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छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: सुरक्षाबलों ने 6 नक्सलियों को किया ढेर, एक पर था 8 लाख का इनाम

रायपुर बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और नक्सल गतिविधियों को संचालित कर रहा था। सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी सराहना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं। इसमें आठ लाख रुपये का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है। जिसके न्यूट्रलाइज होने से इस क्षेत्र में फैले माओवादी आतंक के एक लंबे अध्याय का अंत हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है। लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में यह कार्रवाई एक निर्णायक पड़ाव है। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ इस मिशन को पूरे समर्पण और प्रतिबद्धता से आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।

छत्तीसगढ़िया स्वाद और संस्कृति की गूंज से भर गया एकता नगर, पर्यटन मंडल के स्टॉल का CM साय ने लिया जायजा

रायपुर   गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।” छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान, CM ने भी लिया व्यंजनों का स्वाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री  साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं जीएम वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे। हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।

IPS डॉ. संतोष की पुस्तक का विमोचन: संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों पर आधारित रचना सीएम साय व डॉ. रमन सिंह को भेंट

रायपुर पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस/एससीआरबी के रूप में पदस्थ आईपीएस डॉ. संतोष सिंह के संयुक्त राष्ट्र के शांति सुदृढ़ीकरण से जुड़े शोध विषय पर लिखित किताब का प्रकाशन दिल्ली के प्रतिष्ठित मानक पब्लिकेशन ने किया। आईपीएस डॉ. संतोष ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डीजीपी अरुण देव गौतम को किताब की प्रति भेंट की। शीत युद्ध के बाद इक्कीसवीं सदी में दुनिया में हिंसाग्रस्त राष्ट्रों में शांति को चिरस्थाई बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के शांति-रक्षा (पीस कीपिंग) और शांति-स्थापना (पीस मेकिंग) प्रयासों से आगे बढ़कर अपेक्षाकृत नए कार्य जैसे शांति-निर्माण या सुदृढ़ीकरण (पीस बिल्डिंग) कार्यों पर जोर देने की आवश्यकता हो गई है। इस सदी में संयुक्त राष्ट्र के यूएन पीसबिल्डिंग कमीशन के पर्यवेक्षण में किए जा रहे गृह युद्ध से जूझ रहे देशों और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में पीस-बिल्डिंग मिशन काम कर दुनिया में शांति प्रयासों को बहुत मजबूत कर रहे हैं। यह किताब दुनियाभर में चल रहे इन शांति प्रयासों के सिद्धांत और वास्तव में धरातल पर हो रहे कार्यों की समालोचना करती है। संतोष सिंह की यह किताब विदेश नीति के नीति-निर्धाताओं, प्रैक्टीसनर्स व छात्रों के लिए विशेष उपयोगी सिद्ध होगा। देश के अंदर के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में भी स्थायी शांति स्थापित करने के लिए आवश्यक तत्वों की समझ बढ़ाने में मदद करेगा। उल्लेखनीय है कि भारत अंतर्राष्‍ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने में संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ की सहायता करने में दृढ़ता के साथ प्रतिबद्ध है और विभिन्न देशों में कार्यरत शांति सेनाओं में दुनिया में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से तीसरे नंबर पर है। 1950 से अब तक हमारे देश ने 49 शांति मिशनों में भाग लिया है और लगभग 2 लाख शांति सैनिकों का योगदान किया है। वरिष्ठ भारतीय पुलिस और सैन्य अधिकारी शांति मिशनों में भाग लेते हैं। आईपीएस संतोष सिंह ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से डॉक्टरेट की डिग्री और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) नई दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय संबंध विषय में एमफिल और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) वाराणसी से राजनीतिशास्त्र में एमए किया है। एम फिल के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भागीदारी पर उन्होंने शोध-प्रबंध लिखा था। उनके विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शोध जर्नल में उनके अनेकों शोध-पत्र प्रकाशित हुए हैं।

संगीत जगत में शोक की लहर: सुलक्षणा के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख

रायपुर भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री, मधुर स्वर साधिका छत्तीसगढ़ की बेटी सुलक्षणा पंडित के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। सीएम ने ट्वीट कर कहा, संगीत और अभिनय की उनकी यात्रा की जड़ें छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की उस सांस्कृतिक मिट्टी से जुड़ी थी, जहां संगीत एक परंपरा नहीं एक जीवनधारा है। रायगढ़ की पुरानी बस्ती के रामगुड़ी पारा स्थित अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय में जन्मी सुलक्षणा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रायगढ़ के पैलेस रोड स्थित शासकीय बालिका विद्यालय में प्राप्त की। सीएम साय ने कहा, सुलक्षणा के पिता प्रताप नारायण पंडित राजा चक्रधर सिंह के दरबार के प्रसिद्ध तबला वादक थे। उनके परिवार के लिए संगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार था और सुलक्षणा जी ने उसी संस्कार को सुरों में ढालकर पूरी दुनिया तक पहुंचाया और छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया। सीएम ने कहा, उनकी आवाज में सादगी थी, भाव था और इस मिट्टी की सुगंध थी। छत्तीसगढ़ उनकी इस अमर संगीत यात्रा को नमन करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें। बता दें कि सुलक्षणा पंडित 70 के दशक में बॉलीवुड की स्टार थीं। एक्ट्रेस फिल्मों में एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेहतरीन सिंगिंग के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने सिर्फ 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। वे 1967 की फिल्म ‘तकदीर’ में लता मंगेशकर के साथ ‘सात समंदर पार से’ गाने से मशहूर हुईं। एक्ट्रेस सुलक्षणा को 1976 में फिल्म संकल्प के गाने ‘तू ही सागर तू ही किनारा’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। उन्होंने 1975 में फिल्म उलझन से एक एक्ट्रेस के तौर पर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। कहा जाता है कि उस समय एक्ट्रेस सुलक्षणा बॉलीवुड सुपरस्टार संजीव कुमार से प्यार करती थी, लेकिन जब उन्होंने उनका प्रपोजल ठुकरा दिया तो उन्होंने कभी शादी न करने का फैसला किया। उनका आखिरी प्लेबैक गाना फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में था, जो 1996 में रिलीज हुई। इसे उनके भाइयों जतिन और ललित ने कंपोज किया था। 

महतारी अपमान मामला: बघेल- जोगी ने की निंदा, CM साय बोले— दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

रायपुर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा तोड़े जाने पर राजधानी में बवाल मच गया है। मूर्ति तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने वीआईपी चौक पर विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा की है। सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन इस घटना को लेकर सियासी वार और पलटवार भी जारी है। छत्तीसगढ़ी अस्मिता पर सीधा हमला है – अमित जोगी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बेहद दुखद और शर्मिंदा करने वाला है। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा जैसे विशिष्ट चौक पर स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को कुछ असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया है। यह देखकर हृदय रो पड़ता है कि जिस “महतारी” के नाम पर सरकारें सत्ता में आती हैं और योजनाएं बनाती हैं, उसी महतारी की प्रतिमा की सुरक्षा तक नहीं कर पा रही हैं। यह केवल एक मूर्ति का टूटना नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक आस्था और छत्तीसगढ़ी अस्मिता पर सीधा हमला है। छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को तोड़ना जनता का अपमान – भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना की रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ दी गई। राजधानी रायपुर के VIP रोड स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को तोड़ा जाना जनता का अपमान है। हर एक छत्तीसगढ़िया बेहद ग़ुस्से में है. यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। कहीं यह शासन-प्रशासन के कार्यक्रमों से छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीरों को हटाने वाली भाजपा सरकार की करतूत तो नहीं? भाजपा समझ ले कि अगर जनआक्रोश को अनदेखा किया, तो अच्छा नहीं होगा। घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय – कांग्रेस कांग्रेस ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और हमारी मातृभूमि के सम्मान पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, साथ ही उसी स्थान पर नई छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तुरंत स्थापित की जाए। भाजपा सरकार के शासन में लगातार छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, तीज-त्योहार और पहचान को मिटाने की कोशिशें की जा रही हैं। महतारी के प्रतीक पर हुआ यह वार, पूरे प्रदेश की भावनाओं को आहत करने वाला है। गृह मंत्री विजय शर्मा का बयान गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह एक चिंतन का विषय है और पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इटली वालों का क्या लेना-देना भारत से। पहले अपने आप को देख लें, फिर बात करें। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा – मुख्यमंत्री साय इस घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत निंदनीय कृत्य है। आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की गोवर्धन पूजा, बोले—‘प्रदेश में हर ओर शांति और समृद्धि फैले’

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया (जशपुर) में सपरिवार गोवर्धन पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की माता श्रीमती जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण की उस प्रेरणादायी लीला की स्मृति है, जिसमें उन्होंने गोकुलवासियों को प्रलयकारी वर्षा और संकट से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर सभी को शरण दी थी। यह पर्व हमें बताता है कि जब समाज एकजुट होकर विश्वास और सहयोग के साथ कार्य करता है, तब कोई भी संकट अजेय नहीं रहता। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सह-अस्तित्व और प्रकृति-पूजन का प्रतीक है। इस दिन गोवंश की पूजा की जाती है, जो भारतीय संस्कृति की आत्मा — गौ-संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण — को जीवंत रखती है।

वन विभाग की कार्यप्रगति पर CM साय की समीक्षा, कलेक्टर-डीएफओ बैठक

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में कलेक्टर्स और डीएफओ कॉन्फ्रेंस चल रही है. मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय बैठक में वन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकासशील, अपर अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव, कलेक्टर, वनमण्डलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हैं. 7 से 15 दिनों के भीतर हो तेंदूपत्ता का भुगतान : सीएम साय सीएम साय ने वनों से आजीविका के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित करने पर चर्चा की. उन्होंन कहा कि तेंदूपत्ता का भुगतान सात से 15 दिनों में किया जाना सुनिश्चित किया जाए. सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित करें. भुगतान की जानकारी sms के माध्यम से संग्राहक के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था की जाए. लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहक को जानकारी ऑनलाइन मिली. सीएम ने कहा, तेंदूपत्ता संग्रहण की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने की पहल हो. सीएम साय ने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की जानकारी ली और आने वाले सीजन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए. इससे पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि नशे के कारण अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है. इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें. साथ ही अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, समय सीमा में PIT NDPS Act के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वहीं नशाखोरी के खिलाफ व्यापक मुहिम चलाकर युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं. महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई के दिए निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक जारी है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हुई. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइम से जुड़े अपराधिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में दूसरे दिन की बैठक शुरू, महिला और बालिका से जुड़े अपराधों में तत्परता पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक शुरू हो गई है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा जारी है. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हो रही है. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइमों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की जा रही है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. इस बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित है.

जनजातीय गौरव दिवस पर कार्यशाला: CM साय बोले – अब हर घर तक पहुंचेगी आदिवासी नायकों की गाथा

रायपुर राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आज जनजातीय गौरव दिवस को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस को भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाने की व्यापक योजना बनाई है। पिछले वर्ष जशपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम बेहद सफल रहा था, जिसकी सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 नवंबर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, जिससे देशभर में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान मिला। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “हमारे जनजातीय समाज के अनेक वीर और गौरवशाली इतिहास हैं, जिन्हें इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिल पाया। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे सभी जननायकों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाया जाए।” उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ष जनजातीय समाज के उत्थान के लिए विशेष बजट निर्धारित करती है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सीधे लाभ मिल रहा है। साय ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर बोलते हुए कहा, “भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। उन्होंने आदिवासी समाज को एकजुट कर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह की अलख जगाई थी। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रपति जी 16 नवंबर तक विदेश दौरे पर हैं, इसलिए कार्यक्रम की तारीख को 1-2 दिन आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि वे स्वयं इस गौरवपूर्ण आयोजन में शामिल हो सकें।” कार्यशाला में जनजातीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, और विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, कला, और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि इस वर्ष का आयोजन केवल एक दिवस तक सीमित न रह जाए, बल्कि पूरे राज्य में जनजातीय गौरव और विरासत का उत्सव बन सके।

विस्तारित होगा बिलासपुर एयरपोर्ट: CM साय और केंद्रीय मंत्री ने राजनाथ सिंह से की चर्चा

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट, चकरभाठा (बिलासपुर) के विस्तारीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की. इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर के सांसद तोखन साहू भी शामिल रहे. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय राज्य मंत्री साहू ने रक्षा मंत्रालय के अधीन लगभग 100 एकड़ भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया, जिससे बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की दिशा में निर्णायक प्रगति हो सके. दोनों नेताओं ने बताया कि भूमि उपलब्ध होने पर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य को प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में हवाई संपर्क, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी. यह क्षेत्र राज्य के मध्य भाग में स्थित होने के कारण भौगोलिक रूप से रणनीतिक महत्व रखता है. इस कारण से बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट का विकास न केवल यात्रियों की सुविधा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और निवेश आकर्षण के लिए भी आवश्यक माना जा रहा है. बैठक में एयरपोर्ट परिसर के समीप ‘इंडस्ट्रियल पार्क’ विकसित करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक विमर्श हुआ, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन और उद्योगों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके.