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रामगंजमंडी स्टेशन पर बढ़ी सतर्कता: बाबा बागेश्वर कथा को लेकर विशेष रेलवे व्यवस्थाएं लागू

कोटा बाबा बागेश्वर जी की कथा आयोजन के दौरान 23 से 25 जनवरी के बीच रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कथा अवधि के दौरान स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही को सुव्यवस्थित रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के निर्धारित प्लेटफॉर्म में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा, ताकि यात्रियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। सौरभ जैन ने यह भी बताया कि यात्रियों को सही एवं समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित एवं स्पष्ट घोषणाएं की जाएंगी। साथ ही स्टेशन परिसर में प्रवेश एवं निकास के दौरान भीड़ के प्रवाह को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर तैनात टिकट जांच स्टाफ एवं रेलवे सुरक्षा बल के जवान यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा भीड़ को नियंत्रित एवं सुव्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्टेशन परिसर में भीड़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लिए जा सकें। स्टेशन परिसर में सुरक्षा, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, टिकट वेंडिंग मशीनों तथा बुकिंग खिड़कियों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं एवं नियमित यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दिवाली नसीहत पर तीखी टिप्पणी: बाबा बागेश्वर ने कहा— गलत लोगों के खिलाफ सख्ती जरूरी, बयान पर मिली आलोचना

छतरपुर दीवाली पर पटाखा चलाने की नसीहत देने वालों पर तीखा हमला करने के चलते मशहूर कवि डॉ कुमार विश्वास और बागेश्वर धाम के शास्त्री धीरेंद्र कृष्ण के बयान खूब चर्चाओं में हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने नसीहत देने वालों पर बरसते हुए कहा- "दोपक्षीय नियम लगाने की जो बात करते हैं, ऐसे लोगों के ऊपर हमें सुतली बम रखवाना है।" धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, एक साहब ने कहा कि पटाखों से प्रदूषण होता है। 1 जनवरी को इनका ज्ञान गायब हो जाता है। हैप्पी न्यू के नाम पर पूरी दुनिया में पटाखे होते हैं। तब प्रदूषण नहीं होता है, लेकिन दीवाली आती है तो प्रदूषण होता है। होली आती है तो पानी खराब होता है। बाबा बागेश्वर ने आगे कहा- "खून खराबा होता है तो ये लोग तब ऐसे स्टेटमेंट नहीं देते हैं। तब ये मांग नहीं करते। तब ये ऐसे कानून लगाने की बात नहीं करते। बाबा बागेश्वर ने हमलावर होते हुए कहा- ये दोपक्षीय नियम लगाने की जो बात करते हैं, ऐसे लोगों के ऊपर ही हमें सुतली बम रखवाना है। भैया हम दीवाली अच्छे से मनाएंगे। हमने सुतली बम खरीद लिया है।" चलते-चलते पढ़ते जाइए कि आखिर कुमार विश्वास ने ऐसा क्या कह दिया कि उनके बयान भी सुर्खियों में बने हुए हैं। कुमार विश्वास ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा- “तीन साल से यूक्रेन और रूस आपस में भिड़े हुए हैं। इतना गोला बारूद बर्बाद कर दिया। हमारा भी पाकिस्तान के बीच थोड़ा वॉर्म अप हुआ था।” विश्वास ने तंज कसते हुए कहा- “इतना गोला बारूद हुआ लेकिन ओजोन परत एकदम सुरक्षित रही। अभी दीवाली पर चार फुलझड़ी चलेंगी और ओजोन परत में इतना बड़ा वाला छेद हो जाएगा कि उसमें से बहुत सारे बुद्धजीवि ऊपर जाएंगे और नीचे आएंगे।”

बाबा बागेश्वर का नवरात्रि संदेश: इस बार लेना होगा बड़ा प्रण

छतरपुर  नवरात्र के पावन अवसर पर बाबा बागेश्वर ने भक्तों को एक खास संदेश दिया. बाबा ने कहा कि इस नवरात्र में हम सबको यह प्रण लेना चाहिए कि भारत में हो रहे लव जिहाद को रोकें. उनका कहना था कि सनातन धर्म की बेटियां सुरक्षित रहें, हमारी परंपराओं पर कोई आंच न आए, यही हमारी जिम्मेदारी है. बाबा बागेश्वर का संकल्प भक्तों की भीड़ बाबा के आसपास उमड़ पड़ी और उन्होंने ध्यानपूर्वक सुना. बाबा बागेश्वर ने भावुक होकर कहा, “हमारे देश की बेटियां हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं. उन्हें बचाना हम सबका कर्तव्य है. जब तक हम जागरूक नहीं होंगे, विदेशी ताकतें हमारी परंपराओं में सेंध लगाती रहेंगी.” इस मौके पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री भी उपस्थित थे. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “हे भगवती, इस नवरात्र में हम सब यह वचन ले रहे हैं कि लव जिहाद जैसी घटनाओं को हम पूरी ताकत से रोकेंगे. हमारा जीवन चाहे जैसा भी हो, वह सनातन धर्म की सेवा में समर्पित रहेगा.” धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू हज नहीं जाते, तो मुस्लिमों को गरबा में नहीं आना चाहिए गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में बवाल मचा हुआ है. छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सनातन हिंदू विचारधारा के लोग हज यात्रा में नहीं जाते हैं, तो मुस्लिमों को भी गरबा में नहीं आना चाहिए.  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आयोजिकों को सलाह दी है कि गरबा समारोह के मुख्य दरवाजे पर छिड़कने के लिए गोमूत्र रखना चाहिए. यह बात बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित धार्मिक स्थल बंबरबेनी माता के दर्शन करने के दौरान कही.  मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि गैर-हिंदुओं का भी नवरात्रि उत्सव और 'गरबा' नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने का स्वागत है, बशर्ते वे फिर से सनातन धर्म अपनाएं और माथे पर तिलक लगाने और आरती करने जैसे नियमों का पालन करें.   विधायक शर्मा ने कहा कि अगर मुसलमान या ईसाई फिर से देवी की पूजा करना चाहते हैं, तो उन्हें एक चम्मच गंगाजल पीने और तुलसी का पत्ता खाने पर हिंदू धर्म में स्वीकार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाकर गलती की है और वे फिर से हिंदू बनना चाहते हैं, तो वे अभी ऐसा कर सकते हैं क्योंकि "सभी का DNA हिंदू है". हालांकि, भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई गरबा स्थलों पर (प्रवेश पाने के लिए) छल करने की कोशिश करता पाया गया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. देवी दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की पूजा को समर्पित नवरात्रि उत्सव 22 सितंबर से शुरू हो चुका है. इस उत्सव के दौरान गुजरात का एक जीवंत नृत्य गरबा खेला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होते हैं. विश्व हिंदू परिषद  सहित कई हिंदूवादी संगठन ऐसे आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का विरोध करते रहे हैं ताकि 'लव जिहाद' के प्रयासों को रोका जा सके. बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता भक्तों ने बाबा के शब्दों को अपने दिल में जगह दी और कई लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि वे अपने आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि बेटियां सुरक्षित रहें और सनातन धर्म की परंपराएं मजबूती से बनी रहें. बाबा बागेश्वर ने कहा कि नवरात्र सिर्फ मां भगवती की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा समय है जब हम अपने जीवन में अच्छे संस्कार, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए संकल्प लें. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सही शिक्षा दें, समाज में जागरूकता फैलाएं और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. इस अवसर पर भक्तों ने मिलकर माता की आराधना की, मंत्र पढ़े और संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों को निभाने में पीछे नहीं हटेंगे. नवरात्र का यह पर्व अब केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देने वाला पर्व बन गया है.