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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की

एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर चेकडैम, तालाब और ब्लास्टकूप निर्माण को बनाएं जनांदोलन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की  जल संकट से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, चेकडैम, तालाब, ब्लास्टकूप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर    जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई गहरी चिंता, कहा- चेकडैम, तालाब निर्माण और ब्लास्टकूप राष्ट्रीय आवश्यकता है    बोले मुख्यमंत्री- 6,448 चेकडैमों से 1.28 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और भूजल रिचार्ज बढ़ा    मुख्यमंत्री ने कहा- 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए  – बोले मुख्यमंत्री- 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करें   मुख्यमंत्री ने कहा- वर्ष 2017 में 82 अतिदोहित क्षेत्र घटकर 2024 में 50, क्रिटिकल क्षेत्र 47 से घटकर 45   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि जल संकट आज हमारी सामूहिक चिंता का विषय बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप वर्षा जल को रोककर धीरे-धीरे उसे भूमि में समाहित होने देते हैं। यह केवल स्थानीय प्राथमिकता नहीं है बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप केवल पानी रोकने की व्यवस्था नहीं बल्कि समेकित जल प्रबन्धन है, जो बड़े बांधों की तुलना में यह काफी किफायती है। उन्होंने निर्देशित किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर जनांदोलन बनाते हुए चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराएं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विभिन्न भागों स्थानीय/बरसाती नदी/ नालों में विभाग द्वारा अद्यतन 6,448 चेकडैमों का निर्माण किया जा चुका है। प्रत्येक चेकडैम से औसतन 20 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता विकसित होती है। इस प्रकार निर्मित चेकडैमों से कुल 1,28,960 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है और हर साल 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से अन्नदाता किसान वर्ष में दो से तीन फसल लेने में सक्षम हुए हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संचयन और ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक 1,002 चेकडैमों की डी-सिल्टिंग और मरम्मत कर उनकी क्षमता में वृद्धि की गई है। इसी तरह प्रदेश के 1 से 5 हेक्टेयर के 16,610 तालाबों में से 1,343 का पुनर्विकास और जीर्णोद्धार किया गया है, वहीं वर्ष 2017-2025 तक 6192 ब्लास्टकूप के माध्यम से 18576 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले यानी 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए, ताकि तालाब रिचार्ज के लिए तैयार हो सकें। बरसात के बाद इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए उपयोग में लाकर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।   रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए यह कदम निर्णायक साबित होगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 तक प्रदेश में 82 अतिदोहित और 47 क्रिटिकल क्षेत्र थे। सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में यह घटकर 50 अतिदोहित और 45 क्रिटिकल क्षेत्र रह गए हैं, जो संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में और तेजी लाकर आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों को पूरी तरह सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास होना चाहिए।   उन्होंने कहा कि जैसे "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप दिया है, वैसे ही चेकडैम और तालाब निर्माण भी सामूहिक प्रयासों से बड़े स्तर पर संचालित किया जाए। यह न केवल जल संकट से निपटने में सहायक होगा, बल्कि प्रदेश की कृषि, मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में तालाबों, ब्लास्टकूपों और चेकडैमों की फोटोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन कराएं। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग को लेकर प्रदेश सरकार का संकल्प अटल है और इसे समाज की भागीदारी से एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम

मिशन शक्ति 5.0 ड्राइविंग माय ड्रीम्स से बेटियों को स्वावलंबन की नई उड़ान दे रही योगी सरकार ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम  7500 बालिकाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य, पहले दिन 3000 से अधिक ने कराया पंजीकरण – प्रदेश भर में अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की हुई शुरुआत, 11 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन – नारी सुरक्षा से स्वाभिमान तक, योगी सरकार की पहल बनी महिला सशक्तीकरण का प्रेरक मॉडल – बालिकाओं की प्रगति, परिवार की समृद्धि और प्रदेश की उन्नति की नई राह पर योगी सरकार  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की शुरुआत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' कार्यक्रम के साथ हुई। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में आयोजित इस अभिनव पहल ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नया आयाम दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम में पहले दिन 3,000 से अधिक बालिकाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बेटियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभाग का लक्ष्य पूरे महीने में 7,500 बालिकाओं को निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस दिलाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' पहल 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' केवल वाहन चलाने का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है। प्रत्येक जनपद में दूरस्थ क्षेत्रों से चयनित 100-100 बालिकाओं और महिलाओं को न्यूनतम एक माह का ड्राइविंग कोर्स प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक संकेत, आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण और महिला सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यह पहल बालिकाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ दैनिक जीवन में स्वतंत्रता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार संभाली स्टीयरिंग  प्रदेश के विभिन्न जनपदों से ड्राइविंग प्रशिक्षण की प्रेरक झलकियां भी सामने आईं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार स्टीयरिंग संभालकर आत्मविश्वास की नई अनुभूति की तो वहीं महाविद्यालयों की छात्राओं ने इसे अपने करियर के लिए गेम-चेंजर बताया। कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षकों ने बताया कि बालिकाओं में सीखने की ललक और उत्साह देखकर यह स्पष्ट होता है कि वे इस पहल से अपने जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का एक क्रांतिकारी कदम है। यह कार्यक्रम केवल ड्राइविंग सिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि बेटियों को उनके सपनों की उड़ान देने का संकल्प है। वहीं विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि आज पूरे प्रदेश में जिस तरह बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया, उससे यह संदेश गया है कि उत्तर प्रदेश में अब बेटियाँ हर राह पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगी। मिशन शक्ति 5.0 ने 22 सितंबर से 3  अक्टूबर तक 13.50 लाख लोगों तक पहुंच बनाकर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया है। कन्या पूजन, नुक्कड़ नाटक और अब ड्राइविंग प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों ने बेटियों को सम्मान और स्वावलंबन की नई राह दिखाई है। यह पहल न केवल बेटियों की व्यक्तिगत प्रगति को बल दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को सामाजिक और आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रणी बना रही है। 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' यूपी की बेटियों की नई उड़ान का प्रतीक है, जो मिशन शक्ति के विजन को साकार कर रहा है।

विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी

आधुनिक और सशक्त नगर निकाय ही बनाएंगे विकसित उत्तर प्रदेश की राह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं: मुख्यमंत्री विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी महापौरों तथा नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों से विकसित यूपी@2047 के लिए मुख्यमंत्री ने मांगा सुझाव जनप्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री का आह्वान, विकसित यूपी@2047 को बनाएं लोक चर्चा-संवाद का विषय ईज़ ऑफ लिविंग और आधुनिक नागरिक सेवाएँ हों नगर निकायों की कार्ययोजना का आधार: मुख्यमंत्री स्मार्ट सेवाएँ, हरित क्षेत्र और डिजिटल पहुँच बने हर नगर का आदर्श मॉडल: मुख्यमंत्री आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए माध्यम तलाशें नगर निकाय: मुख्यमंत्री ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री ने महापौरों, पार्षदों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सभासदों से किया संवाद नगर निकाय प्रतिनिधियों से बोले मुख्यमंत्री, शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए नगर निकायों को अपनानी होगी नई कार्यशैली प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ : 127 नए निकाय, 17 स्मार्ट सिटी, मेट्रो-आरआरटीएस जैसी परियोजनाएँ विकसित यूपी@2047 की सफलता में जनसहभागिता अहम, क्यूआर कोड और पोर्टल से अब तक 12 लाख से अधिक नागरिकों ने साझा किए सुझाव श्रेष्ठ सुझावों को मिलेगा सम्मान, नगर निकाय प्रतिनिधियों ने अभियान को घर-घर तक पहुँचाने का किया संकल्प लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय अपनी कार्ययोजना में नवाचार को स्थान दे और ईज़ ऑफ लिविंग की अवधारणा के साथ नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को केंद्र में रखे। उन्होंने कहा है कि शहरी विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि हर नगर स्मार्ट सेवाओं, हरीतिमा विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था और डिजिटल पहुँच का आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर नगरीय निकाय को आय सृजन के नए माध्यम बनाने होंगे। अपनी कार्ययोजना बनाते समय सभी निकायों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और नागरिकों को इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोमवार को ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों व पार्षदों तथा 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में नगर निकायों की भूमिका सबसे अहम है। हर नगर निकाय को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने नगर को स्वच्छ, आधुनिक, सुगठित और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कमी न छोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस राष्ट्रीय यात्रा का अग्रणी राज्य है। बीते साढ़े 08 वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। 127 से अधिक नए नगर निकायों का सृजन और पुनर्गठन, 17 स्मार्ट सिटी का विकास, ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार, मेट्रो, आरआरटीएस और रोपवे जैसे आधुनिक परिवहन के प्रयास तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवरेज की नई योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम ने अपने म्युनिसिपल बांड जारी किए। हर नगरीय निकाय ने ढाई से तीन गुना तक आय बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की शहरी आबादी कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में नगर निकायों को अपनी सोच और कार्यशैली दोनों को बदलना होगा। शहरी विकास की योजनाएँ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर ही तैयार करनी होंगी। उन्होंने नगर निगमों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के बहुआयामी उपयोग के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल के पंच प्रण’ को दोहराते हुए ‘विकसित यूपी@2047’ का विज़न साझा किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इनसे जुड़ना होगा। विकसित यूपी अभियान के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह रोडमैप अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति के तीन स्तंभों पर आधारित है। इसके तहत निर्धारित 12 सेक्टर के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़ी एक वीडियो फ़िल्म प्रदर्शित की गई। क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया का परिचय भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे उनके द्वारा इस अभियान से संबंधित भेजे गए पत्र को विभिन्न बैठकों और सभाओं में अनिवार्य रूप से पढ़ें, ताकि सरकार का संदेश हर नागरिक तक पहुँचे। जनप्रतिनिधियों को इसे आम चर्चा का विषय बनाने के लिए प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि सभी नगरीय निकायों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, नगर विकास और नियोजन विभाग इस संबंध में आवश्यक प्रबंध करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सुझाव जरूर प्राप्त हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्मरणीय दस्तावेज होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच श्रेष्ठ सुझावों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख नागरिक अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। इन सुझावों का सारांश भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल अभिमत संग्रहण नहीं है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं को राज्य की नीतियों में शामिल करने का ऐतिहासिक प्रयास है।

61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र

19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए लखनऊ में बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी, संपन्न हुआ भूमिपूजन 61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र  योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, गुलाब देवी व संदीप सिंह भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल – पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, राष्ट्रपति मुर्मू के भी शामिल होने की संभावना – लखनऊ में 35 हज़ार स्काउट्स-गाइड्स जुटेंगे, बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश युवाओं के लिए वैश्विक मंच बन रहा है। इसी क्रम में लखनऊ में पहली बार भारत स्काउट्स और गाइड्स की डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले एवं 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का भव्य आयोजन आगामी 23 से 29 नवम्बर तक होने जा रहा है। वृंदावन योजना स्थित डिफेन्स एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस विश्वस्तरीय शिविर का भूमि पूजन सोमवार को मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ हुआ।  भूमिपूजन समारोह में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को उत्तर प्रदेश के लिए “गौरव का अवसर” बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। 23 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा जम्बूरी डॉ. महेंद्र सिंह ने जम्बूरी की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 23 से 29 नवंबर 2025 तक चलने वाला यह आयोजन भारत के 30,000 और विभिन्न देशों के 2,000 स्काउट्स-गाइड्स, साथ ही 3,000 अधिकारियों-स्टाफ को आकर्षित करेगा। यहां कुल 35,000 प्रतिभागी इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि समापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे युवाओं का वैश्विक उत्सव करार देते हुए कहा कि जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि भाईचारे, संस्कृति और नेतृत्व का मंच है। यह आयोजन 1953 में हैदराबाद में पहली राष्ट्रीय जम्बूरी के बाद 18 सफल आयोजनों के बाद उत्तर प्रदेश को 61 वर्षों बाद मिला है, पिछली बार 1964 में प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी जम्बूरी, होंगे विभिन्न कार्यक्रम जम्बूरी के लिए डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक सप्ताह के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘टेंट सिटी’ तैयार की जाएगी, जिसमें 3,500 टेंट, 1,600 शौचालय-स्नानागार, 25,000 क्षमता का एरिना, 64 रसोईघर, 100 बिस्तरों का अस्पताल, 15 डिस्पेंसरी, 100 प्रदर्शनी स्टॉल, जम्बूरी मार्केट, ग्लोबल विलेज, एडवेंचर जोन, वाई-फाई जोन और दो दिवसीय ड्रोन शो शामिल होंगे। एयर फोर्स के एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, HAM रेडियो स्टेशन और आईटी हब भी आकर्षण का केंद्र होंगे। योगी सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, परिवहन और पर्यावरणीय संतुलन के लिए विश्वस्तरीय प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। ‘टेंट सिटी’ ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी सिद्धांतों पर आधारित होगी। पीएम मोदी की प्राथमिकताओं पर आधारित थीम जम्बूरी की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं—आत्मनिर्भर स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत, और विकसित युवा-विकसित भारत पर केंद्रित है। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का विकास करेगा, साथ ही राष्ट्रीय एकता, वैश्विक भाईचारा, संस्कृति का आदान-प्रदान और सेवाभावी नागरिकों को प्रोत्साहित करेगा।

जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

बूढ़ी मां के दर्द को सुन द्रवित हुए सीएम योगी, कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री, सभी की समस्या सुन निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री आवास से सरकारी एंबुलेंस द्वारा सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भेजा गया मरीज     नर सेवा ही नारायण सेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री  लखनऊ  शक्ति स्वरूपा मां जगतजननी की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रूप देख द्रवित मां के कलेजे ने उन्हें खूब आशीर्वाद दिया। मां की जुबां में दर्द था, लेकिन आंखों में उस समय सुकून आ गया, जब वह अपना दर्द यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ से बयां कर ली। नर सेवा को नारायण सेवा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हो गए। सीएम योगी ने तत्काल उनके कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। कभी दर-दर भटक रही कानपुर की गरीब महिला के लिए शारदीय नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह सोमवार को 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचीं।  सीएम ने सरकारी एंबुलेंस से पीड़ित को भिजवाया हॉस्पिटल  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। इसी बीच कानपुर के रायपुरवा की 63-64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री जी से कहा कि महाराज, हमारे जवान बेटे को कैंसर हो गया है। हम गरीब हैं, इलाज नहीं करा पा रहे। हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए। इलाज के लिए कुछ आर्थिक सहायता मिल जाए। बुजुर्ग महिला की यह बात सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उस बच्चे को कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियिलिटी इंस्टीट्यूट भिजवाने और उपचार प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 'जनता दर्शन' से सीधे उसे अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी जांच प्रारंभ हो गई।  नर सेवा ही नारायण सेवा मुख्यमंत्री ने हर पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार हर सेवा, नारायण सेवा को अंगीकृत कर कार्य कर रही है। सभी प्रदेशवासियों के चेहरे पर खुशी लाना सरकार का उद्देश्य है। इसे लेकर ही सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के लिए किसी भी पीड़ित ने स्वयं, जनप्रतिनिधि या किसी भी माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, उसे सहायता उपलब्ध कराई गई है। हमारी सरकार हर पीड़ित के साथ है। इलाज के लिए सरकार आगे भी आर्थिक सहायता निरंतर रूप से उपलब्ध कराती रहेगी। अन्य पीड़ितों ने भी सीएम को बताई पीड़ा  'जनता दर्शन' में मथुरा-वृंदावन और लखनऊ से आए व्यक्ति ने अवैध निर्माण की भी शिकायत की। वहीं साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर भी नोएडा के पीड़ित ने अपनी बात रखी। इलाज के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस, प्रशासन, राजस्व, बिजली आदि से जुड़े मामले भी लोगों ने रखा।  नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट  'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।

सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति से वंचित पांच लाख से अधिक छात्रों को दीपावली से पहले दी जाएगी छात्रवृत्ति: सीएम योगी  – सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति – बोले, वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी जा रही – वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी – वर्ष 2017 से पहले सितंबर-अक्टूबर की छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल में दी जाती थी, इसमें भी होता था भेदभाव – सीएम बोले, हमारी सरकार ने पिछली सरकारों में छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दी स्कॉलरशिप  – विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा – हमारा प्रयास होना चाहिए हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है  लखनऊ, अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली से पहले उनके खाते में छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी। वहीं जिनकी वजह से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पायी है, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी ताकि आने वाले समय में ऐसी त्रुटि न हो। किसी भी देश और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का पैमाना शिक्षा से शुरू होता है। ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आईजीपी में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में कही। इस दौरान सीएम योगी ने कई छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की।  हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक-एक बच्चे को दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी। इसमें मनमानी होती थी। वहीं जो छात्रवृत्ति छात्रों को सितंबर-अक्टूबर में प्राप्त होनी चाहिए थी, वह छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल तक पहुंचती थी। इसमें भी भेदभाव होता था। वर्ष 2016 में अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही नहीं दी गई। जब वर्ष 2017 में हमारी सरकार आई, तो हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति प्रदेश के एक-एक बच्चे को दी गयी। उन्हाेंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 9 से 12 वीं के अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य जाति के 4 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जा रही है। इसमें पहले चरण में 1 लाख 12 हजार छात्र  छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 25,000 छात्र-छात्राएं सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक अनुसूचित जाति-जनजाति के 1 करोड़ 23 लाख छात्रों को 9,150 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा गया। वर्ष 2017-18 से  2024-25 में सामान्य वर्ग के 58 लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं को 5,945 करोड़ रुपए उनके अकाउंट में भेजे गये।  कुछ लोग आत्मनिर्भर भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे सीएम योगी ने छात्रों से कहा कि आपके हाथों में आने वाली पीढ़ी का नेतृत्व आने वाला है, उसके लिए अभी से मानसिक रूप से तैयार रहिये। हम कैसा भारत चाहते हैं, इस पर अभी से सोचना होगा। याद रखिएगा विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है। हर छात्र और वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है। उसकी शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करना है। आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है, डीबीटी के जरिये सीधे खाते में भेजी जा रही धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ 91 लाख, 2018-19 में 1,883 करोड़ 96 लाख, 2019-20 में 1,887.29 करोड़, 2020-21 में 1,505 करोड़ 53 लाख, 2021-22 में 1,581 करोड़ 42 लाख, 2022-23 में 1,813 करोड़ 97 लाख, 2023-24 में 2,608 करोड़ 13 लाख, 2024-25 में 2,861 करोड़ 38 लाख और 2025-26 में 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी गयी। सीएम ने कहा कि वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है। आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति पिछड़े वर्ग के छात्रों को उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार द्वारा लगातार राशि में वृद्धि करते हुए छात्रों को योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति को तकनीक से बेहतर करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन की कार्रवाई को आगे बढ़ाना, डीबीटी के माध्यम से छात्रों के अकाउंट में पैसा भेजने की कार्रवाई की जा रही है ताकि बीच में किसी का भी हस्तक्षेप न हो। सीएम ने कहा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। दुनिया में जहां भी वंचित और उपेक्षित तबका है, अगर उन्हें विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सबसे पहले उनकी प्रायोरिटी शिक्षा होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में  वंचित छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है। हर छात्र को स्कॉलरशिप देने के लिए वन नेशन वन स्कॉलरशिप की व्यवस्था लागू की गई सीएम ने कहा कि हमारे देश ने ही शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया। आरटीई के तहत हर छात्र स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके, इसे अनिवार्य किया गया है। वहीं हर छात्र स्नातक तक शिक्षा फ्री में प्राप्त हो सके, इसके लिए अनेक स्कीम तैयार की गई और राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनायी गयी है। इसके अलावा हर छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री … Read more

‘नेक्स्ट जेन GST बचत उत्सव’ पर पत्रकार वार्ता में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जीएसटी रिफॉर्म से यूपी के व्यापारियों और ग्राहकों को हुआ सबसे अधिक लाभ : योगी आदित्यनाथ  ‘नेक्स्ट जेन GST बचत उत्सव’ पर पत्रकार वार्ता में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी ने हजरतगंज बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों से किया संवाद  बोले योगी- विद्यार्थियों की पढ़ाई हुई सस्ती, नोटबुक-पेंसिल पर जीएसटी शून्य  घरेलू सामान पर जीएसटी घटाकर किया गया 0 से 5% : मुख्यमंत्री   जीवन रक्षक 33 दवाओं को जीएसटी से पूरी तरह छूट : सीएम योगी  बाजार में खपत बढ़ी, उत्पादन और रोजगार में आएगी तेजी : योगी आदित्यनाथ  देश का जीएसटी कलेक्शन 7 लाख करोड़ से पहुंचा 22 लाख करोड़ : मुख्यमंत्री  त्योहारों के सीजन में उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत : सीएम योगी  लखनऊ शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से लागू हुए ‘नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म’ ने बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हजरतगंज स्थित यूनिवर्सल बुकसेलर के पास आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि घटे हुए जीएसटी रेट्स से आम उपभोक्ता, व्यापारी और उद्यमी सभी वर्गों को बड़ा लाभ मिल रहा है। इस रिफॉर्म ने जहां उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं बाजार की मजबूती और रोजगार सृजन का मार्ग भी प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण जीएसटी रिफॉर्म का सबसे अधिक लाभ यूपी के व्यापारियों और ग्राहकों को होगा। त्योहारों के सीजन में बड़ा कदम मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए नोटबुक, पेंसिल और अन्य शैक्षणिक सामग्री पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है। इसी तरह घरेलू उपयोग की आवश्यक सामग्रियों को जीरो से 5 प्रतिशत के दायरे में लाया गया है। जीवन रक्षक 33 प्रकार की दवाओं को भी पूरी तरह से जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाजार में खपत बढ़ने से उत्पादन में वृद्धि हुई है। इससे व्यापारी और उद्यमी दोनों को लाभ हुआ है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं। त्योहारों के सीजन में यह बड़ा कदम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है। अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती  मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता राज्य है और इस रिफॉर्म से यहां की अर्थव्यवस्था को विशेष मजबूती मिलेगी। सीएम ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद देश का कलेक्शन 7 लाख करोड़ से बढ़कर 22 लाख करोड़ तक पहुंचा है, जबकि यूपी में यह 49 हजार करोड़ से बढ़कर 1.15 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है। महंगाई से राहत देने की दिशा में बड़ा कदम पत्रकार वार्ता से पहले मुख्यमंत्री ने हजरतगंज मार्केट में व्यापारियों और उपभोक्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी रिफॉर्म से संबंधित पंपलेट और बैनर वितरित किए। सीएम ने दुकानदारों और ग्राहकों से संवाद भी किया। व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री के प्रति आभार जताया। सीएम योगी ने कहा कि यह रिफॉर्म भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक थे और देश को महंगाई से राहत देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर नशामुक्त भारत के लिए नमो मैराथन का किया शुभारंभ

बोले, जीएसटी रिफॉर्म से नए रोज़गार का सृजन होगा और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने में मिलेगी मदद मिलेगी  गरीब को राहत देने के साथ हर उपभोक्ता को सभी सुविधाओं से आगे बढ़ाते हुए व्यापारी के कल्याण के मार्ग से भी जुड़ा है जीएसटी रिफॉर्म  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के उपहार के रूप में हर देशवासी और प्रदेशवासी को जीएसटी रिफॉर्म का गिफ्ट दिया है। इससे जहां एक ओर जरूरी चीजें छात्रों के लिए शिक्षण सामग्री, दूध, दही, घी, पनीर, खाने की वस्तुओं में भारी छूट दी गयी है, वहीं दूसरी ओर नशे और फिजूलखर्ची पर भारी टैक्स लगाया गया है। युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए बाइक, कार, घर, घर पर लगने वाले स्टील, सीमेंट आदि पर भी छूट दी गयी है। यह घोषणा 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल ने की थी, जिसे 22 सितंबर से पूरे देश में लागू किया जा रहा है। वहीं विजयदशमी पर हर गांव, हर कस्बे और हर जिले में युवाओं को बुराई के प्रतीक पाप, अत्याचार, भ्रष्टाचार, अन्याय और नशे का पुतला जलाना होगा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर रविवार को नशामुक्त भारत के लिए नमो युवा रन का शुभारंभ करते हुए कही। नमो मैराथन कालिदास मार्ग से शुरू होकर 1090 चौराहे तक जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत माता की जय के जयकारों से युवाओं को हौसला बढ़ाया।  जीएसटी रिफॉर्म से हर व्यक्ति की खरीद की क्षमता और बाजार की ताकत बढ़ेगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से देश और प्रदेश का हर गरीब महंगाई से मुक्त और युवा सस्ते में शिक्षण सामग्री खरीद सकेगा। वहीं हर व्यक्ति की खरीद की क्षमता बढ़ेगी, बाज़ार की ताकत बढ़ेगी, नए रोज़गार का सृजन होगा, व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और रोज़गार के नये अवसर पर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह गरीब को राहत के साथ सामान्य उपभोक्ता को हर प्रकार की सुविधा से आगे बढ़ाते हुए व्यापारी के कल्याण के मार्ग से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में हर प्रदेशवासी को जीएसटी रिफॉर्म से अवगत कराना होगा। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूबर यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती तक भारतीय जनता पार्टी पूरे देश भर में 'सेवा पखवाड़ा' मना रही है। इस सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के धार से “स्वस्थ नारी, सशक्त समाज” थीम के साथ किया। प्रधानमंत्री का स्पष्ट मानना है कि यदि नारी स्वस्थ होगी तो परिवार सशक्त होगा, समाज सशक्त होगा और राष्ट्र भी सशक्त बनेगा। इसी सोच के आधार पर सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम पूरे देश में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हर जनपद में रक्तदान शिविर आयोजित कर कार्यक्रम को नई ऊंचाई प्रदान की। रक्तदान के साथ-साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे देशभर में स्वच्छता अभियानों को भी गति दी। स्वास्थ्य शिविरों और स्वच्छता कार्यक्रमों के जरिए सेवा पखवाड़ा को “विकसित भारत” की संकल्पना से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। युवा शक्ति सेवा पखवाड़ा के तहत नमो मैराथन से जुड़ रही सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के अवसर पर देशवासियों से “विकसित भारत” का संकल्प लेने और पंच प्रण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि गुलामी के अंशों को समाप्त करना होगा, अपनी विरासत का सम्मान करना होगा, सेना व वर्दीधारी बलों के प्रति आदर रखना होगा, सामाजिक समता के निर्माण के लिए कार्य करना होगा और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। यही पंच प्रण भारतवासियों को विकसित भारत की यात्रा का सारथी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी प्रेरणा से उत्तर प्रदेश ने 'विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश' अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अभियान को प्रदेश में युवाओं, किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों और बुद्धिजीवियों का अपार समर्थन मिल रहा है। हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में योगदान देने को तैयार है। आत्मनिर्भरता को विकसित होने की कुंजी बताते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर समाज स्वस्थ समाज से ही बनता है और ऐसे आयोजनों जैसे 'नमो मैराथन' से समाज को नई दिशा मिलती है।  वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री ने देश में स्वास्थ्य और युवा कल्याण से जुड़े कई अभियानों को गति दी। विश्व योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली, ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, ‘सांसद खेलकूद प्रतियोगिताएं’ जैसे अभियानों से युवाओं को प्रेरणा मिली। साथ ही ‘मिशन रोजगार’ के जरिए युवाओं के लिए अवसर सुनिश्चित किए गए। आज वही युवा शक्ति सेवा पखवाड़ा के तहत 'नमो मैराथन' से जुड़ रही है। युवा शक्ति आगे बढ़ती है तो राष्ट्र के लिए गौरव और यदि नशे की आेर बढ़ती है तो उसका पतन मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति अपार ऊर्जा का प्रतीक है। यदि यह सकारात्मक दिशा में बढ़ेगी तो राष्ट्र के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी, लेकिन यदि नशे की ओर मुड़ेगी तो उसका पतन निश्चित है। ‘नमो मैराथन’ के जरिए युवाओं से नशामुक्ति का आह्वान भी किया जा रहा है। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर विशेष आयोजन होंगे। इसी क्रम में नमो मैराथन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें युवा मोर्चा के कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से जुड़ रहे हैं। इस बार संयोग से 2 अक्टूबर को ही विजयादशमी भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर बुराइयों को समाप्त कर एक सशक्त और समर्थ भारत की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रतीक होगा। उन्होंने युवाओं से अनुशासन और शालीनता के साथ कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि अनुशासन ही युवा की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मेयर सुषमा खर्कवाल, विधायक योगेश शुक्ला, डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।   

जनता दर्शन: प्रदेश भर से आये हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री

परेशान न हों, इलाज में मदद करेगी सरकार: मुख्यमंत्री  जनता दर्शन: प्रदेश भर से आये हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री सीएम योगी ने सुनीं समस्यायें और समाधान के लिए किया आश्वस्त  रायबरेली से आये किडनी-हृदय के मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का दिया निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश भर से आये हर पीड़ित के पास पहुंचे, शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। 'जनता दर्शन' में 50 से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। रायबरेली से आये किडनी व हर्ट के मरीज को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश दिए।  किडनी, हृदय के मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश 'जनता दर्शन' में रायबरेली के थाना खीरो के ग्राम बरवलिया के एक युवक भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनके पिता किडनी-हृदय व यूरिन की बीमारी से पीड़ित हैं। प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने में अब आर्थिक दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए अस्पताल से एस्टीमेट भी मंगवाने को कहा।  हर जरूरतमंद को इलाज में निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है सरकार  'जनता दर्शन' में इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए कई फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज के खर्च की चिंता सरकार करेगी। सरकार विगत 8 वर्ष से हर जरूरतमंद को निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।    नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट  'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।     

प्रदेश भर से आये पीड़ितों की समस्याओं से मुखातिब हुए सीएम योगी, निस्तारण के दिए निर्देश

आमजन से व्यवहार ठीक रखें जनसेवक, दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री योगी  प्रदेश भर से आये पीड़ितों की समस्याओं से मुखातिब हुए सीएम योगी,  निस्तारण के दिए निर्देश सहारनपुर से आई महिला ने राशन कार्ड न होने पर राशन डीलर द्वारा अभद्रता की शिकायत की  सीआरपीएफ के जवान की भी सुनीं समस्या, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन से कहा- शीघ्र निराकरण कराएं जमीन से जुड़े मामले लेकर भी पहुंचे फरियादी मुख्यमंत्री ने गाजीपुर से आये दिव्यांग की सुनी फरियाद, इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक भेंट की आर्थिक सहायता का पत्र लेते हुए सीएम ने महिला से कहा-हॉस्पिटल से लेकर एस्टिमेट दें, सरकार सहायता करेगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से आये पीड़ितों की शिकायतें सुनीं और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जनता दर्शन में 50  से अधिक पीड़ित पहुंचे। सहारनपुर से आई महिला ने बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है। जब वे राशन लेने गईं तो राशन डीलर अभद्रता करता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जनसेवक आमजन से व्यवहार ठीक रखें। किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा।  जमीन के आए मामलों का भी लिया संज्ञान  सोमवार को 'जनता दर्शन' में सर्वाधिक मामले जमीनी विवाद से जुड़े आए। प्रयागराज से आए सीआरपीएफ के जवान ने भी जमीन से जुड़े मामले को लेकर सीएम के समक्ष अपनी बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को इस प्रकरण के शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया। शामली से भी एक महिला अपनी शिकायत लेकर आईं, बताया कि उनके पति असम में तैनात हैं। उन्होंने भी बताया कि प्रयागराज में जमीन ली है, लेकिन कब्जा लेने में परेशानी आ रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्र लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया।  आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार  'जनता दर्शन' में आईं मंजू देवी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि अपोलो में इलाज चल रहा है। इलाज के लिए आर्थिक सहायता दिला दी जाए। इस पर सीएम ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज में खर्च की चिंता सरकार करेगी।  गाजीपुर से आए दिव्यांग को सीएम ने दी इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक  'जनता दर्शन' में दिव्यांग भी पहुंचे। गाजीपुर से दिव्यांग उधम यादव ने पेंशन बढ़ाने, आयुष्मान कार्ड, हैंडपंप व आवास दिलाने को लेकर सीएम को प्रार्थना पत्र दिया। सीएम ने तत्काल उनकी समस्या के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अफसरों को निर्देश दिया।  सीएम ने उधम यादव को इलेक्ट्रॉनिक वॉकिंग स्टिक भी प्रदान की।   बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा-पुचकारा। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। कुछ बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान किया और पढ़-लिखकर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य बनाने का आशीर्वाद दिया।