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तराना में दो गुटों के संघर्ष ने मचाई दहशत, सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद 25 दंगाइयों को गिरफ्तार, रासुका लगाई

तराना  तराना में बजरंग दल के नगर मंत्री सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा पर काबू पाने में पुलिस-प्रशासन को तीन दिन लग गए। शनिवार को हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने शांति बहाल होने का दावा किया। पुलिस के अनुसार अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही माहौल बिगाड़ने में शामिल आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है। 22 जनवरी गुरुवार रात से तराना में हालात बेकाबू हो गए थे। उपद्रवियों ने 12 बसें, 10 से अधिक कारें और कई बाइकें तोड़ दीं। एक दुकान, बस और आरामशीन टाल को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों पर जमकर पथराव हुआ। करीब 72 घंटे बाद शनिवार को स्थिति पूरी तरह शांत हुई। पुलिस ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बलराम जोशी मार्ग पर घरों में की गई तोड़फोड़ और पथराव को लेकर एक और एफआईआर दर्ज की गई है। स्थानीय निवासी शक्तिबाला जोशी की शिकायत पर छह से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि अन्य चिह्नित आरोपियों की तलाश जारी है। नुकसान व कामधंधा भी प्रभावित : तराना में उपद्रव की घटना से स्थानीय रहवासी दहशत में हैं। घरों पर पथराव हुआ और वाहन तोड़ दिए गए। पीड़ितों का कहना है कि दो गुटों की आपसी रंजिश में पूरा नगर सुलग उठा। करीब 12 बसों और 10 कारों में तोड़फोड़ से लाखों का नुकसान हुआ। बस मालिक खालिक शाह ने एक बस में आग लगने से चार लाख से अधिक के नुकसान की बात कही। तीन दिन बाद बाजार खुले, लेकिन रौनक गायब रही। शाम को हिंदुवादी संगठनों ने थाना पहुंचकर कार्रवाई पर सवाल उठाए। अब सौहार्द और शांति की अपील शहर काजी सफीउल्लाह ने नगर में शांति बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की। विधायक महेश परमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अमन-चैन और भाईचारे की बात कही। पूर्व भाजपा विधायक ताराचंद गोयल ने प्रशासन पर भरोसा जताया। तिलभांडेश्वर मंदिर के महंत मोहन भारती महाराज (जूना अखाड़ा) ने नगर की प्राचीन परंपरा शांति, सामंजस्य और सद्भाव से रहने की याद दिलाते हुए संयम बरतने की अपील की। बाजार खुल गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनके आपराधिक रिकाॅर्ड है और माहौल खराब करने में उनकी भूमिका सामने आई है। रासुका के तहत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। – प्रदीप शर्मा, एसपी 

तराना में बजरंग दल कार्यकर्ता की पिटाई पर भड़का तनाव, भीड़ ने की बसों और दुकानों में तोड़फोड़

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में एक हिंदूवादी नेता की पिटाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव किया और दुकानों के साथ ही वाहनों में भी तोड़फोड़ की. घटना उज्जैन जिले के तराना तहसील क्षेत्र की है. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि हालात नियंत्रण में है. जानकारी के मुताबिक उज्जैन के तराना निवासी बजरंग दल के सदस्य सोहेल ठाकुर पर गुरुवार की शाम 10 से 15 की संख्या में पहुंचे युवाओं ने हमला कर दिया. सोहन पर हमला करने वाले लोग दूसरे समुदाय के बताए जा रहे हैं. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठन के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और जमकर उत्पात मचाया. आक्रोशित लोगों ने बसों और अन्य वाहनों के साथ ही बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों में भी तोड़फोड़ की. तब तक दूसरे पक्ष के लोग भी मौके पर जुट गए और दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी एक्टिव हुआ और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने हालात नियंत्रण में होने का दावा करते हुए कहा है कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. तराना बस स्टैंड क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात शांतिपूर्ण हैं, लेकिन तनाव की स्थिति बनी हुई है. मामला हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता की पिटाई से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन सतर्क है. वहीं, घायल बजरंग दल कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर्स ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. उज्जैन जिला अस्पताल में सोहेल का उपचार चल रहा है. मारपीट की घटना में घायल बजरंग दल कार्यकर्ता का कहना है कि संघ कार्यालय के बाहर बैठा हुआ था, तभी 10-15 लड़के आए और लोहे की रॉड से सिर पर वार कर दिया. पीड़ित का दावा है कि सिर पर प्रहार से उसे चक्कर आ गया और वह बेहोश हो गया. सोहेल ठाकुर ने आगे कहा कि मुझ पर हमला देख मेरे भाई दौड़कर वहां पहुंचे, जिसके बाद लड़के वहां से भाग गए. इस हमले के पीछे लव जिहाद से जुड़े मामलों को वजह बताते हुए घायल ने कहा कि ये लोग अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं और बहुत समय से मुझे मारने की योजना बना रहे थे.

जबलपुर के मंदिरों में महिला दर्शनार्थियों के लिए एक नया ड्रेस कोड जारी

जबलपुर  महाकाल अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल ने जबलपुर के मंदिरों में महिला दर्शनार्थियों के लिए एक नया ड्रेस कोड जारी किया है. संगठन का कहना है कि मंदिरों में महिलाओं को पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर ही प्रवेश करना चाहिए.  इसके तहत जींस, टॉप, बरमूडा, मिनी स्कर्ट जैसे परिधानों में महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस दिशा में सक्रियता दिखाते हुए शहर के 50 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं. मंदिर में प्रवेश करने समय सिर ढकना अनिवार्य  इन पोस्टरों में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि जो महिलाएं भारतीय संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक वस्त्रों में नहीं आएंगी, उन्हें मंदिर परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बजरंग दल की ओर से जारी पोस्टरों में यह भी लिखा गया है कि महिलाओं और बालिकाओं को मंदिर में प्रवेश के समय सिर ढकना अनिवार्य होगा. इन दिशा-निर्देशों को मंदिरों के मुख्य द्वार और दीवारों पर चिपकाया गया है, जिससे हर दर्शनार्थी इसे देख सके. किन मंदिरों में लगाए पोस्टर? अब तक ये पोस्टर शहर के 30 से अधिक मंदिरों में लगाए जा चुके हैं. इनमें बगुला मुखी मंदिर, खाटू श्याम जी मंदिर सहित कई सिद्ध मंदिर शामिल हैं. बजरंग दल के अनुसार यह कदम महिलाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने और मंदिर की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. संगठन का कहना है कि मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि हमारी परंपराओं और संस्कृति के केंद्र होते हैं, जहां मर्यादा और अनुशासन का पालन जरूरी है. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का तर्क है कि भारतीय संस्कृति की रक्षा करना समाज के हर वर्ग का दायित्व है और महिलाएं इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं. उनका मानना है कि महिलाएं हमेशा से धर्म के कार्यों में अग्रणी रही हैं, इसलिए उन्हें मंदिरों में भी अपनी परंपरा के अनुरूप ही आना चाहिए. हालांकि, इस फरमान को लेकर समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा मान रहे हैं तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बता रहे हैं.