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यूरोप से 1300 करोड़ का निवेश लेकर आए सीएम भगवंत मान, पंजाब में खेती और उद्योग को मिलेगी नई दिशा

 चंडीगढ़ नीदरलैंड और फिनलैंड के दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि इस यात्रा ने राज्य में निवेश, आधुनिक खेती और युवाओं के लिए नए अवसरों के रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब में निवेश को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जायका कंपनी ने पंजाब में 1300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह निवेश फूड प्रोसेसिंग और उच्च गुणवत्ता वाली खेती को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम फसली विविधीकरण को गति देंगे और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे। नीदरलैंड दौरे के दौरान विश्व प्रसिद्ध केउकेनहॉफ बागबानी माडल का अध्ययन किया गया। यहां आधुनिक तकनीक के जरिए उत्पादन क्षमता में बड़ा अंतर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक खेती में एक वर्ग मीटर में करीब 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पाली हाउस तकनीक से यह 100 किलो तक पहुंच जाता है। इस मॉडल को पंजाब में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। दौरे के दौरान विश्व बागबानी केंद्र और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर आफ कामर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से भी बैठक हुई। इसमें कृषि तकनीक, फूलों की खेती और निर्यात को लेकर संभावनाओं पर चर्चा हुई। मोहाली में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और इनोवेशन हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  इन कंपनियों में होगा निवेश मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि एएनएक्सपी सेमीकंडक्टर और एलटी फूड्स जैसी कंपनियों ने भी निवेश में रुचि दिखाई है। एलटी फूड्स ने राजपुरा में निवेश पर सहमति जताई है, जिससे चावल निर्यात और फूड सेक्टर को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पंजाब को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। फिनलैंड दौरे के दौरान शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया। वहां की आधुनिक शिक्षा प्रणाली, शिक्षक प्रशिक्षण और बाल केंद्रित शिक्षण माडल का अध्ययन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरे से कृषि, उद्योग, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की नींव पड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर लेकर आएगी। इस मौके पर उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस भी मौजूद थे। आज सम्मान, अगला बैच कब जाएगा हाली के विकास भवन में आज उन छात्रों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने हाल ही में जेई परीक्षा पास की है। सरकार की ओर से इन विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं, शिक्षक प्रशिक्षण के तहत अगला बैच 18 मई 2026 को फिनलैंड भेजा जाएगा। इस बैच में 72 शिक्षक शामिल होंगे, जिन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। 1300 करोड़ निवेश और साझेदारी उन्होंने कहा कि इस निवेश के साथ‑साथ दुनिया की कई अग्रणी कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा. उनके अनुसार, इन रणनीतिक साझेदारियों से फसल विविधीकरण को गति मिलेगी और कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा. नीदरलैंड दौरे पर विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने बताया कि इस दौरान उद्यानिकी विकास और कृषि सहयोग के अवसरों पर बातचीत हुई और पंजाब से गुलाब निर्यात की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।  नीदरलैंड में कृषि‑तकनीक पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़ायका के निवेश के अलावा यह दौरा पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दौरे का उद्देश्य औद्योगिक निवेश, शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के आदान‑प्रदान को बढ़ावा देना भी था. उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि तकनीकों, टिकाऊ खेती और उच्च मूल्य वाली फसलों पर संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशी गईं. नीदरलैंड की वर्टिकल फार्मिंग तकनीक को पंजाब में अपनाने पर भी चर्चा हुई. 20 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र, नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड तथा पंजाबी समुदाय के साथ बैठकें कीं।  पॉलीहाउस खेती और निवेश रोड शो मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां यह जानकारी दी गई कि खुले खेतों में जहां प्रति वर्ग मीटर 6 किलो टमाटर उत्पादन होता है, वहीं पॉलीहाउस में यह उत्पादन 100 किलो तक पहुंच जाता है. दौरे के दौरान निवेश रोड शो भी आयोजित किया गया, जिसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा हुई। 

‘आओ मुझे खरीदकर दिखाओ’: भगवंत मान का भाजपा को कड़ा जवाब, AAP में बगावत के बाद चुनौती

चंडीगढ़  राघव चड्ढा की अगुवाई में राज्यसभा के सात सांसदों के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में भगदड़ मच गई है। पूरी पार्टी सहम सी गई है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, 'क्या बीजेपी को पंजाब के बेटे भगवंत मान का चैलेंज स्वीकार है? आओ मुझे खरीदकर दिखाओ।' इससे पहले भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है और उसने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है।' भगवंत मान ने दावा किया कि 'बेअदबी' के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, क्योंकि उसे पंजाब की भावनाओं से गहराई से जुड़े एक मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बार-बार अस्वीकृति का सामना कर चुकी भाजपा ने राज्य और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है तथा धमकी, प्रलोभन और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अगले साल के आरंभ में पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टी छोड़ने वालों और ऐसा कराने वालों की निंदा करते हुए मान ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक आधार की कमी ने उसे ऐसी रणनीति अपनाने के लिए मजबूर किया है तथा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार में दिखाई देने वाले सुधारों ने उसे अस्थिर कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि किसी व्यक्ति से पार्टी बड़ी है, और आप छोड़ने वाले 6-7 लोग पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे गद्दार हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पार्टी के पांच अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले, दिल्ली में प्रेस वार्ता में आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने कहा कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

भगवंत मान का बयान: ‘अदरक, लहसुन, जीरा’ जैसे सांसद कभी सब्जी नहीं बनेंगे, AAP छोड़ने वालों पर तंज

चंडीगढ़  राघव चड्डा सहित आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इस बीच, विदेश दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी पर निशाना साधा। तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की पंजाबियों के साथ बिल्कुल नहीं बनती है और बीजेपी ने पंजाबियों के साथ गद्दारी की है। मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल करके आम आदमी पार्टी के नेताओं को डरा-धमका रही है और सरकार को अस्थिर करने के लिए ऑपरेशन लोटस चला रही है। बीजेपी के पास पंजाब में कोई चेहरा नहीं है। पंजाब में बीजेपी की वाशिंग मशीन चल रही है। बीजेपी पंजाब नहीं जीत सकती। उन्होंने आप छोड़ने वाले सातों सांसदों को गद्दार बताते हुए कहा कि भाजपा में उन्हें कुछ भी नहीं मिलने वाला है। 'पार्टी छोड़ने वाले कैप्टन और सिंधिया का हाल देख लें' सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं। ये सात लोग जो गए हैं, वे पंजाबियों के साथ गद्दारी करके गए है। यहां बैठे-बैठे इन्हें पद मिल गए, इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। अब ये अपनी राजनीतिक नहीं जान बचाने के लिए वहां गए हैं, लेकिन वहां भी इनका कुछ नहीं होना है। वहां भी इन्हें इस्तेमाल करके छोड़ दिया जाएगा। पहले देख लो कैप्टन साहब की बात कोई नहीं सुनता। सिंधिया का हाल भी सबके सामने है। भगवंत मान ने आप छोड़कर बीजेपी जॉइन कर चुके और करने की आशंका वाले 7 सांसदों की तुलना 7 मसालों से की है. उन्होंने इन सब्जियों की खासियत बताते हुए कहा कि ये सब्जियां तब तक ही अहम हैं जब तक किसी में डाली जाए. अपने आप में इनकी कोई अहमयित नहीं है।  भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया. ये 7 चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन अकेले ये चीजें सब्जी नहीं बन सकतीं।  बलबीर सिंह ने भी दी प्रतिक्रिया बलबीर सिंह ने भी आप सांसदों के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, जिनको हमने चुन के भेजा था, 'पंजाब के MLAs ने भेजा था, उनको इन लोगों ने धोखा दिया है, विश्वास घात किया है हमारे साथ.अगर उनमे थोड़ी सी भी तमीज होती तो वो रिजाइन करके जाते. ये बीजेपी का ऑपरेशन लोटस है, यही काम करती है बीजेपी।  आज पूरी हो सकती है 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया दूसरी तरफ, सूत्रों के हवाले से खबर है कि राज्यसभा में 'आप' के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया आज पूरी हो सकती है. विलय से जुड़ी सभी कानूनी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. इन सात सांसदों के गुट को बीजेपी संसदीय दल में शामिल करने की मंजूरी आज राज्यसभा के सभापति दे सकते हैं।  'भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे ' उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समय भी बीजेपी ने गद्दारी की। अब हमारे सांसदों को अपने साथ शामिल किया जा रहा है, क्योंकि पंजाब में उनका अपना कोई मजबूत आधार नहीं है। लेकिन वे पूछते हैं कि भगवंत मान सरकार का विकल्प क्या है। मान ने कहा कि भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं। मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है। रवनीत बिट्‌टू तीन-चार दिन पहले राघव चड्‌ढा को गालियां निकाल रहे थे। अब कैसे मिलेंगे। अगर सभापति आज इस विलय को मंजूरी दे देते हैं, तो आम आदमी पार्टी के लिए ये संसद में अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा. इन सात सांसदों के जाने से उच्च सदन में 'आप' की ताकत काफी कम हो जाएगी, जबकि बीजेपी का पलड़ा और भारी हो जाएगा।  तीन नेता बीजेपी में शामिल, 4 पर सस्पेंस बता दें कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को बीजेपी जॉइन कर ली थी. वहीं, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता के भी बीजेपी में शामिल होने की चर्चा है. हालांकि, इन चारों नेताओं के नाम पर अभी सस्पेंस जारी है। 

विदेश में गूंजा पंजाब का विज़न: भगवंत मान ने NRI समुदाय से किया निवेश का आह्वान

चंडीगढ़.  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों फिनलैंड दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से सीधा संवाद स्थापित कर राज्य के विकास में उनकी भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बसे पंजाबियों के पास अनुभव, संसाधन और तकनीकी समझ है, जो पंजाब की आर्थिक प्रगति को नई गति दे सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्हें राज्य में निवेश और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। पंजाब सरकार उद्योग, कृषि और शिक्षा के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही है, जिसमें प्रवासी पंजाबियों की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से डेयरी, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में फिनलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दौरे के दौरान हेलसिंकी स्थित हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के साथ शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी की पहल भी की गई। इस सहयोग के तहत छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब के युवाओं को वैश्विक स्तर पर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। अनाज भंडारण और कीट नियंत्रण के लिए पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को लागू करने की दिशा में फिनलैंड के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्होंने “सोलिन प्रोटीन” को मिड-डे मील और आंगनवाड़ी पोषण योजनाओं में शामिल करने पर भी विचार व्यक्त किया, जिससे बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने फिनलैंड में भारतीय राजदूत से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। यह दौरा पंजाब और फिनलैंड के बीच सहयोग को नई दिशा देने और आर्थिक, शैक्षणिक व तकनीकी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, इससे पहले सीएम भगवंत मान ने फिनलैंड में भारत के राजदूत, हेमंत एच. कोटालवार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बातचीत के दौरान, हमने पंजाब और फिनलैंड के बीच आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को तलाशने पर विस्तार से चर्चा की थी।

फतेहगढ़ साहिब हादसे में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजा, सीएम का बड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में हुए बस हादसे के पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुआवजे की घोषणा की है। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 34 लोग घायल हुए थे। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये प्रति मृतक के हिसाब से देने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मुआवजे की घोषणा की। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। यह हादसा बीते सप्ताह फतेहगढ़ साहिब जिले के बसी पठानां के नजदीक गांव मैन माजरी में हुआ था। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हादसे की जांच तेज कर दी है।

पंजाब को सीएम भगवंत मान ने दुनिया भर में बेहतरीन निवेश स्थल के रूप में दर्शाया

चंडीगढ़ चंडीगढ़ निवेश को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर प्रयास जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास जारी हैं। नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नॉर्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत सिंह मान ने एनआईसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक विकास और निर्यात आधारित वृद्धि की दिशा में पंजाब के बदलाव पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे—जिसमें अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक ढांचा शामिल है—को भी प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जो खुलेपन और नवाचार के साझा मूल्यों को दर्शाते हैं। उन्होंने निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार करने में आसानी के प्रति राज्य सरकार की सक्रिय और सुधारवादी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। भगवंत सिंह मान ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और समयबद्ध स्वीकृतियों की प्रभावशीलता पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच साझा सांस्कृतिक मूल्यों और उद्यमशीलता की भावना की सराहना करते हुए वैश्विक निवेशकों को “पंजाब आइए, निवेश कीजिए और आगे बढ़िए” का आह्वान किया। उन्होंने राज्य के रणनीतिक लाभों को उजागर करते हुए निवेश को सहज बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे, प्रगतिशील किसानों और वैश्विक मानकों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन जैसी विशेषताओं पर भी जोर दिया। भगवंत सिंह मान ने डच कंपनियों को नए निवेश के लिए पंजाब को संभावित गंतव्य के रूप में चुनने का निमंत्रण दिया। एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी पंजाबियों से संवाद किया, जिससे सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने का अवसर मिला। उन्होंने नीदरलैंड्स में भारतीय और पंजाबी समुदाय के योगदान की सराहना की, जो सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उनके सुझाव भी आमंत्रित किए और पंजाब के विकास में प्रवासी समुदाय को महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। निवेश को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से वैश्विक स्तर पर प्रयास जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय प्रयास जारी हैं। नीदरलैंड्स-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड की चेयरपर्सन मिस एडिथ नॉर्डमैन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, निर्यात आधारित विकास और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ तालमेल, विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पंजाब के रणनीतिक फोकस को भी रेखांकित किया। भगवंत सिंह मान ने एनआईसीसीटी से पंजाब को डच उद्योगों से जोड़ने और क्षेत्र-विशेष भागीदारी तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को सक्रिय करने की अपील की। इस दौरान हेग में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक ताकत और उभरते अवसरों को प्रस्तुत किया, जिसमें नीदरलैंड्स के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक विकास और निर्यात आधारित वृद्धि की दिशा में पंजाब के बदलाव पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे—जिसमें अनुकूल औद्योगिक माहौल, कुशल कार्यबल, प्रगतिशील नीतियां और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक ढांचा शामिल है—को भी प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब और नीदरलैंड्स के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जो खुलेपन और नवाचार के साझा मूल्यों को दर्शाते हैं। उन्होंने निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार करने में आसानी के प्रति राज्य सरकार की सक्रिय और सुधारवादी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी नीतियों में से एक है। भगवंत सिंह मान ने डच कंपनियों को नए निवेश के लिए पंजाब को संभावित गंतव्य के रूप में चुनने का निमंत्रण दिया। एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी पंजाबियों से संवाद किया, जिससे सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने का अवसर मिला। उन्होंने नीदरलैंड्स में भारतीय और पंजाबी समुदाय के योगदान की सराहना की, जो सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने उनके सुझाव भी आमंत्रित किए और पंजाब के विकास में प्रवासी समुदाय को महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

‘अब सिस्टम बदलने का वक्त’: Bhagwant Mann का बड़ा बयान, मुफ्त सुविधाएं रहेंगी जारी

चंडीगढ़. देश की राजनीति में भगवंत मान एक मात्र एसे मुख्यमंत्री हैं जो स्टेज से लेकर स्टेट तक को लीड कर रहे हैं। बतौर कलाकार मुख्यमंत्री भगवंत मान की ताकत ‘पोलटिकल सटायर’ हुआ करती थी। जो राजनीतिक सिस्टम पर चोट करती थी। 2022 में भगवंत मान मुख्यमंत्री बने तो उनके हाथों में हरा कलम आ गया। बतौर कलाकार मैं अपने शब्दों से सिस्टम पर चोट करता था। लोगों ने हाथों में हरा कलम जब से थमाया है। तब से मैं सिस्टम को बदल रहा हूं। ताकि सिस्टम में सुधार हो। विचार मंच के दौरान ‘चुनौतियां और राह’ पर बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि 70 साल का घाटा चार वर्षों में पूरा नहीं किया जा सकता। आम आदमी पार्टी ने भले ही चुनाव में लोगों से किए गए गारंटियों को पूरा कर दिया हो लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। इस दौरान उन्होंने न अपने निजी जीवन से लेकर पंजाब के राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर खुल कर विचार रखे। गरीबों को मिलने वाली मुफ्त योजना जारी रहेगी मु्ख्यमंत्री ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने 300 यूनिट फ्री बिजली का वायदा किया तो कहा गया कि ‘रेवड़ियां’ बांट रहे हैं। उन्होंने कहा ‘फिर 15 लाख का पापड़ पहले किसने बेचा था। अब कह रहे हैं कि जुमला था। नेताओं का तो टोल भी फ्री है और गाड़ी भी। तेल भी फ्री हैं जो टेलीफोन का बिल भी। जब गरीबों को बिजली, राशन, ईलाज, बस सफर मिलता हैं तो इन नेताओं को दर्द क्यों होता है। गरीब आदमी भले ही डायरेक्ट टैक्स नहीं देता लेकिन इन डायरेक्ट टैक्स तो देता ही है। गरीब आदमी के चाय से लेकर रात को सोते समय चलने वाले पंखे पर भी टैक्स है।’ उन्होंने कहा कि अंबानियों का जब कर्जा माफ हो जाता हैं तो गरीबों को सहूलियत क्यों नहीं दिया जा सकता है। यह योजनाएं बंद नहीं होगी। क्योंकि जब आम लोगों को यह भरोसा हो जाए कि उसके द्वारा दिए जाने वाला इन-डायरेक्ट का लाभ उन्हें ही मिलेगा तो उन्हें टैक्स देने का दुख नहीं होता। फसली विविधिकरण संभव नहीं, धान होगा तो पराली भी होगी किसानों को पारंपरिक खेती से मुक्ति दिलवाने के उठ रहे सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञापन देने मात्र से फसली चक्र नहीं टूटने वाला है। इसके लिए किसानों को बदली हुई फसल का मूल्य देना होगा। दीवारों पर हमने बहुत लिखा कि ‘हम दो हमारे दो’ तो इससे क्या जनसंख्या नियंत्रित हो गई। पराली में लगने वाली आग के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि असली कारण को समझना ही होगा। अक्टूबर-नवंबर में दशहरा-दीपावली और दशहरा एक साथ आते हैं। किसान धान की पराली में इसलिए आग लगाता हैं क्योंकि उसे 10 से 12 दिन के भीतर गेहूं की फसल लगानी होती है। जब पंजाब 185 लाख मिट्रिक टन धान सेंट्रल पूल में देता हैं तो पंजाब बहुत अच्छा लेकिन इसके साथ पराली भी तो होगी। जब किसान पराली जलाते हैं तो कहा जाता हैं कि किसानों पर पर्चा दर्ज कर दो। 10 दिन से किसान अन्नदाता से अपराधी बन जाता है दस दिन पहले जो किसान अन्नदाता होता हैं 10 दिन बाद ही वह अपराधी बन जाता है। किसानों को पराली संभालने का इंसेंटिव देना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में पराली जलती भी नहीं हैं कि दिल्ली में हंगामा शुरू हो जाता है। एनजीटी के सेवानिवृत्त जज ने भी स्पष्ट किया कि पंजाब को यूं ही बदनाम किया जाता है। पंजाब के धुएं से दिल्ली को असर नहीं पड़ता। लेकिन जज साहब ने यह बात तब कहीं जब वह सेवानिवृत्त हो गए। सर्विंग में होते हुए उन्होंने यह बात नहीं कहीं। मुख्यमंत्री ने मार्डन खेती पर विशेष जोर दिया। पंजाब के छात्र जमीन पर नहीं बैठते मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। स्कूल आफ एमिनेंस तो बने ही हैं साथ ही पंजाब का अब कोई भी ऐसा स्कूल नहीं हैं जहां पर बच्चे जमीन पर पढ़ते हो। कोई स्कूल ऐसा नहीं हैं जो बिना चाहरदिवारी के हो। स्कूलों में लैब बने हैं और सकरारी स्कूल के बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा पास कर रहे हैं। यह वहीं स्कूल जहां दो-तीन साल पहले तक बच्चों को जेईई और नीट के बारे में पता तक नहीं था। ड्रग्स को लेकर पंजाब बदनाम किया जा रहा ड्रग्स के मुद्दे पर उठे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बदनाम तो पंजाब को किसा जाता हैं लेकिन 3000 किलों ड्रग्स मुंद्रा पोर्ट से पकड़ी जाती है। पंजाब सरकार ड्रग्स के खिलाफ मुहीम चला रही है। वहीं, नए इनोवेशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब प्रति दिन 15 मौतें सड़कों पर हो रही थी। लोग इसे कुदरती आपदा मानते थे लेकिन यह मानवीय आपदा थी। मुख्यमंत्री ने कहा जब मैंने सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया तो सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में कमी आई। आज प्रति वर्ष 2600 कीमती जानें बचाई जा रही है।

पंजाब में बेअदबी कानून पर बड़ा बयान: Bhagwant Mann बोले—यह फैसला ऐतिहासिक

चंडीगढ़. श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की साजिश की या बेअदबी की तो अब दोषी को 10 वर्ष से लेकर उम्र कैद की सजा हो सकती है। क्योंकि 13 अप्रैल को पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा में सर्वसम्मति से पास किया गया 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंजूरी दे दी है। इस संबंधी जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद दी है। नीदरलैंड दौरे पर गए मुख्यमंत्री राज्यपाल द्वारा बिल को मंजूरी देने पर धन्यवाद किया है। विधान सभा में बिल पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गारंटी दी थी अब कोई पांचवां बिल नहीं आएगा। बता दें कि इस बिल से पहले तीन बार पहले ही बेअदबी की सजा का बिल पेश हो चुका था। इस बिल में बेअदबी के लिए कम से कम सात साल की कैद (जिसे बढ़ाकर 20 साल तक किया जा सकता है) और 2 लाख से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान करता है। वहीं, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साज़िश के तहत की गई बेअदबी के लिए और भी कड़ी सज़ाएं तय की गई हैं, जिनमें उम्रकैद (ता-उम्र) और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था। बिल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं पंजाब सरकार ने दावा किया था कि यह स्टेट बिल है। इसलिए इसे राज्यपाल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि विपक्षीय पार्टियां इस बात की आशंका जता रही थी की राज्यपाल इस बिल को राष्ट्रपति को भेज सकते हैं। क्या हैं संशोधन इस संशोधन के ज़रिए प्रस्तावना के शुरुआती पैराग्राफ़ को बदला गया है। इसका मकसद इस बात पर जोर देना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) या उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य संस्था के अलावा, कोई भी अन्य संस्था स्वरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण, वितरण या आपूर्ति न करे। यह सिख रहत मर्यादा (सिख आचार संहिता और रीति-रिवाजों) के अनुसार पवित्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देता है, साथ ही यह अपवित्रीकरण को परिभाषित करता है, उसके लिए दंड का प्रावधान करता है, और एक ऐसा "निवारक ढांचा" तैयार करता है। अपवित्रता की परिभाषा यह रिकॉर्ड को प्रिंटिंग, स्टोरेज और वितरण से संबंधित मैनुअल और इलेक्ट्रॉनिक, दोनों तरह के दस्तावेज़ों के रूप में भी परिभाषित करता है। साथ ही, यह ‘अपवित्रता’ को किसी भी जान-बूझकर और सोची-समझी गई अपमानजनक कार्रवाई के रूप में विस्तार से बताता है। जिसमें अंग को जलाने, फाड़ने या चोरी करने जैसे भौतिक नुकसान से लेकर, बोलने, लिखने, प्रतीकात्मक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से की गई ऐसी हरकतें शामिल हैं जो सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हों। एक नई धारा 3A एसजीपीसी को सभी स्वरूपों का एक केंद्रीय रजिस्टर रखने का आदेश देती है। इस रजिस्टर में हर स्वरूप को एक खास पहचान संख्या दी जाएगी और प्रिंटिंग की तारीख, आपूर्ति की जगह, स्टोरेज की जगह और संरक्षक की पहचान जैसे विवरण दर्ज किए जाएंगे। इस रजिस्टर को भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक, दोनों रूपों में रखा जाना है। अधिनियम के लागू होने के 45 दिनों के भीतर इसे एसजीपीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, और हर महीने इसमें अनिवार्य रूप से अपडेट किए जाने चाहिए, जिन्हें किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणित किया गया हो। संरक्षकों के कर्तव्यों और दंड की परिभाषा धारा 3B के माध्यम से, इस संशोधन ने संरक्षकों के कर्तव्यों को परिभाषित किया है। इसके तहत संरक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वरूप सुरक्षित अभिरक्षा में रहें, उनका दुरुपयोग या उन्हें नुकसान न पहुंचे, और वे 'सिख रहत मर्यादा' का सख्ती से पालन करें। नुकसान, गायब होने या अपवित्रता के किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत पुलिस अधिकारियों और संबंधित प्रबंधन निकाय को दी जानी चाहिए। कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की अपवित्रता का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा। इस कारावास की अवधि 7 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन इसे बढ़ाकर 20 वर्ष तक किया जा सकता है। साथ ही, उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 2 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो आपराधिक षड्यंत्र के तहत, शांति या सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के इरादे से, इस अधिनियम के तहत गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की अपवित्रता का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा। इस कारावास की अवधि 10 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन इसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकता है। साथ ही, उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 5 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये तक किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत किसी अपराध को करने में सहायता करता है, उसे उसी दंड का भागीदार माना जाएगा जो उस अपराध के लिए निर्धारित है, जिसमें उसने सहायता की है। कोई भी व्यक्ति जो इस एक्ट के तहत कोई अपराध करने की कोशिश करता है, उसे किसी भी तरह की जेल की सज़ा दी जाएगी, जो तीन साल से कम नहीं होगी, लेकिन पांच साल तक बढ़ सकती है। उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 1 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन 3 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं, बेअदबी करने वाला अगर मनोरोगी या मानसिक स्थिति ठीक होने की बात कहता हैं तो उसकी बाकायदा जांच होगी। ऑफिशियल गैजेट में नोटिफिकेशन के बाद लागू होगा यह कानून तब लागू होगा जब सरकार इसे ऑफिशियल गैजेट में नोटिफाई करेगी। 2008 के कानून को पूरी तरह से बदलने के बजाय उसमें संशोधन करके, सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की सुरक्षा, कस्टडी और पवित्रता के लिए एक ज़्यादा सख़्त और व्यवस्थित कानूनी ढांचा बनाने की कोशिश की है। बेअदबी पर तीसरा बिल पंजाब में पहले भी 2016 और 2018 में अपमान से जुड़े दो बिल पेश किए जा चुके हैं। 2016 के प्रस्ताव में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के लिए उम्रकैद और दूसरे धार्मिक ग्रंथों के लिए 10 साल की सज़ा का प्रावधान था। इसे केंद्र सरकार ने कुछ आपत्तियों के साथ … Read more

CM भगवंत मान ने 508 नए वाहनों को हरी झंडी दी, ‘डायल 112’ सेवा में तेज़ी से मिलेगा मदद

संगरूर पंजाब की कानून व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान, CM मान ने 508 हाई-टेक इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 'डायल 112' सेवा के तहत तैनात होने वाले ये वाहन न केवल पुलिस के रिस्पांस टाइम को कम करेंगे, बल्कि राज्य के हर कोने में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 327 करोड़ रुपये की लागत से पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड किया है। आधुनिक तकनीक से लैस इन वाहनों से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर उन्होंने वादा किया था कि पंजाब पुलिस को देश की बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया जाएगा। इसी संकल्प के तहत पुलिस को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई गाड़ियों के शामिल होने से न केवल अपराध पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी। समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। इन क्विक रिस्पांस वाहनों के माध्यम से पंजाब पुलिस राज्यभर में अधिक प्रभावी व समयबद्ध सेवा देने के लिए तैयार है। 1. संगरूर से शुरुआत: पंजाब पुलिस को मिली डिजिटल ताकत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन वाहनों को पंजाब की जनता के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। संगरूर के लड्डा कोठी में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करते हुए उन्होंने कहा कि इन 508 वाहनों के शामिल होने से पुलिस बल की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। ये सभी वाहन जीपीएस और अत्याधुनिक संचार प्रणालियों से लैस हैं, जो इन्हें एक "चलते-फिरते कंट्रोल रूम" के रूप में स्थापित करते हैं। 2. 'डायल 112' सेवा होगी और भी तेज अब पंजाब के किसी भी जिले में विषम परिस्थिति होने पर जैसे ही कोई नागरिक 112 नंबर डायल करेगा, पुलिस पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से मौके पर पहुँचेगी। त्वरित सहायता: हाई-टेक लोकेशन ट्रैकिंग से नजदीकी वाहन तुरंत सक्रिय होगा। अपराध पर अंकुश: त्वरित रिस्पांस से अनहोनी या आपराधिक घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा। जनता को सीधा लाभ: दूर-दराज के इलाकों में भी अब पुलिस की पहुँच मिनटों में सुनिश्चित होगी। 3. हाई-टेक फीचर्स से लैस हैं नए वाहन शासन स्तर से जारी किए गए ये 508 वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नमूना हैं। इनमें: रियल-टाइम डेटा सिंकिंग की सुविधा। एडवांस वायरलेस सेट और इमरजेंसी लाइट सिस्टम। सुरक्षा उपकरणों का पूरा किट मौजूद है, जो पुलिसकर्मियों को फील्ड में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। 4. कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता CM भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाना है। इन नए वाहनों की तैनाती पंजाब के सभी जिलों में समान रूप से की जाएगी। इससे न केवल शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के बीच सुरक्षा की भावना प्रबल होगी।

पंजाब बनेगा संकटमोचक, देशभर में भेजेगा अनाज, सीएम का दावा- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

चंडीगढ़  वैश्विक हालात और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पबड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आएगा और राज्य के गोदामों में पड़ा गेहूं-चावल देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार जरूरत पड़े तो स्पेशल ट्रेनें चलाए। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, पंजाब ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के पास पर्याप्त अनाज भंडार है और इसे तुरंत उठाया जाए ताकि नई फसल की खरीद में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास करीब 171 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक मौजूद है, जिसे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देशभर में भेजा जा सकता है। सीएम ने जोर देकर कहा कि स्पेशल ट्रेनों के जरिए तेजी से उठान जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचेगी। पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज किया सीएम मान ने पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कमी नहीं है। फिलहाल पंजाब में 12 दिन का पेट्रोल, 14 दिन का डीजल और 6 दिन का एलपीजी स्टाक उपलब्ध है, जो सामान्य जरूरतों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर घरों में ईंधन स्टोर न करें, यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि घटाने की मांग केंद्र से की गई है। साथ ही उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगाने और सप्लाई चेन को सुचारू रखने की बात भी रखी गई। सीएम ने कहा कि पंजाब एक बार्डर स्टेट है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर संसाधन मिलना चाहिए। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की पैनिक स्थिति नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि अपुष्ट खबरों से बचा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिमांड (पंजाब की प्रमुख मांगें)     स्पेशल ट्रेनों से तुरंत अनाज उठान     पेट्रोलियम सप्लाई बाधित न हो, केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल करे     गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि कम हो     बार्डर स्टेट होने के कारण पंजाब को प्राथमिकता     उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगे सप्लाई व स्टाक     पेट्रोल: 12 दिन का स्टॉक     डीजल: 14 दिन का स्टॉक     एलपीजी: 6 दिन का स्टॉक     गेहूं: 171 लाख मीट्रिक टन     चावल: 139 लाख मीट्रिक टन     कवरड स्टोरेज क्षमता: 155 लाख मीट्रिक टन     27 मार्च तक 1497 चेकिंग, 301 LPG सिलेंडर जब्त