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यूनिटी मार्च के लिए राज्य के 68 युवाओं के दल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक पदयात्रा में शामिल होंगे युवा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पदयात्रा में शामिल होने के लिए गुजरात जाने वाले राज्य के 68 युवाओं के दल को आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये युवा सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से केवड़िया तक आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की 562 रियासतों और ब्रिटिश शासन के अधीन क्षेत्रों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अटल संकल्प और अथक परिश्रम ने भारत को एक सूत्र में पिरोया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दिनों वे गुजरात के केवड़िया में आयोजित भारत पर्व में सम्मिलित हुए थे, जहाँ उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—के दर्शन किए और भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत झलक देखी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, विविधता और व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया गया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले यूनिटी मार्च में छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ देशभर के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने रियासतों के विलय का ऐतिहासिक कार्य किया जो भारत की एकता और अखंडता का आधार बना। उन्होंने चयनित युवाओं को राष्ट्रीय पदयात्रा के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने युवाओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पदयात्रा में शामिल होने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय, जी. वेंकट राव, श्याम नारंग, राहुल टिकरिया, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

आईटीआई शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव — छत्तीसगढ़ के 10,000 युवा हर साल सीखेंगे आधुनिक तकनीक

रायपुर : अब छत्तीसगढ़ में हर साल 10,000 युवा सीखेंगे आधुनिक तकनीक, आईटीआई कॉलेजों में आएगा बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गुजरात के NAMTECH कॉलेज का किया दौरा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  गुजरात के गांधीनगर स्थित NAMTECH का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को नवीन और आधुनिक तरीके से सिखाने के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने पूरे देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहाँ युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कॉलेज पहुंचकर वहाँ की शिक्षण पद्धति, आधुनिक प्रयोगशालाएँ और तकनीकी सुविधाएँ ध्यानपूर्वक देखीं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और यह जाना कि वे किस प्रकार प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर कार्य करते हुए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभवों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि अब राज्य के आईटीआई कॉलेजों को इस तरह विकसित करने की योजना है, जिससे युवाओं को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएँ शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य कौशल भी विकसित कर सकें। NAMTECH कॉलेज के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री  साय को अवगत कराया कि गुजरात में उन्होंने एक ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसके अंतर्गत कॉलेजों को आपस में जोड़कर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। वहाँ के छात्र अब नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने में सक्षम हो रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार सहयोग करने के इच्छुक हैं, ताकि राज्य के आईटीआई कॉलेज भी आधुनिक बन सकें। योजना है कि कुछ कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क मॉडल तैयार किया जाए, जहाँ एक कॉलेज नई तकनीक में दक्ष हो और वही ज्ञान अन्य कॉलेजों तक पहुँचाए। यह नया मॉडल छत्तीसगढ़ में लागू होने से हर वर्ष लगभग 10,000 से अधिक युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा। वे मशीनों, ऑटोमेशन और नई इंजीनियरिंग विधियों की गहराई से समझ विकसित कर सकेंगे। इस प्रकार उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में कार्य करने के लिए तैयार हो सकेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। छत्तीसगढ़ अब ऐसे युवाओं को तैयार कर रहा है, जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव  एस. भारतीदासन तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौहपुरुष की विरासत को और सशक्त बनाया – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भारत पर्व हमारी विविधता में एकता का उत्सव – मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल के कलाकारों से की मुलाकात और दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय  गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की विविधता में एकता का प्रतीक है। यहां भारत के हर राज्य की संस्कृति, परंपरा और गौरव एक साथ देखने को मिलते हैं। कार्यक्रम में दिल्ली के उप राज्यपाल  वी के सक्सेना और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  अरुण साव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि भारत पर्व उनकी 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित हो रहा है, जिसका समापन धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती — राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस — पर होगा। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत के सांस्कृतिक और भावनात्मक एकीकरण का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्यता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रतिमा भारत की एकता की पहचान है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिमा के निर्माण का निर्णय लिया, तब देश के हर गांव से लोहा मंगवाया गया था — यह सच्चे अर्थों में एक भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर एक भारत बनाया, उसी तरह प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने उनके सपनों के भारत को सशक्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का निर्णय लेकर सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत में सनातन संस्कृति के वैभव को पुनः स्थापित किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने सरदार पटेल के परिजनों के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया, और जब पूरे देश ने यह दृश्य देखा तो सभी भावविभोर हो उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज देश की विरासत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जैसे दूरदर्शी नेतृत्व के हाथों में है, जो सरदार पटेल की सोच और आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने एकता परेड में हिस्सा लिया और पूरे देश को राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री  साय ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में हुए आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का वंदे मातरम् और सरदार पटेल की एकता की भावना — यही हमारी राष्ट्रीय पहचान है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरदार पटेल ने सिविल सेवा ढांचे का भारतीयकरण किया, और आज भी हमारे प्रशासनिक तंत्र में उनकी दूरदृष्टि और सोच झलकती है। भारत पर्व के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल के कलाकारों से भी मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुजरात के NAMTECH कॉलेज का किया दौरा

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित NAMTECH का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को नवीन और आधुनिक तरीके से सिखाने के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने पूरे देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहाँ युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कॉलेज पहुंचकर वहाँ की शिक्षण पद्धति, आधुनिक प्रयोगशालाएँ और तकनीकी सुविधाएँ ध्यानपूर्वक देखीं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और यह जाना कि वे किस प्रकार प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर कार्य करते हुए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभवों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अब राज्य के आईटीआई कॉलेजों को इस तरह विकसित करने की योजना है, जिससे युवाओं को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएँ शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य कौशल भी विकसित कर सकें। NAMTECH कॉलेज के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि गुजरात में उन्होंने एक ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसके अंतर्गत कॉलेजों को आपस में जोड़कर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। वहाँ के छात्र अब नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने में सक्षम हो रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार सहयोग करने के इच्छुक हैं, ताकि राज्य के आईटीआई कॉलेज भी आधुनिक बन सकें। योजना है कि कुछ कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क मॉडल तैयार किया जाए, जहाँ एक कॉलेज नई तकनीक में दक्ष हो और वही ज्ञान अन्य कॉलेजों तक पहुँचाए। यह नया मॉडल छत्तीसगढ़ में लागू होने से हर वर्ष लगभग 10,000 से अधिक युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा। वे मशीनों, ऑटोमेशन और नई इंजीनियरिंग विधियों की गहराई से समझ विकसित कर सकेंगे। इस प्रकार उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में कार्य करने के लिए तैयार हो सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। छत्तीसगढ़ अब ऐसे युवाओं को तैयार कर रहा है, जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की मुलाकात

रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कल देर रात मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उप राज्यपाल सिन्हा ने साय को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट किया। साय ने सिन्हा का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात — मुख्यमंत्री साय बोले, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर : छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कलेक्टर से बात कर दुर्घटना की ली जानकारी: प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रभावितों की  सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि  रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उनके परिजनों को इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।

जशपुर के युवाओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान: हिमालय की 5350 मीटर ऊंचाई पर किया ट्रैकिंग और आइस क्लाइंबिंग

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले जशपुर जिले के पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं के साहस, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर के युवाओं ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी महान लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जशपुर और पूरे प्रदेश के आदिवासी युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति नई जागरूकता और उत्साह पैदा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक भावना का विकास होता है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के युवाओं ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में भाग लेकर दुहांगन वैली में 5350 मीटर ऊंचाई तक सफलतापूर्वक आरोहण किया और छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ाया। अभियान के दौरान दल के सदस्यों ने ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग जैसी कठिन व रोमांचक गतिविधियों में अपनी अद्वितीय दक्षता और साहस का परिचय दिया। यह दल जिला प्रशासन, जशपुर के सहयोग से सितंबर माह में रवाना हुआ था। युवाओं ने मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन के सहयोग एवं प्रोत्साहन से ही उन्हें हिमालय अभियान का हिस्सा बनने और यह उपलब्धि हासिल करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस अभियान से मिले अनुभव और आत्मविश्वास से जिले के अन्य युवा भी साहसिक खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे। युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन के सहयोग से आदिवासी वनांचल क्षेत्र जशपुर से हिमालय अभियान में भाग लेने का अवसर मिला। वहां विभिन्न प्रकार की एडवेंचर गतिविधियों — ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग — में हिस्सा लेकर उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम भावना और धैर्य का अभ्यास किया। उल्लेखनीय है कि जनजातीय हिमालय पर्वतारोहण अभियान 2025 की शुरुआत एक स्थानीय प्रशिक्षण पहल के रूप में हुई थी, जो सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण से एक सशक्त अभियान में परिवर्तित हुई। इस पहल ने न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और रोमांच की भावना जगाई, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार में 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

 4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए  40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं।       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के  जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का  निर्माण कार्य शामिल है।         इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52  लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97  हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है।       इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।