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JBVNL का निर्देश: छठ पर्व पर रांची में बिजली सेवाओं में कोई बाधा नहीं

रांची झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) राजधानी रांची में छठ महापर्व को लेकर निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति जारी रखेगा और इसको लेकर सुरक्षा निर्देश भी जारी किया गया है। निर्देश में आयोजकों और श्रद्धालुओं से त्योहार के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों का पालन करने का आग्रह किया गया है। बिजली वितरण कंपनी ने घोषणा की है कि छठ पर्व के प्रमुख दिनों, 27 और 28 अक्टूबर, 2025 को बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। विभाग ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि त्योहार के दौरान रांची और आसपास के क्षेत्रों में निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। जेबीवीएनएल ने छठ घाटों के आयोजकों और आम जनता से सुरक्षा दिशा -निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, खासकर उन इलाकों में जहां बड़ी भीड़ इकट्ठा होती है। निगम ने निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति ट्रैक्टर, ट्रक या अन्य ऊंचे वाहनों की छत पर न बैठे, और न ही उनके ऊपर कोई ऊंची संरचना या सामग्री (सरकंडे, बांस के ढांचे या बैटरी) शामिल हैं। विभाग ने स्थानीय आयोजन समितियों के स्वयंसेवकों से अनुरोध किया है कि वे लापरवाही या असावधानी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छठ घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर निरंतर निगरानी रखें। आमलोगों को यह भी सलाह दी गई है कि वे बिजली के खंभों, तारों या किसी भी विद्युत उपकरण को लाठी, बांस या अन्य वस्तुओं से न छुएं। जेबीवीएनएल ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी तोरण द्वार और पंडाल बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी पर बनाए जाएं ताकि बिजली के खतरों का जोखिम कम से कम हो। छठ महापर्व के दौरान बिजली संबंधी किसी भी समस्या या आपात स्थिति के लिए, जेबीवीएनएल ने तत्काल सहायता के लिए निम्नलिखित संपकर् नंबर उपलब्ध कराए हैं: विद्युत नियंत्रण कक्ष, कुसाई कॉलोनी – 9431135682 / 0651-2490014, विद्युत अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति मंडल, रांची – 9431135662, कार्यपालक लअभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, रातू (मध्य) – 9431135613, कार्यपालक द्यअभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, डोरंडा – 9431135608, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, न्यू कैपिटल – 9431135620, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, रांची (पूर्व) – 9431135614, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, रांची (पश्चिम) – 9431135664, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, कोकर – 9431135615, कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, खूंटी – 9431135616  

छठ मनाने के बाद लंबी यात्रा नहीं होगी परेशानी, रेलवे की स्पेशल ट्रेनें मददगार

नई दिल्ली  रेलवे ने दीपावली और छठ महापर्व को मनाने के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है, जिसमें 6181 विशेष ट्रेनों का परिचालन शामिल है। रेलवे की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि यात्रियों की त्योहारों की यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाने के लिए देशभर में 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनों की सेवाएं संचालित की जा रही है।  इन स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया  यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, गुजरात के उधना, महाराष्ट्र के पुणे, मुंबई और कर्नाटक के बेंगलुरु सहित देशभर के स्टेशनों पर सुविधाओं से युक्त होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। रेलवे कर्मचारी चौबीसों घंटे यात्रियों का मार्गदर्शन करने, व्यवस्था बनाए रखने और सभी को सुरक्षित रूप से उनके घर तक पहुंचाने में जुटे हैं, ताकि वे अपने परिजनों के साथ त्योहार मना सकें। रेलवे ने कहा कि अब दिवाली और छठ पूजा के बाद यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक वापसी यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे पूरी तरह तैयार है। इसके लिए 28 अक्टूबर से नवंबर महीने तक 6181 विशेष ट्रेन सेवाएं चलाई जाएंगी। बढ़ती मांग को देखते हुए नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं।  स्टेशनों पर RPF के जवान पर्याप्त संख्या में तैनात   प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया को मौसम रोधी बनाया गया है ताकि यात्रियों को ट्रेनों के प्रस्थान से पहले सुविधाजनक प्रतीक्षा स्थल मिल सके। बिहार के पटना, दानापुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गया, समस्तीपुर, बरौनी तथा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बलिया और बनारस जैसे स्टेशनों पर ये व्यवस्थाएं की जा रही हैं। रेलवे के अनुसार इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम), पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरए) काउंटर और मोबाइल अनरिजर्व्ड टिकटिंग (एम-यूटीएस) जैसी सुविधाओं को भी बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा और संचालन की सुचारू व्यवस्था के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को पर्याप्त संख्या में तैनात किया गया है।  यात्री सहायता बूथ, सूचना काउंटर, कतार प्रबंधन प्रणाली और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम को भी और सशक्त किया गया है। प्रमुख स्टेशनों पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सैनिटेशन सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। रेल भवन, ज़ोनल और मंडल स्तर पर समर्पित वार रूम चौबीसों घंटे कार्यरत हैं ताकि संचालन की वास्तविक समय में निगरानी की जा सके और यात्रियों की किसी भी आवश्यकता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। रेलवे ने बताया है कि पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, सहरसा आदि स्टेशनों पर मेडिकल बूथ स्थापित किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके। राज्य सरकार, अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस सेवाओं के साथ समन्वय स्थापित कर आपातकालीन सेवाओं को तत्पर रखा गया है।

छठ पर्व का पहला चरण: खरना पर आम की लकड़ी से बनता है प्रसाद, जानें वजह

छठ पूजा का महापर्व आज से शुरू हो गया है. आज छठ पूजा का पहला दिन है. आज नहाय-खाय है. 28 अक्टूबर को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही ये महापर्व संपन्न हो जाएगा. छठ के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. ये कल मनाया जाने वाला है. खरना के दिन गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाए जाने की परंपरा है. ये प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर ही बनाया जाता है. इतना ही नहीं प्रसाद बनाने के लिए चूल्हे में लगाने के लिए सिर्फ आम की लकड़ी का उपयोग किया जाता है. किसी दूसरी लकड़ी से यह प्रसाद नहीं बनाया जाता, लेकिन ऐसा करने के पीछे की वजह क्या है? आइए जानते हैं इसके पीछे की परंपरा और धार्मिक कारण. खरना का महत्व छठ का दूसरा यानी खरने के दिन का खास महत्व धर्म शास्त्रों में बताया गया है. खरना का अर्थ होता है. ‘शुद्धता’. खरने के दौरान व्रतियों के द्वारा स्वच्छता और पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाता है. मान्यताओं के अनुसार, वो खरने का दिन होता है, जब छठी का घर में प्रवेश होता है. खरना का दिन पूर्ण रूप से भक्ति और समर्पण का माना जाता है. इस दिन सूर्य देव और छठी मैया का आशीर्वाद मिलता है. प्रसाद बनाने के लिए आम की लकड़ी का उपयोग क्यों? खरना की शाम मिट्टी का चूल्हा बनाया जाता है. इस चूल्हे में आम की लकड़ियां उपयोग की जाती हैं. आम की लकड़ी शुद्ध और सात्विक मानी जाती है. मान्यता है कि आम की लकड़ी छठी मैया को बहुत प्रिय है, इसलिए छठ के अवसर पर प्रसाद बनाने के लिए आम की लकड़ियों का उपयोग होता है. इस लकड़ी से प्रसाद बानने पर घर में सकारात्मक उर्जा आती है. खरना की विधि     खरना के दिन व्रती महिलाओं द्वारा मिट्टी के नए चूल्हे पर गुड़ और चावल की खीर बनाई जाती है.     ये खीर पीतल के बर्तन में गुड़, चावल और दूध से तैयार की जाती है.     साथ ही गेहूं के आटे से बनी रोटी, पूड़ी या ठेकुआ बनाया जाता है.     इस खीर का भोग छठी मैया को लगता है.     इसके बाद इसे सभी लोग प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं.     फिर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है.  

छठ पूजा की तैयारी जोरों पर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद संभाली कमान

नई दिल्ली  दिल्ली में आस्था के महापर्व छठ की तैयारी पूरे जोश और श्रद्धा के साथ जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई छठ घाटों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि सरकार छठ की तैयारियों के लिए कोई कमी नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और विधायक संदीप सहरावत ने शुक्रवार को पहले भव्य पोचनपुर छठ घाट का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "पूरी दिल्ली में लगभग 1,500 स्थानों पर छठ घाट बनाए गए हैं और सभी तैयारियां जोरों पर हैं। इसके अलावा, यमुना नदी के किनारे कई किलोमीटर तक 17 अलग-अलग स्थानों पर विशेष घाट बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को छठ पूजा करने के लिए उचित सुविधाएं मिल सकें।" भाजपा विधायक संदीप सहरावत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हमारी मुख्यमंत्री ने पोचनपुर छठ घाट का उद्घाटन किया और स्वयं सभी तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी तैयारियों की समीक्षा की। मैं मुख्यमंत्री को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।" इसके बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया, जिसमें छठ घाट, 153 गलियां, सीवर व पानी की लाइनें और गणेश नगर कॉम्प्लेक्स में एक पुलिया शामिल है। उन्होंने धोबी समुदाय के लोगों को इलेक्ट्रिक आयरन बांटे और भाजपा की ओर से यमुना घाटों पर किए गए इंतजामों के बारे में बताया, जिससे पूर्वांचल के लोग बिना किसी परेशानी के छठ पूजा कर सकें। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह घाट न सिर्फ पूर्वांचली भाई-बहनों की आस्था का प्रतीक है, बल्कि दिल्ली के सांस्कृतिक गौरव और सहभागिता की पहचान भी बनेगा।" मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, "भाजपा सरकार के नेतृत्व में जिस समर्पण और संवेदनशीलता से छठ महापर्व की तैयारियां की जा रही हैं, वह अभूतपूर्व है। इस बार यमुना किनारे जब हमारी बहनें सूर्य देव को अर्घ्य देंगी, तो वे स्वच्छ और निर्मल जल में खड़ी होकर अपनी प्रार्थनाएं अर्पित करेंगी। यह नया घाट दिल्ली में आस्था और विकास के संगम का प्रतीक है।"

रांची में छठ पर्व के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी, नागरिकों की सुविधा पर जोर

रांची छठ पर्व के मद्देनजर झारखंड की राजधानी रांची में 27 और 28 अक्टूबर को ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव किये गए हैं। रांची पुलिस ने बुधवार को आदेश जारी कर इस दौरान यातायात सुगमता और भीड़ नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण नियम घोषित किये हैं। यह नियम इमरजेंसी वाहनों को छोड़ कर सभी वाहनों पर लागू होंगे। सबसे महत्वपूर्ण प्रतिबंधों में मालवाहक वाहनों का प्रवेश शामिल है। 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक तथा 28 अक्टूबर की सुबह 2 बजे से दिन के 10 बजे तक सभी भारी मालवाहक वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, ऐसे भारी वाहनों को रिंग रोड के माध्यम से ही अपने गंतव्य तक परिचालन करने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त, शहर में लागू सामान्य नो-एंट्री नियम पहले की तरह समान रूप से लागू रहेंगे। छोटे मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी विशेष रोक लगाई गई है। 27 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक पूरे शहर में छोटे मालवाहक वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, उसी दिन शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक चांदनी चौक से कांके तथा राम मंदिर के बीच ऑटो और ई-रिक्शा चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए प्रमुख मार्गों पर भी रोक लगाई गई है। 27 अक्टूबर को फिरायालाल से चढ़री तालाब की ओर जाने वाली सड़क और जेल चौक से फिरायालाल की ओर जाने वाली सड़क पर वाहन यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। छठ पर्व के अवसर पर घाटों के पास कुछ स्थानों को पाकिर्ंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। रांची पुलिस ने कहा है कि आवश्यकतानुसार यातायात को नियंत्रित करने के लिए अन्य मार्गों को भी सीमित समय के लिए डायवर्ट या रोका जा सकता है। रांची पुलिस ने जनता से इन नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है जिससे पर्व की खुशियां सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से मनाई जा सकें।