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आश्रम का काला सच: बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से बरामद हुई आपत्तिजनक सामग्री

नई दिल्ली खुद को संत बताने वाले और यौन शोषण के आरोपों से घिरे बाबा चैतन्यानंद सरस्वती का सच अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। पुलिस की हालिया तलाशी में उनके आश्रम और संस्थान से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई हैं, जिनमें सेक्स टॉय, पांच पॉर्न वीडियो की सीडी और अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ उनकी फर्जी तस्वीरें शामिल हैं। पुलिस की तलाशी में मिला आपत्तिजनक सामान बुधवार को दिल्ली पुलिस की टीम बाबा को लेकर उनके इंस्टीट्यूट पहुंची और पूरे परिसर की फिर से तलाशी ली। इस दौरान, एक सेक्स टॉय,5 सीडी, जिनमें अश्लील वीडियो होने का शक,अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरून के साथ फर्जी तस्वीरें बरामद हुईं। इन फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल बाबा लोगों पर प्रभाव डालने और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “महत्वपूर्ण व्यक्ति” साबित करने के लिए करता था। फरारी के दौरान छिपने की कहानी  मामले में अगस्त में केस दर्ज होने के बाद बाबा करीब दो महीने तक फरार रहा। पुलिस जांच में सामने आया है कि फरारी के दौरान वह उत्तराखंड के बागेश्वर और अल्मोड़ा में ठहरा था। अब पुलिस वहां भी जाकर जांच कर रही है और स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटा रही है। लड़कियों से चैट और एयरहोस्टेस वाली तस्वीरें इससे पहले भी बाबा को लेकर कई चौंकाने वाले सबूत सामने आ चुके हैं। पुलिस की जांच में उनके मोबाइल फोन से कई युवतियों और छात्राओं के साथ अश्लील चैट, एयरहोस्टेस के साथ तस्वीरें, कई युवतियों की व्हाट्सएप डीपी (DP) के स्क्रीनशॉट्स बरामद हुए हैं। इन चैट्स में बाबा सीधे-सीधे सेक्स और शारीरिक संबंध को लेकर बातचीत करता था। कई मैसेज ऐसे मिले हैं जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया था। अब पुलिस इन्हें रिकवर करने की कोशिश कर रही है। सेक्स ट्रैफिकिंग से भी जुड़ा शक जांच में बाबा की चैट्स से यह भी खुलासा हुआ था कि वह संभवतः सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट से भी जुड़ा हुआ था। एक चैट में उसने अपनी एक छात्रा से कहा था कि “दुबई के शेख को पार्टनर चाहिए” और उसे किसी दोस्त या क्लासमेट को भेजने का दबाव बनाया था। पूछताछ में गोलमोल जवाब गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में बाबा लगातार गोलमोल जवाब देता रहा। वह केवल सख्ती करने पर ही कुछ सच बताता था, वरना जांच में सहयोग करने से बचता था। हालांकि, पुलिस हर दिन उसके पास से नए-नए राज और आपत्तिजनक सबूत निकाल रही है।  

PMO अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था बाबा चैतन्यानंद, दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में 17 छात्राओं से यौन शोषण करने के आरोपी स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को आज सुबह उत्तर प्रदेश के आगरा के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल बाबा को वसंत कुंज थाने में रखा गया है। पुलिस आज दोपहर बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। दिल्ली पुलिस ने बाबा के पास फर्जी विजिटिंग कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के टॉप सूत्रों ने बताया कि बाबा PMO के नाम पर किसी से कॉल करवाता था। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाबा चैतन्यानंद को आगरा में ढूंढ निकाला। वह बीते 2 महीनों के दौरान यूपी के करीब 13 अलग-अलग होटलों में रुक चुका है। वह 2 महीने से वृंदावन, मथुरा, आगरा के साथ उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में छुप रहा था। पुलिस को चैतन्यानंद सरस्वती के पास से तीन फोन और आई पैड भी बरामद किए गए हैं। इनमें वह मोबाइल फोन भी है, जिसमें बाबा छात्राओं के वीडियो और गर्ल्स हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस रखता था। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। पहला विजिटिंग कार्ड संयुक्त राष्ट्र का है, जिसके अनुसार, बाबा ने खुद को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत बताया है। दूसरे विजिटिंग कार्ड के अनुसार, बाबा ने खुद को ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया है। हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था बाबा डीसीपी (साउथ-वेस्ट) अमित गोयल ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया, ''हमने एक टीम बनाई थी और पिछले तीन दिनों से हम ​​चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसार्थी की तलाश में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। हमें कल रात आगरा के एक होटल से उसे पकड़ने में सफलता मिली। उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और दिल्ली लाया गया। आगे की जांच जारी रहेगी। हमने तीन मोबाइल फोन और एक आईपैड बरामद किया है, जिनकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही उसके पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनमें उसे ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत सरकार का अधिकारी बताया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था। वह ज्यादातर मथुरा, वृंदावन और आगरा में रहता था। चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार वह छात्राओं को देर रात उसके कमरे में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था। उस पर अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखने का भी आरोप है।