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CM भगवंत मान ने 508 नए वाहनों को हरी झंडी दी, ‘डायल 112’ सेवा में तेज़ी से मिलेगा मदद

संगरूर पंजाब की कानून व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान, CM मान ने 508 हाई-टेक इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 'डायल 112' सेवा के तहत तैनात होने वाले ये वाहन न केवल पुलिस के रिस्पांस टाइम को कम करेंगे, बल्कि राज्य के हर कोने में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 327 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड किया है। आधुनिक तकनीक से लैस इन वाहनों से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्होंने वादा किया था कि पंजाब पुलिस को देश की बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया जाएगा। इसी संकल्प के तहत पुलिस को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई गाड़ियों के शामिल होने से न केवल अपराध पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। इन क्विक रिस्पांस वाहनों के माध्यम से पंजाब पुलिस राज्यभर में अधिक प्रभावी व समयबद्ध सेवा देने के लिए तैयार है। 1. संगरूर से शुरुआत: पंजाब पुलिस को मिली डिजिटल ताकत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन वाहनों को पंजाब की जनता के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करते हुए उन्होंने कहा कि इन 508 वाहनों के शामिल होने से पुलिस बल की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। ये सभी वाहन जीपीएस और अत्याधुनिक संचार प्रणालियों से लैस हैं, जो इन्हें एक "चलते-फिरते कंट्रोल रूम" के रूप में स्थापित करते हैं। 2. 'डायल 112' सेवा होगी और भी तेज अब पंजाब के किसी भी जिले में विषम परिस्थिति होने पर जैसे ही कोई नागरिक 112 नंबर डायल करेगा, पुलिस पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से मौके पर पहुँचेगी। त्वरित सहायता: हाई-टेक लोकेशन ट्रैकिंग से नजदीकी वाहन तुरंत सक्रिय होगा। अपराध पर अंकुश: त्वरित रिस्पांस से अनहोनी या आपराधिक घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा। जनता को सीधा लाभ: दूर-दराज के इलाकों में भी अब पुलिस की पहुँच मिनटों में सुनिश्चित होगी। 3. हाई-टेक फीचर्स से लैस हैं नए वाहन शासन स्तर से जारी किए गए ये 508 वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नमूना हैं। इनमें: रियल-टाइम डेटा सिंकिंग की सुविधा। एडवांस वायरलेस सेट और इमरजेंसी लाइट सिस्टम। सुरक्षा उपकरणों का पूरा किट मौजूद है, जो पुलिसकर्मियों को फील्ड में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। 4. कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता CM भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाना है। इन नए वाहनों की तैनाती पंजाब के सभी जिलों में समान रूप से की जाएगी। इससे न केवल शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के बीच सुरक्षा की भावना प्रबल होगी।

पंजाब बनेगा संकटमोचक, देशभर में भेजेगा अनाज, सीएम का दावा- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

चंडीगढ़  वैश्विक हालात और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पबड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आएगा और राज्य के गोदामों में पड़ा गेहूं-चावल देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार जरूरत पड़े तो स्पेशल ट्रेनें चलाए। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, पंजाब ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के पास पर्याप्त अनाज भंडार है और इसे तुरंत उठाया जाए ताकि नई फसल की खरीद में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास करीब 171 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक मौजूद है, जिसे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देशभर में भेजा जा सकता है। सीएम ने जोर देकर कहा कि स्पेशल ट्रेनों के जरिए तेजी से उठान जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचेगी। पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज किया सीएम मान ने पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कमी नहीं है। फिलहाल पंजाब में 12 दिन का पेट्रोल, 14 दिन का डीजल और 6 दिन का एलपीजी स्टाक उपलब्ध है, जो सामान्य जरूरतों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर घरों में ईंधन स्टोर न करें, यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि घटाने की मांग केंद्र से की गई है। साथ ही उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगाने और सप्लाई चेन को सुचारू रखने की बात भी रखी गई। सीएम ने कहा कि पंजाब एक बार्डर स्टेट है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर संसाधन मिलना चाहिए। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की पैनिक स्थिति नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि अपुष्ट खबरों से बचा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिमांड (पंजाब की प्रमुख मांगें)     स्पेशल ट्रेनों से तुरंत अनाज उठान     पेट्रोलियम सप्लाई बाधित न हो, केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल करे     गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि कम हो     बार्डर स्टेट होने के कारण पंजाब को प्राथमिकता     उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगे सप्लाई व स्टाक     पेट्रोल: 12 दिन का स्टॉक     डीजल: 14 दिन का स्टॉक     एलपीजी: 6 दिन का स्टॉक     गेहूं: 171 लाख मीट्रिक टन     चावल: 139 लाख मीट्रिक टन     कवरड स्टोरेज क्षमता: 155 लाख मीट्रिक टन     27 मार्च तक 1497 चेकिंग, 301 LPG सिलेंडर जब्त  

लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी, पंजाब के CM भगवंत मान के आदेश पर हुआ एक्शन

चंडीगढ़ पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर फतेहगढ़ पुलिस ने यह कार्रवाई की. भंडारण निगम के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के सिलसिले में पुलिस ने लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ मामला दर्ज किया था।  अमृतसर में पंजाब राज्य भंडारण निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।  इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस थाने में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर शनिवार रात दर्ज किया गया।  लालजीत सिंह भुल्लर ने 21 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से पद छोड़ने को कहा था. रंधावा को वीडियो में यह कहते सुना गया, ‘खा लयी सल्फास तुहाडे यार ने. मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों. हुण नहीं मैं बचना (तुम्हारे यार ने सल्फास खा लिया है, मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से. अब मैं नहीं बचूंगा) . तरनतारन जिले के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताया. इससे पहले मान ने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच करने का निर्देश दिया है और भुल्लर से पद छोड़ने को कहा है ताकि निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके।  मान ने कहा था कि इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भुल्लर के परिवहन एवं जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंपे जाएंगे. वीडियो के ऑनलाइन सामने आने के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि भुल्लर अपने पिता को एक गोदाम का ठेका आवंटित करने के लिए रंधावा पर दबाव डाल रहे थे।  भुल्लर पर रंधावा का एक वीडियो बनाने और उन्हें किसी दूसरे पक्ष से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात स्वीकार करने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया गया है. एक आरोप में कहा गया कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के स्थान पर बुलाया गया जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया। 

भगवंत मान सरकार की पहल, मेडिकल शिक्षा में विस्तार और दूसरे संस्थान की घोषणा: डॉ. बलबीर सिंह

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज कपूरथला में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की। यह इस महीने घोषित किया जाने वाला दूसरा ऐसा संस्थान है, इससे पहले होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का ऐलान किया गया था। श्री गुरु नानक देव जी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के रूप में यह नई सुविधा कपूरथला के मौजूदा जिला अस्पताल परिसर में स्थापित की जाएगी। आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “टेंडरिंग प्रक्रिया सहित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और कार्यकारी एजेंसियों को काम के आदेश जारी कर दिए गए हैं। निर्माण कार्य 25 मार्च, 2026 से शुरू कर दिया जाएगा और मार्च 2028 तक 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।” उन्होंने आगे बताया, “275 करोड़ रुपये की कुल लागत से स्थापित किए जाने वाले इस प्रोजेक्ट में 300 बिस्तरों वाला अस्पताल और एक मेडिकल कॉलेज शामिल होगा, जिसमें हर साल एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी। इससे न केवल राज्य की मेडिकल शिक्षा क्षमता बढ़ेगी बल्कि पंजाब के विद्यार्थियों को महंगी मेडिकल पढ़ाई के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” इस पहल के सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा, “एक बार शुरू होने के बाद यह संस्थान न सिर्फ 100 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि करेगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक सेकेंडरी और टर्शियरी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करेगा। यह संस्थान रोजगार का एक बड़ा स्रोत बनेगा, जिससे 1000 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर लाभ होगा और कई लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।” स्वास्थ्य क्षेत्र में अन्य उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए सुल्तानपुर लोधी के सरकारी अस्पताल को शहरी केंद्र के रूप में अपग्रेड किया जाएगा और बेगोवाल के सरकारी अस्पताल को ग्रामीण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों को कपूरथला के नए मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा।” लगभग 5 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में छह बड़े ऑपरेशन थिएटर, 500 क्षमता वाला ऑडिटोरियम, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं, एक केंद्रीय प्रयोगशाला, एक ब्लड बैंक और कौशल प्रयोगशालाओं व संग्रहालयों से सुसज्जित आधुनिक शैक्षणिक विभाग शामिल होंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल, पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के चेयरमैन गुरशरण सिंह छीना और पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अमित तलवार भी उपस्थित थे।

महिला सशक्तिकरण पर जोर: पंजाब सरकार की नई योजनाएं, आरक्षण से लेकर आर्थिक मदद तक

चंडीगढ़ पंजाब के गौरवशाली विकास के सफर में महिलाओं की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई हैं। CM मान ने गुरुवार को प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज में महिलाओं के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा है कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण शिक्षा, उचित प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसरों के माध्यम से ही संभव है। जमीनी स्तर पर अपने कौशल से सफल हुई महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के लिए आज मोहाली में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘आप’ सरकार की पहलों, नौकरियों में आरक्षण और वित्तीय सहायता सहित व्यापक आजीविका कार्यक्रमों की जानकारी दी और महिलाओं से निर्णय लेने वाले पदों तक पहुंचने और राज्य के भविष्य को संवारने की अपील की। महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि लड़कियां आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं। यह देश के लिए लाभदायक है क्योंकि घर और परिवार को बेहतर तरीके से संभालने वाली महिलाएं देश की व्यवस्था को भी बेहतर ढंग से चला सकती हैं। राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।” वहीं राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, “लड़कियों को आगे आकर राजनीति में कदम रखना चाहिए ताकि वे निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बन सकें और समाज में जरूरी बदलाव ला सकें। आज लड़कियां लगभग हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं, लेकिन राजनीति में अभी भी पीछे हैं। इस क्षेत्र को लंबे समय से पुरुषों का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाएं यहां भी अपनी पहचान बनाएं। समानता पर आधारित समाज और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे और उनके परिवार अपने वोट का इस्तेमाल पूरी समझदारी और जिम्मेदारी से करें, ताकि विधानसभा और संसद के लिए योग्य नेताओं का चयन हो सके।” राज्य के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “यह पंजाब को प्रगतिशील और समृद्ध राज्य बनाने में मदद करेगा। यह गर्व की बात है कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। ‘आप’ सरकार ने कई महिलाओं को डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी के पदों पर नियुक्त किया है, जो एक बड़ा बदलाव है। किसी भी सरकार की तुलना में ‘आप’ द्वारा इन पदों पर सबसे अधिक महिलाओं को नियुक्त किया गया है।” महिलाओं को प्रेरित करने के लिए वैश्विक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “चीन में हर महिला किसी न किसी उत्पादन कार्य में लगी हुई है। यदि वे निर्यात करना बंद कर दें, तो विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो जाएगी। पंजाबी महिलाओं को माता गुजरी जी, माई भागो और अन्य महान हस्तियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचाइयों को छूना चाहिए। हमारी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, ताकि पूरे राज्य में विशेष रूप से लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। शिक्षा कमजोर वर्गों के जीवन में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन पिछली सरकारों द्वारा इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी या सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती। शिक्षा ही इस चक्र को तोड़ने और जीवन स्तर को बेहतर बनाने का एकमात्र तरीका है, और इसी कारण हमारी सरकार इसे मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रही है। महिलाओं को कड़ी मेहनत करनी चाहिए और हर क्षेत्र में समर्पण के साथ उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए। सरकार की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है, लेकिन समय के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए नए कौशल सीखना और खुद को लगातार अपडेट करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा, “आज पंजाब की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अपनी पहचान बनाई है। महिला उद्यमियों को हमेशा अवसर मिलने चाहिए और हम उन्हें सम्मानित करके गर्व महसूस कर रहे हैं। किसी भी समाज का विकास महिलाओं के योगदान के बिना अधूरा है।” सांस्कृतिक और दार्शनिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख सिद्धांतों में महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान दिया गया है। आज पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) के तहत 23 जिलों की 100 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जा रहा है। प्रत्येक को 25,000 रुपये, एक प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। इससे पहले 117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, “जिला स्तर पर 23 जिलों में 2,300 महिलाओं को सम्मानित किया गया। कुल 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 5.89 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े हैं और इन्हें मजबूत करने के लिए 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।” हर महीने मिलेंगे 1000 रुपए उद्यमिता के क्षेत्र में पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहल स्टार्टअप प्रोजेक्ट के तहत 2,000 से अधिक स्टार्टअप शुरू किए गए हैं, जिससे 7,560 लोगों को रोजगार मिला है और यह आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम है। इसके अलावा 19 जिलों में सखी शक्ति मेले आयोजित किए गए हैं, जिनसे महिलाओं को एक करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है।

सीएम भगवंत मान ने किया खुलासा, पंजाब में नहर सिंचाई 78 प्रतिशत तक पहुंची

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने चार साल में मौसमी नदियों से 10,000 क्यूसेक पानी निकालकर और खराब हो रहे नहर नेटवर्क को फिर से चालू करके खेतों तक भाखड़ा नहर के बराबर पानी की सप्लाई सुनिश्चित की है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि नहर सिंचाई का दायरा 2022 में 26.50 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है। इसके तहत 22 किलोमीटर लंबी सरहाली नहर जैसी लंबे समय से बंद पड़ी नहरों को फिर से चालू किया गया है। फिरोजपुर-सिरहिंद फीडर के जरिए 24 घंटे पानी की सप्लाई सुनिश्चित की गई है, और आजादी के बाद पहली बार 1,446 गांवों तक नहर का पानी पहुंचा है। मुख्यमंत्री मान ने यहां मीडिया के समक्ष पिछले चार वर्षों में सिंचाई क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। सीएम ने कहा, "अप्रैल 2022 से अब तक नहरों की लाइनिंग, मरम्मत, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर 6,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे ज्‍यादा खर्च है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में नहर सिंचाई की कुल क्षमता लगभग 75.90 लाख एकड़ है, लेकिन मार्च 2022 तक, केवल 20.89 लाख एकड़ जमीन तक ही नहर का पानी पहुंच रहा था, जो कुल क्षमता का महज 26.5 प्रतिशत था। सीएम मान ने कहा, "आज हमने इस दायरे को बढ़ाकर लगभग 58 लाख एकड़ तक पहुंचा दिया है, जिससे नहर के पानी का इस्तेमाल लगभग 78 प्रतिशत तक हो गया है। यह पहले के आंकड़े का लगभग तीन गुना है।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने राज्य में उपलब्ध नहर के पानी का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्तेमाल सुनिश्चित किया है। उन्होंने जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, "हमने लगभग 13,000 किलोमीटर नहरों के निर्माण और जीर्णोद्धार पर लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिसके कारण नहरों का पानी अब 58 लाख एकड़ भूमि तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही, लगभग 7,000 जलमार्गों का जीर्णोद्धार किया गया है।" उन्होंने आगे कहा, "कुल 15,539 नहरों की सफाई की गई है और 18,349 जलमार्गों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि अब कृषि के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों को भी नहर का पानी मिल रहा है।" मुख्यमंत्री मान ने एक महत्वपूर्ण ढांचागत सुधार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार 545 किलोमीटर में फैली 101 परित्यक्त नहरों को पुनर्जीवित किया गया है। इनमें से कई नहरें 30 से 40 वर्षों से बंद थीं और यहां तक कि मिट्टी से भर गई थीं। उन्होंने कहा, "हमने एक इंच भी जमीन अधिग्रहित किए बिना ही इन्हें बहाल कर दिया।" उन्होंने बताया कि केवल वर्षा जल निकासी चैनलों के पुनरुद्धार से ही अतिरिक्त 27 लाख एकड़ भूमि सिंचाई के अंतर्गत आ गई है। उन्होंने आगे कहा, "पुरानी नहर प्रणालियों को पुनर्स्थापित करके हमने यह सुनिश्चित किया कि अब खेतों तक अतिरिक्त 10,000 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। वास्तव में, हमने बिना किसी भूमि अधिग्रहण के एक नई भाखरा नहर का निर्माण किया है।"

पंजाब में हेल्थ सेक्टर पर फोकस: CM भगवंत मान बोले- हर परिवार को मिलेगा 10 लाख तक मुफ्त इलाज

धूरी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी में 50 बिस्तरों की क्षमता वाले सब-डिविजनल अस्पताल और 30 बिस्तरों की क्षमता वाले माता-शिशु स्वास्थ्य ब्लॉक को लोगों को समर्पित किया। यह परियोजना पंजाब की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और संगरूर जिले में स्वास्थ्य ढांचे को बड़ा बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह परियोजना बुनियादी ढांचे को मजबूत कर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डॉक्टरों व स्टाफ की उपलब्धता को बेहतर बनाकर सुलभ एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे न केवल धूरी शहर बल्कि आसपास के लगभग 70 गांवों के लोगों को भी लाभ मिलेगा, जिससे हजारों लोगों को घर के नजदीक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।” उन्होंने आगे कहा, “21.65 करोड़ रुपये की लागत से बना यह कॉम्प्लेक्स लगभग 73,000 वर्ग फुट में फैला अत्याधुनिक भवन है, जो इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। इसमें ओपीडी, इनडोर इलाज, इमरजेंसी सेवाएं, जांच सुविधाएं और विशेष सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे सेकेंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।” स्वास्थ्य सेवाओं के दोहरे ढांचे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “50 बिस्तरों वाला सब-डिविजनल अस्पताल व्यापक सेकेंडरी स्वास्थ्य सेवाएं देगा, जबकि 30 बिस्तरों वाला माता-शिशु स्वास्थ्य ब्लॉक गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की देखभाल को और मजबूत करेगा।” मुख्यमंत्री ने बताया, “यह अस्पताल वर्ष 1978 में 30 बिस्तरों के साथ स्थापित हुआ था, बाद में इसे 50 बिस्तरों तक अपग्रेड किया गया और अब इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस 80 बिस्तरों वाला अस्पताल बना दिया गया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।” बुनियादी सुविधाओं के बारे में उन्होंने कहा, “अस्पताल में 13 ओपीडी कमरे, इमरजेंसी ब्लॉक, दो रजिस्ट्रेशन काउंटर और बड़ी व छोटी सर्जरी के लिए 7 ऑपरेशन थिएटर हैं। इसके अलावा तीन लैबोरेट्री, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा, “अस्पताल में 12 निजी कमरे, 6 जनरल वार्ड, एक पूर्ण रूप से कार्यशील दवा भंडार, एसएमओ कार्यालय, 11 नर्स स्टेशन और 2 लिफ्टें हैं, जो मरीजों की बेहतर देखभाल और कार्यकुशलता को सुनिश्चित करती हैं।” मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “अस्पताल में सर्जिकल सेवाओं के साथ घुटना प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टर, विशेषकर कान-नाक-गला (ईएनटी) के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करेंगे।” माता-शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “यह समर्पित केंद्र अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञों की निगरानी में सामान्य और सिजेरियन डिलीवरी की सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे माताओं और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी।” उन्होंने आगे कहा, “माताओं और बच्चों के लिए आवश्यक इलाज और जांच मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे। अस्पताल के तहत चल रही ईएसआई डिस्पेंसरी के जरिए श्रमिकों को भी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहेंगी।” व्यापक स्वास्थ्य सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार ने 1500 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती की है, जिनमें 600 से ज्यादा विशेषज्ञ और 900 से अधिक जनरल डॉक्टर शामिल हैं। इसके अलावा आम आदमी क्लीनिकों में 800 से अधिक डॉक्टर तैनात किए गए हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं बेहतर हुई हैं।” उन्होंने कहा, “हमने सेकेंडरी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है और आम आदमी क्लीनिकों के नेटवर्क का विस्तार किया है। 300 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद के जरिए मुफ्त दवाइयों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।” वित्तीय सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को बिना आर्थिक बोझ के बेहतर इलाज मिल सके।” अंत में उन्होंने कहा, “इस परियोजना से धूरी के 58,000 से अधिक निवासियों और आसपास के हजारों लोगों को लाभ होगा। हम पंजाब के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भगवंत मान का बड़ा तोहफा महिलाओं के लिए, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू होगा मासिक लाभ

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। पंजाब की आप सरकार ने 8 मार्च को महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को इस योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। आम आदमी पार्टी (AAP) के 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दिए गए प्रमुख वादों में से एक थी। योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे पंजाब की भगवंत मान सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सतिकार योजना' की शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को इस योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) के 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दिए गए प्रमुख वादों में से एक थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 'मिशन पंजाब' रैली के दौरान यह गारंटी दी थी कि AAP की सरकार बनने पर राज्य की हर वयस्क महिला को मासिक 1000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी AAP ने दावा किया है कि पार्टी द्वारा चुनाव में दी गई लगभग सभी गारंटियां पूरी की जा चुकी हैं, और यह योजना महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने का एक और बड़ा कदम है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इससे राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी। हालांकि योजना के तहत वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक, स्थायी सरकारी कर्मचारी (वर्तमान या पूर्व) और आयकर दाता महिलाएं पात्र नहीं होंगी। राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी वितरण सुनिश्चित होगा। AAP सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें छोटे-मोटे खर्चों के लिए परिवार पर निर्भर न रहने में मदद करेगी। उन्होंने जोर दिया कि AAP सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। योजना की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। विपक्षी दलों ने इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह वादा चार साल बाद पूरा हो रहा है, और सरकार को पिछले वर्षों की बकाया राशि भी चुकानी चाहिए। हालांकि, AAP का कहना है कि सरकार ने अन्य वादों की तरह इस गारंटी को भी पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह योजना पंजाब की महिलाओं के लिए एक बड़ा तोहफा साबित हो सकती है, जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगी बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण में भी योगदान देगी। योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

जिस अस्पताल में भर्ती हैं CM भगवंत मान, वहां बम की धमकी से मचा अलर्ट, जांच तेज

 मोहाली पंजाब के मोहाली में स्कूल और फोर्टिस हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की फिर धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बता दें कि इसी अस्पातल में सीएम भगवंत मान भी अपना इलाज करवा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, एहतियातन स्कूल परिसर और अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड द्वारा गहन जांच की जा रही है। संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में पूरे क्षेत्र की सघन तलाशी ली जा रही है। इसी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं भगवंत मान गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो दिनों से मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं। इसे देखते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत रहा है। अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है और आने-जाने वालों की सख्ती से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और मामले की गंभीरता से जांच जारी है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गयी है। इससे पहले भी पंजाब, मोहाली और नजदीक चंडीगढ़ में कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार पुलिस का कहना रहा है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होने की संभावना है। लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण लोगों में कहीं न कहीं डर और भय का माहौल है। भगवंत मान को सोमवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई था। शाम को हालत बिगड़ने पर उन्हें फिर भर्ती करना पड़ा। उन्हें थकान महसूस होने पर एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को थकान महसूस होने पर मान को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में जांच के लिए भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि मान की हालत स्थिर है।रविवार को तबीयत खराब होने के बाद मान को संगरूर से मोहाली लाया गया था। महाशिवरात्रि के अवसर पर केजरीवाल के साथ मान प्रार्थना करने संगरूर के धूरी में श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर गए थे। इससे पहले गुजरात के अहमदाबाद और वडोदरा के 34 स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले थे। जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि ये ईमेल फर्जी निकले हैं, क्योंकि अहमदाबाद और वडोदरा के 17-17 स्कूलों में से किसी में भी कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया, जिन्हें खालिस्तान समर्थक होने का दावा करने वाले व्यक्तियों से बम की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाले दस्तों (बीडीडीएस) को शामिल करते हुए तलाशी अभियान शुरू किया गया। इससे पहले 23 जनवरी को अहमदाबाद के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले इसी तरह के ईमेल मिले, जो बाद में फर्जी पाए गए थे।  

मोगा रैली के बाद सियासी हलचल, भगवंत मान सरकार में दो डिप्टी CM के ऐलान की चर्चा

चंडीगढ़ पंजाब के मोगा में आम आदमी पार्टी की आज बड़ी रैली है। इस रैली से ठीक पहले रविवार को भगवंत मान बीमार हो गए थे और उन्हें चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया था। चर्चा थी कि शायद वह मोगा की मेगा रैली में शामिल नहीं हो पाएंगे और उसमें अरविंद केजरीवाल ही चीफ गेस्ट के नाते मौजूद रहेंगे। इसके अलावा फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल चीमा के शामिल होने के ही कयास थे। इस बीच भगवंत मान ने खुद पुष्टि की है कि वह मोगा रैली में रहेंगे। उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वह कार्यक्रम में रहेंगे। आम आदमी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि इस रैली में करीब 50 हजार लोग मौजूद रह सकते हैं। यह रैली ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य सरकार की कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोगा रैली के बाद पार्टी ने एक बड़ी मीटिंग बुलाई है और इसी में दो डिप्टी सीएम बनाए जाने का भी ऐलान हो सकता है। इस बैठक में सभी AAP विधायकों और हलका प्रभारियों को भी बुलाया गया है। खासतौर पर हाल ही में बनाई गईं विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्य भी रहेंगे। इस बैठक को मनीष सिसोदिया संबोधित कर सकते हैं। चर्चाएं तेज हैं कि रैली के बाद इसी बैठक में कोई बड़ा फैसला हो सकता है। संभावना है कि इसका ऐलान भी कर दिया जाए। हाई ब्लड प्रेशर से बढ़ी परेशानी, कराना पड़ा अस्पताल में एडमिट आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ रविवार को सीएम भगवंत मान कई आयोजनों में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई और फिर तुरंत चंडीगढ़ ले जाया गया। अब तक मिली जानकारी के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के चलते उन्हें ये दिक्कतें आईं। अस्पताल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार भगवंत मान की सेहत में कोई ज्यादा समस्या नहीं है। उनकी हालत स्थिर है और ज्यादात टेस्ट सामान्य आए हैं। भगवंत मान संगरूर में महाशिवरात्रि से जुड़े आयोजनों में शामिल हो रहे थे। कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा, चुनाव में बचा है बस एक साल इस दौरान अरविंद केजरीवाल भी साथ थे। तभी उनकी तबीयत खराब हुई और वह बेचैनी महसूस करने लगे। भगवंत मान की सेहत ऐसे समय में खराब हुई, जब राज्य में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कयास हैं कि मोगा रैली के बाद कुछ ऐलान होगा। इसके अलावा कैबिनेट फेरबदल में भी कुछ बदलाव दिख सकते हैं। चर्चा है कि किसी ऐसे नेता को भी डिप्टी के तौर पर जिम्मेदारी मिल सकती है, जो फिलहाल भगवंत मान सरकार का हिस्सा भी नहीं है।