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सुशासन तिहार 2026: बालोद के राहुद में जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हजारों हितग्राही, 1428 आवेदन निपटाए गए

रायपुर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम राहुद में गुरुवार को शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम पंचायत राहुद सहित राहुद कलस्टर में शामिल आसपास के 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।  इसके अंतर्गत गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, पूर्व विधायक वीरेन्द्र साहू, जनपद अध्यक्ष पुरूषोत्तम चंद्राकर, जनपद उपाध्यक्ष नीतेश मोंटी यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति सोेनेश्वर सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बॉक्स का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख पत्र का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र एवं केसीसी कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम राहुद में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1838 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 1428 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया।  शिविर को संबोधित करते हुए विधायक कुंवर सिंह निषाद ने विभिन्न विभाग के अधिकारियों को सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे सुशासन तिहार का आयोजन सार्थक हो सके। उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी देते हुए इसके रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। बालोद जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने आम नागरिकों को सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केेन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। सुशासन तिहार के दौरान शासन-प्रशासन के लोग आम जनता के बीच पहुँचकर इनके वास्तविक समस्याओं का पड़ताल कर रहे हैं।  शिविर में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में सभी विभाग के अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण भी सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। शिविर में आज ग्रामीण महिलाओं द्वारा नीर चेतना अभियान के अंतर्गत पानी के महत्व के संबंध में आम जनता को जानकारी प्रदान करने हेतु नुक्कड़ नाटक की भी प्रस्तुति दी।

ई-मेल से मिली बम धमकी: बालोद-बेमेतरा कोर्ट में हाई अलर्ट

बालोद/बेमेतरा छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट और विभिन्न जिला कोर्टों को लगातार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही है। इसी बीच आज बालोद कोर्ट और बेमेतरा जिला न्यायालय परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह धमकी ईमेल के जरिए मिली है। धमकी मिलने के बाद कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं पुलिस ने कोर्ट परिसर से सभी मजिस्ट्रेटों को सुरक्षित सर्किट हाउस लेकर पहुंची और सभी अधिवक्ताओं को भी बाहर निकाला गया है। फिलहाल, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बम स्क्वॉड की टीम जांच में जुट गई है। बता दें कि 25 फरवरी को छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। इसके अलावा, इससे पहले प्रदेश के अन्य जिलों जैसे राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के न्यायालयों को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, जांच में यह बात सिर्फ अफवाह निकली थी।

माहू के प्रकोप से बालोद जिले के खेत बर्बाद, किसान चिंतित

बालोद बालोद जिले के गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के किसान इन दिनों एक विकट आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ग्राम परसाडीह में लगभग एक हजार एकड़ में बोई गई धान की फसल में से करीब 500 एकड़ फसल माहू नामक बीमारी के प्रकोप से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। छोटे-बड़े सभी किसान इस अनपेक्षित आपदा से हताश हैं और अपनी तबाह हुई फसलों को देखकर फूट-फूट कर रो रहे हैं। किसानों की आंखों से आंसू ग्राम परसाडीह के किसान गोपाल साहू ने अपनी कर्ज और बर्बाद हुई फसल की व्यथा सुनाते हुए कहा कि वह छोटे किसान हैं और कर्ज लेकर खेती करते हैं। इस बार माहू बीमारी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कमाई का एकमात्र जरिया ही तबाह हो गया है। अपनी बर्बाद फसल के कारण वे सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक अन्य किसान, सामंत साहू, जिन्होंने 25 एकड़ में खेती की थी, बताया कि उनकी केवल 10 एकड़ फसल ही सुरक्षित बची है, जबकि 15 एकड़ पूरी तरह से नष्ट हो गई है। उन्होंने अपनी फसलों पर लगभग ₹1,00,000 की दवाइयों का छिड़काव भी किया, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। माहू के प्रकोप से खेत अब पूरी तरह बंजर हो गए हैं और किसानों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। इस विपदा से प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन के पास मुआवजे की मांग को लेकर आवेदन जमा किए हैं। किसानों की सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

राष्ट्रीय कीर्तिमान: बालोद में पिछले दो वर्षों से नहीं हुआ कोई बाल विवाह

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले ने राष्ट्रीय पटल पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह देश में पहला बाल विवाह मुक्त जिला बन गया है। ऐसा जिला प्रशासन के प्रयासों और आम जनता के सहयोग से संभव हो पाया है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को बाल विवाह मुक्त नामक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की थी जिसके तहत बालोद जिले ने यह उपलब्धि हासिल की। यहां जिले की सभी 436 ग्राम पंचायत और नव नगरीय निकायों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में बालोद जिले से एक भी बाल विवाह का मामले सामने नहीं आया है। बालोद एक राष्ट्रीय उदाहरण बनकर सामने आया है। विधिक प्रक्रिया और सत्यापन आपको बता दें कि सरकारी आंकड़ों के हिसाब से पिछले दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। राष्ट्रीय स्तर पर विधिक प्रक्रिया और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पूरे जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया। इस उपलब्धि के साथ बालोद ने पूरे देश के सामने एक मिसाल पेश की है। बालोद एक विकासशील जिला होने के साथ एक बेहतरीन उदाहरण बनता जा रहा है साक्षरता और समझदारी में भी। कलेक्टर ने कही ये बात बालोद जिले की इस उपलब्धि से प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों सहित आम जनता में खुशी है। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों व नगरीय निकायों के सहयोग के लिए आभार जताया। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार और प्रशासन के बेहतरीन सहयोग और आम जनता की जागरूकता से यह काम संभव हो पाया है सभी जिलेवासी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठे हमारे प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह का सपना बालोद, छत्तीसगढ़ या पूरे देश के लिए देखा है उसी दिशा में हमारा देश आगे बढ़ रहा है। यह गर्व की बात है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में बालोद ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।