ही इंग्लैंड की टीम ने एशेज सीरीज गंवा दिय. इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया में एशेज जीतने का सूखा अब 15 साल तक पहुंच गया है और आलोचनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. एशेज सीरीज में महज 11 दिनों के अंदर हार झेलने पर इंग्लिश टीम के कप्तान बेन स्टोक्स और हेड कोच ब्रैंडन मैक्कुलम आलोचकों के निशाने पर हैं. बेन स्टोक्स और ब्रैंडन मैक्कुलम के अंडर इंग्लिश टीम अब तक ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है. जिस 'बैज़बॉल' रणनीति ने कमजोर टीमों के खिलाफ इंग्लैंड को सफलता दिलाई, वही दुनिया की शीर्ष दो टीमों के सामने पूरी तरह नाकाम साबित हुई. एशेज से पहले 'तैयारी की कमी' को लेकर पहले ही आलोचना झेल रही इंग्लैंड टीम पर अब दबाव और बढ़ गया है. इंग्लिश दिग्गज जेफ्री बॉयकॉट तो मैकुलम को हेड कोच पद से हटाने तक की मांग कर चुके हैं. अब पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इंग्लैंड की टीम पर जमकर हमला बोला है. माइकल वॉन ने अपने विश्लेषण में कहा कि इंग्लिश टीम पिछले तीन सालों से जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास यानी घमंड में थी और यही वजह है कि पूरी क्रिकेट दुनिया उसे चुप होते देखना चाहती थी. वॉन के मुताबिक यह दौरा इंग्लैंड के लिए पूरी तरह अपमानजनक रहा और इसमें कोई हैरानी नहीं कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उनकी इस खराब हालत पर हंस रहे हैं. तीन सालों से घमंड था: वॉन माइकल वॉन ने टेलीग्राफ में अपने कॉलम में लिखा, इस एशेज टूर पर इंग्लैंड टीम का पूरा अप्रोच बुरी तरह बेनकाब हो गया है.  11 दिनों में शर्मनाक पराजय के बाद  बड़े फैसले लिए जाते हैं. इतिहास गवाह है कि पहले भी कड़े निर्णय लिए गए. ऑस्ट्रेलिया में यह इंग्लैंड की सबसे खराब हारों में से एक है. तीन सालों से टीम में घमंड था और अब यह दौरा उनके लिए सबक बन गया है.' माइकल वॉन ने आगे लिखा, 'ऑस्ट्रेलियाई हंस रहे हैं. उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि इतनी क्वालिटी वाली टीम इतनी कमजोर कैसे दिखी. चार साल से यह बात फैलाई जा रही थी कि यह स्टाइल ऑस्ट्रेलिया में जीत दिलाएगा, लेकिन मुझे नहीं पता यह सोच कहां से आई. ऑस्ट्रेलिया में वही टीमें जीती हैं जो धैर्य से खेलती हैं, विरोधी को थकाती हैं और जिनके गेंदबाज अनुशासन के साथ गेंदबाजी करते हैं. हमारे पास इनमें से कुछ भी नहीं है.' 2005 में एशेज जीतने वाले माइकल वॉन ने साफ कहा कि भले ही सीरीज हाथ से निकल गई हो, लेकिन मेलबर्न और सिडनी में होने वाले आखिरी दो टेस्ट अब भी बेहद अहम हैं. उन्होंने संकेत दिए कि यह कुछ खिलाड़ियों का आखिरी इंटरनेशनल टूर हो सकता है, इसलिए उन्हें सम्मान के साथ प्रदर्शन करना चाहिए. माइकल वॉन ने लिखा, एशेज भले ही हाथ से निकल हो गई हो, लेकिन सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है. हर खिलाड़ी को यह साबित करने के लिए लड़ना चाहिए कि वह टीम के लिए बेकार नहीं है. कुछ खिलाड़ी जाएंगे, लेकिन कई ऐसे हैं जिन पर आगे निवेश किया जा सकता है. अगर चार साल बाद फिर पूरी नई टीम लेकर आएंगे, तो वही हाल दोबारा होगा. आखिरी दो मैचों से कुछ ना कुछ हासिल करना जरूरी है. ये डेड रबर नहीं हैं. इंग्लैंड ने यहां काफी समय से जीत दर्ज नहीं की है. यहां एक जीत भी बहुत बड़ी होती है. मैंने 2003 में इसे महसूस किया था, जिसने 2005 की जीत की नींव रखी.' ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का चौथा मुकाबला 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेला जाएगा. जबकि आखिरी मुकाबला 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में आयोजित होगा.