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हिमाचल के टैक्स फैसले पर तकरार तेज, भगवंत मान का सख्त संदेश

चंडीगढ़. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पंजाब और हरियाणा की गाड़ियों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा हैं कि हम पंजाब में टोल टैक्स बंद करवा रहे हैं, जिसका फायदा हिमाचल की गाड़ियों को भी मिल रहा है। दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश हमारी गाड़ियों पर टैक्स लगा रहा है। सीएम ने कहा कि हमें भी टैक्स लगाना आता है। हालांकि इससे पहले उन्होंने एचपी सरकार द्वारा टैक्स कम करने को लेकर कहा कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो भूला नहीं कहते। यह तो दोपहर में ही आ गए हैं। दरअसल, हिमाचल सरकार ने हरियाणा-पंजाब से आने वाली गाड़ियों पर 130 रुपये एंट्री टैक्स लगा दिया था, जिसे लेकर खासा विवाद हुआ। बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने टैक्स को 130 के स्थान पर 100 रुपये कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इस पर पंजाब कांग्रेस के नेता क्यों चुप हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में पंजाब सरकार भी हिमाचल की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने का विचार कर सकती है।" ग्रामीण क्षेत्रों में होगा जातीय सर्वेक्षण पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जातीय सर्वेक्षण करवा रही है। बुधवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस सर्वेक्षण के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस वर्ग की कितनी आय हैं। क्योंकि इस सर्वे में ड्रग्स का डाटा भी एकत्रित किया जाएगा। सर्वे में नशा लेने वालों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाना है। इसका आंकड़ा भी इसी सर्वे से जुटाया जाएगा। वहीं, ड्रग्स को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पंचायतों ने अपने गांवों को नशा मुक्त करार दिया हो। इस सर्वेक्षण के बाद यह तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी की कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं। बता दें कि पंजाब में 13236 पंचायतें हैं। पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद सीजन से पहले ही आढ़तियों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों की मांग केंद्र सरकार से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस तरह की ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगी। आज जब खरीद का सीजन शुरू हो रहा है तो वह हड़ताल पर जाने की बात कर रहे हैं। इससे सख्ती से निपटा जाएगा। खेतों को जाने वाली बिजली की लाइन होगी अंडरग्राउंड मुख्यमंत्री भगवान मान ने कहा कि खेतों को जाने वाली बिजली की लाइनें को अंडरग्राउंड करने का नया प्रयोग वह अपने गांव सतौज (संगरूर) में करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की लाइनें से कई प्रकार के नुकसान होता है। लाइन शॉर्ट होने पर फसल जल जाती है। वहीं खंभों को लेकर के गांव वासियों के बीच आपस में विवाद होता है। इसलिए वह एक नया प्रयोग करने जा रहे हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इस पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। 'फूलका ने बीच में छोड़ दी थी राजनीति' आप के पूर्व विधायक व विपक्षी दल के नेता रहे एचएस फूलका द्वारा भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व विधायक ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। दाखा विधान सभा के लोगों को मझधार में छोड़ दिया था। ऐसे लोग पुन: राजनीति में सफल नहीं होते।

स्क्रैप से बनेगा स्टील, युवाओं को मिलेगा रोजगार: CM मान का बड़ा ऐलान

लुधियाना. पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में स्टील उद्योग के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। टाटा ने हाईटेक वैली में देश का पहला ग्रीन स्टील प्लांट तैयार कर लिया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आज पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा करीब 3,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा। करीब 115 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन (लगभग 7 लाख 50 हजार टन) रखी गई है। स्क्रैप से बनेगा स्टील इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक है, जिसके माध्यम से स्क्रैप यानी पुराने लोहे को गलाकर नया स्टील तैयार किया जाएगा। यह तकनीक पारंपरिक स्टील उत्पादन की तुलना में काफी कम कार्बन उत्सर्जन करती है, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव न्यूनतम रहेगा। यह प्लांट भारत में ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यहां तैयार होने वाला स्टील मुख्य रूप से टाटा टिस्कॉन (रिबार) के रूप में उपयोग किया जाएगा, जो निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कंपनी का दावा है कि इस प्रक्रिया में प्रदूषण लगभग शून्य के बराबर होगा और ऊर्जा की खपत को भी कम से कम रखने के लिए ग्रीन पावर का उपयोग किया जाएगा। 2500 नए रोजगार के अवसर  इस परियोजना के साथ-साथ लुधियाना में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। टाटा स्टील द्वारा यहां एक और बड़े स्टील प्लांट की आधारशिला भी रखी गई है, जिसकी लागत लगभग 3200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस नए प्रोजेक्ट के जरिए करीब 2,500 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पंजाब के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि टाटा स्टील का यह ग्रीन प्लांट न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रैप आधारित स्टील उत्पादन भविष्य की जरूरत है, क्योंकि इससे प्राकृतिक संसाधनों की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आती है। टाटा स्टील का यह कदम देश में टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा और अन्य कंपनियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। लुधियाना में स्थापित यह ग्रीन स्टील प्लांट न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल को दर्शाता है।

Punjab vs Rajasthan Water Dispute: भगवंत मान का बड़ा बयान, 1.44 लाख करोड़ के दावे से बढ़ी हलचल

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए राजस्थान को दिए जा रहे पानी पर बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1920 में बीकानेर रियासत और बहावलपुर के बीच हुए समझौते के तहत पानी की आपूर्ति शुरू हुई थी, जो बाद में राजस्थान तक पहुंची। उस समय पानी के बदले प्रति एकड़ शुल्क तय किया गया था और 1960 तक इसका भुगतान भी होता रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1960 के बाद नई व्यवस्था लागू होने पर यह भुगतान व्यवस्था जारी नहीं रही। न तो राजस्थान ने भुगतान किया और न ही पंजाब ने इसकी मांग उठाई। अब सरकार ने पुराने रिकॉर्ड के आधार पर आकलन किया है कि 1960 से 2026 तक का हिसाब जोड़ने पर यह राशि करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये बनती है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान 1920 के समझौते के तहत पानी ले रहा है तो उसे उसी आधार पर भुगतान भी करना चाहिए। अन्यथा या तो समझौते को समाप्त किया जाए या फिर पानी की आपूर्ति पर पुनर्विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि यह मुद्दा अब उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में लगभग 18 हजार क्यूसेक पानी राजस्थान फीडर के माध्यम से जा रहा है, जबकि इसके बदले कोई आर्थिक प्रतिफल नहीं मिल रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले भुगतान होता था तो अब क्यों नहीं हो रहा। सिंचाई में बड़े बदलाव का दावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने राज्य में सिंचाई के क्षेत्र में हुए कार्यों का भी विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि 2022 में सरकार बनने के समय केवल 26.5 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था, जो अब बढ़कर लगभग 58 लाख एकड़ क्षेत्र तक पहुंच गया है। यह करीब 78 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि चार वर्षों में सिंचाई बजट को तीन गुना बढ़ाते हुए लगभग 6700 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 13,938 किलोमीटर नए वाटर कोर्स (खाल) बनाए गए और 18,000 किलोमीटर से अधिक पुराने ढांचों को बहाल किया गया। ‘गुम’ नहरें खोजकर फिर से चलाईं मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के 1454 गांव ऐसे थे जहां आजादी के बाद भी नहरी पानी नहीं पहुंचा था। अब पहली बार इन गांवों तक पानी पहुंचाया गया है। कंडी क्षेत्र में 1500 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइपलाइन बहाल कर 24 हजार एकड़ क्षेत्र को सिंचाई से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि कई नहरें कागजों में मौजूद थीं लेकिन जमीन पर उनका अस्तित्व खत्म हो चुका था। सरकार ने ऐसी नहरों को खोजकर दोबारा चालू किया। तरनतारन की सरहाली नहर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान नीचे दबे हुए ढांचे मिले और करीब 22 किलोमीटर लंबी नहर को पुनर्जीवित किया गया। शाहपुर कंडी परियोजना पूरी मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नहरी पानी बढ़ने से भूजल दोहन में कमी आई है। गुरदासपुर के कई ब्लॉकों में एक्सट्रैक्शन रेट आधे से भी कम हो गया है और 57 प्रतिशत से अधिक कुओं में जलस्तर 0 से 4 मीटर तक ऊपर आया है। उन्होंने बताया कि 25 साल से लंबित शाहपुर कंडी डैम परियोजना को 3394.49 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इससे सिंचाई के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और 26 नए पर्यटन स्थल विकसित किए गए हैं। आपदा प्रबंधन और ड्रेनेज पर काम राज्य सरकार ने स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड के तहत 470 करोड़ रुपये खर्च कर 195 कार्य पूरे किए हैं। 3700 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई की गई और नई मशीनरी लगाई गई ताकि बाढ़ और जलभराव की समस्या कम हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस बयान से साफ है कि आने वाले समय में राजस्थान-पंजाब के बीच पानी और भुगतान का मुद्दा फिर से गर्मा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने अधिकारों को लेकर अब पीछे नहीं हटेगा और जरूरत पड़ी तो यह मामला केंद्र स्तर तक उठाया जाएगा।

CM भगवंत मान की अगुवाई में ऐतिहासिक निर्णय, आनंदपुर साहिब को मिलेगा विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय

चंडीगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने आज श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कॉलेजों में 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की भर्ती को भी हरी झंडी दे दी गई। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार कैबिनेट ने विश्वविद्यालय की स्थापना और ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय’ के लिए ड्राफ्ट बिल को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही विश्वविद्यालय की स्थापना समय पर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक फैसले लेने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को मंजूरी मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति में सेक्टर आधारित नीतियां, विस्तृत योजनाएं और दिशानिर्देश शामिल हैं। इस नीति का उद्देश्य राज्य में वित्तीय रियायतें, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उभरते उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक और संरचित व्यवस्था स्थापित करना है। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और पंजाब को उच्च आर्थिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान खिलाड़ियों के लिए आरक्षण को अधिक व्यवस्थित बनाने वाली नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत खेल उपलब्धियों के प्रमाण पत्रों को अंक देने के लिए स्पष्ट और सरल मानदंड तय किए गए हैं। नई नीति के अनुसार 75 प्रतिशत महत्व खेल उपलब्धियों को और 25 प्रतिशत महत्व प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन को दिया जाएगा। पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी कैबिनेट ने ‘पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत फार्मासिस्ट पद के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता के रूप में शामिल किया गया है। इससे डिप्लोमा धारकों को फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार के लिए एक्स ग्रेशिया ग्रांट को मंजूरी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार, नंबर 25140/जी एस पी के परिवार को विशेष मामले के रूप में 1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया सहायता देने को मंजूरी दी। उन्होंने हाल ही में गुरदासपुर में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई थी।देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए उनके महान योगदान को मान्यता देते हुए मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया। ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति मंत्रिमंडल ने विधान सभा के वर्तमान सत्र में ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति प्रदान कर दी है। इस कदम का उद्देश्य ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को अधिनियम में बदलना है। सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की 1,158 असामियों को भरने की सहमति एक अन्य बड़े निर्णय में मंत्रिमंडल ने पूरे राज्य के सरकारी कॉलेजों में 1,158 असामियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है, जिसमें 1,091 सहायक प्रोफेसर और 67 लाइब्रेरियन शामिल हैं। यह भर्ती पंजाब लोक सेवा आयोग (पी.पी.एस.सी.) के माध्यम से यू.जी.सी. नियम-2018 के अनुसार सख्ती से की जाएगी। सरकार पी.पी.एस.सी. के पास लंबित सहायक प्रोफेसर की 612 असामियों की पूर्व मांग को वापस लेगी और सभी असामियों के लिए नई संयुक्त मांग जमा करवाएगी। सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करने के लिए, जिनमें वे उम्मीदवार भी शामिल हैं जिन्होंने 19 अक्टूबर, 2021 के विज्ञापन के तहत आवेदन दिया था, उन्हें ऊपरी आयु सीमा में एक बार की छूट दी जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को मौजूदा सरकारी नीति के अनुसार अतिरिक्त आयु छूट मिलेगी। एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्ट और बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने विश्व स्तरीय एम.आई.सी.ई. (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज एंड एक्जीबिशन्स) प्रोजेक्ट और व्यावसायिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक तथा सरकारी आयोजनों के लिए बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी दे दी। राज्य में एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों के खर्चों में स्पष्टता की कमी के कारण निवेशकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसे हल करने के लिए, सरकार ने 4 जून, 2025 की अधिसूचना में संशोधन करके एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल किया है और व्यावसायिक खर्चों के 50 प्रतिशत पर लागू खर्च निर्धारित किए हैं। मेडिसिटी पॉलिसी-2014 में संशोधन को मंजूरी मंत्रिमंडल ने मेडिसिटी नीति-2014 में संशोधनों को मंजूरी दे दी है ताकि कुछ स्थानों को मौजूदा नीति के माध्यम से और अन्यों को ई-नीलामी के माध्यम से निपटाया जा सके। जिन स्थानों की ई-नीलामी होनी है, उसके लिए आवास एवं शहरी विकास मंत्री को अधिकृत किया गया है। ई-नीलामी स्थानों की कीमत ई-नीलामी प्लॉटों के लिए कीमत निर्धारण नीति के अनुसार निर्धारित की जाएगी, जबकि नीति के तहत आवंटित साइटें विज्ञापन के समय प्रचलित दरों पर पेश की जाएंगी। हालांकि ई-नीलामी में भागीदारी के लिए योग्यता शर्तों में ढील दी गई है, लेकिन भूमि का उपयोग अस्पताल के उद्देश्यों के लिए सीमित रहेगा। गमाडा द्वारा स्कूलों के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को मंजूरी मंत्रिमंडल ने गमाडा द्वारा के-12/सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की स्थापना के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को भी मंजूरी दे दी। यह नीति ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत साइटों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (इंडिया) की सिफारिशों पर तैयार की गई है। यह तकनीकी योग्यता मापदंड पेश करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वास्तविक और सक्षम शैक्षिक संस्थान ही ग्रेटर मोहाली क्षेत्र में स्कूल विकास के लिए भूमि प्राप्त कर सकें, जिसमें एसएएस नगर (मोहाली), न्यू चंडीगढ़ और एरोसिटी शामिल हैं। ग्लाडा की संपत्तियों की कीमतों को तर्कसंगत बनाने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने स्वतंत्र मूल्यांककों द्वारा पेश की गई मूल्यांकन रिपोर्टों और … Read more

सेहत सुधार के लिए बेंगलुरु पहुंचे भगवंत मान, नैचुरोपैथी से होगा इलाज

पंजाब पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस समय बेंगलुरु चले गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे नैचुरल तरीके से इलाज करवाने गए हैं। वे बेंगलुरु के एक प्राइवेट नेचर केयर सेंटर गए हैं। बताया जा रहा है कि वे यहां एक हफ़्ते तक नैचुरल तरीके से इलाज करवाएंगे। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान महाशिवरात्रि के दिन संगरूर पहुंचे थे। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां से डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने मोगा में एक रैली में हिस्सा लिया था, लेकिन एक बार फिर तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने कई इवेंट्स में हिस्सा लिया। कल भी उन्होंने जालंधर और फिरोजपुर में कुछ इवेंट्स में हिस्सा लिया था। इसके बाद वे बेंगलुरु के लिए निकल गए।

CM भगवंत मान को चेतावनी: सुखबीर सिंह बादल बोले– पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं

खेमकरण शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को पंजाब का पानी राजस्थान में जाने से रोकने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि अगली एसएडी सरकार राजस्थान की सहायक नहर में बहने वाले पानी को पंजाब के खेतों की सिंचाई के लिए मोड़ देगी। अमरकोट के अनाज मंडी में पंजाब बचाओ, सुखबीर सिंह बादल ल्याओ अभियान के तहत रैली को संबोधित करते हुए एसएडी अध्यक्ष ने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्य के साथ किए गए भेदभाव को खत्म करेंगे, जिसने नदी के आधे पानी को राजस्थान को दे दिया। सुखबीर बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि एसएडी मुख्यमंत्री भगवंत मान को राज्य के हितों से समझौता नहीं करने देगी, क्योंकि केंद्र के पास ऑस्ट्रेलिया में उनकी 2500 एकड़ जमीन की खरीद से संबंधित फाइल है, जिसके चलते एसवाईएल नहर के माध्यम से हरियाणा को पानी दिया जा रहा है। यही कारण है कि भगवंत मान ने अब इस मुद्दे पर अपना रुख नरम कर लिया है और सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे पंजाब के पानी को हरियाणा को सौंपने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने घोषणा की कि 2027 में एसएडी की सरकार बनने पर वह गैंगस्टरों की संस्कृति और ड्रग माफिया राज को हमेशा के लिए खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि हम ऐसे तत्वों को दस साल तक जमानत देने से इनकार करने के लिए कानून बदलेंगे और उनकी संपत्तियों की नीलामी भी करेंगे। एसएडी अध्यक्ष ने पंजाबियों से हर चुनाव में नई राजनीतिक पार्टियों के साथ प्रयोग बंद करने की भावुक अपील की। ​​उन्होंने कहा कि अगर हमें पंजाब को बचाना है तो हमें एसएडी को सत्ता में वापस लाना होगा। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अपने पिता एस प्रकाश सिंह बादल की तरह मैं पंजाब को तेजी से आगे ले जाऊंगा। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि कैसे आम आदमी पार्टी ने राज्य को इस हद तक खोखला कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नाममात्र के रह गए हैं और पूरा मुख्यमंत्री कार्यालय अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार के नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा नामांकन के लिए 75 करोड़ रुपए देने पड़े और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल ने नामांकन के लिए 50 करोड़ रुपए दिए। बादल ने पंजाब के लोगों के लिए समाज के सभी वर्गों को शामिल करते हुए कई प्रतिबद्धताओं की घोषणा की। किसानों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगली एसएडी सरकार के गठन के एक सप्ताह के भीतर उन सभी किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे जिनके पास अभी तक कनेक्शन नहीं है। उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए नदियों पर पक्के बांध बनाने की भी घोषणा की, अब तक जिन लोगों को भूमि अधिकार से वंचित रखा गया था, उन्हें भूमि अधिकार देने का आश्वासन दिया और भूमि के संयुक्त स्वामित्व का मुफ्त विभाजन सुनिश्चित किया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा पहले वंचितों को दी जाने वाली सामाजिक कल्याण सुविधाओं को कम करने और अब उन्हें पूरी तरह से नकारने के बारे में बोलते हुए बादल ने कहा कि हम एस प्रकाश सिंह बादल द्वारा शुरू की गई सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ कमजोर वर्गों के लिए और भी नई योजनाएं बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आटा-दाल योजना को फिर से शुरू किया जाएगा, जिसमें आटा 4 रुपए प्रति किलो और दाल 20 रुपए प्रति किलो दी जाएगी। गरीब वर्गों को एक लाख रुपए की विवाह सहायता दी जाएगी और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति माह की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गांवों में ‘लाल डोरा’ के अंतर्गत आने वाली सभी जमीनों को उनके मालिकों के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा, सभी कच्चे मकानों का आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण किया जाएगा और सभी ग्रामीण सड़कों को कंक्रीट से पक्का किया जाएगा।

CM भगवंत मान चार दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान को मोहाली के एक निजी अस्पताल से गुरुवार सुबह छुट्टी दे दी गई। वे रविवार से अस्पताल में भर्ती थे। स्वास्थ्य में सुधार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। अस्पताल से छुट्टी के बाद मुख्यमंत्री किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे किला रायपुर पहुंचेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रवक्ता ने बताया, “मुख्यमंत्री अब पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। उन्हें अत्यधिक थकावट की शिकायत थी। अस्पताल में भर्ती होने से उन्हें काफी लाभ हुआ है। मनीष सिसोदिया से की थी मुलाकात बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्य मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। वे लगभग 20 मिनट तक उनके साथ रहे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सिसोदिया ने कहा था, “मुख्यमंत्री अब बेहतर हैं। संभावना है कि उन्हें कल छुट्टी मिल जाएगी।” जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री की बीमारी के बारे में सवाल किया तो सिसोदिया ने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, “इस बारे में आधिकारिक रूप से केवल डाक्टर ही बता सकते हैं। आज मेरी किसी डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। संभव है कि उन्हें कल डिस्चार्ज कर दिया जाए।” कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल मुख्यमंत्री के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल है। किला रायपुर में आयोजित ग्रामीण ओलंपिक में उनकी उपस्थिति को लेकर भी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे उसमें शामिल होंगे।

सीएम भगवंत मान ने मोहाली में 916 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में विभिन्न विभागों के नवनियुक्त 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों से 'मिशन रोजगार' के तहत बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां देने के लिए AAP सरकार की प्रतिबद्धता सिद्ध होती है। योग्यता के आधार पर बांटी नौकरियां: CM अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि इससे पहले पिछली सरकारों के समय योग्यता की बजाय रिश्वत और सिफारिश से नौकरियां देने के फैसले होते थे। मोहाली के विकास भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और चहेतों ने राज्य के लड़के-लड़कियों की योग्यता को दरकिनार किया, जिससे हजारों होनहार युवाओं के सपने तबाह हो गए। 'कल्याणकारी है मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' उन्होंने कहा, "पहले पंजाब के युवाओं के अधिकार सत्ताधारी लोगों के चहेतों द्वारा छीन लिए जाते थे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसे महान शहीदों को यह देखकर बहुत दुख होता कि आजादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी उनके सपने पूरे नहीं हुए। यह हम सभी के लिए शर्म की बात है।" अपनी सरकार की कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' शुरू की है, जो राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। पारदर्शी प्रणाली से हो रही सरकारी भर्तियां: CM पारदर्शी भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी रिक्त पदों को एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से तुरंत भरा जा रहा है। लगभग 64,000 नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है, जो पंजाब सरकार के लिए गर्व की बात है, क्योंकि ये सभी नियुक्तियां केवल योग्यता के आधार पर की गई हैं। नवनियुक्त उम्मीदवारों ने CM मान की तारीफ की इस दौरान नवनियुक्त उम्मीदवारों में से रूपनगर की डॉ. पूजा ने कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर ने भर्ती अभियान के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। मोगा के वेटरनरी अधिकारी डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि यह नौकरी उन्हें पूरी तरह योग्यता के आधार पर मिली है। सहकारी इंस्पेक्टर जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें दूसरी सरकारी नौकरी भी बिना रिश्वत या सिफारिश के मिली है। डॉ. मुकेश ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनकी तीसरी सरकारी नौकरी है और वे इसे अपनी मां और पंजाब के लोगों की सेवा को समर्पित करते हैं। अमृतसर की स्टाफ नर्स तमन्ना ने इसे अपने परिवार के लिए सपना साकार होने जैसा बताया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुडियां और अन्य उपस्थित थे।

पंजाब के CM भगवंत मान को जान से मारने की धमकी

गुरदासपुर. श्री हरिमंदिर साहिब, राज्य की अदालतों, जिलामुख्यालयों व स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अब शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। गुरदासपुर के दस स्कूलों और पठानकोट के एक स्कूल को भेजी गई ईमेल में कहा गया कि आज दोपहर एक बजते ही जिले के दस स्कूलों में बम धमाके होंगे। मेल में यह भी लिखा गया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान भी हमारे निशाने पर हैं क्योंकि वे हमारे साथियों को गैंगस्टर कहकर मार रहे हैं। अज्ञात मेल मिलने के बाद तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस ने संबंधित स्कूलों को खाली करवाने के साथ ही वहां जांच शुरू की। जांच के लिए डाग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया लेकिन गहन जांच के बाद कहीं कुछ नहीं मिला। इससे पहले मेल से नहीं दी गई धमकी खास बात यह है कि इससे पहले जब भी धमकी भरी ईमेल भेजी गई तब कभी भी इसमें मुख्यमंत्री को धमकी नहीं दी गई थी। यही नहीं, इन धमकियों के बाद पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि यह धमकी कौन और कहां से भेज रहा है। शुक्रवार की सुबह वर्षा के बीच बहुत कम बच्चे स्कूल पहुंचे थे। इसी बीच स्कूलों को एक ईमेल प्राप्त हुई जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसकी सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित करने के साथ ही बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों को तुरंत ले जाने के संदेश भेजने शुरू कर दिए। स्कूल से संदेश मिलते ही वर्षा के बीच अभिभावन स्कूल पहुंचने लगे। वहीं पुलिस टीमों ने भी स्कूलों में पहुंचकर जांच शुरू की। स्कूल परिसरों की गहनता से हुई जांच मौके पर बम निरोधक दस्ते और डाग स्क्वायड को भी बुलाया गया। स्कूल परिसरों की गहन जांच के बाद पाया गया कि वहां पर कुछ भी संदिग्ध वस्तु नहीं है। पुलिस का दावा है कि शरारती तत्वों ने केवल दहशत फैलाने के लिए ऐसा किया था। फिलहाल जांच जारी है। साइबर क्राइम की विशेषज्ञ टीम ई-मेल के आइपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी हुई हैं। उधर गुजरात के अहमदाबाद के एक दर्जन स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। हिमाचल में हमीरपुर व कांगड़ा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, लेकिन जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

सीएम भगवंत मान ने कनाडा व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर ब्रिटिश कोलंबिया प्रीमियर में की चर्चा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को कनाडा, विशेष रूप से ब्रिटिश कोलंबिया के साथ व्यापारिक और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोहाली में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी के साथ हुई इस अहम बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कनाडा भारत और पंजाब का मजबूत साझेदार रहा है और यह संबंध समय के साथ और गहरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं, और राज्य कनाडाई उद्योगों के साथ बड़े स्तर पर सहयोग करने के लिए तैयार और उत्सुक है। सीएम ने बताई पंजाब की प्रगति  मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उपकरण निर्माण, आईटी सेवाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की मजबूत बुनियादी ढांचा सुविधा, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली और अंग्रेजh में दक्ष कुशल कार्यबल पंजाब को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। मान ने कनाडाई कंपनियों को असवर से अवगत करवाया मान ने स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में फार्मास्यूटिकल उद्योग, मेडिकल उपकरण निर्माण और टेलीमेडिसिन को कनाडाई कंपनियों के लिए बड़े अवसर बताये। उन्होंने कहा कि पंजाब सोलर पार्कों, बायो-एनर्जी परियोजनाओं और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रमों का स्वागत करता है। आईटी और डिजिटल सेक्टर में सहयोग को लेकर मुख्यमंत्री ने कनाडा को ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’ में साझेदार देश बनने का न्योता दिया। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन 13 से 15 मार्च 2026 को प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, मोहाली में होगा, जिसमें व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, विषय-आधारित सत्र और उच्च स्तरीय गोलमेज़ बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक के अंत में ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने मुख्यमंत्री मान का आभार जताते हुए कहा कि पंजाब की मेहमाननवाजी ने उनके दौरे को यादगार बना दिया है। दोनों नेताओं ने आगे भी आपसी संबंध मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।