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पंजाब में बम धमाके की साजिश को नाकाम किया, विदेशी कनेक्शन वाले आरोपी से 4 ग्रेनेड बरामद, चंडीगढ़ हमले से लिंक

अमृतसर  पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब को देहलाने की बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। काउंटर इंटेलिजेंस विंग और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई अमृतसर और मोहाली में आपसी समन्वय के साथ की गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। इस बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी विदेश में बैठे संचालकों के संपर्क में था और उसे लगातार निर्देश मिल रहे थे। पुलिस का मानना है कि इस मॉड्यूल के तार हाल ही में चंडीगढ़ में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी गहन जांच जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। हथियारों और ग्रेनेड की बड़ी बरामदगी पंजाब DGP गौरव यादव ने अपने X हैडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपी के कब्जे से चार हैंड ग्रेनेड, दो विदेशी निर्मित पिस्तौल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। यह बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे संभावित बड़े आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों का संकेत मिलता है। FIR दर्ज, पूरे नेटवर्क की जांच जारी इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संगठित अपराध तथा आतंकवादी गतिविधियों को समाप्त करना उनकी प्राथमिकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस कार्रवाई से बड़ी घटना टली पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्रवाई से एक बड़ी घटना को टाला जा सका है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आतंकी या संगठित आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। छापेमारी अभी भी जारी पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने, उनके ठिकानों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।  

दिल्ली में बड़ा खतराः लाल किला और चांदनी चौक के मंदिर पर लश्कर ए तैयबा का धमाका अलर्ट

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर आतंकवादियों के निशाने पर है. खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने IED हमले की साजिश रच रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है. यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी. खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है. सूत्रों का कहना है कि लश्कर ने कश्मीर में बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने के लिए दिल्ली को चुना है, जहां नवंबर 2025 के ब्लास्ट के बाद एक वायरल पोस्ट में LeT ने जिम्मेदारी ली थी. उस पोस्ट में कहा गया था, ‘नई दिल्ली पर हमला लश्कर-ए-तैयबा के बहादुर शेरों ने किया है. यह कश्मीर में शहीदों का बदला है. हम हर मस्जिद के ईंट का बदला लेंगे और हर मंदिर तक पहुंचेंगे.’ लाल किले के सामने IED हमले की साजिश अलर्ट के अनुसार, लश्कर के स्लीपर सेल दिल्ली के लाल किले के मुख्य द्वार के पास भीड़भाड़ वाले इलाके में IED प्लांट करने की योजना बना रहे हैं. लाल किला पहले भी आतंकी हमलों का शिकार रहा है. दिसंबर 2000 में LeT ने लाल किले पर हमला किया था, जिसमें तीन लोग मारे गए थे. नवंबर 2025 के कार ब्लास्ट में भी लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन के बाहर विस्फोट हुआ था, जिसमें 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए थे. जांच एजेंसियों ने इसे ‘आतंकी घटना’ करार दिया था और UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) के तहत केस दर्ज किया था. खुफिया सूत्रों ने बताया कि लश्कर के हैंडलर्स ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) की मदद से पंजाब स्थित गैंगस्टरों के साथ मिलकर IED सप्लाई कर रहे हैं. ये IED हाई-इंटेंसिटी वाले हैं, जो वाहनों या बैग्स में छिपाकर लगाए जा सकते हैं. दिल्ली पुलिस ने अलर्ट के बाद लाल किले के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडोज, डॉग स्क्वाड और AI आधारित फेशियल रिकग्निशन कैमरे तैनात किए गए हैं. दिल्ली मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर भी हाई अलर्ट है. चांदनी चौक के मंदिर निशाने पर अलर्ट में विशेष रूप से चांदनी चौक इलाके के मंदिरों को खतरा बताया गया है. लाल किले से सटे चांदनी चौक में कई प्राचीन मंदिर जैसे दिगंबर जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर और सीस गंज गुरुद्वारा हैं. ये जगहें रोजाना हजारों श्रद्धालुओं से भरी रहती हैं, जिससे हमले की स्थिति में बड़ा नुकसान हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, लश्कर के आतंकी IED या सुसाइड बॉम्बर का इस्तेमाल कर इन मंदिरों को निशाना बना सकते हैं. यह साजिश धार्मिक स्थलों को टारगेट कर साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश है. यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर ISI की मदद से भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है. जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें. जांच एजेंसियां साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी हैं, और जल्द ही बड़े खुलासे की उम्मीद है.