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जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि

रायपुर जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसे बस्तर जिले ने जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य पोर्टल द्वारा 11 मार्च 2026 तक जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार बस्तर जिला आयुष्मान भारत और वय वंदन कार्ड वितरण के मामले में प्रदेश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो गया है। कठिन रास्तों और भाषाई विविधताओं के बावजूद जिला प्रशासन की सक्रियता का ही परिणाम है कि आज बस्तर स्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में कई विकसित और शहरी जिलों को पीछे छोड़ते हुए सफलता की नई इबारत लिख रहा है यह प्रगति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की बस्तर में सुविधाओं के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि       बस्तर की इस अभूतपूर्व सफलता की पटकथा लिखने में जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारी के अधिकांश पदों पर महिलाओं की नियुक्ति है, जिन्होंने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से इस अभियान को जन-आंदोलन बना दिया है। इन महिला स्वास्थ्य अधिकारियों – कर्मचारियों ने हाट-बाजारों से लेकर सुदूर दुर्गम गाँवों तक पहुँचने की रणनीति अपनाई, जिससे भाषाई और भौगोलिक बाधाएं भी विकास की राह नहीं रोक सकीं। जिले में पदस्थ महिला शक्ति के सहयोग से हासिल हुई उपलब्धि     आयुष्मान भारत योजना के तहत शत-प्रतिशत कवरेज की दिशा में बढ़ते हुए बस्तर ने अब तक 98.2 प्रतिशत आबादी को सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया है। जिले के कुल निर्धारित 7,87,364 सदस्यों के लक्ष्य के मुकाबले 7,73,468 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो न केवल जिले की प्रशासनिक सजगता को दर्शाता है बल्कि राज्य के औसत 90.8 प्रतिशत से भी कहीं अधिक है। विशेष रूप से पारीवारिक कवरेज के मामले में तो बस्तर ने अपने लक्ष्य को पार करते हुए 116.4 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है, जो इस बात का प्रमाण है कि जिले का हर परिवार अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे में आ चुका है।        वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी वय वंदन कार्ड योजना में भी बस्तर का प्रदर्शन स्वर्णिम रहा है। जिले ने न केवल अपने लिए निर्धारित 13,640 कार्डों के संशोधित लक्ष्य को प्राप्त किया, बल्कि 103.8 प्रतिशत की शानदार प्रगति के साथ अब तक 14,156 कार्ड जारी किए हैं। वर्तमान में बस्तर इस श्रेणी में समूचे छत्तीसगढ़ में तीसरे स्थान पर काबिज है। पिछले सात दिनों के भीतर जिले में लगभग 300 से ज्यादा नए कार्ड जारी किए गए हैं, जो यह स्पष्ट करता है कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने का यह अभियान अभी भी पूरी ऊर्जा के साथ जारी है।

आयुष्मान कार्ड को लेकर सरकार का नया आदेश, इन श्रेणियों के लोगों को नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज

नई दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब नए आयुष्मान कार्ड आधार आधारित ई-केवाईसी के बाद ही जारी किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने इसके लिए बेनिफिशयरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (BIS-2.0) को लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत सभी लाभार्थियों की पहचान आधार ई-केवाईसी के माध्यम से अनिवार्य रूप से सत्यापित की जाएगी। नए सदस्य जोड़ने का विकल्प भी समाप्त इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड में नए सदस्य जोड़ने (एड मेंबर) का विकल्प भी समाप्त कर दिया गया है। अब केवल एसईसीसी-2011 के तहत शेष पात्र परिवारों में ही, निर्धारित नियमों के अनुसार नए सदस्यों को जोड़ा जा सकेगा। ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर से कार्डों की निगरानी स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि संदिग्ध आयुष्मान कार्डों की पहचान स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट पोर्टल (SAFU BIS) के माध्यम से की जा रही है। एनएचए द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर की मदद से ऐसे कार्डों की नियमित निगरानी की जाती है। कार्ड स्वतः चिन्हित हो जाते हैं इस तकनीक के जरिए संदिग्ध कार्ड स्वतः चिन्हित हो जाते हैं और तत्काल उन पर इलाज की सुविधा रोक दी जाती है। इसके बाद इन कार्डों की जांच ऑडिटर द्वारा कराई जाती है। जांच में सही पाए जाने वाले कार्डों को संदिग्ध श्रेणी से बाहर कर दिया जाता है। 61,932 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं अर्चना वर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक जारी किए गए आयुष्मान कार्डों में से 61,932 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं। इनकी जांच जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (FIO) द्वारा की जा रही है। अब तक 48,435 कार्डों का भौतिक सत्यापन कराया जा चुका है। सूची भेजकर जांच के निर्देश दिए गए उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों (डीएम), मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को संदिग्ध कार्डों की सूची भेजकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर उसे हटा दिया गया है।