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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया प्रयागराज हादसे का संज्ञान

मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा हादसे में घायल लोगों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया सीएम ने लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रयागराज के फाफामऊ में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और घायलों के समुचित उपचार का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों को तेजी से पूरा करे, घायलों के इलाज में किसी प्रकार को कोताही न हो और सभी घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित कराया जाए। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: चित्तौड़गढ़ दुर्ग भारत के गौरव और स्वाभिमान का प्रहरी

चित्तौड़गढ़ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग पर आयोजित 'जौहर श्रद्धांजलि समारोह' को संबोधित करते हुए मेवाड़ की धरा को भारत की शक्ति और भक्ति का संगम बताया। जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि चित्तौड़ का किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि भारतीय नारी के गौरव, अस्मिता और त्याग की अमर गाथा है। नारी सम्मान और सुरक्षा की प्रेरणा योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महारानी पद्मिनी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि जौहर केवल सत्ता का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह नारी गरिमा की रक्षा का श्रेष्ठतम उदाहरण था। उन्होंने जोर देकर कहा, "आज का यह कार्यक्रम इस संकल्प का प्रतीक है कि भविष्य में किसी भी बेटी को जौहर जैसे कठिन दौर से न गुजरना पड़े। हर भारतीय नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की गारंटी मिलना उनका अधिकार है।" उन्होंने मेवाड़ को भारत की नई पहचान देने वाली वीर भूमि बताया, जहाँ से पूरे विश्व ने त्याग और बलिदान की परिभाषा सीखी। जातिवाद और सांस्कृतिक षड्यंत्र पर प्रहार मुख्यमंत्री योगी ने समाज को बांटने वाली राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, "बांटने वाली राजनीति हमें फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। जो लोग राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर देश में अविश्वास का संकट पैदा कर रहे हैं।" उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन को याद दिलाते हुए आह्वान किया कि हमें गर्व से स्वयं को हिंदू कहना चाहिए, क्योंकि हिंदू भाव सबको जोड़ता है, तोड़ता नहीं। इतिहास का सम्मान और सांस्कृतिक पुनरुद्धार समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मेवाड़ राजपरिवार के विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों को केवल मनोरंजन या पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि इतिहास की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने उदयपुर और नाथद्वारा जैसे नगरों में बढ़ते व्यावसायिकता पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग अदम्य जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने घोषणा की कि दुर्ग में पर्यटकों के लिए एक 'एक्सपीरियंस सेंटर' स्थापित करने की पहल प्रस्तावित है, ताकि यहाँ आने वाले लोग राष्ट्रप्रेम और गौरव की अनुभूति के साथ लौटें। महत्वपूर्ण गतिविधियां पुस्तक विमोचन: कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का विमोचन किया गया। पूजा-अर्चना: मुख्यमंत्री योगी ने दुर्ग स्थित जौहर स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, यज्ञ में आहुति दी और कालिका माता मंदिर में देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का अतिथियों ने विमोचन किया। समारोह में उत्कृष्ट उपलब्ध्यिं के लिए प्रतिभाओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक, विधायक श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, शिव विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी, मसूदा विधायक वीरेन्द्र सिंह कानावत, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर पहुंचे, जहां राज्यमंत्री गौतम दक, सांसद सी.पी. जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्यां, श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, अशोक कोठारी, वीरेन्द्र सिंह कानावत, दिलीप सिंह परिहार सहित जिला कलक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने उनकी अगवानी की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी दुर्ग स्थित जौहर स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने कालिका माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की समृद्धि की कामना भी की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश

यूपी के गोरखपुर और रामपुर जिले में स्थापित हो रही ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं गोरखपुर में टोरेंट पॉवर का 0.5 मेगावाट ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट, 9 किलोग्राम प्रति घंटा उत्पादन क्षमता रामपुर में जीरो फ्रूटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट, 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा उत्पादन क्षमता लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के गोरखपुर और रामपुर जनपदों में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। यूपी नेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गोरखपुर में टोरेंट पॉवर द्वारा 0.5 मेगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना की उत्पादन क्षमता लगभग 9 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक के उपयोग और उसके व्यावसायिक विस्तार की संभावनाओं को परखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी तरह रामपुर जिले में जीरो फ्रूटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन परियोजना स्थापित की जा रही है। इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता लगभग 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। इस परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का स्वच्छ ईंधन माना जाता है। इसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पानी की इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है। इसका उपयोग परिवहन, उद्योग और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। इन जनपदों में स्थापित हो रही ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा निवेश बढ़ेगा और आने वाले समय में ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगरा- मथुरा दौरा आज

यथार्थ अस्पताल का उद्घाटन, विकास कार्यों और धार्मिक परियोजनाओं की करेंगे समीक्षा आगरा/ मथुरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ताजनगरी आगरा और धर्मनगरी मथुरा के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात देने के साथ-साथ ब्रज क्षेत्र के विकास कार्यों और धार्मिक परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री योगी अपने दौरे की शुरुआत आगरा से करेंगे। वह सुबह करीब 10 बजे आगरा पहुंचेंगे। फतेहाबाद रोड स्थित होटल अमर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित  यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। 250 बेड वाला यह टर्शियरी केयर अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है। यहां हृदय रोग, न्यूरोसर्जरी, लिवर व किडनी ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर जैसी जटिल सर्जरी की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। बेहतरीन नर्सिंग और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ यह अस्पताल आगरा और आसपास के जिलों के लिए स्वास्थ्य सेवा का नया केंद्र बनेगा। मथुरा में उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक आगरा के कार्यक्रम के पश्चात सीएम योगी मथुरा के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां वे यमुना एक्सप्रेस-वे के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेंगे। करीब एक घंटे चलने वाली इस बैठक में मथुरा- वृंदावन में चल रही विकास परियोजनाओं, सौंदर्यीकरण कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण करेंगे सीएम योगी विकास कार्यों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री योगी मथुरा-वृंदावन मार्ग पर जयपुर मंदिर के पास स्थित अन्नपूर्णा रसोई पहुंचेंगे। ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा निर्मित इस दो मंजिला इमारत में 'मंगलमय परिवार न्यास' के सहयोग से श्रद्धालुओं को निःशुल्क सात्विक भोजन और प्रसाद वितरित किया जाता है। सीएम योगी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण करेंगे। श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में करेंगे दर्शन- पूजन दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री कृष्ण जन्मभूमि पहुंचेंगे, जहां वे गर्भगृह व केशव देव मंदिर में विधि- विधान से दर्शन- पूजन करेंगे। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात शाम करीब 5 बजे मुख्यमंत्री राजकीय हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने रखा नए उत्तर प्रदेश का विजन, प्रस्तुत की विरासत और विकास के संगम की पूरी तस्वीर

  नौ वर्षों में तीन गुना हुई अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विस्तार हुआ मजबूत मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को दिया निवेश, पर्यटन और साझेदारी का खुला निमंत्रण सिंगापुर, सिंगापुर में बसे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरी तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी दंगों और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, वही आज विकास, निवेश, आस्था, औद्योगिक प्रगति और वैश्विक विश्वास का केंद्र बन चुका है। अब वह दंगों वाला यूपी नहीं है। अब उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा, अब उत्तर प्रदेश में सब चंगा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नए उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर, विरासत और विकास के संगम तथा कानून-व्यवस्था में आए व्यापक परिवर्तन को विस्तार से रखा। इस दौरान सीएम योगी ने उपस्थित सभी लोगों को आगामी होली पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। विरासत और विकास का अद्भुत संगम बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश आज जिस परिवर्तन का साक्षी है, वह बीते नौ वर्षों की प्रतिबद्धता, सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने स्मरण कराया कि कभी दंगे, असुरक्षा और अराजकता जिसकी पहचान बन गए थे, वही प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, निवेश और विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को जमीनी धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उत्तर प्रदेश ने ‘विरासत और विकास’ का संतुलित और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक मर्यादा और आत्मगौरव का प्रतीक है। काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास हमारी शाश्वत परंपरा को आधुनिक स्वरूप में स्थापित करता है, जबकि मथुरा-वृंदावन की पावन भूमि भारत की भक्ति और अध्यात्म की जीवंत अभिव्यक्ति है। समरसता का साक्षात दृश्य महाकुंभ में देखने को मिलता है, जहां करोड़ों श्रद्धालु संगम में एक साथ आस्था की डुबकी लगाते हैं, न कोई बड़ा, न छोटा। सब एक स्वर में ‘हर-हर गंगे’ का उद्घोष करते हैं। यही भारत की आत्मा है और यही उसकी शक्ति। 9 वर्ष में तीन गुना हुई यूपी की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच और रणनीतिक क्रियान्वयन का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था बीते नौ वर्षों में तीन गुना हुई है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। क्लस्टर आधारित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही हैं। आज भारत में बनने वाले मोबाइल फोन का लगभग 55 प्रतिशत तथा इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का करीब 60 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। अब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक शांतिपूर्वक विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेश, पर्यटन और औद्योगिक साझेदारी के लिए सभी को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि आने वाला समय प्रदेश के लिए और अधिक संभावनाओं से भरा है। भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के किसी भी कोने में रह रहा भारतीय समुदाय अपनी मातृभूमि के प्रति जो अटूट लगाव और आत्मीयता रखता है, वह हम सभी को भारत के विकास में योगदान देने के लिए नई प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों के उत्साह और समर्पण के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें इतनी गहरी हैं कि हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीय अपनी पहचान और मूल्यों से जुड़े रहते हैं। वर्षों पूर्व एक ऋषि ने कहा था, “दुर्लभं भारते जन्म, मानुषं तत्र दुर्लभम्” अर्थात भारत की पवित्र भूमि पर जन्म लेना ही दुर्लभ है और उसमें भी मनुष्य के रूप में जन्म लेना अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय होना चाहिए कि उसके पूर्वजों की जड़ें भारत से जुड़ी हैं और वही जड़ें आज भी उसे मातृभूमि के प्रति आकर्षित करती हैं। ग्लोबल विलेज की अवधारणा भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” के रूप में दी मुख्यमंत्री ने कहा कि माता और मातृभूमि का ऋण जीवनभर बना रहता है। भारतीय संस्कृति हमें यह सिखाती है कि जिस धरती पर हम रहें, उसके प्रति पूर्ण कृतज्ञता और दायित्वबोध के साथ कार्य करें। यही भारतीय संस्कार हैं। उन्होंने सनातन परंपरा के सार्वभौमिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने सदियों पहले “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश दिया। यह धरती एक परिवार है। आज ‘ग्लोबल विलेज’ की जो अवधारणा दुनिया में प्रचलित है, उसका मूल भाव भारत ने हजारों वर्ष पहले स्थापित कर दिया था। एक परिवार की तरह विविधता में एकता, भिन्नताओं के बावजूद समान सम्मान और सामूहिक प्रगति, यही भारत की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” इसी भारतीय चिंतन की आधुनिक अभिव्यक्ति है। विकास तभी संभव है जब सामूहिकता और कृतज्ञता का भाव साथ हो। प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है और उसी सहभागिता से नया भारत आगे बढ़ रहा है। जल्द ही भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर अपनी शक्ति और क्षमता का परिचय दे रहा है। शीघ्र ही भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा। यह केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प है। डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे अभूतपूर्व हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लेकर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को स्वीकार किया। विश्व के विकसित देशों ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा 140 करोड़ देशवासियों और वैश्विक समुदाय के हित में उठाए जा रहे कदमों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और एसीएस फाइनेंस दीपक कुमार, … Read more

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग का दिया आश्वासन

ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर परियोजनाओं में होगा निवेश, 20 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र, कानपुर-लखनऊ हाईवे और नोएडा/ग्रेटर नोएडा में विकसित होंगी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं सिंगापुर/लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी सफलता मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने प्रदेश में कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये निवेश ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में होंगे। इन तीनों परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक रोजगार भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे से अवगत कराया। समूह को डेटा सेंटर स्थापना के लिए लखनऊ आने का आमंत्रण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये तीन एमओयू प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, शहरी विकास को नई दिशा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं। इन सेक्टर्स में हुए एमओयू अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहली परियोजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के करीब 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके धरातल पर उतरने के साथ ही लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस परियोजना को 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह परियोजना जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र को नई पहचान देगी। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास से संबंधित है। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और लगभग 7,500 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इसको भी 2027 में शुरू किए जाने की योजना है। यह लॉजिस्टिक्स पार्क प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरी परियोजना के तहत नोएडा/ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। एमओयू के अनुसार प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 में शुरू करने की योजना है। यह निवेश उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं को धोया

  बोले- समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई, एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं को खूब धोया। सीएम ने विधान परिषद की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है। सीएम ने विपक्षी दलों के सदस्यों से अनुरोध किया कि यूपी की नई पहचान को संकट में मत डालिए। प्रदेश के विकास की यात्रा के साथ बढ़ने के लिए जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो प्रदेश की जनता आपको सम्मानित करेगी। रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सभी सेक्टर में अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश और देश में जब टीमवर्क से काम होता है, तब परिणाम आता है। आज हर तबके (गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान, हस्तशिल्पी) के मन में विश्वास है और यह विश्वास हर सेक्टर में दिख रहा है। आज यूपी में कानून का राज, अपराधी भयभीत, गरीब को सम्मान, किसान खुशहाल, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर, हर गांव में बिजली और हर हृदय में गर्व है। यूपी फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। सपा ने न कुछ अच्छा किया और न ही अच्छा बोल पाएगी मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार के साथ ही सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से सशक्त, सुरक्षित व समृद्ध प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान को बनाया है। हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के रूप में स्थापित करना है। हमने बजट भी उस दिशा में ही प्रस्तुत किया है। सीएम योगी ने कहा कि बजट के बारे में समाजवादी पार्टी अच्छा नहीं बोल पाई, क्योंकि अच्छा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने न अच्छा किया और न ही अच्छा बोलेंगे। हमारी सरकार ने डबल इंजन सरकार का लाभ लेते हुए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन को बढ़ाया है। सीएम ने कहाकि बहुत सारे सेक्टर हैं, जिसमें यह लोग गुमराह कर रहे हैं। समाज को लड़ाने के साथ ही संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे सपाई सीएम ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्षी दलों के भाव की निंदा की। बोले कि समाजवादी पार्टी के नेता बयानों से जातीय संघर्षों को बढ़ावा देते हैं। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में एसआईआर की कार्यवाही चल रही है। इसमें सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती है। आयोग की गाइडलाइन पर तंत्र उसका अनुपालन करता है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही का जिक्र करते हुए सदन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित/मृत या शिफ्टिंग हैं। समाजवादी पार्टी इन्हें जबर्दस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। सपा चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। सीएम ने आयोग द्वारा बनाई गई फॉर्म-6, फॉर्म-7 व फॉर्म-8 की व्यवस्था की उपयोगिता बताई। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ मारपीट कर रहे सपा कार्यकर्ता सीएम ने कहा कि सपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक, अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा अपने अनुरूप तय करें, य़ह अस्वीकार्य है। यूपी में शिक्षा व स्कूलों की स्थिति हुई बेहतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के अंदर अब शिक्षा व स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, श्रमिकों व निराश्रित बच्चों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालय समेत यूपी ने बहुत सारे मॉडल प्रस्तुत किए हैं। हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। हमारा प्रयास है कि इसकी नेटवर्किंग को न्याय पंचायत स्तर तक फैलाकर प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को एक कैंपस में बेहतरीन इंफ्रास्ट्राक्चर के साथ पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो। एडेड-गवर्नमेंट कॉलेज और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक शिक्षा को पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई है। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आईटीआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (एआई, ड्रोन, रोबोटिक) समेत इन सभी में प्रदेश ने कार्य प्रारंभ किया है। राजकीय व निजी क्षेत्र में भी लगभग 75 विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं, जो यह उच्च शिक्षा के बेहतरीन केंद्र बनकर उभरे हैं।

वर्ष 2017 के बाद यूपी ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है : मुख्यमंत्री

ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के ट्रिपल-टी मॉडल से यूपी आज देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है : मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए उत्तर प्रदेश के निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में पिछले साढ़े आठ वर्षों में हुए बदलावों को ऐतिहासिक करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश जो वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के लिए जाना जाता था, आज उसकी पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में होती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न स्पष्ट औद्योगिक नीति थी और न सही नियत थी। प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल न होने के कारण अपार संभावनाओं के बावजूद निवेशक उत्तर प्रदेश आने से हिचकते थे। वही उत्तर प्रदेश आज अपने ट्रिपल-टी यानी ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्म और टाइमली डिलीवरी के मॉडल को अपनाते हुए देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की यात्रा के बारे में कहा कि औद्योगिक निवेश की पहली शर्त होती है सुरक्षा, दूसरी सुविधा और तीसरी स्पष्ट नीति। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में इन तीनों का अभाव था, जिसके चलते उद्योगों का विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया। अब प्रदेश ने फियरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट इन डूइंग बिजनेस को अपनी नई पहचान बनाया है। प्रदेश सरकार इसे ट्रिपल-एस मॉडल यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड के रूप में प्रस्तुत कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार होने के कारण प्रदेश के विकास कार्यों में गति स्वाभाविक रूप से बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर ऐतिहासिक यात्रा तय की है। उत्तर प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। “निवेश मित्र”, “निवेश सारथी” और “उद्यमी मित्र” जैसी डिजिटल एवं संस्थागत व्यवस्थाओं ने उद्योगों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार किया है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश, 2017 के पहले 14वें स्थान पर था, जबकि अब टॉप अचीवर स्टेट के रूप में स्थापित है। सरकार का दावा है कि व्यापक सुधारों के सभी मानकों को पूर्ण रूप से क्रियान्वित करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। डीरेगुलेशन रैंकिंग में यूपी पहले स्थान पर है तो डीक्रिमिनलाइजेशन की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 13 राज्य अधिनियमों के 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर उद्योगों के लिए भयमुक्त वातावरण बनाया है। इससे प्रदेश में कारोबारी प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और अनावश्यक कानूनी बाधाएं समाप्त हुई हैं। औद्योगिक वृद्धि के आंकड़े इस परिवर्तन की कहानी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी से लेकर वर्ष 2017 तक 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने ही स्थापित हुए थे। वहीं 2017 के बाद से अब तक इनकी संख्या 31,000 से अधिक हो चुकी है। यह वृद्धि प्रदेश में उद्योगों के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ से साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश ने 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू प्रस्ताव किए हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू जमीन पर उतारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि यूपी में अब एमओयू और निवेश कागजों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि ग्राउंडब्रेकिंग, उत्पादन और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के रूप में परिणाम दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश आज मेक इन इंडिया अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का बड़ा हब बनकर उभरा है। देश में होने वाले मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में भी प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के रूप में स्थापित कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ रक्षा उत्पादन और खेल उद्योग में भी यूपी में तेजी से निवेश बढ़ा है। रक्षा कॉरिडोर और खेल उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर फर्स्ट के दृष्टिकोण के कारण उत्तर प्रदेश आज वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, आधारभूत संरचना का विस्तार, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विकास ने औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ किया है। इन पहलों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज निवेश, रोजगार और औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के आधार पर उत्तर प्रदेश की गणना आज देश की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में हो रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए विस्तार से बताई बजट की उपलब्धियां

  यूपी बना रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, ऋणग्रस्तता घटकर 23 प्रतिशत लाने का लक्ष्य स्टेट डेटा अथॉरिटी का होगा गठन, एआई मिशन, डेटा सेंटर क्लस्टर और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा  लखनऊ आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश का यह बजट  9 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है। प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं से रोजगार का सृजन होता है। यह प्रदेश में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले 9 वर्षों में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही यूपी में जो कर चोरी और लीकेज थे, इन सबको रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बीमारू राज्य से उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक ब्रेकथ्रू के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। वर्ष 2017 में 30 फीसदी से अधिक राज्य में ऋणग्रस्तता थी। हम लोगों ने इसे घटाकर पिछले दो-तीन वर्षों में 27 फीसदी लाने में सफलता प्राप्त की। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार किसी भी राज्य की जो कुल जीएसडीपी होगी, उस पर 30 फीसदी से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की निर्धारित सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है। कोई नया टैक्स लगाए बिना प्रदेश ने जन-कल्याण व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कीम के साथ प्रत्येक सेक्टर में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है। स्टेट डेटा अथॉरिटी का किया जाएगा गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों ने प्रदेश में अनइंप्लॉयमेंट रेट को 2.24 प्रतिशत तक नीचे लाने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2017 के पहले यह लगभग 17 से 19 फीसदी तक था। बजट में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को शुरू करने का प्रावधान किया गया है। बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। पहले प्रदेश में अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डेटा प्रस्तुत करते थे। हमारी सरकार ने तय किया है कि हम एक स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन करेंगे। यह स्टेट डेटा अथॉरिटी प्रदेश में रियल टाइम डेटा और इसकी मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। वहीं बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का प्रावधान किया गया है। मेडटेक और डीपटेक के लिए एआई मिशन की घोषणा की गई है, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक जॉब उपलब्ध कराए जा सकें। इसके लिए उनकी स्किल डेवलपमेंट की प्लानिंग भी बजट में की गई है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और उनके उत्पादों के लिए शी-मार्ट विपणन केंद्र विकसित करने की बात भी बजट में कही गई है। इस योजना से स्थानीय महिलाओं को काफी मदद मिलेगी, जो एसएचजी के माध्यम से लोकल गांवों और शहरी क्षेत्र में अपना प्रोडक्ट बनाती हैं। आज यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग दूसरे स्थान पर, खुद को चीफ अचीवर स्टेट के रूप में किया स्थापित मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सिटी इकॉनमिक जोन, एससीआर, काशी-मीरजापुर इकॉनमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकॉनमिक जोन, कानपुर-झांसी इकॉनमिक जोन को विकिसत करने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017 में यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग 13-14 पर थी। आज नंबर दो पर है। इसके बाद यूपी ने चीफ अचीवर स्टेट के रूप में खुद को स्थापित किया। प्रदेश में डिजिटल आन्त्रोप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इन सभी सफलता को प्राप्त करने में रूल ऑफ लॉ की बड़ी भूमिका है, यही रियल ग्रोथ है। हर व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी चाहता है और वह गारंटी आज यूपी दे रहा है। पहले यूपी में कोई नहीं सोच सकता था कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आएंगे। यूपी का एमएसएमई सेक्टर जो पहले मृत हो गया था, आज उसने 3 करोड़ से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उद्यमी बनाने के लिए नए प्रयास किये जा रहे हैं। विकास की यात्रा में प्रदेश का अन्नदाता भी सक्रिय साझेदार बने, इस दृष्टि से कृषि को इनकम बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। वहीं 23 लाख से अधिक डीजल से संचालित ट्यूबवेल को सोलर से जोड़ने के लिए बजट में घोषणा की गई है। इसके साथ पीएम कुसुम योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 फीसदी सब्सिडी की घोषणा की गई है। बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा … Read more

सीएम योगी ने पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पण

यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता, बल्कि वह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। वास्तविक और सार्थक विकास वही है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़े। शिक्षा केंद्रों को इसी सोच के साथ स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि विद्यालय केवल पुस्तक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि संस्कार, कौशल और जीवन निर्माण के केंद्र बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय के मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा सरकार की प्राथमिकता नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य शैक्षणिक भवन अब छात्रों व शिक्षकों को समर्पित हो चुका है। शीघ्र ही यहां आवश्यक फर्नीचर सहित सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। डबल इंजन की उत्तराखंड सरकार का स्पष्ट फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक शिक्षा व स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर है, ताकि विद्यार्थियों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और वे अपने क्षेत्र में रहकर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह कालखंड केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का अवसर है। विकास एकांगी नहीं हो सकता, यदि सभ्यता और संस्कृति सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो भौतिक प्रगति भी अर्थहीन सिद्ध होगी। प्रगति का मार्ग सकारात्मक सोच से मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोत्र व्यवस्था, ऋषि परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। प्राचीन काल के गुरुकुल केवल अध्ययन के केंद्र नहीं थे, बल्कि कृषि, आयुर्वेद, कौशल व जीवन मूल्यों के प्रशिक्षण के समग्र केंद्र थे। वहां से निकला विद्यार्थी जीवन के किसी भी संघर्ष में स्वयं को असहाय नहीं पाता था। कोई कार्य उसके लिए न छोटा होता था, न कठिन। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है, जो सकारात्मक सोच के साथ अपने पुरुषार्थ व परिश्रम से आगे बढ़ता है। नकारात्मकता व्यक्ति को दुर्गति की ओर ले जाती है। मेहनत करने वालों पर बरसती है मां सरस्वती की कृपा उन्होंने कहा कि कुछ लोग विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रार्थना पर भी सवाल उठाते हैं। मां सरस्वती किसी जाति, मत या संप्रदाय की नहीं हैं, जो मेहनत करता है और सही दिशा में सोचता है, उस पर उनकी कृपा स्वतः होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इसी सोच को आगे बढ़ाती है कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि स्किल डेवलपमेंट और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र बनें।  आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है यमकेश्वर महादेव मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1965 में जब यह इंटर कॉलेज स्थापित हुआ था, तब न बिजली थी, न सड़कें और न आधुनिक साधन। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल, सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यमकेश्वर महादेव मंदिर, जहां पहले पैदल यात्रा ही एकमात्र साधन थी, आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है। पहले का विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में था, आज भव्य भवन उपलब्ध है। सरकार ने सुविधाएं दी हैं, अब शिक्षकों का दायित्व है कि शिक्षा की गुणवत्ता को उसी स्तर तक पहुंचाएं और छात्रों का कर्तव्य है कि वे पूरे मनोयोग से अध्ययन करें। विद्यालय केवल शिक्षा के ही नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता के भी आधार स्तंभ होने चाहिए। गांवों को फिर से बनाना होगा आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। यहां का युवा देश की सीमाओं की रक्षा करता है और हर क्षेत्र में अपनी प्रभावी भूमिका निभाता है। हिमालय से निकलने वाला जल पूरे उत्तर भारत की भूमि को उपजाऊ बनाता है और देश की खाद्यान्न सुरक्षा में योगदान देता है। सरकार चाहती है कि हर स्तर पर मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो, लेकिन उसका सही उपयोग समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गांवों को पलायन से बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गांव हमारी सभ्यता की जड़ हैं। जड़ जितनी मजबूत होगी, समाज उतना ही स्थिर और समृद्ध होगा। गांवों को शिक्षा, नवाचार, शोध और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। पहले गांव आत्मनिर्भर थे, सरकार पर निर्भरता न्यूनतम थी। आज जरूरत है उस आत्मनिर्भरता की भावना को फिर से जीवित करने की। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में हो विद्यालय भवन का उपयोग मुख्यमंत्री ने आदित्य बिरला समूह के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह विद्यालय भवन समयबद्ध तरीके से बनकर तैयार हुआ। अब लक्ष्य है कि इस भवन का उपयोग प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी, विशेष कक्षाओं और कौशल विकास के लिए भी किया जाए। उन्होंने ‘अभ्युदय कोचिंग’ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को आईआईटी जेईई, नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालयों को पर्यटन, बागवानी, कृषि और स्थानीय संसाधनों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों और शुद्ध जल जैसी अमूल्य संपदा है, जिसका संरक्षण और सदुपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी नया और सकारात्मक प्रयास होगा, वही समाज के लिए प्रेरणा बनेगा और इस प्रेरणा का केंद्र हमारे शिक्षण संस्थान होंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, विधायक मीनू बिष्ट, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजगौरव नौटियाल उपस्थित रहे।