samacharsecretary.com

सीएम भगवंत मान धार्मिक टिप्पणियों पर अपना पक्ष रखने पहुंचे श्री अकाल तख्त सचिवालय

अमृतसर. मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने के लिए पहुंच  गए हैं। सुबह वह अमृतसर के सर्किट हाऊस पहुंचे। जहां आम आदमी पार्टी के नेताओं से कुछ समय बातचीत के बाद वह अब श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। नतमस्तक होने के बाद तकरीबन 11.40 बजे वे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनके सुरक्षाकर्मी एक बैग लेकर चल रहे हैं, जो चर्चा का विषय बन गया है। अनुमान है कि सीएम मान इस बैग में कुछ दस्तावेज लाए  हैं, जो श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के सुपुर्द किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि सीएम मान को हालिया बयानों में सिख मर्यादा, एक आपत्तिजनक वीडियो और गोलक समेत दूसरे सिख मुद्दों पर की बयानबाजी को लेकर तलब किया है। वह टिप्पणियों को लेकर अपना पक्ष जत्थेदार के समक्ष रख रहे हैं। यह पेशी धार्मिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री की पेशी को लेकर श्री हरिमंदिर साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पंजाब पुलिस और शिरोमणि गुरुद्वार प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सेवादारों की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी भीड़ या अप्रत्याशित स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। बताया गया है कि सीएम मान की उपस्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। समय में लगातार हो रहा बदलाव मुख्यमंत्री की पेशी का समय लगातार बदलता रहा। पहले उन्हें सुबह 10 बजे बुलाया गया था, फिर समय बदलकर शाम 4:30 बजे कर दिया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच पेश होने का समय तय हुआ, लेकिन इसे भी बदलते हुए अब दोपहर 12 बजे का अंतिम समय निर्धारित किया गया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री की पेशी पर सहमति दे दी। अमृतधारी सिख न होने की वजह से मुख्यमंत्री सीधे अकाल तख्त की फसील में पेश नहीं होंगे, बल्कि अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार के सामने अपना पक्ष रखेंगे। लापता स्वरूपों की बरामदी के बाद भड़का मुद्दा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख मर्यादा पर आपत्तिजनक बयान के लिए 15 जनवरी 2026, यानी कि आज सचिवालय में पेश होने का समन दिया। विवाद सहजधारी सिख जसबीर जस्सी के शबद कीर्तन पर 27 दिसंबर 2025 को भड़का, जब जत्थेदार ने आपत्ति जताई। 29 दिसंबर को चंडीगढ़ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने कहा कि सहजधारी शबद न गा सकें तो गुरु की गोलक में दान या मत्था टेकने से भी रोक दें, जिसे सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसमें दसवंध, लापता गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूपों पर FIR और भिंडरांवाले तस्वीर विवाद भी जुड़े। समन 4-5 जनवरी को जारी हुआ। जिसके बाद मुख्मंत्री मान विनम्र सिख के रूप में सबूतों संग पेश हो रहे हैं।

अकाल तख्त साहिब में पेशी: 15 जनवरी को सीएम भगवंत मान करेंगे हाजिरी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान दिया है कि वह 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने हाजिर होंगे। श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को औपचारिक समन जारी किया था, जिसमें उन्हें 15 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि वे 15 जनवरी को सुबह 10 बजे हाजिर होने के लिए तैयार हैं। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने लिखा, "15 जनवरी को मेरा कोई और काम नहीं है। मैंने राष्ट्रपति के ऑफिस को भी बता दिया है। आपके आदेश के अनुसार, 15 जनवरी का दिन पूरी तरह से श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित है। समय बदलने के बारे में मेरी या ऑफिस की तरफ से कोई आधिकारिक पत्र या बयान जारी नहीं किया गया है। मैं 15 जनवरी को सुबह 10 बजे हाजिर होने के लिए तैयार हूं।" हालांकि, श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को 15 जनवरी को शाम 4.30 बजे पेश होने का समय दिया है। एक आधिकारिक पत्र में कहा गया, "5 जनवरी के एक पत्र के तहत आपको 15 जनवरी को सुबह 10 बजे श्री अकाल तख्त साहिब, श्री अमृतसर में अपनी सफाई देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन इस बारे में आपके जारी किए गए बयान में आपकी व्यस्तता का जिक्र किया गया है। इसलिए, सिंह साहिब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के जारी आदेश के अनुसार, यह लिखा है कि अब आपको अपनी सफाई देने के लिए 15 जनवरी को शाम 04.30 बजे श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचना है।" वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक तथाकथित वीडियो की जांच की मांग कर रही है। भाजपा की पंजाब इकाई के प्रमुख सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब पुलिस, जिसने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के वीडियो की फॉरेंसिक जांच एक दिन में पूरी कर ली थी, दिल्ली विधानसभा स्पीकर के 48 घंटे में जवाब मांगने के अनुरोध पर जवाब देने के लिए 10 दिन मांग रही है। दूसरी तरफ, हम लगातार मुख्यमंत्री के चेहरे से मिलते-जुलते वीडियो की जांच की मांग कर रहे हैं, उस पर पुलिस चुप क्यों है?" सुनील जाखड़ ने सोमवार को पंजाब के जीडीपी को भी एक पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार और बेअदबी दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस मामले में डीजीपी को पत्र लिखकर तुरंत फॉरेंसिक जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

सीएम भगवंत मान आज बठिंडा दाैरे पर देंगे ओवर ब्रिज सहित देंगे कई सौगातें

जालंधर. मुख्यमंत्री भगवंत मान आज बठिंडा दौरे पर हैं। सुबह वे मिशन प्रगति के अंतर्गत पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से जिला लाइब्रेरी में बातचीत करेंगे। इसके बाद सीएम मुल्तानिया ओवर ब्रिज का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद वे गांव नरुआना में लोक मिलनी के दौरान लोगों से मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार और रविवार को दो दिन के दौरे पर जालंधर रहेंगे। उनके दौरे से पहले नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि छुट्टियों के बावजूद वे अपने कार्यस्थलों पर उपलब्ध रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। प्रशासन ने सीएम दौरे के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। अधिकारियों को जिला सीमा से बाहर न जाने और पूरे दौरे के दौरान अलर्ट रहने का आदेश भी जारी किया गया है।

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘नशा लहर से होगा समाधान’

चंडीगढ़  पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि नशा लहर से खत्म होगा, कहर से खत्म नहीं होगा. पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत भी बौनी साबित होती है. हमारे गुरुओं ने वरदान दिया है यहां कोई भूखा नहीं मर सकता. प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पराली तो नहीं जल रही फिर दिल्ली में प्रदूषण क्यों है? पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध मुहिम पूरे सख्ती के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आधी-अधूरी नहीं होगी, बल्कि इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इसी कड़ी में आज बुधवार को जालंधर में इस अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद मौजूद रहेंगे। पहले चरण में सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राज्यभर में अभियान चलाया, जिसमें हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में कार्रवाई और तेज होगी। आंकड़ों की बात करें तो पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 43 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम सिर्फ नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का मकसद युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना भी है। इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है, जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और युवाओं को रोजगार व सकारात्मक दिशा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नशा पंजाब के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकाएंगी। इसलिए युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं आज जालंधर से शुरू होने वाला दूसरा चरण इस लड़ाई को और मजबूती देगा।

Punjab News: CM भगवंत मान ने नए साल की दी शुभकामनाएं

चंडीगढ़. नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए साल की शुभकामनाएं दी हैं। नए साल के मौके पर एक पोस्ट सांझा करते हुए उन्होंने कहा, “नए साल 2026 की आप सभी को हार्दिक बधाई। परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि आपका आने वाला वर्ष खुशियों और सफलता से भरा हो।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हमने अपने कर्तव्य के रूप में बीते वर्ष 2025 में पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों को अच्छी शिक्षा और युवाओं को रोजगार प्रदान किया। पंजाब के माथे से नशा और भ्रष्टाचार जैसे कलंक मिटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। इसी कड़ी में आने वाले नए साल में भी विकास कार्य इसी तरह जारी रहेंगे।” #HappyNewYear2026  स्वर्ण मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों में भक्तों का लगा तांता 1 जनवरी (आईएएनएस)। कड़ाके की ठंड के बावजूद, सैकड़ों श्रद्धालु गुरुवार सुबह नए साल का स्वागत करने के लिए पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने के लिए श्रद्धालु आधी रात से ही लाइन में लगे थे। मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह लंबी लाइनें देखी गईं, जिसमें लोग 'हरमंदिर साहिब', यानी पवित्र स्थान, के अंदर प्रार्थना करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कई श्रद्धालुओं को गोल्डन टेंपल के पवित्र 'सरोवर' में डुबकी लगाते देखा गया। दिल्ली की एक श्रद्धालु कविता गुप्ता ने कहा कि नए साल के पहले दिन गोल्डन टेंपल में प्रार्थना करना हमारे लिए सच में सौभाग्य की बात है। भगवान करे 2026 प्रार्थनाओं के पूरे होने और लक्ष्यों की प्राप्ति से भरा हो। इसके अलावा, चंडीगढ़ के पास पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी मंदिर में भी लोग प्रार्थना करने के लिए उमड़ पड़े। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी लोगों ने नए साल के मौके पर अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नए साल के मौके पर पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि नए साल का स्वागत हमेशा नई उम्मीद, आशा और आकांक्षाओं के साथ किया जाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये आकांक्षाएं केवल जोश, दृढ़ संकल्प और समर्पण से किए गए सामूहिक प्रयासों से ही पूरी हो सकती हैं। इस मौके पर कटारिया ने लोगों से एक मजबूत, शांतिपूर्ण और एकजुट भारत बनाने के अपने संकल्प को दोहराने और देश की प्रगति और समृद्धि के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने शुभकामनाएं दीं और सभी को एक खुशहाल, स्वस्थ और समृद्ध नए साल की बधाई दी। पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सर्वशक्तिमान 2026 में पंजाबियों के सभी सपने पूरे करें। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि दुनिया भर में रहने वाले सभी पंजाबियों को खुशी, शांति, सफलता और समृद्धि मिले। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में नियमित रूप से व्यायाम करने का आग्रह किया ताकि वे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें। नए साल की शुभकामनाएं देते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रार्थना की कि सर्वशक्तिमान लोगों के जीवन को खुशी और सफलता से भर दे। एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पिछले साल उनकी सरकार ने पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमने पंजाब के माथे से ड्रग्स और भ्रष्टाचार जैसे कलंक को हटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य जारी रहेंगे।

SGPC पर सवालों के घेरे में 328 लापता स्वरूप, संगत की नाराजगी के बीच बोले CM भगवंत मान

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि कमेटी और अकाली दल पर श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को ढाल बनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये लोग श्रीअकाल तख़्त साहिब और पंथ को अपने कर्मों से बचने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता हुए स्वरूपों के मामले में कोई कार्रवाई न होने से पूरी संगत नाराज़ है. शिरोमणि कमेटी इस पाप में शामिल अपने आकाओं के करीबी धनाढ्यों को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रही है. चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ सालों से पंजाबी और सिख समुदाय गहरे सदमे में है क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विशेष जांच टीम भी गठित उन्होंने कहा कि पंथक संगठनों और संत समाज ने लंबे समय से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है और इस उद्देश्य से राज्य सरकार तक भी पहुंच की है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत राज्य सरकार ने इस संबंध में एफ.आई.आर. दर्ज की है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एफ.आई.आर. दर्ज होते ही अपने आकाओं के निर्देशों पर शिरोमणि कमेटी ने प्रेस के माध्यम से जानकारी देना शुरू कर दी और धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ ज़हर उगलना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी के मुखिया ने स्वीकार किया है कि कमेटी में रोज़ाना 10-12 घोटाले होते हैं, जो यह दर्शाता है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गोलक के धन का दुरुपयोग हो रहा है.   शिरोमणि कमेटी के फैसले पर सवाल उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी अपने आकाओं के इशारे पर यह दावा करती है कि राज्य सरकार पंथ के मामलों में हस्तक्षेप कर रही है, जो पूरी तरह गलत है, क्योंकि शिरोमणि कमेटी ने स्वयं दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पारित किया है, जिस पर कार्रवाई करना राज्य सरकार का अधिकार है. उन्होंने कहा कि इस पाप में शामिल प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए शिरोमणि कमेटी ने बाद में अपने सभी प्रस्ताव वापस ले लिए. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली शासन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशन के सभी अधिकार जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 (पंजाब एक्ट) के माध्यम से शिरोमणि कमेटी को दिए गए थे, लेकिन अब जब राज्य सरकार इन स्वरूपों की बरामदगी सुनिश्चित करना चाहती है ताकि किसी भी प्रकार की बेअदबी या अन्य घिनौना अपराध न हो, तो ये लोग इसे धार्मिक रंग दे रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि कमेटी हर तरह की ताकत चाहती है, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेह नहीं बनना चाहती. उन्होंने कहा कि अब वे श्री अकाल तख़्त साहिब का इस्तेमाल अपने आकाओं के नज़दीकियों को बचाने के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी और उसके अध्यक्ष अकाली लीडरशिप के हाथों की कठपुतलियाँ हैं, जो इसे अपने निजी हितों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे एसआईटी से डरते हैं, क्योंकि शिरोमणि कमेटी और उनके आका जानते हैं कि निष्पक्ष और गहन जांच उनके घिनौने चेहरे बेनकाब कर देगी. लापता स्वरूप ढूंढने में नाकाम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भले ही शिरोमणि कमेटी लापता स्वरूपों को ढूंढने में अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है, लेकिन राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस घिनौने अपराध के दोषियों को कानून के अनुसार सज़ा दी जाए. उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षों से इस प्रतिष्ठित संस्था के चुनाव नहीं हुए हैं और इन नेताओं ने केंद्र सरकार से इसकी मांग तक नहीं की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के लापता होने से हर सिख की भावना को गहरी ठेस पहुंची है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1920 में जब अकाली दल की स्थापना हुई थी, तब उसे शेरों की पार्टी के रूप में जाना जाता था, लेकिन मौजूदा नेताओं ने उसे डायनासोरों की पार्टी में बदल दिया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान अकाली लीडरशिप केंद्र सरकार के सामने राज्य के मुद्दे उठाने से कतराती है, जबकि राज्य सरकार ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके पीछे एकमात्र कारण सत्ता की लालसा है, जिसके चलते अकाली लीडरशिप हर राज्य-विरोधी रुख अपनाने से भी नहीं झिझकते.  

सीएम भगवंत मान ने डाला वोट, परिवार के साथ निभाई लोकतांत्रिक जिम्मेदारी

पंजाब  पंजाब में आज जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के लिए मतदान सुबह 8 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। राज्यभर में मतदाता पूरे उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि कुछ जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, फिर भी लोगों के जोश में कोई कमी नहीं दिखी। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ गांव मंगवाल पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वोट देने का अधिकार हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद मिला है, इसलिए हर नागरिक को इसका अवश्य उपयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस उम्मीदवार को वे अपने क्षेत्र के लिए बेहतर समझते हैं, उसी को वोट दें। चूंकि ये चुनाव स्थानीय मुद्दों से जुड़े हुए हैं, इसलिए ऐसे उम्मीदवार का चयन करें जो आपके क्षेत्र की समस्याओं को समझता हो और उन्हें हल करने की क्षमता रखता हो। इससे क्षेत्र के विकास का मार्ग मजबूत होगा। गौरतलब है कि पूरे पंजाब में 347 जिला परिषद और 2,838 ब्लॉक समिति सदस्यों का चुनाव किया जाना है। राज्य के 23 जिलों में कुल 9,775 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। निष्पक्ष और सुचारू मतदान के लिए लगभग 90,000 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

CM भगवंत मान ने PU सीनेट नतीजों को बताया ऐतिहासिक, कहा—जनता की सोच की जीत

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजधानी चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए ‘‘शानदार जीत'' करार दिया है। मान ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया।   मान ने कहा, ‘‘छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।'' उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (PU) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराये जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘‘मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।'' सफाई कर्मचारियों को मिलेगा एरियर, मेयर का आभार जताया' विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के कई राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठनों ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

पंजाब में जापानी निवेश को मिलेगा बढ़ावा, CM मान बोले– राज्य को बनाएं उद्योगों की पहली पसंद

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जापान के साथ उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वह भूमि है जो साहस, लचीलापन, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और सामुदायिक साझेदारी के लिए जानी जाती है.मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में, विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योग, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग के मोर्चे पर अग्रणी केंद्र बनने के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है. 2026 में मोहाली में बड़ा आयोजन यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आई.एस.बी.), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा था. इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य के आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ एक ही प्राधिकरण के तहत कई विभागों की क्षमताओं को एकीकृत करने वाले अनूठे इन्वेस्ट पंजाब यूनिफाइड रेगुलेटरी मॉडल को प्रदर्शित किया. पंजाब के उद्योग में जापानी कंपनियां मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए हार्दिक निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्यों को साझा करते हैं, जो राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि जापानी कंपनियों ने पंजाब में पहले से ही मजबूत पकड़ बना ली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है. जापानी उद्योग के साथ पंजाब की साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये संबंध पहले से ही मजबूत हैं और नई दिशाओं की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जापान की कई प्रसिद्ध कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब के ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्र में माज़दा, सुमितोमो, एसएमएल इसुज़ु, यानमार, आइची स्टील और गुनमा सीको ने अपने पैर पसार लिए हैं. टोपन और ओजी होल्डिंग्स की पकड़ मजबूत मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने आगे कहा कि कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. रिटेल और उपभोक्ता उत्पादों में यूनिक्लो ने जापानी गुणवत्ता हमारे लोगों तक पहुंचाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी हमारे हरित दृष्टिकोण में योगदान दे रही है और यह साझेदारी स्थिरता, कौशल और विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता में जापानी निवेशकों द्वारा दिखाए गए भरोसे को दर्शाती है. राज्य में उभरती नई संभावनाओं की खोज के लिए जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का भविष्य उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि ये वे प्रमुख क्षेत्र हैं जहां जापान की क्षमताएं और पंजाब की संभावनाएं स्वाभाविक रूप से मेल खाती हैं. उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालेगा, प्रमुख औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा और साझेदारी व सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा. जापान के साथ विश्वास और मूल्यों की साझेदारी मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को साझा करते हैं और राज्य सरकार इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से समृद्ध भविष्य सृजन के लिए दृढ़ है. निवेशकों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने पंजाब के साथ उनके निरंतर संबंधों के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग की मांग की. इस दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि फास्टट्रैक पंजाब डिजिटल प्लेटफॉर्म अब 45 कार्य दिवसों के भीतर गारंटीड मंजूरियों के साथ 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें कानूनी रूप से लागू ऑटो-डीम्ड मंजूरियां भी शामिल हैं. उन्होंने निवेशकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और प्रवासी भारतीय मामलों में किए गए सुधारों को रेखांकित किया.  

भगवंत सिंह मान का बड़ा ऐलान, सराभा गांव के विकास के लिए मिले 45 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर शहीदों के प्रति दिखाया सम्मान जो कि सिर्फ दिल में ही नहीं काम में भी होना चाहिए. आजादी के महावीर शहीद करतार सिंह सराभा के पैतृक गांव सराभा (लुधियाना )को पूरी तरह विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 45 करोड़ रूपये का बड़ा पैकेज घोषित किया है. यह एक सिर्फ सरकारी ऐलान ही नहीं, बल्कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि और उनके सपनों की आगे बढ़ा ने की कोशिश है. यह पैकेज गांव को ‘मॉडल विलेज’ बनाने और यहां आधुनिक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए दिया जा रहा है. सरकार गांव में में चौड़ी सड़क बनाएगी ताकि हवाई अड्डे (हलवाड़ा एयरपोर्ट) तक पहुंचना आसान हों जाए. गांव में पीने का साफ पीना हो इसके लिए 3 करोड़ रूपये रखे गए है. खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव में इंडोर शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल ग्राउंड का निर्माण और सुधार भी कराया जायेगा. CM भगवंत सिंह मान ने बताया कि गांव की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण अकादमी बनाई जाएगी, जिससे युवा आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, पायलेट ट्रेनिंग आदि सीख सकेंगे. इसके लिए एक पुराना MiG-21 लड़ाकू विमान भी प्रदर्शनी और प्रशिक्षण के लिए रखा जायेगा.   पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सराभा सिर्फ पंजाब के नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. 19 साल की उम्र में उन्होंने जो बलिदान दिया, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. इसलिए सराभा गांव को ऐसा विकसित किया जायेगा कि हर बच्चा यहां आकर शहीदों के इतिहास के सीख सके. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस विकास कार्य में सरकार का साथ दें और शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाए.