samacharsecretary.com

CM मान आज स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव में होंगे शामिल

जालंधर. पंजाब CM भगवंत मान आज जालंधर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव में हिस्सा लेंगे। इसमें प्रदेश के कई बड़े व्यापारी-उद्योगपति हिस्सा लेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए नए स्टार्टअप और इन्वेस्टमेंट की घोषणा कर सकते हैं। इससे पहले स्टार्टअप के लिए पंजाब सरकार कई उपाय कर चुकी 500 करोड़ का 'पंजाब स्टार्टअप फंड: सरकार ने सूबे के उभरते उद्यमियों के लिए 500 करोड़ रुपए के विशेष फंड की घोषणा की थी। यह फंड मुख्य रूप से कृषि-तकनीक और मैन्यूफैक्चरिंग स्टार्टअप पर फोकस्ड होगा। आसान कारोबार पोर्टल: उद्यमियों को सरकारी कागजी कार्रवाई से बचाने के लिए एक सिंगल विंडो डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया गया। अब स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होता है। महिला उद्यमियों के लिए विशेष कोटा: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्टार्टअप फंड का 25% हिस्सा विशेष रूप से महिला उद्यमियों द्वारा शुरू स्टार्टअप के लिए रिजर्व रहेगा। मशीन लर्निंग और AI हब: मोहाली को उत्तर भारत के सबसे बड़े AI और रोबोटिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना पेश की गई। पहले भी हुए कॉन्क्लेव खेती को हाई-टेक बिजनेस बनाने पर चर्चा हो चुकी है। इसके लिए 2026 के अंत तक पंजाब से कम से कम 5 नए यूनिकॉर्न निकालने का लक्ष्य रखा गया। पंजाब में मिशन प्रगति की शुरुआत: सीएम भगंवत मान बोले- प्रतियोगी परिक्षाओं के लिए दी जाएगी निशुल्क कोचिंग चंडीगढ़. युवाओं को करियर निर्माण के लिए तैयार करने पर और अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को बठिंडा की जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत नामांकित अभ्यर्थियों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया। इस पहल के अंतर्गत नौकरी तलाशने वालों को नौकरी देने वालों में बदलने के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में एसएसबी, पुलिस और सशस्त्र बलों सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी हेतु ग्रामीण और मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त अकादमिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। बठिंडा जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के अंतर्गत विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ठंड के बावजूद उपस्थित लोगों का स्वागत किया और इस कार्यक्रम को पंजाब के बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा पंजाब सरकार ने जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति के तहत यह कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करना है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण और किफायती कोचिंग सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिल पाती। 40 छात्रों को दिया गया प्रवेश इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले बैच में 40 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। उन्होंने आगे कहा अकादमिक कोचिंग के साथ-साथ विद्यार्थियों को शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ रहें। यह शारीरिक प्रशिक्षण पंजाब पुलिस और सी-पाइट के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा सी-पाइट मैदान में दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को एसएसबी, पंजाब पुलिस, सीपीओ, सशस्त्र बलों तथा अन्य केंद्रीय और राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। प्रतिस्पर्धी माहौल में अभ्यर्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आवश्यक अध्ययन सामग्री और महंगी किताबें अक्सर विद्यार्थियों की पहुंच से बाहर होती हैं। उन्होंने कहा विद्यार्थियों को पुस्तकालय के सदस्य के रूप में चुना जाएगा और आवश्यक पुस्तकें मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कार्यक्रम मौजूदा बुनियादी ढांचे और संसाधनों का उपयोग करके शुरू किया गया है, जिससे महत्वपूर्ण वित्तीय बचत होती है। इस ढांचे का वर्णन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षक-मार्गदर्शक मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें फैकल्टी सदस्य स्वयं वे अभ्यर्थी होते हैं जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया है। उन्होंने कहा यह पहल युवाओं की मदद करने वाले मॉडल के रूप में उभरी है और इसे शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस, खिलाड़ियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और समाज के हर वर्ग का समर्थन प्राप्त है। इस सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को एक समुदाय-संचालित और सहयोगात्मक मॉडल में परिवर्तित कर दिया है। मिशन प्रगति के मार्गदर्शक दर्शन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई भी पीछे न रहे के सिद्धांत पर आधारित है और युवा सशक्तिकरण, समान शैक्षिक अवसरों तथा सरकारी सेवाओं में बठिंडा के विद्यार्थियों की प्रतिनिधित्व बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उपस्थित लोगों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और पंजाब के सर्वांगीण विकास तथा लोगों की खुशहाली के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। राज्य सरकार के व्यापक दृष्टिकोण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरी खोजने वालों के बजाय नौकरी देने वालों में बदलकर उनकी किस्मत बदलने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा पंजाब शिक्षा क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है और यह क्रांति विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार कर तथा उन्हें जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाकर परिणाम दे रही है। युवाओं को नौकरियां प्रदान करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं, वहीं उनकी असीम ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए समानांतर प्रयास भी किए जा रहे हैं। उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिस प्रकार एक रनवे विमान को सुचारु रूप से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है, उसी प्रकार राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। अतीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह निराशाजनक है कि एक समय गलत नीतियों के कारण गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखा गया, लेकिन अब यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं कि पंजाब के बच्चे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें और जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकें।

निरीक्षण में गड़बड़ी पकड़ी तो कार्रवाई तय: ठेकेदारों को CM मान का दो-टूक संदेश

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में रीतखेड़ी लिंक रोड के निर्माण में अनियमितताएं पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा उसकी सभी अदायगियां तुरंत रोकने के आदेश दिए. जिक्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री ने आज तीन निर्माणाधीन सड़कों की जांच की, जिनमें से दो सड़कों का निर्माण कार्य सही पाया गया, जबकि एक सड़क के निर्माण में खामी पाई गई निर्माणाधीन सड़क का औचक निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सड़क के नमूने लेने के बाद निर्धारित मानकों का पालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उसका भुगतान फौरन रोकने के निर्देश दिए. सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच भगवंत सिंह मान ने पटियाला जिले में ही निर्माणाधीन पटियाला-सरहिंद सड़क का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को सड़क के नमूनों की लैबोरेटरी जांच करवाने को कहा. इसके अलावा उन्होंने फतेहगढ़ साहिब जिले में रुड़की से रिउंणा पलैन रोड की भी जांच की. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निर्माणाधीन सड़कों की जांच का उद्देश्य पूरे प्रदेश में बन रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत बड़ी राशि खर्च कर रही है, इसलिए यह मुहिम प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें बनाने को सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे आने वाले दिनों में भी यह औचक जांच जारी रखेंगे क्योंकि वे यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि जनता के पैसे का सही उपयोग हो. संबंधित विभागों में हों उचित तालमेल उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को उचित तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सीवरेज लाइनें, पीने के पानी की पाइपें, फाइबर और अन्य सभी काम सड़क निर्माण से पहले ही पूरे हो जाएं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पूरे प्रदेश में नई बनी सड़कों को न्यूनतम नुकसान होगा, जिससे जनता के पैसे का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित होगा.   लोगों से जोरदार अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे सड़क निर्माण के चल रहे कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का आग्रह किया क्योंकि यह लोगों की अपनी संपत्ति है. उन्होंने कहा कि आम जनता को इस काम की निगरानी करनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता होती है तो उसे प्रदेश सरकार के संज्ञान में लाना चाहिए. भगवंत सिंह मान ने काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सरकार ने प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया है, जिसमें कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि अगले साल के अंत तक प्रदेश सरकार पंजाब के सभी गांवों, कस्बों और शहरों में कुल 16,209 करोड़ रुपए की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बना लेगी. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन सभी सड़कों के निर्माण के साथ 5 साल की देखभाल-संबंध की शर्त जोड़ी गई है, जिससे विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा मानकों के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता के मानक भी सुनिश्चित होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रदेश में बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना और ग्रामीण मूलभूत संरचना को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले ही 4,092 करोड़ रुपए की कुल लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस साल बाढ़ से हुई व्यापक तबाही के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को भारी नुकसान हुआ था, इसलिए प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर कड़ी मेहनत की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि चल रहे सड़क प्रोजेक्टों में 5 साल की मेंटेनेंस की धारा जोड़ी गई है ताकि सड़कें लंबे समय तक ठीक रहें. साथ ही सड़कों पर चमकदार धारियां, किनारों पर निशान, दिशा-सूचक और विश्व स्तरीय सुरक्षा मानक सुनिश्चित किए जाएंगे. लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इसी के तहत पंजाब सरकार ने पीएमबी, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकायों सहित कई एजेंसियों और जन प्रतिनिधियों को इस प्रदेश स्तरीय व्यापक मुहिम से जोड़ा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार ने पंजाब में सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण करवाकर मरम्मत और अपग्रेड होने वाली सड़कों की पहचान की है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब प्रदेश सरकार ने अगले साल के अंत तक 16,209 करोड़ रुपए की कुल लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है. सड़क गुणवत्ता की लगातार निगरानी भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री की फ्लाइंग स्क्वायड सड़कों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी कर रही है और घटिया सामग्री के उपयोग की कई शिकायतें मिलने पर कुछ ठेकेदारों के ठेके रद्द कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई ठेकेदार घटिया काम करता पाया जाता है या कोई कर्मचारी इसमें शामिल होता है तो उसके खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

खुशखबरी: पंजाब सरकार ने ‘कोटा’ किया दोगुना, लाखों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को दी जाने वाली डाइट मनी का कोटा दोगुना करने का अहम फैसला लिया है। इस फैसले के बाद, खिलाड़ियों को अब 240 रुपये की बजाय 480 रुपये मिलेंगे। राज्य सरकार लगभग छह साल के अंतराल के बाद खिलाड़ियों की डाइट मनी में बढ़ोतरी कर रही है। इस फैसले के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों ने खिलाड़ियों को दी जाने वाली सुविधाओं और डाइट मनी को लेकर कभी गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने डाइट मनी में केवल 48 रुपये की बढ़ोतरी की थी। मंत्री चीमा ने स्पष्ट किया कि मौजूदा फैसला डाइट से जुड़े विशेषज्ञों से चर्चा के बाद लिया गया है। जरूरत के हिसाब से डाइट चार्ट तैयार किया जाएगा सरकार के इस कदम के तहत, पंजाब सरकार लगभग 13 खेल विंगों में खिलाड़ियों की डाइट के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति कर रही है। खिलाड़ी की जरूरतों और वह किस खेल में कितनी मेहनत करता है, इसके आधार पर डाइट चार्ट प्लान तैयार किया जा रहा है। इस डाइट में प्रोटीन समेत खिलाड़ी की जरूरत की हर चीज शामिल होगी। इस बढ़ोतरी की मांग हाल ही में सरकार द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में सामने आई थी, जिसमें कहा गया था कि महंगाई के इस दौर में खिलाड़ियों को 240 रुपये में पर्याप्त और प्रचुर चीजें नहीं मिल रही हैं। 

पंजाब में बाढ़ राहत पर दोबारा मंथन, चीफ सेक्रेटरी की मीटिंग जारी; केंद्र से मांगे 1600 करोड़

चंडीगढ़  पंजाब में बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है, इसके लिए अब सरकार नए सिरे से स्टडी कर मेमोरेंडम तैयार कर रही है। इसको लेकर पंजाब के चीफ सेक्रेटरी के.ए.पी. सिन्हा आज (8 अक्टूबर) के.आई.पी. सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मीटिंग कर रहे हैं।  जल्दी ही इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। सिंचाई मंत्री वरिंदर कुमार गोयल का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद हेलिकॉप्टर से स्थिति का जायजा ले चुके हैं। उनका कहना है कि 1,600 करोड़ की बात बीच में रह गई है। पहले टोकन मनी तो भेज दें। पंजाब को इस समय मदद की जरूरत है। 1987 के बाद आई भीषण बाढ़ पंजाब में 1987 के बाद पहली बार भीषण बाढ़ आई है। इस वजह से राज्य के 23 जिलों में नुकसान हुआ है। सरकार का अनुमान है कि 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। स्कूल, कॉलेजों से लेकर लोगों के घर तक बह गए हैं। 60 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ प्रभावितों के लिए पंजाब सरकार ने दिवाली तक मुआवजा देने का ऐलान तक किया है। वहीं, राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा खुद प्रधानमंत्री ले चुके हैं। उन्होंने 10 सितंबर को पंजाब का दौरा किया था। वह बाढ़ प्रभावितों से मिले थे। इस दौरान उन्होंने फौरी मदद के रूप में 1,600 करोड़ रुपए का ऐलान किया था, जबकि कहा था कि एसडीआरएफ के 13,000 करोड़ रुपए पंजाब के पास हैं। जिसको लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। ​​​​दिल्ली में गृहमंत्री से मिले थे पंजाब के सीएम भगवंत मान ने 30 सितंबर को गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी। करीब 25 मिनट की मीटिंग चली थी। इस दौरान उन्होंने पंजाब में हुए नुकसान के बारे में बताया था। साथ ही पंजाब की मदद करने के लिए कहा था। सीएम ने मीडिया से कहा था कि गृहमंत्री ने विश्वास दिलाया है कि पंजाब को हर संभव मदद दी जाएगी।

भगवंत सिंह मान ने आनंदपुर साहिब में किया दौरा, जनता के लिए घोषणा किए बड़े लाभ

आनंदपुर साहिब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री आनंदपुर साहिब का दौरा किया, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों को एक बड़ा तोहफा देते हुए 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास किया। इससे गुरु नगरी की अलौकिक सुंदरता और निखरेगी। आपको बता दें कि हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास करने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका और सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना की।  अपने संबोधन के दौरान सी.एम. भगवंत मान ने कहा कि यह हेरिटेज रोड 55 साल बाद बन रही है। आनंदपुर साहिब को व्हाइट नगरी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा और 6 द्वार बनाए जाएंगे, जो पुरानी विरासत से जुड़े होंगे। यह एक ऐतिहासिक बात होगी। उन्होंने कहा कि  इस सेवा को पाकर खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं। यहां होला-मोहल्ला समेत कई ऐतिहासिक मेले लगते हैं। बाढ़ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बेशक, पंजाब को बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन पंजाब संकटों से उबरकर संकटों को छोटा कर देता है। पंजाबियों का जज्बा, पंजाबियों के इरादे संकटों को छोटा कर देते हैं।

पंजाब में अफसरों और कर्मचारियों को CM Mann की दो टूक – लापरवाही नहीं चलेगी

चंडीगढ़/जालंधर  पिछले तीन वर्षों के दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करने का दावा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी राज्य सरकार पंजाब में सुचारू और समयबद्ध खरीद का इतिहास दोहराएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी किसान को कोई समस्या आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  यहां एक बैठक के दौरान राज्य में चल रहे खरीद कार्यों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार धान की सुचारू और शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना चाहिए। धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू है और 175 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लिए पहले ही व्यापक व्यवस्था की जा चुकी है। धान की सुचारू और निर्बाध खरीद की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी किसानों की कड़ी मेहनत से अर्जित फसल का दाना-दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने राज्य की खरीद एजेंसियों को चालू सीजन में धान की खरीद के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। पंजाब मंडी बोर्ड ने खरीफ खरीद सीजन 2025-26 में धान की खरीद के लिए 1822 रैगुलर खऱीद केंद्र नोटिफाई किए हैं। सभी नोटिफाइड मंडियों को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, पंजाब को आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से फसल को पूरी तरह से सुखाकर मंडियों में लाने की भी अपील की। धान की खरीद के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि किसानों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। पंजाब में फसल खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सरकार ने कई अनुकरणीय पहल की हैं। 

प्रदेश में रीवाइल्डिंग से संतुलित होगी वाइल्डलाइफ इकोलॉजी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल बनेगी अन्य राज्यों के लिये वन संरक्षण का मॉडल भोपाल मध्यप्रदेश में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) सहित कई प्रजातियों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए पुनर्वास एवं पुनर्प्रवेश कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वैज्ञानिक पद्धति से इन प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने का प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिये 'रीवाइल्डिंग'की अभिनव पहल की गई है। रीवाइल्डिंग का उद्देश्य वाइल्डलाइफ इकोलॉजी को संतुलित कर लुप्त होती प्रजातियों को पुनर्जीवित करना, संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है। प्रदेश में की गई यह पहल अन्य राज्यों के लिए वन संरक्षण का मॉडल बनेगी। रीवाइल्डिंग का अर्थ है प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाना। इसके लिये जंगलों में उन प्रजातियों को पुनः बसाया जाता है, जिनके बिना पारिस्थितिकी तंत्र अधूरा है। इसमें शिकारी प्रजातियों और शिकार प्रजातियों को शामिल किया जाता है। माना जाता है कि इन प्रजातियों के बिना जंगल का आहार-संतुलन बिगड़ता है और नेचुरल लाइफ साइकिल टूट जाती है। ‘टाइगर स्टेट’ कहलाने वाला मध्यप्रदेश जैव विविधता से समृद्ध है। इसके बावजूद कई प्रजातियाँ विलुप्ति की कगार पर हैं। प्रदेश के वनों में स्वैम्प डियर (बारहसिंगा) की संख्या लगातार घट रही है। साथ ही बाघ और तेंदुए का संतुलन भी प्रभावित हुआ है। विलुप्त होती प्रजातियों को समय रहते पुनर्स्थापित कर जंगलों के साथ प्राकृतिक संतुलन को बनाये रखा जा सकता है। वन विभाग ने रीवाइल्डिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। स्वैम्प डियर और अन्य प्रजातियों को पुनः प्राकृतिक आवास में बसाया जाएगा। केवल किसी एक जानवर पर नहीं, बल्कि पूरे जंगल में घास-भूमि और नदी के परिदृश्य पर ध्यान देकर जानवरों को बसाया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), वन अनुसंधान संस्थान और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भी रीवाइल्डिंग के इस मिशन में सहयोग कर रहे हैं। जनजातीय और ग्रामीण समुदायों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें वन्यजीव पर्यटन के साथ ही आजीविका के नए अवसर मिल सकें। वन्यजीव वैज्ञानिकों का कहना है कि रीवाइल्डिंग केवल जानवरों को बचाने का कार्यक्रम नहीं है। यह जलवायु परिवर्तन से निपटने का सशक्त उपाय भीहै, क्योंकि जंगल कार्बन भंडारण बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद करते हैं। इससे जंगलों के साथ ही जल एवं मृदा संरक्षणभी होता है, क्योंकि इकोलॉजी के संतुलन से प्राकृतिक संसाधन भी सुरक्षित रहते हैं। रीवाइल्डिंग वन्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाको सशक्त बनाने का भी माध्यम है। इससे जंगल में बिना मानवीय हस्तक्षेप के प्राकृतिक चक्र सक्रिय बना रहेगा। राज्य सरकार की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब तक वन संरक्षण की नीतियाँ एक प्रजाति तक सीमित रहती थीं, किंतु रीवाइल्डिंग का फोकस पूरी तरह वाइल्डलाइफ इकोलॉजी पर है। यह प्रक्रिया देश के अन्य राज्यों में भी इकोलॉजी संतुलन के लिए मॉडल बन सकती है। प्रदेश में रीवाइल्डिंग का प्रयास इस बात का संकेत है कि सरकार और समाज के प्रयास अब वन और वन्यजीव संरक्षण से आगे जा कर प्रकृति को उसकी मूल अवस्था में लौटाने की ओर अग्रसर हैं। इस पहल से मध्यप्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में अग्रणी राज्य बनेगा।