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रोजगार मांगने नहीं, रोजगार देने की ओर बढ़ रहे पंजाब के युवा; सरकार दे रही पूरा सहयोग : भगवंत मान

चंडीगढ़  वर्तमान समय में पंजाब नवीन विचारों, विशिष्ट सोच और उद्यमी युवाओं द्वारा लीक से हटकर पहलकदमियां करने के कारण विकास की नई कहानी रच रहा है, जिसकी वजह से राज्य देश भर में सबसे पसंदीदा स्टार्टअप स्थल के रूप में उभर रहा है जहां युवा अपने विचारों को व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदल रहे हैं। इस सोच की पैरवी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 31 स्टार्टअप्स और उनके संस्थापकों को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट वितरित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सफल उद्यमियों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे, जिससे राज्य के अंदर ही नौकरियों और कमाई के अवसर पैदा हों। स्टार्टअप को पंजाब के भविष्य के आर्थिक विकास का मुख्य स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है कि किसी भी शानदार उद्यम को वित्तीय सहायता की कमी के कारण छोड़ा न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पंजाब स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ के तहत सीड ग्रांट को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है, जिसमें 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपये और 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उद्यम रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेंगे और युवाओं में नौकरियों की तलाश में विदेश जाने के रुझान को कम करने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुफ्त बिजली, किसानों को दिन में बिजली सप्लाई और कई अन्य सुधारों जैसी पहलकदमियों से यह पता चलता है कि कैसे नए विचार लोगों को सीधा लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता और नवाचार में मिल रहे भरपूर समर्थन के साथ पंजाब, भारत का स्टार्टअप हब बनने के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट वितरित करने संबंधी समारोह के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब के उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है, खासकर हमारे युवा उद्यमियों के लिए जो नए विचारों के साथ अपना कारोबारी सफर शुरू कर रहे हैं। 31 स्टार्टअप्स को 1.07 करोड़ रुपए की सीड ग्रांट दी जा रही है। 7 स्टार्टअप्स को 5-5 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपए की ग्रांट मिल रही है। ये युवा उद्यमी अपने विचारों के माध्यम से सपनों को साकार कर रहे हैं और वे इस सहयोग के हकदार हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी (आप) खुद एक ऐसे विचार से पैदा हुई थी जब देश में परिवारवाद की राजनीति का दबदबा था और आम आदमी को अनदेखा कर दिया गया था। कई पहलुओं से ‘आप’ एक स्टार्टअप भी थी जिसने झाड़ू के अपने प्रतीक के साथ राजनीतिक व्यवस्था को साफ किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया और ईमानदार सरकार को मौका दिया। उस फैसले ने पंजाब को बदल दिया है और इसे देश का एक अग्रणी राज्य बना दिया है। पंजाबियों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबी अपनी मेहनत, जज्बे और उद्यम के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। उसी भावना से प्रेरित होकर हमारे युवा नए उद्यम शुरू कर रहे हैं और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ कारोबार नहीं चला रहे, वे पंजाब के भविष्य को नया रूप दे रहे हैं। पंजाबी मूल के सफल उद्यमियों के उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और दुनिया भर में बहुत सी सफल कंपनियां पंजाबियों द्वारा स्थापित या सह-स्थापित की गई हैं। जोमैटो, ओला और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां इसकी उदाहरण हैं कि कैसे पंजाबियों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पंजाब हमेशा उद्यमियों की धरती रहा है। पंजाबी जहां भी जाते हैं, वे कारोबार स्थापित करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य है कि सफल संस्थापकों की अगली पीढ़ी न सिर्फ पंजाब से आए बल्कि पंजाब में अपनी कंपनियां भी स्थापित करे। इनोवेशन इको-सिस्टम (नवीनतम प्रणाली) की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीड मनी ( स्टार्टअप के लिए सहायता राशि) प्रदान करने का उद्देश्य स्टार्टअप्स पर आने वाले शुरुआती बोझ को कम करना और उन्हें अपने विचारों को हकीकत में बदलने तथा आगे बढ़ने का भरोसा देना है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नवाचार के केंद्र बनना चाहिए जहां विचार क्लासरूम से परे उत्पाद, सेवाएं, कंपनियां और समाधान की नींव बनते हैं। अपने विदेशी दौरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दक्षिण कोरिया के पैंगयो टेक्नो वैली और नीदरलैंड्स के वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर में उन्होंने देखा कि कैसे एक योजनाबद्ध इनोवेशन इको-सिस्टम पूरे क्षेत्र को बदल सकता है। इस मॉडल से पता लगता है कि जब इको-सिस्टम को सही ढंग से डिज़ाइन किया जाता है तो विचार विश्व स्तरीय कंपनियों की नींव बन सकते हैं। इसी तरह नीदरलैंड्स में वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर के अपने दौरे के दौरान मैंने देखा कि कैसे इनोवेशन नई तकनीकों की टेस्टिंग, लागूकरण और व्यावसायीकरण के माध्यम से खेतीबाड़ी और बागबानी को बदल सकती है। पंजाब की कृषि क्षमता के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में भविष्य का विकास उच्च-मूल्य वाली खेतीबाड़ी, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, सुरक्षित खेती, कोल्ड चेन और एग्री-लॉजिस्टिक्स के माध्यम से होना चाहिए। हमारे किसान हमेशा प्रगतिशील रहे हैं और पंजाब सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नए कारोबारी मॉडलों तक पहुंच प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्टार्टअप्स रोजगार के अवसर पैदा करके और युवाओं में भरोसा बहाल करके पंजाब में सार्थक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर उद्यमी पंजाब का ब्रांड एंबेसडर बने। आप जहां भी जाएं, पंजाब का नाम रोशन करें और दुनिया को बताएं कि पंजाब नवाचार के लिए तैयार है, पंजाब स्टार्टअप के लिए तैयार है और पंजाब भविष्य के लिए तैयार है। पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह … Read more

परीक्षाओं में पारदर्शिता पर मान सरकार का जोर, CM बोले- पंजाब में नहीं हुआ एक भी पेपर लीक

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के रोजगार अभियान में एक और मील का पत्थर साबित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इसके साथ ही उनकी सरकार के गठन से अब तक दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या 67,037 हो गई है. इस उपलब्धि को पंजाब में नई भर्ती व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्ष मुकाबले के आधार पर बिना किसी सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव या भ्रष्टाचार के दी जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट जैसी पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश के युवाओं का विश्वास हिला दिया है और 2017 से अब तक देश भर में 93 पेपर लीक होने की रिपोर्ट हैं. इसके विपरीत पंजाब की बात करें तो वर्ष 2022 से अब तक एक भी पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया. युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है. तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है. ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं. ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है.” “मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें. ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.” नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है. वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं. आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं. इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है. उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे. आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है. अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें.” पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की. उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है. नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है. हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है. इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है. होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है. शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है. उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था. आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है. यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस हैं, जिससे स्कूलों में ऐसा माहौल सृजित हुआ है जो सीखने, नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है. उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं … Read more

मजदूरों के लिए खुशखबरी! पूरे पंजाब में 10 लाख श्रमिकों का निशुल्क पंजीकरण करेगी सरकार

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  पूरे पंजाब में 10 लाख निर्माण मजदूरों के मुफ्त पंजीकरण और पुराने पंजीकरण को नवीनीकृत करने के लिए बड़ी मुहिम का ऐलान किया. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर कल्याण योजनाओं का लाभ सीधे मजदूरों तक पहुंचाया जाए. पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हर निर्माण मजदूर को सामाजिक सुरक्षा लाभ, कल्याण सहायता और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन निर्माण मजदूरों के पंजीकरण, वित्तीय सहायता और कल्याण योजनाओं के माध्यम से उनकी भलाई, सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद लंबे प्रोसेसिंग समय के कारण मजदूरों के लिए कल्याण योजनाएं आवश्यक सफलता हासिल नहीं कर सकीं।  कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस समय बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड के पास 2.21 लाख मजदूर पंजीकृत हैं, जो पंजाब भर में चल रही बड़े पैमाने की निर्माण गतिविधियों और शहरीकरण को देखते हुए काफी कम है. पंजीकरण में सुधार के लिए राज्य भर में और पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।  मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब सरकार इस विशेष मुहिम के दौरान मजदूरों पर पंजीकरण शुल्क का बोझ खत्म करेगी ताकि अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह देखा गया है कि मजदूर अक्सर पंजीकरण कराने में हिचकते हैं क्योंकि उन्हें पंजीकरण शुल्क के रूप में 145 रुपये जमा कराने होते हैं. पंजीकरण कराने और नवीनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए इस विशाल पंजीकरण मुहिम के दौरान आवेदकों को यह शुल्क जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी. इस मुहिम के दौरान लगभग 10 लाख मजदूरों को पंजीकृत किया जाएगा और पंजाब सरकार इसके लगभग 15 करोड़ रुपये के वित्तीय खर्च को खुद सहन करेगी।  उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार पंजीकरण के बाद भी मजदूरों की मदद करना जारी रखेगी. उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार उन सभी मजदूरों का पंजीकरण शुल्क का खर्च उठाएगी, जो एक साल के अंदर किसी भी लाभ का फायदा नहीं उठाते. श्रम विभाग को गांवों में शाम के समय विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं क्योंकि मजदूर उस समय काम से लौटते हैं और इससे अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को लेबर चौकों पर मजदूरों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा, “लेबर चौकों पर शेड बनाए जाने चाहिए और पीने के पानी की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए ताकि मजदूरों को काम की प्रतीक्षा करते समय किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने आवेदनों के निपटान में होने वाली देरी को कम करके कल्याण योजनाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2022-23 में मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का प्रोसेसिंग समय 203 दिन था. पंजाब सरकार ने अब इसे घटाकर 73 दिन कर दिया है. लंबा प्रोसेसिंग समय मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी बाधा थी, इसलिए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।  कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बोर्ड को 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का विवरण ‘पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन’ के साथ साझा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा, “बोर्ड को कौशल प्रशिक्षण के लिए 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का डेटा पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन को उपलब्ध कराना चाहिए. यह प्रशिक्षण केवल निर्माण स्थलों, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों और बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड द्वारा लगाए गए शिविरों में ही दी जानी चाहिए।  उन्होंने कहा कि मजदूरों को ऐसे विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जो उनके कौशल और कमाई की क्षमता को बढ़ा सकें. उन्होंने कहा, “राजगीरी (मेसनरी), बार बेंडिंग एंड फिक्सिंग, शटरिंग कारपेंटरी, स्कैफोल्डिंग (पैड़ बांधना), क्वालिटी एशोरेंस, कंस्ट्रक्शन पेंटिंग, कंस्ट्रक्शन इलेक्ट्रिकल वर्क्स, सर्वेक्षण, सड़कों और रनवे का निर्माण, आंतरिक और बाहरी फिनिशिंग, फैब्रिकेशन, ड्राफ्टिंग, शटरिंग कारपेंटरी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि महिला मजदूरों को पंजाब सरकार की प्रमुख कल्याण योजनाओं का लाभ मिले. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला मजदूरों को ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता भी मिले.” बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।   

दोस्ती से सियासी टकराव तक: भगवंत मान और रवनीत बिट्टू के बीच बढ़ी जुबानी जंग

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति में कभी गहरी दोस्ती के लिए चर्चित रहे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच अब सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बातचीत में बिट्टू पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि वह जल्द ही अपना मंत्री पद और राज्यसभा सीट दोनों गंवा सकते हैं। भगवंत मान ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने रवनीत बिट्टू को विधानसभा चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने के लिए कहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इसी वजह से वह कह रहे हैं कि बहुत हो गया राज्यसभा और लोकसभा।” राजनीतिक गलियारों में यह बयान इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि मान और बिट्टू कभी बेहद करीबी मित्र माने जाते थे। आम आदमी पार्टी के 2022 में सत्ता में आने और भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने से पहले ही दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच निजी और राजनीतिक मुद्दों पर नियमित बातचीत होती थी। हालांकि समय के साथ राजनीतिक परिस्थितियां बदलती गईं और अब आम आदमी पार्टी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का असर उनके व्यक्तिगत संबंधों पर भी दिखाई देने लगा है। दोनों नेताओं के बीच तनाव उस समय खुलकर सामने आया जब हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान रवनीत बिट्टू संगरूर और धूरी पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेता प्रोफेसर ओंकार सिंह का समर्थन किया, जिन्हें चुनावी क्षेत्र में कथित रूप से नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रोफेसर ओंकार सिंह कभी भगवंत मान के बेहद करीबी सहयोगी माने जाते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद मान ने उन्हें अपना ओएसडी नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद ओंकार सिंह भाजपा में शामिल हो गए और धूरी क्षेत्र में सक्रिय राजनीति करने लगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी में रवनीत बिट्टू द्वारा ओंकार सिंह का समर्थन करना मान को पसंद नहीं आया, जिसके बाद दोनों नेताओं के संबंधों में खटास और बढ़ गई। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह सियासी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है। कभी दोस्ती के लिए मिसाल माने जाने वाले भगवंत मान और रवनीत बिट्टू अब पंजाब की राजनीति में अलग-अलग मोर्चों पर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

AAP सरकार का बड़ा दावा, किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया रिकॉर्ड 21,000 क्यूसिक पानी

जालंधर  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं सालाना बरसी संबंधी आयोजित समागम के दौरान गांव सीचेवाल में माथा टेका। इस मौके पर एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर पंजाब का सपना देखते हुए भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एक नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से खेल बुनियादी ढांचे, सिंचाई, भूजल रिचार्ज और लोक कल्याण संबंधी किए गए उपायों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। पर्यावरण अनुकूल उपायों से 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत रिचार्ज करने में मदद मिली है, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के स्तर में 2 से 4 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और खेल सुविधाओं के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत “रंगला पंजाब” के रंग अब पूरे राज्य में दिखने शुरू हो गए हैं। इस मौके पर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत और वैर के अलावा सब कुछ उग सकता है। पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और सहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। लोगों के बीच सामाजिक ताने-बाने पहले से ही बहुत मजबूत हैं और इसे और मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा, “यह सही समय है कि पंजाबी एकजुट होकर फूट डालने वाली ताकतों को उचित जवाब दें जो राज्य की शांति, सद्भावना और भाईचारे की साझेदारी को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। जो लोग भाईचारे की सद्भावना को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं क्योंकि वे राज्य को फिर से अंधेरे में धकेलना चाहते हैं। ये ताकतें सांप्रदायिक झगड़ा पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहती हैं, लेकिन उनकी संकीर्ण चालें सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग हर मौके पर एकजुट रहते हैं।” लोगों को एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। उनकी राजनीति समुदायों में विभाजन पैदा करने और फिर वोटों के लिए दोनों पक्षों को डराने पर केंद्रित है। लोगों को ऐसी राजनीति से सतर्क रहना चाहिए। ये लोग जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर नफरत फैलाते हैं, लेकिन ‘आप’ ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती।” गुरबाणी की तुक “पवणु गुरू पानी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महान गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था। गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान करने की शिक्षा दी थी, लेकिन बदकिस्मती से मनुष्य प्रकृति को सुरक्षित रखने में असफल रहा है। अब समय आ गया है कि गुरबाणी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर पंजाब की शान को बहाल किया जाए।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर सरकार का साथ देना चाहिए। मैं हमेशा धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक रहता हूं क्योंकि उनका काम कभी भी सांसारिक या सरकारी पदों से संबंधित नहीं होता। वे धार्मिक स्थानों तक जाने वाली सड़कें बनाने, संगत के लिए शेड बनाने, श्रद्धालुओं के लिए लंगर का प्रबंध करने, नहरों और पानी की नालियों की सफाई करने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने की बात करते हैं। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह जी सीचेवाल, ‘सीचेवाल मॉडल’ के माध्यम से बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।” पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “38 साल पहले, यह जगह रेत के टीबों से ढकी हुई थी जहां मूंगफली और छोटी फसलें उगती थी। बाबा जी के प्रयासों से, यह जगह अब हरे-भरे पर्यावरण में बदल गई है। यहां हजारों पेड़ और सैकड़ों किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। ये पेड़ पूरे फल और छांव प्रदान करते हैं और लोग नर्सरी से पौधे लेने यहां आते हैं।” उन्होंने कहा, “प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सिर्फ कुछ समर्पित आत्माएं ही प्रयासरत हैं और पंजाब भाग्यशाली है कि संत बाबा बलवीर सिंह जी उनमें से एक हैं। जब भी बाबा जी संसद में बोलते हैं, कोई उन्हें नहीं रोकता क्योंकि हर कोई जानता है कि वे हमेशा समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बोलते हैं। बहुत कम लोगों को ऐसी बहुमूल्य सेवा करने का मौका मिलता है और बाबा जी ने हमेशा मानवता, ईमानदारी से जीवन जीने, मिलजुलकर रहने और नेकी का संदेश फैलाया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं। हर कुछ दिनों बाद सड़कों पर, कूड़े के ढेरों में या अपमानजनक स्थितियों में फटे या जले हुए अंगों की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं। यह बेहद दुखदाई था, लेकिन दुख और भी गहरा हो गया जब दोषियों को कोई ठोस कानून न होने और खामियों के कारण जमानत पर रिहा कर दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “इस मामले पर संपूर्ण संत समाज से सलाह-मशविरा करने, अमृतसर और चंडीगढ़ में मीटिंगें करने और वकीलों तथा सेवानिवृत्त जजों से चर्चा करने के बाद राज्य सरकार ने बिना किसी ढिलाई के ‘बेअदबी’ के खिलाफ एक सख्त कानून बनाया। वाहेगुरु ने मुझे जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का बल बख्शा, जिसमें ‘बेअदबी’ के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर दोषी जुर्माना नहीं भर सकता, तो उनकी … Read more

भगवंत मान का बड़ा बयान, राघव चड्ढा और हरभजन सिंह को लेकर कही ये बात

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि उथल पुथल चलती रहती है. आना जाना लगा रहता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति नहीं बल्कि संगठन बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में हम अपने काम को लेकर जनता के बीच जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस दल ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाया वो खत्म हो गई।  राघव चड्ढा को लेकर क्या बोले सीएम मान?  राघव चड्ढा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "पंजाब की जनता के साथ उनका कोई संबंध नहीं था. राज्यसभा में ऐसे भी आते हैं जो हार जाते हैं. अरुण जेटली अमृतसर से हारे, राज्यसभा आ गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली कैबिनेट 70 फीसदी राज्यसभा से थी. लेकिन अगर आपको जनता से चुना तो ये बहुत बड़ी बात है. राजेंद्र नगर (दिल्ली विधानसभा की सीट) के लोगों ने राघव चड्ढा को चुन लिया था. लेकिन जब चुने हुए प्रतिनिधि इस्तीफा दे देते हैं तो पब्लिक दोबारा नहीं चुनती।  बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे देश में ऐसे नेता हुए जो ये बात दिल में ही लेकर चले गए कि काश मुझे जनता चुन ले. सबसे बड़ा उदाहरण  मनमोहन सिंह हैं जो 10 सालों तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन कभी जनता द्वारा नहीं चुने गए।  ‘पार्टी लाइन से अलग’ होने का आरोप जब राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के संसद में सक्रिय रहने के दावे पर सवाल किया गया, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब उनके बयानों का ज्यादा महत्व नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। अमन अरोड़ा का सीधा हमला इस विवाद में पंजाब सरकार के मंत्री और पार्टी नेता अमन अरोड़ा भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ही राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) को राजनीति में ऊंचाई तक पहुंचाया, लेकिन उन्होंने सदन में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने के बजाय अन्य विषयों पर ध्यान दिया। अरोड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के हितों की अपेक्षित मजबूती से पैरवी नहीं की। ‘पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए’ पार्टी नेताओं का कहना है कि राघव चड्ढा ने संसद में उन मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी, जो सीधे पंजाब से जुड़े थे। विशेष रूप से ग्रामीण विकास फंड और अन्य राज्य हितों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है। नेताओं का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर चुप्पी पार्टी की रणनीति के विपरीत है। बीजेपी के डर का आरोप विवाद यहीं नहीं रुका। अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने कुछ मुद्दों को इसलिए नहीं उठाया क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी से टकराव से बचना चाहते थे। हालांकि, इस आरोप पर राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  AAP के भीतर बढ़ते मतभेद? यह पूरा घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों की ओर इशारा करता है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व अनुशासन और सामूहिक रणनीति पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत बयानों और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं ने अंदरूनी असहमति को उजागर कर दिया है। राजनीतिक संदेश या आंतरिक संकेत? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी (Raghav Chadha Controversy) केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर भूमिका और प्राथमिकताओं को लेकर चल रही खींचतान का संकेत भी हो सकती है। यह विवाद आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच यह बयानबाज़ी अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप लेती दिख रही है। राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब पार्टी अनुशासन, राज्य हित और राजनीतिक रणनीति तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी तकरार किस दिशा में जाती है। हरभजन सिंह के आरोपों पर सीएम ने किया पलटवार सीएम भगवंत मान ने हरभजन सिंह के पैसे लेकर राज्यसभा टिकट देने के आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, "भज्जी से ही पूछ लो कि उनसे कितने पैसे लिए थे।  बता दें कि बीते महीने राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक सहित 7 आप के राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए। 

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

हीटवेव के बीच पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, दफ्तरों के नए टाइम टेबल से लोगों को मिलेगी राहत

चंडीगढ़  भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों को राहत देने के उद्देश्य से अहम फैसला लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों का समय बदलने की घोषणा की है। जनहित में नए समय के अनुसार कामकाज का समय मौजूदा सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे की बजाय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगा। 25 मई से लागू होगा बदला हुआ समय इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि बदला हुआ समय 25 मई से लागू होगा और अगले आदेशों तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "यह फैसला आम लोगों की सुविधा के लिए लिया गया है ताकि वे पूरे पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी के दौरान सरकारी दफ्तरों में आसानी से अपने काम करवा सकें। हर किसी की भलाई सुनिश्चित करने के लिए सभी भागीदारों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है।" छुट्टी लिए बिना पूरे होंगे सरकारी काम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि बदले हुए समय से लोग अपने काम से छुट्टी लिए बिना सुबह-सुबह अपने सरकारी काम पूरे कर सकेंगे। उन्होंने कहा, "इस कदम से कर्मचारियों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि वे दिन में तापमान बढ़ने से पहले अपनी ड्यूटी खत्म कर सकेंगे।" मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब कर्मचारियों को अपने बच्चों के साथ बिताने के लिए अधिक समय मिलेगा, जो स्कूलों और कॉलेजों के बदले हुए समय के कारण लगभग उसी समय घर लौटेंगे। उन्होंने कहा, "यह फैसला पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय पहुंच और नागरिकों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" बिजली बचाने के लिए उठाया गया कदम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि यह नया समय प्रदेश भर के स्कूलों व कॉलेजों के साथ-साथ पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों पर लागू होगा। उन्होंने आगे कहा, "पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) के आंकड़ों के अनुसार बिजली का पीक लोड दोपहर 1:00 बजे के बाद शुरू होता है, इसलिए दफ्तरों का नया समय बिजली की खपत को कम करने और बिजली के बुनियादी ढांचे पर दबाव को घटाने में भी मदद करेगा।" समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि जनता की सुविधाओं की रक्षा और लोगों की भलाई सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

AAP नेताओं की अहम मुलाकात आज, CM भगवंत मान और केजरीवाल पहुंचेंगे गुरुग्राम जेल

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ED ने किया था गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है। गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है। पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी। पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

विजय के CM बनने के बाद बदली राजनीति! मान का आरोप- अब दिलजीत पर BJP की नजर

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है। पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी। विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।