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रायपुर में स्वास्थ्य मंत्रालय की बड़ी बैठक, CM साय बोले- जनता को मिलेगा सही दिशा निर्देशन

रायपुर छत्तीसगढ़ में भाजपा के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आज जांजगीर-चांपा जिले में जनादेश परब का आयोजन किया गया है. इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री साय भी आयोजन में शामिल होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता करने जांजगीर जारहे सीएम साय ने पत्रकारों से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नड्डा के दौरे को लेकर कहा कि प्रदेश की जनता को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री का मार्गदर्शन और आशीर्वचन मिलेगा. बता दें, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पदभार ग्रहण किया था. साय सरकार के 2 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में आज जांजगीर के पुलिस लाईन में जनादेश परब का आयोजन किया जा रहा है. जनादेश परब में जनता-जनार्दन के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों और राज्य के एकीकृत विकास के लिए लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी. जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा. इस विशाल आमसभा को केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा संबोधित करेंगे. जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ को हमेशा प्रेम दिया : किरण सिंहदेव केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का आगमन हो रहा है, हम बीजेपी परिवार की ओर से उनका स्वागत करते हैं. हमेशा इन्होंने अपना प्रेम छत्तीसगढ़ को दिया है. सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं. सारी योजनाएं बेहतर रूप से संचालित हो रही है, सभी को आशीर्वाद देने पहुंच रहे हैं.   मनरेगा को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर किरण सिंहदेव ने कसा तंज वहीं मनरेगा के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी किरण सिंहदेव ने कांग्रेस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बापू और सरदार वल्लभभाई पटेल को कांग्रेस ने भुला दिया है. 100 दिन का काम 125 दिन हुआ है, कांग्रेस को इसका धन्यवाद करना चाहिए.

सीएम साय बोले- दो सालों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुआ जबरदस्त विकास, मेगा हेल्थ कैंप हुआ शुरू

रायपुर राजधानी रायपुर स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज के परिसर में आज मेगा हेल्थ कैंप का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ किया. पांच दिनों तक चलने वाले इस मेगा कैंप में 45 से अधिक अस्पताल और देशभर के सुपरस्पेशलिस्ट कैंप से जुड़े हैं. मेगा कैंप का आयोजन कर रहे विधायक राजेश मूणत ने कहा कि यह स्वास्थ्य शिविर राजधानी रायपुर को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ने वाला ऐतिहासिक आयोजन होगा. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सभी संबंधित विभाग इस सेवा अभियान में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान कर रहे हैं, तथा रायपुर की अनेक सामाजिक संस्थाएं भी सक्रिय रूप से सहभागी हैं. भाजपा के सेवाभावी कार्यकर्ता शिविर में मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद सहित देशभर के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर इस शिविर में सेवाएं देंगे, ताकि किसी भी व्यक्ति को बड़े महानगरों की यात्रा किए बिना उच्चस्तरीय परामर्श और उपचार मिल सके. उन्होंने यह भी बताया कि मेगा हेल्थ कैंप में श्री विनय मित्र मंडल के माध्यम से दिव्यांगों को कृत्रिम जयपुर पैर, हाथ कटे विकलांगों को कृत्रिम हाथ बनाकर दिए जाएंगे, साथ ही श्रवण यंत्र, ट्राइसिकल, वैशाखी भी प्रदान की जाएगी. मूणत ने 45 से अधिक सहयोगी अस्पतालों की सूची प्रस्तुत करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर अस्पतालों का एक मंच पर आना अपने आप में एक अनूठी मिसाल है. कैंप में कैंसर, हृदय रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग, अस्थि रोग, बांझपन उपचार, आयुर्वेद और अन्य विधाओं से जुड़े डॉक्टरों की विस्तृत टीम निःशुल्क जांच, परामर्श, उपचार और दवाइयों का वितरण करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ने कहा कि मेघा हेल्थ कैंप के लिए राजेश मूणत और पूरी टीम को बधाई देता हूं. छठवीं बार ये कैंप हमने किया है, छत्तीसगढ़ को बने 25 साल हुआ है. छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में विकास किया है. हर क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने काम किया है. छत्तीसगढ़ में 15 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2 वर्ष में बहुत विकास हुआ है. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक राजेश मूणत की पहचान पूरे छत्तीसगढ़ में बन गई है. इसे मैं राष्ट्रीय स्तर का हेल्थ कैंप कह सकता हूं. करीब 100 से ज्यादा चिकित्सक लगे हैं. ये शिविर इलाज से निदान तक पहुंचाने के लिए है. इस शिविर की खासियत है कि 40 से 50 समाजसेवी संगठनों के साथ डाक्टरों की टीम, छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक यहां मौजूद हैं. इससे पहले मैने कभी नहीं देखा था. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर और पूरे प्रदेश के लिए आज का पवित्र है. एक तरफ बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य का महाकुंभ लग रहा है. यहां 300 मीटर तक हॉस्पिटल ही हॉस्पिटल नजर आ रहा है. हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में लोग स्वस्थ हों. मैं राजेश मूणत और उनकी टीम की प्रशंसा करता हूं. जांच के बाद इलाज की भी व्यवस्था होगी. आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराएंगे. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य के प्रति सजग है. आयुर्वेदिक कॉलेज में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप के उद्घघाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अलावा मंत्री केदार कश्यप, मंत्री गुरु खुशवंत साहब सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी पर CM साय का संज्ञान, जरूरत पड़ी तो होंगे बदलाव

रायपुर छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद–फरोख्त के लिए जारी नई कलेक्टर गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कई जिलों में गाइडलाइन दरों में 100% तक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 800% तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े इन दरों को लेकर आम जनता, व्यापारी, किसान और राजनीतिक दल खुलकर विरोध जता रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गाइडलाइन दरों को लेकर अभी भी विभागीय मंथन जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है। 2017 के बाद से जमीन की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं – CM साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि नियमों के अनुसार हर साल इन दरों में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन बढ़ने के कई सकारात्मक पहलू भी हैं, परंतु वे अभी जनता के सामने उतने स्पष्ट रूप से नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा होती है तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और लोगों को राहत देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगी। गौरतलब है कि राज्य में नई गाइडलाइन का विरोध लगातार बढ़ रहा है और सरकार पर दबाव भी। ऐसे में आने वाले दिनों में गाइडलाइन दरों में संशोधन या राहत देने संबंधी कोई निर्णय लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में जमीन दरों को लेकर जारी यह खींचातानी अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने शहीद जवानों को दी अंतिम सलामी, कहा– हमारे जवान नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से डटे हैं

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में शमिल होने के लिए रायपुर से रवाना हो गए हैं। रवानगी से पहले एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि दीक्षांत समारोह में देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि हैं और राज्यपाल भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर में हुई नक्सली मुठभेड़ में जवानों की शहादत और ऑपरेशन में मिली सफलता पर कहा कि लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं, हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं। कल ऑपरेशन में DRG के तीन जवान शहीद हुए हैं। हम उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, उनके साहस को नमन करते हैं और उनके परिवार को इस शोक को सहने की भगवान शक्ति प्रदान करें ऐसी प्रार्थना करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस मुठभेड़ में बड़ी सफलता मिली है, बड़ी संख्या में नक्सली न्यूट्रलाइज हुए हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बीजापुर में ऑपरेशन के दौरान 16 नक्सली मारे गए हैं। बहादुर जवानों ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। हमने तीन जवानों को खोया, नक्सलियों की यह कायराना हरकत है। जवानों की शहादत को जाया जाने नहीं देंगे।

श्रम मंत्री के घर विवाह उत्सव में राजनीतिक हस्तियों की चहल-पहल, सीएम और सांसद ज्योत्सना महंत भी पहुँचे

कोरबा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज एक कार्यक्रम में शामिल होने कोरबा पहुँचे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के कोहड़िया स्थित निवास पहुंचे। यहां उन्होंने मंत्री देवांगन के भाई कौशल देवांगन के सुपुत्र विश्वेश देवांगन और मेघा देवांगन के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें आर्शीवाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वहीं शादी समारोह में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ लखन लाल देवांगन के घर पहुंचे उन्होंने भी शादी समारोह में आशीर्वाद देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के कोरबा आगमन को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा पहले से ही तैयारी की जा रही थी जहां रूमगरा हेलीपैड में पुलिस बल तैनात किए गए थे वह जिस मार्ग से आना था उसे मार्ग के आवाज चाहिए पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था इसके अलावा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के घर के बाहर भी पुलिस बल तैनात किए गए थे। मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की परिवार वालों के साथ सामूहिक रूप से फोटो खिंचवाये वही उनके निवास स्थान पर उनके रिश्तेदारों से मुलाकात का हाल-चाल जाना।

संविधान दिवस पर CM विष्णुदेव साय ने बाबासाहेब अंबेडकर को किया नमन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अंबेडकर चौक में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। डॉ. अंबेडकर के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के अटूट स्तंभ भी रहे हैं। इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर के अप्रतिम योगदान को याद किया तथा संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल आधार है। डॉ. अंबेडकर ने दूरदर्शिता और गहन अध्ययन के साथ संविधान के प्रारूप निर्माण में योगदान दिया है। भारत का संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमें जागरूक भी करता है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी विविधता में एकता की भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाने तथा संवैधानिक मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग को नई गति मिलेगी, सीएम साय ने चिराग पासवान से की रणनीतिक बातचीत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे। रायपुर में वर्ल्ड फूड इंडिया का रीजनल समिट कराने का किया आग्रह मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी अनुरोध किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। सीएम साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए। प्रदेश में फूड इर्रेडिएशन यूनिट के लिए केंद्र से मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी है, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी। साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा। राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित होगा छत्तीसगढ़ सीएम ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत एवं इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन उपस्थित थीं।

CM साय का संदेश: लघु वनोपज से वनवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में रूप साय सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि रूप साय सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।

सरेंडर्ड नक्सलियों को मिली फूड ट्रेनिंग, बस्तर में चलेंगे कैफे; CM साय ने पहले दिन किया फूड ऑर्डर

बस्तर  नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आज बस्तर एक नया इतिहास रचा है। पुलिस लाइन स्थित त्रिवेणी परिसर के सामने पंडुम कैफे अपनी तरह का पहला ऐसा कैफेटेरिया होगा, जहां नक्सल पीड़ित परिवारों और समर्पित नक्सलियों को रोजगार देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।इस संवेदनशील पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने किया। पंडुम कैफे का संचालन दुर्ग की प्रसिद्ध नुक्कड़ संस्था करेगी, जो वर्षों से मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों की देखरेख और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में पंडुम कैफे की शुरुआत की गई है जिसका संचालन सरेंडर्ड नक्सली और नक्सल हिंसा पीड़ित परिवार के लोग करेंगे। इसके लिए बकायदा उन्हें खाना बनाने, सर्व करने, ऑर्डर लेने की ट्रेनिंग दी गई। शुरुआत में 13 लोग मिलकर इस कैफे को चलाएंगे।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में बने इस कैफे का उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम ने खुद फूड ऑर्डर किया। सरेंडर किए नक्सलियों ने CM को फूड परोसा। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने डिजिटल रूप से बिल भी पेय किया। पुलिस लाइन परिसर में बना पंडुम कैफे दरअसल, सरकार की पुनर्वास नीति के तहत बस्तर पुलिस और प्रशासन के सहयोग से जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में पंडुम कैफे बनाया गया है। इसके स्ट्रक्चर निर्माण के लिए शासन-प्रशासन ने पैसे खर्च किए हैं। नक्सल हिंसा पीड़ित परिवार और हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटे नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से इस कैफे का शुभारंभ किया गया है। अभी कुल 13 लोगों को कैफे की चाबी थमाई गई है। 13 लोगों को मिला रोजगार कैफे के माध्यम से कुल 13 लोगों को रोजगार मिला है। जिसमें 8 नक्सल हिंसा पीड़ित हैं, 5 लोग सरेंडर नक्सली हैं। इनमें 8 महिलाएं भी शामिल हैं। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तैयार किया गया यह कैफे नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्म समर्पित माओवादी कैडरों के लिए आजीविका प्रदान करने वाला एक मॉडल है। पहले दी ट्रेनिंग, फिर काम में लगाया इन 13 लोगों को पहले जगदलपुर में ही ट्रेनिंग दी गई। इन्हें अलग-अलग तरह के फूड्स को बनाने से लेकर परोसने तक के गुर सिखाए गए। साथ ही कस्टमर से कैसे बर्ताव करना है, कैसे ऑर्डर लेना है इसके बारे में भी बताया गया। करीब 1 महीने से ज्यादा इन्हें ट्रेनिंग दी गई। जब ये इसमें माहिर हुए तो 13 लोगों को कैफे की चाबी थमा दी गई। पर्यटकों को बस्तर दिखाने हो रहे तैयार सरकार के पुनर्वास नीति के तहत बस्तर के पूर्व नक्सलियों को अलग-अलग काम में पारंगत बनाया जा रहा है। पुनर्वास केन्द्रों में उनके जीवन को बदलने की पहल हो रही है। आड़ावाल के केन्द्र में करीब 30 सरेंडर नक्सली होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे हैं साथ ही कई अन्य पूर्व नक्सलियों को टूरिस्ट गाइड बनाने की भी तैयारी हो रही है। CM बोले- बस्तर के लिए नया अध्याय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पंडुम कैफे को स्पष्ट सामाजिक और विकासात्मक उद्देश्यों के साथ स्थापित किया गया है। ये बस्तर के लिए एक नया अध्याय है। पंडुम कैफे की यह पहल राज्य की शांति, विकास और मानव-केंद्रित पुनर्वास के प्रति प्रतिबद्धता को दृढ़ता से रेखांकित करती है। IG बोले- अलग-अलग स्किल्स की ट्रेनिंग दी गई बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि, जो कभी संघर्ष, हिंसा या माओवादी गतिविधियों से प्रभावित हुए थे उनको हॉस्पिटैलिटी, कैफे संचालन, स्वच्छता मानक, खाद्य सुरक्षा, ग्राहक सेवा और उद्यमिता में प्रशिक्षित किया गया है। यह उन्हें दीर्घकालिक करियर और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि, पंडुम नाम बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों से प्रेरित है। ये टैग लाइन 'Where every cup tells a story' क्षेत्र की दृढ़ता, उपचार और आशा की भावना को दर्शाती है। ये शांति निर्माण का स्केलेबल मॉडल है।

धान खरीदी सीजन शुरू: मुख्यमंत्री साय बोले—किसानों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत

रायपुर प्रदेश में तयशुदा कार्यक्रम के हिसाब से आज से धान खरीदी शुरू हुई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए धान खरीदी केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है.     आज भोर की सुनहरी किरणों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर फिर शुरुआत हुई है छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की । यह धान खरीदी किसान भाइयों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव है। छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी करेगी. किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकेंगे. धान खरीदी के लिए किसानों को पिछली बार की तरह इस बार भी प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम मिलेंगे. धान खरीदी के लिए प्रदेश भर में 2739 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं. सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है. धान अवैध बिक्री पर रोक प्रदेश में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं. अन्य राज्यों की सीमा में चेक पोस्ट बनाकर कड़ी निगरानी की जा रही है. धान की सुरक्षा के लिए खरीदी केन्द्रों में ड्रेनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था की गई है. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. सरकार के निर्देश के अनुसार अगर कोई अवैध परिवहन या बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसानों को लेना पड़ेगा टोकन रजिस्टर्ड किसानों को धान बेचने के लिए तुंहर एप से टोकन लेना पड़ता है. टोकन के लिए एप लॉन्च किया गया है. जिसकी मदद से हर किसान को निर्धारित तिथि पर संबंधित खरीदी केंद्र में धान बेचने के लिए टोकन ले सकते हैं. किसान घर बैठे टोकन ले सकते हैं. जो किसान ऑनलाइन टोकन नहीं ले पा रहे हैं उसने लिए मंडी में टोकन की व्यवस्था की गई है. मंडी में किसानों के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं. कितने टोकन पर कितनी धान बिकेगी तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के जरिए किसान हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं. 2 एकड़ या उससे कम जमीन वाले किसानों को अधिकतम एक टोकन मिलेगा. 2 से 10 एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों को दो टोकन और 10 एकड़ से ज़्यादा जमीन वाले बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे.