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बठिंडा में शुकराना यात्रा के दौरान सीएम का BJP पर निशाना, बंगाल की स्थिति को बताया उदाहरण

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आज तीसरा दिन है। जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट अमेंडमेंट 2026 के लागू होने के बाद सीएम पूरे पंजाब में यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दाैरान बठिंडा में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा। शहर के अमरीक सिंह रोड पर लोगों को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद वहां पर बुरा हाल हो चुका है। मान ने कहा कि पंजाब में कुछ पार्टियां आपसी भाईचारक सांझ को तोड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन पंजाब के लोग बहुत समझदार हैं। फिर भी राज्य के लोग ऐसी पार्टियों से सचेत रहें। मान ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें हिम्मत दी, जिस कारण वे बेअदबी का इंसाफ देने के लिए कानून बनाने में कामयाब हुए।   अपनी चार दिवसीय शुक्राना यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले, मान ने जालंधर के ओल्ड बारादरी स्थित अपने आधिकारिक आवास पर पत्रकारों से कहा: “पंजाब की कठिन परिश्रम से अर्जित शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को कोई भंग नहीं कर सकता। पंजाब एक उपजाऊ भूमि है जहाँ कोई भी फसल उगाई जा सकती है, लेकिन नफरत के बीज यहाँ नहीं बोए जा सकते। हालिया विस्फोट पंजाब में भाजपा के प्रवेश के संकेत हैं।” मान ने इन घटनाओं को पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावोत्तर भाषणों से जोड़ा और उनके नारे "बंगाल सरकार हमारी है, अब पंजाब की बारी है" का हवाला दिया। उन्होंने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल दोनों को सांप्रदायिक संगठन बताया और कहा कि पंजाब, जिसने AK-47 के दौर को पार कर लिया है, अपनी "मजबूत भाईचारे" के बल पर आज भी दृढ़ है। जांच बनाम आरोप मुख्यमंत्री के दावे पुलिस के मौजूदा रुख के विपरीत हैं। जहां मान ने बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर और खासा सेना छावनी के पास हुए विस्फोटों के लिए भाजपा की "कार्यशैली" को जिम्मेदार ठहराया, वहीं पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ये विस्फोट पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा प्रायोजित आईईडी विस्फोट थे। इन टिप्पणियों पर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया हुई। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मान को कानूनी नोटिस भेजकर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। भाजपा ने इन आरोपों को राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलताओं से ध्यान भटकाने का "दुर्भावनापूर्ण प्रयास" बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि जब एक संवेदनशील आतंकी जांच चल रही हो, तब किसी राजनीतिक दल पर आरोप लगाना "खतरनाक" है। चुघ ने कहा कि मान ने बिना किसी सबूत के भाजपा पर संलिप्तता का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए चुघ ने कहा, "इसीलिए उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि, झूठी सूचना फैलाने और जन अशांति भड़काने के प्रयास के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है।" “सवाल सीधा सा है: क्या मुख्यमंत्री पंजाब की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, या वे राष्ट्रविरोधी ताकतों को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं? जिस दिन पूरा देश ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर हमारे सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य का जश्न मना रहा है, उस दिन भाजपा जैसी लोकतांत्रिक और राष्ट्रवादी पार्टी को विस्फोटों से जोड़ने का मान का प्रयास न केवल एक राजनीतिक झूठ है, बल्कि लाखों भारतीयों के जनादेश और विश्वास का अपमान है,” चुघ ने कहा। उन्होंने कहा कि अगर मान सात दिनों के भीतर अपना बयान वापस नहीं लेते और सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ आपराधिक और दीवानी दोनों तरह की कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब (संशोधन) अधिनियम के पारित होने के उपलक्ष्य में शुरू की गई मान की शुक्राना यात्रा 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में समाप्त होने वाली है।

CM का संदेश: पंजाब में हो रही घटनाओं से सतर्क रहें, फिरकू पार्टियों से दूरी बनाएं

जालंधर  जालंधर सेंट्रल से शुकराना यात्रा शुरू करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा बेअदबी मामले में अगर कोई मानसिक रोगी होता है तो उसके परिजनों पर मामला दर्ज किया जाएगा, उन्होंने कहा ऐसा नहीं है कि घर से किसी रोगी को सीखा कर बेअदबी के लिए बाहर भेज दो और खुद इसे दूर हो ऐसे मामलों में परिजनों पर मामला दर्ज होगा बेअदबी कानून बनने के बाद बुधवार को श्री आनंदपुर साहिब से शुकराना यात्रा शुरू कर भगवंत मान रात को जालंधर पहुंचे। वीरवार की सुबह आठ बजे वे जालंधर सेंट्रल हलके के वरिंदर सिंह घुम्मण पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद वे आदमपुर में नुक्कड़ सभा में हिस्सा लेंगे। उसके बाद वे अपनी शुकराना यात्रा के अगले पड़ाव के तहत अमृतसर के रास्ते बठिंडा जिले के तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए रवाना होंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब से राज्यव्यापी शुकराना यात्रा की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे। यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लिया था। यह यात्रा पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026” के लागू होने के बाद निकाली जा रही है। सरकार का कहना है कि इस नए कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की बेअदबी रोकना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसी को लेकर सरकार ने इसे श्रद्धा और धन्यवाद से जुड़ी “शुकराना यात्रा” का नाम दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब मानसिक रोगी होने का बहाना नहीं चलेगा और ऐसे मामलों में दोषियों के संरक्षकों पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने नशे के खिलाफ कड़े रुख और पंजाब की अटूट भाईचारक सांझ पर जोर देते हुए विरोधियों द्वारा नफरत फैलाने की कोशिशों की निंदा की और वादा किया कि वे एक परिवार के मुखिया की तरह पंजाब के निवासी के हितों की रक्षा करेंगे। सीएम ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरी मानवता के भले की बात करते हैं। वो एक समुदाय के नहीं बल्कि दुनिया के गुरु हैं। उनकी बेअदबी हो और बंदे जो बच कर निकल जाएं यह दिलों को बहुत ठेस पहुंचाता था। मैं अक्सर कहता हूं कि पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है। यहां हर किस्म का बीज उग पड़ता है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी नहीं उगता। पंजाब में बलास्ट बीजेपी की एंट्री के संकेत इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फिरकू पार्टियों से बचना चाहिए। बीजेपी और अकाली दल वाले लड़ाते हैं लोगों को आपस में। ये धर्म के नाम पर लड़ा कर वोटें लेते हैं। ये जो कल-परसों जालंधर-अमृतसर में छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं, ये बीजेपी की एंट्री के संकेत हैं। कहते हैं कि आ गए हम। बंगाल जीतने के बाद कहते हैं कि बंगाल सरकार हमारी है, अब पंजाब की बारी है। ये जहां जाते हैं वहां लड़ाइयां कराते हैं। ये हिंदू-सिख को लड़ाना चाहते हैं पर हम नहीं लड़ते। नितिन कोहली बोले-बेअदबी कानून से व्यवस्था सुधरेगी सीएम मान की शुकराना यात्रा में उमड़े जनसैलाब और उनके द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए सेंट्रल हलके से आप इंचार्ज नितिन कोहली ने कहा कि इसमें सभी धर्मों और वर्गों के लोग शामिल हुए हैं। आप सरकार ने बेअदबी के खिलाफ जो सख्त कानून बनाया है, उससे समाज में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरेगी। यह सरकार का सबसे बेहतरीन प्रयास है, जिससे आने वाले समय में सभी समुदाय मिल-जुलकर रहेंगे और पंजाब की खुशहाली व भाईचारा हमेशा कायम रहेगा। कैबिनेट मंत्री भगत बोले- लोगों की मांग पूरी की इस मौक मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मान सरकार ने बेअदबी के खिलाफ कानून बनाकर जनता की पुरानी मांग को पूरा किया है। आज जालंधर से शुरू होकर अमृतसर जाने वाली इस यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा है, जो मुख्यमंत्री और नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद करने पहुंचा है। लोगों का मानना है कि इस ऐतिहासिक कानून के बनने से उनकी भावनाओं का सम्मान हुआ है। सरकार ने लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग बेअदबी की घटनाओं पर सख्त कानून की मांग कर रहे थे और अब सरकार ने लोगों की भावनाओं के अनुसार कदम उठाया है।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने लिया अहम निर्णय, छात्रों और अभिभावकों को होगी राहत

मोहाली  पंजाब में स्कूल शिक्षा प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 2026-27 एकेडमिक सेशन से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) स्कूलों के पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सीधे किताबें मुहैया कराएगा। इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बोर्ड ने एक डेडिकेटेड ई-कॉमर्स पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिसके जरिए किताबों की खरीद और बांट पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी। नई प्रणाली के तहत विद्यार्थी और माता-पिता घर बैठे मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जरूरत के हिसाब से किताबें ऑर्डर कर सकेंगे। इसके साथ ही स्कूलों को क्लास और सब्जेक्ट के हिसाब से अपनी डिमांड डिजिटल तौर पर अपलोड करनी होगी। हर विद्यार्थी को एक अलग लॉग-इन क्रेडेंशियल दिया जाएगा, जिसके जरिए माता-पिता सीधे पोर्टल पर जाकर ऑर्डर कर सकते हैं और पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रख सकते हैं। इस पहल का मुख्य मकसद किताबों की सप्लाई में बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना, लागत कम करना और किताबों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। नए सिस्टम में स्कूल सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन के लिए जिम्मेदार होंगे और कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं ले पाएंगे। साफ निर्देश दिए गए हैं कि छूट वाली छपी कीमत से अधिक कोई रकम की वसूली नहीं होगी, जिससे माता-पिता पर आर्थिक बोझ घटेगा। बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह ने कहा कि इस पोर्टल को एक सिक्योर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है, जिससे ट्रांजेक्शन पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और सिक्योर होगा। उन्होंने कहा कि सिस्टम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ओवरचार्जिंग की कोई गुंजाइश न रहे और हर लेवल पर अकाउंटेबिलिटी पक्की की जा सके। 

पंजाब में मजदूर दिवस के मौके पर श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 15% बढ़ी, मान सरकार ने लिया बड़ा कदम

 चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा ने मई दिवस के अवसर पर शुक्रवार को 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बढ़ोतरी को श्रमिक वर्ग के योगदान के प्रति सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की बेस दर (मूल दर) आखिरी बार 2012 में संशोधित की गई थी। हालांकि, साल 2012 से अब तक महंगाई भत्ता बढ़ता रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी की बेस दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। शुरू करेंगे शुक्राना यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 लागू हो गया है। इस कानून के बनने के बाद अब वे 6 मई से श्री आनंदपुर साहिब से शुक्राना यात्रा शुरू करेंगे, जो 9 मई तक चलेगी। इस यात्रा के दौरान तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर शुक्राना किया जाएगा। जानिए अब कितनी मिलेगी न्यूनतम सैलरी सरकार की तरफ से बताया गया है कि अकुशल मजदूरों की सैलरी अब 13486 रुपये मिलेगा। प्रतिदिन 518.69 रुपये के हिसाब से देना होगा। अर्ध अकुशल मजदूरों को 14383 रुपये मिलेगा। इन्हें 553.19 रुपये प्रतिदिन दी दर से मजदूरी मिलेगी। कुशल मजदूरों को 15414 रुपये मिलेगा। इन्हें 638.50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसा मिलेगा। उच्च कुशल मजदूरों को 16601 रुपये प्रति महीने न्यूनतम सैलरी मिलेगी।  वहीं, स्टाफ कैटगरी-ए के कर्मचारियों को न्यूनतम सैलरी 19431 रुपये प्रति महीने मिलेगी। इन्हें 747.34 रुपये प्रति दिन के हिसाब से वेतन मिलेगा। स्टाफ कैटगरी-बी के कर्मचारियों 17510 रुपये मिलेगा। इनको 673.46 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन मिलेगा। स्टाफ कैटगरी-सी वर्ग के कर्मचारियों को 15786 रुपये प्रति महीने वेतन मिलेगा। इन्हें 607.15 रुपये प्रति दिन की दर से सैलरी मिलेगी। स्टाफ कैटगरी-डी वर्ग के कर्मचारियों को 14406 रुपये वेतन मिलेगा। इन्हें 554.07 रुपये प्रति दिन के हिसाब से पैसा मिलेगा। इस बदलाव से विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले पंजीकृत मज़दूरों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है। स्टाफ कैटेगरी के बारें जानें स्टाफ कैटेगरी A: ऐसा व्यक्ति जिसके पास पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री/MBA/मार्केटिंग/फाइनेंस/ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट या कंपनी सेक्रेटरी या इसके बराबर या कोई प्रोफेशनल डिग्री हो। स्टाफ कैटेगरी B: किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट या अंडर ग्रेजुएट जिसके पास स्टेनोग्राफी में डिप्लोमा/सर्टिफिकेट कोर्स या कंप्यूटर एप्लीकेशन/अकाउंटेंसी में डिप्लोमा हो या सुपरवाइजरी स्टाफ जिसे खुद से फैसले लेने हों। स्टाफ कैटेगरी C: ऐसा व्यक्ति जो मैट्रिकुलेट से ऊपर हो लेकिन ग्रेजुएट या अंडरग्रेजुएट न हो और जिसके पास स्टेनो टाइपिस्ट/कंप्यूटर एप्लीकेशन/अकाउंटेंसी के डेटा एंट्री ऑपरेटर का सर्टिफिकेट हो, इसमें स्टाफ कीपर, सेल्समैन, असिस्टेंट और स्टोरकीपर शामिल हैं। स्टाफ कैटेगरी D: कोई भी क्लास-IV कर्मचारी (कैजुअल, कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए या कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर)  

पंजाब में फ़्लोर टेस्ट की तैयारियां: अमन अरोड़ा पेश करेंगे प्रस्ताव, 6 BJP सांसदों के शामिल होने से टूट का खतरा

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा का आज 11 बजे विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके साथ ही AAP के 6 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के बाद सरकार पर भी खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में सरकार आज फ्लोर टेस्ट करवा सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, AAP ने अपने सभी विधायकों को विधानसभा में हाजिर रहने के लिए व्हिप भी जारी कर दी है। यही नहीं पार्टी ने सभी विधायकों को तय समय से एक घंटा पहले विधानसभा में बुला लिया था। दरअसल, पार्टी में टूट की सुगबुगाहट के बीच दो दिन पहले सभी सांसदों व विधायकों को जालंधर में बुलाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस बैठक में 65 ही विधायक पहुंचे जबकि बाकी नदारद रहे। वहीं तीनों लोकसभा सांसद भी बैठक में नहीं पहुंचे। AAP के पास अभी 117 में से कुल 94 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 59 विधायक जरूरी होते हैं। भगवंत मानने खुद दी थी जानकारी सीएम भगवंत मान ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में जानकारी देते हुए बताया था कि पंजाब कैबिनेट द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में यह तय किया गया है कि 1 मई को ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। यह एक दिवसीय सत्र उन मेहनती मजदूरों और कारीगरों को समर्पित होगा, जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम योगदान देते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा सत्र के समय पर सवाल उठाया है। क्या बोले सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा सत्र के समय पर आपत्ति जताते हुए कहा किइसे मजदूर दिवस के दिन बुलाया गया है। उन्होंने इसे सरकार की जल्दबाज़ी और संभावित विश्वास प्रस्ताव की तैयारी से जोड़ते हुए कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि AAP सरकार पहले ही अपना बहुमत खो चुकी है। उनका आरोप है कि जालंधर में हुई एक अहम बैठक में कई विधायक अनुपस्थित रहे और जो पहुंचे वो कथित तौर पर प्रशासनिक दबाव में थे। बीजेपी ने बताया फिजूलखर्ची बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बुधवार को 1 मई को होने वाले पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को फिजूलखर्ची और सरकारी खजाने पर बोझ बताया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग न केवल अपनी कमजोर होती पार्टी और अस्थिर विधायकों को संभालने के लिए कर रही है, बल्कि पंजाब में अपनी नाकामियों, अक्षमता, टूटे वादों, माफिया राज, गुंडागर्दी और जबरन वसूली के जाल से उपजे बढ़ते जन आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए भी कर रही है। चुघ ने कहा कि इस तरह का सत्र बुलाने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को जनता को बताना होगा कि उनके तथाकथित ‘परिवर्तन’ ने चार वर्षों में क्या हासिल किया है। भ्रष्टाचार, अराजकता और आंतरिक कलह ने उनकी अपनी पार्टी को गहरे अविश्वास में धकेल दिया है। वड़िंग का दावा- 50 विधायक पार्टी छोड़ेंगे राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार कयास लगाए जा रहे हैं कि 30 से 35 विधायक राघव चड्‌ढा व संदीप पाठक के संपर्क में हैं। कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग भी AAP के 50 विधायकों के पार्टी छोड़ने का दावा कर चुके हैं। अकाली दल के नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया भी आप में टूट की बार-बार बात कर रहे हैं।

पंजाब CM की प्रेस कांफ्रेंस आज: बीजेपी और विरोधी दलों को निशाना बनाएंगे

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर बने हालातों के बीच पंजाब CM भगवंत मान आज (29 अप्रैल) चंडीगढ़ में एक प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इस कांफ्रेंस में वह केंद्र सरकार व बीजेपी पर हमलावर रहेंंगे। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी। इसमें पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि वह जिस सवालों को लेकर आज आए थे उनके जवाब वह कल होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में देंगे। इसके बाद सीएम ने शाम को कैबिनेट मीटिंग के बाद पोस्ट डालकर जानकारी दी थी कि एक तारीख को मई दिवस मौके वह स्पेशल सेशन बुला रहे हैं, जो श्रमिकों को समर्पित रहेगा। इस दौरान मुलाजिम नेताओं को सेशन के लिए आमंत्रित किया जाएगा। मान सबसे बड़े गद्दार हैं जब से आम आदमी पार्टी के सांसद बीजेपी में शामिल हुए है, तब से राज्य में राजनीति गरमाई हुई है। आप समर्थकों ने उन सांसदों के घरों का घेराव किया है। उनके घरों के बाहर गद्दार तक लिखा है। सीएम भी उन्हें गद्दार कह चुके हैं। वहीं, मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि दल बदलना गद्दारी है, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान सबसे बड़े 'गद्दार' हैं, क्योंकि उन्होंने भी पहले अपनी पुरानी पार्टी (पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब) छोड़ी थी। शर्मा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा और अन्य नेताओं द्वारा आप सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने मान को एक "कठपुतली" बताया जो असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विधानसभा सत्र का दुरुपयोग कर रही है और केंद्र के खिलाफ झूठ और भ्रम फैलाकर लोगों के बीच द्वेष पैदा कर रही है। आप विधायक जाने वाले हैं पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा एक प्रेस कांफ्रेंस में कुछ दिन पहले दावा कर चुके हैं कि आम आदमी पार्टी के 60 से 65 विधायक पार्टी बदलने वाले हैं। उन्होंने दावा किया है कि पंजाब में "महाराष्ट्र जैसा" राजनीतिक फेरबदल होने वाला है। महाराष्ट्र का जहाज मोहाली आकर लग गया है। इस जहाज में चढ़ने वाले व्यक्ति सीएम भगवंत मान होंगे। उन्होंने सीएम को पंजाब का एकनाथ शिंदे" कहा था।

पंजाब CM की कैबिनेट मीटिंग आज, सीएम रिहायश पर दोपहर 3:30 बजे लेंगे कई अहम फैसले

चंडीगढ़  पंजाब सीएम भगवंत मान ने आज (28 अप्रैल) अहम कैबिनेट मीटिंग बुला ली है। मीटिंग दोपहर साढ़े 3 बजे होगी। कैबिनेट संबंधी एजेंडा जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बैठक टेबल एजेंडा पर होगी। इस दौरान जहां कई फैसले लिए जा सकते हैं.. सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरा कर आए पंजाब सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरे पर जाकर आए है। इस दौरान उन्होंने पंजाब में कई कंपनियों को निवेश करने का न्योता दिया है। इसके अलावा मोहाली समेत कई इलाकों में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी मीटिंग में आने की संभावना है। क्योंकि अब इलेक्शन के लिए कुछ ही समय शेष रह गया है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि तुरंत इलाके में निवेश को बढाया जाए।  

पंजाब में गर्मी से राहत, 30 अप्रैल तक ओरेंज अलर्ट, 1 मई से पारा फिर चढ़ेगा

 अमृतसर पंजाब में अप्रैल महीने में गर्मी चरम तक पहुंच चुकी है। कई जिलों में तापमान 41 डिग्री के पार हो चुका है। लेकिन अब इससे राहत मिलती दिख रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने के बाद पंजाब के कई इलाकों में बादल छा गए हैं, जबकि अबोहर व फाजिल्का के कुछ गांवों में बारिश भी देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार गर्मी से ये राहत 30 अप्रैल तक रहेगी। इस दौरान बारिश के कारण राज्य के अधिकतर जिलों का तापमान 5 डिग्री तक गिरेगा। लेकिन ये राहत कुछ समय के लिए ही है। 1 मई से दोबारा गर्मी जोर पकड़ने लगेगी। मात्र दो दिनों 1 व 2 मई को पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ जाएगा। आज से मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पांच दिनों के लिए जिलावार चेतावनी जारी की है, जिसमें कहीं आंधी और बारिश तो कहीं लू और गर्म रातों का खतरा बताया गया है। मालवा के कई इलाकों में आज होगी बारिश 28 अप्रैल: इस दिन हालात बदलते नजर आएंगे। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, होशियारपुर और गुरदासपुर में आंधी, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं लुधियाना, पटियाला, संगरूर, मानसा और बठिंडा में तेज गर्मी के साथ लू का असर दिख सकता है। इन जिलों के लिए विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 29 अप्रैल: गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और कपूरथला में मौसम कुछ हद तक सक्रिय रहेगा और आंधी व बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं फाजिल्का, फिरोजपुर, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और मानसा में मौसम सामान्य रहने के संकेत हैं। अन्य जिलों में हल्की चेतावनी जारी की गई है। 30 अप्रैल: इस दिन उत्तरी जिलों जैसे गुरदासपुर, होशियारपुर और पठानकोट में हल्की चेतावनी जारी है। जबकि दक्षिणी और मध्य जिलों जैसे लुधियाना, संगरूर, बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, मुक्तसर और मोगा में किसी प्रकार की चेतावनी नहीं है और मौसम सामान्य रहने की संभावना है। 1 मई: इस दिन पूरे पंजाब में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। सभी जिलों में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। 60 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 अप्रैल को आंधी और तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं कुछ जिलों में लू और गर्म रातों का असर भी देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों और लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान: शुक्रवार को सरकारी छुट्टी, सभी स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब के छात्रों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बता दें कि पंजाब सरकार ने 1 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, यह अवकाश मई दिवस के उपलक्ष्य में घोषित किया गया है। हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन मजदूरों और श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित होता है। इस निर्णय का असर राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी विभागों पर पड़ेगा, जहां नियमित कामकाज इस दिन स्थगित रहेगा। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। राज्य में हीट वेव को लेकर अलर्ट                                वहीं आपको बता दें कि उत्तर भारत में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पंजाब में भी तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले हफ्ते से गर्मी और ज्यादा तीव्र हो सकती है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।  

पंजाब सरकार का ऐतिहासिक कदम, 201 गांवों में किसानों को धान की अग्रिम बिजाई करने की मिली अनुमति

 कलानौर  पंजाब सरकार ने सेमग्रस्त घोषित किए राज्य के 201 गांवों में अग्रिम धान बीजने की छूट दी है। इनमें गुरदासपुर जिले के तीन गांव शामिल हैं, जिनके करीब 200 एकड़ जमीन सेमग्रस्त है। पंजाब सरकार ने यह छूट दो साल के लिए दी है। गौर हो कि पंजाब में किसान दस मई से पहले धान की पनीरी की बिजाई नहीं कर सकते हैं। इसका उद्देश्य राज्य में घटते भू-जल स्तर को रोकना है। निकटवर्ती निज्जरपुर गांव के सरपंच रणदीप सिंह ने बताया कि ब्लाक डेरा बाबा नानक से संबंधित सरपंचों की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब भर में सेमग्रस्त घोषित किए 201 गांवों में अग्रिम धान बीजने की छूट दी है। अब इन खेतों के किसान साल भर में कभी भी धान की बिजाई कर सकते हैं। इस फैसले से डेरा बाबा नानक ब्लाक के सेमग्रस्त गांवों के सरपंचों व किसानों में खुशी की लहर है। इस संबंध में गांव निज्जरपुर के सरपंच रणदीप सिंह, प्रकाश सिंह, कुलविंदर सिंह, कर्मजीत सिंह, जगजीत सिंह आदि ने बताया कि पिछले साल अगस्त में सक्की किरण नाले और रावी दरिया के पानी से आई बाढ़ में उनकी धान की फसल तबाह हो गई थी। इसके बाद विभिन्न संगठनों के सहयोग से उन्होंने गेहूं की बिजाई की, लेकिन गेहूं वाले खेतों में सेम आ जाने के कारण उनकी गेहूं की फसल भी नष्ट हो गई थी। सरपंच रणदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव अठवाल, कोटली सूरत मल्ली, अर्लीभन्न के रकबे में सेम पड़ जाने और गेहूं की फसल नष्ट होने पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन सेम प्रभावित खेतों में अग्रिम धान लगाने की मांग की थी। इस मांग के मद्देनजर पंजाब सरकार ने कृषि विभाग और विभिन्न टीमों को सेमग्रस्त खेतों की जांच के लिए भेजा था। टीमों ने जांच के बाद पाया कि इन खेतों में डेढ़ से दो फुट मिट्टी खोदने के बाद सेम का पानी आ जाता है। पंजाब सरकार ने किसानों की मांग स्वीकार करते हुए जिला गुरदासपुर के गांव भुल्लर, अठवाल, कोटली सूरत मल्ली के अलावा पूरे पंजाब के विभिन्न जिलों के कुल 201 गांवों को सेमग्रस्त घोषित किया है। इनमें श्री मुक्तसर साहिब के 95, फरीदकोट के 19, फाजिल्का के 81, बठिंडा के दो और मानसा के एक गांव शामिल हैं। सरकार ने इन गांवों के क्षेत्र को धारा 3(3)(सी) के तहत 'पंजाब प्रिजर्वेशन ऑफ सब-सायल वाटर एक्ट, 2009' के दायरे से अगले दो सालों की अवधि के लिए छूट दे दी है। इस छूट के बाद अब ये किसान निर्धारित तिथि से पहले अग्रिम धान की बिजाई कर सकेंगे। किसानों का कहना है कि इस फैसले से उनकी आर्थिक को काफी राहत मिलेगी। सरपंच रणदीप सिंह ने सेमग्रस्त जमीनों के मालिक किसानों से अपील की कि वे धान की बिजाई के लिए नर्सरियों की तैयारी करें ताकि सेमग्रस्त खेतों में धान की बिजाई की जा सके। सरपंच रणजीत सिंह और प्रभावित किसानों ने बताया कि पिछले साल अगस्त महीने में बाढ़ के पानी से जहां उनकी धान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी, वहीं देर से खेतों में किसानों द्वारा बिजाई की गई गेहूं की फसल भी खेतों में सेम की मार पड़ जाने के कारण नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि कई किसानों के खेतों में से डेढ़ से तीन क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं की पैदावार ही निकली है, जो सामान्य से काफी कम है। किसानों ने कहा कि पंजाब सरकार को सेमग्रस्त जमीनों पर खराब हुई गेहूं की फसल का भी किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए ताकि समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे किसानों की आर्थिक सहायता हो सके। जिला गुरदासपुर के कृषि अधिकारी डा. ठाकुर रणधीर सिंह से बातचीत में उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पंजाब के विभिन्न जिलों के अलावा जिला गुरदासपुर के तीन गांवों आदि सहित कुल 201 गांवों को सेमग्रस्त घोषित किया गया है। इसके तहत इन सेमग्रस्त गांवों के किसानों को अग्रिम धान बिजाई की छूट मिली है, जबकि दूसरी जमीनों में धान की पनीरी की बिजाई और धान की रोपाई पंजाब सरकार के खेतीबाड़ी विभाग के आदेशों पर होगी।