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मान सरकार ने दी राहत, गन्ने के लिए किसानों को मिलेगा 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी

  चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक विशेष रूप से किसान-कल्याण के लिए फैसले लेने पर केंद्रित रही, जिसमें कैबिनेट द्वारा निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी की मंजूरी दी गई। इससे पंजाब राज्य गन्ना किसानों को देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देने में लगातार अग्रणी बना हुआ है। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुधारों के साथ लोगों की तंदुरुस्त स्वास्थ्य संबंधी पहलकदमियों और शहरी प्रशासन में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाने संबंधी मंजूरियां शामिल हैं, जो पंजाब सरकार की निर्णायक और परिणाम-आधारित पहुंच को दर्शाती हैं। मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि निजी चीनी मिलों की ओर से गन्ना किसानों को 2025-26 पिराई सीजन के लिए निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस में से 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी सीधे तौर पर अदा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब पहले ही देश में गन्ने के लिए सबसे अधिक 416 रुपए प्रति क्विंटल स्टेट एग्रीड प्राइस दे रहा है, जो पिछले साल से 15 रुपए की वृद्धि दर्शाता है। यह पंजाब के गन्ना काश्तकारों को देश भर में सबसे अधिक भाव मिलना सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों के लिए आय सुरक्षा को और मजबूत करेगा। जन स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्रिमंडल ने ‘सीएम दी योगशाला’ प्रोजेक्ट के अधीन योग ट्रेनरों के 1,000 अतिरिक्त पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है। बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इस पहल के लिए 35 करोड़ रुपए का बजट प्रबंध किया जाएगा, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ और तंदुरुस्त पंजाब का सृजन सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूती देने के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने मुक्तसर जिले के गांव बादल, तरन तारन जिले के खडूर साहिब, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर जलालाबाद और फाजिल्का जिले के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस), फरीदकोट में पूरी तरह हस्तांतरित करने की मंजूरी भी दे दी है। इस हस्तांतरण से इन क्षेत्रों के निवासी यूनिवर्सिटी के उन्नत मेडिकल बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता का लाभ उठाकर बेहतर इलाज और जांच सेवाओं तक पहुंच सकेंगे। मंत्रिमंडल ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट, 2020 की धारा 4 के अधीन निर्देशों के गठन और नोटिफिकेशन को भी मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य पंजाब सरकार के विभागों, बोर्डों, निगमों और जन क्षेत्र के अन्य संस्थानों से संबंधित म्यूनिसिपल संपत्तियों को जन उद्देश्यों के लिए हस्तांतरित करने की सुविधा प्रदान करना है। ये फैसले राज्य भर में विकास परियोजनाओं को नई गति देने के साथ-साथ जमीन के वितरण में एकरूपता सुनिश्चित करने और सरकारी जमीन के दुरुपयोग को रोकने में विशेष रूप से सहायक होंगे। संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व वाली एक कमेटी आवंटन प्रक्रिया की सिफारिश करेगी, जो राज्य सरकार की मंजूरी के अधीन होगी। जमीन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के माध्यम से विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने म्यूनिसिपल सीमाओं के अंदर सभी सरकारी-लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के अधीन स्थित खाली छोड़े गए या उपयोग में आने वाले रास्तों या जल मार्गों (खालों) की बिक्री या एक्सचेंज के जरिए हस्तांतरण के लिए भी नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को तलाशना और शहरी योजना के परिणामों को बेहतर बनाना है। मंत्रिमंडल ने पीएपीआरए (पंजाब किफायती संपत्ति पंजीकरण अधिनियम) लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के लिए समय अवधि 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक एक साल बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी। यह वृद्धि प्रति एकड़ 25,000 रुपए की एक्सटेंशन फीस पर अधिकतम तीन साल की अवधि के लिए दी जाएगी और संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा पहले लागू नियमों और शर्तों के अनुसार इसकी अनुमति दी जाएगी। शहरी विकास संबंधी एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने जनवरी 2026 के बाद नीलामी के लिए रखी जाने वाली प्रस्तावित संपत्तियों के लिए अतिरिक्त सतही क्षेत्र अनुपात के खर्च को निर्धारित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्मूले को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 20 फरवरी, 2025 को अधिसूचित ई-ऑक्शन नीति 2025 के पैरा 10.2 में संशोधनों को भी मंजूरी दी गई, जिससे भविष्य में विकास प्राधिकरणों द्वारा नीलाम की जाने वाली सभी श्रेणियों की संपत्तियों पर लागू संशोधित उपबंध बनाए गए। मंत्रिमंडल ने नियम 6ए शामिल कर पंजाब सिविल सर्विसेज (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1994 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी। संशोधन के अनुसार, न्यूनतम शैक्षिक और अन्य योग्यताओं सहित योग्यता मापदंड निर्धारित करने की अंतिम तिथि आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि होगी, जब तक कि संबंधित सेवा नियमों में विशेष रूप से कोई अन्य तिथि निर्धारित न की गई हो। फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए एक अग्रगामी कदम के तहत मंत्रिमंडल ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए जापानी तकनीक पेश करने हेतु जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ भागीदारी को भी मंजूरी दी। यह भागीदारी बागवानी विकास, कोल्ड चेन बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और हुनर विकास पर केंद्रित होगी, जिसका उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र के योगदान को दोगुना करना है।

पंजाब में कोहरे की आड़ में सक्रिय पाक ड्रोन बने BSF की चुनौती

गुरदासपुर. पाकिस्तानी तस्करों द्वारा घने कोहरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में भेजे जा रहे ड्रोन एक बार फिर बीएसएफ, पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। बीते वर्ष दिसंबर तक पंजाब की 553 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने लगभग 300 ड्रोन पकड़े थे, जिनमें गुरदासपुर सेक्टर की 134 किलोमीटर सीमा से सबसे अधिक गतिविधि देखी गई। इसके साथ बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार भी बरामद किए गए थे। वीरवार रात कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच ड्रोन गतिविधि दो स्थानों पर दर्ज हुई, एक बीएसएफ की 27 बटालियन की बीओपी चंदू वडाला और दूसरी 113 बटालियन की बीओपी आबाद पोस्ट पर। आसमान में ड्रोन की आवाज सुनाई दी, लेकिन कोहरा इतना घना था कि कोई ड्रोन दिखाई नहीं दिया। सूचना मिलते ही थाना कलानौर और डेरा बाबा नानक के एसएचओ तथा बीएसएफ जवानों ने खेतों में व्यापक सर्च अभियान चलाया, परंतु कोई बरामदगी नहीं हुई। कोहरे के कारण दिक्कतें आ रही सीमा पर एंटी-ड्रोन डिवाइस तैनात होने के बावजूद कोहरे में आने वाले ड्रोन सुरक्षा तंत्र को चकमा दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी तस्कर चाइना मेड ड्रोन सहित 5 से 15 किलो भार वहन करने वाले हाई-रेंज ड्रोनों का प्रयोग करते हैं। बीएसएफ ने कई बार इन मंसूबों को नाकाम किया है और जवान लगातार सतर्क हैं। ड्रोन गतिविधि के दौरान बीएसएफ आकाश में आईएलएलयू बम (इल्युमिनेशन बम) का इस्तेमाल करती है, जो 300, 700 और 900 मीटर की ऊंचाई पर 35–45 सेकंड तक तेज रोशनी फैलाते हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधि स्पष्ट दिखाई दे सके। गांवों में विलेज डिफेंस कमेटियां एक्टिव एसएसपी आदित्य ने बताया कि सीमा से सटे गांवों में पंजाब पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटियां गठित की हैं, जिनके सहयोग से कई बार तस्करों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि रात के समय नाकाबंदी और गश्त और अधिक कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी नापाक हरकत को रोका जा सके।

पंजाब हुआ महंगाई वाले टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर

चंडीगढ़. कर्ज के बोझ में डूबे और महंगाई की मार झेल रहे पंजाब के लिए नया साल अच्छी खबर लाया है। सूबा उन टॉप पांच राज्यों की सूची से बाहर हो गया है जो महंगाई की सबसे अधिक मार झेल रहे हैं। राज्य की महंगाई दर कम होकर 1.82 प्रतिशत तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार का जीएसटी दरों में कटौती करना प्रदेश के लिए राहत लेकर आया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में महंगाई दर में और गिरावट देखने को मिल सकती है क्योंकि जरूरी सामान की कीमतें में कमी आई है। लोगों की जेब पर बोझ भी कम हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 में सूबे की महंगाई दर 1.82 प्रतिशत तक दर्ज की गई है जबकि पिछले काफी महीनों से नवंबर 2025 तक पंजाब उन पांच राज्यों में शामिल था जहां महंगाई दर सबसे अधिक थी। राष्ट्रीय स्तर पर भी महंगाई दर 1.33 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं 9.49% महंगाई दर के साथ केरल टॉप पर है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक की महंगाई दर 2.99%, आंध्र प्रदेश 2.71%, तमिलनाडु 2.67% और जम्मू एंड कश्मीर की 2.26% है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2026 में जीएसटी दरों में कटौती से पंजाब के जीएसटी राजस्व में 6.7 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है जिससे सरकार को 1786 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी का कुल राजस्व वर्ष में बढ़कर 28,507 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। प्रदेश पर कर्ज के बोझ के बीच यह अच्छे संकेत हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य पर अनुमानित कर्ज 3.82 लाख करोड़ था जो 2025-26 के बजट के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष के अंत तक 4.17 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में भी आई कमी इसी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में भी कमी आई है। पंजाब में नवंबर 2025 के दौरान सीपीआई 190.8 दर्ज किया गया था, जो दिसंबर 2025 में कम होकर 190.4 हो गया है। अनुमान है और आगे सीपीआई में और कमी हो सकती है। सबसे अधिक सीपीआई केरल में 221.6 दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी सीपीआई में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है। नवंबर में यह 197.9 था, जो दिसंबर में बढ़कर 198 हो गया है। सीपीआई एक तरह का पैमाना है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि समय के साथ आम लोगों की तरफ से खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है। इसमें खाने-पीने का सामान, किराया, कपड़े, शिक्षा, इलाज, परिवहन, बिजली व पानी समेत अन्य सेवाएं शामिल होती हैं।

सुप्रीम कोर्ट कमेटी के समक्ष सतनाम बेहरू की भावुक अपील

चंडीगढ़. सुप्रीम कोर्ट की ओर से रिटायर्ड जस्टिस नवाब सिंह की अगुवाई में गठित कमेटी से मिलने पहुंचे किसान नेताओं ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी विस्तृत राय रखी। इस दौरान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाले सतनाम सिंह बेहरू ने समिति के सदस्यों के सामने भावुक अपील की। सतनाम बेहरू ने कहा कि वह न्यायालय के समय का महत्व समझते हैं, इसलिए अपनी बात संक्षेप में ही रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की बातों पर संदेह हो, तो कम से कम खेती के क्षेत्र के विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की राय अवश्य सुनी जानी चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि वह स्वयं पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन समिति के सदस्य तथ्य और तर्क के आधार पर निर्णय लेने में सक्षम हैं। बेहरू ने बताया कि वह वर्ष 2000 से इस मुद्दे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना था कि किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, इसलिए सरकार को इस दिशा में नीति बनानी चाहिए। 2004 में केंद्र सरकार ने एम.एस. स्वामीनाथन की अगुवाई में एक राष्ट्रीय कृषि आयोग गठित किया, जिसने दो वर्ष की विस्तृत मेहनत के बाद पांच जिल्दों में अपनी रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि किसानों को उनकी फसल की लागत पर 50 प्रतिशत लाभ लेना चाहिए। लेकिन सरकारों ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में भी लगी बाधाएं सतनाम ने कहा कि रिपोर्ट का सार तैयार करने के लिए वह प्रो. रंजीत सिंह घुम्मण के पास पहुंचे, लेकिन पहले उन्हें मना कर दिया गया। उनकी अनेक विनतियों के बाद सार तैयार हुआ और इसी आधार पर 2011 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट में मामला कई महीनों तक चला। इस बीच 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी भाषणों में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात कही। बेहरू ने इस वादे को भी अपनी याचिका में शामिल किया, परंतु अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनावी वादों पर फैसला नहीं दिया जा सकता। सतनाम ने समिति को बताया कि यदि खेती नहीं बची तो देश की खाद्य सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। उनकी बातों को सुनकर समिति में मौजूद कई विशेषज्ञ गंभीर होकर उन्हें सुनते दिखाई दिए।

बठिंडा दौरे पर CM मान बोले-आतिशी विवाद पर हाईटेक लाइब्रेरी लॉन्च की

बठिंडा. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को लगातार दूसरे दिन बठिंडा दौरे पर रहे। उन्होंने सुबह जिला हाईटेक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया और मिशन प्रगति के तहत पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से भी मुलाकात की। लाइब्रेरी में 20 कंप्यूटर लगाए गए हैं और इसका संचालन नौ करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसका पूरा खर्च कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड से वहन होने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी। लाइब्रेरी उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़े हालिया विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी धर्म और नफरत की राजनीति को बढ़ावा दे रही है और पंजाब में माहौल भड़काने की कोशिशें कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी के विधानसभा भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और मनचाहे सबटाइटल जोड़कर इसे धार्मिक बेअदबी से जोड़ने की साजिश रची गई। प्रधानमंत्री ने उठाया सवाल- बलिदान दिवस पर पंजाब क्यों नहीं आए सीएम भगवंत मान ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा को सचमुच गुरु परंपरा से इतना लगाव है तो गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर उनके शीर्ष नेता पंजाब क्यों नहीं आए। प्रधानमंत्री को न्योता देने के लिए समय मांगते रहे, पर जब कार्यक्रम की बात आई तो उन्होंने पंजाब से दूरी बनाए रखी। मान ने कहा कि चुनावों में अब 8-10 महीने बचे हैं और इसी वजह से कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा एक ही तरह की भाषा बोल रहे हैं- सिर्फ आम आदमी पार्टी की आलोचना करने के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कभी किसी धार्मिक मुद्दे, तो कभी किसी सामाजिक मुद्दे को लेकर पंजाब को बांटने की कोशिश करती है, और जब भारी विरोध होता है तो तुरंत यू-टर्न ले लेती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा सुनील जाखड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह और रवनीत बिट्टू जैसे नेताओं से “झूठ बुलवाने” की कोशिश की जाती है, लेकिन पंजाब के लोग समझदार हैं और धर्म के नाम पर किसी विभाजन में नहीं फंसेंगे। 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त पहुंच रहे सीएम अकाली दल पर हमला बोलते हुए मान बोले कि पहले कृषि कानूनों और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को केंद्र सरकार को सौंपने पर सहमति दी गई, लेकिन विरोध होते ही अकाली दल ने भी रुख बदल लिया। उन्होंने कहा कि वह 15 जनवरी को अकाल तख्त साहिब जाकर अपना स्पष्टीकरण पेश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब वह लगातार सड़कों और पुलों का उद्घाटन कर रहे हैं, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं की मानसिक स्थिति बिगड़ चुकी है, और कहीं उनके लिए सरकारी पागलखाना न खोलना पड़े। उन्होंने दावा किया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में अब देश में नंबर-वन स्थिति पर है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीन से चार स्तरों पर काम किया जा रहा है और जल्द ही इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि बठिंडा की झीलों को भी प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बीते दिन बठिंडा पहुंचे थे सीएम मान सीएम भगवंत मान का ये दो दिवसीय दौरा है। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने जिले को 90 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें मुल्तानिया रेलवे ओवरब्रिज का पुनर्निर्माण कर जनता को समर्पित किया गया, जबकि एक नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी गई। पंजाब में यह चुनावी साल है और सभी राजनीतिक दल तेजी से सक्रिय हो चुके हैं। कांग्रेस मनरेगा को लेकर प्रभारी भूपेश बघेल की अगुवाई में रैलियां कर रही है, वहीं बीजेपी भी लगातार जनसभाएं कर रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी प्रदेश में दो रैलियां कर चुके हैं, जिससे चुनावी मुकाबले का ताप बढ़ता दिखाई दे रहा है।

पंजाब के दावेदार न मिलने से RBI के पास जमा हैं 3100 करोड़ रूपए

चंडीगढ़. पंजाब में लाखों लोगों का पैसा बैंक खातों, एफडी, पीएफ, शेयर और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। अनुमान के मुताबिक, 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावा न किए जाने के कारण 3100 करोड़ रुपये से अधिक रकम RBI के पास चली गई है। यह पैसा सिर्फ आज की पीढ़ी का ही नहीं, बल्कि माता-पिता, दादा-दादी और पुराने जमाने के खातों से जुड़ा भी हो सकता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश में चले गए हैं। पंजाब के कई जिलों में बहुत बड़ी रकम अनक्लेम्ड पड़ी है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड पैसा जालंधर जिले में बताया जा रहा है। यहां 10 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 593 करोड़ रुपये भूला हुआ है। इसके बाद लुधियाना में 10 लाख से ज्यादा लोगों का लगभग 485 करोड़ रुपये बिना दावे के है। अमृतसर में 7 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 280 करोड़ रुपये पड़ा है। होशियारपुर में 5 लाख से ज्यादा लोगों के लगभग 237 करोड़ रुपये और पटियाला में 5 लाख से ज्यादा लोगों के करीब 199 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। इसी तरह पंजाब के हर जिले में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पूरे पंजाब में करीब 83 लाख ऐसे बैंक और वित्तीय खाते हैं, जिनमें पैसा तो है, लेकिन अभी तक उसे लिया नहीं गया है। इसके पीछे कई आम वजहें हैं—पुराने खाते याद न रहना, नौकरी बदलने के बाद पीएफ न निकालना, बीमा पॉलिसी की जानकारी परिवार को न होना या बुजुर्गों के निधन के बाद खाते बंद न कराना। इस परेशानी को दूर करने के लिए RBI ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जांच सकता है कि उसके नाम से कोई अनक्लेम्ड पैसा है या नहीं। इसके लिए RBI की UDGAM वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और जरूरी जानकारी भरनी होती है। अगर आपके नाम से कोई पैसा बिना दावे के होगा, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जरूरी कागजात जमा करके पैसा आसानी से लिया जा सकता है। हो सकता है कि सिर्फ एक छोटी सी ऑनलाइन जांच से आपके या आपके परिवार का सालों पुराना भूला हुआ पैसा वापस मिल जाए।

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण पंजाब में शुरू, नशे के आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू

मोहाली पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। इस चरण में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग का फील्ड स्टाफ गांवों और शहरों में घर-घर जाकर नशे से जुड़े आंकड़े एकत्र करेगा और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। मोहाली में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने बताया कि इस अभियान के तहत नशा छोड़ चुके युवाओं को प्रेरक वक्ता के रूप में समाज के बीच लाया जाएगा। ये युवा अपने अनुभव साझा कर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और खासतौर पर युवाओं को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा नशे की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और समाज की सक्रिय भागीदारी से इस समस्या को जड़ से खत्म करना है।  स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि अब तक करीब 20 हजार नशा पीड़ित युवाओं को नशे की लत से बाहर निकाला जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि कई नशा मुक्ति केंद्रों में अब नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं, जो पहले चरण की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में नशा रोकथाम के साथ-साथ पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रियों ने पंचायतों, विभागीय कर्मचारियों और आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके।

सीएम मान के नेतृत्व में पंजाब को मिला ‘टॉप अचीवर’ पुरस्कार

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने आज व्यापार सुधार कार्य योजना (बी आर ए पी ) 2024 के अंतर्गत पंजाब को "टॉप अचीवर" पुरस्कार से सम्मानित किया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान पंजाब सरकार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि पंजाब ने भारत के पाँच प्रमुख सुधार क्षेत्रों — व्यवसाय प्रारंभ , निर्माण परमिट प्राप्तकर्ता, निवेश आकर्षण, क्षेत्र-विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ , और सेवा प्रबंधन— में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डी पी आई आई टी ) ने पंजाब को "टॉप अचीवर" घोषित करते हुए उसकी पारदर्शी, कुशल और निवेशक-हितैषी व्यावसायिक नीतियों की सराहना की है। यह सम्मान राज्य में व्यवसाय करने में सुगमता के क्षेत्र में पंजाब की अग्रणी भूमिका की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के चलते पंजाब निरंतर औद्योगिक विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पारदर्शी शासन, उद्योग-हितैषी नीतियाँ और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में लगातार निवेश आ रहा है। पंजाब के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल ने औद्योगिक निवेश को बड़ी गति दी है। मार्च 2022 में मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक राज्य को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 4.7 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति के कारण पंजाब आज अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों के परिणामस्वरूप पंजाब अब जापान, अमेरिका, जर्मनी, यू.के., यू.ए.ई., स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, और स्पेन जैसे विकसित देशों से भी निवेश आकर्षित कर रहा है। सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब न केवल भारत बल्कि विश्व के पसंदीदा निवेश स्थलों में तेजी से उभर रहा है। कारोबार करने में सुगमता के मामले में भी पंजाब अग्रणी स्थान पर है। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा आरंभ किया गया ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम बन गया है, जो 150 से अधिक व्यावसायिक सेवाएँ ऑनलाइन प्रदान करता है और ऑफलाइन आवेदन की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त करता है। पंजाब की यह उपलब्धि राज्य की उद्योग-हितैषी सोच, प्रशासनिक दक्षता और निवेशक विश्वास का प्रतीक है।

वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू: पंजाब के इस जिले का नया नक्शा जनता के सामने

मोहाली  नगर निगम मोहाली की नए सिरे से वार्डबंदी की जा रही है। वार्डबंदी बोर्ड की बीते शनिवाल को हुई बैठक में एस.ए.एस. नगर (मोहाली) के पहले की तरह 50 वार्ड रहेंगे। इसे लोकल बॉडी विभाग पंजाब द्वारा मनजूरी दे दी गई है। इसके बाद आज विभाग द्वारा नई वॉर्डबंदी से संबंधित खाता (नक्शा) लोगों के सुझाव या एतराज लेने के लिए जनतक कर दिया गया।  नए जारी किए गए नक्शे के अनुसार मोहाली के कुल 50 वार्डों में से 20 जिनमें वार्ड नंबर 2, 4, 6, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 42, 44, 48, 50 जनरल वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा 1, 3, 7, 9, 11, 13, 15, 19, 21, 23, 25, 27, 31, 33, 35, 37, 39, 41, 43, 45, 47, 49 महिलाओं के लिए रिजर्व घोषित किए गए हैं। इसी तरह वार्ड नंबर 4, 8 पिछड़े वर्ग के लिए 20, 40, 46 अनुसूचित जाति के लिए जबकि वार्ड 5, 17, 29 अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए हैं। देखना होगा कि इस नई वार्डबंदी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों, मौजूदा पार्षदों, चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों और आम जनता की क्या राय होगी। 

मौसम विभाग का अलर्ट: इन तारीखों में पंजाब में झमाझम बारिश के आसार

चंडीगढ़ पंजाब के मौसम को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। राज्य का अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। यह विक्षोभ सोमवार से सक्रिय होगा, जिससे तापमान और नीचे जा सकता है और ठंड बढ़ेगी। कई जिलों में बारिश की संभावना 4 नवंबर को पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश होने की संभावना है। 5 नवंबर को पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर और रूपनगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदूषण ने भी बढ़ाई चिंता इसी बीच, पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी के कारण पंजाब में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। राज्य के दो शहरों खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। रविवार को खन्ना का AQI 458 और मंडी गोबिंदगढ़ का 445 दर्ज किया गया, जबकि औसत क्रमशः 307 और 320 रहा। पटियाला का AQI भी 286 दर्ज किया गया, जो चिंताजनक श्रेणी में आता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश से जहां तापमान में और गिरावट आएगी, वहीं प्रदूषण के स्तर में अस्थायी सुधार भी देखने को मिल सकता है।