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CNG और PNG सप्लाई पर केंद्र का बड़ा बयान: देश में गैस की कमी नहीं, आपूर्ति सामान्य

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की विपणन और तेल शोधन विभाग की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सीएनजी की आपूर्ति करने वाले ईंधन पंप और घरेलू पीएनजी कनेक्शन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "सीएनजी उपयोगकर्ताओं और पीएनजी उपभोक्ताओं दोनों को आपूर्ति पूरी तरह से जारी रखी जा रही है। अधिकारियों ने जमाखोरी रोकने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई भी शुरू कर दी है। ईंधन भंडारण और आपूर्ति की जांच के तहत कई राज्यों में छापे मारे गए हैं।" वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने आगे कहा कि कच्चा तेल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हमारे पेट्रोल पंप सामान्य रूप से चल रहे हैं। अभी तक किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं मिली है।" गैस वितरण कंपनियों ने नए पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन योजनाएं भी शुरू की हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं को 500 रुपए की मुफ्त गैस देने की घोषणा की है। इस बीच, घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं में व्याप्त भय कम होने से एलपीजी बुकिंग में गिरावट आई है, वहीं जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों भर में छापेमारी की जा रही है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों भर में छापेमारी की जा रही है और 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे घबराहट में बुकिंग न करें, डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और एलपीजी वितरकों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचें। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देती रहेगी और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति विशेष रूप से घरों और अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सुनिश्चित करेगी।

1 जनवरी से बड़े बदलाव लागू, जेब पर पड़ेगा असर: सैलरी हाइक से लेकर CNG-PNG की कीमतें घटेंगी

नई दिल्ली  कैलेंडर बदलने के साथ ही 1 जनवरी 2026 से आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से लेकर रसोई गैस के दाम और सोशल मीडिया के इस्तेमाल तक, नए साल की सुबह कई बड़े बदलाव लेकर आएगी। अगर आपने समय रहते इन बदलावों की तैयारी नहीं की, तो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। आइए जानते हैं 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले इन प्रमुख बदलावों के बारे में: 8वें वेतन आयोग का आगाज: सरकारी कर्मचारियों की मौज नए साल का सबसे बड़ा तोहफा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए हो सकता है। 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने की संभावना है। सैलरी में बढ़ोतरी: अनुमानों के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर में बदलाव के साथ कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में 20% से 35% तक का इजाफा हो सकता है। फिटमेंट फैक्टर: चर्चा है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रखा जा सकता है, जिससे न्यूनतम वेतन में बड़ी वृद्धि होगी। सस्ता होगा सफर और रसोई: CNG-PNG के दाम में राहत यूनिफाइड टैरिफ सिस्टम में बदलाव के कारण नए साल में गैस की कीमतें कम हो सकती हैं: CNG: प्रति किलो 1.25 से 2.50 रुपये तक की कटौती संभव है। PNG: पाइप वाली रसोई गैस के दामों में 0.90 से 1.80 रुपये (प्रति SCM) तक की राहत मिल सकती है। कम होगी लोन की EMI: रेपो रेट में कटौती का असर दिसंबर में आरबीआई (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% की कटौती किए जाने के बाद, 1 जनवरी से बैंक अपने लोन की ब्याज दरें घटा सकते हैं। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) कम होने की उम्मीद है। LPG सिलेंडर की नई कीमतें तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर 1 जनवरी को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घट सकते हैं। बच्चों के लिए सुरक्षित होगा इंटरनेट: सोशल मीडिया पर सख्ती अगले साल से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सरकार नए नियमों के तहत बच्चों को आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने के लिए 'एज वेरिफिकेशन' जैसे सख्त कदम उठाने जा रही है। नया इनकम टैक्स बिल 1 जनवरी से नया इनकम टैक्स बिल पूरी तरह प्रभावी हो सकता है। इसके तहत टैक्स स्लैब में बदलाव और जीएसटी (GST) में की गई कटौतियों का लाभ सीधे करदाताओं को मिलेगा, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी। पैन-आधार लिंक और जुर्माना अगर आपने 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया, तो 1 जनवरी से आपका पैन कार्ड 'इनऑपरेटिव' (निष्क्रिय) हो सकता है। इसके बाद लिंक कराने पर आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है और बैंकिंग ट्रांजेक्शन में दिक्कत आ सकती है। राशन कार्ड ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य राशन कार्ड धारकों के लिए 31 दिसंबर आखिरी मौका है। यदि आपने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो 1 जनवरी से आपको मुफ्त या रियायती राशन मिलना बंद हो सकता है। इसे आप अपने मोबाइल या नजदीकी राशन दुकान के जरिए पूरा कर सकते हैं। 1 जनवरी 2026 से होने वाले ये बदलाव डिजिटल सुरक्षा से लेकर वित्तीय लाभ तक फैले हुए हैं। सुचारू लेनदेन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 31 दिसंबर तक अपने पेंडिंग काम निपटाना ही समझदारी है।

महंगाई से राहत: नए साल पर घटे CNG और PNG के दाम, आम लोगों को फायदा

नई दिल्ली  भारत भर के उपभोक्ताओं को कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कम कीमतों का फायदा मिलने वाला है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने टैरिफ में बदलाव (रैशनलाइजेशन) का ऐलान किया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा. एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में PNG RB के मेंबर AK तिवारी ने कहा कि नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर लागू होने से उपभोक्ताओं को राज्य और लागू टैक्स के अनुसार प्रति यूनिट ₹2 से ₹3 तक की बचत होगी. नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर PNGRB ने टैरिफ सिस्टम को आसान बनाते हुए जोन की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है. 2023 में लागू पुराने सिस्टम के तहत दूरी के आधार पर तीन जोन बनाए गए थे. इसमें 200 किलोमीटर तक ₹42, 300 से 1,200 किलोमीटर तक ₹80 और 1,200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए ₹107 टैरिफ था. तिवारी ने बताया, हमने टैरिफ को रैशनलाइज किया है. अब तीन की जगह दो जोन होंगे और पहला जोन पूरे भारत में CNG और घरेलू PNG ग्राहकों पर लागू होगा. अब जोन-1 के लिए यूनिफाइड दर ₹54 तय की गई है, जो पहले ₹80 और ₹107 थी. इन लोगों को होगा फायदा नया टैरिफ स्ट्रक्चर भारत में काम कर रही 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के तहत आने वाले 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को फायदा देगा. तिवारी ने कहा, इससे CNG इस्तेमाल करने वाले ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रसोई में PNG इस्तेमाल करने वाले घरों को लाभ मिलेगा. PNGRB ने निर्देश दिया है कि इस रैशनलाइज्ड टैरिफ का पूरा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी. तिवारी ने कहा, हमारी भूमिका उपभोक्ताओं और इस बिजनेस से जुड़े ऑपरेटरों, दोनों के हितों में संतुलन बनाए रखने की है. गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार CNG और PNG इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर बात करते हुए तिवारी ने बताया कि पूरे देश को कवर करने के लिए लाइसेंस दिए जा चुके हैं, जिनमें सरकारी कंपनियां (PSU), निजी कंपनियां और जॉइंट वेंचर शामिल हैं. PNGRB, CGD कंपनियों को राज्य सरकारों से समन्वय कराने में मदद कर रहा है, जिसके चलते कई राज्यों ने VAT कम किया है और अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाया है. तिवारी ने कहा, हम सिर्फ रेगुलेटर ही नहीं, बल्कि एक फैसिलिटेटर की भूमिका भी निभा रहे हैं. सरकार की ओर से CNG और घरेलू PNG के लिए सस्ती और रैशनलाइज्ड गैस देने की पहल से देशभर में नेचुरल गैस के इस्तेमाल में तेजी आने की उम्मीद है. भारत में CGD सेक्टर को नेचुरल गैस खपत बढ़ाने वाला मुख्य सेक्टर माना गया है.