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नाम बदलने के फैसले पर चूहड़ माजरा में विरोध, गांव की पंचायत में उठे कई सवाल

कैथल कैथल जिले के गांव चूहड़ माजरा बदले के मुद्दे पर विवाद खड़ा हो गया है। गांववासियों ने विरोध करते हुए कहा कि वे गांव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान बदलने को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे। इसके विरोध में ग्रामीणों की एक पंचायत बुलाई गई, जिसमें बहुमत ने फैसले को गलत बताते हुए इसे वापस लेने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव लगभग 600 साल पहले बाबा चूहड़साध ने बसाया था। तभी से इस गांव का नाम चूहड़ माजरा है। उनका तर्क है कि नाम बदलने पर गांव की भावनात्मक विरासत प्रभावित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। दस्तावेज़ों, रिकॉर्ड और विदेश में बसे युवाओं के कागजों में बदलाव करवाने में समय और धन दोनों की बर्बादी होगी। बिना सलाह के नाम बदलने का आरोप गौरतलब है कि 23 दिसंबर को गांव में गुरु ब्रह्मानंद सरस्वती जयंती कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुछ लोगों की अनुशंसा पर गांव का नाम बदलकर ‘ब्रह्मानंद माजरा’ करने की घोषणा की थी। इसी निर्णय के बाद से गांव में विरोध स्वरूप आवाज़ें उठने लगी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत या गांव के अधिकांश प्रतिनिधियों से बिना सलाह-मशविरा लिए यह प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है।   ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने बताया कि करीब 90 प्रतिशत आबादी इस परिवर्तन के खिलाफ है। उनका कहना है कि गुरु ब्रह्मानंद का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन किसी संत का सम्मान करने का अर्थ यह नहीं कि गांव की परंपरागत पहचान मिटा दी जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो वे उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री से मिलकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। सरपंच ने जताई सहमति गांव की सरपंच कविता और उनके पति कुलदीप ने ग्रामीणों के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि गांववासियों का सामूहिक निर्णय ही सर्वोपरि होगा। वे नाम परिवर्तन को रद्द करने की मुहिम में ग्रामीणों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।

सीएम नायब सिंह सैनी की कड़ी चेतावनी: आईपीएस पूरन आत्महत्या मामले में होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़ हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में पहली बार मुख्यमंत्री नायब सैनी का बयान आया है। आज पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। अगर किसी व्यक्ति को कोई तंग करेगा तो सरकार उसे नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। विपक्ष को ऐसे मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। परिवार के साथ अन्याय हुआ है तो न्याय देने का काम हमारी सरकार करेगी। वहीं, शुक्रवार रात को सीएम हाउस में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और आईएएस अफसर राज शेखर वुंडरू से मीटिंग की थी। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा सरकार डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हटा सकती है। इस मामले में रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को हटा दिया गया। उनकी जगह सुरेंद्र सिंह भौरिया को एसपी बनाया गया है। आज भी नहीं हो सका पोस्टमॉर्टम वाई पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम आज भी नहीं हो पाया। डॉक्टर्स, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और वीडियोग्राफी टीम चंडीगढ़ पीजीआई की मॉर्च्युरी में पहुंची, लेकिन परिवार का कोई सदस्य नहीं आया। चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर का कहना है कि परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। उनका इंतजार किया जा रहा है। वहीं, पूरन कुमार के परिवार और अनुसूचित समाज ने 31 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी का कहना है कि जब तक हरियाणा के डीजीपी कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया अरेस्ट नहीं हो जाते, तब तक परिवार पोस्टमॉर्टम नहीं कराएगा। कल दोपहर 2 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारे में महापंचायत होगी। परिवार का आरोप शनिवार सुबह डेडबॉडी चंडीगढ़ के सेक्टर-16 गवर्नमेंट अस्पताल से पीजीआई शिफ्ट की गई थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि उनकी मर्जी के खिलाफ डेडबॉडी जबरदस्ती पीजीआई ले गए। चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा और आईजी पुष्पेंद्र कुमार सेक्टर 24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पर आए और करीब 45 मिनट बात की। डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि हमने परिवार के सदस्यों से बात की और उनसे जल्द से जल्द पोस्टमार्टम करवाने का अनुरोध किया। उनकी कुछ शिकायतें हैं और हम उन पर काम कर रहे हैं। जांच चल रही है। एसआईटी का गठन किया गया है और आईजी इसका नेतृत्व कर रहे हैं। परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमार्टम होगा। डॉक्टरों का पैनल बनाकर पोस्टमार्टम किया जाएगा। परिवार ने अभी पोस्टमार्टम को लेकर सहमति नहीं दी है। सड़कों पर उतरे लोग हरियाणा कैडर के सीनियर आईपीएस ऑफिसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले ने तूल पकड़ लिया है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। आज कांग्रेस ने प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग ने भी रोष जताया। हिसार में रविदास महासभा ने मीटिंग बुलाई है। रोहतक में भी सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरे और एसपी आवास का घेराव किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद कुमारी सैलजा और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र अमनीत पी कुमार के घर शोक व्यक्त करने पहुंचे। वहीं, हरियाणा कैबिनेट की बैठक स्थगित हो गई है। हरियाणा आईएएस अधिकारी संघ ने वाई पूरन कुमार के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। इसके साथ ही उन्होंने अमनीत पी कुमार को समर्थन देते हुए चंडीगढ़ पुलिस और और हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि वे अमनीत कुमार की मांगों को पूरा करे और इस पूरे मामले की गंभीरता, संवेदनशीलता और परिस्थितियों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करे।

पंजाब और जम्मू-कश्मीर को राहत: CM सैनी ने भेजे 5-5 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालात को देखते हुए राहत कार्यों के लिए दोनों राज्यों को 5-5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार ने इसे मानवीय दायित्व बताते हुए कहा कि ये इंसान का धर्म है कि ऐसे हालत में उनके साथ खड़े रहें। सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए सीए सैनी ने लिखा कि इस संकट की घड़ी में हरियाणा सरकार और प्रदेश की जनता प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए 5-5 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी गई है। यह मदद राहत और बचाव कार्यों में सहायक होगी और प्रभावित परिवारों तक त्वरित सहायता पहुँचाने में मदद करेगी।  हरियाणा सरकार का यह प्रयास है कि ज़रूरत पड़ने पर आगे भी हर संभव सहयोग किया जाए। हम सभी प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाते हैं कि हरियाणा उनकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। इस कठिन समय में हम सब मिलकर इस आपदा का सामना करेंगे। हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर एकजुट होकर इस संकट को पार करेंगे। 

3 मुख्यमंत्रियों से ज्यादा दौलतमंद हैं CM सैनी, रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली बातें

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब के मख्यमंत्री भगवंत मान, उत्तर प्रदेश के मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ,जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अमीर हैं। वहीं हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हरियाणा के सीएम सैनी और पंजाब के सीएम मान दोनों से अधिक अमीर हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की तरफ से देश के सभी 27 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों के 30 मुख्यमंत्रियों की संपत्तियां, योग्यता, व्यवसाय सहित आपराधिक मामलों का विवरण जारी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम संपत्तियों में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पहले नंबर पर हैं। उनके पास 15.38 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। दूसरे नंबर पर 55.24 लाख रुपये अधिक संपत्ति वाले जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 1.18 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर है।  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की संपत्ति सीएम नायब सैनी के बराबर पांच करोड़ रुपये है। रेखा गुप्ता का पैतृक गांव हरियाणा के जुलाना स्थित अपने पैतृक गांव नंदगढ़ है। सीएम रेखा गुप्ता प्रोफेशनल एडवोकेट हैं और उन्होंने ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की है। इसी तरह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की संपत्ति एक करोड़ है, वह ग्रेजुएट हैं। सीएम योगी के आय का साधन एक जनप्रतिनिधि (पूर्व सांसद और विधायक) के रूप में वेतन और भत्ते हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं  रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री नायब सैनी के खिलाफ एक भी आपराधिक मुकदमा नहीं दर्ज है। पंजाब के सीएम मान के खिलाफ चंडीगढ़ में एक मामला और सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ हिमाचल में चार मामले दर्ज हैं। मुख्यमंत्री सैनी के पास पांच करोड़ रुपये की संपत्ति है। सीएम सैनी ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं और उनका स्टोन क्रशर का काम है। इसी तरह पंजाब के सीएम मान के पास एक करोड़ रुपये की संपत्ति है और वह 12वीं पास हैं। सीएम मान का व्यवसाय नेता (राजनीति) है। हिमाचल के पोस्ट ग्रेजुएट सीएम सुक्खू के पास 7 करोड़ की संपत्ति हैैं। सुक्खू ने अपने व्यवसाय में पेंशनभोगी, निजी ठेकेदार, स्व-नियोजित और पार्टी नेता दर्शाया है।   रिपोर्ट से अनुसार पहले नंबर पर आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू हैं। उनके पास 931 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू 332 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति के साथ दूसरे व कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया 51 करोड़ से अधिक संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं।