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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष, CM विष्णु देव साय ने रणनीति और समन्वय पर जोर दिया

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और नक्सलवाद उन्मूलन पर विस्तार से चर्चा की. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के अंतिम दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य नेताओं से मुलाकात की. मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बार-बार "डबल इंजन की सरकार" की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अब नक्सलवाद के खिलाफ स्पष्ट रणनीति, समन्वय और समयबद्ध लक्ष्य के साथ काम हो रहा है. केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिख रहा है. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नक्सलवाद को लेकर स्पष्ट रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय की कमी थी. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में गंभीरता नहीं थी. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर रही है. साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य तय समय में पूरा होगा. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है. मुख्यमंत्री साय ने ये भी दावा किया कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय हो रहा है. सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से हिंसा अब एकमात्र विकल्प नहीं रही. अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ रही है. पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास विकास परियोजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है, जिसके तहत अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों का सर्वे और मैपिंग शुरू कर दिया गया है. नक्सलवाद के खत्म होने पर निवेशकों ने वहां निवेश करने के लिए रुचि दिखाई है. इसका जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले एक साल में 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं. साथ ही सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर पर भी काम शुरू कर दिया गया है. डबल इंजन की सरकार में मिली स्पष्ट दिशा नक्सलवाद खत्म करने में केंद्र सरकार ने जितनी रुचि अब दिखाई है, क्या वो पहले भी इतनी सचेत थी? इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को स्पष्ट दिशा, निरंतरता और समयबद्ध लक्ष्य मिला है. केंद्र सरकार ने नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने का जो संकल्प लिया है, वह अब जमीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दे रहा है और तय समय में लक्ष्य पूरा होने की दिशा में काम तेजी से हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि पहले नक्सलवाद के खिलाफ न तो इतनी स्पष्ट रणनीति थी और न ही केंद्र-राज्य के बीच ऐसा समन्वय दिखता था. संसाधन, सुरक्षा सहयोग और विकास कार्यों में भी वह गंभीरता नहीं थी, जिसकी जरूरत इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए होती है. अब केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ राज्यों के साथ मिलकर नक्सलवाद के समूल निवारण के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री साय ने अपने जवाब में केंद्र की वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए "डबल इंजन" मॉडल की सफलता को रेखांकित किया.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश: दो वर्षों में छत्तीसगढ़ ने देखा विकास और स्थिरता का नया दौर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे होने पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय केवल शासन का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का रहा। उन्होंने बताया कि इन दो वर्षों में सरकार ने हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों तक विकास की किरण पहुँचाने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री का संदेश:  प्रिय छत्तीसगढ़वासी भाइयों और बहनों, जय जोहार आज जब मैं सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे कर रहा हूँ, तो मन अपार भावनाओं से भर गया है। यह दो वर्ष मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष रहे , क्योंकि यह समय केवल शासन का नहीं, सेवा और समर्पण का था। आपके साथ चलने का, आपकी मुस्कान में अपने दायित्व का प्रतिबिंब देखने का अवसर मिला। इन दो वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के हर कोने में विकास का दीप जलाने की कोशिश की है। हमने किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाईं, जिससे उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिल सके। युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियों, प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए। आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया जिससे विकास की रोशनी उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ पहले उम्मीदें धुंधली थीं। हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान की दिशा में नए कदम उठाए गए ताकि हर घर में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का वातावरण बने। इन सभी प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि शासन अब जनता के द्वार पर है। प्रशासन और लोगों के बीच जो दूरी कभी रही, वह अब सहभागिता में बदल रही है। मुझे गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास और स्थिरता के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। भविष्य के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में हम शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास पर और तीव्र गति से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है ऐसा छत्तीसगढ़, जो आत्मनिर्भर हो, जहाँ हर युवा को अवसर मिले, किसान को गर्व हो और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि उसका शासन उसके साथ खड़ा है।* प्रिय जनों, यह यात्रा अभी लंबी है और मंज़िल बड़ी। मैं आप सबसे यही अपेक्षा करता हूँ कि इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, अपने परिश्रम और अपने विश्वास से हमारा मार्ग रोशन करते रहें। आपकी आस्था ही हमारी शक्ति है, और आपका सहयोग ही छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की गारंटी। – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है। उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।” मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

सीएम विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश की नई सिंचाई तकनीक ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ का किया निरीक्षण

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश में नई सिंचाई तकनीक 'प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क' की प्रस्तुति का किया अवलोकन सीएम विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश की नई सिंचाई तकनीक ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ का किया निरीक्षण छत्तीसगढ़ में भी इस तकनीक के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा – मुख्यमंत्री  साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा ने भोपाल में सिंचाई की नवीनतम तकनीक PIN (Pressure Irrigation Network) के संबंध में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों की तुलना में यह प्रणाली कहीं अधिक कुशल, आधुनिक और जल संरक्षण के अनुरूप है। अपर मुख्य सचिव  राजौरा ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि जहाँ पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में लगभग 35 प्रतिशत एफिशिएंसी प्राप्त होती है, वहीं प्रेशर इरिगेशन प्रणाली में दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। इस तकनीक में प्रेशर आधारित पाइपलाइनों से सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का रिसाव और अपव्यय कम होता है तथा बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली में भू-अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम होती है, जिससे परियोजनाएं समय पर और लागत प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकती है।   प्रस्तुति में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इस तकनीक से सिंचाई की जा रही है और आगामी वर्षों में इसे 40 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का लक्ष्य है। इस मॉडल से न केवल जल उपयोग दक्षता बढ़ी है, बल्कि किसानों की उत्पादकता और सिंचाई सुविधा में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रेजेंटेशन की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई की यह उन्नत तकनीक जल प्रबंधन की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “हम इस तकनीक का छत्तीसगढ़ में भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि राज्य के किसानों को कम पानी में अधिक सिंचाई सुविधा और बेहतर उत्पादन मिल सके। जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और त्वरित क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से यह तकनीक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस तकनीक के माध्यम से भूमि अधिग्रहण किए बिना भी सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।” मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विभागीय अधिकारियों को इस तकनीक के अध्ययन, परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह,  मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा, अधीक्षण यंत्री  विकास राजोरिया और अधीक्षण यंत्री  शुभंकर विश्वास भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसाव, वाष्पीकरण और अनियंत्रित बहाव के कारण व्यर्थ हो जाता है, जिससे खेतों तक वास्तविक जल आपूर्ति सीमित रहती है और पूरी कमांड एरिया में समान सिंचाई नहीं हो पाती। सामान्यतः पारंपरिक प्रणाली की कुल सिंचाई दक्षता केवल 35 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं दूसरी ओर PIN (Pressure Irrigation Network) प्रणाली में पानी पाइपलाइनों के माध्यम से नियंत्रित दबाव के साथ सीधे खेतों तक पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय लगभग शून्य हो जाता है। इस तकनीक से सिंचाई दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, जो जल संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। PIN प्रणाली में सिंचाई पूरी तरह पाइपलाइन आधारित होने के कारण नहर निर्माण की आवश्यकता कम हो जाती है और भू-अधिग्रहण भी न्यूनतम होता है। इससे परियोजनाओं की लागत घटती है और कार्य समय पर पूरे होते हैं। पारंपरिक सिंचाई की तुलना में इस तकनीक में पंपिंग दक्षता अधिक होती है, जिससे बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। समान दबाव से पानी वितरण होने के कारण खेतों के टेल एंड के क्षेत्रों को भी पर्याप्त पानी मिलता है। इस प्रणाली से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, जल प्रबंधन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि जैसे व्यापक लाभ प्राप्त होते हैं।

छत्तीसगढ़ के विकास की खुलकर तारीफ: प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय की भूमिका बताई अहम

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तारीफ करते हुए कही. गुजरात के नर्मदा में भगवान बिरसामुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं. इसी तरह BJP-NDA ने हमेशा आदिवासी समाज के होनहार साथियों को शीर्ष पदों पर पहुंचाने का प्रयास किया है. आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं.’ गुजरात के आदिवासी जिलों को दी सौगात इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 14 आदिवासी जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मां नर्मदा की यह पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है. अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई थी.’ उन्होंने कहा कि हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ और आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं. मैं इस पावन अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को प्रणाम करता हूं.

वंदे मातरम् में भारत की आत्मा, सिर्फ़ गीत नहीं — CM विष्णु देव साय

रायपुर   “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पूरे देश के लिए गर्व और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय अवसर है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस ऐतिहासिक पर्व को वर्षभर चलने वाले महाअभियान के रूप में मनाया जा रहा है। देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी यह आयोजन जनभागीदारी के साथ चार चरणों में ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक भव्य रूप में संपन्न किया जाएगा। पहला चरण 7 नवम्बर से होगा प्रारंभ वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रातः 10 से 11 बजे तक दूरदर्शन पर प्रसारित होगा। प्रधानमंत्री के उद्बोधन के पश्चात पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। गीत के बोल और धुन पोर्टल vandemataram150.in पर उपलब्ध हैं। चार चरणों में होगा वर्षभर आयोजन कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा- प्रथम चरण 7 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ), और चतुर्थ चरण 1 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिलों में मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता राज्य के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।प्रत्येक जिले में स्थानीय कलाकारों, छात्रों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके। विद्यालयों में विशेष गतिविधियां और रचनात्मक आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम्” विषय पर विशेष सभाएं, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्कूल बैंड के माध्यम से वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएँगी। राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रमों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगेगा। ‘वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ’ एक अभिनव पहल राज्यभर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर गीत की मूल धुन और बोल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी और आंदोलन को अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बनाएगी। “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ केवल एक स्मरणीय अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत संदेश है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए उनमें देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय चेतना की भावना को और गहराई देगा। वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जिसकी गूंज हर नागरिक के हृदय में नई ऊर्जा और गर्व का संचार करेगी। – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प: समग्र विकास के पथ पर अग्रसर होगा छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय बेमेतरा जिले को 140.96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण और बसनी में मिडिल स्कूल की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा जिले के लिए कुल ₹140.96 करोड़ के 47 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 27 कार्यों का भूमिपूजन और 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार चहुंमुखी और समावेशी विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संकल्पबद्धता के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण, सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, तथा ग्राम बसनी में मिडिल स्कूल प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को अल्प समय में ही पूरा कर दिखाया है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है और 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का संचालन कर रही है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सांसद  विजय बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे ग्रामीण जिलों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, जिनसे आमजन को राहत और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। कार्यक्रम को विधायक  दीपेश साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांस्कृतिक मंत्री  राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, प्रहलाद रजक, विधायक  ईश्वर साहू और मती भावना बोहरा, अवधेश चंदेल,  लाभचंद बाफना, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष  जितेंद्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

CM साय का सख्त बयान: PM के खिलाफ टिप्पणी देशवासियों का अपमान है

रायपुर  बिहार में प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणी का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इसकी निंदा की है। इसी कड़ी में CM साय सोशल मीडिया में वीडियो जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत की आत्मा और संस्कृति पर चोट है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री का जीवन हर भारतवासी के लिए प्रेरणा है। एक साधारण परिवार से निकलकर, मां के संघर्षों और संस्कारों से गढ़ा पुत्र आज पूरी निष्ठा से राष्ट्र सेवा में समर्पित है और विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ा रहा है। ऐसे में उनका अपमान वास्तव में 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान है।” सीएम साय ने आगे कहा कि बिहार की जनता निश्चित रूप से इस तरह की ओछी और नकारात्मक राजनीति को खारिज करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। उन्होंने इस घटना को भारतीय राजनीति के स्तर के पतन का “काला धब्बा” करार दिया।

सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा

रायपुर : सियोल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ATCA प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण भेंट, छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर हुई चर्चा सियोल में CM विष्णु देव साय की ATCA प्रतिनिधिमंडल से भेंट, निवेश के नए अवसरों पर चर्चा छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के अंतर्गत ICCK के साथ होगा ज्ञान व निवेश सहयोग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें। ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

सीएम विष्णु देव साय ने सूरजपुर में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।  मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है।  मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।