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हर पंचायत में होगा खेल मैदान, गांवों में बनेंगे अटल ज्ञान केंद्र; CM भजनलाल का बड़ा ऐलान

बाड़मेर बाड़मेर जिले के बाछड़ाऊ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को 2 हजार 824 करोड़ रुपए के 1 हजार 013 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान की हालत टूटे-फूटे मकान जैसी कर दी थी। कांग्रेस नेताओं को स्वार्थी बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग किसी के नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांवों के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि हर गांव में पक्की सड़क हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब बिजली लेने वाला नहीं, बल्कि बिजली देने वाला राज्य बन गया है। पेपर लीक को लेकर कांग्रेस पर निशाना सीएम ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय युवा परेशान थे और लगातार पेपर लीक के मामले सामने आते थे। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि अब पेपर लीक होता है क्या? इस पर लोगों ने नहीं में जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जन-जन के लिए काम कर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर पंचायत में खेल मैदान और गांवों में अटल ज्ञान केंद्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ऐसी कोई पंचायत नहीं होगी, जहां खेल मैदान नहीं हो। उन्होंने राजस्थान के गांवों में अटल ज्ञान केंद्र बनाए जाने की भी घोषणा की। सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ शिक्षा, खेल और अन्य सुविधाओं को मजबूत करना है 2,824 करोड़ के 1,013 कामों का शिलान्यास-लोकार्पण बाछड़ाऊ पहुंचने पर मुख्यमंत्री का मंत्री केके विश्नोई, विधायक आदूराम मेघवाल, बाड़मेर विधायक प्रियंका चौधरी, सिवाना विधायक हमीर सिंह, जैसलमेर विधायक छोटूसिंह, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी और किसान आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और पुलिस अधीक्षक चुनाराम ने भी सीएम की अगवानी की। पारंपरिक गैर नृत्य के जरिए मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 2,824 करोड़ रुपए की लागत के 1,013 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके अलावा जोधपुर संभाग के आठ जिलों के लिए करीब 2,700 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात देने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री का बाड़मेर दौरा पंचायती राज चुनाव से पहले राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम में उन्होंने बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर चर्चा की।

CM भजनलाल का कांग्रेस पर हमला, EVM से नौकरी तक कई मुद्दों पर घेरा

जयपुर नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा। राजस्थान के खैरथल में CM भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जमकर तंज कसे। चुनावी हार से लेकर EVM, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, सहकारिता, पेपर लीक और बच्चों की ड्रेस तक के मुद्दे पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग हवा-हवाई बातें करते हैं और जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देने लगते हैं। ‘हार गए तो EVM दोषी!’ CM ने कसा तंज खैरथल के होटल ग्रीनलैंड में सभा को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने जनता से जुड़कर काम नहीं किया। अगर जनता से जुड़कर काम किया होता तो ऐसी दुर्गति नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम करती है। CM ने कहा कि कांग्रेस के लोग सेना पर भी आरोप लगाते हैं, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाते हैं। जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देते हैं ‘गणित कमजोर है तो ट्यूशन लगा लो’ नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा। भजनलाल ने कहा कि अब तक 1.89 लाख नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, 1.22 लाख के पेपर हो चुके हैं और 1.25 लाख की वैकेंसी निकाली जा चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- ‘अगर इनका गणित कमजोर हो तो ट्यूशन लगा लें।’ ड्रेस में भी ‘कांटा’… CM का कांग्रेस पर हमला बच्चों की ड्रेस और छात्राओं की स्कूटी को लेकर भी CM ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बहनों को स्कूटी और बच्चों को ड्रेस दे रही है, लेकिन कांग्रेस के समय ड्रेस और स्कूटी में भी ‘कांटा’ लगाया जाता था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह तय किया जाता था कि सामान कहां से खरीदना है और कहां से नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब स्कूटी और ड्रेस का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में डाल रही है। सहकारिता पर भी घेरा भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सहकारिता को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। उनके मुताबिक पहले सहकारिता की सदस्यता के लिए पोर्टल सीमित समय के लिए खोला जाता था और अपने लोगों को सदस्य बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सहकारिता की सदस्यता खोल दी है और हर ग्राम पंचायत में सहकारिता की समिति बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक राजस्थान में 10 लाख लोग सहकारिता के सदस्य बन चुके हैं। गहलोत-डोटासरा-जूली को भी घेरा हरियाणा से हुए समझौते को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में राजस्थान-हरियाणा समझौता रद्द करने की बात कही थी। CM ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा में उस घोषणा पत्र को लॉन्च किया था। भजनलाल ने सवाल उठाया कि अब कांग्रेस राजस्थान की जनता से किस मुंह से वोट मांग रही है। भूपेंद्र यादव बोले- ‘कांग्रेस को उम्मीदवार तक नहीं मिले’ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस भाजपा की जीत को लेकर सवाल उठा रही थी, लेकिन अलवर के भिवाड़ी, किशनगढ़बास, गोविंदगढ़ और खेड़ली में उसे उम्मीदवार तक नहीं मिले। यादव ने कहा कि इन जगहों पर भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। उन्होंने सहकारिता बैंक का मुद्दा उठाते हुए भी कांग्रेस पर निशाना साधा। 117 करोड़ के 95 कामों का लोकार्पण-शिलान्यास इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ के लिए 117 करोड़ रुपए के 95 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। खैरथल में CM ने ईआरसीपी के तहत नीमराणा बांध के काम की शुरुआत, 45 मीटर मास्टर प्लान सड़क का विकास, तिजारा से फिरोजपुर हरियाणा सीमा तक सड़क सुदृढ़ीकरण और जिला मुख्यालय पर PHED के नए अधिशासी अभियंता पद सहित कई घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद खैरथल-तिजारा जिले में भजनलाल शर्मा का यह तीसरा दौरा है। भाजपा का बोर्ड बनने के बाद खैरथल में यह उनका पहला दौरा रहा।  

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नगर निकाय चुनाव में भाजपा का दमदार प्रदर्शन

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मजबूत रणनीति और नेतृत्व से प्रदेश के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिससे नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में कमल खिला। मुख्यमंत्री की अगुवाई और मार्गदर्शन में मिशन मोड पर यह चुनाव लड़ा गया। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और विभिन्न मुख्यमंत्रियों ने राजस्थान में भाजपा के दमदार प्रदर्शन और जीत पर मुख्यमंत्री की रणनीति को सराहा और उनकी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने निकाय चुनाव में टिकट वितरण में पार्टी और संगठन को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने चुनाव का मोर्चा खुद संभाला तथा बड़े नेताओं को संभागवार जिम्मेदारी दी और प्रतिदिन फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर 10 नगर निगमों में रोड शो किए। निकाय चुनाव के परिणामों के बाद सभी पार्षदों को एकजुट रखा और निर्दलीयों को साधा। मुख्यमंत्री की इस रणनीति से कांग्रेस की जीत के दावे और उनकी पिक्चर फ्लॉप शो साबित हुई। उनकी अगुवाई में भरतपुर और डीग जिले की 90 प्रतिशत नगरपालिकाओं में भाजपा ने अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की और भरतपुर नगर निगम में भी निर्विरोध कमल खिलाया। जयपुर में लगातार सातवीं बार नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपना निर्विवाद नेतृत्व साबित किया है। राजस्थान में इस बार एक साथ सभी 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद सहित 252 नगर पालिकाओं में चुनाव एक साथ हुए हैं। इन निकायों में दमदार जीत सरकार के ढाई साल के काम पर जनता की मोहर है। इससे पहले मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुए चुनाव में पिछले साल 7 में से 5 उपचुनाव में भाजपा जीती थी। आंकड़े बोलते हैं, फर्क साफ है – कांग्रेस राज (2018-23) में – मात्र 11 निकाय निर्विरोध – 3 भाजपा – 6 कांग्रेस – 2 निर्दलीय भाजपा राज (भजनलाल सरकार) में – 33 निकायों में निर्विरोध – – 30 भाजपा – 2 कांग्रेस – 1 भाजपा समर्थित 11 के मुकाबले 33 – जनता का भरोसा भाजपा के साथ, जयपुर का रोड शो रहा चर्चित – जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में मुख्यमंत्री के रोड शो ने राजधानी की जीत में अहम भूमिका निभाई। परकोटे से ही भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशी सुनील कोठारी जीते हैं। मुख्यमंत्री ने रोड शो में परकोटे के लोगों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण कानून, डिस्टर्ब एरिया बिल, यूसीसी की चर्चा के साथ महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों में देखने को मिला। विपक्ष की रणनीति को किया फेल – कांग्रेस ने जातिगत समीकरण और होटल पॉलिटिक्स की रणनीति अपनाई, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सोशल इंजीनियरिंग और वन स्टेट-वन इलेक्शन की रणनीति के आगे विपक्ष की हर चाल फेल हो गई। कांग्रेस को पार्षदों को होटलों में बंद करना पड़ा, फिर भी पार्षद भागते रहे, जबकि भाजपा ने पहले ही 33 बोर्ड निर्विरोध बनाकर बढ़त ले ली।

10 मेगा रोड शो से BJP का शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस ने स्थानीय नेताओं के भरोसे साधा वार्ड-वार मुकाबला

जयपुर राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तारीखें नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। इन्हीं हलचलों के बीच अब बड़ी खबर ये है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने सबसे बड़े चेहरे के तौर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चुनावी फ्रंटलाइन पर उतार रही है। 'पार्षद चुनाव' में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में वोट अपील के लिए मुख्यमंत्री के उतरने से प्रचार अभियान का पूरी तरह से हाई-वोल्टेज मोड पर आना तय है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस बार स्टेट या सेंट्रल लेवल के बड़े नेताओं के बजाय पूरी तरह से स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं पर दांव लगाने की साइलेंट स्ट्रेटजी अपनाई है। BJP जहां मुख्यमंत्री के 10 मेगा रोड शो और केंद्रीय मंत्रियों के सघन डोर-टू-डोर कैम्पेन के जरिए हर एक बूथ पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है, वहीं कांग्रेस स्थानीय मुद्दों, मोहल्ला-लेवल कनेक्ट और वार्ड प्रत्याशियों की व्यक्तिगत साख के दम पर चुनाव जीतने का दावा कर रही है। राजस्थान के इस सियासी परिदृश्य में यह मुकाबला इस बात का बड़ा टेस्ट है कि क्या भाजपा की मुख्यमंत्री सहित केंद्रीय नेतृत्व की हाई-प्रोफ़ाइल ब्रैंडिंग, कांग्रेस की ग्राउंड-लेवल पर स्थानीय  नेटवर्क पर भारी पड़ पाएगी या नहीं? BJP ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कैम्पेन को इस तरह डिजाइन किया है कि राज्य के सबसे महत्वपूर्ण शहरों को कवर किया जा सके। फाइनल फेज के प्रचार में CM भजनलाल शर्मा सीधे voters से कनेक्ट करेंगे और पार्टी प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगेंगे। शनिवार (उदयपुर एवं भीलवाड़ा): कैम्पेन की शुरुआत मेवाड़ अंचल से हो रही है। CM भजनलाल शर्मा उदयपुर और भीलवाड़ा में भव्य रोड शो करेंगे, जहां मेवाड़ के शहरी वोटों को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा 6 सितंबर (बीकानेर, अजमेर एवं जोधपुर): एक ही दिन में तीन बड़े जिलों को कवर करने का टारगेट रखा गया है। मारवाड़ और पश्चिमी राजस्थान के इन प्रमुख शहरों में रोड शो के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा जाएगा। 7 सितंबर (भरतपुर एवं अलवर): पूर्वी राजस्थान और मत्स्य क्षेत्र के सबसे अहम केंद्रों भरतपुर और अलवर में CM के रोड शो प्रस्तावित हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है। 8 सितंबर (पाली एवं कोटा): हाड़ौती क्षेत्र के कोचिंग हब कोटा और औद्योगिक शहर पाली में कैम्पेन को बनाए रखने के लिए रोड शो आयोजित किए जाएंगे। 9 सितंबर (जयपुर): Election campaign के आखिरी दिन राजधानी जयपुर में मेगा रोड शो होगा। जयपुर नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में CM का यह शो पूरे प्रचार अभियान का भव्य समापन होगा। रोड शोके साथ सांगठनिक बैठकें BJP की इस आक्रामक रणनीति में सिर्फ रोड शो और जनसभाएं ही शामिल नहीं हैं, बल्कि संगठन को पूरी तरह एक्टिव करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। रोड शो के साथ-साथ मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रदेश नेता हर जिले में अहम सांगठनिक बैठकें भी लेंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य बूथ कार्यकर्ताओं के साथ डायरेक्ट संवाद कायम करना और स्थानीय स्तर पर यदि कोई अंदरूनी गुटबाजी या कमजोरी है, तो उसे मौके पर ही दूर करना है। पार्टी के Central Election In-charge, Co-incharge और राष्ट्रीय पदाधिकारी भी इन क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। केंद्रीय और राज्य सरकार के मंत्रियों को उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों और स्थानीय मुद्दों के हिसाब से विशिष्ट वार्डों और नगर निगमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस का 'लोकल फॉर्मूला': बड़ा चेहरा नहीं, लोकल कैंडिडेट ही हीरो जहां BJP स्टार प्रचारकों की फौज के साथ मैदान में है, वहीं कांग्रेस ने इस बार अपना पूरा फोकस स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय नेताओं पर शिफ्ट कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार, नगरीय निकाय चुनाव सफाई, स्ट्रीट लाइट्स, स्थानीय सड़कों और वार्ड विकास जैसे local issues पर लड़े जाते हैं, इसलिए इसमें स्थानीय नेतृत्व का ही एक्टिव होना सबसे ज्यादा जरूरी है। कांग्रेस की इस रणनीति के पीछे मुख्य बिंदु: रीजनल ओनरशिप: स्थानीय विधायकों, पूर्व विधायकों और वार्ड स्तर के नेताओं को पूरी छूट दी गई है कि वे अपने हिसाब से campaign डिजाइन करें। डोर-टू-डोर माइक्रो कनेक्ट: बड़े तामझाम के बजाय कांग्रेस प्रत्याशी वार्डों में घर-घर जाकर स्थानीय समस्याओं को उठा रहे हैं। नो सेंट्रल इंटरवेंशन: जब तक स्थानीय unit विशेष मांग न करे, तब तक जयपुर या दिल्ली से किसी बड़े नेता को प्रचार में नहीं उतारा जाएगा। स्टार पावर vs वार्ड-लेवल कनेक्ट राजस्थान का शहरी वोटर हमेशा से राष्ट्रीय मुद्दों और स्थानीय विकास के बीच संतुलन बनाकर मतदान करता आया है। निकाय चुनाव 2026 में दो अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराएं आमने-सामने हैं: BJP की ताकत: Chief Minister का सीधा जुड़ाव, केंद्रीय मंत्रियों का प्रभाव और मजबूत संगठन जो हर बूथ तक वोटर को रीच करती है। कांग्रेस की ताकत: वार्ड स्तर की नाराजगी को भुनाना, local issues को हाइलाइट करना और प्रत्याशी की चौबीसों घंटे उपलब्धता पर जोर देना। सितंबर 2026 में होने वाले इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि राजस्थान के शहरी मतदाताओं पर CM भजनलाल शर्मा के रोड शो का कितना असर हुआ है और क्या कांग्रेस का 'शांत एवं स्थानीय' फॉर्मूला राजस्थान के नगर निगमों पर अपना कब्जा जमाने में कामयाब होता है या नहीं।  

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, 100 से ज्यादा अफसर सस्पेंड

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीधे तौर ये कह दिया है कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रहेगा। यहां अपराधियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपराधियों और भ्रष्ट अधिकारियों को बेहद सख्त संदेश दिया है। शनिवार को 'राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन' के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में अब न तो अपराध पनपेगा, न भ्रष्टाचारियों को पनाह मिलेगी और न ही कानून तोड़ने वालों को बख्शा जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'राजस्थान में यदि कोई अपराधी पैर पसारेगा, तो वह वापस नहीं जा पाएगा; उसे उसके सही मुकाम (जेल) तक पहुंचाया जाएगा।' भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' और बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के मूलमंत्र पर चलते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। सीएम बोले: करप्शन में 100 अधिकारी हुए सस्पेंड सरकार ने अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 103 अधिकारियों को निलंबित (सस्पेंड) किया है। 6 अफसरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही रिश्वतखोरी, ट्रैप, पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य मामलों में भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई गई है।सीएम ने कर्मचारियों को नसीहत दी कि वे भ्रष्ट आचरण के दलदल से पूरी तरह दूर रहें। स्वच्छ सर्वेक्षण में 16 वें स्थान की तारीफ की नगरीय निकायों की भूमिका की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में जयपुर ग्रेटर को देश में 16वां स्थान मिला था। लेकिन अब हमें रुकना नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी शहरों को देश के सबसे स्वच्छ और सर्वश्रेष्ठ शहरों की श्रेणी में लाना है। यह लक्ष्य नगरीय निकाय कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है, क्योंकि वे जनता और सरकार के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। किया 4 लाख नौकरियों का वादा इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को संबल देते हुए प्रदेश में चार लाख सरकारी नौकरियां देने के अपनी सरकार के संकल्प को एक बार फिर दोहराया। खुशेंद्र तिवारी

राजस्थान में अपराध पर सख्ती, CM ने पुलिस को दी ‘जीरो टॉलरेंस’ की सख्त हिदायत

जयपुर जयपुर में विदेशी महिला और बाइक सवार युवती से सरेआम छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने गृह विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब पौने पांच घंटे की लंबी मैराथन बैठक की। इस अहम बैठक में एसपी,आईजी और एडीजी स्तर के अधिकारी शामिल हुए, जबकि कई जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर पूरी दृढ़ता से काम कर रही है। उन्होंने माना कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न श्रेणियों के अपराधों में कमी आई है, लेकिन इसे और कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा किया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलों के एसपी को नियमित जनसुनवाई करने के निर्देश दिए और आईजी स्तर पर भी जनसुनवाई को अनिवार्य बनाने की बात कही। अधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाकर वहां जाकर अपराधों की समीक्षा करने, अपराध की प्रकृति को समझने और उसे नियंत्रित करने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न श्रेणियों के अपराधों की मासिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि किस जिले में किस तरह का अपराध बढ़ रहा है या घट रहा है। बैठक में साइबर अपराध, नशा तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सभी अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं और हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राजस्थान की जनता को सुरक्षित वातावरण देने का वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा।  

11 नेशनल अवार्ड पाने वाले परिवार का बना खास गिफ्ट, CM भजनलाल ने PM मोदी को किया भेंट

देश में शारदीय नवरात्रि की धूम है और इसी पावन मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संसद परिसर में हुई इस शिष्टाचार भेंट की चर्चा अब गलियारों में जोरों पर है, क्योंकि इसमें राजनीति के साथ-साथ भारतीय शिल्प कला का एक बेजोड़ संगम देखने को मिला है। 11 नेशनल अवार्ड वाले जांगिड़ परिवार का कमाल दरअसल, मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को चंदन की लकड़ी से बनी मां दुर्गा की एक बेहद खूबसूरत और दिव्य प्रतिमा भेंट की है। सूत्रों ने बताया कि इस मूर्ति के पीछे एक बड़ी गौरवशाली कहानी छिपी है। इसे जयपुर के मशहूर कलाकार मोहित जांगिड़ ने तैयार किया है। गौरतलब है कि मोहित का परिवार पिछली चार पीढ़ियों से चंदन की नक्काशी का काम कर रहा है और इस हुनर के लिए इस परिवार के 11 सदस्यों को अब तक ‘नेशनल अवार्ड’ मिल चुका है। नक्काशी में दिखी भक्ति और शक्ति सूत्रों के अनुसार, जब पीएम मोदी ने इस प्रतिमा को देखा तो वे इसकी बारीकी देख दंग रह गए। पूरी प्रतिमा को शुद्ध चंदन की लकड़ी पर उकेरा गया है। इसमें जयपुर की सदियों पुरानी शिल्पकला की झलक साफ दिखती है। नवरात्रि के समय मां दुर्गा की यह भेंट शक्ति और भक्ति का प्रतीक मानी जा रही है।

राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन: CM भजनलाल ने केरल में भरी हुंकार, 4 उम्मीदवारों के नामांकन में पहुंचे

तिरुवनंतपुरम/जयपुर. केरलम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने भाजपा के दिग्गज प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करवाए। स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा मिले आत्मीय स्वागत ने यह साफ कर दिया कि दक्षिण भारत में भी मुख्यमंत्री शर्मा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वी. मुरलीधरन के नामांकन में मौजूदगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केरलम के कझाकुट्टम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर पर विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। CM भजनलाल ने विश्वास जताया कि मुरलीधरन का अनुभव और पीएम मोदी का मार्गदर्शन क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहाँ राजस्थान के विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए जनता से 'डबल इंजन' सरकार चुनने की अपील की। पी. के. कृष्णदास और राजीव चंद्रशेखर के लिए हुंकार मुख्यमंत्री ने कट्टकडा विधानसभा क्षेत्र से पी. के. कृष्णदास और नेमम विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर के नामांकन समारोह में भी भाग लिया। राजीव चंद्रशेखर के नामांकन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केरलम की जनता ने अब बदलाव का मन बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह राजस्थान में सुशासन और अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है, वैसी ही शुरुआत अब केरलम में होने वाली है। आर. श्रीलेखा के साथ 'विकसित केरलम' का रोडमैप वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा के नामांकन में मुख्यमंत्री शर्मा की उपस्थिति विशेष रही। उन्होंने श्रीलेखा के प्रशासनिक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' के लिए 'विकसित केरलम' का होना अनिवार्य है, और श्रीलेखा जैसी सक्षम महिला नेतृत्व ही इसे संभव बना सकती है। श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन: सनातन संस्कृति का संगम अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरुवनंतपुरम स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में भगवान विष्णु के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य की इस पावन भूमि पर राष्ट्र की समृद्धि और आध्यात्मिक उत्कर्ष की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ही उत्तर और दक्षिण को एक सूत्र में पिरोती है। राजस्थान का बढ़ता कद: भजनलाल शर्मा का 'केरल मॉडल' राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भजनलाल शर्मा को केरल भेजने के पीछे पार्टी का उद्देश्य राजस्थान के सफल 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'कल्याणकारी योजनाओं' के संदेश को दक्षिण तक पहुँचाना है। राजस्थान में पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई और उज्ज्वला योजना में सब्सिडी जैसे फैसलों की गूँज केरल के चुनावी रैलियों में भी सुनाई दे रही है।

केंद्रीय बजट पर सीएम बोले—यह विकास का रोडमैप, राजस्थान को होगा सीधा फायदा

      जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल से देश वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को आत्मनिर्भर से विकसित, संभावनाओं से उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति को आगे लाने की प्रतिबद्धता का भी पूरा ध्यान रखा गया है।       मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट पर सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति केन्द्रित इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और सर्विस सेक्टर पर फोकस बढ़ाने वाले प्रावधान किए गए हैं, इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, 1 लाख 50 हजार केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण से भी युवाओं को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में  एवीजीसीएक्सआर पॉलिसी पहले ही लागू की जा चुकी है। अब माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेट क्रियेटर लैब्स की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को दोहरा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, कृषि अवसंरचना एवं बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और जोखिम घटाने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। हैवी मशीनरी निर्माण के लिए प्रदेश में निवेश का किया आह्वान       शर्मा ने कहा यूरोप के साथ ऐतिहासिक समझौता होने के बाद इस बजट ने देश के छोटे-बड़े उद्योगों, मैन्युफैक्चरर्स, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए नई दिशा दिखाई है। बायो फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की हैवी मशीनरी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट में लाई गई विशेष योजना का लाभ लेते हुए राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अपनी इकाइयां लगाएं। उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश के निर्यातकों को नए खुल रहे बाजारों में निर्यात वृद्धि  के अवसर भी मिलेंगे। राजस्थान के सोलर सेक्टर को मिलेगी नई गति       मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में राजस्थान की संभावनाओं और आवश्यकताओं को पूरा स्थान मिला है। अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत ज्यादा करीब 32 हजार 914 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसी प्रकार पीएम सूर्यघर योजना को 22 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। सोलर ग्लास मैन्युफेक्चरिंग में प्रयोग आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। बीईएसएस में उपयोग में आने वाले लीथियम आयन सेल बैटरी निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत सामानों के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले से ही अग्रणी प्रदेश है, अब इन प्रावधानों से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर प्रावधानों से प्रदेश होगा लाभान्वित       शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर नीति, एआईएमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की हैं। इसलिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, इलेक्ट्रोनिक कम्पोनेन्ट मेनुफेक्चरिंग स्कीम, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज को दिए गए इंसेंटिव्स का फायदा लेते हुए सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने के लिए प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉपअप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात हैं। महात्मा गांधी स्वराज योजना और चैम्पियन एमएसएमई बनाने की पहल से राजस्थान के छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह प्रशस्त होगी। मेगा टैक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और देशभर में 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को फिर से मजबूत करने की घोषणा भी राजस्थान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।       मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में अवसंरचना विकास पर विशेष जोर देते हुए 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिक राशि मिल सकेगी। इनविट बॉन्डस, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्डस से मिलने वाले आर्थिक संबल से प्रदेश के शहर बड़े पैमाने पर लाभान्वित होने जा रहे हैं।       इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।