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विकास कार्यों की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को: सांसद और विधायक सौंपेंगे कामकाज का लेखा-जोखा

भोपाल मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार की दो वर्ष उपलब्धियां जनता को बताई जाएंगी। प्रभारी मंत्रियों ने शनिवार को अपने-अपने जिलों में पत्रकारवार्ता कर बताया कि मोहन सरकार ने दो साल में क्या काम किए गए हैं इसकी जानकारी जनता को दी जाएगी। सरकार की उपलब्धियों के अलावा मंत्री अपने-अपने विभागों के कामकाज का ब्योरा भी जनता के बीच रखेंगे। इसके अलावा सांसदों और विधायकों ने अपने क्षेत्रों में दो साल में क्या काम किए हैं इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे।   सीएम ने चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा था दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायकों को चार साल का रोडमैप बनाने के लिए कहा था। वहीं विधायकों ने अपनी निधि का जनकल्याण में कितना उपयोग किया, इसकी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। भाजपा के मोर्चा प्रकोष्ठों की भी जिम्मेदारी तय की गई कि वे मोहन सरकार द्वारा किसान, युवा, महिला, एससी, एसटी और अन्य वर्गों के लिए किए गए कार्यों को उन वर्गों के बीच जाकर बताएं। 25 दिसंबर तक चलेगा कार्यक्रम पार्टी कार्यकर्ता जन-जन तक भाजपा सरकार की उपलब्धियों को बैठकों, संगोष्ठियों और संपर्क अभियान के जरिए पहुंचाएंगे। यह कार्यक्रम 25 दिसंबर तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक चलेगा। भाजपा इस वर्ष को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शताब्दी वर्ष के रूप में मना रही है। उनके जन्मदिवस 25 दिसंबर को प्रदेश भर में बूथ स्तर पर सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’, जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से जुड़ा है, उसको भी बूथ स्तर पर मजबूत रूप से मनाया जाएगा। बताएगी भाजपा, वर्षों कांग्रेस की सरकार रही पर कुछ नहीं किया डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया है कि पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर बताएंगे कि आजादी के बाद से वर्षों तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें रही हैं, लेकिन विकास के कोई कार्य नहीं किए गए। वहीं मप्र में वर्ष 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही विकास की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अद्वितीय और अकल्पनीय विकास कार्य किए हैं। बूथ स्तर तक होंगे कार्यक्रम युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अजा-अजजा मोर्चा ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का धन्यवाद ज्ञापित कर इन दो वर्षों में हुए जनहितैषी कार्यों को पारदर्शिता और तत्परता के साथ जनता तक पहुंचाने के लिए बूथ स्तर तक जाने का संकल्प लिया। इस बार ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात 15 मिनट तक प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों की एक विस्तृत पीपीटी और पीडीएफ रिपोर्ट तैयार की गई है, इसे बूथ स्तर तक बताया जाएगा। 

मुख्यमंत्री मोहन यादव 14 दिसंबर को इंदौर में मेट्रो, बीआरटीएस और सड़कों के निर्माण पर लेंगे अहम निर्णय

 इंदौर  इंदौर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। रेसीडेंसी कोठी में आयोजित बैठक में मुख्य मुद्दा मेट्रो ट्रेन के अंडरग्राउंड रुट का रहेगा। पिछले दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजवर्गीय ने मेट्रो ट्रेन रुट का दौरा किया था। तब उन्होंने मेट्रो रुट बंगाली काॅलोनी से अंडग्राउंड करने पर जोर दिया है। मेट्रो के रुट में बदलाव होगा या फिर पुराना रुट ही रहेगा। इस पर मुख्यमंत्री फैसला ले सकते है। इसके अलावा बीआरटीएस की बस रेलिंग हटाने में हो रही देरी को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी। 9 माह तक रेलिंग नहीं हटाए जाने पर हाईकोर्ट भी नाराज हो चुका है। बीआरटीएस पर नए ब्रिज भी बनाए जाना है। इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी आ चुकी है। इस पर भी फैसला हो सकता है। इसके अलावा अन्य प्रोजेक्टों पर भी चर्चा होगी। बैठक में सभी विभागों के अफसर भी मौजूद रहेंगे। नर्मदा-कालीसिंध लिंक परियोजना और संचालित हो रही नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना के बारे में भी बात होगी। सिंहस्थ को लेकर शहर में हो कामों की समीक्षा भी की जाएगी। मास्टर प्लान की 23 सड़कों के लिए काम भी शहर में शुरू हो चुके है, लेकिन कुछ सड़कों के लिए अभी बाधक निर्माण नहीं टूटे है।  मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशनों का काम शुरू इंदौर में मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशनों का काम भी शुरू हो गया है। एमजी रोड के समीप भाऊ शिंदे खेल परिसर में स्टेशन के लिए खुदाई भी शुरू हो गई है। मेट्रो कार्पोरेशन ने खुदाई के लिए मशीनें भी भेज दी है। इसके अलावा दूसरी जगहों पर भी अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए सर्वे हो गया है। आठ से अधिक मेट्रो स्टेशन बनाए जाना है। यदि मेट्रो के अंडरग्राउंड रुट में बदलाव होता है तो उनकी संख्या और बढ़ सकती है।  

मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना, नक्सलवाद मुक्त जिलों और मेडिकल कॉलेज विस्तार का किया खुलासा

इंदौर  मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को इंदौर आए और विधायक गोलू शुक्ला के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हर क्षेत्र में काम किया है, चाहे सिंचाई का रकबा बढ़ाना हो या युवाओं को रोजगार देना। हमने  मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी की है। नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय नक्सलवाद बड़ी समस्या थी, जिसे उन्होंने खत्म करने के लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे में बड़ी भूमिका निभाई है, जिससे कई जिले नक्सलवाद मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर केवल आरोप लगाकर समस्या को जिंदा रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया, जबकि उनकी सरकार समाधान में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने जा रहे हैं और रोजगार के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से आगे चल रही है।विमानतल पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे ने उनका स्वागत किया। विमानतल से वे बाणगंगा स्थित विधायक शुक्ला के निवास पर गए। कुछ देर बाद वे फिर विमानतल पहुंचे और बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए। वे रात को फिर इंदौर लौटेंगे और निजी विमान से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।  

भोपाल में खेल को बढ़ावा: CM मोहन यादव ने रोइंग चैंपियनशिप का उद्घाटन किया, कहा सरकार दे रही प्रोत्साहन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, बड़े तालाब, भोपाल में आयोजित ‘8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप’ का उद्घाटन किया। समारोह के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि खेलों को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने लगातार प्रदेश का नाम रोशन किया है और इस राष्ट्रीय स्तरीय चैंपियनशिप में भी एमपी टीम अपना बेहतरीन प्रदर्शन करे प्रदेश को गौरवान्वित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने बड़े तालाब की विशालता, स्वच्छ जल क्षेत्र और अनुकूल जल-परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि यह स्थल देश के प्रमुख वॉटर स्पोर्ट्स स्थलों में धीरे-धीरे स्थापित हो रहा है। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी के बोट क्लब में आज ‘8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप’ का विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चैंपियनशिप का शुभारंभ करते हुए कहा आशा जताई कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से राज्य में वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा और युवा प्रतिभाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। विश्वास सारंग ने कहा ‘सभी विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे खेल स्टेडियम’ इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन करना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘हम हर विधानसभा क्षेत्र में जल्द ही खेल स्टेडियम की योजना ला रहे हैं। खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान..इसका उन्नयन हमारी विशेष प्राथमिकता है।’ उन्होंने कहा कि बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए एक खूबसूरत और उपयोगी गंतव्य है और वर्तमान में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय रोइंग में नेशनल चैंपियन है, जो खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदेश की मजबूत खेल नीतियों का परिणाम है। पाँच सौ से अधिक खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 26 से 30 नवंबर तक आयोजित की जा रही है। इसमें 23 राज्यों की टीम के लगभग 500 जूनियर खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। बड़े तालाब के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य और शांत जल-माहौल के बीच हो रहे इस रोइंग चैंपियनशिप से खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों को भी एक अनूठा अनुभव प्राप्त होगा। इस आयोजन के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, जल-पोत व्यवस्था, टेक्निकल टीम, रेस ट्रैक मार्किंग समेत अन्य सभी व्यवस्थाएं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं।

खैर नहीं अब अवैध कॉलोनियों का, 15 दिन में नोटिस जारी, कब्जा हटाने का आदेश CM मोहन यादव ने अफसरों को दिया

भोपाल   मध्यप्रदेश में सरकार अब नगरों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बन रही अवैध कॉलोनियों पर भी शिकंजा कसने जा रही है। नगरीय विकास विभाग अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए संशोधित नियमों के ड्राफ्ट में इसका दायरा गांवों में भी बढ़ा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप इसमें संशोधन कर रहा है। अब नया संशोधित कानून शहरों के साथ गांवों पर भी लागू होगा। इसके लिए राजस्व विभाग ने भी सहमति दे दी है। जल्द नियमों में संशोधन कर शासन को भेजा जाएगा। इस ड्राफ्ट में अवैध कॉलोनियों के विकास पर रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें पार्षद से लेकर, बिल्डर, डेवलपर, भू-स्वामी, पुलिस और प्रशासन सभी की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। अवैध कॉलोनियां बनाने वालों पर जुर्माना भी 10 से बढ़ाकर 50 लाख किया जा रहा है। रोक लगाने के निर्देश दिए दरअसल, नगरीय विकास विभाग करीब डेढ़ साल से अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने के लिए कानून में संशोधन का ड्राफ्ट बना रहा है। इस बीच कई बार अफसरों के बदलने से यह काम पूरा नहीं हो सका। इसी बीच कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने संशोधित नियमों का विस्तार ग्रामीण क्षेत्र में भी करने के निर्देश दिए। बताते हैं, शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र के अव्यवस्थित होने से शहरों पर प्रभाव पड़ रहा है। नए नियमों में यह सख्त प्रावधान -संशोधित बिल में पार्षद, सरपंच आदि की जिम्मेदारी तय की जा रही है। प्रावधान हैं, अवैध कॉलोनी की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित निकाय अधिकारी को सूचना देनी होगी। अफसर को सूचना मिलने के 15 दिन में एफआइआर दर्ज करानी होगी। -अवैध कॉलोनी को नगरीय निकाय 15 दिन में जमीन को मूल स्वरूप में लाने के लिए नोटिस देगा। कॉलोनाइजर के ऐसा न करने पर निकाय अवैध कॉलोनी को ढहा कर जमीन कब्जे में लेगा। इसके बाद निकाय वहां विकास कार्य कराएगा। -अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने कलेक्टर टास्क फोर्स बनाएंगे। यह हर सप्ताह क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगा। -अभी अवैध कॉलोनियां बनाने वालों को न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है। नए नियमों में इसे बढ़ाकर न्यूनतम 7 साल और अधिकतम 10 साल की सजा किया जा रहा है। -अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की जा रही है। अफसरों के कार्रवाई न करने पर शासन उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। पटवारी से लेकर एसडीएम तक की जिम्मेदारी तय की जा रही गांवों में विस्तार के लिए राजस्व विभाग के साथ बैठक कर सहमति ले ली गई है। अब राजस्व विभाग के पटवारी, आरआइ, तहसीलदार, एसडीएम आदि की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। गांवों में अवैध कॉलोनियों का पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। यह संशोधित नियम वरिष्ठ सचिव समिति के पास भेजे जाएंगे। समिति की अनुमति मिलने के बाद यह कैबिनेट में पेश किए जाएंगे। ऐसे में यह संशोधन प्रस्ताव विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आने की संभावना नहीं है। नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे का कहना है, नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगले साल नए नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए पड़ी जरूरत अभी कई बड़े शहरों में मास्टर प्लान बरसों से अटके हैं। ऐसे में यहां प्लानिंग एरिया में ज्यादा वृद्धि नहीं हो सकी। नतीजा, शहरों से लगे गांवों में अवैध कॉलोनियां बनाने का सिलसिला चल रहा है। यहां निगरानी तंत्र भी विफल है। पंचायत की अनुमति लेकर कई स्थानों पर कॉलोनियां बन चुकी हैं। इस अनियोजित विकास का खामियाजा भविष्य में शहरों को भुगतना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मौके पर सुनाया न्याय, धोखाधड़ी करने वाले पर की कार्रवाई

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार साबित किया कि वे राजा विक्रमादित्य को आदर्श क्यों मानते हैं। अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने एक बार फिर सुनवाई की और फैसला ऑन द स्पॉट किया। उन्होंने एक युवक की गुहार पर वहीं खड़े-खड़े मामले के दोषी की गिरफ्तारी के आदेश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि दोषी को तत्काल हवालात में बंद करें। इसके बाद उन्होंने युवक को गले से लगाकर मदद का आश्वासन दिया। दरअसल, यह मामला एक फॉर-व्हीलर से जुड़ा है। पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे कंपनी ने गलत गाड़ी बेची है। सीएम डॉ. यादव के निर्देश के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीएम डॉ. यादव के यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।   गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रतलाम में एक जगह जनता से संवाद कर रहे थे। इस बीच पूनम चंद नाम का शख्स अपनी फरियाद लेकर उसके पास आया। उसे देखते ही सीएम डॉ. यादव ने अपने पास बुलाया और मामला पूछा। युवक ने बताया कि मसला उसकी गाड़ी का है। उसने फायनेंस पर 8 लाख 32 हजार की फॉर-व्हीलर ली थी। इस पर वह 9 लाख 86 हजार दे भी चुका है। बेचने वाली कंपनी ने बॉडी बदलकर एक साल पुरानी गाड़ी मुझे दे दी। मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया। भावुक कर देने वाला पल युवक की बात सुनकर सीएम डॉ. मोहन यादव तत्काल एक्शन में आए और फैसला ऑन द स्पॉट किया। उन्होंने वहीं खड़े पुलिस अधिकारी को दोषी युवक को हवालात में बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जिसने भी यह फ्रॉड किया है उसे 420 की धारा में गिरफ्तार करें। उसके बाद उन्होंने युवक के साथ कुछ समय बातचीत की और उसे गले से लगा लिया। उनके इस अंदाज की वहां मौजूद लोगों ने जमकर तारीफ की। लोगों ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को सीएम डॉ. मोहन की तरह ही होना चाहिए। सरकार को गरीबों की इसी तरह तत्काल मदद करनी चाहिए।