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रिम्स-2 निर्माण को हरी झंडी, कैबिनेट ने 27 प्रस्तावों पर लगाई मुहर

 रांची  झारखंड में अबतक के सबसे बड़े अस्पताल के निर्माण को लेकर गुरुवार को राज्य कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। रांची में रिम्स-2 के निर्माण को कैबिनेट ने 4189.41 करोड़ रुपये खर्च करने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए जागृति पीएमयू के गठन पर सहमति दी है। इसके लिए आइआइएम, रांची को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही एक्सआइएसएस, रांची को इम्पैक्ट असेसमेंट की जिम्मेदारी दी गई है।  दूसरी ओर, कैबिनेट ने झारखंड में विकसित भारत जी-राम-जी योजना लागू करने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान कर दी। इस योजना में आदिम जनजाति समूह के लिए अतिरिक्त कार्य की भी व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। उन्हें 100 दिनों की जगह 150 दिनों का रोजगार मिलेगा। योजना लागू होने से ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन हो जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। कैबिनेट ने राज्य में 12 पंचायतों से कम वाले प्रखंड एवं अंचलों में एकल प्रशासनिक अधिकारी को जिम्मा देने का निर्णय लिया है। अंचल-प्रखंडों में बदलेगी व्यवस्था ऐसे 53 अंचलों और 54 प्रखंडों में एकल प्रशासनिक पदाधिकारी रखने का निर्णय लिया गया है। इन 53 अंचलों में अंचल अधिकारी सह बीडीओ पदस्थापित होंगे, जबकि 54 प्रखंडों में बीडीओ सह सीओ की पदस्थापना होगी। इसके अलावे 164 प्रखंडों में बीडीओ और सीओ अलग-अलग पदस्थापित होंगे। प्रदेश में 271 प्रशासनिक सेवा की इकाई है। राज्य में प्रखंड-अंचल में झारखंड प्रशासनिक कोटि के पदाधिकारियों की युक्तिसंगत पदस्थापन होगी। कैबिनेट की बैठक में आठ-नौ जुलाई को नई दिल्ली में नेशनल स्टेट होल्डर कंसल्टेशन 2026 के आयोजन की भी स्वीकृति प्रदान की गई। श्रावणी मेला के लिए बनेंगे अस्थायी ओपी झारखंड में श्रावणी मेला को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। कांवरियों को कोई परेशानी न हो और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए ओपी की स्थापना की जाएगी। इसमें 28 अस्थायी ओपी और 19 यातायात ओपी बनाए जाएंगे। ये ओपी 30 जुलाई से 28 अगस्त तक कार्य करेंगे। नियुक्ति पत्र लेते समय लेनी होगी निष्ठा की शपथ राज्य में नियुक्ति पत्र लेते समय सभी कर्मियों और पदाधिकारियों के लिए निष्ठा और गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य किया गया है। कैबिनेट ने कार्मिक विभाग के इस प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। चंदनकियारी में पेमिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय की होगी स्थापना झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2024 के तहत बोकारो के चंदनकियारी में पेमिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। इसे लेकर लेटर आफ इंटेंट देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।  

मध्यप्रदेश में घर-दुकान बनाने वालों के लिए अलर्ट! निर्माण से पहले देनी होगी सूचना, वरना होगी कानूनी कार्रवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब घर, दुकान, बहुमंजिला इमारत या किसी भी तरह का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मकान मालिकों, ठेकेदारों और बिल्डर्स को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। श्रम विभाग ने नए और सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी कंस्ट्रक्शन साइट पर काम शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले इसकी लिखित या ऑनलाइन सूचना विभाग को देना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। श्रम विभाग के अनुसार, नियमों की अनदेखी करने वाले नियोक्ताओं और बिल्डर्स के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की हवा खाने से लेकर भारी जुर्माने तक का प्रावधान शामिल है। क्यों सख्त हुआ श्रम विभाग? श्रम विभाग ने यह कदम निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य और उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए उठाया है। 'भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल' के तहत अब हर कंस्ट्रक्शन साइट पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती अनिवार्य होगी। 'श्रम सेवा पोर्टल' पर देनी होगी तमाम जानकारी नियोजकों को 'श्रम सेवा पोर्टल' मोबाइल ऐप के जरिए निर्माण स्थल की सटीक लोकेशन, वहां काम कर रहे श्रमिकों की कुल संख्या और उन्हें दी जा रही मूलभूत सुविधाओं (जैसे साफ पानी, शौचालय आदि) का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करना होगा। 30 दिन पहले सूचना नहीं दी, तो 3 महीने की जेल भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम 1996 के कड़े प्रावधानों के मुताबिक, अगर कोई भी नियोक्ता धारा 46 के तहत काम शुरू होने की पूर्व सूचना देने में विफल रहता है, तो उसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। कानूनी कार्रवाई का प्रावधान दोषी पाए जाने पर संबंधित बिल्डर, ठेकेदार या मकान मालिक को 3 महीने तक का कारावास , 2 हजार रुपए तक का जुर्माना, या फिर दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी निर्माण विभागों जिनमें PWD, नगर निगम आदि को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे भी कोई भी काम शुरू करने से पहले श्रम विभाग को अनिवार्य रूप से लूप में लें। 'श्रम प्रहरी' बनकर आम जनता भी दे सकेगी सूचना निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने और मजदूरों के हक की रक्षा के लिए विभाग ने आम नागरिकों को भी एक बड़ी ताकत दी है। शहर का कोई भी जागरूक नागरिक ‘श्रम प्रहरी’ की भूमिका निभा सकता है। शिकायत के किलए टोल फ्री नंबर जारी अगर आपके आसपास कोई ऐसा निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी सूचना श्रम विभाग को नहीं दी गई है या जहां मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है, तो आप इसकी गुप्त शिकायत विभाग के विशेष कंट्रोल रूम नंबर पर कर सकते हैं। इसके लिए श्रम प्रहरी हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर: 1800-233-8888 दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन सड़क का किया निरीक्षण

रायपुर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन सड़क का किया निरीक्षण उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज लोरमी से गोंडखाम्ही नहर तक लगभग 10 किलोमीटर निर्माणाधीन सड़क का जायजा लिया। उन्होंने पोल शिफ्टिंग सहित सड़क  निर्माण से जुड़े सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। श्री साव ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से सड़क निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।    

सीतारामपुर जलाशय निर्माण कार्य के लिए 6.33 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा, बलरामपुर रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-बलरामपुर जलाशय (बांध) निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 33 लाख 89 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के निर्माण से 150 हेक्टेयर में खरीफ और 50 हेक्टेयर में रबी सहित कुल 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।