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SGPC पर सवालों के घेरे में 328 लापता स्वरूप, संगत की नाराजगी के बीच बोले CM भगवंत मान

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि कमेटी और अकाली दल पर श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को ढाल बनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये लोग श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को अपने कर्मों से बचने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता हुए स्वरूपों के मामले में कोई कार्रवाई न होने से पूरी संगत नाराज़ है. शिरोमणि कमेटी इस पाप में शामिल अपने आकाओं के करीबी धनाढ्यों को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रही है. चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ सालों से पंजाबी और सिख समुदाय गहरे सदमे में है क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विशेष जांच टीम भी गठित उन्होंने कहा कि पंथक संगठनों और संत समाज ने लंबे समय से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है और इस उद्देश्य से राज्य सरकार तक भी पहुंच की है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत राज्य सरकार ने इस संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज की है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एफ.आई.आर. दर्ज होते ही अपने आकाओं के निर्देशों पर शिरोमणि कमेटी ने प्रेस के माध्यम से जानकारी देना शुरू कर दी और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ ज़हर उगलना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के मुखिया ने स्वीकार किया है कि कमेटी में रोज़ाना 10-12 घोटाले होते हैं, जो यह दर्शाता है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गोलक के धन का दुरुपयोग हो रहा है.   शिरोमणि कमेटी के फैसले पर सवाल उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी अपने आकाओं के इशारे पर यह दावा करती है कि राज्य सरकार पंथ के मामलों में हस्तक्षेप कर रही है, जो पूरी तरह गलत है, क्योंकि शिरोमणि कमेटी ने स्वयं दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पारित किया है, जिस पर कार्रवाई करना राज्य सरकार का अधिकार है. उन्होंने कहा कि इस पाप में शामिल प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए शिरोमणि कमेटी ने बाद में अपने सभी प्रस्ताव वापस ले लिए. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली शासन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशन के सभी अधिकार जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 (पंजाब एक्ट) के माध्यम से शिरोमणि कमेटी को दिए गए थे, लेकिन अब जब राज्य सरकार इन स्वरूपों की बरामदगी सुनिश्चित करना चाहती है ताकि किसी भी प्रकार की बेअदबी या अन्य घिनौना अपराध न हो, तो ये लोग इसे धार्मिक रंग दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि कमेटी हर तरह की ताकत चाहती है, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेह नहीं बनना चाहती. उन्होंने कहा कि अब वे श्री अकाल तख़्त साहिब का इस्तेमाल अपने आकाओं के नज़दीकियों को बचाने के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी और उसके अध्यक्ष अकाली लीडरशिप के हाथों की कठपुतलियाँ हैं, जो इसे अपने निजी हितों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे एसआईटी से डरते हैं, क्योंकि शिरोमणि कमेटी और उनके आका जानते हैं कि निष्पक्ष और गहन जांच उनके घिनौने चेहरे बेनकाब कर देगी. लापता स्वरूप ढूंढने में नाकाम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भले ही शिरोमणि कमेटी लापता स्वरूपों को ढूंढने में अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है, लेकिन राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को कानून के अनुसार सज़ा दी जाए. उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षों से इस प्रतिष्ठित संस्था के चुनाव नहीं हुए हैं और इन नेताओं ने केंद्र सरकार से इसकी मांग तक नहीं की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के लापता होने से हर सिख की भावना को गहरी ठेस पहुंची है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1920 में जब अकाली दल की स्थापना हुई थी, तब उसे शेरों की पार्टी के रूप में जाना जाता था, लेकिन मौजूदा नेताओं ने उसे डायनासोरों की पार्टी में बदल दिया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान अकाली लीडरशिप केंद्र सरकार के सामने राज्य के मुद्दे उठाने से कतराती है, जबकि राज्य सरकार ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके पीछे एकमात्र कारण सत्ता की लालसा है, जिसके चलते अकाली लीडरशिप हर राज्य-विरोधी रुख अपनाने से भी नहीं झिझकते.  

सीएम भगवंत मान ने डाला वोट, परिवार के साथ निभाई लोकतांत्रिक जिम्मेदारी

पंजाब  पंजाब में आज जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के लिए मतदान सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। राज्यभर में मतदाता पूरे उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, फिर भी लोगों के जोश में कोई कमी नहीं दिखी। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ गांव मंगवाल पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वोट देने का अधिकार हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद मिला है, इसलिए हर नागरिक को इसका अवश्य उपयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस उम्मीदवार को वे अपने क्षेत्र के लिए बेहतर समझते हैं, उसी को वोट दें। चूंकि ये चुनाव स्थानीय मुद्दों से जुड़े हुए हैं, इसलिए ऐसे उम्मीदवार का चयन करें जो आपके क्षेत्र की समस्याओं को समझता हो और उन्हें हल करने की क्षमता रखता हो। इससे क्षेत्र के विकास का मार्ग मजबूत होगा। गौरतलब है कि पूरे पंजाब में 347 जिला परिषद और 2,838 ब्लॉक समिति सदस्यों का चुनाव किया जाना है। राज्य के 23 जिलों में कुल 9,775 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। निष्पक्ष और सुचारू मतदान के लिए लगभग 90,000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

CM भगवंत मान ने PU सीनेट नतीजों को बताया ऐतिहासिक, कहा—जनता की सोच की जीत

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजधानी चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए ‘‘शानदार जीत'' करार दिया है। मान ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया।   मान ने कहा, ‘‘छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।'' उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (PU) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराये जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘‘मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।'' सफाई कर्मचारियों को मिलेगा एरियर, मेयर का आभार जताया' विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के कई राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठनों ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

पंजाब में जापानी निवेश को मिलेगा बढ़ावा, CM मान बोले– राज्य को बनाएं उद्योगों की पहली पसंद

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जापान के साथ उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वह भूमि है जो साहस, लचीलापन, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और सामुदायिक साझेदारी के लिए जानी जाती है.मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में, विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योग, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग के मोर्चे पर अग्रणी केंद्र बनने के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है. 2026 में मोहाली में बड़ा आयोजन यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आई.एस.बी.), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा था. इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य के आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ एक ही प्राधिकरण के तहत कई विभागों की क्षमताओं को एकीकृत करने वाले अनूठे इन्वेस्ट पंजाब यूनिफाइड रेगुलेटरी मॉडल को प्रदर्शित किया. पंजाब के उद्योग में जापानी कंपनियां मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए हार्दिक निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्यों को साझा करते हैं, जो राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि जापानी कंपनियों ने पंजाब में पहले से ही मजबूत पकड़ बना ली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है. जापानी उद्योग के साथ पंजाब की साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये संबंध पहले से ही मजबूत हैं और नई दिशाओं की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जापान की कई प्रसिद्ध कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब के ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्र में माज़दा, सुमितोमो, एसएमएल इसुज़ु, यानमार, आइची स्टील और गुनमा सीको ने अपने पैर पसार लिए हैं. टोपन और ओजी होल्डिंग्स की पकड़ मजबूत मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने आगे कहा कि कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. रिटेल और उपभोक्ता उत्पादों में यूनिक्लो ने जापानी गुणवत्ता हमारे लोगों तक पहुंचाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी हमारे हरित दृष्टिकोण में योगदान दे रही है और यह साझेदारी स्थिरता, कौशल और विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता में जापानी निवेशकों द्वारा दिखाए गए भरोसे को दर्शाती है. राज्य में उभरती नई संभावनाओं की खोज के लिए जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि ये वे प्रमुख क्षेत्र हैं जहां जापान की क्षमताएं और पंजाब की संभावनाएं स्वाभाविक रूप से मेल खाती हैं. उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालेगा, प्रमुख औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा और साझेदारी व सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा. जापान के साथ विश्वास और मूल्यों की साझेदारी मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को साझा करते हैं और राज्य सरकार इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से समृद्ध भविष्य सृजन के लिए दृढ़ है. निवेशकों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने पंजाब के साथ उनके निरंतर संबंधों के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग की मांग की. इस दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि फास्टट्रैक पंजाब डिजिटल प्लेटफॉर्म अब 45 कार्य दिवसों के भीतर गारंटीड मंजूरियों के साथ 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें कानूनी रूप से लागू ऑटो-डीम्ड मंजूरियां भी शामिल हैं. उन्होंने निवेशकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और प्रवासी भारतीय मामलों में किए गए सुधारों को रेखांकित किया.  

भगवंत सिंह मान का बड़ा ऐलान, सराभा गांव के विकास के लिए मिले 45 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर शहीदों के प्रति दिखाया सम्मान जो कि सिर्फ दिल में ही नहीं काम में भी होना चाहिए. आजादी के महावीर शहीद करतार सिंह सराभा के पैतृक गांव सराभा (लुधियाना )को पूरी तरह विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 45 करोड़ रूपये का बड़ा पैकेज घोषित किया है. यह एक सिर्फ सरकारी ऐलान ही नहीं, बल्कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि और उनके सपनों की आगे बढ़ा ने की कोशिश है. यह पैकेज गांव को ‘मॉडल विलेज’ बनाने और यहां आधुनिक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए दिया जा रहा है. सरकार गांव में में चौड़ी सड़क बनाएगी ताकि हवाई अड्डे (हलवाड़ा एयरपोर्ट) तक पहुंचना आसान हों जाए. गांव में पीने का साफ पीना हो इसके लिए 3 करोड़ रूपये रखे गए है. खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव में इंडोर शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल ग्राउंड का निर्माण और सुधार भी कराया जायेगा. CM भगवंत सिंह मान ने बताया कि गांव की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण अकादमी बनाई जाएगी, जिससे युवा आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, पायलेट ट्रेनिंग आदि सीख सकेंगे. इसके लिए एक पुराना MiG-21 लड़ाकू विमान भी प्रदर्शनी और प्रशिक्षण के लिए रखा जायेगा.   पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सराभा सिर्फ पंजाब के नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. 19 साल की उम्र में उन्होंने जो बलिदान दिया, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. इसलिए सराभा गांव को ऐसा विकसित किया जायेगा कि हर बच्चा यहां आकर शहीदों के इतिहास के सीख सके. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस विकास कार्य में सरकार का साथ दें और शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाए.  

इतिहास रचेगा पंजाब पुलिस विभाग, कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख पार

राजपुरा  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस में कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी क्योंकि राज्य सरकार द्वारा एक बड़ी भर्ती अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला स्थित लॉ यूनिवर्सिटी में पंजाब पुलिस के जांच अधिकारियों के लिए एनडीपीएस एक्ट पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में पंजाब पुलिस के लगभग 730 कर्मियों को एनडीपीएस अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन पुलिस विभाग के लिए समय के साथ चलना ज़रूरी है। अगर अपराधी अपडेट हो रहे हैं, तो पुलिस को भी अपडेट करने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम तैयार किया गया है। जांच अधिकारियों को साक्ष्य प्रबंधन, एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं, बीएनएस में बदलाव और अन्य तकनीकी जानकारियां प्रदान करके उन्हें पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस से संबंधित इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर जगह एक बुरा इंसान होता है जिसके कारण सभी को बदनामी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी बुरे हैं। मुख्यमंत्री ने हॉल में मौजूद पंजाब पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें पंजाब को अच्छे लोगों की सूची में शामिल करने के लिए सेवा करनी है, बुरे लोगों की सूची में नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के विरुद्ध युद्ध के लिए एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत है, जिसके लिए नागरिकों को इस लड़ाई में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए। सीमा पार से नशों की तस्करी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को देखते हुए, इसके लिए एक उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कड़ी निगरानी और पुनर्वास केंद्रों में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आज कैबिनेट द्वारा एक नया कानून पारित किया गया है।

दुनिया की बड़ी कंपनियाँ पंजाब की तरफ़ क्यों? CM भगवंत मान ने किया खुलासा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बेंगलुरु में आज प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि आज पंजाब दुनिया के सबसे बेहतरीन निवेश स्थलों में से एक बन गया है. उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब को अपार संभावनाओं की भूमि बताते हुए नामी कंपनियों को राज्य में निवेश करने का निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि देश के तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पंजाब में निवेश करके उद्यमियों को बड़े स्तर पर लाभ होगा. भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में आपसी भाईचारे, शांति और सद्भावना का माहौल है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास और खुशहाली की मजबूत नींव है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आर्थिक विकास का इंजन है और पंजाब सरकार इसे भलीभांति समझते हुए आवासीय, व्यावसायिक और कृषि—सभी क्षेत्रों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने कारोबार के विस्तार के लिए राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे, निर्बाध बिजली, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का अधिकतम लाभ उठाएं. पंजाब को औद्योगिक ऊंचाइयों पर ले जाना है-सीएम मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के छठे संस्करण के लिए आमंत्रित किया और बताया कि यह सम्मेलन 13, 14 और 15 मार्च 2026 को मोहाली (पंजाब) में आयोजित होगा. इस दौरान उद्योगपति, नीति-निर्माता और शोधकर्ता पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपने विचार साझा करेंगे. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की विशेषज्ञता और दूरदर्शिता पंजाब के भविष्य को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह सम्मेलन पंजाब की क्षमता को प्रदर्शित करने, सहयोग के अवसरों को तलाशने और नेटवर्किंग के लिए आदर्श मंच प्रदान करेगा. पंजाब की धरती मेहनतकश और उद्यमियों की- मान आज यहां उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती को उसकी मेहनतकश और उद्यमी भावना तथा अमीर विरासत के लिए सदैव जाना जाता रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब को भारत के अन्न भंडार होने का गौरव प्राप्त है, जो देश के खाद्य उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान देता है. उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव और प्रगति देखने को मिली है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर चुका है, जो फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, ऑटो पार्ट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी बनकर सामने आया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की औद्योगिक प्रगति ने वास्तव में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, क्योंकि दुनिया भर के निवेशकों ने पंजाब की क्षमता को पहचाना है. उन्होंने बताया कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 1.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4.7 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है. इस उपलब्धि ने पंजाब को औद्योगिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित किया है. नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, वरबियो जैसे ब्रांड का हब भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब आज नेस्ले, क्लास, फ्रायडनबर्ग, कारगिल, वरबियो, डैनोन जैसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का घर बन चुका है, जो यहां अपने संचालन के माध्यम से राज्य की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान दे रही हैं. अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने व्यवसाय के लिए पंजाब की अपार क्षमता और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए अनुकूल माहौल पर अपनी मुहर लगाई है. उन्होंने बताया कि जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, यूएई, स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों के निवेश पंजाब की वैश्विक पहुंच को दर्शाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद से ही उन्होंने एक निवेश-अनुकूल माहौल तैयार किया है, जो व्यापार में सुगमता को प्रोत्साहित करता है. राज्य सरकार की उद्योग-पक्षीय नीतियों के कारण आज पंजाब कारोबार की सहजता के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है. उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल की शुरुआत की है, जो भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम है. यह पोर्टल एकल प्रवेश और निकास के साथ 150 से अधिक सरकारी-से-व्यवसाय (जी2बी) सेवाएं प्रदान करता है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने ऑफलाइन आवेदन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है और पंजाब राइट टू बिज़नेस एक्ट के तहत 125 करोड़ रुपए तक के योग्य प्रोजेक्ट्स को सिर्फ पाँच दिनों में सैद्धांतिक मंजूरी दी जाती है पंजाब में 45 दिनों के भीतर समयबद्ध मंजूरी मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब बड़े नियामक सुधार करने वाला पहला राज्य है, जिसमें 45 दिनों के भीतर समयबद्ध मंजूरी, डीम्ड अप्रूवल, एस्केलेशन तंत्र और प्रमुख लाइसेंसों की वैधता अवधि में वृद्धि शामिल है. उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप अलर्ट, एआई चैटबॉट और कॉल सेंटर के माध्यम से निवेशक सहायता रियल टाइम जवाबदेही सुनिश्चित करती है. इसके अतिरिक्त, डिजिटल सीआरओ रिपोर्ट, फायर एनओसी की बढ़ी हुई वैधता और लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में परिवर्तन जैसी व्यवस्थाएं प्रक्रियाओं को और सरल बना रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी ही सफलता की कुंजी है और राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब दोनों समान भागीदार के रूप में कार्य करें. उन्होंने बताया कि यही सिद्धांत वर्ष 2022 में प्रस्तुत की गई नई औद्योगिक नीति का मार्गदर्शन करता है. यह नीति उद्योग जगत के विशेषज्ञों और साझेदारों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है ताकि उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब राज्य सरकार ने उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों की अध्यक्षता में 24 सेक्ट्रल कमेटियां गठित की हैं जो विशेष क्षेत्रों के अनुसार नीतियाँ तैयार करेंगी. समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग पहचान मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों और व्यवसायों के साथ समानता, पारदर्शिता और आपसी सहयोग पर आधारित साझेदारी स्थापित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों की कारोबारी यात्रा को सुचारू और सुविधाजनक बनाने के लिए वचनबद्ध है. भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि उद्योग जगत राज्य सरकार को अधिक से अधिक सहयोग देगा जिससे पंजाब में औद्योगिकीकरण की गति और तेज़ होगी. मुख्यमंत्री ने इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर … Read more

CM भगवंत मान के गढ़ में AAP को नुकसान, संगरूर में 8 पार्षदों ने छोड़ा साथ

संगरूर पंजाब के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान को उनके अपने ही गृह जिले में तगड़ा झटका लगा है. संगरूर में आम आदमी पार्टी के 8 पार्षदों ने आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़ दिया है. इन पार्षदों ने नगरपालिका के अध्‍यक्ष के प्रति अपनी नाखुशी जताई है. संगरूर नगर परिषद (MC) के आठ पार्षदों (जिनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इन पार्षदों ने परिषद अध्यक्ष से असंतोष और वरिष्ठ नेताओं के उपेक्षापूर्ण रवैये को अपनी नाराजगी का कारण बताया है. इस्तीफा देने वालों में विनयपाल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रीति जैन के पति), उपाध्यक्ष कृष्ण लाल विक्की, हरप्रीत सिंह सेखों, प्रदीप कुमार पुरी, अवतार सिंह तारा, परमिंदर सिंह पिंकी, जगजीत सिंह काला और हरबंस लाल (पार्षद गुरदीप कौर के पति) शामिल हैं. सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और पार्षद विनयपाल ने कहा, ‘हम आठ पार्षद (जिनमें तीन AAP के और पांच निर्दलीय जो बाद में पार्टी में शामिल हुए थे) ने इस्तीफा दे दिया है. नगर परिषद अध्यक्ष विकास कार्यों को नहीं कर रहे हैं और उनका व्यवहार असहनीय हो गया है.’ इसी तरह प्रदीप पुरी ने कहा, ‘हमने मुख्यमंत्री और पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया से अध्यक्ष को हटाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. हमने करीब पखवाड़े पहले इस्तीफा सौंपा था, अब इसे सार्वजनिक किया है. हम जल्द ही परिषद अध्यक्ष से सदन में बहुमत साबित करने की मांग करेंगे.’ हालांकि, नगर परिषद अध्यक्ष भूपिंदर सिंह नाहल ने दावा किया कि सभी सात मूल AAP पार्षद अब भी पार्टी के साथ हैं. उन्होंने कहा, ‘केवल पांच निर्दलीय, जिन्होंने बाद में पार्टी जॉइन की थी, बाहर गए हैं. वे जल्द लौट आएंगे. नगर में विकास कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं.’ जानकारों के अनुसार, यदि ये असंतुष्ट पार्षद दोबारा पार्टी में नहीं लौटे या AAP बहुमत बनाए रखने में विफल रही, तो नगर परिषद पर उसका नियंत्रण खत्म हो सकता है. गौरतलब है कि संगरूर को AAP का शक्ति केंद्र माना जाता है, जहां से मुख्यमंत्री भगवंत मान और तीन मंत्री (हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर कुमार गोयल और अमन अरोड़ा) आते हैं. पिछले वर्ष हुए नगर परिषद चुनाव में AAP को 29 में से केवल सात सीटें मिली थीं. बाद में अप्रैल में पांच निर्दलीय पार्षदों के पार्टी में शामिल होने से उसकी संख्या 12 हो गई थी. वर्तमान में कांग्रेस के पास 9 और बीजेपी के पास तीन पार्षद हैं. वहीं, संगरूर की विधायक नरिंदर कौर भाराज और सुनाम के विधायक अमन अरोड़ा (दोनों AAP के) नगर परिषद में एक्स-ऑफिशियो सदस्य के रूप में मतदान अधिकार रखते हैं. यदि असंतोष दूर नहीं हुआ तो यह झटका संगरूर में AAP की राजनीतिक पकड़ को कमजोर कर सकता है.  

पंजाब सरकार ने बताया: सोमवार से वेरका डेयरी उत्पादों की कीमतों में कटौती

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने के लिए 22 सितंबर से वेरका के विभिन्न उत्पादों की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य समर्थित किसान सहकारी संस्था वेरका ने केंद्र के जीएसटी 2.0 सुधारों के अनुरूप अपनी कीमतों में उल्लेखनीय कमी करने का फैसला किया है, जिसके तहत आवश्यक डेयरी उत्पादों पर शुल्क कम किया गया है। नयी कीमतों के तहत, घी 30-35 रुपये प्रति लीटर/किग्रा सस्ता हो जाएगा, जबकि टेबल बटर की कीमत 30 रुपये प्रति किग्रा और अनसाल्टेड बटर की कीमत 35 रुपये प्रति किग्रा कम हो जाएगी। इसी तरह, प्रोसेस्ड चीज़ 20 रुपये प्रति किग्रा और दूध (स्टैंडर्ड, टोन्ड और डबल टोन्ड) 2 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा। अन्य उत्पादों जैसे आइसक्रीम (गैलन, ब्रिक और टब) की कीमतों में भी 10 रुपये प्रति लीटर और पनीर की कीमतों में 15 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आएगी।

भगवंत मान ने जताई प्रतिक्रिया, UP और बिहार के लोगों के खिलाफ फैसलों पर बोले ये शब्द

चंडीगढ़ पंजाब के कई जिलों से ऐसी खबरें आई हैं कि गांवों के सरपंचों समेत कई लोगों की ओर से यूपी और बिहार के मजदूरों को बाहर निकालने के ऐलान किए गए हैं। होशियारपुर जिले के तो 20 सरपंचों का कहना है कि वे पंजाब से बाहर के लोगों को निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं करेंगे। जिले में एक पांच साल के बच्चे के साथ कुकर्म और फिर उसकी दर्दनाक हत्या के बाद ऐसी स्थिति पैदा हुई है। वहीं इससे पहले भी गुरदासपुर समेत कई जिलों में इस तरह के मामले आए हैं। अब इस तरह के ऐलानों के बारे में भगवंत मान से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी को भी देश के किसी भी हिस्से में जाकर काम करने और रहने का हक है। यूपी और बिहार के मजदूरों को पंजाब के गांवों से निकालने के ऐलान पर भगवंत मान ने कहा कि पंजाबी सबसे ज्यादा विदेशों में रहते हैं। मान ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि हमारे यहां के लोग कनाडा जैसे देशों में गए हैं और वहां मंत्री तक बने हैं। दुनिया भर में विरोध चल रहा है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन तक में चल रहा है कि ये लोग क्यों आ गए हैं और उन्हें बाहर निकालो। यदि कोई कानून तोड़े तो उसे सख्त सजा मिले। कानून तोड़ने वाला किसी समुदाय का नहीं होता है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। फास्ट ट्रैक पर सुनवाई होनी चाहिए। मान ने कहा कि छत्तीसगढ़, कोलकाता में पंजाबियों का ही ट्रांसपोर्ट है। मुंबई तो पंजाबियों का बहुत कारोबार है। उन्होंने कहा कि लोगों के दिलों में गुस्सा है तो ऐसा हो सकता है। भगवंत मान ने कहा कि हम सुरक्षा देने को तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला हुआ तो हमने कश्मीरियों को सुरक्षा दी। लेकिन यदि कोई प्रदेश का कानून तोड़ेगा तो सख्त सजा मिलेगी और हमारी उसमें कोई हमदर्दी नहीं है। अपने एक विधायक पर रेप का केस होने और फिर पुलिस के साथ एनकाउंटर होने के मामले में भगवंत मान ने कहा कि हमने तो सारे अच्छे लोग चुने थे, लेकिन कुछ खराब निकल आए तो क्या करें। भगवंत मान ने कहा कि भाजपा के लोगों से यह सवाल पूछिए। वहां तो जिन लोगों के खिलाफ केस होते हैं, यदि वही उनकी पार्टी में आ जाते हैं तो वह सही हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास तो पंजाब में नेता ही नहीं हैं। भाजपा का यहां पर कांग्रेस विंग है। रवनीत बिट्टू, अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ जैसे नेता मुख्य हैं, जो कभी कांग्रेस में हुआ करते थे। इसी तरह मनप्रीत बादल हैं, जो कई दलों से पाला बदलते हुए भाजपा में आ गए हैं।