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विजय के CM बनने के बाद बदली राजनीति! मान का आरोप- अब दिलजीत पर BJP की नजर

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है। पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी। विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।

पंजाब के रुके प्रोजेक्ट्स को लेकर एक्टिव हुए CM मान, गडकरी संग नेशनल हाईवे पर बनाई रणनीति

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज दिल्ली दौरे पहुंचे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पंजाब के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद मीडियो को संबोधित करते हुए कहा कि आज गडकरी जी से बड़ी खुलकर बात हुई है। जिसमें पंजाब के ओवरब्रिज, सदके, स्टेट हाईवे की मांग हमने रखी है। नेशनल हाईवे की भी बात रखी गई है। अमृतसर साहेब के फ्लाइ ओवर की बात हुई। मंत्री जी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है। फिरोजपुर फाजिल्का हाई वे को और चौड़ा कर के नेशन हाई वे का दर्जा दिया जाएगा। आदमपुर के ओवरब्रिज में जो वर्किंग कैपिटल की कमी है। मंत्री जी ने बैंक गारंटी देने की बात कही है। बंगा से आनंदपुर साहिब की सड़क पर श्रद्धालुओं का बाउट आना जाना है। उसकी भी बात हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में पंजाब के बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने पंजाब की लाइफलाइन माने जाने वाले कई सड़क मार्गों और लंबित पुलों के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा।  फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को मिले NH का दर्जा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को चौड़ा करने और इसे नेशनल हाईवे घोषित करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अपग्रेड करने से सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अमृतसर और बठिंडा के अधूरे प्रोजेक्ट अमृतसर और बठिंडा जैसे प्रमुख शहरों में जो सड़क परियोजनाएं और विकास कार्य पिछले काफी समय से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के रुकने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मक्खू रेलवे ओवरब्रिज बठिंडा में मक्खू रेलवे ओवरब्रिज का काम काफी समय से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने नितिन गडकरी से इस पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने की मांग की ताकि यातायात सुचारू हो सके।

पंजाब में हाई अलर्ट: मुख्यमंत्री और BJP प्रदेश अध्यक्ष को मिली बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय

चंडीगढ़  पंजाब CM भगवंत मान और पंजाब बीजेपी प्रधान सुनील जाखड़ को जान से मारने की धमकी आई है। उन्हें बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल से आई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों एक्टिव मोड़ पर आ गई हैं।ईमेल में भगवंत मान और सुनील जाखड़ को सिखों का दुश्मन बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि CM ऑफिस को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर बेअंत (पंजाब के पूर्व CM) की तरह उड़ाएंगे। और पंजाब व दिल्ली में भाजपा के ऑफिस में रात 9 बजकर 11 मिनट पर धमाके होंगे। ईमेल में ये बातें लिखी हैं… पंजाब सरकार और प्रशासन को भेजे गए ईमेल में लिखा है- पंजाब CM ऑफिस और बीजेपी ऑफिस में बम धमाके होंगे। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। सिखों के दुश्मन भगवंत मान और सुनील जाखड़ दोनों को ठोकेंगे। आगे लिखा है- पंजाब CM ऑफिस में दोपहर 1:11 बजे धमाका होगा। बेअंत की तरह हमला करेंगे। वहीं, बीजेपी ऑफिस पंजाब-दिल्ली में रात 9:11 बजे बम धमाके होंगे। ईमेल में लिखा है- सुनील जाखड़ को 6 जून तक ठोकना है। इसके पिता बलराम जाखड़ ने 1984 में कहा था, “हम एक मिलियन सिख मारेंगे इंडिया, भारत, हिंदोस्तान की हदबंदी बचाने के लिए।”

भगवंत मान ने किया जोरदार बयान, कहा- भाजपा की ED ने अरोड़ा के घर मारा छापा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) के घर ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, लेकिन पंजाब दबाव में आने वाला नहीं है। भगवंत मान ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, “आज फिर से भाजपा की ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ईडी उनके घर आई है। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।” उन्होंने आगे कहा, “मैं मोदी जी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की भूमि है। औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका। यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया, इसलिए पंजाब मोदी की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।” मुख्यमंत्री ने भाजपा और ईडी के बीच “अनैतिक गठबंधन” होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब इस राजनीति का जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह ईडी की टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई थी। बीजेपी पंजाब में भी खेल रही वहीं खेल  मुंख्‍यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "आज फिर ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है. एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ED उनके घर आई है. फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला. पंजाब गुरुओं की भूमि है, औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका. यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया. इसलिए, पंजाब विरोधियों की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा. पंजाब में भी वही हो रहा है, जो BJP पूरे देश में काम कर रही है. बीजेपी प्रवर्तन निदेशालय, चुनाव आयोग जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रही है. पंजाब अब बीजेपी के निशाने पर है. पहले अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी पर रेड, 2 दिन रेड और तीसरे दिन वो बीजेपी में शामिल हो गए. आज सुबह संजीव अरोड़ा के घर पर रेड पड़ रही है. इस महीने में 2 बार आए, कुछ नहीं मिला, लेकिन लोगों को डरा-धमकाकर शामिल करवा रहे हैं।  पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी  करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी. अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके. उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं. वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे।  अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं।  अब कानून वापस नहीं होगा पंजाब के लोग बेअदबी कानून के साथ सहमत है, लेकिन सिर्फ बादल परिवार ही ऐसा है जो विरोध कर रहा है। इसका कारण यह है कि परिवार पहले खुद बेअदबी की घटना में संलिप्त रहा है। पंजाब में क्या कोई नया पंथ बादल पंथ चलाया जा रहा है। अब कानून वापस नहीं होगा। राज्यपाल के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। कोई पत्थर दिल होगा जो इस कानून का विरोध करेंगा। ED, CBI का भाजपा ने किया राजनीतिकरण मान ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के काम करने का यही तरीका है। अब वह ईडी, सीबीआई, इनकम टेक्स, चुनाव आयोग का इस्तेमाल करेंगे। इन विभागों का भाजपा ने राजनीतिकरण कर दिया है। भाजपा इन्हें लंबे समय से इसी तरह से बरत रही है। महाराष्ट्र, बिहार, यूपी, वेस्ट बंगाल आदि राज्यों में भी इसका इस्तेमाल इसी तरह से किया गया है। ED रेड का मतलब भाजपा में आ जाओ सब कुछ माफ मान ने कहा कि अब पंजाब में चुनाव आने वाले हैं। ED रेड का मतलब यही है कि भाजपा में आ जाओ फिर सब कुछ माफ है। कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के घर ED ने रेड की थी। वह भाजपा में आए तो रेड खत्म उन्हें Y सुरक्षा देकर भाजपा ने सम्मानित कर दिया। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है अब संजीव अरोड़ा के घर रेड की गई है। पहले भी अरोड़ा के रेड की थी कुछ नहीं मिला था। अब भी कुछ नहीं मिलेगा। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है कि आपके कारोबार बंद कर देंगे अन्यथा भाजपा में आ जाओ। यह सब पंजाब में नहीं चलेगा। पंजाबी डरने वाले नहीं है। एक बार ही मोदी जी ने यू-टर्न लिया और माफी मांगी थी जब तीनों काले कानूनों को रद्द करना पड़ा था। उस समय भी उन्हें पंजाबियों ने झुकाया था। उसी बात का मोदी जी दिल में दर्द रखे बैठे हैं। कभी कहते हैं चंडीगढ़ हम अलग से यूटी बना देंगे। उसका राज्यपाल अलग बना देंगे। कभी कहते हैं कि पंजाब यूनिर्वसिटी हमारी है। कभी कहते हैं कि भाखड़ा पर डेंम सीआईएफ लगाकर पानी हरियाणा को देंगे। कभी कहते हैं धान नहीं उठानी। कभी पंजाब की झांकी नहीं 26 जनवरी को दिखानी। आरडीएफ का पैसा नहीं देना। किस मुंह से वोट मांगने अब आएंगे। मोदी की नीरव मोदी और विजय माल्या के साथ है तस्वीरें मान ने कहा कि मैं ईडी के इस्तेमाल की सख्त शब्दों में निंदा करता हूं। कुछ दिन पहले एक कारोबारी पर रेड की और अमन अरोड़ा का नाम उससे जोड़ दिया। अमन अरोड़ा की कई लोगों के साथ तस्वीरें हैं। किसी के साथ तस्वीर खिंचवाने से पहले उसकी आईडी नहीं पूछ सकते। ऐसे तो मोदी जी की नीरव मोदी या विजय माल्या के साथ तस्वीरें है। बंगाल में अभी भाजपा ने शपथ ग्रहण करना है, उससे पहले ही पूरे बंगाल में आग लगी पड़ी है। दो समुदायों … Read more

पंजाब में भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आगाज: गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून पर जताएंगे आभार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 6 मई से 9 मई 2026 तक चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ पर निकल रहे हैं। यह यात्रा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के पारित होने के बाद प्रदेश की संगत के प्रति आभार प्रकट करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री इस दौरान राज्य के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होंगे और जगह-जगह लोगों से संवाद भी करेंगे। यात्रा की शुरुआत 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होगी। यहां अरदास के बाद मुख्यमंत्री अमृतसर के लिए रवाना होंगे, जहां वे श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकेंगे। पहले दिन का कार्यक्रम धार्मिक आस्था के केंद्रों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा गया है, ताकि यात्रा की शुरुआत श्रद्धा और धन्यवाद के भाव के साथ हो सके। दूसरे दिन 7 मई को मुख्यमंत्री तलवंडी साबो पहुंचेंगे, जहां तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होंगे। इसके बाद उनका काफिला फरीदकोट पहुंचेगा। स्थानीय विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के अनुसार, फरीदकोट में भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा और वे यहां संगत से संवाद करेंगे। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री दर्शन करेंगे। इसके बाद वे पटियाला पहुंचेंगे। पटियाला में 8 और 9 मई को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में कार्यक्रम तय किया गया है। यहां भी मुख्यमंत्री अरदास करेंगे और लोगों से मुलाकात करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय स्तर पर स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। चार दिवसीय इस यात्रा का समापन 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में होगा। ऐतिहासिक महत्व के इस स्थल पर मुख्यमंत्री अंतिम अरदास कर यात्रा का समापन करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों और कस्बों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और ट्रैफिक को लेकर भी एडवाइजरी जारी की जा सकती है। सरकार का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के साथ सीधे संवाद का भी माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री विभिन्न स्थानों पर रुककर संगत की समस्याएं सुन सकते हैं और सरकार की योजनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे।

दिल्ली में अहम बैठक: भगवंत मान ने द्रौपदी मुर्मू से मिलने का किया रुख, बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग तैयार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए दिवील्ली रवाना हो गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनसे पहले आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री की मुलाकात दोपहर 12 बजे तय है। मुख्यमंत्री भगवंत मान विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं और इस दौरान वे बागी सांसदों से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर सरकार का पक्ष राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। वहीं, राघव चड्ढा अपने साथियों के साथ राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि 24 अप्रैल को आप के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। इनमें संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संजीव अरोड़ा और विक्रमजीत साहनी समेत अन्य नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने इसे सामूहिक निर्णय बताते हुए नियमों के तहत कदम उठाने का दावा किया था। आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया इसके बाद 25 अप्रैल से पंजाब में आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। इसी बीच हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला भी सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया। 30 अप्रैल को पीपीसीबी (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की टीमों ने कुछ औद्योगिक इकाइयों में कार्रवाई की, जिसे भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। 2 मई को आप छोड़ने वाले सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार और एक महिला के शोषण के आरोपों में गैर-जमानती एफआईआर दर्ज की। पुलिस टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वे पहले ही वहां से निकल चुके थे। वहीं, 1 मई को पंजाब विधानसभा में सरकार ने फ्लोर टेस्ट भी पास कर लिया। 117 सदस्यीय सदन में आप के 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा की राष्ट्रपति से अलग-अलग होने वाली मुलाकातों को अहम माना जा रहा है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और घटनाक्रम से जुड़े मुद्दे सामने रखेंगे।

पंजाब में मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी, सीएम भगवंत मान ने झटके में किया ऐलान

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐतिहासिक ऐलान किया है. सीएम मान के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में 13 साल के लंबे अंतराल के बाद न्यूनतम मजदूरी में संशोधन किया गया है. उन्होंने इसे राज्य के मेहनतकश वर्ग की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया. इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा जिससे उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।  पंजाब न्यूनतम मजदूरी वृद्धि · 15% की वृद्धि: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।  · व्यापक कवरेज: यह फैसला सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर समान रूप से लागू होगा।  · 13 साल का अंतराल: राज्य में न्यूनतम मजदूरी में यह संशोधन पूरे 13 वर्षों के लंबे समय के बाद किया गया है।  · श्रमिकों को लाभ: इस क्रांतिकारी कदम से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा।  · आर्थिक राहत: मुख्यमंत्री ने इसे मेहनतकश वर्ग को महंगाई के दौर में आर्थिक मजबूती देने वाला कदम बताया है।  मजदूरों की लंबे समय से मांग हुई पूरी यह फैसला पंजाब की अर्थव्यवस्था और श्रम शक्ति के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है: 1. परचेजिंग पावर में वृद्धि: वेतन में 15% की बढ़ोतरी से निचले स्तर के श्रमिकों के हाथ में अधिक पैसा आएगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।  2. महंगाई से लड़ने में सहायक: वर्तमान आर्थिक स्थिति में जहां जीवनयापन की लागत बढ़ रही है, यह वृद्धि श्रमिकों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।  3. श्रमिकों का पलायन रोकना: मजदूरी में सुधार होने से पंजाब पड़ोसी राज्यों के मुकाबले श्रमिकों के लिए अधिक आकर्षक बनेगा, जिससे लेबर शॉर्टेज की समस्या कम हो सकती है।  4. लंबे समय से लंबित सुधार: 13 साल तक मजदूरी न बढ़ाना एक बड़ा अंतराल था; यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अब श्रम कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।  सवाल-जवाब पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में कितने प्रतिशत की वृद्धि की गई है? मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. क्या यह वृद्धि केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है? नहीं, मुख्यमंत्री के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी (प्राइवेट) दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. पंजाब में पिछली बार न्यूनतम मजदूरी कब संशोधित हुई थी? मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि पंजाब में यह संशोधन 13 साल के लंबे अंतराल के बाद किया गया है. पंजाब में मजदूरों की सैलरी बढ़ने से किन श्रेणियों के श्रमिकों को लाभ होगा? इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा. इस कदम के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के मेहनतकश वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत प्रदान करना है.

पंजाब में CM भगवंत मान का ऐतिहासिक निर्णय, विधानसभा में प्रस्ताव से 6 महीने के लिए सुरक्षित होगी AAP सरकार

चंडीगढ़  पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्यसभा सांसदों की बगावत के बाद अब पंजाब में पार्टी को मजबूत बनाए रखने के लिए आलाकमान बड़ा कदम उठा रहा है. सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'ऑपरेशन लोटस' से बचने के लिए AAP सरकार पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव ला सकती है।  पंजाब विधानसभा चुनाव का विशेष सत्र 1 मई को बुलाया गया है. यह असेंबली सेशन बुलाया तो श्रमिक दिवस के मौके पर गया है, लेकिन उम्मीद है कि इसमें बहुमत का प्रस्ताव लाया जाएगा. इसका फायदा यह है कि विधानसभा में एक बार बहुमत साबित होने के बाद अगले 6 महीने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार सुरक्षित हो जाएगी।  सरकार गिरने की चिंता से मुक्त होना चाहती है AAP दरअसल, 7 राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने के बाद पंजाब में विधायकों की टूट की अटकलें लग रही हैं. अगर ऐसा होता है तो साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 92 सीट जीतने वाली AAP पर सरकार बचाने का संकट गहरा सकता है. इसलिए विशेष सत्र में प्रस्ताव लाकर पार्टी बहुमत पर मुहर लगाना चाहती है ताकि सियासी चिंता को संवैधानिक तरीके से खत्म किया जा सके।  सत्र से पहले मान कैबिनेट की बैठक पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सुबह भगवंत मान सरकार की कैबिनेट बैठक होगी. यह बैठक सुबह 9.30 बजे बुलाई गई है. विशेष सत्र अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर बुलाया गया है. हालांकि इसमें सरकार कॉन्फिडेंस मोशन भी ला सकती है. पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद कुछ विधायकों के भी पाला बदलने की अटकलें हैं।  इससे पहले भी अक्टूबर 2022 में सरकार कॉन्फिडेंस मोशन लाई थी जब आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर राज्य में ऑपरेशन लोटस के तहत विधायकों को तोड़ने की कोशिश के इल्जाम लगाए थे। 

पंजाब के मुख्यमंत्री की राष्ट्रपति से अकेली मुलाकात, 6 सांसदों के राइट टू रिकॉल पर करेंगे चर्चा

चंडीगढ़   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ 5 मई की मुलाकात से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद जो होगा, उससे आगे की रणनीति तय की जाएगी। राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें पंजाब का गद्दार बताया था। इसके साथ ही, भगवंत मान ने दलबदल से जुड़े विषय को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। खास बात है कि भगवंत मान ने राष्ट्रपति से अपने सारे विधायकों संग मिलने का समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रपति ने सिर्फ भगवंत मान को अकेले मिलने का समय दिया है। अब भगवंत मान ने कहा है कि वह अपने सारे विधायकों के साथ दिल्ली राष्ट्रपति भवन जाएंगे। राष्ट्रपति ने भगवंत मान के अकेले मिलने का समय दिया गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ने उन्हें 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा, 'पंजाब की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय दिया है। हालांकि, हमने सभी विधायकों के लिए समय मांगा था, लेकिन मुझे अकेले ही मिलने का निमंत्रण मिला है।' राष्ट्रपति से मिलने के बाद बनाएंगे रणनीति भगवंत मान ने कहा कि वह अपने साथी विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन जाएंगे। उनके सारे विधायक बाहर इंतजार करेंगे और वह अकेले राष्ट्रपति से मिलने अंदर जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं अंदर जाकर राष्ट्रपति के समक्ष सभी की ओर से पंजाब की आवाज और जनता का पक्ष मजबूती से रखूंगा। बैठक के बाद अगली रणनीति साझा की जाएगी। यह कीमती समय देने के लिए माननीय राष्ट्रपति का तहे दिल से धन्यवाद। राघव चड्ढा को लेकर भगवंत मान ने क्या कहा इससे पहले, सीएम मान ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि जो लोग इस दलबदल को सामान्य बात या परंपरा बता रहे हैं, वे जनता के फैसले की घोर अवहेलना को उचित ठहरा रहे हैं। यह अस्वीकार्य है, और इस तरह बोलने वाले लोग अपनी निष्ठा बदलने की तैयारी में दिख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के जनादेश का अपमान करने वाले ये सांसद किसी भी दया के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं। राष्ट्रपति से क्यों मिलने जा रहे CM मान आम आदमी पार्टी (AAP) के कुल 7 व पंजाब से राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी में बड़ी फूट की खबरें सामने आई थीं। पालिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख की मानें तो विधायकों को साथ ले जाकर मान यह दिखाना चाहते हैं कि पंजाब के विधायक अभी भी उनके और अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी तरह एकजुट हैं। इसके अलावा वह पंजाब में भी मैसेज देने की कोशिश करेंगे कि उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने पार्टी बदली तो उन्होंने उनकी मेंबरशिप खारिज करने तक की लड़ाई लड़ी। इससे इस बात का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश होगी कि AAP ने गैर पंजाबियों को चुनकर राज्यसभा भेजा था। चूंकि राज्यसभा के लिए विधायक वोटिंग करते हैं, इसलिए इसमें लोगों का सीधा दखल नहीं है। इस फैसले की जिम्मेदार उन्हें राज्यसभा भेजने वाली पार्टी ही होती है। कल विधायकों की जालंधर मीटिंग की इनसाइड स्टोरी भी पढ़िए… कल आम आदमी पार्टी (AAP) ने जालंधर में मीटिंग बुलाई थी। सवा घंटे चली इस मीटिंग में विधायकों ने इकट्ठा होकर शक्ति प्रदर्शन किया। राघव चड्ढा के सवाल पर हर विधायक चिढ़ता नजर आया। खुद सिसोदिया यह कहकर निकल गए कि BJP बहुत घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों में मत आया करो। मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। इस दौरान CM ने सुखपाल खैहरा का उदाहरण देते हुए विधायकों को अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी दी। CM ने कहा- कुछ गड़बी पानी निकलने से नदी नहीं सूखती। खैहरा को भी गलतफहमी हुई थी कि AAP को छोड़ने से AAP खत्म हो जाएगी। खैहरा के न रहते भी 92 MLA आए। जो गए, उन्हें भी यही भ्रम है, लेकिन अच्छा हुआ वे वक्त से गए। इनके जाने से जो निगेटिविटी फैली है, उसे अगले कुछ महीनों में दूर कर लिया जाएगा। पार्टी सूत्र ने दावा किया की मीटिंग में 80 से ज्यादा विधायक आए थे। कुछ हाजिरी लगाकर निकल गए, क्योंकि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे। AAP की मीटिंग के क्या राजनीतिक मायने…     कार्यकर्ताओं-विधायकों को बुलाकर विरोधियों को जवाब: पंजाब की AAP सरकार ने जालंधर में करीब 1 हजार ऑब्जर्वर और विधायकों की मीटिंग बुलाई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राघव चड्ढा के साथ हुए विवाद और फिर पार्टी के 6 राज्यसभा सांसदों के टूटने से बॉटम लाइन वर्करों में मैसेज जा रहा था कि पार्टी में गड़बड़ी है। विरोधी कई दिन से AAP पर हमलावर थे। मीटिंग के जरिए उन्हें जवाब दिया गया।     वर्करों के बीच जाकर साथ खड़े होने का संदेश: BJP ने AAP के राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बड़ा डेंट दिया है। सूत्र बताते हैं कि मीटिंग में वर्करों की निराशा को दूर करने पर काम किया गया। उन्हें गेम खिलाना इसी का हिस्सा रहा। खुद सिसोदिया ने एक-एक के पास जाकर हाथ मिलाया।     विधायकों-ऑब्जर्वर्स की बॉन्डिंग चेक की: पार्टी के ही एक जिला लेवल वर्कर ने बताया कि मीटिंग और गेम्स के जरिए विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच की बॉन्डिंग भी चेक की गई। चुनाव सामने हैं और पार्टी इससे पहले हर तरह का नाराजगी को दूर करना चाहती है। इसलिए, सबको एक मंच पर लाया गया, ताकि ऊपर से भेजे मैसेज का नीचे तक असर हो।     एक्टिविटी करवाकर जोश भरा: पार्टी की तरफ से विधायकों और ऑब्जर्वर्स के बीच 20 मिनट तक गेम करवाए गए। इसमें रस्साकसी और रिंग के बीच से शरीर निकालने का कंपीटिशन करवाया गया। खुद मनीष सिसोदिया ने वर्करों और विधायकों के … Read more

7 MPs की ‘घर वापसी’ के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलेंगे CM भगवंत मान, मनीष सिसोदिया का बयान- AAP एकजुट है

  चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि वो 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने का मुद्दा उठाएंगे. उन्होंने कहा, ''मैं 5 मई को दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलने जा रहा हूं और इस मुद्दे को उनके सामने रखूंगा।  उन्होंने कहा कि वह सांसदों को वापस बुलाने के सवाल पर भी राष्ट्रपति से चर्चा करेंगे, भले ही मौजूदा कानून में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान न हो. हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पाला बदलकर BJP का दामन थाम लिया. इनमें राघव चड्ढा, राजिंदर गुप्ता, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल आदि सांसद शामिल थे।  इनमें से छह सांसद पंजाब से थे. CM भगवंत मान ने इन नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक बार फिर गद्दार करार दिया. BJP की ओर से इस शब्द पर आपत्ति जताए जाने पर उन्होंने कहा, ''जो लोग जनता के जनादेश का दुरुपयोग करते हैं, वे निश्चित रूप से गद्दार हैं.'' इस घटनाक्रम के बाद AAP ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए थे।  हरभजन सिंह समेत कुछ सांसदों के घरों के बाहर गद्दार तक लिख दिया गया था. इस पूरे विवाद के बीच मनीष सिसौदिया ने पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ''हम सब एकजुट हैं. हम सब साथ हैं. कुछ लोगों के जाने से AAP को कोई नुकसान नहीं होगा. ये मामला विचाराधीन है और हमने अपनी आपत्तियां पहले ही दर्ज करा दी हैं।  पंजाब के AAP अध्यक्ष अमन अरोरा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ''ये लोग पीठ में छुरा घोंपने वाले हैं. राघव चड्ढा और संदीप पाठक कई विधायकों को पार्टी में लाए थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विधायक भी पार्टी छोड़ देंगे.'' वहीं जालंधर के नकोदर से विधायक इंद्रजीत कौर ने इस पूरे मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही है।   उन्होंने कहा, ''पार्टी नेताओं से बड़ी होती है. नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन संगठन कायम रहता है.'' उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे नेताओं का इस्तेमाल कर बाद में उन्हें छोड़ देती है, जैसा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मामले में हुआ. उन्होंने कहा कि उनसे किसी ने पार्टी छोड़ने के लिए संपर्क नहीं किया है. वो AAP के साथ खड़ी हैं।