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सर्द हवाओं का असर: राजस्थान में सर्दी ने दी जोरदार दस्तक

जयपुर उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से राजस्थान में सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं सहित 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं में सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जबकि बारां और करौली में पहली बार तापमान 10 डिग्री से नीचे गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा। सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। फतेहपुर में 7.4, दौसा में 7.7, अजमेर में 8.1, अलवर में 8.5, सिरोही में 8.1, उदयपुर में 9.5 और करौली में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शेखावाटी और आसपास के जिलों में उत्तरी हवाओं का असर सबसे ज्यादा है, जिससे तापमान सामान्य से 3 से 9 डिग्री तक नीचे आ गया है। अजमेर में तापमान सामान्य से 9.2 डिग्री, सीकर में 7.1 और जोधपुर में 4.4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। दिन में आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। सिरोही में दिन का तापमान 31.5 डिग्री, जालोर में 31.8, जैसलमेर में 32.4 और बाड़मेर में 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में रात का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा।  वहीं पिलानी, उदयपुर और वंशस्थली में तापमान 9.5 से 10.2 डिग्री के बीच रहा। बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां दिन का तापमान 33.8 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 32.4, बीकानेर और जोधपुर में 31.3, चूरू में 30.8, गंगानगर में 30.1 और चित्तौड़गढ़ में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहेगा और दिन में धूप के कारण हल्की राहत रहेगी, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर और तेज होगा। मौसम केंद्र जयपुर ने बताया कि अगले सप्ताह राज्य में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि सुबह और रात में ठंड का असर और बढ़ेगा।

शिमला जैसी ठंड हरियाणा में, दिन में भी बढ़ेगी ठंड, हिसार-महेंद्रगढ़ का तापमान 7.6°C

 हिसार/महेंद्रगढ़  हरियाणा के मैदानी इलाकों में अब पहाड़ों जैसी ठंड महसूस होने लगी है। राज्य के कई शहरों का न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से भी नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार, शिमला में न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हिसार और महेंद्रगढ़ में यह 7.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हिमाचल के अन्य शहरों में सोलन में 7.5 डिग्री, कुल्लू में 6.1 डिग्री और मनाली में 4.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। पिछले दो दिनों से हरियाणा में दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से आने वाले दिनों में रात का तापमान और नीचे जा सकता है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के और तेज होने से रातें अधिक ठंडी होंगी। हालांकि, दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की हल्की बढ़ोतरी संभव है। इससे सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक महसूस किया जाएगा। दिन में हल्की बढ़ोतरी, रातें होंगी और ठंडी मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाएं और तेज चलने से रातें और ठंडी होंगी, लेकिन दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है। दिन का तापमान 1 से 2 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा। किसानों को मौसम विभाग की सलाह चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द गेहूं की बिजाई पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि सरसों की फसल में यदि किसी प्रकार की बीमारी दिखाई दे तो किसान नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें और उचित उपचार प्राप्त करें। 12 नवंबर तक बारिश के आसार नहीं डॉ. खीचड़ ने बताया कि फिलहाल राज्य में 12 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस दौरान रात का तापमान और गिर सकता है, जिससे सुबह के समय कोहरा बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर शाम के समय ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने किसानों को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान जल्द से जल्द गेहूं की बिजाई पूरी कर लें। साथ ही, यदि सरसों की फसल में कोई बीमारी दिखाई दे तो नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर उचित उपचार प्राप्त करें। डॉ. खीचड़ ने यह भी बताया कि राज्य में 12 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस अवधि में रात का तापमान और गिर सकता है, जिससे सुबह के समय कोहरा बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और देर शाम के समय ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है।

सर्द हवाओं का असर: राजस्थान का तापमान 13°C से नीचे, कोटा-उदयपुर में बारिश की संभावना

जयपुर राजस्थान में अब सर्दी ने दस्तक दे दी है। सीकर के बाद अब दौसा में भी रात का तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार करौली, जालोर, गंगानगर, बाड़मेर, भीलवाड़ा और अजमेर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। रातों में बढ़ी ठंड, दिन में गर्मी बरकरार पिछले 24 घंटे के दौरान पूरे राज्य का मौसम साफ रहा। दिन में धूप तेज रही, लेकिन रात में तापमान में गिरावट के चलते ठंड का असर बढ़ गया है। सीकर में न्यूनतम तापमान 13°C, दौसा में 13.7°C, नागौर में 14.4°C और जयपुर में 19.2°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.6°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि जैसलमेर में 36.5°C और बीकानेर में 35.5°C दर्ज हुआ। 27 अक्टूबर को बारिश की संभावना मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में अरब सागर में डिप्रेशन सिस्टम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बना हुआ है। साथ ही, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26-27 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय होने की संभावना है। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों में 26 से 28 अक्टूबर के बीच मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। सबसे अधिक असर 27 और 28 अक्टूबर को रहेगा, जब कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश की स्थिति बनेगी। यह भी पढें-  जैसलमेर बस अग्निकांड: बस क्यों बन गई थी 26 लोगों की चिता? FSL रिपोर्ट में सामने आई आग लगने की वजह, जानें… किसानों और आमजन के लिए सलाह मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि संभावित बारिश को देखते हुए फसलों की कटाई और भंडारण के कार्यों में सावधानी बरतें। वहीं, तापमान में गिरावट को देखते हुए सुबह और रात के समय ठंड से बचाव के इंतजाम करने की सलाह दी गई है। बीते 24 घंटों में तापमान की स्थिति इस प्रकार रही:  अजमेर में अधिकतम 32.8°C और न्यूनतम 15.4°C, भीलवाड़ा में 31.6°C और 16°C, अलवर में 33.5°C और 15.4°C, जयपुर में 31.8°C और 19.2°C, तथा नागौर में 30.4°C और 15.5°C तापमान दर्ज हुआ। सीकर में रात का तापमान सबसे नीचे 13°C रहा, जिससे सर्दी का असर बढ़ा। उदयपुर में अधिकतम 35.2°C और न्यूनतम 18.2°C, फलोदी में 34.8°C और 20.2°C, बीकानेर में 35.5°C और 21°C, जबकि श्रीगंगानगर में 34.4°C और 17.7°C दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम 36.5°C, बाड़मेर में 37.6°C, और चित्तौड़गढ़ में 34.6°C तापमान रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है, जबकि दिन में मौसम सामान्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

मौसम ने बदला मिज़ाज: हरियाणा में तेज ठंड, जानें अपने इलाके का तापमान

हरियाणा  हरियाणा में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। फरीदाबाद समेत कई जिलों में रात की ठंड बढ़ गई है। वहीं, बारिश के चलते खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे रबी की फसलों की बुआई के लिए यह मौसम अनुकूल साबित हो रहा है। फरीदाबाद में बढ़ा प्रदूषण, एक्यूआई फिर ‘खतरनाक’ दूसरी ओर, फरीदाबाद में दिवाली से पहले ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। खासकर बल्लभगढ़ क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में अचानक उछाल देखा गया है। शुक्रवार को यहां AQI 258 तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह केवल 162 था। शहर में लगी प्रदूषण मापने वाली कई मशीनें लगातार खराब हो रही हैं, जिससे सटीक डेटा लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। रविवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक बल्लभगढ़ का AQI वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हो सका। सेक्टर 16-A की मशीन भी काम नहीं कर रही थी। हालांकि सुबह 9 बजे तक बल्लभगढ़ में पीएम 2.5 का स्तर 185 और पीएम 10 का स्तर 150 रिकॉर्ड किया गया। तापमान में गिरावट, ठंडी रातें शुरू हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। हिसार, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में रात का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अक्टूबर के पहले नौ दिनों में ही करीब 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि आमतौर पर इस अवधि में केवल 4 मिमी बारिश होती है। इस बार बारिश सामान्य से 64.9% अधिक हुई है। 2004 के बाद यह पहली बार है जब अक्टूबर में इतनी अधिक वर्षा दर्ज की गई। तब पूरे महीने में 58.4 मिमी बारिश हुई थी। रबी फसलों के लिए अनुकूल मौसम बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। महेंद्रगढ़ की रात सबसे ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी रातों के चलते लोगों ने कूलर और एसी का इस्तेमाल बंद कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ने के बाद 14 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। दिन में हल्की धूप और रात में ठंड का यह मौसम रबी फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को इस समय सरसों, चना और गेहूं जैसी रबी फसलों की बुआई कर देनी चाहिए, ताकि फसल की पैदावार बेहतर हो।  

सर्दी ने जताई दस्तक: मध्य प्रदेश के 22 जिलों में मौसम हुआ बहुत ठंडा

भोपाल दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश के सुदूर पूर्व-दक्षिण जिलों से भी वापस लौट रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में बादल छंटते ही ठंड ने धावा बोल दिया है। शनिवार को राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह मैदानी क्षेत्र में देश का सबसे ठंडा स्थान रहा। यह हिमाचल, मेघालय, सिक्किम के कुछ शहरों से भी ठंडा था। इंदौर में 15 डिग्री और धार में 15.6 डिग्री न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी कम रहे। प्रदेश के 22 जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। शनिवार को खजुराहो में सबसे अधिक गर्मी (33.4 डिग्री) रिकार्ड हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों से मानसून वापस जा चुका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। वहां से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।   मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि दो-तीन दिन में मध्य प्रदेश के पूरे रीवा, शहडोल संभाग एवं जबलपुर संभाग के शेष क्षेत्रों से भी मानसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। वर्तमान में चक्रवाती तूफान शक्ति का अवशेष कम दबाव के क्षेत्र के रूप में पश्चिम-मध्य अरब सागर पर बना हुआ है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। वातावरण से नमी कम होने के कारण बादल भी छंट गए हैं। आसमान साफ रहने के साथ ही उत्तर भारत की ओर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में हल्की ठंडक बढ़ गई है। तीन-चार दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं। इस दौरान रात के तापमान में कुछ और भी गिरावट हो सकती है। यहां समझिए कितना ठंडा था राजगढ़     राजगढ़ – 13.5     सुंदरनगर (हिमाचल) – 13.9     यारकोड (तमिल नाडू) – 14     नाहन (हिमाचल) – 14.3     शिलांग (मेघालय) – 14.5     पेक्योंगे (सिक्किम) – 14.9     इंदौर – 15     धार – 15.6     मंडी (हिमाचल) – 15.6     कानपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 (स्रोत – मौसम विज्ञान विभाग, आंकड़े डिग्री सेल्सियस में।)