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ईरान पर सख्त तेवर में Benjamin Netanyahu, बोले- ‘कई साल नहीं लगेंगे, जल्द होगा फैसला’

ईरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध कई साल नहीं चलेगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह युद्ध शनिवार को शुरू हुआ जब यूएस और इजरायल ने हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को मार गिराया गया। नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम हैनिटी में कहा, 'मैंने कहा था कि यह तेज और निर्णायक हो सकता है। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह कई साल नहीं चलेगा। यह कोई अनंत युद्ध नहीं है।' बेंजामिन नेतन्याहू ने क्षेत्रीय पिछले युद्धों से अलग इसे सीमित और निर्णायक बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू में युद्ध को चार से पांच सप्ताह का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे व्यापक और खुला युद्ध सही ठहरा रहे हैं। जंग तेजी से फैल रही है। इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह मिलिशिया पर फिर से हमले किए हैं, जबकि ईरान ने अमेरिकी आधार वाले खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं। ईरान ने बहरीन में अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया, जिसमें कई लक्ष्य नष्ट होने का दावा किया गया है। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले हुए, जिससे आग लगी। कैसे युद्ध का हो रहा विस्तार इजरायल ने तेहरान में ईरान की स्टेट ब्रॉडकास्टर IRIB परिसर पर हमला किया और लेबनान में हिजबुल्लाह ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अधिक सैनिक तैनात किए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान में 1,250 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए और 11 ईरानी जहाज नष्ट किए। इस संघर्ष में ईरान, इजरायल, लेबनान और अन्य देशों में सैकड़ों नागरिक मारे गए हैं। युद्ध के कारण क्षेत्रीय अराजकता फैल गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरने वाला विश्व का 5वां तेल व्यापार प्रभावित हुआ है, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। हजारों यात्री अभी तक फंसे दुबई सहित प्रमुख खाड़ी हवाई अड्डे चौथे दिन भी बंद हैं, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं। कई उड़ानें रद्द हो गईं और एशियाई एयरलाइंस के शेयर गिरे हैं। शिपिंग दरें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने बहरीन, इराक और जॉर्डन से गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करने का लक्ष्य बिना जमीनी सेना के हासिल किया जा सकता है, लेकिन ट्रंप किसी विकल्प को नहीं खारिज कर रहे। इजरायली अधिकारी ने कहा कि अभियान सप्ताहों तक चल सकता है, लेकिन जमीनी सेना ईरान में भेजना अभी मुश्लिकल लग रहा है।  

भारत की ‘धांसू’ मोटरसाइकिल का इजराइल में जलवा, मोदी-नेतन्याहू ने किया खास पोज

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) एक ऐसा इंडियन मोटरसाइकिल ब्रांड है जिसने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। चेन्नई की इस बाइक बनाने वाली कंपनी ने यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और साउथ एशिया के मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। हालांकि, कंपनी को अभी सेंट्रल एशिया और मिडिल ईस्ट के मार्केट में गहराई तक जाना बाकी है। येरुशलम (Jerusalem) में एक टेक एग्जीबिशन में रॉयल एनफील्ड ने गोअन क्लासिक 350 को शोकेस किया है। इस इवेंट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शामिल रहे।   इन दोनों प्रधानमंत्री ने इस मोटरसाइकिल के साथ फोटो खिंचवाने का फैसला किया। PM मोदी इजराइल के दो दिन के दौरे पर हैं, क्योंकि दोनों देश ट्रेड के साथ-साथ कल्चर के मामले में भी रिश्ते बढ़ाने के तरीके ढूंढ रहे हैं। चलिए रॉयल एनफील्ड गोअन क्लासिक 350 के बारे में डिटेल से जानते हैं। रॉयल एनफील्ड गोअन क्लासिक 350 रॉयल एनफील्ड गोअन क्लासिक 350, क्लासिक 350 का बॉबर-स्टाइल लाइफस्टाइल वर्जन है, जिसमें इसके कोर पार्ट्स शेयर किए गए हैं। इसकी खासियतों में टियरड्रॉप शेप का फ्यूल टैंक, कर्व्ड फेंडर, एक फ्लोटिंग सीट और सबसे जरूरी, लंबे एप-हैंगर हैंडलबार शामिल हैं। बाइक में 349 cc, सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन है जो 20.2 bhp और 27 Nm का पीक टॉर्क देता है। इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। गोअन क्लासिक 350 एक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनी है जिसे टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क और डुअल शॉक एब्जॉर्बर से सस्पेंड किया गया है। बाइक में 19-इंच के फ्रंट और 16-इंच के रियर वायर-स्पोक व्हील हैं जिनमें ट्यूबलेस टायर हैं। ब्रेकिंग का काम 300 mm के फ्रंट और 270 mm के रियर डिस्क ब्रेक करते हैं, जिन्हें डुअल-चैनल ABS से मदद मिलती है। इसमें LED लाइट, ट्रिपर नेविगेशन और गियर पोजीशन इंडिकेटर लगे हैं। अभी किन मार्केट में एक्सपोर्ट हो रही भारत के साथ-साथ, गोअन क्लासिक को यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और नॉर्थ अमेरिका जैसे विदेशी मार्केट में भी भेजा जाता है। यह बाइक एक खास पेशकश है जो खास तौर पर डेवलप्ड मार्केट को टारगेट करती है और रॉयल एनफील्ड की बड़ी ग्लोबल स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक गोअन क्लासिक की सेल्स या एक्सपोर्ट के सही आंकड़े नहीं बताए हैं। एनफील्ड अभी दुनिया भर के 80 देशों में काम करती है। रॉयल एनफील्ड की इलेक्ट्रिक बाइक रॉयल एनफील्ड की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल का इंतजार सभी को है। कई बार टेस्टिंग के दौरान की फोटोज भी सामने आ चुकी है। साथ ही, कंपनी भी इसे शोकेस कर चुकी है। अब लग रहा है कि ये इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। दरअसल, ये इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल अब प्रोडक्शन के करीब आती दिख रही है। आने वाली फ्लाइंग फ्ली (FF C6) को अब चेन्नई में बिना किसी कवर के टेस्टिंग करते हुए देखा गया है, जिससे अब तक की सबसे साफ झलक मिलती है कि भारत के लिए ब्रांड की पहली EV क्या हो सकती है। साथ ही, ये नई झलक इस बात का इशारा है कि लॉन्च की तैयारियां एडवांस स्टेज में हैं।

नेतन्याहू ने कसम खाई, फिलिस्तीन को अलग राष्ट्र बनने से रोका जाएगा

तेल अवीव गाजा में युद्धविराम के बाद अब अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिलिस्तीन राष्ट्र को लेकर अपना प्रस्ताव पेश करने जा रहा है। इसपर वोटिंग से पहले ही इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने कसम खा ली है कि वह किसी भी कीमत पर फिलिस्तीन राष्ट्र का समर्थन नहीं करने वाले हैं। नेतन्याहू लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि फलस्तीनी राष्ट्र बनाने से हमास को लाभ होगा और इजराइल की सीमाओं पर अंततः हमास द्वारा संचालित एक और भी बड़ा राष्ट्र बनेगा। हालांकि, गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की अमेरिका की कोशिशों के बीच नेतन्याहू को लचीलापन दिखाने के लिए भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा परिषद द्वारा अमेरिका के प्रस्ताव पर मतदान किए जाने की संभावना है, जिसके तहत रूस, चीन और कुछ अरब देशों के विरोध के बावजूद गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की स्थापना की जाएगी। हमास और फलस्तीनी गुटों ने रविवार को अमेरिकी प्रस्ताव के खिलाफ चेतावनी दी और इसे गाजा पर एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय शासनादेश थोपने का प्रयास बताया जो इजराइल के प्रति पक्षपाती है और फलस्तीनियों को अपने मामलों का प्रबंधन करने के अधिकार से वंचित करता है। इन गुटों ने एक बयान में कहा कि इस बल में इजराइल शामिल नहीं होना चाहिए और यह सीधे संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में होना चाहिए। बयान में अमेरिकी प्रस्ताव में गाजा को निरस्त्र करने के हर संदर्भ को खारिज कर दिया गया। नेतन्याहू ने रविवार को इस प्रस्ताव का उल्लेख किया जिसमें गाजा को सेना से मुक्त करने और हमास को निरस्त्र करने का आह्वान किया गया है। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल से कहा, ‘‘यह या तो आसान तरीके से होगा, या कठिन तरीके से।’’ नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के प्रति इजराइल के विरोध में ‘‘जरा भी बदलाव नहीं आया है’’ और उसे बाहरी या आंतरिक दबाव से बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी की पुष्टि, किसी के ट्वीट या किसी के भाषण की जरूरत नहीं है।’