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किसानों के मुद्दों पर CM Nayab Singh Saini का बयान, बोले- उनकी समस्याओं से हूं परिचित

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वे प्रदेश के राजा नहीं, बल्कि एक किसान के बेटे हैं। उन्होंने स्वयं खेती की है। इसलिए किसानों की समस्याओं से भलीभांति परिचित है। वे किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सदैव तत्परता से लगातार कार्य कर रहे हैं। हरियाणा निवास में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में नायब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब व जनहितैषी योजनाओं को लागू किया है। इनका लाखों लोगों ने लाभ उठाया है और वे गरीबी रेखा से बाहर हुए हैं। कांग्रेसी नेताओं द्वारा मंडियों के लगातार दौरों से जुड़े सवाल पर कहा कि विपक्ष ऐसा वातावरण खड़ा करने में लगा है, जैसे उनके समय में किसान बहुत खुश थे। वे केवल झूठ की दुकान खोलकर आमजन को गुमराह करने में लगे हैं, लेकिन जनता इन्हें अच्छे से समझती है। कांग्रेसी चुनाव के समय पोर्टल बंद करने की बात करते थे लेकिन जनता ने इन्हीं का पोर्टल बंद कर दिया है। वर्ष 2014 से लगातार डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से कर रही है। नायब ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने मतदाताओं को खूब सब्जबाग दिखाए थे। इनमें किसानों का कर्जा माफ करना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना, पंजाब को नशे से मुक्त करना, महिलाओं को लाभ देने जैसे वादे शामिल हैं। इसके उलट पंजाब में नशा बढ़ गया है और युवा नशे की गिरफ्त में हैं। उन्होंने कहा कि चुटकुलों से जनता का पेट नहीं भरता, इसके लिए जनकल्याण के कार्य करने पड़ते हैं। हरियाणा में किसानों, महिलाओं, युवाओं के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। पंजाब में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा में लागू सभी योजनाएं एवं व्यवस्थाएं हुबहू लागू की जाएंगी। हरियाणा में आयुष्मान चिरायु योजना के तहत अब तक 27 लाख परिवारों ने इलाज करवाकर स्वास्थ्य लाभ उठाया है। पंजाब में आप सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक बनाए थे, वे अब हल्ला क्लीनिक बन गए हैं। पंजाब की जनता अब इनसे अपना पिंड छुड़वाना चाहती है। कानून व्यवस्था की सख्ती से निगरानी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की सख्ती से मानिटरिंग की जा रही है। यदि कोई ड्रग व नशा बेचते पाया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजकर नशे से निजात दिलाई जा रही है। जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे से सचेत किया जा रहा है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती पर 14 अप्रैल को पंचकूला में मैराथन का आयोजन किया गया, जिसका उद्वेश्य लोगों को नशे से दूर करना ही था।

हरियाणा राजनीति में हलचल: नायब सिंह सैनी ने बंसीलाल परिवार की वारिस पर जताया भरोसा, बदले समीकरण

चंडीगढ़. हरियाणा की राजनीति में एक समय जिस क्षेत्र को चौधरी बंसीलाल का अटूट गढ़ माना जाता था, उसी भिवानी-चरखी दादरी बेल्ट में अब भारतीय जनता पार्टी अपनी पकड़ को और मजबूत करने में जुटी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए राजनीतिक संतुलन और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रख रहे हैं। भिवानी, चरखी दादरी, हिसार और महेंद्रगढ़ जैसे क्षेत्रों में भाजपा पहले से मजबूत स्थिति में है, लेकिन इन्हें पूरी तरह “भाजपामय” करने के लिए सैनी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। श्रुति चौधरी को प्रमुखता: संदेश साफ इस राजनीतिक रणनीति का सबसे अहम संकेत तब मिला जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दादरी रैली के लिए श्रुति चौधरी को अपने साथ विमान में लेकर गए। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। श्रुति चौधरी, जो किरण चौधरी की बेटी और सुरेंद्र सिंह की पुत्री हैं, बंसीलाल परिवार की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्हें लगातार मंच और महत्व देकर भाजपा इस क्षेत्र में पारंपरिक राजनीतिक प्रभाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। तीन लालों से चौथे लाल तक: बदलती राजनीति हरियाणा की राजनीति लंबे समय तक तीन बड़े नेताओं—चौधरी देवीलाल, भजनलाल और चौधरी बंसीलाल—के इर्द-गिर्द घूमती रही। भाजपा के सत्ता में आने के बाद मनोहर लाल खट्टर के रूप में “चौथे लाल” का उदय हुआ और अब उसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए सैनी नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। संतुलन की राजनीति: जातीय और क्षेत्रीय समीकरण मुख्यमंत्री सैनी की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वे केवल राजनीतिक विस्तार ही नहीं, बल्कि जातीय और भौगोलिक संतुलन को भी साध रहे हैं। अहीरवाल से लेकर बांगड़ बेल्ट तक विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं को सम्मान और प्रतिनिधित्व देकर वे संगठन को मजबूत बना रहे हैं। उत्तराधिकार की घोषणा और भाजपा का लाभ हाल ही में किरण चौधरी ने अपनी बढ़ती आयु का हवाला देते हुए श्रुति चौधरी को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया है। इस फैसले के बाद सैनी द्वारा श्रुति को प्राथमिकता देना भाजपा के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे भाजपा को भिवानी क्षेत्र में पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने और अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। निष्कर्ष: रणनीति, सम्मान और विस्तार का संगम भिवानी बेल्ट में भाजपा का विस्तार केवल संगठनात्मक मजबूती का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जिसमें परंपरागत राजनीतिक परिवारों को सम्मान देकर नए समीकरण बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि हरियाणा की राजनीति में अब केवल सत्ता नहीं, बल्कि संतुलन, सम्मान और सामंजस्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।

कुरुक्षेत्र में CM सैनी ने अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में दी आहुति, 67 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन

कुरुक्षेत्र  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को कुरुक्षेत्र जिले में 2 बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से पिहोवा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आज बसंत पंचमी के मौके पर समापन हुआ. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नायब सैनी पहुंचे। समापन के दौरान हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें CM ने खुद पहुंचकर पूर्णाहुति डाली। हालांकि महोत्सव में सरस मेला 25 जनवरी तक चलेगा। आज सिर्फ मुख्य कार्यक्रम का समापन होगा। सीएम नायब सैनी ने पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर भी पूजन किया। 67 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन सीएम नायब सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। यह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गौरव अभियान को आगे बढ़ाने की पहल है। उनके कुशल नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, साहस और संकल्प के पद पर गति से आगे बढ़ रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और दीनबंधु चौधरी छोटी राम जैसे महापुरुषों के सपनों का भारत बनाने के गंभीर प्रयास को गति दे रहा है। इससे पहले सीएम नायब सैनी ने 67 करोड़ रुपए से ज्यादा की 26 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सरस्वती कोई काल्पनिक नदी नहीं सीएम ने कहा कि पहले सरस्वती का पुनरुद्धार केवल एक कल्पना लगती थी, लेकिन आज सरस्वती नदी काे पुनर्जीवित करना सबके सामने है। अक्सर अतीत की बातों को केवल मिथक मान लिया जाता है, लेकिन हमारी सरकार ने इतिहास और विज्ञान के बीच सेतु बनाकर काम किया है। इसरो और ओएनजीसी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इन संस्थाओं के वैज्ञानिक ने अपने अध्ययनों ने यह साबित करके दिखाया है, सरस्वती कोई काल्पनिक नदी नहीं है। आदि बद्री से लेकर गुजरात के कच्छ के तक जमीन के नीचे प्राचीन नदी का चैनल आज भी मौजूद है। हमारे वैज्ञानिकों ने इसे सिद्ध किया है। सरस्वती नदी को विकसित करना लक्ष्य ओएनजीसी की खुदाई और जलवायु विश्लेषण से पता चलता है कि सरस्वती का भूजल 5 हजार से 14 हजार वर्ष यह पुराना है। इसका संबंध हिमालय के ग्लेशियर से है। ये वैज्ञानिक प्रमाण हमारी आस्था का जीत-जागता उदाहरण है। साथ उन आलोचकों को जवाब है, जो हमारी संस्कृति को नकारते थे। हमारा लक्ष्य सरस्वती को नदी के रूप में विकसित करना है। यह हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हम सरस्वती तीर्थ को राष्ट्रीय पर्यटन के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें कुरुक्षेत्र, हिसार, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा जैसे प्रमुख ऐतिहासिक तीर्थ स्थल शामिल है। जाट धर्मशाला में छोटू राम जयंती बताया जा रहा है, सरस्वती महोत्सव के समापन के ठीक बाद CM नायब सैनी कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला पहुंचेंगे। यहां दीन बंधू सर छोटूराम और सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम रखा गया है। CM यहां चीफ गेस्ट के तौर पर हिस्सा लेंगे। कल किया एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन CM नायब सैनी कल गुरुवार को भी कुरुक्षेत्र में थे। कल उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। इसके अलावा, प्री-बजट मीटिंग में लोगों से सुझाव लिए। यह मीटिंग राज्य के आने वाले बजट को बेहतर बनाने के लिए थी, जहां आम लोगों की राय ली गई। सरस्वती तीर्थ के जीर्णोद्धार की उम्मीद पिहोवा का सरस्वती तीर्थ की मुक्ति धाम के नाम से पहचान है। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। CM से तीर्थ के जीर्णोद्धार से जुड़ी की योजनाओं के ऐलान की उम्मीद है। इससे पर्यटकों के लिए सुविधा बढ़ने के साथ तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा।

सीएम नायब सिंह सैनी ने दिवंगत IGP वाई पूरन कुमार को दी श्रद्धांजलि, परिवार से की मुलाकात

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार दोपहर सेक्टर 24, चंडीगढ़ स्थित दिवंगत इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) वाई पूरन कुमार के आधिकारिक आवास पर जाकर परिवार से शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री लगभग 12:30 बजे पहुंचे और अधिकारी की पत्नी अमनीत पी. कुमार तथा अन्य परिवारजन से मिले। वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार का मंगलवार दोपहर को आत्महत्या से निधन हो गया था, जिससे राज्य पुलिस समुदाय में गहरा सदमा फैल गया। पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार मुख्यमंत्री की जापान की आधिकारिक यात्रा में शामिल थीं। इस दुखद खबर के बाद वह अपनी यात्रा बीच में ही रोककर बुधवार दोपहर चंडीगढ़ लौट आईं थीं। मुख्यमंत्री के अलावा कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और राजनीतिक नेता भी परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। इसमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, गृह सचिव सुमिता मिश्रा और हांसी विधायक विनोद भायाना शामिल थे। सेक्टर 24 स्थित आवास का माहौल शोकाकुल बना रहा, क्योंकि पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी एवं सहकर्मी पूरे दिन परिवार से मिलने और संवेदना व्यक्त करने आते रहे।