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प्रिंस यादव मौत मामले में जांच तेज, खान सर पर एफआईआर की मांग उठी

 पटना फैजल खान उर्फ खान सर और और रौशन आनंद सर के बीच विवाद अभी थमने वाला नहीं बल्कि ऐसा लगता है कि यह पूरा विवाद और भी बड़ा रूप लेने वाला है। अब रौशन आनंद सर के वकील निरंजन कुमार सिंह ने कहा है कि वो रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में हत्या का केस खान सर पर दर्ज करवाएंगे। निरंजन कुमार सिंह ने कहा है कि इस मामले में वो ना सिर्फ खान सर पर मर्डर का केस दर्ज करवाएंगे बल्कि सीबीआई जांच की मांग भी करेंगे। बता दें कि रौशन आनंद सर के जेल में रहने के दौरान नेपाल में उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर ने पहले भी खान सर पर हत्या का आरोप लगाया था। मीडिया से बातचीत में निरंजन कुमार सिंह ने कहा, 'चूकि यह भी आईने की तरफ साफ है कि एक केस में रौशन आनंद को आरोपी बनाया जाता है। जिस केस में धारा 109 कहीं से नहीं लगना था लेकिन जबरदस्ती उस केस को गंभीर बनाने के लिए 109 को लाया गया। दूसरा केस, रियल पिक्चर के आधार पर दर्ज होता है। यह केस खान सर पर दर्ज किया जाता है। उसी दिन खान सर का बयान भी आता है लेकिन फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं होती है। किसी तरह से उन्होंने कोर्ट में जाकर अंतरिम राहत मिली है। अगर रौशन आनंद के भाई की हत्या के आरोप में खान सर पर सरकार द्वारा स्वत: संज्ञान नहीं लिया जाता है और उनपर केस दर्ज नहीं किया जाता है तो हमलोग हत्या के आरोप के अंतर्गत खान सर पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि रौशन आनंद सर का परमानेंट बेल हुआ है। इनका तो जेल जाना ही अपने आप में एक अन्याय था। वो बिल्कुल निर्दोष हैं। उनको कुछ पता तक नहीं है और उस इंसान को जेल के पीछे डाल दिया गया। इधर जिसने साजिश रच कर यह संगठित अपराध किया और साजिश पर साजिश रची और भाई की खोने की वजह भी बना वो बाहर है। प्रिंस यादव की मौत की जारी है जांच बहरहाल आपको बता दें कि पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान से जुड़े प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत मामले में नेपाल पुलिस की जांच लगातार जारी है। मामले को लेकर पुलिस ने मृतक के साथ होटल में ठहरे चार भारतीय नागरिकों से पूछताछ भी की है, जबकि एक नेपाली नागरिक को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपस्थित होने की शर्त पर रिहा कर दिया गया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता डीएसपी मर्केंद्र कुमार मिश्र ने बताया था कि घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। इधर हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के लिए भारतीय पुलिस से भी संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्यों से पर्दा उठने की संभावना है। फिलहाल जांच पूरी होने तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

कोचिंग विवाद में रौशन आनंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी बेल

पटना बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद ज्ञान बिन्दु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। पटना के अतिरिक्त जिला जज (ADJ 33) की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद बेल दे दिया है। रौशन आनंद को खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज पर हमले के मामले में गिरफ्तार कर बेउर जेल भेजा गया था, जहां से अब वह पूरे 12 दिनों के बाद बाहर आ रहे हैं। रौशन आनंद ने दावा किया था कि खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। रौशन आनंद जेल से निकलने के बाद भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, जिनकी नेपाल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर के वकील ने अदालत के सामने कल अपना पक्ष रखते हुए बेहद दमदार दलीलें पेश की थीं। वकील ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे विवाद और हमले के मामले में रौशन आनंद सर को साजिश के तहत घसीटा गया है, जबकि घटना से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा, "रौशन सर देश के प्रतिष्ठित शिक्षक हैं जो हजारों गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उन्हें इस तरह जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। वकील की इन दलीलों और पुलिस डायरी की समीक्षा करने के बाद जज ने रौशन सर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध मौत से पसरा मातम एक तरफ जहाँ रौशन आनंद सर को कानूनी तौर पर इतनी बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि कल ही रौशन आनंद सर के सगे भाई प्रिंस की पड़ोसी देश नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिंस यादव की मौत के पीछे ब्रेन हेमरेज को कारण बताया जा रहा है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही रौशन आनंद सर का पूरा परिवार और उनके चाहने वाले गहरे सदमे और शोक में डूबे हुए हैं। भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल से लाया जा रहा है और आज ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि प्रिंस की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खान सर ने प्रिंय के दोस्त का वीडियो भी दिखाया है, जिसमें वह कह रहा है कि प्रिंस की तबीयत पहले से खराब रहती थी। उसकी मौत सामान्य रूप से बीमारी से हुई है और किसी ने उसे कुछ नहीं किया है।

पटना कोचिंग विवाद से जुड़ा मामला, नेपाल में संदिग्ध हालात में मौत

पटना खान सर कोचिंग सेंटर विवाद मामले में आरोपी पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद के भाई की अचानक में मौत हो गई है। रौशन आनंद के भाई की नेपाल में मौत हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि नेपाल के एक होटल में रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव ठहरे हुए थे। लेकिन रविवार की सुबह अचानक प्रिंस यादव की मौत की बात सामने आई है। प्रिंस यादव की ब्रेन हेमरेज से मौत की बात सामने आ रही है। यह भी कहा जा रहा है कि खान सर के कोचिंग सेंटर से जुड़े विवाद में प्रिंस यादव भी आरोपी थे। कहा जा रहा है कि रौशन आनंद सर के भाई की मौत के बाद उनके साथ होटल में मौजूद सभी युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर रही है। कहा जा रहा है कि नेपाल पुलिस इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। प्रिंस यादव की मौत की पुष्टि के बाद उनके शव को भारत लाया जा रहा है। प्रिंस यादव रौशन आनंद सर के छोटे भाई बताए जा रहे हैं। पटना में फैजल खान उर्फ खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट पर 2 जून को हुए हमले और तोड़फोड़ के मामले में केस दर्ज होने के बाद से रौशन आनंद पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। इस पूरे विवाद में दर्ज एक दूसरे केस में खान सर भी आरोपी हैं। हालांकि, खान सर ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है और फिलहाल कोर्ट ने 20 जून तक खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि नेपाल के होटल में प्रिंस यादव के साथ उनके 6-7 दोस्त भी थे। नेपाल पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और प्रिंस की मौत की पड़ताल कर रही है। कहा यह भी जा रहा है कि साल 2021 में भी रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव पर खान सर की कोचिंग सेंटर पर हमले का आरोप लगा था। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के बाद पुलिस प्रिंस यादव को भी तलाश रही थी लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रिंस यादव नेपाल चले गए थे। सुपौल यादव बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले थे। बहरहाल अभी प्रिंस यादव की मौत की जांच चल रही है। क्या है खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमले का विवाद आपको बता दें कि 2 जून की रात खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला, तोड़फोड़ और मारपीट की घटना हुई थी। एक गार्ड को वहां बुरी तरह पीटा गया था। इस मामले में खान सर ने आरोप लगाया था कि पास ही स्थित ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में ज्ञान बिंदू के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रौशन आनंद सर की जमानत याचिक अदालत से खारिज हो गई थी। इस घटनाक्रम के बाद खान कोचिंग सेंटर पर बवाल का एक अन्य वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा था कि दो सुरक्षा गार्ड वहां फायरिंग कर रहे थे। इस फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने खान सर के कोचिंग सेंटर पर दबिश दी थी। पुलिस ने फायरिंग के आरोप में खान सर के दो अंगरक्षकों को अरेस्ट किया था। दोनों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने खान सर पर आर्म्स ऐक्ट तथा हत्या के प्रयास से संबंधित संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था। हालांकि, खान सर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है। अदालत ने 20 जून तक खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।

पटना केस में नया मोड़, खान सर की कानूनी टीम FIR क्वैशिंग पर कर रही विचार

 पटना पटना कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में शिक्षक और यूट्यूबर फैसल खान (खान सर) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि उनकी कानूनी टीम अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। इस संभावित कदम ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। कानूनी और राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ‘FIR खत्म, तो खत्म होगा पूरा विवाद?’ हाईकोर्ट में दांव लगाने की तैयारी जानकारी के अनुसार, खान सर की ओर से FIR Quashing Petition दाखिल करने पर विचार किया जा रहा है। इस याचिका के जरिए हाईकोर्ट से एफआईआर रद करने की मांग की जाती है। कानूनी टीम मामले के हर पहलू का बारीकी से अध्ययन कर रही है। यदि याचिका दायर होती है तो यह केस का सबसे अहम मोड़ साबित हो सकता है। कोर्ट पहले याचिका की वैधता और आधारों की जांच करेगा। इसके बाद आगे की सुनवाई का रास्ता तय होगा। कब रद होती है FIR? जानिए हाईकोर्ट के पास कितनी बड़ी ताकत कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, हर एफआईआर को रद नहीं किया जा सकता। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में हाईकोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है। यदि मामला झूठा या निराधार प्रतीत हो तो राहत मिल सकती है। कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग की स्थिति भी अहम आधार मानी जाती है। समझौता होने या गंभीर अपराध के तत्व न मिलने पर भी सुनवाई संभव है। अंतिम फैसला तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही होता है। बढ़ता दबाव या बड़ी रणनीति? हर कदम पर टिकी हैं सबकी निगाहें कोचिंग विवाद पहले से ही चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब हाईकोर्ट जाने की खबर ने उत्सुकता और बढ़ा दी है। कई कानूनी जानकार इसे बचाव पक्ष की बड़ी रणनीति मान रहे हैं। अगर याचिका दाखिल होती है तो कई नए कानूनी सवाल उठ सकते हैं। प्रशासन और जांच एजेंसियां भी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में मामला और दिलचस्प हो सकता है। खान सर को बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल लगी ब्रेक इस बीच खान सर को अदालत से महत्वपूर्ण राहत मिली है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से उन्हें तत्काल कानूनी सुरक्षा मिल गई है। पिछले कुछ दिनों से पुलिस कार्रवाई की चर्चाएं तेज थीं। इसी बीच अग्रिम जमानत की मांग को अदालत ने स्वीकार किया। फिलहाल अगली सुनवाई तक राहत बरकरार रहेगी। अब सबकी नजर हाईकोर्ट पर, क्या बदल जाएगी केस की पूरी कहानी? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या FIR रद कराने की याचिका वास्तव में दाखिल होगी। यदि ऐसा होता है तो हाईकोर्ट के सामने पूरे मामले की कानूनी जांच होगी। याचिका मंजूर होने पर केस की दिशा पूरी तरह बदल सकती है। वहीं, राहत न मिलने पर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल हर पक्ष अगली कानूनी चाल का इंतजार कर रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी ज्यादा चर्चा में रह सकता है।

पटना कोचिंग हिंसा केस: कोर्ट ने रौशन आनंद को नहीं दी राहत, खान सर को फिलहाल सुरक्षा

 पटना खान सर की कोचिंग सेंटर पर हुए हमले, मारपीट और तोड़फोड़ से जुड़े केस में आरोपी ज्ञान बिंदू जी.एस. एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को कोर्ट से झटका लगा है। पटना सिविल कोर्ट ने रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। नियमित जमानत याचिका खारिज होने का मतलब यह है कि अभी रौशन आनंद को जेल भी रहना होगा। 2 जून को पटना स्थित खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में 15-20 लोगों के एक समूह ने बिहार की राजधानी पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी और परिसर पर पथराव किया था। इस मामले में दर्ज केस के अनुसार अभियुक्तों पर खान ग्लोबल स्टडीज में प्रवेश कर एक सुरक्षाकर्मी को खींचकर बाहर सड़क पर लाने और उसके साथ मारपीट कर जख्मी कर देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर 03 जून 2026 को को जेल भेजा था। मामले की प्राथमिकी कदमकुआं थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 410/26 के रूप में दर्ज की गई है। ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के पक्ष में बहस करते हुए उनके वकील राघव कुमार ने अदालत में कहा था कि इस मामले में धारा 109 लागू नहीं होती। उन्होंने तर्क दिया था कि पीड़ित को लगी चोटें साधारण हैं और मामले में दर्ज सभी धाराएं जमानती हैं। सोमवार को उनके वकील ने अदालत में अपने मुवक्किल को निर्दोष बताया और उन पर लगाये गये आरोपों को निराधार बताते हुए जमानत पर छोड़े जाने की प्रार्थना की थी। हालांकि, अदालत में रौशन आनंद के वकीलों की तर्क काम ना आई और ज्ञान बिंदु के मालिक रौशन आनंद को बेल नहीं मिली। खान सर को गिरफ्तारी से फिलहाल राहत इधर खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट के मालिक फैजल खान उर्फ खान सर को मंगलवार को अदालत की तरफ से फिलहाल राहत मिल गई है। अदालत ने खान सर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाई है। दंडात्मक कार्रवाई पर रोक का मतलब यह हुआ कि फिलहाल पुलिस उनपर कोई ऐक्शन नहीं लेगी और उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। सोमवार को ही खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दिन अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को अदालत ने अपने आदेश में खान सर को फिलहाल राहत दी है। छात्रों ने सड़क पर किया था प्रदर्शन पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में पिछले 02 जून को खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमले, मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग मामले में ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। रौशन आनंद सर को गिरफ्तार किए जाने के बाद कई छात्र उनके समर्थन में उतर आए थे। छात्रों का कहना था कि इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के मालिक रोशन आनंद को फंसाया जा रहा है और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। छात्रों ने कहा था कि यह अफवाह गलत है कि खान सर की फीस उनके प्रतिद्वंद्वियों से कम है। उनका दावा था किज्ञान बिंदु के ज्यादातर ऑफ लाईन कोर्सेस की कीमत खान ग्लोबल के मुकाबले कम हैं। छात्रों ने कहा था कि यह साबित होने के बाद कि फायरिंग खान सर के गार्डों ने की थी, प्रशासन को रोशन आनंद को छोड़ देना चाहिए।