samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़ पुलिस दे रही यात्रियों, चालकों एवं फील्ड स्टॉफ को आपात प्रबंधन का प्रशिक्षण

रायपुर. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा अभियान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर लाइव मॉक-ड्रिल किया गया। मॉक-ड्रिल के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों एवं एनएचएआई के फील्ड स्टॉफ को कई तरह की आपात परिस्थितियों से निपटने व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान दौरान विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने के तरीकों का प्रदर्शन भी किया। मॉक-ड्रिल के दौरान विशेषज्ञों ने हार्ट-अटैक की स्थिति में सीपीआर देने के सही एवं वैज्ञानिक तकनीक का लाइव-डेमो दिया। उन्होंने अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई जैसी मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार की भी जानकारी दी। मॉक-ड्रिल में वाहन में तकनीकी खराबी और सड़क दुर्घटना में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की भी जानकारी दी गई। दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित ढंग से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने तथा इस दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया। कोहरे एवं रात्रि यात्रा में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयास राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान एनएचएआई द्वारा सर्दियों के मौसम में कोहरे एवं रात में यात्रा के दौरान दुर्घटना की संभावना को कम करने वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं। साथ ही वाहन चालकों एवं यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित करने की अपील भी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों की वित्तीय सशक्तिकरण के लिए निवेश और बचत पर कार्यशाला आयोजित

धमतरी. पुलिस द्वारा पुलिस कर्मियों के वित्तीय सशक्तिकरण के उद्देश्य से आज पुलिस कंट्रोल रूम में निवेश एवं बचत विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन एवं उपस्थिति में आयोजित हुई, जिसमें पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सैलरी के बचत पैसों को सुरक्षित निवेश माध्यमों में लगाकर बेहतर रिटर्न प्राप्त करने तथा भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए योजनाबद्ध बचत करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में राज्य सरकार के बीच एमओयू (टाईअप) बैंक ऑफ बड़ौदा एवं म्युचुअल फंड विशेषज्ञों की टीम द्वारा सुरक्षित निवेश, एसआईपी एवं म्युचुअल फंड, सरकारी योजनाएँ, आयकर नियम, रिटायरमेंट प्लानिंग और बचत के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई, विवाह, मकान निर्माण और आपतकालीन परिस्थितियों के लिए नियमित बचत एवं वित्तीय अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही साइबर फ्रॉड और निवेश धोखाधड़ी से बचाव के तरीकों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि पुलिस कर्मी किसी भी प्रकार के वित्तीय जाल में न फँसें। एसपी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नववर्ष में पुलिस फोर्स के कल्याण हेतु कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वित्तीय सुदृढ़ता पहली और महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि अनुशासन सिर्फ ड्यूटी तक सीमित नहीं, बल्कि वित्तीय जीवन में भी उतना ही आवश्यक है। सुरक्षित निवेश, बचत की आदत और योजनाबद्ध आर्थिक प्रबंधन से पुलिस कर्मी स्वयं एवं अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं और अनावश्यक ऋण जाल से बच सकते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की टीम ने पीपीएफ, एनएससी, केवीपी, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, मेडिक्लेम व टर्म इंश्योरेंस जैसी सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी पाया।

रायपुर: नवसंकल्प ने फिर रचा इतिहास, जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन

रायपुर : नवसंकल्प ने फिर लिखा इतिहास-जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन सीएम  विष्णुदेव साय के गृह जिले की प्रतिभा ने बजाया सफलता का बिगुल डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत रायपुर नवसंकल्प के 63 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में चयन हुआ है। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि जशपुर की मिट्टी, मेहनत, संघर्ष और नवसंकल्प की विशिष्ट शिक्षण परंपरा का उज्ज्वल परिणाम है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में डीएमएफ मद से संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान ने एक बार फिर अभूतपूर्व सफलता अर्जित करते हुए जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।  डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत        कलेक्टर जशपुर, जिला पंचायत सीईओ तथा एसएसपी ने कांस्टेबल परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि युवाओं की लगन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का प्रमाण है। एसएसपी द्वारा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शारीरिक प्रशिक्षण व्यवस्था कराई गई थी, जिसका लाभ चयन प्रक्रिया में स्पष्ट रूप से दिखा। भारी संख्या में युवाओं का चयन जशपुर जिले के लिए गर्व का अद्वितीय क्षण है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस संस्थान की नींव केंद्रीय मंत्री रहते हुए रखी थी, जो आज जिले के युवाओं के लिए एक वरदान बन चुका है। नवसंकल्प ने केवल प्रतियोगी तैयारी ही नहीं करवाई, बल्कि अनुशासन, लक्ष्य, वातावरण और संकल्प देकर युवाओं में नई ऊर्जा भरी। इन सफल उम्मीदवारों में कई अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। नवसंकल्प ने उनके सपनों को दिशा दी, पंख दिए और जशपुर का नाम एक बार फिर प्रदेश में गौरव के साथ ऊँचा कर दिया।     नवसंकल्प की प्राचार्या एवं जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि कुल तीन बैचों में 150 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया था। इनमें से 45 युवा पहले ही नगर सैनिक में चयनित हो चुके हैं तथा इस बार 63 युवाओं ने पुलिस कांस्टेबल पद पर चयन पाकर जशपुर को गौरवान्वित किया है। चयन दो चरणों-100 अंकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और 100 अंकों की लिखित परीक्षा, कुल 200 अंकों की मेरिट के आधार पर हुआ। प्रशिक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहे। नवसंकल्प के पूर्व प्राचार्य ने भी अपने कार्यकाल में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।        नवसंकल्प के कोर मेम्बर तथा संकल्प के प्राचार्य द्वारा नियमित प्रेरणा कक्षाएं लेकर छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया गया। छात्रों को दैनिक शारीरिक प्रशिक्षण कराया गया, जिससे परीक्षाओं में उन्हें विशेष लाभ मिला। वहीं समन्वयक सहित अनेको प्रबुद्धजनों ने भी छात्रों को मार्गदर्शन देते हुए सफलता की बधाई दी है।