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टेक्सटाइल निवेश पर बार्सिलोना में सीएम यादव की बड़ी पहल, निवेशकों को उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में टेक्सटाइल मशीनरी कंपनियों के पदाधिकारियों के साथ की राउंड टेबल बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में टेक्सटाइल कंपनियों संग की राउंड टेबल मीटिंग टेक्सटाइल निवेश पर बार्सिलोना में सीएम यादव की बड़ी पहल, निवेशकों को उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश अनुकूल माहौल और नीतियों की दी जानकारी निवेशकों को उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में विश्व की अग्रणी टेक्सटाइल मशीनरी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय राउंड टेबल बैठक की। बैठक का आयोजन मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने और यूरोपीय टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश के लिए अनुकूल माहौल और निवेशक अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश टेक्सटाइल निवेश आकर्षित करने में भारत में अग्रणी है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं, जैसे विशेष टेक्सटाइल पार्क, SEZ और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने निवेशकों की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने पर जोर दिया जिससे उनकी जरूरतों के अनुरूप नीतियां और सुविधाएं प्रदान की जा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मध्यप्रदेश टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी आदर्श है। राज्य सरकार वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी कर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सस्टेनेबल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मेक इन इंडिया और मेक इन एमपी के तहत निवेश का आहवान बैठक में यूरोपीय टेक्सटाइल मशीनरी कंपनियों को मध्यप्रदेश में अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर आमंत्रित किया गया। मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग हब की स्थापना, भारतीय और यूरोपीय कंपनियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, और नॉलेज एक्सचेंज की संभावनाओं पर चर्चा की गई। यह पहल मेक इन इंडिया और मेक इन एमपी के तहत विश्व स्तरीय टेक्सटाइल मशीनरी के उत्पादन को बढ़ावा देने और विशेष टेक्सटाइल पार्क व SEZ की स्थापना पर केंद्रित थी। वैश्विक टेक्सटाइल कंपनियों की भागीदारी बैठक में वैश्विक स्तर की टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी कंपनियों आर्थर इमैनुएल, यूएस की अग्रणी टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी स्टार्टअप लॉन्च के फाउंडर, एनरिक सिला, जीनोलॉजिया के सीईओ और संस्थापक, जे जामिन्टरनेशनल, इटली की प्रीमियम वीविंग और स्पिनिंग मशीनरी निर्माता कंपनी,ग्राज़ियानो मैकटेक, इटली की फाइबर प्रोसेसिंग और यार्न प्रोडक्शन में विशेषज्ञता वाली कंपनी,जोसे मारिया ब्रोंको, इटली के टेक्सटाइल इंजीनियरिंग विशेषज्ञ, शामिल थे। मध्यप्रदेश से प्रमुख टेक्सटाइल कंपनियों बेस्ट कॉर्प, प्रतिभा सिंटेक्स, श्रीजी पॉलिमर्स, और डीबी ग्रुप ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया।  

सीएम यादव के ससुर का निधन, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मुख्यमंत्री

 रीवा  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर, ब्रह्मदीन यादव का मंगलवार रात को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के विवेकानंद नगर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को रीवा ले जाया गया है, जहां बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह दुखद खबर सुनते ही स्थानीय भाजपा नेताओं और परिचितों का उनके आवास पर आना शुरू हो गया ताकि वे उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। बता दें कि सीएम मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव दुबई में हैं,उन्हें निधन की सूचना मिल गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साले, सदानंद यादव ने बताया, "उन्हें कोई बीमारी या ऐसी कोई समस्या नहीं थी। मोहन यादव अभी नहीं आ पाएंगे, क्योंकि वे विदेश दौरे पर हैं। उन्हें यह जानकारी मिल गई है। अंतिम संस्कार यहीं रीवा में ही किया जाएगा।" ब्रह्मदीन यादव की तबीयत मंगलवार शाम को अचानक खराब हो गई थी। इससे पहले 27 जून को भी सांस और पेट संबंधी परेशानियों के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री यादव की पत्नी और उनकी बेटी, सीमा यादव, 28 जून को उनसे मिलने आई थीं। इसके कुछ ही समय बाद वह मध्य प्रदेश लौट गई थीं। कुछ समय के सुधार के बाद, ब्रह्मदीन यादव को 30 जून को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी और वे घर आ गए थे। हालांकि, मंगलवार शाम को उनकी तबीयत अचानक फिर बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें कि 2023 में उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस समय दुबई और स्पेन के सात दिवसीय विदेश दौरे पर हैं। इस दौरान वे उद्योगपतियों, निवेशकों और फिल्म निर्माताओं के साथ बैठकें करने वाले हैं। उनकी पत्नी, सीमा यादव भी इस दौरे पर उनके साथ गई हैं। ब्रह्मदीन यादव के निधन की खबर मुख्यमंत्री के दुबई से स्पेन के लिए रवाना होने के बाद आई। सीएम डॉ. मोहन यादव सात दिन की दुबई और स्पेन यात्रा पर हैं। सीएम के साथ पत्नी सीमा यादव भी विदेश दौरे पर हैं। जिस वक्त उनके ससुर के निधन की खबर आई, उस दौरान सीएम दुबई से स्पेन के लिए रवाना हो चुके थे। वे जरूरी बैठकों और दूरी के कारण रीवा नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री के दोनों बेटे अभिमन्यु और वैभव अपनी बुआ कलावती यादव के साथ फ्लाइट से रीवा पहुंच रहे हैं। संघ से जुड़े थे, कई आंदोलन किए 27 जून की रात ब्रह्मादीन यादव का स्वास्थ्य बिगड़ गया था। उन्हें सांस और पेट से संबंधित बीमारी के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के ICU वार्ड में एडमिट कराया गया था। 28 जून को उनकी बेटी और सीएम मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव अपनी बेटी के साथ उन्हें देखने पहुंची थीं। फिर वे मध्यप्रदेश लौट आई थीं।​​​​​​​ ब्रह्मादीन यादव शुरुआत से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने कई आंदोलन किए। इसके बाद पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए घर से भागकर मुंबई चले गए। उनका असली नाम ब्रह्मानंद था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने बाद में अपना नाम ब्रह्मादीन रख लिया। उन्होंने मुंबई में पढ़ाई शुरू की। पढ़ाई पूरी करके फिर यूपी आ गए। इसके बाद नौकरी के लिए मध्यप्रदेश के रीवा पहुंचे। यहां एक राजकीय स्कूल में नौकरी मिल गई। 1987 में वो प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड हुए थे। ब्रह्मदीन यादव अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ सुल्तानपुर में रहते थे। विवेकानंद यादव सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षा के शिक्षक (पीजीटी) के रूप में कार्यरत हैं। ब्रह्मदीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी थीं, जिनका नाम सीमा यादव है। सीमा यादव की शादी 1994 में उज्जैन में मोहन यादव से हुई थी। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोदरा ददवा गांव का रहने वाला है। अपनी छात्र जीवन के दौरान, ब्रह्मदीन यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहराई से जुड़े हुए थे और उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए, वे मुंबई चले गए और अपना नाम ब्रह्मानंद से बदलकर ब्रह्मदीन कर लिया। आंदोलन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी पैतृक भूमि गांव में जब्त कर ली थी, जिससे परिवार के पास बहुत कम बचा था। मुंबई में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, ब्रह्मदीन उत्तर प्रदेश लौट आए और फिर मध्य प्रदेश के रीवा में एक सरकारी स्कूल की नौकरी के लिए चले गए। वे 1987 में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए। उनकी बेटी सीमा ने 1989 में रीवा से भूगोल में एमए किया था और वे लंबे समय से छात्र आंदोलनों से जुड़ी हुई थीं। उनकी मुलाकात मोहन यादव से 1984 में एक छात्र परिषद के कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जहां मोहन यादव राष्ट्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। परिवार की सहमति से, दोनों की शादी उसी साल उज्जैन में हुई। ब्रह्मदीन के सबसे बड़े बेटे, रामानंद यादव, भारतीय वायु सेना से रिटायर अधिकारी हैं और अब अपने परिवार के साथ जबलपुर में रहते हैं। दूसरे बेटे सदानंद यादव रीवा में विद्या भारती के साथ काम करते हैं। ब्रह्मदीन यादव का अंतिम संस्कार बुधवार को रीवा में किया जाएगा। बेटे के साथ रहते थे ब्रह्मादीन यादव रिटायर होने के बाद ब्रह्मादीन यादव सुल्तानपुर में अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ रहते थे। विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षक (पीजीटी) हैं। ब्रह्मादीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी हैं। इकलौती बेटी सीमा की शादी 1994 में मोहन यादव से उज्जैन में हुई थी। मूल रूप से परिवार अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोडड़ा डड़वा गांव से है। 30 जून को हालत में सुधार के बाद अस्पताल से उन्हें घर ले जाया गया था। मंगलवार शाम को अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। जब तक परिजन उन्हें लेकर हॉस्पिटल पहुंचते, उनकी सांसें थम गईं। साल 2023 में ब्रह्मादीन यादव की पत्नी का निधन हुआ था। विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में हुई थी मुलाकात उनकी बेटी सीमा यादव ने … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सरकार प्रवासी उद्यमियों को निवेश के लिये अनुकूल माहौल देगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई यात्रा के पहले दिन भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेष रूप से इंदौर से जुड़े उद्यमियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इंदौरी इंटरनेशनल बिजनेस नेटवर्क (IIBN) द्वारा एक विशेष आयोजन किया गया जिसमें 25 से अधिक सीईओ उपस्थित रहे और 15 से अधिक प्रमुख उद्यमियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाते हुए अपने निवेश प्रस्ताव दिए। वर्तमान में IIBN यूएई में 750 से अधिक सदस्यों के साथ एक स्थापित लाइसेंस प्राप्त समुदाय है जिसमें व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर, शिक्षाविद् सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल शामिल हैं। IIBN के सदस्यों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को निवेश प्रस्तावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में IIBN की कोर कमेटी के सदस्य श्री अजय कसलीवाल, श्री प्रेम भाटिया, सुश्री अंजू भाटिया, श्री निलेश जैन, श्री मनोज झारिया, श्री नसीर खान और अमित श्रीनिवास ने जानकारी दी कि यूएई में निवासरत इंदौरी प्रवासी निवेश की संभावनाओं को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। उन्हें राज्य सरकार से मिलने वाले मार्गदर्शन और सहयोग को लेकर पूरा विश्वास है। सस्टेनेबल सिटी के लिए 1000 करोड़ निवेश का प्रस्ताव इस अवसर पर दुबई में रहने वाले सीए श्री प्रवीण मेहता ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए निजी क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक परियोजना और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाले सस्टेनेबल सिटी के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भी उन वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए विशेष कार्यक्रम चला रही है, जिनके बच्चे विदेशों में हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपके बच्चे बाहर हैं, तो हम आपका परिवार हैं।” मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और संबंधित कलेक्टर इन वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस का प्रस्ताव कार्यक्रम में दुबई स्थित फ्यूचर वाइज एजुकेशन की सीईओ सुश्री अंजू भाटिया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मध्यप्रदेश में विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस की स्थापना का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय डिग्री अपने ही राज्य में प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। श्री प्रेम भाटिया ने बताया कि वे इंदौर से दुबई आने वाले शुरुआती परिवारों में से एक हैं। आज उनकी बदौलत 400 से अधिक परिवार यूएई में रोजगार प्राप्त कर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों के प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार प्रवासी उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिये हर संभव सहयोग और अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

सीएम यादव ने डॉ. मुखर्जी के कश्मीर एकीकरण और धारा 370 के विरोध में किए गए संघर्ष को ऐतिहासिक बताया

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार से मुलाकात की। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उनके साथ उपस्थित थे। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम चहुमुंखी प्रगति कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रदेश सरकार बड़े स्तर पर दो कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी का योगदान अतुलनीय है और आज भी हम सब उनके जीवन से प्रेरणा ग्रहण करते हैं। मुख्यमंत्री ने की वरिष्ठ बीजेपी नेता से भेंट सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के भोपाल स्थित निवास पहुँचकर उनसे भेंट की और हालचाल जानें। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित रहे। इसके बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमोत्सव को एशिया का वाउ गोल्ड अवार्ड मिलने पर प्रसन्नता ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह उनके साथ है और ये सौभाग्य की बात है कि प्रदेश के युवा नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर होंगे प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम  रविवार को जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मौके पर राज्य सरकार दो बड़े आयोजन करने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉ श्यामाप्रसाद का सबसे महत्वपूर्ण योगदान जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष था। वे एक देश, एक विधान, एक निशान के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने धारा 370 के खिलाफ जम्मू-कश्मीर बचाओ आंदोलन शुरू किया, जो बेहद उल्लेखनीय है। उन्होंने डॉ. मुखर्जी को याद करते हुए उन्हें नमन किया और कहा कि आज भी उनकी शिक्षा प्रासंगिक हैं और सभी उससे प्रेरणा लेते हैं।

CM यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित

विशेष समाचार CM  यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में 2 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किये गये। राजस्व महाअभियान में राजस्व प्रकरणों के निराकरण का क्रम राजस्व महाअभियान-2 के बाद भी जारी है। राजस्व महाअभियान-2 के बाद फरवरी-2025 से अब तक राजस्व विभाग द्वारा नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 8 लाख 49 हजार 681 प्रकरणों का रिकॉर्ड निराकरण किया गया है। यह निराकरण राजस्व महा-अभियान के बाद जनवरी-2025 के अंत से अब तक किया गया है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, राजस्व न्यायालयों की दक्षता, पारदर्शिता और तीव्रता को दर्शाती है। राजस्व महा-अभियान से प्रकरणों के निराकरण में आयी तेजी लगातार बनी हुई है। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के 27 जनवरी, 2025 के बाद से अब तक के प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार स्थिति में आगर-मालवा में 10 हजार 417, अलीराजपुर में 2550, अनूपपुर में 10 हजार 690, अशोकनगर में 10 हजार 130, बालाघाट में 21 हजार 897, बड़वानी में 5 हजार 610, बैतूल में 21 हजार 407, भिण्ड में 21 हजार 964, भोपाल में 31 हजार 996, बुरहानपुर में 6 हजार 340, छतरपुर में 28 हजार 325, छिंदवाड़ा में 23 हजार 84, दमोह में 15 हजार 616, दतिया में 14 हजार 501, देवास में 16 हजार 395, धार में 13 हजार 362, डिण्डौरी में 9 हजार 203, गुना में 14 हजार 784, ग्वालियर में 26 हजार 221, हरदा में 5 हजार 704, इंदौर में 31 हजार 540, जबलपुर में 28 हजार 167, झाबुआ में 6 हजार 730, कटनी में 22 हजार 299, खण्डवा में 13 हजार 413, खरगौन में 14 हजार 37, मैहर में 8 हजार 612, मण्डला में 11 हजार 110, मंदसौर में 14 हजार 776, मऊगंज में 6 हजार 788, मुरैना में 21 हजार 538, नर्मदापुरम में 12 हजार 89, नरसिंहपुर में 9 हजार 650, नीमच में 8 हजार 710, निवाड़ी में 4 हजार 491, पांढुर्णा में 5 हजार 16, पन्ना में 11 हजार 544, रायसेन में 15 हजार 343, राजगढ़ में 15 हजार 911, रतलाम में 13 हजार 720, रीवा में 31 हजार 789, सागर में 25 हजार 841, सतना में 18 हजार 959, सीहोर में 17 हजार 112, सिवनी में 20 हजार 725, शहडोल में 12 हजार 646, शाजापुर में 14 हजार 816, श्योपुर में 5 हजार 134, शिवपुरी में 21 हजार 98, सीधी में 13 हजार 653, सिंगरौली में 17 हजार 373, टीकमगढ़ में 11 हजार 387, उज्जैन में 26 हजार 614, उमरिया में 7 हजार और विदिशा जिले में 19 हजार 854 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया।