samacharsecretary.com

पटना ब्लैकआउट ड्रिल 14 मई को, आपदा तैयारी का होगा अभ्यास

 पटना  राजधानी पटना में 14 मई की शाम 7 बजे सिविल डिफेंस ब्लैकआउट और मॉकड्रिल आयोजित किया जाएगा। हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी और तंत्र की प्रभावशीलता जांचने के लिए यह अभ्यास किया जा रहा है। जिलाध‍िकारी डॉ. त्‍यागराजन एसएम ने लोगों से अपील की है कि निर्धारित समय पर अपने घर, दुकान और प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें बंद रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पूर्व निर्धारित मॉकड्रिल है, वास्तविक खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। दो मिनट बजेगा सायरन, फिर होगा ब्लैकआउट 14 मई को निर्धारित समय पर हवाई हमले की चेतावनी के रूप में दो मिनट तक सिविल डिफेंस का सायरन बजाया जाएगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट शुरू होगा। इस दौरान फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय, सिविल डिफेंस और पुलिस समेत आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों की तत्परता और समन्वय का परीक्षण किया जाएगा। इन इलाकों में होगा मॉक अभ्यास जिलाधिकारी ने बताया कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पटना नगर निगम क्षेत्र के अलावा दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ में भी मॉकड्रिल और ब्लैकआउट कराया जाएगा। मॉक अभ्यास के लिए पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) को सिमुलेशन साइट के रूप में चिन्हित किया गया है। छह तरह के आपदा परिदृश्यों का होगा अभ्यास प्रशासन के अनुसार मॉकड्रिल के दौरान छह प्रमुख परिदृश्यों पर अभ्यास किया जाएगा। इनमें एयर रेड अर्ली वार्निंग सिस्टम, ब्लैकआउट व्यवस्था, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, मेडिकल रिस्पॉन्स और फायर फाइटिंग शामिल हैं। प्रत्येक सिमुलेशन स्थल पर अलग-अलग आपदा परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया जाएगा। आवश्यक सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मॉकड्रिल के दौरान आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। अस्पतालों में ब्लैकआउट के लिए खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे या प्राइवेसी कर्टेन का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रचार-प्रसार और नागरिक सहभागिता पर जोर जिला प्रशासन ने स्कूलों, व्यवसायिक संस्थानों और सिविल सोसाइटी संगठनों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है ताकि अधिकतम नागरिक इस अभ्यास में भागीदारी कर सकें। 13 मई को पटना समाहरणालय में हवाई हमले पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज भी आयोजित की जाएगी। कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय मॉकड्रिल के दौरान जिला आपातकालीन संचालन केंद्र और जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। किसी भी सूचना या सहायता के लिए लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:     जिला आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612-2210118     जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2219810 / 2219234     आपातकालीन सेवा: 112 प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नागरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए इस तरह के अभ्यास साल में कम-से-कम दो बार आयोजित किए जाते हैं।  

यूपी में आज शाम 6 बजे सायरन बजेगा, बुझ जाएंगी बत्तियां! जानें ‘ब्लैकआउट’ की पूरी योजना

 लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार आज शाम 6:00 बजे पूरे राज्य में ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है. इस दौरान सायरन बजते ही लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद करनी होंगी. यह अभ्यास हवाई हमलों जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने और दुश्मन से लोकेशन छिपाने की तैयारी के लिए किया जा रहा है.  इसमें सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग जैसी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ हिस्सा लेंगी. प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में स्थान चिन्हित कर लिए हैं ताकि आम जनता को इस सुरक्षा प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा सके। क्यों जरूरी है यह मॉक ड्रिल? ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय हवाई हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करना है. शाम के समय लाइटें बंद करने से दुश्मन को सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता. इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों की जांच करेंगी. इससे जनता को यह संदेश देना है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई आपात स्थिति आती है, तो उन्हें घबराने के बजाय किस तरह अनुशासित रहकर अपनी और देश की सुरक्षा करनी है.  इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान ब्लैकआउट के दौरान कुछ कड़े नियमों का पालन अनिवार्य है. लोगों को अपने घरों के अंदर रहना चाहिए और सभी लाइटें बंद रखनी चाहिए. घर से बाहर टॉर्च, मोबाइल या माचिस का प्रयोग पूरी तरह वर्जित होता है. यदि घर के किसी हिस्से से रोशनी बाहर जा रही हो, तो वहां काला कागज चिपकाना जरूरी है. इसके अलावा धूम्रपान न करने और बाहर होने की स्थिति में दौड़ने के बजाय आराम से चलने की सलाह दी गई है ताकि कोई दुर्घटना न हो.