samacharsecretary.com

मानवता को निरोगी बनाने का एक मात्र साधन प्राकृतिक खेती ही है

भोपाल

उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सेमरिया क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोलई कुशवाहा का स्वतंत्रता आंदोलन में दिया गया योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बलिदान से प्ररेणा लेकर देश को आगे ले जाने में हम सभी को समवेत होना है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा के सेमरिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोलई कुशवाहा के जयंती समारोह में आयोजित कृषक सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने मोलई कुशवाहा की मूर्ति के सम्मुख पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आज सौभाग्यशाली दिन है, क्योंकि आज भगवान राम का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा है साथ ही इस क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  मोलई कुशवाहा की जयंती है और आज ही कृषक सम्मेलन में प्राकृतिक खेती को अपनाने का संकल्प लिया जा रहा है। स्वयं को एवं अपनी धरती माता को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक खेती आवश्यक है। किसान भाईयों को चाहिए कि वह उपलब्ध जमीन में से कुछ हिस्से में प्राकृतिक खेती करें। मानवता को निरोगी रखने का सही साधन प्राकृतिक खेती ही है। उन्होंने कुशवाहा समाज के लोगों से आह्वान किया कि वह प्राकृतिक खेती को अपनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें क्योंकि उनका कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में अग्रणी स्थान है। रीवा जिले के निवासी प्राकृतिक खेती को अपनाने में आगे आ रहे हैं। गौ माता धरती में जीती जागती देवी की स्वरूप हैं। इनके गोबर और गौमूत्र का उपयोग भगवान के पूजन में किया जाता है। गौ माता के गोबर से निर्मित खाद और कीटनाशक प्राकृतिक खेती के लिए लाभकारी है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने के लिए सभी को संकल्पित होने का आह्वान किया।  शुक्ल ने चौराहे में सम्राट अशोक की मूर्ति स्थापना किए जाने की बात भी कही।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक  केपी त्रिपाठी ने कहा कि आज का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोलई कुशवाहा के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रदेश में इस वर्ष कृषक कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। प्राकृतिक खेती का लाभ लेने और इसको बढ़ावा देने के लिए सेमरिया के लोग सबसे पहले आगे आए हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी इसे अपनाने का आह्वान किया। कोटा ग्राम में आयोजित कृषक सम्मेलन में स्थानीय जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here