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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 बजे करेंगे वर्चुअली उद्घाटन, 11 जनवरी तक चलेगा मुकाबला

उद्घाटन साराह में उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक  भी रहेंगे मौजूद चैम्पियनशिप में स्विट्जरलैंड से अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ के आब्जर्वर भी रहेंगे मौजूद   वाराणसी 72 वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन 4 जनवरी को काशी के सिगरा स्टेडियम में होगा। वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली इस प्रतियोगिता का उद्घाटन 12 बजे करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेडियम में मौजूद रहकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएंगे। उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक  भी मौजूद रहेंगे। सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में यह प्रतियोगिता 11 जनवरी तक चलेगी। इसमें देश भर से 58 टीमें (पुरुष एवं महिला ) भाग ले रही है । चैम्पियनशिप में स्विट्जरलैंड से अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ के आब्जर्वर भी मौजूद रहेंगे।  उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल संघ के सचिव सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहली बार सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप हो रही है। इसमें 30 पुरुष और 28 महिला टीमें भाग लेंगीं। जिला वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने बताया कि रेलवे के अलावा सेना के तीनों अंगों (जल,थल, नभ ) को मिलाकर बनी टीम भी प्रतिभाग करेगी। प्रतियोगिता 11 जनवरी को समाप्त होगी। उन्होंने जानकारीदी कि उत्तर प्रदेश में कई वर्षो (1984 ) के बाद ये चैंपियनशिप होनी जा रहा है। पूर्वांचल के खेल प्रेमियों के लिए ये चैम्पियनशिप बहुत बड़ा आयोजन है। इसमें से सेलेक्ट किये हुए खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष और वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि साई और खेल विभाग उत्तर प्रदेश के बीच सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सेण्टर ऑफ़ एक्ससिलेन्स के बीच एमओयू होना है। आयोजन समिति की ओर से खेल का शुभांकर (नंदी और डॉलफिन ) भी जारी किया जा चूका है 72 वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में देश भर के लगभग 1044 से अधिक  खिलाड़ी भाग लेंगे,जिसमें 540 पुरुष खिलाड़ी और 504 महिला ख़िलाड़ी हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस उद्घाटन समारोह में सभी खेलो के राष्ट्रीय और अन्तर्रष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही पद्मश्री सम्मान से सम्मानित और गणमान्य लोगो को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन समिति के अध्यक्ष और महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि काशी को ‘स्पोर्ट्स टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी की यह मेजबानी आने वाले वर्षों में और बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त करेगी।

सीएम ने पुलिस अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से संवाद पर दिया जोर, बोले- हमने दी आपको कार्य करने की स्वतंत्रता

"पुलिस मंथन" कॉपी -2 बोले- प्रधानमंत्री ने दिया था स्मार्ट पुलिस का विजन, यह सूत्र कानून परिवर्तन के लिए भविष्य की चुनौतियों का करता है मार्गदर्शन  बोले, जनता दर्शन से पता चलती है जमीनी हकीकत, अधिकांश हकीकत ह्यूमन इंटेलिजेंस से ही चलती है पता  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून के राज को सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि कानून का राज ही वह आधार है, जिसने यूपी में लोगों के मन से असुरक्षा का भाव दूर किया और विश्वास का वातावरण बनाया। यहां सुरक्षा और कानून का राज है, इसलिए प्रदेश निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन भी बना है। कानून का राज ही विश्वास पैदा करता है और लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। सीएम योगी ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि देश भर में यूपी मॉडल की चर्चा है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पुलिस हेडक्वार्टर में आयोजित "पुलिस मंथन" वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के समापन समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने पुलिस मंथन के अभिनव प्रयास के लिए डीजीपी व उनकी टीम को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने पदक अलंकरण समारोह में पुलिस अधिकारियों व कार्मिकों को सम्मानित किया और सभी 11 सत्र की चर्चा की।  लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण कड़ी, उनसे संवाद जरूरी  मुख्यमंत्री ने कहा कि ह्यूमन इंटेलिजेंस हम सबका सबसे बड़ा हथियार है, इसका बेहतर उपयोग कर सकते हैं। सीएम ने संवाद पर जोर देते हुए कहा कि थानाध्यक्ष, हल्का दरोगा, सर्किल इंचार्ज, जिले के कप्तान, रेंज व जोन के अधिकारियों को भी अलग-अलग तबके के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए। त्योहारों पर पीस कमेटी की बैठक बुलाते हैं, लेकिन अन्य अवसरों पर भूल जाते हैं। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण कड़ी हैं। महीने में उनके साथ बैठें। कोई भी जनप्रतिनिधि गलत कार्य के लिए नहीं बोलता है। उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं, उनका फोन रिसीव करें। साथ ही समाज के अलग-अलग पृष्ठभूमि (धर्माचार्यों, उद्यमियों, व्यापारियों) से भी संवाद करें। इससे धरातल की हकीकत पता चलेगी। केवल मुख्यालय पर बैठकर पुलिसिंग नहीं हो सकती।  थाना, सर्किल, पुलिस लाइन में भी बेहतर समन्वय पर सीएम का जोर  सीएम योगी ने थाना, सर्किल, पुलिस लाइन में भी बेहतर समन्वय पर जोर दिया। बोले-घटना घटित होती है तो थाना इंचार्ज को जवाबदेह बनाते हैं। सर्किल की भूमिका और समन्वय में कितना योगदान दे रहा है, हमने कभी उस पर ध्यान नहीं दिया। यदि तीनों में बेहतर समन्वय बना लें तो सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में यह बड़ा योगदान दे सकता है। पुलिस बल का दोस्ताना व्यवहार व संवेदना आमजन की समस्या का समाधान करती है और उनके मन में पुलिस के प्रति बेहतर धारणा भी बनाती है।  सीएम ने पुलिस अधिकारियों से कहा- आपको कार्य करने की दी गई स्वतंत्रता  सीएम बोले, हमने प्रयास किया कि राजनीतिक हस्तक्षेप न्यूनतम रहे। आपको कार्य करने की स्वतंत्रता दी गई है, ताकि आप परफॉर्म कर सकें। सीएम ने पुलिस कर्मियों के दायित्व पर भी चर्चा की। अब औसतन पुलिस अधिकारी न्यूनतम दो वर्ष तक जनपद-रेंज में सेवा देते हैं, पिछले आंकड़ों बताते हैं कि पहले एक महीने, तीन-चार महीने या कुछ ही दिन में स्थानांतरण हो जाता था। जब तक वह सामाजिक और भौगोलिक स्थिति को समझते, उससे पहले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था। इससे अव्यवस्था पैदा होती थी, लेकिन अब स्थिरता दी गई।  अपने आचरण व व्यवहार से बनाएं जगह  मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मैं अलग-अलग तबके से बात करता हूं। अच्छे पुलिस अधिकारी का स्थानांतरण होता है तो आमजन सिफारिश करते हैं कि अच्छा अधिकारी था, लेकिन जब गलत व्यक्ति को हटाया जाता है तो पब्लिक हमें धन्यवाद देती है कि इस बला को टाल दिया। हम दोनों स्थितियों को फेस करते हैं और आमजन से कहते हैं कि अच्छे अधिकारी को दूसरी जगह भी काम करना चाहिए। अन्य जगहों पर भी अच्छाई का लाभ मिले। प्रयास करना चाहिए कि अपने आचरण और व्यवहार से उसे और सुदृढ़ करें।  विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लिए राज्यों की भी भूमिका तय   सीएम योगी ने कहा कि 2047 तक भारत विकसित व आत्मनिर्भर हो, इसमें केवल भारत सरकार ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारों की भी भूमिका है। उन्होंने कहा कि साढ़े आठ वर्षों में हमारे प्रति धारणा बदली है। यदि यूपी में ऐसे ही दंगे, गुंडागर्दी, अराजकता, कर्फ्यू रहता तो हमारे बारे में भी धारणाएं नहीं बदलतीं। धारणा बदलने के लिए हमने प्रयास किया। हर व्यक्ति को कानून के दायरे का अहसास कराया, इसलिए अब हर व्यक्ति मानता है कि यूपी में परिवर्तन हुआ है। सुरक्षा नहीं होती तो इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत नहीं होता। देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी में है, यह सभी पिछले साढ़े 8 वर्ष में तैयार किए गए हैं। यूपी में एयर क्नेक्टिविटी का सबसे बड़ा नेटवर्क है। अगले महीने देश के सबसे बड़ा एयरपोर्ट का शुभारंभ भी होगा। यूपी में 16 हजार किमी. का रेल नेटवर्क है। सर्वाधिक शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा यूपी के पास है। देश की पहली रैपिड रेल व वाटरवे यूपी में संचालित हो रहा है। 

विपक्ष हर मुद्दे को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखता है, चाहे किसान हों या दलित: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष को किसानों के मुद्दे पर आइना दिखाया। उन्होंने बताया कि किस तरह पूर्व की सरकारों में किसानों की अनदेखी की गई। किसानों को सिर्फ वोटबैंक की तरह देखा गया, उनके उत्थान के लिए कोई विशेष कार्य नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज खेती को बाजार, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का मजबूत तंत्र तैयार हो चुका है। एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक पार्क और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण किसानों की उपज अब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच रही है। एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूती देने के लिए स्टोरेज, प्रोसेसिंग सेंटर और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश भी बढ़ा है। 20 प्वाइंट में मुख्यमंत्री के भाषण के प्रमुख अंश इस प्रकार हैं– 1.    अन्नदाता किसान हमारे लिए वोट नहीं, वह सम्मान का पात्र है। 2.    यूपी के पास उपजाऊ जमीन और प्रचुर जल संसाधन होने के बावजूद पहले किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बीज नहीं दिए गए। 3.    किसान दिवस के अवसर पर किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर विधान भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष की गैरमौजूदगी दुर्भाग्यपूर्ण रही। 4.    सीएम ने कहा– विपक्ष हर मुद्दे को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखता है, चाहे किसान हों या दलित। इसी वजह से उनके हितों में वास्तविक काम नहीं हुआ। किसानों के बारे में विपक्ष का आचरण यही है। 5.    मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने चौधरी चरण सिंह सीड पार्क के लिए जमीन आवंटन का काम प्रारंभ किया। आपके समय में क्या होता था? उस दौरान लागत ज्यादा थी, उत्पादन कम था, बाजार नहीं था, किसान तबाह था, परेशान था। बिचौलियों के द्वारा लाभ ले लिया जाता था। 6.    आज किसान सुरक्षित हैं। किसान को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यूपी आज देश के अंदर गन्ना उत्पादन का नंबर एक का राज्य है। 7.    आपके समय में चीनी मिलें बिकती थीं, बंद होती थीं। वर्षों-वर्षों गन्ना मूल्य बकाया रहता था, किसान तरसता था। अब यह स्थिति नहीं है। अन्नदाता किसान हमारे लिए वोट नहीं, वह सम्मान का पात्र हैं। 8.    अन्नदाता को नई तकनीक के साथ आच्छादित किया जा रहा है। 9.    22 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई की सुविधा दी गई है। विपक्ष ने 8 प्रतिशत कृषि विकास की दर रखी थी। अब यह बढ़कर 18 प्रतिशत पहुंच चुकी है। 10.    एमएसपी के साथ ही डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने में आज उत्तर प्रदेश देश के अंदर नंबर एक स्थान पर है। 11.    देश के अंदर उत्तर प्रदेश कृषि योग्य भूमि का केवल 11 प्रतिशत हिस्सा रखता है, लेकिन अच्छा बीज, समय पर बीज, अच्छी तकनीक से तीन-तीन फसल किसान ले रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के कुल खाद्यान्न का 21 प्रतिशत अकेले यूपी पैदा कर रहा है। 12.    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिये अब तक 94,668 करोड़ रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से अन्नदाता के खाते में पहुंचाए हैं। इसमें किसी को संदेह नहीं होगा। इसमें भी चेहरा नहीं देखा गया। किसान किसान है। आपके लिए वह भेदभाव का शिकार हो सकता है, हमारे लिए नहीं। 13.    पूरे देश में अकेले यूपी में 55 प्रतिशत गन्ने का उत्पादन हो रहा है। यूपी में पहले एथेनॉल उत्पादन जो केवल 41 करोड़ लीटर था, आज 182 करोड़ लीटर हो गया है। 14.    हर खेत को पानी के लक्ष्य को नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। इसके परिणामस्वरूप देश की कुल 86 प्रतिशत सिंचित भूमि अकेले उत्तर प्रदेश के पास है और यूपी देश का सर्वाधिक सिंचित भूमि वाला राज्य बन गया है। 15.    सीएम योगी ने कहा कि किसानों को ऊर्जा और तकनीक दोनों स्तर पर राहत दी गई है। पीएम कुसुम योजना के तहत 94 हजार अन्नदाता किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और 16 लाख किसानों के ट्यूबवेल के बिजली बिल माफ कर सरकार उसके लिए पैसा उपलब्ध करा रही है। 16.    उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु-अनुकूल आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से प्रदेश की कृषि विकास दर तेजी से बढ़ रही है। 17.    गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में भी सरकार ने ठोस काम किया है। प्रदेश में 16 लाख से अधिक गोवंश के लिए गौ संरक्षण स्थल बनाए गए हैं। 18.    जो अन्नदाता किसान अपने घर में गाय पालते हैं, उन्हें वेरिफिकेशन के बाद ₹1500 प्रति गाय का भुगतान किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। 19.    स्मार्ट खेती और मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती के विस्तार में भी उत्तर प्रदेश ने देश में अग्रणी स्थान बनाया है। 20.    मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण आय और पोषण दोनों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर किसानों की खुशहाली और प्रदेश की समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर बोलते हुए सपा सरकार को जमकर लताड़ा

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर चर्चा करते हुए कहा कि पिछले पौने 9 वर्षों में प्रदेश में विकास की रफ्तार, पहचान और सम्मान तीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। इसके पीछे मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की हालत किसी से छिपी नहीं थी। सड़कों पर गड्ढे, मेट्रो के नाम पर मजाक, रेलवे नेटवर्क में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी थी। बुनियादी ढांचे की बदहाली आम बात थी। उस दौर में प्रदेश की पहचान एक पिछड़े राज्य के रूप में बनती जा रही थी। तत्कालीन सरकारें मजबूरी में गठबंधन करती थीं, लेकिन विकास के नाम पर अराजकता फैलती रही। जब केंद्र में यूपीए और प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब भी आपसी संबंधों और समन्वय की स्थिति बेहतर नहीं रही। वर्ष 2017 से पहले यूपी में महज डेढ़ एक्सप्रेस–वे थे, आज 22 एक्सप्रेस–वे हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महज डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि आज प्रदेश में 22 एक्सप्रेस-वे हैं। यदि ये सभी पूरी तरह संचालित हो जाते हैं, तो देश के कुल एक्सप्रेस-वे में से लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की होगी। आज यह उत्तर प्रदेश की स्पीड है। रेलवे नेटवर्क के मामले में भी प्रदेश आज देश में सबसे आगे है। उत्तर प्रदेश लगभग 16,000 किलोमीटर के नेटवर्क के साथ देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क वाला राज्य बन चुका है। इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को फोर लेन में बदला गया है और मेट्रो सिटी के मामले में भी प्रदेश देश में अग्रणी है। देश में सबसे अधिक मेट्रो शहर आज यूपी में हैं। हवाई कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बहुत कम थी, जिनमें से दो पूरी तरह संचालित थे जबकि दो आंशिक रूप से संचालित थे। आज 16 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं, जिनमें चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं। इसके साथ ही पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) जो भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, अगले महीने से संचालित होने जा रहा है। यह प्रदेश के विकास का प्रतीक है। सपा शासनकाल में हाई स्कूल और इंटर में थर्ड डिवीजन को बनाया आयोग का अध्यक्ष देश की पहली रैपिड रेल उत्तर प्रदेश में चल रही है और देश का पहला वॉटर-वे भी यूपी में ही संचालित हो चुका है। वाराणसी से हल्दिया के बीच चल रहे जलमार्ग को प्रयागराज तक और आगे बलिया से अयोध्या तक विस्तार देने की योजना पर काम चल रहा है। यह सभी परियोजनाएं सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी-बड़ी बातें करना समाजवादी पार्टी का अहंकार है। जब व्यक्ति या पार्टी यह कहने लगती है कि मैंने यह कर दिया, तभी अहंकार पैदा होता है और इसी वजह से जनता काे सम्मान नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि सम्मान तब मिलता है, जब दुनिया खुद कहे कि आपने अच्छा काम किया है। आज दुनिया कह रही है कि उत्तर प्रदेश में अच्छा हो रहा है और इसका सम्मान हर उत्तर प्रदेशवासी को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए वर्ष 2017 से पहले शिक्षा और भर्ती आयोगों में कथित गड़बड़ियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले अयोग्य लोगों को अहम पदों पर बैठाया जाता था। उस दौरान हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में थर्ड डिवीजन पाने वाले लोगों को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। यूपी के नौजवानों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुआ। यूपी ने बनाया बिना घूस के सरकारी नौकरी देने का अनूठा रिकॉर्ड प्रदेश में पौने नौ वर्षों में लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां बिना किसी घूसखोरी के दी गई हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इतनी पारदर्शी और बड़े पैमाने की भर्ती पहले कभी नहीं हुई। वर्ष 2017 से पहले पुलिस प्रशिक्षण की कुल क्षमता केवल 3,000 थी। बड़ी संख्या में भर्ती होने के बावजूद प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था। ट्रेनिंग अवधि को 9 महीने से घटाकर 6 महीने कर दिया गया था, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल के लिए अच्छी ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, सेवा के दौरान उतना ही खून कम बहेगा। हमने वर्ष 2017 के बाद प्रशिक्षण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है ताकि पुलिस बल अधिक सक्षम और पेशेवर बन सके। हमने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती बोर्ड में तकनीकी और प्रशासनिक तंत्र को मजबूत किया गया है। वर्तमान सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी नौकरी के साथ एम्प्लॉयमेंट के नए रास्तों पर भी काम कर रही मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा आयोग में हाल ही में एक रिटायर्ड डीजीपी को नियुक्त किया गया है। उन्होंने जैसे माफियाओं की कमर तोड़ी है, वैसे ही नकल माफिया की कमर भी तोड़ी जाएगी। नकल माफिया की आदतें पिछली सरकारों में बिगड़ीं, लेकिन उन्हें सुधारना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। हमारा उद्देश्य प्रदेशवासियों की रक्षा और दुर्जनों को दंड देना है। मुख्यमंत्री ने परित्राणाय साधूनां, विनाशाय च दुष्कृताम्” का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सरकार केवल औपचारिकता निभाने नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधारने के लिए बैठी है। इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नौकरियों के साथ-साथ एम्प्लॉयमेंट के अन्य रास्तों पर भी काम किया जा रहा है।

विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर पलटवार

लखनऊ, विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को सदन के समक्ष रखा, बल्कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का भी तथ्यों के साथ जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सुरक्षा, कानून का राज और विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इन्हीं आधारों पर उत्तर प्रदेश की छवि देश और दुनिया में बदली है। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला भी बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आज जो उपदेश हमारी सरकार को दिए जा रहे हैं, वो उपदेश पहले की सरकारों को दिए होते तो प्रदेश की स्थिति कुछ और होती। विपक्ष के उठाए सवालों को गंभीरता से लेगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष और सभी दलीय नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में उठाए गए अधिकांश विषय आम जनमानस से जुड़े हुए हैं और प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों को सरकार गंभीरता से लेती है और उन पर आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी हैं तथा उनकी सहजता और सरलता सदन को सकारात्मक दिशा देती है। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि विपक्ष में रहते हुए सरकार के कार्यों की आलोचना की जाती है, क्योंकि विरोध में रहने का भी यही औचित्य होता है। आपने सरकार के बजट के आकार और पिछले लगभग साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सरकार के योगदान पर प्रश्न उठाए हैं। इतना अवश्य पूछना चाहूंगा कि यदि आज से लगभग नौ–दस वर्ष पहले, जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी और भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में थी, आज जो आपने उपदेश यहां दिए हैं, वे उस समय की सरकार को दिए होते तो संभवतः प्रदेश की स्थिति कुछ और होती। 2017 से पहले और बाद का अंतर प्रदेश की जनता देख रही है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता, अव्यवस्था और पहचान के संकट की जो स्थिति बनी थी, उसके लिए कौन उत्तरदायी था यह उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है। आपने यह स्वीकार किया है कि अपराधियों और माफियाओं के प्रति सरकार की नीति स्पष्ट और कठोर होनी चाहिए और यह हमारी सरकार ने करके भी दिखाया है। राज्य की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट नीति और उसे लागू करने की इच्छाशक्ति आवश्यक होती है। इसके चार प्रमुख आयाम हैं और उन चारों पर सरकार ने प्रभावी ढंग से कार्य किया है। कोई भी व्यक्ति, समाज या संस्था, सबसे पहले सुरक्षा चाहता है। कानून का राज हो, हर व्यक्ति, हर बेटी, हर व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे यह किसी भी सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि में जो बदलाव आया है, वह देश और दुनिया दोनों के सामने है। पहले प्रदेश की छवि अच्छी नहीं थी, यह हम सभी को पीड़ा देता था। आज प्रदेश के भीतर या बाहर जाने पर लोग स्वयं कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल है, दंगे नहीं हैं, अराजकता नहीं है। बेटी किसी भी पक्ष की हो उसे न्याय मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय कैसे होता है, इसका उदाहरण भी हमारे सामने है। पूजा पाल प्रकरण इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। आपके समय में माफिया के सामने झुकना मजबूरी थी, लेकिन आज सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि बेटी किसी भी पक्ष की हो, उसे न्याय हर हाल में मिलेगा। यह केवल सत्ता या विपक्ष का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा और सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस रिद्धिमा यादव की बात यहां कही जा रही है उसे भी न्याय हमारी सरकार जरूर देगी। मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों के सवाल पर कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि चाहे कोई भी हो, किसी भी स्मारक, पौराणिक स्थल या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। सरकारी भूमि गरीबों के लिए है, न कि माफिया के लिए। गरीब और वंचितों के लिए लाए गए बिल पर सपा का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य है कि इस सदन में जब ग्रामीण अभिलेख विधेयक लाया गया तो समाजवादी पार्टी ने उसका विरोध किया। ग्रामीण अभिलेख से संबंधित संशोधन विधेयक पहली बार गरीब को उसके मकान का वैधानिक अधिकार देता है। यह अधिकार महिला सदस्य के नाम पर दर्ज होगा, जिससे वह आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेगी। लेकिन यदि कोई माफिया या असामाजिक तत्व सरकारी भूमि पर कब्जा कर अनैतिक गतिविधियाँ करेगा, तो उस पर कठोरतम कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि यही सुरक्षा का वातावरण है, जिसने उत्तर प्रदेश की छवि बदली है और जिसके कारण आज प्रदेश में निवेश आ रहा है। यह परिवर्तन परिणाम आधारित है, और उत्तर प्रदेश की जनता ने इसका उत्तर दिया है और आगे भी देती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में आयोजित 134वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन पर छात्र-छात्राओं को दिया मूलमंत्र

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए इतिहास के गौरवशाली क्षणों से प्रेरणा लेना आवश्यक है। इतिहास की गलतियों का समय पर परिमार्जन होना चाहिए, तभी समाज प्रगति करता है। यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसे सुधार करना होगा और अच्छे कार्यों को जीवन की प्रेरणा बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी परंपराओं को पर्व-त्योहारों के माध्यम से संजोकर रखा है। देश में राजनीति अपना काम करती रही, लेकिन राजे रजवाड़ों और समाज के नेतृत्वकर्ताओं ने कभी हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में योगदान दिया। मुख्यमंत्री योगी ने मंगलवार को कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में आयोजित 134वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री योगी ने की मार्च पास्ट की तारीफ मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मार्च पास्ट के दौरान विद्यार्थियों का अनुशासन, कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का जज्बा और समर्पण देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आह्वान पर आजाद हिंद फौज के नौजवान देश की आजादी के लिए स्वयं को समर्पित कर रहे हों। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सराहनीय है और इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा इस संस्था के पूर्व अध्यक्ष कुंवर आनंद सिंह को, जिनके साथ मैंने कई बार इस संस्था के उन्नयन के बारे में चर्चा की। आज वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं है, मैं उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। समाज को जोड़ने में शिक्षा संस्थानों की भूमिका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को तोड़ने वाले तत्व हमेशा मौजूद रहते हैं, लेकिन समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों की होती है। वर्ष 1889 में जब इस संस्थान की स्थापना हुई होगी, तब देश की परिस्थितियां कठिन रही होंगी। उसी कालखंड में वंदे मातरम् जैसे विचारों ने लोगों के मन में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद भी गुलामी को स्थायी मान लिया गया था, लेकिन बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने उपन्यास आनंदमठ के माध्यम से वंदे मातरम् जैसी कालजयी रचना देश को दी। वर्ष 1896 में कांग्रेस के मंच से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे स्वर दिए जाने के बाद यह आजादी के आंदोलन का मंत्र बन गया। भारत की विरासत पर आधारित हाउस प्रणाली की सराहना मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज द्वारा विद्यार्थियों के लिए अजंता, नालंदा, तक्षशिला, सांची और उज्जैन जैसे ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों के नाम पर हाउस बनाना भारत की गौरवशाली परंपरा को जीवित रखने का उत्कृष्ट प्रयास है। तक्षशिला दुनिया के प्राचीनतम विश्वविद्यालयों में से एक रहा, जहां ढाई हजार वर्ष पहले ज्ञान, विज्ञान, आयुर्वेद और दर्शन की आधारशिला रखी गई। नालंदा की समृद्ध परंपरा, उज्जैन का खगोल ज्ञान और महाराज विक्रमादित्य का न्याय, अजंता और सांची की स्थापत्य विरासत आज भी भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक ऊंचाई का प्रमाण हैं। इन मूल्यों के आधार पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रयास सराहनीय है। ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा महत्वपूर्ण वर्ष मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, यह वर्ष देश के लिए अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियों से जुड़ा हुआ है। गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती, वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होना देश के गौरवपूर्ण इतिहास की स्मृति कराते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने का उत्सव केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश ने दीपावली के माध्यम से इसे अपनाया। होली सामाजिक समता का पर्व बनी। रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसे पर्वों ने समाज को जोड़ने का कार्य किया। हमारे पूर्वजों ने इन पर्वों को परंपरा के रूप में संरक्षित कर पीढ़ियों तक आगे बढ़ाया। बच्चों को दिया सफलता का मूलमंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। नियमित पढ़ाई के साथ किसी न किसी रचनात्मक गतिविधि से जुड़ना चाहिए। समय पर उठना, समय पर सोना और संयमित दिनचर्या स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी और कहा कि आधे घंटे से अधिक समय तक इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल न करें। भाषा व ज्ञान का विकास समाचार पत्रों और अच्छी पुस्तकों के अध्ययन से होता है, इसलिए पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ लाइब्रेरी में जाकर पौराणिक व ऐतिहासिक रचनाओं को पढ़ें। खेल, फिटनेस और तकनीक पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में देश में खेलकूद को नई ऊंचाइयां मिली हैं। खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है। हर गांव में खेल का मैदान और स्टेडियम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओपन एयर जिम और शारीरिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के नए युग में हम प्रवेश कर रहे हैं। हमें तकनीक को आत्मसात करना है। तकनीक हमारा वाहक बने, हमें तकनीक का वाहक नहीं बनना है। उन्होंने कहा कि एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में अवसर हैं, जिनके प्रति जागरूकता आवश्यक है। साथ ही, वैश्विक परिदृश्य में हो रहे उन्नयन कार्यों के प्रति भी अपडेट रहना चाहिए। कानाफूसी करने वालों से रहने की सलाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में कुछ लोग भ्रम फैलाने का कार्य करते हैं। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए। हार से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कप और शील्ड देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले प्रमुख छात्र-छात्राओं में दिनेश प्रताप सिंह, प्रांजल त्रिपाठी, देवराज सिंह पटेल, आयुषी सिंह और सार्थक त्रिपाठी शामिल रहे। कार्यक्रम में 11 गोरखा राइफल्स के बैंड ने परेड में  मुख्यमंत्री को सलामी दी। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री तथा ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष कीर्तिवर्धन सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य राकेश प्रताप सिंह, कॉलेज के प्रबंधक मनीष वर्धन सिंह, प्रबंध समिति के सदस्य विनय कुमार … Read more

प्रदेश में ईको पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को मिलेगा नया आयाम, अनुपूरक बजट में रखा प्रस्ताव

श्री सोरों और श्री कल्कि धाम में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, कैसरबाग, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये की मांग लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में पर्यटन, कला, संस्कृति को बढ़ावा देने और धार्मिक स्थलों का विकास करने पर विशेष ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने आज विधान सभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लिए 1 करोड़ रुपये तथा अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास करने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई है। साथ ही श्री सोरों और श्री कल्कि धाम व अन्य तीर्थ स्थलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रस्ताव रखा है। लोक कलाकारों को वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।   ईको पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष जोर विधान सभा में आज पेश किए गए अनुपूरक बजट में ईको पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 10 लाख रुपये और प्राकृतिक स्थलों, वन क्षेत्रों और ग्रामीण पर्यटन में सुविधाओं का विकास करने के लिए, उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म विकास बोर्ड को 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन, यात्री सुविधा एवं संस्थागत विकास से जुड़े कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की आवश्यकता व्यक्त की गई है। श्री सोरों तीर्थ, कासगंज और श्री कल्कि धाम, संभल क्षेत्र सहित अन्य धार्मिक स्थलों में पर्यटन संबंधी अवसंरचना सुविधाओं के विकास करने के लिए विशेष रूप से 10 करोड़ रुपये अनुदान का प्रस्ताव रखा गया है। इस राशि से तीर्थ क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही जनपद, ब्लाक मुख्यालयों पर हेलीपैड की सुविधा का विकास करने के लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा गया है। सार्वजनिक रामलीला स्थल और लोक कलाकारों के लिए अनुपूरक मांग प्रदेश में कला, संस्कृति के विकास के लिए भी अनुपूरक मांगे रखी गई हैं। इसके तहत लोक कलाकारों को सहयोग और वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये, साथ ही सार्वजनिक रामलीला स्थलों के रख-रखाव के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 लाख रुपये की मांग की गई है। वहीं प्रदेश में संग्रहालयों के संरक्षण और क्यूरेशन के लिए 1 लाख रुपये और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये की मांग की गई है। साथ ही संजीवनी माध्यमिक विद्यालय की स्थापना के लिए आवास निर्माण कार्य हेतु 1 लाख रुपये की मांग की गई है। सरकार के ये प्रयास प्रदेश में पर्यटन, ईको टूरिज्म को नया आयाम प्रदान करेंगे साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।

अनुपूरक बजट 2025-26-नवीनीकृत ऊर्जा, पीएम सूर्य घर योजना को मिलेगी नई रफ्तार, राज्य सब्सिडी के लिए ₹500 करोड़ की मंजूरी

लाभार्थियों को शीघ्र एवं सुगमता से उपलब्ध हो सकेगी राज्य सब्सिडी प्रदेश के आम नागरिकों को समय पर सुनिश्चित होगा योजना का पूर्ण लाभ लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना को सरकार और गति देने जा रही है। सोमवार को विधानसभा में पेश किए गए अनुपूरक बजट में इसके लिए ₹500 करोड़ की मंजूरी दी गई। इस राशि से पीएम सूर्य घर योजना की राज्य सब्सिडी दी जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य लाभार्थियों को राज्य सब्सिडी शीघ्र एवं सुगमता से उपलब्ध कराना है, ताकि आम नागरिकों को योजना का पूर्ण लाभ समय पर मिल सके। सरकार के इस कदम से न केवल सोलर प्लांट की स्थापना में लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को भी नई गति प्राप्त होगी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक कुल 10,09,567 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 3,14,376 घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से 3,17,690 परिवारों को योजना का लाभ मिला है, जिससे स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा मिला है। योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 1,083.63 मेगावाट सोलर इंस्टॉलेशन क्षमता का सृजन किया जा चुका है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹2,188.79 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी जारी की गई है, जबकि राज्य सरकार की ओर से लगभग ₹600 करोड़ की राज्य सब्सिडी भी प्रदान की जा चुकी है। यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों के बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी लाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

मार्च 2026 तक गोरखपुर में फोरलेन सड़कों से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं हो जाएंगी पूर्ण

इसी अवधि तक चार ओवरब्रिज-फ्लाईओवर भी बनकर हो जाएंगे तैयार गोरखपुर, नए साल में गोरखपुर में फोरलेन सड़कों और फ्लाईओवर का विशाल संजाल नजर आएगा। मार्च 2026 तक फोरलेन सड़कों से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो जाएंगी। इसी अवधि तक चार ओवरब्रिज-फ्लाईओवर भी बनकर हो तैयार हो जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग और समीक्षा से निर्माण कार्यों में तेजी आई है। अगले तीन-साढ़े तीन माह में पूरी होने वाली रोड कनेक्टिविटी से जुड़ी फोरलेन और ओवरब्रिज-फ्लाईओवर की परियोजनाओं से शहर के आंतरिक और वाह्य आवागमन को सुगम कर देंगी। देवरिया बाईपास इनमें सबसे पहले बनकर तैयार होने वाली फोरलेन सड़क होगी। देवरिया बाईपास रोड का फोरलेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य मार्च 2023 में शुरू हुआ था और जनवरी 2026 के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। कुल 9.50 किमी लंबी सड़क को फोरलेन में परिवर्तित करने में 399.24 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वर्तमान में निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति 95 फीसद है। पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक होते हुए बेतियाहाता चौराहे तक 1.80 किमी सड़क को भी फोरलेन बनाने का तेजी से हो रहा है। 277.78 करोड़ रुपये की लागत वाली इस फोरलेन सड़क परियोजना के मार्च 2026 तक पूरी तरह बन जाने की उम्मीद है। 11.60 किमी की लंबाई में भटहट से बांसस्थान मार्ग को 689.35 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरी तरह बन जाने से आयुष विश्वविद्यालय आने-जाने वालों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। नौसढ़ से पैडलेगंज की सड़क शहर की ऐसी पहली सड़क होगी जिसे सिक्सलेन में तब्दील किया जा रहा है। 5.10 किमी लंबे इस मार्ग पर करीब 94 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके निर्माण पर 297.29 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कार्य मार्च 2026 तक पूरा किया जाना लक्षित है। जिला जेल बाईपास मार्ग को भी फोरलेन में चौड़ीकृत-सुदृढ़ीकृत करने का काम जारी है। 8.56 किमी लंबी इस सड़क को फोरलेन बनाने में 369.04 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। वर्तमान में निर्माण की भौतिक प्रगति 96 प्रतिशत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण किया जाना है। इन सड़कों में से देवरिया बाईपास का निर्माण कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा जबकि भटहट-बांसस्थान, नौसढ़-पैडलेगंज, जिला जेल बाईपास और पैडलेगंज-फिराक गोरखपुरी चौक मार्ग का लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड तीन द्वारा कराया जा रहा है। मार्च 2026 तक ये फ्लाईओवर व ओवरब्रिज बनकर हो जाएंगे तैयार -बरगदवा चौराहा से नकहा जंगल-मानीराम स्टेशनों के मध्य समपार संख्या 5ए पर ओवरब्रिज, लागत 152.19 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति 97 प्रतिशत से अधिक। -चौरीचौरा-भोपा बाजार में समपार संख्या 147बी पर रेल ओवरब्रिज, लागत 49.22 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य फरवरी 2026, भौतिक प्रगति सेतु निगम भाग 98 प्रतिशत। -खजांची चौराहा पर फ्लाईओवर, लागत 96.50 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति 98.84 प्रतिशत। -नौसढ़-पैडलेगंज मार्ग पर सिक्सलेन फ्लाईओवर तथा देवरिया बाईपास कनेक्टिंग फ्लाईओवर, लागत 429.49 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति करीब 80 प्रतिशत।

राष्ट्र नायकों को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

लखनऊ,  राष्ट्रीय प्रेरणा के प्रतीक राष्ट्र नायकों को डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को करेंगे। इस संबंध में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दौरा कर, उद्घाटन समारोह की तैयरियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उद्घाटन समारोह के लिए हो रही तैयारियों, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में संज्ञान लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी प्रथमेश‌ कुमार, लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और सुरक्षा व्यवस्था देख रहे पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, पार्किंग और स्वच्छता व्यवस्था का पूरा ध्यान रखने के दिये निर्देश   राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने और दीवारों पर फेंसिग को और ऊंचा करने के निर्देश दिये। उन्होंने उद्घाटन समारोह में किसी तरह की आवाजाही और ट्रैफिक की समस्या पैदा न हो इसके लिये चाक-चौबंद पार्किंग व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पार्किंग की संख्या और लोगों के आने- जाने के मार्गों पर डाइवर्जन और साइनेज की व्यवस्था को जल्द ही पूरा करने को कहा । म्युजियम परिसर के निरीक्षण के दौरन उन्होंने क्यूरेशन और फिनिशिंग के कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर हो रहे पेंटिंग के कार्य के बारे में भी संज्ञान लिया। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि पेंटिंग का कार्य दो दिन में पूरा हो जाएगा, क्यूरेशन का कार्य उद्घाटन समारोह के दो दिन पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ नगर निगम, उद्घाटन समारोह के दिन साफ-सफाई, अस्थाई टायलेट और पेय जल की व्यवस्था कर रहा है।   उद्घाटन समारोह की सभी गतिविधियों का सीएम ने लिए संज्ञान   मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी ने उद्घाटन समारोह की सभी गतिविधियों से भी अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह के दिन प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर, श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए ट्राइ कलर बैलून छोड़े जाएगें। प्रतिमा अनावरण के बाद प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों को समर्पित म्युजियम का उद्घाटन करेंगे। यहां वो डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई को समर्पित गैलरियों और कोर्टयार्ड का अवलोकन करेंगे। पहली गैलरी के ओरियेंटेशन रूम में वीडियो और एवी के माध्यम से राष्ट्र नायकों के संक्षिप्त जीवन परिचय को दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बने भारत माता कोर्टयार्ड, जन संघ के प्रतीक चिंह दीपक कोर्टयार्ड, सुदर्शन चक्र कोर्टयार्ड जाएगें और राष्ट्र नायकों जुड़ी हुई वस्तुओं का अवलोकन करने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड जाएगें। म्युजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री, प्रेरणा स्थल पर बने मंच से गणमान्य अतिथियों और उद्घाटन समारोह के साक्षी बनने वाले लाखों की संख्यां में प्रत्यक्षदर्शियों को संबोंधित करेंगे।