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पंजाब CM VIDEO विवाद में नया मोड़, हरियाणा पुलिस लुधियाना CP-SP से कर सकती है पूछताछ

 लुधियाना  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जोड़े जा रहे सिख गुरूओं की फोटो पर शराब के छींटे वाले वीडियो की फर्जी रिपोर्ट मामले में चौथा खुलासा हुआ है। इस मामले में गुरुग्राम में केस दर्ज कराने वाले फॉरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत जस्सी ने दावा किया था।  अब पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने इन्हीं 10 लाख के बैंक के लेन-देन के सबूत जारी किए हैं। मजीठिया का दावा है कि यह रकम इसी फर्जी रिपोर्ट के लिए दी गई। वहीं इस मामले में गुरुग्राम पुलिस जल्द लुधियाना के पुलिस कमिश्नर व DIG स्वपन शर्मा और SP जशनदीप गिल से पूछताछ कर सकती है। दो लोग गिरफ़्तार, फ़र्ज़ी फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने का आरोप गुरुग्राम पुलिस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित विवादित वीडियो की फ़र्ज़ी फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने और डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया है।  इस मामले में गुरुग्राम के सेक्टर 29 स्थित डीएलएफ़ पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज की गई है।  यह एफ़आईआर जसप्रीत उर्फ जस्सी नाम के एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. उनका आरोप है कि उन पर विवादित वीडियो की फ़र्जी फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने का दबाव बनाया गया था।  पुलिस ने अरुण महेंद्रू और अंकित नाम के दो लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. दोनों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।  इस मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान जारी कर कहा है कि उन्हें "फंसाने के लिए फ़र्ज़ी वीडियो वायरल कराया गया। आप अगर पूरी स्टोरी देखना चाहते हैं तो हमारे फुल वर्ज़न पर जाएं।  एफ़आईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (2) (ए), 318 (2), 319, 336 (2), 336 (3) और 340 के तहत दर्ज की गई है. इसके अलावा आईटी एक्ट 2000 की धारा 65 और 66 (डी) भी लगाई गई हैं।  दरअसल, 15 जून को अकाल तख्त साहिब में हुई बैठक के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने 'गुरु दोखी' और 'पंथ विरोधी' कहा था। यह फ़ैसला मुख्यमंत्री मान के कथित विवादित वीडियो से जुड़े केस में लिया गया था।  केस दर्ज कराने वाले जस्सी का दावा था कि इन्हीं दोनों अफसरों ने फर्जी रिपोर्ट के लिए गुरुग्राम के फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा में सीक्रेट मीटिंग कर डील की थी। रिपोर्ट में भी मनचाहे करेक्शन कराए थे। हालांकि दैनिक भास्कर इन दावों की पुष्टि नहीं करता। CM से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट में अब तक के 4 बड़े खुलासे:- 1. सिरसा के बैंक खातों में डिपॉजिट हुए 10 लाख अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने फर्जी रिपोर्ट तैयार के लिए 10 लाख रुपए के लेन-देन के सबूत का दावा किया। मजीठिया का दावा है कि एक अकाउंट में 18 जून को 7.50 लाख रुपए कैश डिपोजिट हुए हैं जबकि दूसरे में 2.5 लाख रुपए डिपोजिट हुए हैं। ये दोनों खाते सिरसा में ही हैं। 2. सीक्रेट मीटिंग से जुड़े 2 CCTV फुटेज फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत सिंह और पुलिस अफसरों की गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाजा में हुई मीटिंग की दो सीसीटीवी फुटेज सामने आई। दावा किया गया कि इसमें एक लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा हैं और दूसरे एडीसीपी जशनदीप सिंह गिल हैं। यह भी दावा किया गया कि यह मीटिंग CM के वीडियो मामले की जांच को प्रभावित करने और उनके पक्ष में फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने के मकसद से की गई थी। 3. वॉट्सएप चैट आई सामने SP जशन गिल पंजाब के नाम से मोबाइल में सेव एक नंबर की वॉट्सऐप चैट भी सामने आई है। दावा है कि यह चैट जसप्रीत सिंह के साथ हुई है। इसमें CM की वीडियो रिपोर्ट में बदलाव को लेकर बातचीत हो रही है। इसमें बकायदा रिपोर्ट से पूरे पैराग्राफ तक हटाने के लिए कहा जा रहा है। 4. CP और SP के होटल क्राउन प्लाजा के बिल अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाजा के बिल जारी किए हैं। मजीठिया का दावा है कि 15 जून से 17 जून तक होटल में कमरा बुक कराया गया। इसी दिन DIG (लुधियाना CP) स्वपन शर्मा और SP जशनदीप गिल होटल क्राउन प्लाजा पहुंचे। SP का रूम नंबर 3000 था। 15 से 16 जून तक DIG स्वपन शर्मा का रूम नंबर 3004 था। 17 जून को स्वपन शर्मा रूम नंबर 6004 में शिफ्ट हो गए। हालांकि, भास्कर इन बिलों की पुष्टि नहीं करता। CM भगवंत मान बोले– BJP खुद फंसी फर्जी वीडियो रिपोर्ट के केस मामले में 24 जून को CM भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा कि जिन लैब में टेस्ट हुए उसके मालिकों को FIR की धमकी देकर डराया गया है। भाजपा खुद फंस गई है। यह मुझे धर्म वाली साइड से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

पंजाब की महिलाओं को बड़ी सौगात! 1 जुलाई से खातों में ट्रांसफर होगी ‘सत्कार राशि’

फतेहगढ़ साहिब महिला आर्थिक सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की माओं-बहनों को 4500 रुपये मिलेंगे, जबकि बाकी सभी श्रेणियों की महिलाओं को 3000 रुपये दिए जाएंगे। सीएम बोले पंजाब में रहेगी आप सरकार फतेहगढ़ साहिब हलके के गांव चनारथल कलां में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए 'आप' सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक पंजाब में 'आप' सरकार रहेगी, यह सहायता बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। किन महिलाओं के खातों में आएगी राशि फतेहगढ़ साहिब में 'लोक मिलनी' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 9 दिन बाद पहली जुलाई को 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके खातों में वित्तीय सहायता जमा होने के नोटिफिकेशन प्राप्त होंगे। जनरल श्रेणी से संबंधित महिलाओं को 1,000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 प्रति माह मिलेंगे। यह पैसा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसके लिए ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।" एक साथ आएगी तीन महीने की किस्त चनार्थल कलां गांव में 'लोक मिलनी' (जन-संवाद) कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाभार्थियों को पहली किस्त के तौर पर तीन महीने का भुगतान मिलेगा. इसका मतलब है कि 1 जुलाई को अनुसूचित जाति की महिलाओं के बैंक खातों में 4,500 रुपये और सामान्य श्रेणी की महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिलेगी कि उनके खातों में आर्थिक सहायता जमा कर दी गई है. उन्होंने बताया कि 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत तीन महीने की आर्थिक सहायता एक साथ दी जाएगी. पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।  कुछ खास श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है. जिनमें केंद्र सरकार या देश के किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारी, विधायक (MLA) या सांसद (MP) या किसी मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक की पत्नी शामिल हैं. प्रति महिला 1,000 रुपये की मासिक सहायता 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) का एक प्रमुख वादा था।  CM मान ने विपक्ष पर भी बोला हमला मान ने आगे कहा कि उनकी सरकार चल रही SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान किसी भी असली मतदाता का नाम सूची से नहीं हटने देगी. उन्होंने कहा, "मैं लोगों को सावधान करना चाहता हूं कि BJP, SIR प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करके वैध वोट हटवाने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले दूसरे राज्यों में हुआ है. हालांकि, हम पूरी तरह सतर्क हैं और भगवा पार्टी के बुरे मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे. पंजाब के हर असली वोटर की सुरक्षा की जाएगी।  विरोधी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी आम लोगों से नहीं मिलते थे. उन्होंने कहा, "वे अपने आलीशान घरों से तभी बाहर निकलते थे, जब तापमान की जांच कर लेते थे. दूसरी ओर मैं लोगों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता हूं. जनसेवा मेरे लिए कभी-कभार करने वाला काम नहीं है, यह मेरी ज़िम्मेदारी है।  महिलाएं सम्मान की हकदार मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें सम्मान, स्वाभिमान और आत्म-विश्वास देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन की स्रोत हैं। माताओं-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद करते हैं। घरेलू दर्जे को सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो परिवार खुशहाल होते हैं और समाज आगे बढ़ता है। एसआईआर पर भी दी प्रतिक्रिया एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत चुनाव आयोग द्वारा चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार किसी भी असली वोट को काटने नहीं देगी। मैं लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि भाजपा वैध वोटों को काटने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले अन्य राज्यों में हुआ है। हालांकि, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और भगवा पार्टी के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे। पंजाब के हर असली मतदाता की रक्षा की जाएगी।

धुस्सी बांध सड़क परियोजना शुरू, जालंधर के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत; सीचेवाल ने जताई खुशी

 जालंधर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर दौरे के दौरान शाहकोट में सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर बनने वाली 35 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का शिलान्यास किया। गिदड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ेगी। राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के लंबे प्रयासों और मान सरकार की इस पहल से बाढ़ प्रभावित इलाके के हजारों लोगों को राहत मिलेगी। इससे उनकी वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो गई है। बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि इससे लोगों का सफर आसान होगा। भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को विशेष रूप से जालंधर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। जालंधर में सतलुज नदी के पूरे किनारे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इसी कड़ी सुरक्षा के बीच उन्होंने शाहकोट पहुंचकर धुस्सी बांध सड़क का शिलान्यास किया। 35 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण इस प्रोजेक्ट के तहत सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर गिदड़पिंडी से फिल्लौर तक एक मजबूत और पक्की सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क लगभग 35 किलोमीटर लंबी होगी। इसके बनने से पूरे क्षेत्र और आसपास के लोगों की आवाजाही में बड़ा सुधार होगा, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी। संत सीचेवाल के प्रयासों की सराहना इस शिलान्यास समारोह के दौरान राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल विशेष रूप से मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए संत सीचेवाल लंबे समय से लगातार प्रयास कर रहे थे। स्थानीय लोग उनके इन प्रयासों को बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। 2023 की बाढ़ के बाद उठी थी मांग सीचेवाल ने इस मौके पर 2023 की पुरानी आपदा को याद करते हुए कहा कि मंडाला छन्ना के पास अचानक धुस्सी बांध टूट गया था। बांध टूटने के कारण पूरे इलाके में बाढ़ आ गई थी, जिससे लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। तभी से बांध को मजबूत करने और उस पर पक्की सड़क बनाने की मांग लगातार उठ रही है। दर्जनों गांवों को मिलेगा सीधा फायदा संत सीचेवाल ने आगे बताया कि गिदड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली यह पक्की सड़क क्षेत्र के दर्जनों गांवों को आपस में सीधे जोड़ेगी। इससे लोगों का सफर आसान होगा और बांध की मजबूती भी बढ़ेगी। इस इलाके की यह मांग पिछले कई सालों से लंबित थी, जिसे अब भगवंत मान सरकार ने पूरा कर दिया है। पिछली सरकारों के प्रति स्थानीय लोगों में था रोष इस मौके पर मंडाला छन्ना, गट्टा मुंडी कासू, गिदड़पिंडी समेत आसपास के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। स्थानीय निवासियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वे कई सालों से इस सड़क के निर्माण की मांग कर रहे थे, लेकिन पिछली किसी भी सरकार ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया। मान सरकार का जताया आभार ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए कहा कि मौजूदा मान सरकार द्वारा इस सड़क का नींव पत्थर रख दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलेगी और उनका जीवन अधिक सुगम हो जाएगा।  

खुद पर लगे आरोपों को भगवंत मान ने किया खारिज, कहा- छवि खराब करने की कोशिश जारी

चंडीगढ़ पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त के फैसले पर अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि पिछले दिन तख्त श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की ओर से एक वीडियो के संबंध में मेरे खिलाफ कुछ हुकमनामे जारी किए गए हैं. भगवंत मान ने कथित विवादित वायरल वीडियो को को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।  सीएम भगवंत मान ने कहा कि वायरल वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहा है वह मैं नहीं हूं. मैं हैरान हूं कि पंथ के इतने बड़े ओहदे पर बैठे लोग सियासी मोहरे की तरह काम कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वायरल वीडियो में जो शख्स है, न तो उसके चेहरा-मोहरा मिलता है और न ही कद काठी मुझसे मिलती है, उसके शारीरिक बनावट पूरी तरह उनसे बिल्कुल अलग है. ये मेरे खिलाफ एक प्रोपेगंडा है।  सीएम भगवंत मान ने कहा कि मैं पंजाब में गुरु की बाणी, पानी, किसानी और जवानी के लिए जो सरकारी फैसला ले रहा हूं वह मेरे विरोधियों को बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं. इसलिए मुझे बदनाम करने के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और इसके लिए धर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. मान ने कहा कि मैं श्री अकाल तख्त को सर्वोच्च संस्था मानता हूं और उसके आगे नतमस्तक होता हूं।  भगवंत मान ने कहा  श्री अकाल तख्त से मत्था लगाने के बारे में न तो मैं सोच सकता हूं और न ही मेरी आने वाली कई पीढ़ियां ऐसा सोच सकती हैं लेकिन श्री अकाल तख्त पर जो सियासी नियुक्तियां हुई हैं और ये लोग जिस तरह के फैसले ले रहे हैं, वह सारी संगत अच्छी तरह जानती है।  ऐसे समय में जब अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान हाल ही में 2027 चुनाव के लिए पार्टी का चेहरा घोषित किया, यह विवाद पंजाब की चुनावी राजनीति पर कितना असर डालेगा, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है ।  1. आखिर कौन सा वीडियो बना भगवंत मान के लिए मुसीबत? पूरा विवाद एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर हाथ में शराब का गिलास लिए सिख गुरुओं और जनरल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों पर शराब के छींटे मारता दिखाई देता है. वीडियो सामने आने के बाद इसे सिख धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के अपमान से जोड़कर देखा गया. विपक्षी दलों और कई धार्मिक संगठनों ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान हैं. हालांकि, शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी और भगवंत मान इस दावे को खारिज करते रहे. सीएम भगवंत मान से जुड़ा यह वीडियो दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में खूब वायरल हुआ था।  2. भगवंत मान ने क्या कहा था? वीडियो वायरल होने के बाद भगवंत मान ने आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उनका कहना था कि वीडियो नकली है और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से तैयार किया गया है. उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक विरोधी उनकी छवि खराब करने और पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए इस तरह की सामग्री फैला रहे हैं. मान ने यह भी कहा कि किसी वीडियो की मौजूदगी मात्र से उसमें दिख रहे व्यक्ति की पहचान सिद्ध नहीं हो जाती।  5 जनवरी 2026 को अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने भगवंत मान को तलब किया और वीडियो की सत्यता की जांच कराने की घोषणा की. 15 जनवरी को मान अकाल तख्त के समक्ष पेश भी हुए।  3. अकाल तख्त की रिपोर्ट में क्या निकला? वायरल वीडियो को बेअदबी का गंभीर मामला मानते हुए इसे गंभीरता को देखते हुए अकाल तख्त ने जनवरी 2026 में भगवंत मान को तलब किया. मुख्यमंत्री ने पेश होकर अपना पक्ष रखा और कुछ दस्तावेज भी जमा कराए. इसके बाद वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए विशेषज्ञ संस्थानों के पास भेजा गया।  जून 2026 में सामने आई रिपोर्ट में कहा गया कि वीडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग या एआई जनरेशन के संकेत नहीं मिले. रिपोर्ट के आधार पर अकाल तख्त ने माना कि वीडियो तकनीकी रूप से प्रामाणिक है. हालांकि रिपोर्ट में यह प्रश्न अलग बना रहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से भगवंत मान हैं या नहीं।  4. अकाल तख्त ने भगवंत मान को पंथ विरोधी क्यों घोषित किया? जून 2026 में सामने आए फॉरेंसिक रिपोर्ट पर विचार करने के बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान को "गुरु द्रोही" और "पंथ विरोधी" घोषित किया. धार्मिक नेतृत्व का तर्क था कि वीडियो में दिखाई गई गतिविधि सिख परंपराओं और गुरुओं के सम्मान के खिलाफ है. मान ने जांच के दौरान वीडियो को AI बताकर गुमराह करने की कोशिश की।  आकल तख्त ने सिख समुदाय से अपील की गई कि वे इस मामले को गंभीरता से लें. यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था मानी जाती है और उसके निर्णयों का पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक चर्चा पर प्रभाव पड़ता है।  15 से 16 जून 2026 को पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान को "गुरु-दोखी" और "खालसा पंथ विरोधी" घोषित किया. अकाल तख्त का कहना है कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े घटनाक्रम ने सिख धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई तथा मान ने जांच के दौरान वीडियो को AI बताकर गुमराह करने की कोशिश की।  5. विपक्षी दलों ने इस विवाद को कैसे भुनाया? अकाल तख्त के फैसले के बाद कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल तीनों ने मुख्यमंत्री पर दबाव बढ़ा दिया. बीजेपी ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री खुद ऐसे विवाद में घिरे हैं तो राज्य में नशा मुक्ति और नैतिक शासन की बात कैसे कर सकते हैं. कांग्रेस ने इसे नैतिकता का मुद्दा बताते हुए इस्तीफे की मांग की. वहीं अकाली दल ने इसे सिख मर्यादा और धार्मिक सम्मान का प्रश्न बताते हुए अकाल तख्त के फैसले का खुलकर समर्थन किया. इससे विपक्ष को लंबे समय बाद एक ऐसा मुद्दा मिला है जिस पर लगभग सभी दल एक सुर में दिखाई दे रहे हैं।  6. आम आदमी पार्टी का बचाव क्या है? आम आदमी पार्टी का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट केवल यह बताती है कि वीडियो तकनीकी रूप से असली है, लेकिन इससे यह साबित … Read more

CM भगवंत मान की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय, युवाओं के लिए नौकरियां और छात्रों को बड़ी राहत

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई अहम फैसलों को मंजूरी दे दी है. इन फैसलों का उद्देश्य नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट) की दोबारा होने वाली परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देना, नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, जनता के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार को आसान बनाने) में और सुधार करना है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिए गए इन फैसलों में नीट परीक्षार्थियों और उनके साथ एक अटेंडेंट (सहायक) के लिए मुफ्त बस सफर, 1,013 लेक्चरारों और 156 जूनियर इंजीनियरों (जे.ई.) की भर्ती, पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्टों की स्थापना और पंजाब में निवेश व औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति, 2026’ में अहम संशोधन शामिल हैं।  इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया, “मंत्रिमंडल ने विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा, रोजगार के अवसर पैदा करने, बुनियादी ढांचे के विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रशासनिक सुधारों और औद्योगिक विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है, जो जनता की भलाई और आर्थिक प्रगति के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं.” नीट (अंडर ग्रेजुएट) की दोबारा परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने उम्मीदवारों और उनके साथ जाने वाले एक अटेंडेंट के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में परीक्षा केंद्रों तक मुफ्त बस सफर को मंजूरी दी है. उल्लेखनीय है कि 3 मई, 2026 को हुई नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब यह परीक्षा 21 जून, 2026 के लिए पुनर्निर्धारित की गई है।  विद्यार्थियों और उनके अटेंडेंट की सुविधा के लिए पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. की बसें 20, 21 और 22 जून को पंजाब और चंडीगढ़ के परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने के लिए मुफ्त सफर की सुविधा प्रदान करेंगी. विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा और उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा. मुफ्त सफर सुविधा का वित्तीय बोझ ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा उठाया जाएगा और वित्त विभाग द्वारा इसकी भरपाई की जाएगी. यह पहल विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा को बढ़ावा देने और किफायती व सुलभ जनता परिवहन सेवाओं को सुनिश्चित करने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।  लेक्चरार कैडर के 1,013 पद भरे जाएंगे; आयु सीमा में पांच साल की छूट को मंजूरी मंत्रिमंडल ने एजुकेशन रिक्रूटमेंट डायरेक्टोरेट के माध्यम से लेक्चरार कैडर (ग्रुप-बी) के बैकलॉग और नए सृजित पदों सहित 1,013 मंजूरशुदा रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी. कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरार कैडर के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल की एकमुश्त छूट भी दी है. इस कदम का उद्देश्य नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।  लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के 156 पदों को मंजूरी एक और अहम फैसला लेते हुए, मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में 156 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती को मंजूरी दे दी है, जिसमें जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 127 पद और जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के 29 पद शामिल हैं. इस भर्ती से विभाग का कामकाज और सुचारू बनेगा और प्रभावी योजना, निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी. ये सभी पद पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (पी.एस.एस.एस.बी.) द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे।  पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित सी.बी.जी. प्रोजेक्ट को मंजूरी कचरे के स्थायी प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने नगर निगम पटियाला और नगर निगम जालंधर में 100 टी.पी.डी. की क्षमता वाले गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है और ये प्रोजेक्ट नामांकन के आधार पर एच.पी.सी.एल. रीन्यूएबल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एच.पी.आर.जी.ई.) को सौंपे जाएंगे. प्रदेश भर की 166 शहरी स्थानीय इकाइयों में प्रतिदिन लगभग 4,000 टन म्यूनिसिपल ठोस कचरा पैदा होता है. इस प्रोजेक्ट के तहत गीले कचरे की वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेसिंग की जाएगी जिससे कचरे के नीचे दबी जगहें साफ हो सकेंगी, शहरी सफाई और जनता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, नवीकरणीय ऊर्जा और जैविक खाद पैदा होगी, मीथेन का उत्सर्जन घटेगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।  सीनियरिटी से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए पंजाब सिविल सेवाएं नियमों में संशोधन मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सर्विसेज (जनरल एंड कॉमन कंडीशंस ऑफ सर्विस) रूल्स-1994 के नियम-8 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है. यह संशोधन उन स्थितियों का समाधान करता है जहां एक जैसी योग्यता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की जन्म तिथि भी एक जैसी होती है. ऐसे मामलों में अंतर-सीनियरिटी अब मेरिट के आधार पर निर्धारित की जाएगी, जिसमें संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक योग्यता में प्राप्त अंतिम ग्रेडिंग या प्रतिशतता शामिल होगी।  निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ में संशोधन पंजाब के औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ और पंजाब उद्योग क्रांति पहल के तहत विभिन्न सेक्टोरल नीतियों में संशोधनों को मंजूरी दी है. इन संशोधनों में वित्तीय रियायतें सिर्फ मौजूदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एम.एस.एम.ई.) की बजाय मौजूदा औद्योगिक इकाइयों पर लागू होने का प्रावधान किया गया है. ये औद्योगिक क्लस्टरों, अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों से संबंधित प्रावधानों को भी मजबूत करती हैं।  पहली 50 योग्य इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये का एकमुश्त प्रोत्साहन में अब न्यूनतम गोल्ड लेवल जेड.ई.डी. सर्टिफिकेशन या उससे अधिक सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाले उद्योग शामिल होंगे, जबकि सेक्टोरल नीतियों में समग्र प्रोत्साहन सीमाओं से संबंधित प्रावधानों को संकेतात्मक और गैर-कानूनी माना जाएगा. इन सुधारों से निवेश को बढ़ावा मिलने, औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने और पंजाब के देश में सबसे आकर्षक निवेश स्थान के रूप में उभरने की उम्मीद है। 

रोजगार मांगने नहीं, रोजगार देने की ओर बढ़ रहे पंजाब के युवा; सरकार दे रही पूरा सहयोग : भगवंत मान

चंडीगढ़  वर्तमान समय में पंजाब नवीन विचारों, विशिष्ट सोच और उद्यमी युवाओं द्वारा लीक से हटकर पहलकदमियां करने के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है, जिसकी वजह से राज्य देश भर में सबसे पसंदीदा स्टार्टअप स्थल के रूप में उभर रहा है जहां युवा अपने विचारों को व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदल रहे हैं। इस सोच की पैरवी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे, जिससे राज्य के अंदर ही नौकरियों और कमाई के अवसर पैदा हों। स्टार्टअप को पंजाब के भविष्य के आर्थिक विकास का मुख्य स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है कि किसी भी शानदार उद्यम को वित्तीय सहायता की कमी के कारण छोड़ा न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है, जिसमें 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उद्यम रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरियों की तलाश में विदेश जाने के रुझान को कम करने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली सप्लाई और कई अन्य सुधारों जैसी पहलकदमियों से यह पता चलता है कि कैसे नए विचार लोगों को सीधा लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार में मिल रहे भरपूर समर्थन के साथ पंजाब, भारत का स्टार्टअप हब बनने के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट वितरित करने संबंधी समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब के उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, खासकर हमारे युवा उद्यमियों के लिए जो नए विचारों के साथ अपना कारोबारी सफर शुरू कर रहे हैं। 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट दी जा रही है। 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। ये युवा उद्यमी अपने विचारों के माध्यम से सपनों को साकार कर रहे हैं और वे इस सहयोग के हकदार हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी (आप) खुद एक ऐसे विचार से पैदा हुई थी जब देश में परिवारवाद की राजनीति का दबदबा था और आम आदमी को अनदेखा कर दिया गया था। कई पहलुओं से ‘आप’ एक स्टार्टअप भी थी जिसने झाड़ू के अपने प्रतीक के साथ राजनीतिक व्यवस्था को साफ किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को मौका दिया। उस फैसले ने पंजाब को बदल दिया है और इसे देश का एक अग्रणी राज्य बना दिया है। पंजाबियों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबी अपनी मेहनत, जज्बे और उद्यम के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ कारोबार नहीं चला रहे, वे पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं। पंजाबी मूल के सफल उद्यमियों के उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और दुनिया भर में बहुत सी सफल कंपनियां पंजाबियों द्वारा स्थापित या सह-स्थापित की गई हैं। जोमैटो, ओला और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां इसकी उदाहरण हैं कि कैसे पंजाबियों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है। पंजाबी जहां भी जाते हैं, वे कारोबार स्थापित करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य है कि सफल संस्थापकों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे। इनोवेशन इको-सिस्टम (नवीनतम प्रणाली) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीड मनी ( स्टार्टअप के लिए सहायता राशि) प्रदान करने का उद्देश्य स्टार्टअप्स पर आने वाले शुरुआती बोझ को कम करना और उन्हें अपने विचारों को हकीकत में बदलने तथा आगे बढ़ने का भरोसा देना है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नवाचार के केंद्र बनना चाहिए जहां विचार क्लासरूम से परे उत्पाद, सेवाएं, कंपनियां और समाधान की नींव बनते हैं। अपने विदेशी दौरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दक्षिण कोरिया के पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड्स के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर में उन्होंने देखा कि कैसे एक योजनाबद्ध इनोवेशन इको-सिस्टम पूरे क्षेत्र को बदल सकता है। इस मॉडल से पता लगता है कि जब इको-सिस्टम को सही ढंग से डिज़ाइन किया जाता है तो विचार विश्व स्तरीय कंपनियों की नींव बन सकते हैं। इसी तरह नीदरलैंड्स में वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर के अपने दौरे के दौरान मैंने देखा कि कैसे इनोवेशन नई तकनीकों की टेस्टिंग, लागूकरण और व्यावसायीकरण के माध्यम से खेतीबाड़ी और बागबानी को बदल सकती है। पंजाब की कृषि क्षमता के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में भविष्य का विकास उच्च-मूल्य वाली खेतीबाड़ी, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, सुरक्षित खेती, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स के माध्यम से होना चाहिए। हमारे किसान हमेशा प्रगतिशील रहे हैं और पंजाब सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नए कारोबारी मॉडलों तक पहुंच प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्टार्टअप्स रोजगार के अवसर पैदा करके और युवाओं में भरोसा बहाल करके पंजाब में सार्थक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर उद्यमी पंजाब का ब्रांड एंबेसडर बने। आप जहां भी जाएं, पंजाब का नाम रोशन करें और दुनिया को बताएं कि पंजाब नवाचार के लिए तैयार है, पंजाब स्टार्टअप के लिए तैयार है और पंजाब भविष्य के लिए तैयार है। पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह … Read more

परीक्षाओं में पारदर्शिता पर मान सरकार का जोर, CM बोले- पंजाब में नहीं हुआ एक भी पेपर लीक

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के रोजगार अभियान में एक और मील का पत्थर साबित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इसके साथ ही उनकी सरकार के गठन से अब तक दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या 67,037 हो गई है. इस उपलब्धि को पंजाब में नई भर्ती व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्ष मुकाबले के आधार पर बिना किसी सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव या भ्रष्टाचार के दी जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट जैसी पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश के युवाओं का विश्वास हिला दिया है और 2017 से अब तक देश भर में 93 पेपर लीक होने की रिपोर्ट हैं. इसके विपरीत पंजाब की बात करें तो वर्ष 2022 से अब तक एक भी पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया. युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है. तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है. ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं. ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है.” “मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें. ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.” नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है. वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं. आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं. इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है. उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है. अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें.” पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की. उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है. नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है. हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है. इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है. होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है. शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है. उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था. आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है. यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस हैं, जिससे स्कूलों में ऐसा माहौल सृजित हुआ है जो सीखने, नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है. उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं … Read more

मजदूरों के लिए खुशखबरी! पूरे पंजाब में 10 लाख श्रमिकों का निशुल्क पंजीकरण करेगी सरकार

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  पूरे पंजाब में 10 लाख निर्माण मजदूरों के मुफ्त पंजीकरण और पुराने पंजीकरण को नवीनीकृत करने के लिए बड़ी मुहिम का ऐलान किया. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर कल्याण योजनाओं का लाभ सीधे मजदूरों तक पहुंचाया जाए. पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हर निर्माण मजदूर को सामाजिक सुरक्षा लाभ, कल्याण सहायता और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन निर्माण मजदूरों के पंजीकरण, वित्तीय सहायता और कल्याण योजनाओं के माध्यम से उनकी भलाई, सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद लंबे प्रोसेसिंग समय के कारण मजदूरों के लिए कल्याण योजनाएं आवश्यक सफलता हासिल नहीं कर सकीं।  कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस समय बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड के पास 2.21 लाख मजदूर पंजीकृत हैं, जो पंजाब भर में चल रही बड़े पैमाने की निर्माण गतिविधियों और शहरीकरण को देखते हुए काफी कम है. पंजीकरण में सुधार के लिए राज्य भर में और पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।  मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब सरकार इस विशेष मुहिम के दौरान मजदूरों पर पंजीकरण शुल्क का बोझ खत्म करेगी ताकि अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह देखा गया है कि मजदूर अक्सर पंजीकरण कराने में हिचकते हैं क्योंकि उन्हें पंजीकरण शुल्क के रूप में 145 रुपये जमा कराने होते हैं. पंजीकरण कराने और नवीनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए इस विशाल पंजीकरण मुहिम के दौरान आवेदकों को यह शुल्क जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी. इस मुहिम के दौरान लगभग 10 लाख मजदूरों को पंजीकृत किया जाएगा और पंजाब सरकार इसके लगभग 15 करोड़ रुपये के वित्तीय खर्च को खुद सहन करेगी।  उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार पंजीकरण के बाद भी मजदूरों की मदद करना जारी रखेगी. उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार उन सभी मजदूरों का पंजीकरण शुल्क का खर्च उठाएगी, जो एक साल के अंदर किसी भी लाभ का फायदा नहीं उठाते. श्रम विभाग को गांवों में शाम के समय विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं क्योंकि मजदूर उस समय काम से लौटते हैं और इससे अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को लेबर चौकों पर मजदूरों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा, “लेबर चौकों पर शेड बनाए जाने चाहिए और पीने के पानी की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए ताकि मजदूरों को काम की प्रतीक्षा करते समय किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने आवेदनों के निपटान में होने वाली देरी को कम करके कल्याण योजनाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2022-23 में मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का प्रोसेसिंग समय 203 दिन था. पंजाब सरकार ने अब इसे घटाकर 73 दिन कर दिया है. लंबा प्रोसेसिंग समय मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी बाधा थी, इसलिए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।  कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बोर्ड को 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का विवरण ‘पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन’ के साथ साझा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा, “बोर्ड को कौशल प्रशिक्षण के लिए 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का डेटा पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन को उपलब्ध कराना चाहिए. यह प्रशिक्षण केवल निर्माण स्थलों, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों और बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड द्वारा लगाए गए शिविरों में ही दी जानी चाहिए।  उन्होंने कहा कि मजदूरों को ऐसे विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जो उनके कौशल और कमाई की क्षमता को बढ़ा सकें. उन्होंने कहा, “राजगीरी (मेसनरी), बार बेंडिंग एंड फिक्सिंग, शटरिंग कारपेंटरी, स्कैफोल्डिंग (पैड़ बांधना), क्वालिटी एशोरेंस, कंस्ट्रक्शन पेंटिंग, कंस्ट्रक्शन इलेक्ट्रिकल वर्क्स, सर्वेक्षण, सड़कों और रनवे का निर्माण, आंतरिक और बाहरी फिनिशिंग, फैब्रिकेशन, ड्राफ्टिंग, शटरिंग कारपेंटरी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि महिला मजदूरों को पंजाब सरकार की प्रमुख कल्याण योजनाओं का लाभ मिले. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला मजदूरों को ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता भी मिले.” बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।   

दोस्ती से सियासी टकराव तक: भगवंत मान और रवनीत बिट्टू के बीच बढ़ी जुबानी जंग

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति में कभी गहरी दोस्ती के लिए चर्चित रहे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच अब सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बातचीत में बिट्टू पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि वह जल्द ही अपना मंत्री पद और राज्यसभा सीट दोनों गंवा सकते हैं। भगवंत मान ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने रवनीत बिट्टू को विधानसभा चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने के लिए कहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इसी वजह से वह कह रहे हैं कि बहुत हो गया राज्यसभा और लोकसभा।” राजनीतिक गलियारों में यह बयान इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि मान और बिट्टू कभी बेहद करीबी मित्र माने जाते थे। आम आदमी पार्टी के 2022 में सत्ता में आने और भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने से पहले ही दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच निजी और राजनीतिक मुद्दों पर नियमित बातचीत होती थी। हालांकि समय के साथ राजनीतिक परिस्थितियां बदलती गईं और अब आम आदमी पार्टी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का असर उनके व्यक्तिगत संबंधों पर भी दिखाई देने लगा है। दोनों नेताओं के बीच तनाव उस समय खुलकर सामने आया जब हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान रवनीत बिट्टू संगरूर और धूरी पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेता प्रोफेसर ओंकार सिंह का समर्थन किया, जिन्हें चुनावी क्षेत्र में कथित रूप से नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रोफेसर ओंकार सिंह कभी भगवंत मान के बेहद करीबी सहयोगी माने जाते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद मान ने उन्हें अपना ओएसडी नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद ओंकार सिंह भाजपा में शामिल हो गए और धूरी क्षेत्र में सक्रिय राजनीति करने लगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी में रवनीत बिट्टू द्वारा ओंकार सिंह का समर्थन करना मान को पसंद नहीं आया, जिसके बाद दोनों नेताओं के संबंधों में खटास और बढ़ गई। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह सियासी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है। कभी दोस्ती के लिए मिसाल माने जाने वाले भगवंत मान और रवनीत बिट्टू अब पंजाब की राजनीति में अलग-अलग मोर्चों पर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

AAP सरकार का बड़ा दावा, किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया रिकॉर्ड 21,000 क्यूसिक पानी

जालंधर  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं सालाना बरसी संबंधी आयोजित समागम के दौरान गांव सीचेवाल में माथा टेका। इस मौके पर एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर पंजाब का सपना देखते हुए भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एक नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से खेल बुनियादी ढांचे, सिंचाई, भूजल रिचार्ज और लोक कल्याण संबंधी किए गए उपायों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। पर्यावरण अनुकूल उपायों से 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत रिचार्ज करने में मदद मिली है, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के स्तर में 2 से 4 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और खेल सुविधाओं के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत “रंगला पंजाब” के रंग अब पूरे राज्य में दिखने शुरू हो गए हैं। इस मौके पर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत और वैर के अलावा सब कुछ उग सकता है। पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और सहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। लोगों के बीच सामाजिक ताने-बाने पहले से ही बहुत मजबूत हैं और इसे और मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा, “यह सही समय है कि पंजाबी एकजुट होकर फूट डालने वाली ताकतों को उचित जवाब दें जो राज्य की शांति, सद्भावना और भाईचारे की साझेदारी को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। जो लोग भाईचारे की सद्भावना को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं क्योंकि वे राज्य को फिर से अंधेरे में धकेलना चाहते हैं। ये ताकतें सांप्रदायिक झगड़ा पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहती हैं, लेकिन उनकी संकीर्ण चालें सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग हर मौके पर एकजुट रहते हैं।” लोगों को एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। उनकी राजनीति समुदायों में विभाजन पैदा करने और फिर वोटों के लिए दोनों पक्षों को डराने पर केंद्रित है। लोगों को ऐसी राजनीति से सतर्क रहना चाहिए। ये लोग जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर नफरत फैलाते हैं, लेकिन ‘आप’ ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती।” गुरबाणी की तुक “पवणु गुरू पानी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महान गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था। गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान करने की शिक्षा दी थी, लेकिन बदकिस्मती से मनुष्य प्रकृति को सुरक्षित रखने में असफल रहा है। अब समय आ गया है कि गुरबाणी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर पंजाब की शान को बहाल किया जाए।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर सरकार का साथ देना चाहिए। मैं हमेशा धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक रहता हूं क्योंकि उनका काम कभी भी सांसारिक या सरकारी पदों से संबंधित नहीं होता। वे धार्मिक स्थानों तक जाने वाली सड़कें बनाने, संगत के लिए शेड बनाने, श्रद्धालुओं के लिए लंगर का प्रबंध करने, नहरों और पानी की नालियों की सफाई करने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने की बात करते हैं। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह जी सीचेवाल, ‘सीचेवाल मॉडल’ के माध्यम से बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।” पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “38 साल पहले, यह जगह रेत के टीबों से ढकी हुई थी जहां मूंगफली और छोटी फसलें उगती थी। बाबा जी के प्रयासों से, यह जगह अब हरे-भरे पर्यावरण में बदल गई है। यहां हजारों पेड़ और सैकड़ों किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। ये पेड़ पूरे फल और छांव प्रदान करते हैं और लोग नर्सरी से पौधे लेने यहां आते हैं।” उन्होंने कहा, “प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सिर्फ कुछ समर्पित आत्माएं ही प्रयासरत हैं और पंजाब भाग्यशाली है कि संत बाबा बलवीर सिंह जी उनमें से एक हैं। जब भी बाबा जी संसद में बोलते हैं, कोई उन्हें नहीं रोकता क्योंकि हर कोई जानता है कि वे हमेशा समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बोलते हैं। बहुत कम लोगों को ऐसी बहुमूल्य सेवा करने का मौका मिलता है और बाबा जी ने हमेशा मानवता, ईमानदारी से जीवन जीने, मिलजुलकर रहने और नेकी का संदेश फैलाया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं। हर कुछ दिनों बाद सड़कों पर, कूड़े के ढेरों में या अपमानजनक स्थितियों में फटे या जले हुए अंगों की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं। यह बेहद दुखदाई था, लेकिन दुख और भी गहरा हो गया जब दोषियों को कोई ठोस कानून न होने और खामियों के कारण जमानत पर रिहा कर दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “इस मामले पर संपूर्ण संत समाज से सलाह-मशविरा करने, अमृतसर और चंडीगढ़ में मीटिंगें करने और वकीलों तथा सेवानिवृत्त जजों से चर्चा करने के बाद राज्य सरकार ने बिना किसी ढिलाई के ‘बेअदबी’ के खिलाफ एक सख्त कानून बनाया। वाहेगुरु ने मुझे जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का बल बख्शा, जिसमें ‘बेअदबी’ के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर दोषी जुर्माना नहीं भर सकता, तो उनकी … Read more