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पास्टर नरूला के धर्मांतरण वाले खेल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त

चंडीगढ़. पास्टर अंकुर नरूला और उनकी संस्था चर्च ऑफ साइन एंड वंडर्स की गतिविधियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र व पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। याचिका में आरोप है कि पास्टर गरीबों को गुमराह कर मतांतरण करवा रहा है। चीफ जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने यह नोटिस जालंधर निवासी तेजस्वी मिन्हास द्वारा दायर जनहित याचिका पर जारी किया। याचिकाकर्ता के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने कोर्ट को बताया कि नरूला और उनकी पत्नी सोनिया नरूला द्वारा कथित रूप से गंभीर बीमारियों का चमत्कारी उपचार व अभिषेक तेल (एनाइंटिंग आयल) के नाम पर गरीब और भोले-भाले लोगों को गुमराह कर मतांतरण करवाया जा रहा है। संस्था यूट्यूब और फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर प्रचार कर रही है। यह ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट, 1954 का स्पष्ट उल्लंघन है। अंकुर नरूला की कार्यप्रणाली नाइजीरिया के दिवंगत प्रचारक टीबी जोशुआ से प्रेरित है, जिनकी संस्था पर कथित रूप से फर्जी चमत्कार दिखाने और लोगों को भ्रमित करने के आरोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगाए गए थे। कथित मंचित चमत्कारों के जरिए कमजोर वर्गों को मतांतरण के लिए प्रभावित किया जा रहा है। विदेशी मिशनरियों को पर्यटक वीजा पर भारत बुलाकर धार्मिक गतिविधियां करवाई जा रही हैं, जो विदेशी अधिनियम, 1946 का उल्लंघन है। 12 जनवरी को प्रशासन को शिकायत देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में दावा है कि संस्था को बिना वैध एफसीआरए पंजीकरण के विदेशी चंदा प्राप्त हुआ है। घड़ियां और कथित अभिषेक तेल की बिक्री बिना जीएसटी बिल के किए जाने तथा मनी लांड्रिंग की आशंका भी जताई है। खांबड़ा गांव में बने विशाल चर्च भवन के निर्माण को भी चुनौती दी गई है।

भोपाल का हॉटस्पॉट: ब्यूटीशियन बहनों का सिंडिकेट, लग्जरी लाइफस्टाइल और विवादित कारोबार

 भोपाल भोपाल के अब्बास नगर से शुरू हुआ एक नेटवर्क अब होशंगाबाद रोड स्थित 'सागर रॉयल विला' तक फैल चुका था. दो सगी ब्यूटीशियन बहनों अमरीन उर्फ माहिरा और आफरीन पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ लड़कियों को देहव्यापार के दलदल में धकेला, बल्कि नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया. न्यू मार्केट में कपड़े की दुकान पर काम करने वाली एक हिंदू युवती ने पुलिस को अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई. पीड़िता के मुताबिक, 8 जून 2024 में एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात संजना नाम की लड़की से हुई. संजना ने ही उसे अमरीन से मिलवाया. अगस्त 2025 में अमरीन का दोस्त चंदन यादव (जो खुद कथित तौर पर धर्मांतरित है) पीड़िता को अपनी बहन के घर ले गया और नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया. अमरीन और चंदन ने पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने और कुरान पढ़ने का दबाव बनाया. जांच में पता चला है कि गिरोह की एक अन्य सदस्य संजना ने भी धर्म परिवर्तन कर अपना नाम 'जन्नत' रख लिया था और अमरीन के भाई हैदर से शादी की थी. पीड़िता को शॉट कपड़े पहनाकर क्लबों और पार्टियों में ले जाया जाता था. पीड़िता का आरोप है कि अमरीन के भाई बिलाल ने अब्बास नगर में और याशिर ने अहमदाबाद (गुजरात) ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए. अब्बास नगर से सागर रॉयल विला तक का सफर अब्बास नगर के रहवासियों ने इस गैंग के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रहवासियों का कहना है कि अमरीन और आफरीन के घर पर देर रात लग्जरी कारों का तांता लगा रहता था. जींस-टॉप और शॉर्ट कपड़ों में युवतियों का आना-जाना आम था. इलाका छोड़ने पर मजबूर इलाके की बदनामी और अनैतिक गतिविधियों के विरोध के कारण कई परिवारों ने घर खाली कर दिए. बाद में लोगों के बढ़ते विरोध के कारण दोनों बहनें होशंगाबाद रोड के पॉश सागर रॉयल विला में शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने फिर से यही नेटवर्क शुरू किया. रिमांड और तलाश बागसेवनिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्य आरोपी अमरीन और चंदन यादव को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है. दूसरी बहन आफरीन को जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब यासिर, चानू और बिलाल की सरगर्मी से तलाश कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िताओं के बयान के आधार रेप और धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज हुआ है, जिसके बाद पुलिस की एक टीम जांच के लिए अहमदाबाद गई. पुलिस की प्राथमिकता है कि यदि कोई और पीड़ित सामने आते हैं तो अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.पुलिस रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कड़ी से कड़ी सजा आरोपियों को दिलाई जाएगी.  

विदेशी फंडिंग से राजनांदगांव में चल रहा था धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क

राजनांदगांव. जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क मिला है। ग्राम धर्मापुर में एक डेविड चाको नामक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थी। जिले के सुदूर अंचल गांवों में जहां बिजली की व्यवस्था नहीं होती थी वहां ग्रामीणों को डिजिटल प्रोजेक्टर लगाकर प्रभावित किया जा रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। मामला लालबाग थाना क्षेत्र के सुकुलदेहन चौकी का है। आरोपी के पास से कुछ विदेशी उपकरण बरामद किए गए है, जिनकी कीमत हजारों डॉलर में है। पुलिस को शक है कि इनकी फंडिंग विदेशों से होती थी। राज्य के कई जिलों में इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले की शुरुआत 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से मिली एक लिखित शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है, जहां नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है और कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। SP अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के पास से सोलर-आधारित हाई-टेक प्रोजेक्टर जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है।

रतलाम में धर्मांतरण मामले में SIT जांच, केरल से पास्टर को हर महीने मिलती थी 60 हजार सैलरी; रिमांड में उगले राज

रतलाम  इलाज के बहाने धर्मांतरण कराने के आरोपों से जुड़े रतलाम केस में अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच के दौरान सामने आया है कि झाबुआ से पकड़े गए पास्टर गॉडविन को केरल स्थित संस्था से हर महीने ₹60,000 सैलरी मिलती थी, जिसमें से वह ₹4,000 से ₹5,000 मुख्य आरोपी विक्रम सिंह के खाते में भेजता था। दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने पास्टर गॉडविन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।  केरल की संस्था से जुड़ा था पास्टर गॉडविन पुलिस पूछताछ में पता चला कि गॉडविन झाबुआ जिले के मोहनपुरा में एक चर्च का पास्टर था, जो 'चर्च ऑफ साउथ इंडिया' नामक संस्था से जुड़ा है। यह संस्था केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में स्थित है। पास्टर का काम धार्मिक प्रचार, प्रार्थना आयोजन और चर्च की गतिविधियों की देखरेख करना था। संस्था द्वारा उसे हर महीने वेतन दिया जाता था।  मुख्य आरोपी विक्रम को भेजता था रकम गॉडविन ने स्वीकार किया कि वह विक्रम सिंह के खाते में पैसे भेजता था, लेकिन उसका दावा है कि यह “मदद” के रूप में भेजे गए थे। पुलिस इस दावे से संतुष्ट नहीं है और पैसों के लेन-देन के पीछे के वास्तविक उद्देश्य की जांच कर रही है।  CSP सत्येंद्र घनघोरिया की अगुवाई में SIT धर्मांतरण के इस मामले की गहराई तक जांच के लिए SP अमित कुमार ने 6 सदस्यीय SIT गठित की है, जिसका नेतृत्व CSP सत्येंद्र घनघोरिया करेंगे। टीम में नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी, औद्योगिक थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, सायबर सेल और अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह टीम अब तक हुई पूरी जांच की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार केरल जाकर साक्ष्य जुटाएगी।  इलाज के बहाने धर्मांतरण का आरोप 5 सितंबर को शिवशक्ति नगर (रतलाम) में कई ग्रामीणों को “इलाज” के नाम पर एक जगह लाया गया था। सूचना मिलने पर बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी विक्रम सिंह को अगले दिन पकड़ा गया। छापे के दौरान पुलिस को क्रॉस, बाइबल और प्रार्थना के वीडियो मिले थे, जिससे धर्मांतरण की गतिविधियों की पुष्टि हुई थी।  पास्टर का नाम बैंक जांच में आया सामने मुख्य आरोपी विक्रम के बैंक खातों की जांच में गॉडविन का नाम सामने आया था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे झाबुआ से गिरफ्तार किया और रिमांड पर लेकर पूछताछ की।  यह था पूरा मामला रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र के शिवशक्ति नगर में 5 सितंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीण लोग मिले थे। आरोप लगा था कि इन्हें इलाज के बहाने धर्मांतरण के लिए लाया गया था। बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी अगले दिन पकड़ाया था। सभी के खिलाफ धर्मांतरण करने का केस दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी के खाते से जुड़ा पास्टर का नाम जब पुलिस ने मुख्य आरोपी के बैंक खातों की जांच की, तो झाबुआ के मोहनपुरा चर्च के पास्टर गॉडविन का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर लाई थी। दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट ने उसे भी जेल भेज दिया है। छापे में मिला था धार्मिक साहित्य और वीडियो शिवशक्ति नगर में कार्रवाई के दौरान पुलिस को क्रॉस टंगा मिला, बाइबल मिली और इलाज के बहाने प्रार्थना करवाने का वीडियो भी सामने आया था। इसी आधार पर धर्मांतरण की गतिविधि की पुष्टि हुई। इनके खिलाफ दर्ज हुआ था केस     जगदीश (30) पिता शम्भूलाल निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम गंगासागर रतलाम। (नर्सिंग स्टूडेंट)     मांगीलाल (35) पिता शंकरलाल निनामा साल निवासी सागवा थाना बिलकुंआ जिला बांसवाडा (राजस्थान)     गुड्डु उर्फ गुड्डा (18 साल 07 माह) पिता बालू मईडा निवासी गेणी थाना शिवगढ जिला रतलाम।     विक्रम सिंह (35) पिता शम्भूलाल उर्फ शम्भू निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम शिव नगर रतलाम।  

इलाज के बहाने धर्मांतरण: रतलाम में SIT गठित, पास्टर के सैलरी और राज खुले रिमांड में

रतलाम में धर्मांतरण मामले में SIT जांच, केरल से पास्टर को हर महीने मिलती थी 60 हजार सैलरी; रिमांड में उगले राज इलाज के बहाने धर्मांतरण: रतलाम में SIT गठित, पास्टर के सैलरी और राज खुले रिमांड में रतलाम मामला: धर्मांतरण की जांच में SIT सक्रिय, केरल से पास्टर को मिलती थी भारी सैलरी; रिमांड में मिले अहम खुलासे रतलाम  इलाज के बहाने धर्मांतरण कराने के आरोपों से जुड़े रतलाम केस में अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।  जांच के दौरान सामने आया है कि झाबुआ से पकड़े गए पास्टर गॉडविन को केरल स्थित संस्था से हर महीने ₹60,000 सैलरी मिलती थी, जिसमें से वह ₹4,000 से ₹5,000 मुख्य आरोपी विक्रम सिंह के खाते में भेजता था। दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने पास्टर गॉडविन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।  केरल की संस्था से जुड़ा था पास्टर गॉडविन पुलिस पूछताछ में पता चला कि गॉडविन झाबुआ जिले के मोहनपुरा में एक चर्च का पास्टर था, जो 'चर्च ऑफ साउथ इंडिया' नामक संस्था से जुड़ा है। यह संस्था केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में स्थित है। पास्टर का काम धार्मिक प्रचार, प्रार्थना आयोजन और चर्च की गतिविधियों की देखरेख करना था। संस्था द्वारा उसे हर महीने वेतन दिया जाता था।  मुख्य आरोपी विक्रम को भेजता था रकम गॉडविन ने स्वीकार किया कि वह विक्रम सिंह के खाते में पैसे भेजता था, लेकिन उसका दावा है कि यह “मदद” के रूप में भेजे गए थे। पुलिस इस दावे से संतुष्ट नहीं है और पैसों के लेन-देन के पीछे के वास्तविक उद्देश्य की जांच कर रही है।  CSP सत्येंद्र घनघोरिया की अगुवाई में SIT धर्मांतरण के इस मामले की गहराई तक जांच के लिए SP अमित कुमार ने 6 सदस्यीय SIT गठित की है, जिसका नेतृत्व CSP सत्येंद्र घनघोरिया करेंगे। टीम में नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी, औद्योगिक थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, सायबर सेल और अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह टीम अब तक हुई पूरी जांच की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार केरल जाकर साक्ष्य जुटाएगी।  इलाज के बहाने धर्मांतरण का आरोप 5 सितंबर को शिवशक्ति नगर (रतलाम) में कई ग्रामीणों को “इलाज” के नाम पर एक जगह लाया गया था। सूचना मिलने पर बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी विक्रम सिंह को अगले दिन पकड़ा गया। छापे के दौरान पुलिस को क्रॉस, बाइबल और प्रार्थना के वीडियो मिले थे, जिससे धर्मांतरण की गतिविधियों की पुष्टि हुई थी।  पास्टर का नाम बैंक जांच में आया सामने मुख्य आरोपी विक्रम के बैंक खातों की जांच में गॉडविन का नाम सामने आया था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे झाबुआ से गिरफ्तार किया और रिमांड पर लेकर पूछताछ की।  यह था पूरा मामला रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र के शिवशक्ति नगर में 5 सितंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीण लोग मिले थे। आरोप लगा था कि इन्हें इलाज के बहाने धर्मांतरण के लिए लाया गया था। बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी अगले दिन पकड़ाया था। सभी के खिलाफ धर्मांतरण करने का केस दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी के खाते से जुड़ा पास्टर का नाम जब पुलिस ने मुख्य आरोपी के बैंक खातों की जांच की, तो झाबुआ के मोहनपुरा चर्च के पास्टर गॉडविन का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर लाई थी। दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट ने उसे भी जेल भेज दिया है। छापे में मिला था धार्मिक साहित्य और वीडियो शिवशक्ति नगर में कार्रवाई के दौरान पुलिस को क्रॉस टंगा मिला, बाइबल मिली और इलाज के बहाने प्रार्थना करवाने का वीडियो भी सामने आया था। इसी आधार पर धर्मांतरण की गतिविधि की पुष्टि हुई। इनके खिलाफ दर्ज हुआ था केस     जगदीश (30) पिता शम्भूलाल निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम गंगासागर रतलाम। (नर्सिंग स्टूडेंट)     मांगीलाल (35) पिता शंकरलाल निनामा साल निवासी सागवा थाना बिलकुंआ जिला बांसवाडा (राजस्थान)     गुड्डु उर्फ गुड्डा (18 साल 07 माह) पिता बालू मईडा निवासी गेणी थाना शिवगढ जिला रतलाम।     विक्रम सिंह (35) पिता शम्भूलाल उर्फ शम्भू निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम शिव नगर रतलाम।

चंगाई सभा में 50 से ज्यादा हिंदू परिवार हुए धर्मांतरित, लखनऊ में बढ़ी चर्चाएँ

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में निगोहां पुलिस ने बक्तौरीखेड़ा और आस-पास के 50 से अधिक हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाले को गिरफ्तार किया है। चंगाई सभा में वह कम पढ़े-लिखे अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाता था। गठिया, मिर्गी, सांस और अन्य गंभीर बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर प्रार्थना सभा में बुलाता था। बाइबिल पढ़ाता। पवित्र जल छिड़कता और प्रोजेक्टर पर वीडियो दिखाता था। लोगों का ब्रेनवॉश कर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काता और आर्थिक लालच देकर ईसाई बना देता था। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मलखान निगोहां के बक्तौरी खेड़ा मेहन्दौली का रहने वाला है। काफी समय से क्षेत्र में धर्मांतरण की सूचना मिल रही थी। इसलिए एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन में टीम तैयार की गई थी। थानाध्यक्ष अनुज, सर्विलांस और अन्य टीमें लगाई गईं। साक्ष्य जुटाकर पुलिस टीम ने शनिवार को मलखान को हुलास खेड़ा मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसने करीब 10 साल पहले ईसाई धर्म ग्रहण करने के बाद नाम मैथ्यू रख लिया। अपने भाई-भतीजों और बच्चों का नाम भी बदल दिया। इसके बाद अपने खेत में एक कमरा बनाकर महीने में दो बार चंगाई सभा करने लगा। उसमें महिलाओं-बच्चों और पुरुषों को बुलाता था। उन्हें बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का प्रलोभन देता था। उन्हें बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा) देकर धर्मांतरण कराता था। वह अब तक आस-पड़ोस के गांवों के करीब 50 लोगों का धर्मांतरण करा चुका है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। उसके घर से दो बाइबिल और प्रचार प्रसार की सामग्री बरामद की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा डीसीपी ने की है। इस मामले में हिंदू संगठनों ने पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन किया था। फंडिंग की जांच शुरू एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि ईसाई बनाने के बाद मलखान लोगों की आर्थिक मदद भी करता था। उसे फंडिंग कौन करता था, इस बिंदु की जांच की जा रही है। मलखान और उसके परिवारीजनों के बैंक खातों की जांच की जा रही है।

अलवर में बड़ा ऑपरेशन, धर्मांतरण के आरोप पर 52 बच्चे छुड़ाए गए

अलवर  राजस्थान के अलवर जिले में धर्मांतरण का बड़ा मामला उजागर हुआ है. पुलिस ने बुधवार शाम उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गोलेटा गांव स्थित सैय्यद कॉलोनी में एक हॉस्टल पर छापा मारा. यहां से 52 बच्चों को बरामद किया गया, जिन्हें शिक्षा और पैसों के लालच में धर्म परिवर्तन के लिए गुमराह किया जा रहा था. पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई. मौके से दो लोगों अमृत और सोनू रायसिख को गिरफ्तार किया गया. इनमें से अमृत पर पहले भी सीकर जिले में धर्मांतरण का केस दर्ज हो चुका है. पुलिस के अनुसार एक एनजीओ की आड़ में यह पूरा खेल चलाया जा रहा था. पुलिसवाले दीवार पर चढ़े बच्चों को काफी देर तक समझाते रहे कि वो यहां उनके लिए आए हैं, डरो मत, नीचे आ जाओ। यहां रह रहे बच्चों ने बताया कि उन्हें सिखाया जाता था कि- भगवान को मानोगे तो नर्क में जाओगे। मूर्ति और क्रॉस को पानी में डुबोकर अंतर बताया जाता था। एक संगठन की शिकायत पर बुधवार शाम को एमआईए थाना क्षेत्र की सैय्यद कॉलोनी में एक ईसाई मिशनरी हॉस्टल में कार्रवाई की गई थी। शिक्षा के नाम पर धर्म-परिवर्तन का आरोप आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को हॉस्टल में रखा जाता है। यहां शिक्षा के नाम पर उन्हें पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। बुधवार शाम को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की। मौके पर पुलिस पहुंची तो हॉस्टल के अंदर भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद 50 से ज्यादा बच्चे बिल्डिंग की 10 फीट से ज्यादा ऊंची दीवार फांदने लगे। डरो मत..आपके लिए आए हैं हॉस्टल की बाउंड्री और दीवार पर चढ़े बच्चे को नीचे उतारने के लिए पुलिसवालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्हें नीचे उतारने के लिए पुलिसकर्मी काफी देर तक समझाइश करते रहे। पुलिसकर्मियों ने कहा- डरो मत, हम तुम्हारे लिए आए हैं। इस दौरान कुछ बच्चे रोने लगे और डर के कारण चीखने भी लगे। बच्चों का आरोप- डराया जाता था हॉस्टल में रहने वाले बच्चों ने बताया कि उन्हें धर्म और भगवान को नहीं मानने के लिए उकसाया जाता था। उन्हें मौत का भी डर दिखाया जाता था। अब पढ़िए- 2 मासूमों ने हॉस्टल पर क्या आरोप लगाए… आग में जलने के नाम से डराया: हॉस्टल में फादर कहते हैं कि अगर तुम भगवान को मानोगे तो नर्क में जाओगे। आग में जला दिए जाओगे। तुम्हें केवल बाइबल को ही पढ़ना है। हिंदुओं के नकली भगवान हैं। ईसा मसीह की प्रार्थना से हमें स्वर्ग मिलता है और हिंदू देवी-देवताओं के नाम लेने से नर्क मिलता है। असली भगवान तो ईसा मसीह है: फादर कहते हैं ईसा मसीह की प्रार्थना से हमें स्वर्ग मिलता है और हिंदू देवी-देवताओं के नाम लेने से नर्क मिलता है। फादर बाल्टी में पानी भरकर देवी-देवताओं की मूर्तियों को पानी में डालते हैं। पानी में मूर्ति डूब जाती है तो कहते हैं कि तुम्हारा भगवान स्वयं डूब गया है, वो तुम्हें कैसे बचाएगा। अहमदाबाद का रहने वाला है आरोपी फादर पुलिस के अनुसार मौके से अहमदाबाद के रहने वाले अमृत और रामगढ़ (अलवर) के रहने वाले सोनू रायसिख को पकड़ा है। मौके से एक धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ और किताबें जब्त की हैं। जानकारी के अनुसार अगस्त महीने में सीकर में ईसाई धर्म गुरु सेल्वाराज उर्फ सेल्बुराज ने कुछ लोगों का धर्म परिवर्तन कराया था। जिसमें अमृत का भी नाम है। जो फिलहाल जमानत पर है। एसपी बोले- सस्ती शिक्षा के नाम पर बुलाते हैं SP सुधीर चौधरी ने बताया कि जिले में कुछ लोगों के अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की सूचना मिली। जो गरीबों को सस्ती शिक्षा के नाम पर बुलाते हैं। धर्म को लेकर गलत शिक्षा देकर धर्म परिवर्तन की बात सामने आई है। इस मामले में दो जनों को अरेस्ट किया है, जिनमें अमृत गुजरात का रहने वाला है। जिसके खिलाफ पहले से सीकर में मुकदमा दर्ज है। अब इसकी जमानत कैंसिल कराने का प्रयास करेंगे। जिले में दूसरी जगहों से भी धर्म परिवर्तन कराने की बातें सामने आई हैं। ये गरीब तबके के बच्चों को छात्रावास में रखते थे। बच्चों को साधारण भाषा में ईसाई धर्म की अच्छाई बताकर हिंदू और सिख धर्म की कमी बताते हैं। हो सकता है कि ये बच्चों के माता-पिता को सहायता भी देते हों। ऐसे मामलों में राजस्थान में पहले भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। उनकी भी जानकारी मांगी है। भविष्य में ऐसा नहीं हो इसके लिए आमजन को भी सहयोग करने की जरूरत है। हॉस्टल पर छापा मार 52 बच्चे बरामद  छापेमारी के दौरान बच्चे डर के मारे हॉस्टल की दीवार कूदकर भागने लगे. वहीं हिंदू संगठनों ने भी मौके पर पहुंचकर विरोध किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने हॉस्टल से ईसाई धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ और बड़ी मात्रा में लिखने की सामग्री जब्त की है. बच्चों ने पुलिस को बताया कि हॉस्टल में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर गलत बातें कही जाती थीं और ईसा मसीह को ही सच्चा भगवान बताया जाता था. बच्चों की उम्र 6 से 17 साल के बीच है. वे अलवर, हनुमानगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं. शिक्षा और पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क का संबंध तमिलनाडु, गुजरात और कई अन्य राज्यों से है. पुलिस ने धर्मांतरण करने वालों को चेतावनी दी है और आम लोगों से भी जानकारी देने की अपील की है.

जबलपुर- हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण की कोशिश, ट्रेनर अमन खान का कर था ब्रेनवॉश

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जी हां जिम की एक महिला सहकर्मी ने अधारताल थाने में आकर शिकायत की है कि जिम का ट्रेनर अमन खान न केवल उसके साथ गाली गलौज करता है, बल्कि बेड टच भी करता है। पीड़िता ने बताया कि अमन खान लंबे समय से उसे इस्लाम के फायदे बात कर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था।   बात नहीं मानने पर करता था बैड टच  पीड़िता ने बताया कि जब उसने अमन खान की बात नहीं सुनी तो वह उसके साथ गाली गलौज और बेड टच करने की कोशिश करता है। पीड़िता के साथ घट रही घटना की जानकारी जैसे ही टाइगर फोर्स को लगी तो देर रात टाइगर फोर्स के लोग पीड़िता को लेकर अधारताल थाने पहुंचे। पीड़िता और टाइगर फोर्स के लोगों ने थाने में बताया कि अमन खान जिम में आने वाली लड़कियों को अपना नाम पहले तो अमन राज बताता था, फिर उनको धीरे-धीरे बातों में लेकर इस्लाम के फायदे बताकर मुस्लिम धर्म अपनाने की बात कहता था। जब लड़कियां उसकी बात नहीं सुनती तो फिर उनके साथ अभद्र व्यवहार और बेड टच जैसी हरकत करता था।  टाइगर फ़ोर्स ने सख्त कार्रवाई की मांग की  टाइगर फोर्स ने मांग की है कि अमन खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जिम के संचालक के ऊपर भी कार्रवाई की जाए। टाइगर फोर्स का कहना है कि जिम में इतने लंबे समय से सारी चीज चल रही है और जिम संचालक को पता ना हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। वहीं पुलिस ने पीड़िता और टाइगर फोर्स की शिकायत के आधार पर मामला कायम कर अमन खान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।