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मुख्य सचिव जैन से आईज़ीआई वेंचर्स के संस्थापक ने की भेंट

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन से बुधवार को मंत्रालय में आईज़ीआई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संस्थापक  इशान हैडन ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में ड्रोन इको-सिस्टम को और मजबूत करने, संभावित नई साझेदारियों को विकसित करने तथा इस क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस पहल से “मेक इन इंडिया” और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को सशक्त करते हुए मध्यप्रदेश में उन्नत ड्रोन तकनीक के विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और इंडस्ट्री इको-सिस्टम को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आईज़ीआई कंपनी भारत में नैनो और माइक्रो श्रेणी के ड्रोन सेगमेंट में मध्यप्रदेश सरकार की ड्रोन नीति के तहत राज्य में अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस की शुरुआत कर रही है। आईज़ीआई मध्यप्रदेश में इस स्तर पर ड्रोन निर्माण शुरू करने वाली शुरुआती कंपनी है। ये उन्नत ड्रोन सर्विलांस, टेक्नीकल मिशन, इंफ्रा-स्ट्रक्चर निरीक्षण, सर्वेक्षण तथा विभिन्न औद्योगिक और सुरक्षा उपयोगों के लिए डिजाइन किए गए हैं। ये ड्रोन जीपीएस-डिनाइड (जीपीएसडिनाइड) परिस्थितियों में भी प्रभावी रूप से संचालन करने में सक्षम होंगे, जिससे इनका उपयोग रक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में और अधिक महत्वपूर्ण होगा।  

कलेक्टर समन्वय कर बेहतर परिणाम दें : मुख्य सचिव जैन

कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस में मुख्य बिंदुओं की समीक्षा कृषि वर्ष की कार्ययोजना पर भी हुआ विमर्श योजनाओं और कार्यक्रमों के लक्ष्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भोपाल मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन नेकलेक्टर्स से कहा है कि वे जिलों में सरकार के प्रतिनिधि है और शासन की प्रत्येक योजना और कार्यक्रम के क्रियान्वयन में सभी विभागों के अमले के साथ लीडर की भूमिका निभाकर सर्वश्रेष्ठ परिणाम दें। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए जिला पंचायत और नगरीय क्षेत्र के विकास योजनाओं के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ उत्कृष्ट समन्वय बनाकर कार्य करने की जरूरत बताईं। मुख्य सचिव ने कहा कि टीम के रूप में काम करने में ही परिणाम आयेंगे और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सेक्टर बनाकर माह में कम से कम दो बैठक कर लंबित योजनाओं और कार्यक्रम के क्रियान्वयन में शतप्रतिशत उपलब्धि सुनिचिश्त करें। मुख्य सचिव श्री जैन ने बुधवार को मंत्रालय में कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस के पालन प्रतिवेदन पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में समीक्षा की। कलेक्टर कमिश्र्नर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सम्मिलित हुए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाये जाने के दृष्टिगत संबंधित विभागों को आगामी एक वर्ष की कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गए है। मुख्य सचिव श्री जैन ने सुशासन को मध्यप्रदेश शासन का मूल्य मंत्र बताया उन्होंने कहा कि नामांतरण, बटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरणों में सौ-सौ दिन की पेंडेंसी असंतोषजनक है। उन्होंने सम्पूर्ण राजस्व प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद इस तरह की कार्यप्रणाली को समन्वय के साथ दुरूस्त करने को कहा है। नामांतरण में मुरैना-भिंड, बटवारा के प्रकरणों में अनूपपूर और रीवा, भूमि के सीमांकन प्रकरणों में विदिशा और सतना, खसरा अपडेट में रीवा और इंदौर तथा अवैध कब्जा हटाने के मामले में भिंड और विदिशा जिलों की स्थिति अपेक्षाकृत असंतोषजनक पायी गयी है। राजस्व संग्रहण में कम वसूली को भी मुख्य सचिव ने गम्भीरता से लिया और निर्देश दिए कि टेक्नोलॉजी का लाभ लेकर राजस्व संग्रहण बढाये। उन्होंने राजस्व प्रकरणो में बटांकन के बाद रिकार्ड दुरूस्त होने के पश्चात ही प्रकरण को निराकृत मानने को कहा है। बैठक में समग्र पोर्टल में केवाईसी को इस वर्ष के अन्त तक शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिये है। मुख्य सचिव श्री जैन ने एमपीई सेवा पोर्टल को प्रदेश के नागरिकों के लिए सेवाओं और सुविधा की दृष्टि से रिफार्म बताते हुए कलेक्टर्स और अन्य विभागों से कहा कि मार्च अंत तक सभी 1700 सेवाएं जुड़ जाए जिससे नागरिक इस पोर्टल के माध्यम से सेवाएं प्राप्त कर सकें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गांरटी अधिनियम के प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक मे बताया गया कि लोक सेवा गारंटी के तहत प्राप्त 1 करोड़ 9 लाख आवेदनों में से 1 करोड़ का निराकरण किया गया है इस मामले में निवाड़ी और बड़वानी टॉप पर जबकि मऊगंज और शिवपुरी निचले पायदान पर हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कलेक्टर संवेदनशीलता बरतें और समयअवधि बैठक में हर सप्ताह समीक्षा करें। उन्होंने निवास और आय प्रमाण पत्र, सीमांकन, अविवादित नामांतरण और जन्म के एक वर्ष पश्चात पंजीयन जैसी सेवाएं समय अवधि में निराकृत करने के निर्देश दिये। वर्तमान में 735 सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम में अधिसूचित हैं जिनमें से 602 ऑनलाइन है शेष 133 सेवाओं को भी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की कई शिकायतों को अटेंड नहीं किये जाने पर बैतूल, मऊगंज, शहडोल और भोपाल जिलों को सुधार करने की हिदायत दी। उन्होंने भूमि विवाद के मामलों में समय पर एफआईआर दर्ज नही करने पर सेवा में कमीं बताया और आमजन को राहत पहुंचाने वाले इन कार्यों को सर्वोच्च्प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स से कहा कि वे टीम भावना से काम करें और जन प्रतिनिधियों सहित आम आदमी से संवेदनशील व्यवहार रखें और यह उनकी कार्य संस्कृति में भी दिखना चाहिए । उन्होंने वन ग्राम से राजस्व ग्राम कार्य की धीमी गति पर अंसतोष व्यक्त किया तथा वन भूमि का दावा कार्य में भी कम प्रगति पर कलेक्टर्स को राजस्व और वन अमले के साथ बेहतर समन्वय कर 31 मार्च तक सभी प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने कृषि वर्ष 2026 के विभिन्न 10 आयाम की समीक्षा की और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर कृषि विकास के विभिन्न पहलूओं पर रणनीति बनाने के लिए कहा है। उन्होंने मिट्टी, पानी और मौसम को सटीक तकनीकी से जोड़ने और जिला स्तर पर प्लान बनाने को कहा है। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के निर्माण के समय आकल्पित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता में अंतर होने को गम्भीरता से लिया और कहा कि राजस्व कृषि तथा जल संसाधान विभाग इस दिशा में सटीक योजना बनाकर क्रियान्वयन करें। बैठक में पराली/नरवाई जलाने पर रोक लगाने के लिए किसानों के बीच वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रेसराईज्ड सिंचाई, परड्राप, मोरक्राप, उद्यानिकी क्लस्टर , खाद्य प्रसंस्करण, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना एक बगिया माँ के नाम, डॉ. भीमराव कामधेनु योजना की भी समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव ने कलेक्टरर्स कों सभी योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन के निर्देश दिए है। स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किये जाने के लिए कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे माह में स्वास्थ्य विभाग के साथ कम से कम दो बार बैठक करें और स्वास्थ्य मापदंडों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जाँच पूरी गुणवत्ता से करने और असत्य आकँडें प्रस्तुत नहीं करने के लिए निर्देश दिये हैं। 

अपराधियों पर ऐसी कार्यवाही करें जिससे उनके हौसले पस्त हों : मुख्य सचिव जैन

संवेदनशील होकर कानून व्यवस्था बनायें कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के पालन प्रतिवेदन पर समीक्षा भोपाल मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिये है कि वे अवैध खनिज कारोबार सहित समाज विरोधी अन्य गतिविधियों को सख्ती से रोके और ऐसी कार्रवाई करें जिससे इस तरह की गतिविधियों में संलग्न लोगों के हौसले पस्त हों और भविष्य में इस तरह के अपराध नहीं हो। मुख्य सचिव श्री जैन ने भिंड मुरैना शहडोल जबलपुर और नरसिंहपुर जिलों को विशेष अभियान चलाकर इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने को कहा है। मुख्य सचिव ने कलेक्टर और एस.पी को संयुक्त बैठक करने और प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक बनायें रखने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर एक्शन लेने निर्देशित किया। कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कान्फ्रेंस के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा बैठक बुधवार को मंत्रालय में हुई। कांन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, जिलों के कलेक्टर और एस.पी तथा अन्य पुलिस और प्रशासनिक वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कान्फ्रेसिंग से सम्मिलित हुए। बैठक में बताया गया कि कानून व्यवस्था के दृष्टिगत ऐसी बस्तियां, जहां संकरी सड़कें हैं और मूवमेंट में समस्या आती है, ऐसे स्थानों वाले 24 जिलों में अब तक जोनल प्लान तैयार किया गया है। ऐसी 1343 गलियों और बस्तियों को संवेदेनशील माना गया है और 23 जिलो में जीआईएस मैप पर अंकित किया है। शेष जिलों के अधिकारियों को आगामी 3 माह में सम्पूर्ण कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए, जिससे बेहतर पुलिसिंग हो सके। डीजीपी श्री मकवाना ने बताया कि प्रदेश में 1900 से अधिक गुम बालिकाओं को बरामद किया गया है और महिला अपराध की रोकथाम के लिए विद्यालयीन स्तर पर भी में जागरूकता अभियान चलाया गया है। मुख्य सचिव श्री जैन ने महिला अपराधों की रोकथाम के लिए जिला और पुलिस प्रशासन को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के लिए निर्देश दिये हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि ड्रग फ्री इंडिया अभियान के तहत अगले 3 वर्षों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है। ड्रग एवं अन्य नशीले पदार्थ के उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष मुहिम चलाने के निर्देश दिये गए है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि कलेक्टर और एस.पी संयुक्त बैठक करें और फोकस बिंदु पर कार्रवाई करें। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरूद्ध अपराधों की सख्ती से रोकथाम और ऐसे मामलों में पीड़ित पक्षकारों को निर्धारित अवधि में राहत राशि वितरित किये जाने के निर्देश दिये है। लंबित प्रकरणों में सागर के कलेक्टर और एस.पी. सहित लंबित प्रकरणों में असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले जिलों को संवेदनशील होकर प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री जैन ने पूरी गम्भीरता से निराकरण की समय अवधि निर्धारित करते हुए एस.ओ.पी जारी करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार, जागरूकता अभियान, ब्लैक स्पॉट कम करने जैसी गतिविधियां संचालित कर सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 45 से 50 प्रतिशत तक कमी लायी जा सकती है। उन्होंने गुना, डिंडौरी, मैहर मुरैना श्योपुर जैसे जिलों को और अधिक कार्य करने के निर्देश दिये। प्रदेश में 481 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये गए है और इन्हें ठीक करने के प्रयास जारी है। बैठक में जीरो फेटिलिटी डिस्ट्रिक्ट, कैशलेस उपचार योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव श्री जैन ने बताया कि कैशलेस योजना में देश के मध्यप्रदेश सहित 6 राज्य शामिल हैं और प्रधानमंत्री जल्द ही इस योजना का शुभारंभ करेंगे। परिवहन सचिव ने बताया कि प्रदेश में अब तक इस योजना में 1600 अस्पताल पंजीकृत हुए है, जिनमें सड़क दुर्घटना में पीड़ित को एक सप्ताह तक डेढ़ लाख रूपये तक इलाज मुफ्त मिलेगा। जिला स्तर पर इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ, ट्रैफिक, स्वास्थ्य एवं एन.आई.सी के साथ संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिये गए है। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि 15 साल से अधिक पुराने शासकीय वाहनों को तत्काल हटाया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला ने भारतीय न्याय सहिता के सभी पहलूओं के प्रशिक्षण के लिए की गयी कार्यवाही की जानकारी दी।  

ओरछा का आर्थिक, सामाजिक विकास देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश

भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने ओरछा में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा में विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए। उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया। श्री जैन ने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करने, पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके, के निर्देश दिये। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचकर बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। मुख्य सचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।  

मुख्य सचिव जैन की अध्यक्षता में हुई पी.एम सेतु संचालन समिति की बैठक

हब चयन में सभी संभागीय मुख्यालयों को शामिल करने के निर्देश भोपाल  सभी संभागीय मुख्यालयों को शामिल करते हुए प्रदेश की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को आधुनिक, उद्योग उन्मुख और परिणाम आधारित संस्थानों के रूप में परिवर्तित करने के लिए 10 हब चिंहित कर प्रस्ताव तैयार किया जाए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने शुक्रवार को मंत्रालय में पी.एम सेतु के तहत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में यह निर्देश दिए हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश और वित्त विभाग से समन्वय कर हब चिंहित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आई.टी.आई (पी.एम सेतु) के तहत बैठक में प्रदेश की समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के आधुनिकीकरण प्रस्ताव पर चर्चा हुई। तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह द्वारा केंद्र सरकार के मापदंड अनुसार प्रदेश के लिए हब क्लस्टर और आई.टी.आई स्पोक माडॅल पर प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव पर समिति के सदस्यों के बीच विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदेश के आई.टी.आई संस्थानों के विशेषज्ञों को भी समिति में शामिल करने के लिए कहा है। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि हब का प्रस्ताव तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि कोई भी आकांक्षी क्षेत्र नहीं छूटे। बैठक में संस्थान के ढांचे, प्रत्येक आई.टी.आई में निवेश तथा क्लस्टर, योजना-कार्यान्वयन एजेंसी के क्रियाकलापों और राज्य स्तरीय समिति के दायित्यों पर भी चर्चा हुई। बैठक में वित्त, उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास एवं श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय, भोपाल शामिल हुए।  

वायु गुणवत्ता बनाए रखने 30 नवम्बर तक करें कार्य-योजना प्रस्तुत : मुख्य सचिव जैन

राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की हुई बैठक प्रदूषण रोकने के लिए जन-जागरूकता पर भी जोर भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के प्रमुख 7 नगरों में उच्च वायु गुणवत्ता स्तर बनाए रखने के लिए मौजूद समय के साथ ही दीर्घकालीन कार्ययोजना 30 नवम्बर तक प्रस्तुत करने के निर्देश पर्यावरण संरक्षण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। मंत्रालय में बुधवार को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में वन और पर्यावरण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास, गृह, औद्यागिक निवेश एवं प्रोत्साहन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, परिवहन आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वी.सी के माध्यम से भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर तथा देवास के कलेक्टर, एस पी, और नगर निगम के आयुक्त भी सम्मिलित हुए। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि राष्ट्रीय क्लीन एयर प्रोग्राम के मापदंडो के अनुरूप दिल्ली जैसे महानगरों में प्रदूषण के स्तर को कम कर वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किए जाने वाले उपायों को केंद्र में रखकर प्रमुख विभागों का एक एक्सपर्ट ग्रुप बनाएं और लघु तथा दीर्घ कालीन कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने पराली जलाने की घटनाओं को भविष्य में भी रोकने के प्लान के अलावा वाहनों, निर्माण कार्यों और कचरे आदि में आग लगाने जैसी प्रवृत्तियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पृथक-पृथक एक्शन प्लान बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों की धूल रोकने के लिए उनकी मरम्मत आदि करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दें। गुणवत्ता विहीन सड़कों के निर्माण के लिए अधिकारी तथा निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। वायु गुणवत्ता मानक 100 के नीचे लाएं मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि जिन शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर ठीक नहीं है, उनका पूरा ध्यान वायु गुणवत्ता को औसत मानक 100 से नीचे होना चाहिए। नगर निगम ध्यान दें कि कचरा जलाने पर शत-प्रतिशत रोक हो, निर्माण कार्यों से धूल न उठे और सड़कों का सुधार और पुन:निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने अलाव-तंदूर जैसे कारकों को इलेक्ट्रिक किया जाए। धूल वाले स्थानों पर नियमित रूप से जल के छिड़काव करने के साथ ही पी.यू.सी प्राप्त वाहनों का संचालन के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए। निर्माण कार्यों के प्रदूषण को रोकें मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि नागरिकों के निवास आदि के निर्माण के साथ ही अन्य बड़े निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नेट लगाने के साथ ही जल के नियमित छिड़काव आदि को सुनिश्चित करें। निर्माण के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए अलग-अलग प्रभावी मापदंड-कार्ययोजना में शामिल किये जाएँ। जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा बनाएं मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी विभागों और नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि वे जन-जागरूकता के लिए व्यापक कार्य-योजना बनाएं जिसमें उद्योग, परिवहन जैसे संघों के साथ ही समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो। उन्होंने औद्योगिक नीति एवं निवेश के प्रमुख सचिव से कहा कि वे विभिन्न औद्योगिक संगठनों से चर्चा कर प्रदूषण रोकने के उपायों के साथ ही सी.एस.आर फंड से नगरीय निकायों को उपकरण और आवश्यक मशीन उपलब्ध कराने में समन्वय करें।  

मुख्य सचिव जैन ने जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल जनजातीय गौरव दिवस 2025 धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा 150वीं जयंती समापन वर्ष के कार्यक्रम में स्थानीय जनजाति समुदाय के सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने सोमवार को मंत्रालय में 15 नवम्बर को होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। राज्य स्तरीय समारोह जबलपुर और आलीराजपुर में आयोजित होंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मिलित होंगे। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के अलावा जिलों, विकासखंडो में स्थानीय कार्यक्रमों के साथ ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं में गौरव दिवस आयोजित किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जबलपुर के कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल होंगे। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के साथ ही अन्य जनजातीय नायकों के सम्मान में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार राष्ट्रीय एवं राज्यस्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकारों, जनजातीय मुखियाओं, मेधावी विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों के सम्मान के साथ हितग्राहियों को लाभ वितरण होगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अलावा जिला स्तरीय और स्थानीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की योजनाओं का भूमि-पूजन तथा लोकार्पण भी होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि जनजातीय हितग्राहियों से संबंधित समस्त विभागों की योजनाओं तथा नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई जाए। आयुष्मान योजना और सिकल सेल एनीमिया के कार्ड वितरण के अतिरिक्त आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जन-मन एवं धरती आबा अभियान के तहत गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएं। आयोजनों में जनजातीय क्रॉफ्ट व्यंजन एवं लोकगीत लोक-कलाओं, जनजातीय महानायकों के जीवन चरित्र से संबंधित नाटिकाओं का मंचन होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास को हितग्राही मूलक कार्यक्रमों के लाभ, भूमि-पूजन, लोकार्पण, जनजातीय महानायकों की प्रतिभाओं, पूजा स्थलों, देव-स्थान आदि पर सम्मान एवं सभा आयोजित करने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग सिकल सेल एनीमिया पर केंद्रित स्वास्थ शिविर और मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रदर्शन करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थी मूलक विभिन्न कार्यक्रम करेगा। वन, महिला एवं बाल विकास, खेल एवं युवा कल्यण और नगरीय प्रशासन विभाग भी जनजातीय समुदाय से जुड़ी योजनाओं पर फोकस कार्यक्रम करेगा। जनजातीय कार्य विभाग को कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्थानीय और जिला स्तरीय कार्यकमों के आयोजन कार्य योजना अनुरूप हो। जिला कलेक्टर्स से प्रतिदिन रिपोर्ट आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए है। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने संपूर्ण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने पिछले 10 दिनों से जारी विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि मध्यप्रदेश गतिविधियों को आयोजन में देश में दूसरे स्थान पर है। बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव भी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के बी-2-बी इवेंट और प्रदर्शनी का मुख्य सचिव जैन ने किया शुभारंभ

ग्रामीण परिवेश के होमस्टे संचालकों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय टूर और ट्रैवल ऑपरेटर के साथ संवाद और बिजनेस अवसर उपलब्ध कराना सराहनीय ग्रामीण पर्यटन और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने आज एमवीएम ग्राउंड में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में आयोजित बी-2-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) इवेंट एवं प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ किया। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करना है। साथ ही मुख्य सचिव श्री जैन ने मध्यप्रदेश पर्यटन के पेवेलियन और प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन की जीवंत प्रदर्शनी "विलेज वाइब्स" का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रख्यात अभिनेता श्री रघुवीर यादव तथा अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदेश के स्थानीय ग्रामीण परिवेश को जीवंत प्रदर्शनी "विलेज वाइब्स" के माध्यम से प्रदर्शित करने पर प्रशंसा की। उन्होंने महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षित बालिकाओं से संवाद किया। साथ ही ग्रामीण किचन की प्रतिरूप "मां की रसोई", ब्लॉक प्रिटिंग, सुविनियर शॉप, चंदेरी साड़ी वीविंग, लाइव गोंड पेंटिंग के लाइव डेमो का अवलोकन किया। मुख्य सचिव श्री जैन का परंपरागत ढोल और बांसुरी बजाकर स्वागत किया गया।  मुख्य सचिव श्री जैन ने बी-2-बी इवेंट में विशेष रूप से स्थान दिए गए प्रदेश के ग्रामीण होमस्टे संचालकों से मिले। ग्रामीण परिवेश के होमस्टे संचालकों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय टूर और ट्रैवल ऑपरेटर के साथ संवाद और बिजनेस अवसर उपलब्ध कराने की सराहना की। वनराज होमस्टे, पलाश विला पेंच, ज्यांशी होमस्टे, वेदिका हिल होमस्टे और ग्रैंड नर्मदा होमस्टे सहित विभिन्न होमस्टे संचालकों से परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उनके सुविनियर उत्पाद देखे और प्रयासों की प्रशंसा की।  मुख्य सचिव श्री जैन ने विदेशी और भारतीय टूर ऑपरेटरों, होटल प्रतिनिधियों और निवेशकों से मुलाकात कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्हें मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में आने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए आग्रह भी किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रदर्शनियों और स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं प्रतिभागियों से संवाद करते हुए  प्रदेश की नई पर्यटन नीति, निवेश के अवसरों और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की। इस अवसर पर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैया राजा टी, अपर प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय और डोमेस्टिक टूर, ट्रैवल ऑपरेटर और होटलियर उपस्थित रहें। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का बी-2-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) इवेंट एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मंच है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के टूर ऑपरेटर्स, होटल मालिकों (विक्रेता) को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ट्रैवल एजेंटों (खरीदार) से सीधे जोड़ना है। इस इवेंट में पूर्व-निर्धारित बैठकों के माध्यम से व्यापारिक समझौते और साझेदारियां की जाती हैं। यह राज्य के विविध पर्यटन स्थलों, जैसे वन्य जीव, विरासत और नए गंतव्यों को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करता है, जिससे खरीदार आकर्षक टूर पैकेज बना सकें। इसका लक्ष्य राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है।  

हितग्राहीमूलक योजनाओं और सफलता की कहानियों को दें प्राथमिकता: मुख्य सचिव जैन

कलेक्टर्स जन कल्याणकारी योजना और विकास कार्यों के प्रचार में करें सहयोग : मुख्य सचिव  जैन मीडिया प्रतिनिधियों से करें समन्वय हितग्राहीमूलक योजनाओं और सफलता की कहानियों को दें प्राथमिकता प्रिंट, सोशल-डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों पर रखें सतत नजर असत्य खबरों पर लें तत्काल संज्ञान एसीएस  मंडलोई और आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने दिया प्रेजेन्टेशन सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा दूसरे दिन का पहला सत्र भोपाल  कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन का प्रथम सत्र सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की सही और समायोजित जानकारी जन सामान्य तक पहुंचाने की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सूचनाओं का पारदर्शी प्रसार सरकार की विश्वसनीयता स्थापित करने का मुख्य आधार है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को अफवाहों, गलत जानकारी और दुष्प्रचार का खंडन करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इससे जनहित की रक्षा के साथ सरकार की छवि को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट विकसित किए गए हैं। इसके क्रियान्वयन को सभी जिले प्राथमिकता पर लें। उन्होंने कहा कि समाधान ऑनलाइन में आने वाले प्रकरणों के निराकरण के साथ व्यवस्था में हो रही कमियों पर ध्यान देते हुए उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएं। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि जिलों में मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि जिलों में पदस्थ जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका को सशक्त करते हुए जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल और सफलता की कहानियों का व्यापक प्रसार किया जाए। जिला स्तर के सभी विभागों के अधिकारी जनसंपर्क अधिकारी के संपर्क में रहे तथा उन्हें नियमित रूप से अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों से अवगत कराएं। विभागों और जनसंपर्क अधिकारी के मध्य समन्वय के लिए जिला कलेक्टर किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल ऑफिसर नामांकित करें। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पत्रकारिता महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप पर रखकर जिला स्तर पर हो रही सकारात्मक गतिविधियों और सफलता की कहानियों के संकलन में उनकी सेवाएं ली जाएं। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को किया जाए प्रोत्साहित अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। समाजसेवियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जिला कलेक्टर्स सतत् सम्पर्क में रहें। इससे जनसामान्य की भावनाओं, क्षेत्र की आवश्यकताओं आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। जिलों के दौरों के दौरान मुख्यमंत्री जी को जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है। संचार के सभी माध्यमों से हो योजनाओं का प्रचार-प्रसार आयुक्त जनसंपर्क  दीपक सक्सेना ने जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों का प्रेजेन्टेशन देते हुए कहा कि सकारात्मक जनमत तैयार करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सकता है। नवीनतम तकनीकों के उपयोग से जनसंपर्क गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना संभव हुआ है। मीडिया विश्लेषण और जन भावनाओं के अध्ययन से नीतियों में आवश्यक सुधार भी किया जा सकता है। उन्होंने आपदा या संवेदनशील स्थितियों में सटीक और संयमित सूचना का रीयल टाइम में प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित प्रसारित होने वाले समाचारो की नियमित मॉनिटरिंग कर संबंधित विभागों को प्रतिदिन रिपोर्ट भी दी जा रही है। आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने कहा कि मैदानी स्तर पर शासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कलेक्टर है। कलेक्टर्स, मीडिया से सतत-समन्वय-संपर्क और संवाद में रहें। मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित ब्रीफिंग के लिए एक समय का निर्धारण किया जाए। नियमित अंतराल पर कलेक्टर्स मीडिया के साथ औपचारिक बैठक करें। राज्य शासन द्वारा पत्रकार कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पत्रकारों को उपलब्ध कराने की दिशा में जिला कलेक्टर आवश्यक पहल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल और डिजिटल मीडिया में चल रहे संवेदनशील और नकारात्मक समाचारों पर कलेक्टर स्वयं संज्ञान लें। ऐसे समाचारों के खंडन या वास्तविक स्थिति रखने और गलत खबरें प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई करने की दिशा में भी त्वरित रूप से कार्रवाई की जाए। 

मुख्य सचिव जैन का संदेश: ग्रामीण विकास के लिए अधोसंरचना और हितग्राही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी

ग्रामीण विकास के लिए अधोसंरचना विकास और हितग्राही मूलक योजनाओं का हो बेहतर क्रियान्वयन : मुख्य सचिव  जैन स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ायें जिला कलेक्टर्स ने दी नवाचारों की जानकारी भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा है कि विकसित प्रदेश का मुख्य आधार है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसरंचना निर्माण और विकास के साथ हितग्राहीमूलक योजनाएँ संचालित हैं। जिला कलेक्टर्स एवं मुख्यकार्यपालन अधिकारी विकास के साथ योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे स्वच्छता एवं पर्यावरण संबंधी अभियानों में ग्रामीणों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सुशासन और अंत्योदय को सफल बनाने के मूल मापदंड के अनुसार कार्य करें। मुख्य सचिव  जैन कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन ग्रामीण विकास विभाग के सत्र को संबोधित कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस में समृद्ध ग्राम एवं विकास खंडों के पुनर्विकास के लिए समावेशी कार्ययोजना पर विशेष ज़ोर दिया गया। साथ ही पंचायतों के राजस्व सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी ने मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जबलपुर, इंदौर, नीमच एवं पन्ना के 14 ग्रामों का चयन किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और प्रधानमंत्री जनधन और धरती आबा कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी दी। कलेक्टरों से कहा गया कि ग्रामीण विकास की योजनाओं में समयबद्ध प्रगति के लिए मैदानी अमले का दायित्व निर्धारण करें। ग्रामीण विकास के संदर्भ में विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर एक्शन प्वाइंट पर चर्चा की गई। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान की भी समीक्षा की गई लखपति दीदी अभियान को और सशक्त बनाने की अपेक्षा कलक्टरों से की। प्रेजेन्टेशन में बताया गया कि लखपति दीदी योजना में सिंगरौली, टीकमगढ़ और देवास में सबसे बेहतर काम पाया गया। ज़िलों ने अपने उत्कृष्ट कार्यों का किया प्रस्तुतिकरण कॉन्फ्रेंस में विभिन्न ज़िलों के कलेक्टर ने अपने जिलों में हुए नवाचारों और बेहतर कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया। कलेक्टर खंडवा ने आत्मनिर्भर गौ-शाला और जल संवर्धन अभियान, रायसेन ने जलगंगा संवर्धन अभियान, छिंदवाड़ा ने वाश ऑन व्हील, बड़वानी ने एफआरए पट्टा होल्डर और जिला सीधी ने बेलहा डैम पुनर्जीवन की प्रस्तुति दी।