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US में पंजाब-हरियाणा के ड्राइवरों पर असर, 1790 नौकरियों का नुकसान, वर्क वीजा के बिना नहीं मिलेगा DL, पूरे USA में हो सकता है लागू

पटियाला  अमेरिका के इंडियाना राज्य ने अवैध रूप से गए सभी पंजाबी ड्राइवरों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं। इंडियाना के नए कानून से 1790 ड्राइवरों की नौकरी चली गई है। इसमें अधिकतर पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं।  इंडियाना की लाइसेंसिंग अथारिटी ने बताया कि लगातार इंडियन ड्राइवरों से हो रहे हादसों के बाद ये फैसला लिया गया। हादसों के बाद पूछताछ में पता चला कि पंजाब-हरियाणा मूल के ड्राइवरों को न तो रोड साइन इंग्लिश में पढ़ना आते थे और न ही वे अंग्रेजी में बात कर सकते थे। गवर्नर माइक ब्रॉन ने मार्च 2026 में हाउस एनरोल्ड एक्ट 1200 पर साइन कर दिए हैं। इंडियाना बीएमवी ने 16 मार्च को 1790 ड्राइवरों को नोटिस भेजा था, जिसमें लाइलेंस रद्द करने की सूचना दी गई थी। कानून लागू होते ही 1 अप्रैल को सभी नॉन-डोमिसाइल्ड सीडीएल (जिनके पास एच-2ए, एच-2बी या ई-2 वीजा नहीं था) अपने आप एक्सपायर हो गए। इंडियाना के अटॉर्नी जनरल टॉड रॉकटा बोले- हमारा मकसद किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि स्टीयरिंग व्हील के पीछे बैठा व्यक्ति पूरी तरह ट्रेंड और कानूनी रूप से योग्य हो। तरनतारन के युवक ने बैन को मारी थी ट्रक से टक्कर: इंडियाना के अटॉर्नी जनरल टॉड रॉकटा ने बताया कि कानून बनाने का मुख्य कारण पिछले 4 महीनों में अवैध इमिग्रेंट ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए गए हादसे हैं। इनमें कुल 6 मौतें हुईं। पंजाब के एक ट्रक ड्राइवर की अमेरिका के फ्लोरिडा टर्न पाइक में ड्राइविंग दौरान बड़ी लापरवाही का वीडियो सामने आया था। फ्लोरिडा की सड़क पर गलत यूटर्न लेने कारण एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया था। इसमें वैन में सवार 3 लोगों की मौत हो गई थी। ट्रक ड्राइवर तरनतारन के गांव रटैला का रहने वाला था। पंजाबी मूल के सुखदीप सिंह ने रेड लाइट जंप कर मारी थी टक्कर: दूसरा हादसा 18 फरवरी 2026 को पंजाबी मूल के सुखदीप सिंह ने किया। 24 साल का सुखदेव 2018 में अवैध रूप से आया था और मई 2025 में लाइसेंस लिया था। उसने हैंड्रिक्स काउंटी में यूएस 36 पर रेड लाइट क्रॉस की। सेमी ट्रक ने पिकअप ट्रक को टक्कर मारी जिसमें 64 वर्षीय टेरी शुल्त्ज की मौत हो गई। सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह सिर्फ 3 महीने से ट्रक चला रहा था। इसी के साथ अमेरिका के कैलिफोर्निया में पंजाब के ट्रक ड्राइवर ने करीब 10 वाहनों को टक्कर मार दी थी। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था। उसकी पहचान 21 साल के जशनप्रीत सिंह के रूप में हुई थी। हादसों के बाद कानून बनने पूरी कहानी     इंडियाना विधानसभा में एचईए 1200 पेश:फरवरी 2026 में इंडियाना विधानसभा में एचईए 1200 पेश किया गया। कई भयंकर एक्सीडेंट्स के बाद यह बिल पास हुआ। गवर्नर माइक ब्रॉन ने मार्च 2026 के मध्य में इसे साइन किया। लेफ्टिनेंट गवर्नर माइका बेकविथ और अटॉर्नी जनरल ने इसे सड़क सुरक्षा का बड़ा कदम बताया।     बीएमवी ने पहले नोटिस भेजा: इंडियाना ब्यूरो ऑफ मोटर व्हीकल्स (बीएमवी) ने 16 मार्च 2026 को लाइसेंस रद्द करने से पहले 1790 ड्राइवरों को मेल से नोटिस भेजा। इनमें वे सभी शामिल थे जिनके पास नॉन-डोमिसाइल्ड सीडीएल था और लीगल स्टेटस यानी एच-2ए, एच-2बी या ई-2 वीजा नहीं था।     1 अप्रैल 2026 को कानून लागू हुआ: 31 मार्च 2026 की मिडनाइट को सभी पुराने नॉन-डोमिसाइल्ड सीडीएल एक्सपायर हो गए। अब अवैध इमिग्रेंट्स को नया सीडीएल नहीं मिलेगा। केवल एच-2ए, एच-2बी या ई-2 वीजा वाले ही अप्लाई कर सकेंगे।     नए कानून में अंग्रेजी आना जरूरी किया: नया लाइसेंस लेने के लिए एग्जाम अब केवल अंग्रेजी या अमेरिकन साइन लैंग्वेज में होगा। ड्राइवर को अंग्रेजी में बातचीत, ट्रैफिक साइन समझने और रिपोर्ट लिखना आना जरूरी कर दिया गया है। कंपनियां या ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल अगर जानबूझकर अनएलिजिबल ड्राइवर को ट्रेनिंग या नौकरी देते हैं तो उन पर 50 हजार डॉलर (लगभग 42 लाख रुपए) जुर्माना होगा। फर्जी दस्तावेज देने पर भी 42 लाख की पेनल्टी लगेगी। लाइसेंस रद्द करने वाला इंडियाना पहला सूबा, बाकी जगह भी हो सकते अवैध रूप से ट्रक चला रहे प्रवासियों पर कार्रवाई करने वाला इंडिया अमेरिका का पहला सूबा है। गवर्नर माइक ब्रॉन ने बताया कि ये फैसला फरवरी 2026 में पंजाबी ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए 2 बड़े हादसों के बाद लिया गया है। खासकर फरवरी 2026 में सुखदीप सिंह के ट्रक से हुए एक्सीडेंट में 64 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। सरकार का कहना है कि इससे अनट्रेंड और अनक्वालिफाइड ड्राइवरों को रोका जाएगा, सड़कें सुरक्षित होंगी। नए नियम में अंग्रेजी आना अनिवार्य है। रद्द लाइसेंस वाले ट्रक ड्राइवरों को नौकरी देने वाले ट्रक मालिकों पर 50000 डॉलर जुर्माना लगेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की बड़ी पहल से पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने पूरे पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी देकर इस योजना को शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए सम्मान राशि मिलेगी। इस योजना से पंजाब की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ योजना पूरे राज्य में शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।” इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, “इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।” यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी। पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी। इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है। योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने को मंजूरी कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने की मंजूरी दे दी है। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी विभाग, पंजाब के विलय की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस अभ्यास को देखते हुए भरे जाने वाले रिक्त पदों की आवश्यकता को संशोधित किया गया है। इसलिए अधिकारियों की कमेटी द्वारा सीधी भर्ती के 70 पद भरने की मंजूरी दी गई है। पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सी.एम.डी. तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शर्तों में संशोधन कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ट्रांसको) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सी.एम.डी.) तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यताओं और अनुभव संबंधी शर्तों में संशोधन करने की भी मंजूरी दे दी है। पछवाड़ा कोयला खदान में मानव शक्ति एवं सहायक स्टाफ नियुक्त करने को मंजूरी कैबिनेट ने झारखंड के जिला पाकुड़ स्थित पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन और रखरखाव के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए एक अधिकृत कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर तथा डायरेक्टर/जनरेशन, पी.एस.पी.सी.एल. को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कमेटी को पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान, पाकुड़ के संचालन और रखरखाव के लिए सक्षम मानव शक्ति/सहायक स्टाफ की ठेके पर भर्ती और विस्तार संबंधी सभी मंजूरियां देने के लिए अधिकृत किया गया है। लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधन कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के अनुसार बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है (भले ही यह पहले के टाइटल दस्तावेजों में मौजूद हो), 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी। पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल-2026 कैबिनेट ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने की मंजूरी दे दी है ताकि राज्य भर में औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित संशोधन औद्योगिक पार्कों के विस्तार और औद्योगिक एस्टेटों से बाहर नए औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार के कारण वर्षों में उभरी प्रशासनिक और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों को हल करेंगे। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य साझा सुविधाओं जैसे साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए सेवा शुल्क वसूलने और इनके उपयोग के लिए सुचारू प्रणाली विकसित की जाएगी। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में एस.पी.वी. तैयार किए जाएंगे जो सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड होंगे। ये एस.पी.वी. औद्योगिक क्षेत्रों में साझे बुनियादी ढांचे के संचालन और रखरखाव के लिए बिना लाभ-बिना नुकसान के आधार पर काम करेंगे। साथ ही एस.पी.वी. के कार्यों की निगरानी और विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने हेतु जिला निगरानी प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा। एन.एच.ए.आई. प्रोजेक्ट्स के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) को साधारण मिट्टी देने के लिए सतलुज नदी से … Read more

पंजाब में ISI के इशारे पर ड्रोन से गिर रहे हथियार, एजीटीएफ ने किया बड़ा खुलासा, विदेशी नेटवर्क का कनेक्शन

चंडीगढ़ एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के डीआइजी गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब में सीमापार से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ड्रोन से भेजे जा रहे अत्याधुनिक हथियार चुनौती बनते रहे हैं। हाल ही में बरामद कई हथियारों की जांच में यह सामने आया है कि इनका संबंध पाकिस्तान आर्मी के स्रोतों से है। इससे साफ है कि गैंगस्टर नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। पुलिस ने 61 विदेशी ठिकानों से आपरेट कर रहे गैंगस्टरों की पहचान की है। इन्हें भारत लाने के लिए ओएफटीइसी (ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल) काम कर रहा है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि युवा गैंगस्टरों के निशाने पर हैं। इसलिए पुलिस अब इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग और निगरानी की रणनीति पर भी काम कर रही है। पुलिस ऐसे युवाओं पर नजर रखेगी जो गैंगस्टर या आपराधिक पेज फालो करते हैं। उनके कमेंट, एक्टिविटी और आइपी यूआइडी ट्रैक की जाएगी। इसके बाद अभिभावकों को शामिल कर उन्हें समझाने की कोशिश होगी। यदि कोई युवा इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजीटीएफ ने इंटरनेट मीडिया पर भी बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 643 पेज ब्लाक किए जा चुके हैं। अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी पुलिस के लिए मजबूत हथियार बनकर उभरी है। बीते दिनों चंडीगढ़ में हुए मर्डर के आरोपितों का इनपुट भी इसी हेल्पलाइन से मिला। जनवरी 2026 से अब तक 590 इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर 63 एफआइआर दर्ज की गईं और 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। नाबालिगों को बना रहे टूल गुरमीत चौहान ने बताया कि गैंगस्टर अब नाबालिगों और युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर जो युवक गैंगस्टर पेज फालो करते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाता है। युवाओं को पैसे, ड्रग्स और विदेश में बसाने का लालच देकर अपराध में इस्तेमाल किया जाता है।  

डॉ. रवजोत सिंह ने पंजाब के जेल मंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला, जेलों को सुधार केंद्र बनाने की योजना

चंडीगढ़ पंजाब सरकार में नए जेल मंत्री के रूप में डॉ. रवजोत सिंह ने आज पंजाब सिविल सचिवालय में अपने पद का कार्यभार संभाल लिया। इसके अलावा वे एनआरआई और संसदीय मामलों जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. रवजोत जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विभाग के चल रहे कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि जेल विभाग को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा कैदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुधारात्मक प्रणाली को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जेलों को केवल सजा के केंद्र नहीं, बल्कि सुधार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक के दौरान जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक प्रस्तुति के माध्यम से विभाग के चल रहे प्रोजेक्ट्स, पहल और चुनौतियों के बारे में नए मंत्री को विस्तृत जानकारी दी गई। नए जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करने तथा जेल प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग, सचिव मोहम्मद तैयब और एडीजीपी जेल अरुणपाल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

पंजाब किंग्स की कप्तानी का मुश्किल ‘कांटों भरा ताज’, 17 धुरंधर हुए असफल

चंडीगढ़  इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के पहले सीजन से अब तक टूर्नामेंट खेलते हुई आ रहीं दो टीमें ऐसी हैं, जो चैंपियन नहीं बन पाई हैं। इनमें एक टीम तो ऐसी है, जिसने 17 कप्तान बदल दिए हैं, लेकिन खिताबी सूखा समाप्त नहीं हुआ है। दो बार टीम फाइनल तक जरूर पहुंची है, लेकिन फिर भी खिताब से दूर रह गई है। 2014 के बाद 2025 में टीम आईपीएल के फाइनल में पहुंची, लेकिन फिर भी खिताब दूर है। दूसरी टीम दिल्ली कैपिटल्स है, जो 2008 से खेल रही है, लेकिन खिताब नहीं जीता है। दोनों का नाम भी बदल गया है। पहले नाम पंजाब किंग्स का किंग्स इलेवन पंजाब था, जबकि दिल्ली कैपिटल्स का दिल्ली डेयरडेविल्स। हालांकि, दिल्ली ने कम कप्तान बदले हैं। पंजाब किंग्स की बात करें तो इस फ्रेंचाइजी ने अब तक 18 सीजन में 9 भारतीय और 8 विदेशी खिलाड़ियों समेत कुल 17 खिलाड़ियों को कप्तानी सौंप दी है, लेकिन टीम ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। हालांकि, 3 खिलाड़ियों को तो सिर्फ नाम मात्र के लिए कप्तानी मिली है, क्योंकि उन्होंने एक-एक मैच में ही कप्तानी की है। इसके अलावा दो कप्तान ऐसे हैं, जिन्होंने 6 और 8 मैचों में कप्तानी है, लेकिन बाकी के कप्तानों ने 10 से ज्यादा मैचों में पंजाब की टीम की कप्तानी की हुई है। महेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग और जितेश शर्मा ने एक-एक मैच में कप्तानी की है, जबकि डेविड मिलर ने 6 और मुरली विजय ने 8 मैचों में टीम का नेतृत्व किया है। पंजाब किंग्स के अब तक के 17 कप्तानों में सरपंच श्रेयस अय्यर एकमात्र कप्तान हैं, जिनका विनिंग पर्सेंटेज 60 से ज्यादा का है। युवराज सिंह इस फ्रेंचाइजी के पहले कप्तान थे, लेकिन 2008 से 2009 तक कप्तानी उन्होंने की, लेकिन टीम खिताब से कोसों दूर रही। पंजाब किंग्स के कप्तानों की लिस्ट 1. युवराज सिंह (29 मैच 17 जीत) 2. कुमार संगकारा (13 मैच 3 जीत) 3. महेला जयवर्धने (1 मैच) 4. कुमार संगकारा (34 मैच 17 जीत) 5. डेविड हसी (12 मैच 6 जीत) 6. जॉर्ज बेली (35 मैच 18 जीत) 7. वीरेंद्र सहवाग (1 मैच) 8. डेविड मिलर (6 मैच 1 जीत) 9. मुरली विजय (8 मैच 3 जीत) 10. ग्लेन मैक्सवेल (14 मैच 7 जीत) 11. आर अश्विन (28 मैच 12 जीत) 12. केएल राहुल (27 मैच 11 जीत) 13. मयंक अग्रवाल (14 मैच 7 जीत) 14. शिखर धवन (17 मैच 6 जीत) 15. सैम करन (11 मैच 5 जीत) 16. जितेश शर्मा (1 मैच) 17. श्रेयस अय्यर (17 मैच 10 जीत)

पंजाब निवेशक सम्मेलन: पंजाब पोर्ट से दूर, प्लाईवुड उद्योग ने चीन को चुनौती देने के लिए सब्सिडी की अपील की

चंडीगढ़  पोर्ट से दूर होने के कारण पंजाब के उद्योगपति निर्यात में चीन का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण उद्योगपतियों ने सरकार से सब्सिडी मांगी है ताकि प्लाईवुड उद्योग के आगे विस्तार में मदद मिल सके।पंजाब निवेशक सम्मेलन के दौरान फर्नीचर और प्लाईवुड उद्योग पर सत्र के दौरान उद्योगपतियों ने स्पष्ट किया कि देश में प्लाईवुड की मांग को पूरा करने में उद्योग समक्ष है। अब उद्योग के आगे विस्तार के लिए सिर्फ निर्यात ही मात्रा  क्षेत्रीय समिति ने भी नई नीति में सिफारिश की है कि निर्यात इकाई को माल ढुलाई सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए जो कि परिवहन लागत का 1 प्रतिशत और प्रति वर्ष अधिकतम 30 लाख रुपये तक होनी चाहिए। उद्योगपति अमरजीत सिंह सोहल ने कहा कि चीन में सभी प्लाईवुड उद्योग पोर्ट के पास हैं। इस कारण निर्यात में उन्हें काफी फायदा होता है जबकि पंजाब में स्थिति उलट है। यही कारण है कि परिवहन लागत को वहन करने में उद्योगपति समक्ष नहीं हैं। गुजरात के कच्छ जिले के कांडला बंदरगाह तक प्लाईवुड ले जाने के लिए उद्योगपतियों को सब्सिडी चाहिए ताकि निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके। भविष्य में प्लाईवुड उद्योग के पास निर्यात ही एकमात्र विकल्प है। धान के चक्कर से निकालने के लिए कृषि वानिकी को बढ़ावा देने की जरूरत उद्योगपतियों ने कहा कि पंजाब के किसानों को धान और गेहूं के चक्कर से निकालने के लिए कृषि वानिकी को बढ़ावा देने की जरूरत है। पॉपुलर और सफेदा लगाने से ही किसान और उद्योग दोनों खुशहाल हो सकते हैं। उद्योग नीति को लेकर बनाई गई क्षेत्रीय समिति के चेयरमैन नरेश तिवारी ने कहा कि पहले कृषि वानिकी में किसानों की आय में समय लगता था लेकिन अब कई विकल्प मौजूद हैं। वह साथ में हल्दी समेत अन्य फसलों की खेती कर सकते हैं जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होती जाएगी। प्लाईवुड उद्योग के सामने ये बड़ी चुनौतियां सत्र में सामने आया कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश व गुजरात समेत सभी राज्यों में प्लाईवुड उद्योग का बड़े सतर पर विस्तार हो रहा है जिसका मुकाबला करना उद्योगपतियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। हरियाणा में 400 से ज्यादा फैक्टरी एक जगह लग चुकी हैं। नरेश तिवारी ने कहा कि हालांकि वह तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्होंने मार्केट फीस वसूली का विरोध किया। इस पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए क्योंकि मार्केट फीस लगाने से प्लाईवुड उद्योग सबसे अधिक प्रभावित है। आपूर्ति में भारत में नंबर 1 बन सकता पंजाब पर्यावरण सचिव प्रियांक भारती ने कहा कि प्लाईवुड की आपूर्ति में पंजाब देश में नंबर सकता है जिसके लिए सरकार को उद्योगपतियों के सहयोग की जरूरत है। सरकार कई कदम उठा रही है। नए ट्री एक्ट को ग्रामीण क्षेत्रों में फिलहाल नहीं लगाया जाएगा क्योंकि यह कृषि वानिकी में बड़ा वादा सकता था। इससे किसानों को कटाई से पहले अनुमति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्र को इस एक्ट से बाहर रखा गया है।    

पंजाब में मौसम का खतरा! 13 जिलों के लिए SDMA का 3 घंटे का अलर्ट जारी

अमृतसर पंजाब में आज अचानक अचानक लोगों के फोन में अलर्ट मैसेज आने लगे हैं। बता दें कि पंजाब स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने अगले 3 घंटों के लिए मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। इस संबंध में लोगों को मैसेज भेजकर अलर्ट किया गया है। अथॉरिटी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर में मौसम खराब रहने की संभावना है।   इन जिलों में बिजली चमकने, गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि किसी भी तरह की इमरजेंसी होने पर लोग तुरंत 112 पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही पंजाब SDMA ने अगले 24 घंटों में अमृतसर, बरनाला, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, संगरूर में बिजली, बारिश, ओले, तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। 

पंजाब में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में सुबह से उमड़ा आस्था का सैलाब

फाजिल्का. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार सुबह से ही फाजिल्का शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम समेत दर्जनों मंदिरों में श्रद्धालु पहली पूजा के लिए तड़के ही पहुंचने लगे। चारों पहर की विशेष पूजा को लेकर शहर में धार्मिक माहौल चरम पर है, वहीं हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही कांवड़ यात्रा का भी दोपहर बाद शहर में पहुंचने का कार्यक्रम है। महाशिवरात्रि पर फाजिल्का शहर पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। तड़के चार बजे से ही विभिन्न मंदिरों में भक्तों का आना शुरू हो गया और सूर्योदय तक मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं। सिद्ध श्री हनुमान मंदिर, शिव भवन, श्री राम संकीर्तन मंदिर और श्री बालाजी धाम में सुबह की विशेष आरती के दौरान ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्री राम संकीर्तन मंदिर के पंडित चिमनलाल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला पहर सुबह 4 बजे से 7 बजे तक, दूसरा पहर सुबह 7 बजे से 10 बजे तक, तीसरा पहर दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक व चौथा पहर शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि शिवलिंग का अभिषेक, पंचामृत स्नान, रुद्राभिषेक और बिल्वपत्र अर्पित करने का क्रम पूरे दिन जारी रहेगा। शहर में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पानी, जूस, फलाहार और प्रसाद की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की संख्या भी उल्लेखनीय रही, जो व्रत रखकर पहले पहर की पूजा के लिए सुबह ही मंदिरों में पहुंच गईं। दोपहर बाद हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ संघ के विभिन्न दलों के फाजिल्का पहुंचने की उम्मीद है। कांवड़िए गंगा से लाया गया पवित्र जल शहर के प्रमुख शिवालयों में स्थापित शिवलिंगों पर अभिषेक करेंगे। मंदिर समितियों ने सुरक्षा, सफाई और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती की है, जबकि प्रशासन ने भी शहर में आवश्यक मार्ग व्यवस्थाओं और वाहनों के नियंत्रण के लिए टीमों को सक्रिय रखा है।

फरवरी-मार्च में शुरू होगा SIR, पंजाब सहित 12 राज्यों में 6.59 करोड़ वोटर नामों की जांच

लुधियाना/चंडीगढ़   पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। राज्य में फरवरी और मार्च के महीने में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों से फर्जी नाम हटाना और योग्य मतदाताओं के विवरण को अपडेट करना है। CEO पंजाब के सख्त निर्देश : सुधारें 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) ने राज्य के सभी जिला चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर 'इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट' 50 फीसदी से कम है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। क्या है इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट? इसका अर्थ है कि मतदाता सूची में दर्ज लोगों का विवरण (नाम, पता, उम्र, फोटो) डिजिटल सिस्टम से कितना सही तरह से जुड़ा और सत्यापित है। यह प्रतिशत जितना अधिक होगा, मतदाता सूची उतनी ही सटीक मानी जाएगी। SIR के लिए पंजाब CEO ने 2 बड़ी हिदायतें दीं..     इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट सुधारें: CEO पंजाब ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट 50 फीसदी से कम है उनकी मतदाता सूचियों की गलियों तो ठीक करवाएं और उनका मैपिंग परसेंट सुधारें। SIR से शुरू होने से पहले मतदाता सूचियों को ज्यादा से ज्यादा करेक्ट करवा दें।     BLO को 5 दिन का टाइम: BLO आज यानी 30 जनवरी से 3 फरवरी तक मतदाता सूचियों की गलतियों को ठीक करेंगे। इसके लिए उन्हें पांच दिन के लिए उनके डिपार्टमेंट से रिलीव कर दिया गया है। इन पांच दिनों में बीएलओ उन गलतियों को ठीक करेंगे जो उन्होंने रंगीन मतदाता सूची बनाते समय की थी। BLO ने कुछ मतदाताओं की ब्लैक एंड वाइट फोटो लगाई तो कुछ की फोटो सूचियों में ब्लर हैं। इसके अलावा कुछ फोटो तिरछी लगी हैं। नाम व अन्य जानकारियां भरते समय टाइपिकल गलतियां हैं। बीएलओ को इन पांच दिनों में ये सभी गलतियां दूर करनी हैं। इस बारे में राष्ट्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक दिन पहले सभी राज्यों से वर्चुअल मीटिंग में पंजाब में SIR फरवरी मार्च में शुरू करने की बात कही। केंद्रीय चुनाव आयोग की हिदायत के बाद सीईओ पंजाब ने मतदाता सूचियों की गड़बड़ी को ठीक करने के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले 12 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का पहला फेज कंप्लीट हो चुका है। जिसमें 6.59 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट क्या होता है, जानिए इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट से पता चलता है कि किसी क्षेत्र की मतदाता सूची में से कितने मतदाताओं का विवरण सही तरीके से वैरिफाइड और डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा चुका है। इसमें मतदाता का नाम, पता, उम्र, फोटो और संबंधित मतदान केंद्र की सही मैपिंग शामिल होती है। यह प्रतिशत जितना अधिक होता है, मतदाता सूची उतनी ही ठीक और भरोसेमंद मानी जाती है। कम इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत का अर्थ है कि सूची में गलतियां मौजूद हैं। इसी कारण चुनाव आयोग समय-समय पर SIR करवाकर मतदाता सूचियों को सुधारता है। मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस लुधियाना के अतिरिक्त जिला चुनाव अफसर व ADC राकेश कुमार ने कहा कि SIR का उद्देश्य नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत या ट्रांसफर हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और डुप्लीकेट एंट्री को साफ करना है। अभी मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में जो टाइपिंग की गलतियां हैं या फिर फोटो सही नहीं लगे हैं उनको ठीक किया जा रहा है। 12 राज्यों में SIR हुआ, वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट में 13% वोटर घटे 2 राज्यों में SIR का पहला फेज खत्म हो गया। वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए 28 अक्टूबर, 2025 से शुरू हुई मुहिम 2 महीने 11 दिन चली। SIR से पहले इन राज्यों में 50.97 करोड़ मतदाता थे। वैरिफिकेशन के बाद 44.38 करोड़ रह गए। करीब 6.59 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। यह 12 राज्यों के कुल मतदाताओं का 12.93% है, यानी हर 100 वोटर्स पर करीब 13 नाम कट गए। हालांकि ये फाइनल लिस्ट नहीं है, जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे दावे-आपत्तियां कर सकते हैं। फॉर्म 6 या 7 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। BLO को मिला 5 दिन का विशेष जिम्मा मतदाता सूचियों में सुधार के लिए बीएलओ (BLO) को उनके मूल विभागों से 5 दिनों के लिए रिलीव किया गया है। 3 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में बीएलओ गलतियों को ठीक करेंगे। फोटो सुधार : ब्लैक एंड व्हाइट, धुंधली (Blur) या तिरछी लगी फोटो को बदला जाएगा। टाइपिंग त्रुटियां : नाम, पिता का नाम या पते में हुई स्पेलिंग की गलतियों को दुरुस्त किया जाएगा। रंगीन सूचियां : नई रंगीन मतदाता सूचियों में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करना। फर्जी वोटों पर चलेगी कैंची SIR प्रक्रिया के दौरान मृत व्यक्तियों, शहर छोड़कर जा चुके लोगों और एक ही व्यक्ति के दो जगह बने (डुप्लीकेट) वोटों को हटाया जाएगा। इससे चुनाव के दौरान होने वाली धांधली की गुंजाइश खत्म होगी। मतदाता खुद भी कर सकते हैं जांच निर्वाचन आयोग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक करें। यदि नाम नहीं है, तो फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें। यदि विवरण में गलती है, तो फॉर्म-8 के जरिए सुधार करवाएं। अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार के अनुसार, वर्तमान में पूरा फोकस टाइपिंग और फोटो संबंधी त्रुटियों को सुधारकर मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने पर है, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार किया जा सके। 1. राजस्थान: 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। 2. … Read more

पंजाब सीएम का ऐलान, नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार से

चंडीगढ़ महाराष्ट्र के नांदेड़ में तख़्त सचखंड श्री हज़ूर साहिब में श्रद्धा के साथ माथा टेकते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र नगर सिखों और विशेष रूप से समूची मानवता के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह स्मरण कराते हुए कि पंजाब सरकार पहले ही श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर चुकी है, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार गुरु साहिबानों के दर्शन के व्यापक प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कलगीधर पातशाह जी के पवित्र स्थान पर भी माथा टेका और इस धार्मिक स्थल के प्रबंधकों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक होने पहुँचे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ भी देखी, जो पंथ, उसकी ऐतिहासिक संस्थाओं और उनसे प्रेरणा लेने वाले लोगों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नांदेड़ साहिब न केवल सिखों के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए पवित्र स्थल है, क्योंकि दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा इस पवित्र नगरी में व्यतीत किया था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएगी, जो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी—जिन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए—का 350वां शहीदी दिवस गहरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। पिछले वर्ष लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने तीन शहरों, जहाँ सिखों के तख़्त साहिब स्थित हैं, को पवित्र शहर घोषित किया था। उन्होंने कहा कि वाल्ड सिटी अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने संबंधी आधिकारिक अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे विश्व भर की संगतों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज़ पर महाराष्ट्र सरकार को भी नांदेड़ साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने की घोषणा करनी चाहिए, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने नांदेड़ साहिब में स्थित पंजाब भवन के पूर्ण कायाकल्प की भी घोषणा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निर्मित पंजाब भवन को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही नांदेड़ में श्रद्धालुओं के लिए वेरका दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति को और अधिक सुचारु बनाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। देश के लिए पंजाबियों के योगदान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम, देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने तथा भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में शानदार भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा की बात हो या बलिदान देने की, पंजाबी हमेशा सबसे आगे रहते हैं। यह गर्व की बात है कि किसी भी आपदा के समय पंजाबी अक्सर रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं से भी पहले जरूरतमंदों की सेवा के लिए मौके पर पहुँच जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब सरकार का कर्तव्य है कि वह युवा पीढ़ियों के लिए महान गुरु साहिबानों की गौरवशाली विरासत को संजोकर रखे। उन्होंने कहा कि हम महान गुरु साहिबानों के पदचिह्नों पर चल रहे हैं, जिन्होंने मानवता को अत्याचार, दमन और अन्याय के विरुद्ध खड़े होना सिखाया और ‘सरबत दा भला’ का संदेश दिया। उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रतिबद्धता के तहत पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य युवा पीढ़ियों को गुरु साहिबानों के जीवन, दर्शन और मानवता की रक्षा के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानियों से जोड़ना है। इस दौरान तख़्त श्री हज़ूर साहिब में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति, विकास और लोगों की खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि तख़्त श्री हज़ूर साहिब सिख धर्म के पाँच सर्वोच्च स्थलों में से एक है, जो समुदाय के लिए आध्यात्मिक, दिव्य और नैतिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सिखों के अन्य चार तख़्त—अमृतसर में श्री अकाल तख़्त साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में तख़्त श्री केशगढ़ साहिब, तलवंडी साबो में तख़्त श्री दमदमा साहिब तथा बिहार में तख़्त श्री पटना साहिब—स्थित हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की स्थापना, मानवाधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अतुलनीय योगदान दिया तथा इन आदर्शों के लिए अपना पूरा परिवार बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग नांदेड़ साहिब की पवित्र धरती पर व्यतीत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर श्रद्धा और सम्मान अर्पित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें पंजाब के लोगों की और अधिक विनम्रता व समर्पण भाव से सेवा करने की शक्ति प्रदान करें। गुरुद्वारा साहिब में अरदास के उपरांत उन्होंने जाति, रंग, नस्ल और धर्म के किसी भी भेदभाव के बिना लोगों की सेवा करने तथा एक सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।