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चंडीगढ़ में आधी रात कार लूट की वारदात, पिस्टल के बल पर प्रॉपर्टी डीलर को बनाया निशाना

चंडीगढ़  मनीमाजरा के राजीव विहार में बुधवार देर रात पिस्टल की नोक पर प्राॅपर्टी डीलर से होंडा सिटी कार लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान पंचकूला राजीव कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय कृष्ण, रैला गांव निवासी 21 वर्षीय सोनू, चंडीगढ़ के सेक्टर-16 निवासी 24 वर्षीय संजू उर्फ कांचा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी कार भी बरामद कर ली है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। राजीव विहार निवासी 24 वर्षीय पुलकित शर्मा बुधवार रात करीब 12 बजे अपने घर के बाहर कार में बैठकर ऑनलाइन खाना आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान तीन बाइक और एक्टिवा पर सवार छह बदमाश वहां पहुंचे। दो बदमाशों ने अपने वाहन कार के आगे लगा दिए, जबकि अन्य ड्राइवर सीट की तरफ पहुंच गए। आरोपितों ने पुलकित से 10 हजार रुपये मांगे और कहा कि उन्हें नशा करना है। नकदी नहीं होने पर पुलकित ने गूगल-पे से भुगतान करने की बात कही, लेकिन आरोपित नहीं माने। इसके बाद उन्होंने उसके साथ हाथापाई की, कार की चाबी निकाल ली और हाथ में पहनी घड़ी उतरवा ली। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। पिस्टल तानकर कार लेकर फरार कुछ देर बहस के बाद आरोपितों ने पुलकित को कार से बाहर निकाल दिया। जाते समय उसका मोबाइल वापस कर दिया, लेकिन पिस्टल की नोक पर धमकाते हुए उसकी होंडा सिटी कार लूट ली। तीन बदमाश कार में सवार होकर फरार हुए, जबकि तीन अन्य बाइक और एक्टिवा से उनके पीछे निकल गए। पुलकित ने घर पहुंचकर अपने पिता संजीव को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। संजीव चंडीगढ़ से सटे कैंबवाला क्षेत्र में प्राॅपर्टी कारोबार करते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलकित भी पिता के साथ प्राॅपर्टी के काम में हाथ बंटा रहा है। पेट्रोल पंप पर 3,200 रुपये का तेल डलवाया कार लूटने के बाद आरोपित डप्पर स्थित अंबाला-चंडीगढ़ टोल प्लाजा के पास एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 3,200 रुपये का तेल डलवाया, लेकिन बिना भुगतान किए कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार का नंबर फ्लैश कर हरियाणा पुलिस को सूचना दी। कार के अंबाला में देखे जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली। ढकोली से दबोचे गए तीन आरोपित चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में टीमें सक्रिय कर दी थीं। मनीमाजरा थाना पुलिस और डीसीसी की टीम ने कार्रवाई करते हुए ढकोली से कृष्ण, सोनू और संजू उर्फ कांचा को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी बरामद कर ली गई। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।  

राज्यसभा उपचुनाव में नया ड्रामा: पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस में कस्टडी को लेकर झड़प

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब पुलिस के जवानों के बीच आज झगड़ा हो गया. यह घटना मंगलवार को दिन दहाड़े सुखना झील के पास हुई, जिसके चलते वहां भारी हंगामा हुआ. पंजाब पुलिस एक उपचुनव एप्लिकेंट नवनीत चतुर्वेदी, को हिरासत में लेना चाहती थी, जिसने राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. चतुर्वेदी राजस्थान का निवासी है और उस पर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के हस्ताक्षर जाली करने का आरोप है. यह झगड़ा तब हुआ जब चंडीगढ़ पुलिस चतुर्वेदी को सुरक्षा कवर में ले जा रही थी. झगड़े का कारण नवनीत चतुर्वेदी की हिरासत थी. चतुर्वेदी ने अपने नामांकन में पंजाब से AAP के दस विधायकों को अपने प्रस्तावक (Proposer) के तौर पर बताया है.  AAP ने आरोप लगाया कि चतुर्वेदी ने विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए हैं. इसी आरोप के चलते पंजाब पुलिस चतुर्वेदी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी. चतुर्वेदी उस समय चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में था. सुखना झील के पास क्या हुआ? सुखना झील के पास जब चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में नवनीत चतुर्वेदी जा रहा था, तो पंजाब पुलिस के जवानों ने उसे जबरदस्ती हिरासत में लेने की कोशिश की. चंडीगढ़ पुलिस ने इसका विरोध किया, जिसके चलते दोनों पुलिस जवानों में खींचतान हुई और भारी हंगामा हुआ. चंडीगढ़ पुलिस ने चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस के हवाले नहीं किया. नामांकन स्क्रूटनी के बाद इंटरसेप्ट यह घटना आज यानी 15 अक्टूबर सुबह तब हुई, जब नवनीत चतुर्वेदी अपने नामांकन की स्क्रूटनी के बाद चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में जा रहा था. पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर चंडीगढ़ पुलिस के वाहन को इंटरसेप्ट किया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ SSP कंवरदीप कौर को मौके पर आकर मामले को शांत करना पड़ा. क्या है विवाद की वजह? इस पूरे विवाद की जड़ पंजाब में होने वाला राज्यसभा उपचुनाव है. राजस्थान के निवासी नवनीत चतुर्वेदी ने इस उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. हस्ताक्षर जाली करने के आरोप में पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, खतरे की शिकायत पर उसे चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा कवर दिया था.