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“हॉट सीटों पर शुरू हुई तगड़ी काउंटिंग: मंगल पांडे–राम कृपाल पीछे, लेसी सिंह पिछड़ी, श्रेयसी सिंह आगे”

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू हो चुकी है. शुरुआती रुझानों में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. आज तय हो जाएगा कि बिहार की गद्दी पर कौन बैठने वाला है. एनडीए और महागठबंधन दो छोर पर खड़े हैं और नीतीश-तेजस्वी में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. सूबे की 243 सीटों के लिए हुए दो चरणों में पड़े वोटों की गिनती 46 केंद्रों पर हो रही है. नीतीश कुमार ने पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ जीत का दम भरा है, तो वहीं तेजस्वी यादव ने भी 18 नवंबर को शपथ लेने का दावा किया है. एग्जिट पोल में महिलाओं और ओबीसी का समर्थन एनडीए को मिलने की संभावना जताई गई है. एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को महिलाओं, ओबीसी और ईबीसी वर्ग का मजबूत समर्थन मिला है. चुनाव नतीजे तय करेंगे कि सत्ता नीतीश की रहेगी या तेजस्वी बिहार के मुस्तकबिल की नई कहानी लिखेंगे.  सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती और इसके बाद EVM की गिनती हो रही है. 243 सीटों में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं. वोटों की गिनती के मद्देनजर प्रशासन ने सभी जिलों में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए हैं. चुनाव आयोग भी अपने स्तर पर सभी तरह की तैयारियां कर चुका है. महुआ विधानसभा सीट पर आज मतगणना शुरू हो गई है. यह सीट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जा रही है. यहां मुकाबला है जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और राजद प्रत्याशी मुकेश रौशन और एलजेपी के संजय सिंह के बीच है. तेज प्रताप यादव ने 2015 में यहीं से जीतकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था. 2020 में वे हसनपुर सीट से विधायक बने थे, लेकिन इस बार राजद से अलग होकर अपनी नई पार्टी बनाकर दोबारा महुआ से चुनाव मैदान में उतरे हैं. वहीं, मुकेश रौशन 2020 में राजद के टिकट पर महुआ से जीत चुके हैं और इस बार सीट बचाने की कोशिश में हैं. महुआ में इस बार भाई बनाम पार्टी का दिलचस्प मुकाबला है.  शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ एनडीए ने 160 सीटों पर बढ़त बनाते हुए आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. तेजस्वी यादव की आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन 74 सीटों पर आगे चल रहा है और दूसरे पायदान पर है. गौर करने वाली बात यह है कि प्रशांत किशोर की नई नवेली जन सुराज पार्टी (JSP) तीन सीटों पर आगे चल रही है और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM एक सीट पर आगे चल रही है. > 9:24 बजे तक के रुझानों के मुताबिक, बीजेपी को बहुमत मिल गई है और 138 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं महागठबंधन 76 सीटों पर बढ़त में है. > 9 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस पार्टी 8 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है. वीआईपी को एक सीट मिलता नजर आ रहा है. जबकि गठबंधन की अन्य पार्टियां चार सीटों पर आगे चल रही हैं. > बिहार चुनाव में बीजेपी और आरजेडी के बीच मुकाबला मजबूत है. 9 बजे तक के अपडेट के मुताबिक, एनडीए बीजेपी 68 सीटों पर आगे है, जबकि आरजेडी 56 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है. > रुझानों में एनडीए आगे: बिहार चुनाव में वोटों की गिनती शुरू होती है रुझान आने शुरू हो गए हैं. पोस्टल बैलेट में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. > बदलाव होगा, बदलाव होगा: महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने कहा, "बदलाव होगा, बदलाव होगा. बिहार में नौकरी वाली युवाओं की सरकार आएगी."     > लखीसराय में कड़ी टक्कर: बिहार के लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ, जिसमें बीजेपी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, कांग्रेस के अमरेश कुमार और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के सूरज कुमार के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. > महुआ में तेज प्रताप यादव का त्रिकोणीय मुकाबला: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव महुआ विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले का सामना कर रहे हैं. उनका मुकाबला मौजूदा आरजेडी विधायक मुकेश रौशन और एनडीए समर्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संजय सिंह से है. महुआ में कभी आरजेडी का चेहरा रहे तेज प्रताप अपने नए बैनर जनशक्ति जनता दल के तहत जीत हासिल करते हैं या नहीं. > मतदान के दो चरणों में, बिहार में रिकॉर्ड 66.91 फीसदी वोटिंग हुई, जो 1951 के बाद से सबसे ज्यादा है. यह उछाल उस सूबे में निर्णायक साबित हो सकता है. पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भोजपुर जैसे जिलों की कई सीटें बेहद रोमांचक बन गई हैं जहां बढ़त 500 से 2,000 वोटों के बीच लगातार ऊपर-नीचे हो रही है. इन सीटों ने दोनों गठबंधनों की धड़कन बढ़ा दी है. तेजस्वी यादव की कोर युवा समर्थन वाली सीटों पर महागठबंधन ने शुरुआत में दम दिखाया है, जबकि एनडीए का प्रदर्शन उन सीटों पर मजबूत दिख रहा है जहां महिलाओं की भागीदारी अधिक रही थी. लेफ्ट दलों की 20 सीटों पर भी रुझान दिलचस्प हैं. CPI(ML), CPI और CPM इन इलाकों में अच्छी चुनौती दे रहे हैं. कई सीटों पर लेफ्ट उम्मीदवार RJD, BJP और JD(U) के दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. वर्ष 2020 में लेफ्ट ने 12 सीटें जीती थीं और इस बार भी शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि उनका आधार कमजोर नहीं हुआ है. दिघा, फुलवारी, पलिगंज, मटिहानी और कर्घहर जैसी सीटों पर भी मतगणना चल रही है. हर राउंड में बढ़त बदल रही है. कुछ सीटों पर यह मुकाबला त्रिकोणीय और चौकोर भी हो गया है जहां लोजपा (RV) और जन सुराज उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. एनडीए और महागठबंधन दोनों के प्रमुख नेता अपने-अपने वॉर रूम से लगातार अपडेट ले रहे हैं. रात तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है, लेकिन अभी जो माहौल है उससे इतना तय है कि मुकाबला अंतिम राउंड तक खिंच सकता है. काउंटिंग के मद्देनजर टाइट सिक्योरिटी: गया जी के एसएसपी आनंद कुमार ने बताया, "मतगणना आज सुबह 8 बजे शुरू हो रही है, सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. हर स्ट्रांग रूम के चारों ओर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है. सभी प्रवेश द्वारों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त … Read more

पहले चरण की वोटिंग से पहले सियासी संग्राम थमा! Bihar Election 2025 में तेजस्वी-खेसारी के बीच मुकाबला रोचक

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहले चरण में 6 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए आज चुनाव प्रचार खत्म हो गया। पहले चरण में राज्य के कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होने वाले हैं। इसके लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों ने जनता को अपने पक्ष में वोट करने के लिए अपील किया। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मुख्य मुकाबला दो मुख्य गठबंधनों, एनडीए और महागठबंधन के बीच माना जा रहा है लेकिन प्रशांत किशोर की जन सुराज ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। एनडीए में जहां भाजपा, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। वहीं महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, वीआईपी, भाकपा, भाकपा-माले और माकपा साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।    पहले चरण के प्रमुख विधानसभा क्षेत्र पहले चरण के लिए लिए अगर प्रमुख विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो तारापुर में उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (भाजपा) और राजद के अरुण कुमार के बीच के मुकाबले पर सबकी नजर रहेगी। वहीं इस चरण पूरे बिहार नजर  राजद के पारंपरिक गढ़ राघोपुर पर रहने वाली है। यहां से महागठबंधन के सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव का मुकाबला भाजपा के सतीश कुमार यादव से होने वाला है।  इसके अलावा महुआ विधानसभा सीट पर भी सबकी निगाहें रहने वाली है। यहां मुख्य मुकाबला लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के तेज प्रताप यादव और मुकेश कुमार रौशन के बीच माना जा रहा है। महुआ में तेजस्वी की रैली ने इस सीट पर परिवार की लड़ाई और तेज कर दी है। साथ ही अलीनगर और छपरा सीट पर सबकी नजरें रहने वाली है। अलीनगर से भाजपा की मैथिली ठाकुर तो छपरा से खेसारी लाल यादव चुनावी मैदान में हैं। पहले चरण के प्रमुख उम्मीदवार बिहार चुनाव के पहले चरण में कई दिग्गजों के किस्मत का फैसला होने वाला है। जिसमें  राजद नेता तेजस्वी यादव से लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का नाम शामिल है। इसके अलावा लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा नाम भी शामिल है। साथ ही भोजपुरी के ट्रेंडिंग स्टार खेसारी लाल यादव और मैथिली ठाकुर के भाग्य का फैसला भी पहले चरण में ही होने वाला है। चुनाव आयोग के आंकड़ों को देखें तो पहले चरण में कुल 1,314 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।   

महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तय हुआ, तेजस्वी यादव CM उम्मीदवार और मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने बड़ा ऐलान करते हुए तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है. पटना के होटल मौर्य में हुई इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, वामदलों और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर यह फैसला किया कि आगामी विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री के चेहरा होंगे. बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्य में बहुप्रतीक्षित प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया. इस संयुक्त प्रेस वार्ता में महागठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और अपनी-अपनी बात रखी. इस दौरान पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और वे मुख्यमंत्री के चेहरे होंगे. बिहार चुनाव के पहले चरण से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर जारी मतभेदों के बीच, महागठबंधन ने आज एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. महागठबंधन तेजस्वी यादव को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर घोषित कर दिया है. कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने महागठबंधन के जीतने पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के नाम का ऐलान किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक गहलोत, मुकेश सहनी, दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया. VIP के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा कि साढ़े तीन साल से इस दिन का इंतजार था और उन्होंने शपथ ली थी कि बीजेपी को तोड़ने का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होता. वहीं CPIML के जेनरल सचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि NDA सरकार को लग रहा था कि बिहार में अब कुछ नहीं होगा, लेकिन महागठबंधन के साथ पूरे बिहार के युवा, महिला और गरीब ने संकल्प लिया है कि इस बार सरकार बदली जाएगी. अशोक गहलोत ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में ध्रुवीकरण बढ़ गया है और आलोचना करने पर लोगों को जेल में डाल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठते हैं और PM से लेकर गृह मंत्री तक धनबल के आधार पर राजनीति कर रहे हैं. अन्य नेताओं ने भी महागठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह से मजबूत है और जनता बदलाव चाहती है। राहुल गांधी और खगड़े द्वारा करवाए गए सर्वे के बाद यह निर्णय लिया गया कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में जनता के सामने जाएंगे. प्रेस कांफ्रेंस में यह भी साफ किया गया कि बिहार में महागठबंधन एनडीए के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और जनता के हित के लिए लड़ाई लड़ रहा है. सभी दलों ने जनता से अपील की कि वे गठबंधन को समर्थन दें और इस चुनाव में बदलाव का संकल्प पूरा करें. तेजस्वी यादव ने कहा, "हम लोग को बिहार बनाने का काम करना है. हम आदरणीय लालू जी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सभी महागठबंधन के साथियों का धन्यवाद देते हैं. जो विश्वास आप लोगों ने हम पर जताया है, उस उम्मीद पर हम जरूर खरे उतरेंगे." – अशोक गहलोत ने कहा कि डिप्टी सीएम चेहरे के तौर पर मुकेश सहनी होंगे. – अशोक गहलोत ने सीएम फेस का ऐलान करते हुए कहा, "सबकी राय लेकर हमने तय किया है कि इस बार के चुनाव में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे." – अशोक गहलोत ने कहा, "देश के जो हालात हैं, उससे चिंतित होना जरूरी है. देश किस दिशा में जा रहा है, कोई नहीं जानता. देश में बेरोजगारी है. हम सब की जिम्मेदारी बनती है, कि ऐसे वक्त में देश क्या चाहता है, हर बात का ख्याल रखा जाए. किसान, मजदूर, आम आदमी, छात्र और युवा सभी के लिए हालात वही हैं. जब ऐसा होता है, तो लोग बदलाव चाहते हैं और इस बार बदलाव होगा. जिस तरह से पब्लिक ने रिस्पॉन्स दिया, पूरे देश ने देखा." इससे पहले महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर तनाव की बाते सामने आई थीं. हालांकि, बुधवार को अशोक गहलोत को पटना पहुंचे, उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की. मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि गठबंधन एकजुट है और चुनाव के लिए तैयार है. – वीआईपी के प्रवक्त ने बताया कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान होगा. आज उपमुख्यमंत्री के चेहरे पर किसी तरह का ऐलान नहीं होने वाला है. – पटना में महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव होटल पहुंचे. – महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बने पोस्टर में सिर्फ तेजस्वी यादव की तस्वीर लगाई गई है. इस पर पप्पू यादव ने कहा, "किसी और नहीं, राहुल गांधी की फोटो पर ही वोट पड़ेंगे." – पप्पू यादव ने कहा, "जब तक सीट वापस न हो, तब तक गठबंधन को कोई कदम नहीं उठाना चाहिए. सामूहिक गठबंधन के साथ चुनाव लड़ना चाहिए." – बिहार बीजेपी चीफ दिलीप जायसवाल ने कहा, "आपसी मतभेद चल रहा है, एक दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं. ऑफिस में बैठकर दिखा रहे हैं कि हम सब एक हैं. ये लोग सरकार नहीं चला सकते हैं. कांग्रेस और RJD की दोस्ती संभव नहीं है." गहलोत ने सुलझाई महागठबंधन की गुत्थी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से मुलाकात की. बातचीत के दौरान कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद थे, जिन्हें बातचीत में आई रुकावट के लिए जिम्मेदार माना जा रहा था. मुख्य विवाद तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने को लेकर था. कांग्रेस पहले इस पर सहमत नहीं थी, जबकि आरजेडी का पूरा प्रचार अभियान ‘तेजस्वी सरकार’ पर केंद्रित था. सूत्रों के मुताबिक अब कांग्रेस इस मुद्दे पर झुक गई है. कांग्रेस ने सीटों के निष्पक्ष बंटवारे पर भी जोर दिया. मतभेद के चलते कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें लगभग छह सीटों पर कांग्रेस-आरजेडी, चार पर भाकपा-कांग्रेस और दो पर वीआईपी-आरजेडी के बीच टकराव देखने को … Read more

मतदान करने वाले हर बिहारवासी के लिए खुशखबरी! चुनाव आयोग ने घोषित किया छुट्टी का नियम

नई दिल्ली  भारत निर्वाचन आयोग बिहार विधानसभा चुनाव और 8 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर चुका है। मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देने का आदेश जारी किया गया है। आयोग ने कहा कि यह कदम मतदाताओं को अपने वोट का इस्तेमाल करने में आसानी प्रदान करने के लिए उठाया गया है। बिहार में पहला चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। इसके अलावा सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव भी 11 नवंबर को ही होंगे। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत हर कर्मचारी, चाहे वह किसी व्यवसाय, उद्योग या अन्य प्रतिष्ठान में काम करता हो, मतदान के दिन सवेतन अवकाश पाने का हकदार है। इस दौरान उनकी तनख्वाह में कोई कटौती नहीं होगी। अगर कोई नियोक्ता इस नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारी भी इस सुविधा के हकदार हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग अपने मतदान क्षेत्र से बाहर अन्य जगहों पर नौकरी करते हैं, लेकिन अपने मूल मतदान क्षेत्र में वोटर हैं, उन्हें भी मतदान के दिन सवेतन अवकाश मिलेगा। इससे वे अपने वोट डालने के लिए समय निकाल सकेंगे। यह नियम सुनिश्चित करता है कि हर मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का पूरा मौका मिले। निर्वाचन आयोग ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे इस नियम का सख्ती से पालन कराएं। इसके लिए सभी नियोक्ताओं और संबंधित विभागों को जरूरी हिदायतें जारी की जाएं। आयोग का मकसद है कि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और सुगम हो, ताकि हर नागरिक बिना किसी परेशानी के वोट डाल सके। बिहार में इस घोषणा से कर्मचारियों और दैनिक मजदूरों में खुशी की लहर है। आयोग ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवकाश का लाभ देने में सहयोग करें ताकि लोकतंत्र मजबूत हो। यह कदम मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शिक्षा में तेज, विवादों में भी तेज प्रताप! 2.88 करोड़ की संपत्ति, 8 मुकदमे

 पटना  बिहार की सियासत में हमेशा चर्चा में रहने वाले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आरजेडी से निष्कासन के बाद अब उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर महुआ विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे में तेज प्रताप ने अपनी शिक्षा, संपत्ति और आपराधिक मामलों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं। कितनी है सपत्ति हलफनामे के मुताबिक, तेज प्रताप यादव 12वीं पास हैं, जबकि उनके छोटे भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सिर्फ 9वीं तक पढ़े हैं। तेज प्रताप के पास कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें 91.65 लाख रुपये की चल संपत्ति और 1.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। दिलचस्प यह है कि 2020 में उनकी कुल संपत्ति 2.82 करोड़ थी, यानी बीते पांच सालों में चल संपत्ति घटी लेकिन अचल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है। 8 केस भी दर्ज तेज प्रताप यादव पर इस वक्त 8 आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें धारा 324, 302, 120B, 341, दहेज उत्पीड़न, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर प्रावधानों के केस शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से किसी में भी अब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। हलफनामे में उन्होंने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय का विवरण नहीं दिया है, क्योंकि तलाक का मामला अभी पटना की पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है। नई पार्टी से चुनाव लड़ेंगे तेज प्रताप मई 2025 में आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाई और अब उसी के बैनर तले चुनाव मैदान में हैं। नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी दिवंगत दादी की तस्वीर साथ रखकर भावनात्मक अपील की। तेज प्रताप की राजनीति हमेशा विवादों से घिरी रही है, कभी बयानबाजी, कभी निजी रिश्ते, तो कभी पार्टी नेतृत्व से टकराव। बावजूद इसके वे बिहार की सियासत में एक चर्चित और प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दो चरणों में मतदान होगा, पहला 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को होगी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप की नई पार्टी और उनकी नई पारी महुआ सीट पर क्या रंग दिखाती है।

चुनाव में आचार संहिता लागू होते ही डीएम-एसपी के हाथ में आ जाती है ये विशेष शक्तियां

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने वाला है. आज शाम को 4 बजे चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा. इस दौरान बिहार चुनाव की तारीखों का एलान किया जाएगा और इसी दौरान पता चलेगा कि आखिर चुनाव कितने चरणों में संपन्न होगा. चुनाव की तारीखों का एलान होते ही आचार संहिता लागू हो जाएगी. आचार संहिता के लागू होते ही जिला प्रशासन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. इस दौरान जिले के डीएम और एसपी के पास प्रशासनिक और कानूनी तौर पर कुछ एक्स्ट्रा पावर आ जाती हैं. इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हों. आचार संहिता के बाद डीएम की पावर आचार संहिता लागू होने के बाद सबसे पहले डीएम और एसपी सीधे तौर पर चुनाव आयोग के नियंत्रण में आ जाते हैं. यानी अब वे राज्य सरकार के नहीं, बल्कि आयोग के आदेशों के अनुसार काम करते हैं. डीएम जिले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर काम करता है. उसे यह अधिकार मिल जाता है कि वह किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की ड्यूटी चुनाव कार्य के लिए लगा सकता है.  इसके अलावा, डीएम को यह पावर होती है कि वह आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल पर तुरंत कार्रवाई करा सके. प्रचार सामग्री जब्त करना, अवैध पोस्टर हटवाना, अनधिकृत रैलियों को रोकना यह सब डीएम और एसपी के अधिकार क्षेत्र में आता है. आचार संहिता के बाद एसपी की पावर एसपी की भूमिका भी इस दौरान बेहद जरूरी होती है. जिले की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी उसी के पास होती है. आचार संहिता लागू होते ही वह पुलिस बल की तैनाती, पेट्रोलिंग, फ्लैग मार्च और संवेदनशील बूथों की सुरक्षा व्यवस्था खुद तय करता है. एसपी को यह अधिकार होता है कि वह किसी भी इलाके में धारा 144 लागू कर सके ताकि कोई राजनीतिक दल या व्यक्ति चुनावी माहौल बिगाड़ न सके.  दोनों अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई सरकारी संसाधन चुनाव प्रचार में इस्तेमाल न हो. डीएम को यह भी अधिकार होता है कि वह किसी अधिकारी का ट्रांसफर या ड्यूटी बदलने की अनुशंसा चुनाव आयोग को कर सके, यदि उस पर किसी दल के पक्षपात का आरोप लगे. कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी इसके साथ ही, किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में डीएम को तुरंत जांच करने और रिपोर्ट आयोग को भेजने का निर्देश होता है. कुल मिलाकर, आचार संहिता लागू होते ही डीएम और एसपी के पास प्रशासनिक नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी और चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने की पूरी ताकत होती है.

चुनाव आयोग अलर्ट मोड में, चीफ इलेक्शन कमिश्नर करेंगे ग्राउंड रिपोर्ट की जांच

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है. इसी क्रम में आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. यह बैठक सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर शाम 3 बजे तक चलेगी. इसमें राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसएसपी शामिल होंगे. दो सत्रों में आयोजित होगी बैठक बैठक दो सत्रों में आयोजित हो रही है. पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से प्रारंभ हुआ जबकि दूसरा सत्र दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा. इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राज्य में सुरक्षा बलों की जरूरत का आकलन करेंगे और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. चुनावी दृष्टिकोण से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि बिहार जैसे बड़े राज्य में शांति और निष्पक्षता के साथ मतदान सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है. 4 अक्टूबर को पटना का दौरा कर सकते हैं चीफ इलेक्शन कमिश्नर सूत्रों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त आगामी 4 अक्टूबर को पटना का दौरा भी कर सकते हैं. इस दौरान वे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और उनकी चिंताओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे. इसके अगले दिन यानी 5 अक्टूबर को वे बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिलाधिकारियों, आईजी और एसएसपी के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील बूथों की पहचान जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आज जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट तेज हो चुकी है. चुनाव आयोग मतदाता सूची से लेकर सुरक्षा इंतज़ाम तक हर स्तर पर सक्रिय है. आज मंगलवार को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी किया जाएगा और अब सुरक्षा पर गहन मंथन हो रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आयोग का यह कदम चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. 

अमित शाह आज पटना में करेंगे रणनीतिक बैठक, धर्मेंद्र प्रधान सहित कई नेता शामिल

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने अपने चुनावी अभियान की रफ्तार तेज कर दी है. इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग पहुंच रहे हैं. यहां वे इंजीनियरिंग कॉलेज के ऑडिटोरियम में चंपारण और सारण संभाग के 10 संगठनात्मक जिलों के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे. उसके बाद पटना में 40 नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे. जिसमें बिहार भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल होंगे. कार्यक्रम की रूपरेखा अमित शाह शुक्रवार दोपहर 2 बजे कुमारबाग पहुंचेंगे और शाम 4 बजे तक वहां रहेंगे. इस दौरान वे बेतिया-बगहा, रक्सौल, ढाका, मोतिहारी, गोपालगंज, सीवान उत्तर-दक्षिण और छपरा समेत 10 जिलों के 294 कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. बैठक में सांसद, राज्यसभा सदस्य, विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष, प्रभारी और कोर कमेटी सदस्य सहित संगठन के अहम पदाधिकारी शामिल होंगे. सुरक्षा के कड़े इंतजाम गृह मंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. कुमारबाग इंजीनियरिंग कॉलेज के खेल मैदान में अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है. स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो सके. शाम को पटना में अहम बैठक कार्यकर्ता संवाद के बाद अमित शाह बेतिया से पटना रवाना होंगे. यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय में वे प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय स्तर के 40 वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगे. इस बैठक में बिहार चुनाव के प्रभारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल के मुताबिक, इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा और रणनीति पर गहन चर्चा होगी.