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भगवंत मान का बड़ा बयान, राघव चड्ढा और हरभजन सिंह को लेकर कही ये बात

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि उथल पुथल चलती रहती है. आना जाना लगा रहता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति नहीं बल्कि संगठन बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में हम अपने काम को लेकर जनता के बीच जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस दल ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाया वो खत्म हो गई।  राघव चड्ढा को लेकर क्या बोले सीएम मान?  राघव चड्ढा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "पंजाब की जनता के साथ उनका कोई संबंध नहीं था. राज्यसभा में ऐसे भी आते हैं जो हार जाते हैं. अरुण जेटली अमृतसर से हारे, राज्यसभा आ गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली कैबिनेट 70 फीसदी राज्यसभा से थी. लेकिन अगर आपको जनता से चुना तो ये बहुत बड़ी बात है. राजेंद्र नगर (दिल्ली विधानसभा की सीट) के लोगों ने राघव चड्ढा को चुन लिया था. लेकिन जब चुने हुए प्रतिनिधि इस्तीफा दे देते हैं तो पब्लिक दोबारा नहीं चुनती।  बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे देश में ऐसे नेता हुए जो ये बात दिल में ही लेकर चले गए कि काश मुझे जनता चुन ले. सबसे बड़ा उदाहरण  मनमोहन सिंह हैं जो 10 सालों तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन कभी जनता द्वारा नहीं चुने गए।  ‘पार्टी लाइन से अलग’ होने का आरोप जब राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के संसद में सक्रिय रहने के दावे पर सवाल किया गया, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब उनके बयानों का ज्यादा महत्व नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। अमन अरोड़ा का सीधा हमला इस विवाद में पंजाब सरकार के मंत्री और पार्टी नेता अमन अरोड़ा भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ही राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) को राजनीति में ऊंचाई तक पहुंचाया, लेकिन उन्होंने सदन में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने के बजाय अन्य विषयों पर ध्यान दिया। अरोड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के हितों की अपेक्षित मजबूती से पैरवी नहीं की। ‘पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए’ पार्टी नेताओं का कहना है कि राघव चड्ढा ने संसद में उन मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी, जो सीधे पंजाब से जुड़े थे। विशेष रूप से ग्रामीण विकास फंड और अन्य राज्य हितों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है। नेताओं का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर चुप्पी पार्टी की रणनीति के विपरीत है। बीजेपी के डर का आरोप विवाद यहीं नहीं रुका। अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने कुछ मुद्दों को इसलिए नहीं उठाया क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी से टकराव से बचना चाहते थे। हालांकि, इस आरोप पर राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  AAP के भीतर बढ़ते मतभेद? यह पूरा घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों की ओर इशारा करता है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व अनुशासन और सामूहिक रणनीति पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत बयानों और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं ने अंदरूनी असहमति को उजागर कर दिया है। राजनीतिक संदेश या आंतरिक संकेत? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी (Raghav Chadha Controversy) केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर भूमिका और प्राथमिकताओं को लेकर चल रही खींचतान का संकेत भी हो सकती है। यह विवाद आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच यह बयानबाज़ी अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप लेती दिख रही है। राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब पार्टी अनुशासन, राज्य हित और राजनीतिक रणनीति तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी तकरार किस दिशा में जाती है। हरभजन सिंह के आरोपों पर सीएम ने किया पलटवार सीएम भगवंत मान ने हरभजन सिंह के पैसे लेकर राज्यसभा टिकट देने के आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, "भज्जी से ही पूछ लो कि उनसे कितने पैसे लिए थे।  बता दें कि बीते महीने राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक सहित 7 आप के राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए। 

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

हीटवेव के बीच पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, दफ्तरों के नए टाइम टेबल से लोगों को मिलेगी राहत

चंडीगढ़  भीषण गर्मी के मद्देनजर लोगों को राहत देने के उद्देश्य से अहम फैसला लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों का समय बदलने की घोषणा की है। जनहित में नए समय के अनुसार कामकाज का समय मौजूदा सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे की बजाय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगा। 25 मई से लागू होगा बदला हुआ समय इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि बदला हुआ समय 25 मई से लागू होगा और अगले आदेशों तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "यह फैसला आम लोगों की सुविधा के लिए लिया गया है ताकि वे पूरे पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी के दौरान सरकारी दफ्तरों में आसानी से अपने काम करवा सकें। हर किसी की भलाई सुनिश्चित करने के लिए सभी भागीदारों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है।" छुट्टी लिए बिना पूरे होंगे सरकारी काम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि बदले हुए समय से लोग अपने काम से छुट्टी लिए बिना सुबह-सुबह अपने सरकारी काम पूरे कर सकेंगे। उन्होंने कहा, "इस कदम से कर्मचारियों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि वे दिन में तापमान बढ़ने से पहले अपनी ड्यूटी खत्म कर सकेंगे।" मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब कर्मचारियों को अपने बच्चों के साथ बिताने के लिए अधिक समय मिलेगा, जो स्कूलों और कॉलेजों के बदले हुए समय के कारण लगभग उसी समय घर लौटेंगे। उन्होंने कहा, "यह फैसला पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय पहुंच और नागरिकों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" बिजली बचाने के लिए उठाया गया कदम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि यह नया समय प्रदेश भर के स्कूलों व कॉलेजों के साथ-साथ पंजाब सरकार के सभी दफ्तरों पर लागू होगा। उन्होंने आगे कहा, "पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) के आंकड़ों के अनुसार बिजली का पीक लोड दोपहर 1:00 बजे के बाद शुरू होता है, इसलिए दफ्तरों का नया समय बिजली की खपत को कम करने और बिजली के बुनियादी ढांचे पर दबाव को घटाने में भी मदद करेगा।" समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि जनता की सुविधाओं की रक्षा और लोगों की भलाई सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

AAP नेताओं की अहम मुलाकात आज, CM भगवंत मान और केजरीवाल पहुंचेंगे गुरुग्राम जेल

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान 23 मई यानी आज  संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान जेल में संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक, संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं।ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार होगा, जब आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता संजीव अरोड़ा से जेल में मिलने पहुंचेंगे। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। ED ने किया था गिरफ्तार पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने पहले उन्हें 7 दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दो दिन का अतिरिक्त रिमांड भी मिला था। पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वित्तीय लेन-देन और कुछ कारोबारी गतिविधियों से जुड़े मामलों को लेकर चल रही है। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रही है। गिरफ्तारी के बाद AAP का खुला समर्थन संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी लगातार उनके समर्थन में खड़ी नजर आई। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए कर रही है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का जेल जाकर मुलाकात करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह अरोड़ा के साथ खड़ा है। पंजाब की राजनीति में अहम चेहरा संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत दोनों में सक्रिय रहे हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था और बाद में पार्टी के प्रमुख चेहरों में उनकी गिनती होने लगी। पार्टी संगठन और कारोबारी वर्ग में मजबूत पकड़ रखने वाले अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। जेल मुलाकात पर राजनीतिक नजर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी है। निकाय चुनावों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच आप अपने नेताओं के समर्थन का स्पष्ट संकेत देना चाहती है। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी नेता संजीव अरोड़ा के बीच गुरुग्राम जेल में होने वाली मुलाकात को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुरुग्राम जेल में आम आदमी पार्टी नेता संजय अरोड़ा से मिलने जाना केवल एक सामान्य मुलाकात नहीं, बल्कि इसके पीछे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुलाकात के तीन प्रमुख कारण हो सकते हैं। पहला, जेल में बंद व्यक्ति को यह समझाना कि ''अगर कमाया हुआ पैसा वापस जाना भी पड़े तो रोना नहीं चाहिए'', दूसरा, कथित तौर पर 'लूटे हुए धन' की जानकारी हासिल करना, और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्था को समझना। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह सिर्फ एक 'मीटिंग' नहीं थी, बल्कि एक तरह की 'रेकी' थी, जिससे आगे की राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मंत्री का सरकारी आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई 2024 में भी हुई जांच से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में बदलने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं। इस कार्रवाई को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब गुरुग्राम की जेल में बंद संजीव अरोरा से सीएम भगवंत मान की होने वाली मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा है और कहा है कि आने वाले दिन में किसी अन्य नेता का नंबर आ सकता है, ऐसे में सीएम मान जेल की सुविधाओं का आंकलन करने के लिए जेल जा रहे हैं।

विजय के CM बनने के बाद बदली राजनीति! मान का आरोप- अब दिलजीत पर BJP की नजर

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके सपने परीक्षा प्रणाली में बार-बार हुई असफलताओं के कारण चूर-चूर हो गए हैं। कई मुद्दों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ की ओर से भाजपा के इशारे पर राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, उनके खिलाफ डराने-धमकाने का अभियान शुरू कर दिया गया है। दिलजीत के राजनीति में आने से इनकार पर धमकाने की राजनीति शुरू CM ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के राजनीति में आने से इनकार करने के बाद, भाजपा ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने की चालों का सहारा लिया। तमिलनाडु के राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की सफलता के बाद, भाजपा को एहसास हुआ कि कलाकारों को ज्यादा जनता की मान्यता मिलती है, इसलिए उन्होंने दिलजीत दोसांझ को राजनीति में लाने की कोशिश की। जब से दिलजीत सिंह ने भाजपा का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, उनके खिलाफ धमकाने की सियासत शुरू हो गई है, जो बिल्कुल गलत है। उनके मैनेजर के घर पर हमला करना धमकी की इस राजनीति को दर्शाता है। पेपर लीक ने उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री बोले- नीट पर्चा लीक होने की घटना ने लाखों उम्मीदवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में केंद्र की असफलता को जग-जाहिर कर दिया है। विद्यार्थियों ने अथक मेहनत की और परीक्षा पास करने की उम्मीद में रातें जागकर बिताईं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है। परीक्षार्थी गहरे सदमे में हैं क्योंकि केंद्र सरकार उनकी भविष्य की आशाओं के साथ हुई इस धोखाधड़ी को रोकने में असफल रही है। इस पेपर लीक के कारण लाखों उम्मीदें टूट गई हैं। केंद्र को परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से करवाने को सुनिश्चित बनाना चाहिए था, जिससे लाखों विद्यार्थियों की किस्मत बदल सकती थी। विकास और भलाई एजेंडा AAPको सत्ता में वापस लाएगा इस दौरान, मुख्यमंत्री ने कहा कि "रंगला पंजाब" बनाना पंजाब में 'आप' का एकमात्र चुनाव मुद्दा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आप' सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई लोक-हितैषी और विकास-मुखी पहल की हैं। पंजाब के विद्यार्थी नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लगभग 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। लोग 10 लाख रुपए तक का नकद रहित डॉक्टरी इलाज करवा रहे हैं। हम विकास, भलाई और ईमानदार शासन के एजेंडे के साथ लोगों के पास जाएंगे। पंजाब में सर्वपक्षीय विकास हो रहा है और लोग इन पहलों का दिल से समर्थन कर रहे हैं।

पंजाब के रुके प्रोजेक्ट्स को लेकर एक्टिव हुए CM मान, गडकरी संग नेशनल हाईवे पर बनाई रणनीति

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज दिल्ली दौरे पहुंचे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पंजाब के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद मीडियो को संबोधित करते हुए कहा कि आज गडकरी जी से बड़ी खुलकर बात हुई है। जिसमें पंजाब के ओवरब्रिज, सदके, स्टेट हाईवे की मांग हमने रखी है। नेशनल हाईवे की भी बात रखी गई है। अमृतसर साहेब के फ्लाइ ओवर की बात हुई। मंत्री जी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है। फिरोजपुर फाजिल्का हाई वे को और चौड़ा कर के नेशन हाई वे का दर्जा दिया जाएगा। आदमपुर के ओवरब्रिज में जो वर्किंग कैपिटल की कमी है। मंत्री जी ने बैंक गारंटी देने की बात कही है। बंगा से आनंदपुर साहिब की सड़क पर श्रद्धालुओं का बाउट आना जाना है। उसकी भी बात हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में पंजाब के बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने पंजाब की लाइफलाइन माने जाने वाले कई सड़क मार्गों और लंबित पुलों के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा।  फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को मिले NH का दर्जा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को चौड़ा करने और इसे नेशनल हाईवे घोषित करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अपग्रेड करने से सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अमृतसर और बठिंडा के अधूरे प्रोजेक्ट अमृतसर और बठिंडा जैसे प्रमुख शहरों में जो सड़क परियोजनाएं और विकास कार्य पिछले काफी समय से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के रुकने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मक्खू रेलवे ओवरब्रिज बठिंडा में मक्खू रेलवे ओवरब्रिज का काम काफी समय से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने नितिन गडकरी से इस पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने की मांग की ताकि यातायात सुचारू हो सके।

पंजाब में हाई अलर्ट: मुख्यमंत्री और BJP प्रदेश अध्यक्ष को मिली बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय

चंडीगढ़  पंजाब CM भगवंत मान और पंजाब बीजेपी प्रधान सुनील जाखड़ को जान से मारने की धमकी आई है। उन्हें बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल से आई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों एक्टिव मोड़ पर आ गई हैं।ईमेल में भगवंत मान और सुनील जाखड़ को सिखों का दुश्मन बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि CM ऑफिस को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर बेअंत (पंजाब के पूर्व CM) की तरह उड़ाएंगे। और पंजाब व दिल्ली में भाजपा के ऑफिस में रात 9 बजकर 11 मिनट पर धमाके होंगे। ईमेल में ये बातें लिखी हैं… पंजाब सरकार और प्रशासन को भेजे गए ईमेल में लिखा है- पंजाब CM ऑफिस और बीजेपी ऑफिस में बम धमाके होंगे। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। सिखों के दुश्मन भगवंत मान और सुनील जाखड़ दोनों को ठोकेंगे। आगे लिखा है- पंजाब CM ऑफिस में दोपहर 1:11 बजे धमाका होगा। बेअंत की तरह हमला करेंगे। वहीं, बीजेपी ऑफिस पंजाब-दिल्ली में रात 9:11 बजे बम धमाके होंगे। ईमेल में लिखा है- सुनील जाखड़ को 6 जून तक ठोकना है। इसके पिता बलराम जाखड़ ने 1984 में कहा था, “हम एक मिलियन सिख मारेंगे इंडिया, भारत, हिंदोस्तान की हदबंदी बचाने के लिए।”

भगवंत मान ने किया जोरदार बयान, कहा- भाजपा की ED ने अरोड़ा के घर मारा छापा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) के घर ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, लेकिन पंजाब दबाव में आने वाला नहीं है। भगवंत मान ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, “आज फिर से भाजपा की ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ईडी उनके घर आई है। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला।” उन्होंने आगे कहा, “मैं मोदी जी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की भूमि है। औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका। यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया, इसलिए पंजाब मोदी की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।” मुख्यमंत्री ने भाजपा और ईडी के बीच “अनैतिक गठबंधन” होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब इस राजनीति का जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह ईडी की टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई थी। बीजेपी पंजाब में भी खेल रही वहीं खेल  मुंख्‍यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "आज फिर ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है. एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ED उनके घर आई है. फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला. पंजाब गुरुओं की भूमि है, औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका. यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया. इसलिए, पंजाब विरोधियों की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा. पंजाब में भी वही हो रहा है, जो BJP पूरे देश में काम कर रही है. बीजेपी प्रवर्तन निदेशालय, चुनाव आयोग जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रही है. पंजाब अब बीजेपी के निशाने पर है. पहले अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी पर रेड, 2 दिन रेड और तीसरे दिन वो बीजेपी में शामिल हो गए. आज सुबह संजीव अरोड़ा के घर पर रेड पड़ रही है. इस महीने में 2 बार आए, कुछ नहीं मिला, लेकिन लोगों को डरा-धमकाकर शामिल करवा रहे हैं।  पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी  करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी. अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके. उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं. वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे।  अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा की कंपनियां कई फर्जी निर्यात बिल बुक करने, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की राउंड-ट्रिपिंग करने और नॉन-एग्जिस्टेंट जीएसटी संस्थाओं से फर्जी खरीदारी दिखाने के मामले में भी जांच के दायरे में हैं।  अब कानून वापस नहीं होगा पंजाब के लोग बेअदबी कानून के साथ सहमत है, लेकिन सिर्फ बादल परिवार ही ऐसा है जो विरोध कर रहा है। इसका कारण यह है कि परिवार पहले खुद बेअदबी की घटना में संलिप्त रहा है। पंजाब में क्या कोई नया पंथ बादल पंथ चलाया जा रहा है। अब कानून वापस नहीं होगा। राज्यपाल के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। कोई पत्थर दिल होगा जो इस कानून का विरोध करेंगा। ED, CBI का भाजपा ने किया राजनीतिकरण मान ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के काम करने का यही तरीका है। अब वह ईडी, सीबीआई, इनकम टेक्स, चुनाव आयोग का इस्तेमाल करेंगे। इन विभागों का भाजपा ने राजनीतिकरण कर दिया है। भाजपा इन्हें लंबे समय से इसी तरह से बरत रही है। महाराष्ट्र, बिहार, यूपी, वेस्ट बंगाल आदि राज्यों में भी इसका इस्तेमाल इसी तरह से किया गया है। ED रेड का मतलब भाजपा में आ जाओ सब कुछ माफ मान ने कहा कि अब पंजाब में चुनाव आने वाले हैं। ED रेड का मतलब यही है कि भाजपा में आ जाओ फिर सब कुछ माफ है। कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के घर ED ने रेड की थी। वह भाजपा में आए तो रेड खत्म उन्हें Y सुरक्षा देकर भाजपा ने सम्मानित कर दिया। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है अब संजीव अरोड़ा के घर रेड की गई है। पहले भी अरोड़ा के रेड की थी कुछ नहीं मिला था। अब भी कुछ नहीं मिलेगा। संजीव अरोड़ा को डराया जा रहा है कि आपके कारोबार बंद कर देंगे अन्यथा भाजपा में आ जाओ। यह सब पंजाब में नहीं चलेगा। पंजाबी डरने वाले नहीं है। एक बार ही मोदी जी ने यू-टर्न लिया और माफी मांगी थी जब तीनों काले कानूनों को रद्द करना पड़ा था। उस समय भी उन्हें पंजाबियों ने झुकाया था। उसी बात का मोदी जी दिल में दर्द रखे बैठे हैं। कभी कहते हैं चंडीगढ़ हम अलग से यूटी बना देंगे। उसका राज्यपाल अलग बना देंगे। कभी कहते हैं कि पंजाब यूनिर्वसिटी हमारी है। कभी कहते हैं कि भाखड़ा पर डेंम सीआईएफ लगाकर पानी हरियाणा को देंगे। कभी कहते हैं धान नहीं उठानी। कभी पंजाब की झांकी नहीं 26 जनवरी को दिखानी। आरडीएफ का पैसा नहीं देना। किस मुंह से वोट मांगने अब आएंगे। मोदी की नीरव मोदी और विजय माल्या के साथ है तस्वीरें मान ने कहा कि मैं ईडी के इस्तेमाल की सख्त शब्दों में निंदा करता हूं। कुछ दिन पहले एक कारोबारी पर रेड की और अमन अरोड़ा का नाम उससे जोड़ दिया। अमन अरोड़ा की कई लोगों के साथ तस्वीरें हैं। किसी के साथ तस्वीर खिंचवाने से पहले उसकी आईडी नहीं पूछ सकते। ऐसे तो मोदी जी की नीरव मोदी या विजय माल्या के साथ तस्वीरें है। बंगाल में अभी भाजपा ने शपथ ग्रहण करना है, उससे पहले ही पूरे बंगाल में आग लगी पड़ी है। दो समुदायों … Read more

पंजाब में भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आगाज: गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून पर जताएंगे आभार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 6 मई से 9 मई 2026 तक चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ पर निकल रहे हैं। यह यात्रा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के पारित होने के बाद प्रदेश की संगत के प्रति आभार प्रकट करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री इस दौरान राज्य के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होंगे और जगह-जगह लोगों से संवाद भी करेंगे। यात्रा की शुरुआत 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होगी। यहां अरदास के बाद मुख्यमंत्री अमृतसर के लिए रवाना होंगे, जहां वे श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकेंगे। पहले दिन का कार्यक्रम धार्मिक आस्था के केंद्रों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा गया है, ताकि यात्रा की शुरुआत श्रद्धा और धन्यवाद के भाव के साथ हो सके। दूसरे दिन 7 मई को मुख्यमंत्री तलवंडी साबो पहुंचेंगे, जहां तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होंगे। इसके बाद उनका काफिला फरीदकोट पहुंचेगा। स्थानीय विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के अनुसार, फरीदकोट में भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा और वे यहां संगत से संवाद करेंगे। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री दर्शन करेंगे। इसके बाद वे पटियाला पहुंचेंगे। पटियाला में 8 और 9 मई को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में कार्यक्रम तय किया गया है। यहां भी मुख्यमंत्री अरदास करेंगे और लोगों से मुलाकात करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय स्तर पर स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। चार दिवसीय इस यात्रा का समापन 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में होगा। ऐतिहासिक महत्व के इस स्थल पर मुख्यमंत्री अंतिम अरदास कर यात्रा का समापन करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों और कस्बों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और ट्रैफिक को लेकर भी एडवाइजरी जारी की जा सकती है। सरकार का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के साथ सीधे संवाद का भी माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री विभिन्न स्थानों पर रुककर संगत की समस्याएं सुन सकते हैं और सरकार की योजनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे।

दिल्ली में अहम बैठक: भगवंत मान ने द्रौपदी मुर्मू से मिलने का किया रुख, बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग तैयार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए दिवील्ली रवाना हो गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनसे पहले आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री की मुलाकात दोपहर 12 बजे तय है। मुख्यमंत्री भगवंत मान विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं और इस दौरान वे बागी सांसदों से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर सरकार का पक्ष राष्ट्रपति के सामने रखेंगे। वहीं, राघव चड्ढा अपने साथियों के साथ राष्ट्रपति से मिलकर पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि 24 अप्रैल को आप के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली थी। इनमें संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संजीव अरोड़ा और विक्रमजीत साहनी समेत अन्य नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने इसे सामूहिक निर्णय बताते हुए नियमों के तहत कदम उठाने का दावा किया था। आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया इसके बाद 25 अप्रैल से पंजाब में आप कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर नारेबाजी और प्रदर्शन हुए। इसी बीच हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने का मामला भी सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया। 30 अप्रैल को पीपीसीबी (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की टीमों ने कुछ औद्योगिक इकाइयों में कार्रवाई की, जिसे भी इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। 2 मई को आप छोड़ने वाले सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार और एक महिला के शोषण के आरोपों में गैर-जमानती एफआईआर दर्ज की। पुलिस टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वे पहले ही वहां से निकल चुके थे। वहीं, 1 मई को पंजाब विधानसभा में सरकार ने फ्लोर टेस्ट भी पास कर लिया। 117 सदस्यीय सदन में आप के 88 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा की राष्ट्रपति से अलग-अलग होने वाली मुलाकातों को अहम माना जा रहा है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और घटनाक्रम से जुड़े मुद्दे सामने रखेंगे।